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जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

26-Feb-2026
रायपुर। (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है तथा आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा। 
प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा,अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट दीपक सोनकर, वीण सिंह एवं  निशा यादव उपस्थित रहे।

डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित

23-Feb-2026
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरम लाल कौशिक, विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक अजय चंद्राकर सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

 

विष्णु देव साय बोले – बाबा गुरु घासीदास के बताए मार्ग पर चल रही है राज्य सरकार

23-Feb-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित  संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा - अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे  एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन  कर जानकारी ली।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं। 
इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा, कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता,डीएफओ गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।








 

रक्तदान को बताया महादान, मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन पर 62 लोगों ने किया रक्तदान

22-Feb-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे। 
उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया। 
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।








 

माँ के चरणों में नमन, जनस्नेह में उत्सव: बगिया में आत्मीयता के साथ 62वाँ जन्मदिन मनाते विष्णुदेव साय

21-Feb-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश )मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का 62वाँ जन्मदिवस उनके गृहग्राम बगिया में अत्यंत उत्साह, आत्मीयता और पारिवारिक स्नेह के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री साय ने अपने गृहग्राम बगिया स्थित अपने घर पहुंचते ही सबसे पहले अपनी माता जसमनी देवी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री साय के जन्मदिवस पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी के स्नेह, शुभकामनाओं और आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनस्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने अपने जन्मदिवस को विशेष और यादगार बनाने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस विशेष अवसर पर बगिया स्थित राम सदन में सत्यनारायण व्रत कथा श्रवण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनकी माताजी जसमनी देवी, धर्मपत्नी  कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ व्रत कथा का श्रवण किया तथा ईश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आगमन से पूर्व ही उनके गृहग्राम बगिया स्थित गृहनिवास में उनसे मिलने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों में मुख्यमंत्री से भेंट करने और उन्हें शुभकामनाएं देने को लेकर विशेष उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली।
इस अवसर पर विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, जिला पंचायत सदस्य कृष्ण कुमार राय सहित जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्यगण, पंचायत प्रतिनिधि, नगरीय निकायों के प्रतिनिधिगण,  जनप्रतिनिधि, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह तथा अन्य अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
क्रिकेट की दुनिया में जिले का नाम रोशन करने वाली शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, इचकेला की प्रतिभाशाली छात्राओं को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रोत्साहित करते हुए 15 क्रिकेट किट प्रदान किया। छात्रावास की इन छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर भी जिले को गौरवान्वित किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप इसी लगन, अनुशासन और मेहनत के साथ निरंतर आगे बढ़ती रहें तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य और देश का नाम रोशन करें।
बगीचा से आए विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पहाड़ी कोरवा समाज के सदस्य अपने पारम्परिक वेशभूषा एवं तीर-धनुष के साथ उपस्थित हुए, जिससे उनकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई दी।मुख्यमंत्री साय ने उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनके क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। इस पर पहाड़ी कोरवा समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में उनके क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य संचालित हो रहे हैं तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और उनके क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।



 

 


जल संरक्षण बनेगा जनआंदोलन, ‘जल संचय–जन भागीदारी 2.0’ को मिलेगा नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

20-Feb-2026
रायपुरशोर संदेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।
केंद्रीय मंत्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

 


महानाट्य ‘जाणता राजा’ से जीवंत हुई छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवगाथा : मुख्यमंत्री साय

20-Feb-2026
रायपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, रणनीति और आदर्श नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है, इसलिए हम सभी को अपने जीवन में शिवाजी जैसा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने विपरीत परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया। अफजल खाँ के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी ने संकट को भांपकर धैर्य और रणनीति से निर्णय लिया और विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध उनकी युक्तिपूर्ण रणनीति यह सिखाती है कि बड़े से बड़े शत्रु को भी सूझबूझ और साहस से पराजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचकर ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन के दौरान संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों वाले शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों की आस्था का सम्मान किया और महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जीजाबाई के संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और सम्मानजनक आचरण का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का अद्भुत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।
राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का यह विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है, जिसमें सजीव दृश्य, विशाल मंच सज्जा और तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से दर्शकों को ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वाधान में आयोजित इस महानाट्य के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा  और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही, वहीं ऊंटों को भी प्रस्तुति में शामिल किया गया। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ कौशिक नाईक एवं वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों में कोली गीत सहित विभिन्न सांस्कृतिक आयामों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उभरते अवसरों के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों को खुद को ढालना होगा — टंक राम वर्मा

17-Feb-2026
रायपुर, ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य पर केंद्रित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आज रायपुर के कोर्टयार्ड मैरियट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस आयोजन का संचालन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा रहा।
‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। मंत्री ने संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप ढालने पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम माध्यम बताया गया।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों, संस्थागत सशक्तीकरण और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास का समेकित मॉडल विकसित हो सके।‘
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और ‘स्वयं प्लस – आईआईटी मद्रास’ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र तथा क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को उन्नत कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।
  इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (LUC) के साथ भी एमओयू किया। इस सहयोग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी, छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध पहल और वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देना है।
शिक्षा संवाद 2026 में दिनभर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।



 

सुदूर अंचलों के श्रद्धालुओं को मिला अयोध्या धाम का सौभाग्य, मुख्यमंत्री साय ने कहा — यही जनसेवा की प्रेरणा

17-Feb-2026
रायपुर, 17 फरवरी 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान झुमका जलाशय परिसर में ‘रामलला दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या धाम की पावन यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का हाल-चाल जाना और उनके आध्यात्मिक एवं भक्तिमय अनुभवों को बड़े ध्यानपूर्वक सुना। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से उन्हें निःशुल्क अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सम्मानपूर्वक यात्रा की समुचित व्यवस्था किए जाने से यह यात्रा उनके लिए अत्यंत सहज और अविस्मरणीय बन गई। 
श्रद्धालुओं ने बताया कि अपने सुदूर गांवों से अयोध्या तक पहुँचना उनके लिए पहले कठिन था, किंतु सरकार की पहल ने इसे संभव कर दिया। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री साय को ‘हमारे राम’  तैलचित्र भेंट कर आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा हैं और प्रदेशवासियों को उनके दर्शन कराना शासन के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही जनसेवा की वास्तविक संतुष्टि है, और सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।
 

विष्णु देव साय ने पोड़ी को दी विकास की सौगात, ₹126 करोड़ से अधिक के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

17-Feb-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के पोड़ी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देते हुए ₹88 करोड़ से अधिक की लागत के 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹38 करोड़ से अधिक की लागत के 82 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में अधोसंरचना सुदृढ़ होगी और जनसुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, भवन, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े ये कार्य क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें तेज गति, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारना है। हमारी सरकार  परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति के साथ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक विकास की पहुँच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके।



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