
00 द्वितीय पुण्य तिथि पर भतीजी करुणा शुक्ला ने किया स्मरण
रायपुर(शोर सन्देश)। मौजूदा युवा पीढ़ी ने अपनी आंखों से पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौर को देखा है। रविवार को उनकी पुण्य तिथी पर उनकी भतीजी और छत्तीसगढ़ समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष करुणा शुक्ला ने भी अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। करुणा शुक्ला पूर्व में भाजपा में भी रह चुकी हैं, अब कांग्रेस पार्टी के साथ सियासी मैदान में हैं। करुणा शुक्ला के पिता अवध बिहारी वाजपेयी, अटल बिहारी के भाई थे। जब कभी परिवार के लोगों से अटल बिहारी मिलने आते तो खास पकवान तैयारी किए जाते थे। उन्होंने ने बताया कि अटलजी भी खाने के बेहद शौकीन थे । हम बहनें और सभी बुआ मिलकर खाना तैयार करती थीं। सन 77 की बात है तब मैं कसडोल में थी, अटल जी रायपुर आए थे, मैं यहां उनके लिए आटे का हलवा बनाकर लाई थी। परिवार के लोगों के साथ राजनीति की चर्चा करना उन्हें पसंद नहीं था। सिर्फ घर की बातें ही होती थीं। हां छत्तीसगढ़ को लेकर उनके मन में विशेष जगह थी, उन्होंने कहा था कि इस राज्य के बनने के बाद वो यहां के लोगों के लिए अच्छे काम करना चाहते हैं। वो अक्सर छत्तीसगढ़ आने पर तब के यहां के वरिष्ठ पत्रकार मधुकर खेर को याद किया करते थे। राज्य निर्माण में अटल जी ने अपना बड़ा योगदान दिया। वो भी उस वक्त जब यहां कांग्रेस की सरकार थी। मगर बीते 15 सालों में डॉ रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अटलजी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में काम नहीं किया। करुणा शुक्ला ने कहा छत्तीसगढ़ राज्य में चला सलवा जुडूम अभियान संघ की चाल थी, यह मेरे व्यक्तिगत विचार हैं। इस चाल को कांग्रेस के नेता महेंद्र कर्मा भांप नहीं पाए। इसके बाद प्रदेश में नक्सलवाद की परेशानी बढ़ी। तब की भाजपा सरकार ने इसे बढ़ावा देने का काम किया। लोगों को फ्री की चीजें बांटकर उनके पुरुषार्थ को कम किया, आदिवासी इलाकों में 15 साल ध्यान नहीं दिया। करुणा शुक्ला ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद अटल जी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने का वादा किया था। 1998 के लोकसभा चुनाव के पहले अटल जी रायपुर में सभा लेने आए। सप्रे स्कूल के मैदान में हुई सभा में उन्होंने जनता से कहा,`आप मुझे 11 सांसद दें, मैं आपको छत्तीसगढ़ राज्य दूंगा...।` उस चुनाव में भाजपा के 7 ही सांसद चुनकर आए। लेकिन अटल वादे से नहीं मुकरे। इसके बाद 31 जुलाई 2000 को लोकसभा और 9 अगस्त को राज्यसभा में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ। अंतत: 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ देश का 26वां राज्य बन गया। 2000 में अटल बिहारी जब रायपुर आए तो अपने संबोधन में जनता से कहा कि `आप लोगों ने कुछ कसर बाकी छोड़ी थी, पर मैंने नहीं. आपको छत्तीसगढ़ दे दिया।
अब होगा सपना पूरा अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को मौजूदा कांग्रेस सरकार से उम्मीद है कि अब अटल जी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ को जड़ों से विकसित करने का काम कर रहे हैं। नरवा, गुरुवा योजना, गौधन, किसान न्याय योजनाओं से छत्तीसगढ़ उस दिशा में जा रहा है, जिस विकास की कल्पना की गई थी।

रायपुर(शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिख कर पर्यावरण प्रभाव आंकलन (ईआईए) अधिसूचना के मसौदा पर सवाल उठाए हैं। श्री बघेल ने कहा कि यह मसौदा सतत विकास की प्रक्रिया को बाधित करेगा। उन्होंने पत्र के माध्यम से मसौदे को लेकर कुछ सुझाव और आपत्ति भी दर्ज कराई है। श्री बघेल ने केंद्रीय मंत्री को पत्र में लिखा है कि मैं पर्यावरण मंजूरी देने की नई प्रक्रिया को अधिक समीचीन और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस से जोड़ने के आपके उद्देश्य को समझता हूं। लेकिन ईआईए अधिसूचना, 2020 के मसौदे के प्रावधान पर्यावरणीय न्यायशास्त्र के अनुरूप नहीं हैं और ये `सतत विकास `और ईआईए प्रक्रिया के अपने उद्देश्यों को पूरी नहीं करता है। सीएम बघेल ने लिखा है कि ईआईए अधिसूचना 2020 के मसौदा में पर्यावरण मंजूरी देने के संबंध में प्रदेश सरकार के विचारों और राय को शामिल नहीं किया गया है। वहीं, ईआईए अधिसूचना, 2020 के मसौदे में कोई ऐसा प्रावधान नहीं है, जो अनुसूची V और VI के तहत संवैधानिक अधिकारों की गारंटी देता हो।
श्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि ईआईए अधिसूचना के प्रारूप में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक संवेदनशीलता को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। पत्र में श्री बघेल ने उम्मीद जताई है कि ईआईए अधिसूचना 2020 के प्रारूप को अंतिम रूप देने से पहले उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।

00 डीएमएफ से रायगढ़ जिले में 60 करोड़ की राशि के कार्यो की स्वीकृति 00 जिले के प्रभारी मंत्री चौबे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासी परिषद की बैठक
रायपुर (शोर सन्देश)। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री तथा रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे ने बुधवार को यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफ) के शासी परिषद की बैठक ली। कलेक्टोरेट रायगढ़ के सभाकक्ष में आयोजित शासी परिषद की बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल तथा जिले के सभी विधायकगण की उपस्थिति में (डीएमएफ) मद से लगभग 60 करोड़ की राशि के कार्यो की स्वीकृति प्रदान की गयी।
प्रभारी मंत्री चौबे ने कहा कि डी.एम.एफ. राशि का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, जैसे जन कल्याणकारी कार्यो में किया जाय। उन्होंने रायगढ़ जिले में कोरोना महामारी की रोकथाम और उससे बचाव के लिए किये गये उपायों पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने रायगढ़ जिले में कोविड मरीजों के इलाज और सेंपल जांच की क्षमता और उपलब्ध बेड की संख्या की भी जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर भीम सिंह ने बताया कि वर्तमान में केवल 20 मरीज भर्ती है और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में कुल 300 बेड की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कोरोना संक्रमण रोकने हेतु होम क्वारेंटीन में रहने वाले व्यक्तियों की एप के माध्यम से निगरानी तथा उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने और मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराने हेतु मास्क मार्शल की नियुक्ति के बारे में प्रभारी मंत्री को अवगत कराया। मंत्री चौबे ने रायगढ़ जिला खनिज न्यास को अब तक प्राप्त आबंटन, स्वीकृति और व्यय के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली।
बैठक में प्रभारी मंत्री चौबे ने प्रदेश के किसानों और ग्रामीणों के हित में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लागू की गई महत्वपूर्ण योजना नरवा, गरवा, घुरवा बाडी योजना के अन्तर्गत रायगढ़ जिले में निर्मित गोठानों का निर्माण तथा नालों के उपचार कार्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने हरेली शुरू गोधन न्याय योजना में जिले में गोठानों में स्थापित गोबर क्रय केन्द्रों की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। प्रभारी मंत्री चौबे ने किसानों को उन्नत बीज और खाद समय से उपलब्ध कराने तथा अमानक खाद-बीज के मामले में आपूर्तिकर्ता संस्थानों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को धान के बदले दलहन एवं तिलहन फसल की खेती के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
प्रभारी मंत्री चौबे ने जिले में बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय उद्योगों में रोजगार उपलब्ध कराने और उनके जॉबकार्ड बनवाकर रोजगार गारंटी योजना में कार्य दिलाने तथा उनका राशनकार्ड बनाये जाने और खाद्यान्न वितरण के विषय में भी जानकारी ली। उन्होंने कुपोषण मुक्ति अभियान के तहत बच्चों और महिलाओं को दिये जाने वाले पोषण आहार तथा जिले के वन क्षेत्रों के निवासियों को वनोपज संग्रहण से होने वाली आमदनी के बारे में भी अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। प्रभारी मंत्री ने लंबित भुगतान के मामलों का तत्परता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर भीम सिंह ने डी.एम.एफ के तहत जिला पंचायत रायगढ़ द्वारा नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के विकास के लिये, ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के अन्तर्गत गौठानों में कराये जाने वाले कार्यो, जिले में शुरू किए जा रहे अंग्रेजी माध्यम स्कूल की व्यवस्थाओं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पशु चिकित्सा सेवायें, कृषि विभाग, नगर निगम रायगढ़, मतस्य पालन, उद्यान, क्रेड़ा आदिवासी विकास, वन विभाग तथा अन्य विभागों के माध्यम से कराये जाने वाले कार्यो के लिए कार्ययोजना में प्रस्तावित राशि की जानकारी दी। जिस पर प्रभारी मंत्री चौबे ने सहमति जताते हुए कहा कि जिले के विकास कार्यो के लिए राशि की कमी नहीं आयेगी। उन्होंने जिले के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में विधायकों की अनुशंसा पर विकास के और कार्यो का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। प्रभारी मंत्री चौबे ने रायगढ़ किरोड़ीमल नगर में हुये ए.टी.एम. केशवेन लूटकांड के आरोपियों को तत्काल पकडने पर रायगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ओर पूरी पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुये पुलिस विभाग के प्रस्ताव पर जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरा लगाये जाने तथा प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग करने के निर्देश दिये। बैठक में विधायक लालजीत सिंह राठिया, प्रकाश नायक, चक्रधर सिंह सिदार और श्रीमती उत्तरा गनपत जांगडे सहित ग्राम सभा के सदस्य और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, सीईओ जिला पंचायत ऋचा प्रकाश चौधरी, वन मंडलाधिकारी रायगढ़ मनोज पाण्डेय, शासी परिषद के सदस्य तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जमीन से जुडे हुए नेता है, वह जब कोई बात कहते हैं तो उससे जनसरोकार जुड़ा हुआ होता है। वे देश के विभिन्न वर्ग के लोगों से मिलते रहते हैं , उनसे उनकी समस्या पूछते हैं तथा यह भी जानने का प्रयास करते हैं कि उसका सबसे अच्छा व सरल समाधान क्या हो सकता है। हाल ही में वे मजदूरों के साथ ही टैक्सी चालकों से मिले थे। उ्न्होंने यह जानने की कोशिश की लाकडाउन के दौरान उन्हें क्या परेशानी है। तत्काल राहत के लिए क्या किया जाना चाहिए। हर जरूरतमंद के खाते में 7500 रुपए पहुंचाने की उनकी मांग वास्तव में जरूरतमंद लोगों की ही मांग थी। लाकडाउऩ लगने के बाद से वह गरीब, मजदूर लोगों की तकलीफ दूर करने तीन माह तक उनके खाते में 7500 रुपए भेजने की मांग कर रहे हैं तो यह कोई उनकी मांग नहीं है, यह तो उन गरीब मजदूरों की मांग है जो वाकई तकलीफ में है,उनके पास नगदी नहीं है, इस कारण कई तरह की परेशानी होती है। देश व अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कई अर्थशास्त्रियों ने यह सुझाव दिया है कि देश की गरीब आबादी को नगदी सहायता दी जानी चाहिए। यही तो लाकडाउन में राहुल गांधी भी चाहते हैं कि संकट के समय गरीबों, मजदूरों के हाथ में नगदी होना चाहिए। इससे उनकी दिक्कते तो कम होंगी ही,देश की दिक्कतें भी कम होंगी। केंद्र सरकार ने इस जनहितकारी सुझाव को नजरअंदाज कर दिया लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस पर अमल कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए राज्य के किसानों को चार किश्तों में से पहली किश्त दे दी है। इससे किसानों के हाथों में नगदी पहुंची है। इससे किसान अपनी खेती बाड़ी की जरूरतों सहित अन्य काम आसानी से कर सकते हैं। राहुल गांधी की तरह भूपेश बघेल भी चाहते हैं कि किसानों के हाथ में नगदी रहनी चाहिए। वह चाहते तो न्याय योजना के तहत पैसा एक ही किश्त में भी दे सकते थे लेकिन उन्होंने चार किश्तों मेें देने का फैसला इसलिए किया कि चार बार किसान के हाथ में नगदी देने से चार बार उसके पास नगदी पहुंचेगी। वह चार बार उसे पैसे का सदुपयोग कर सकेगा। कांग्रेस ने बरसों शासन किया है, वह जानती है कि अलग अलग वर्गों की तकलीफ क्या है, उसे दूर कैसे किया जा सकता है। वह निरंतर नई योजनाएं बनाकर जनता के हित में काम करती रही है,केंद्र सरकार को सुझाव देती रही है। कांग्रेस का काम विपक्ष के नाते केंद् सरकार को सुझाव देना है,वह अपना काम करती रही है, करती रहेगी। यह केंद्र सरकार की मर्जी है कि उसे माने या न माने। जनता सब देख रही है, जनता सब समझ रही है। सही वक्त पर जनता यह बताएंगी कि लाकडाउन के समय कौन सही था और कौन गलत था।

रायपुर, महापौर एजाज ढेबर महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड क्र. 43 पहुंचे और पुरे वार्ड का दौरा किया। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य जीतेन्द्र अग्रवाल भी उपस्थित रहें। वार्डवासियों ने अपनी समस्या बताई, जिस पर महापौर ने समस्याओं के तत्काल समाधान करने अधिकारियों को निर्देशित किए।
वार्ड के खो-खो पारा स्थित शासकीय शाला के जर्जर भवन के पुनर्निमाण एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूके हुए अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने, पटेल समाज के भवन में अतिरिक्त भवन का निर्माण, गोवर्धन चौक में गार्डन के सौंदर्यीकरण, लिलि चौक स्थित मिश्रा नााला के निर्माण की बात भी जितेन्द्र अग्रवाल एवं ब्लाक अध्यक्ष सुनीता शर्मा ने रखी।
इसके अलावा तालाब साफ-सफाई, नाले का निर्माण, पानी की पाईप को लूप लाईन से जोडऩे, लिली चौक, सरस्वती चौक, बनियापारा, गोवर्धन चौक, ढीमरपारा, पटेलपारा, पंकज गार्डन के नवनिर्माण कराये जाने की ओर इंगित कराते हुए वार्ड पार्षद जितेन्द्र अग्रवाल ने महापौर के समक्ष अपनी बात रखी। इस अवसर पर राहुल ठाकुर, मोनू शर्मा, नवनीत यदु, मोनू राजपूत, जितेन्द्र मिश्रा, प्रवीण अग्रवाल, सुनीता शर्मा,वैभव बीबे,अविनाश शर्मा ,बंशी कनौजे एवं वार्डवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

पंचायती राज एक्ट के विरोध में जनप्रतिनिधियों ने एक बैठक आयोजित की। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर जिला मुख्यालय में ढोल नगाड़ों के साथ धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।मंगलवार को दंडी क्षेत्र आश्रम में जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। जिसमें उन्होंने पंचायती राज एक्ट संशोधन विधेयक पर आपति