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जनप्रतिनिधि

पीएम मोदी ने मन की बात में कहा- छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को सलाम

28-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने चर्चित रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के जरिए देश में छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने का काम करते हैं। इसका ताजा उदाहरण रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 115वें एपिसोड में देखने को मिली है। पीएम ने नारायणपुर के बुटलूराम माथरा का जिक्र किया, तो लोक कला को बचाने और उसे आगे बढ़ाने के लिए वर्षों से की जा रही उनकी मेहनत राष्ट्रीय मंच पर चमक उठी।
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में बुटलूराम की कहानी साझा करते हुए बताया कि वे पिछले चार दशकों से अबूझमाड़िया जनजाति की अनूठी लोक कला को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बुटलूराम ने लोक कला की उन धरोहरों को सहेज कर रखा है, जिनमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गूंज है। उनकी लगन और निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। प्रधानमंत्री की यह सराहना, उस समर्पण की गवाही थी, जो बुटलूराम ने अपनी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए दी है, जिससे न केवल छत्तीसगढ़ का नाम रोशन हुआ है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने उसकी विशिष्टता भी उभरी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सुना। इसके लिए वे राजधानी के सिविल लाइन मंडल में पूज्य कंधकोट भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री द्वारा लोक कला के संरक्षण और संवर्धन में जुटे नारायणपुर के बुटलूराम माथरा की सराहना किए जाने पर प्रसन्नता जताई है।
उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री ने लोककला के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे कलाकारों की प्रशंसा की है। बुटलूराम ने लोककला को संरक्षित करने की दिशा में बहुत अच्छा काम किया है। सरकार इस दिशा में बुटलूराम द्वारा किए जा रहे काम में पूरी मदद और बढ़ावा देगी।  

भांचा श्रीराम के ननिहाल में राष्ट्रपति के आगमन से प्रदेश गौरवान्वित : डॉ महंत

28-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ आगमन पर नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गुलदस्ता और कोसा की साड़ी भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रपति का आगमन छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव की बात है। माता कौशल्या,भांचा श्री राम के ननिहाल में उनके आगमन से प्रदेशवासी गौरवान्वित हुए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, दबाव में किसी से गोपनीय जानकारी शेयर न करें

28-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि साइबर ठगी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश को अलर्ट किया है। साइबर ठगी करने वाले लोग ठगी के शिकार व्यक्ति की पूरी कुंडली निकाल लेते हैं और फोन करके ऐसे बात करते हैं कि लोग उसे सच मान लेते हैं। आज साइबर ठगी के शिकार पढ़े-लिखे लोग भी हो रहे हैं।
हम‍ें इससे बचने की जरूरत है। सीएम ने प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद यह बात कही। दरअसल पीएम मोदी के ‘मन की बात’ की 115वीं कड़ी का प्रसारण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूज्य कंधकोट भवन में आयोजित कार्यक्रम में सुना। साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, जो अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते शहीद हो गए, उनकी जयंती 15 नवंबर को आने वाली है।
यह भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती है। प्रधानमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजाति गौरव दिवस घोषित किया है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती हम लोग बड़े धूम धाम से मनाएंगे। यह कार्यक्रम हम शासकीय रूप से मनाएंगे और 15 नवंबर को भव्य कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर धरमलाल कौशिक, पुरंदर मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, राम प्रताप सिंह, महेश गागड़ा, अमित चिमनानी, नरेश चंद्र गुप्ता आदि मौजूद थे।
उपचुनाव में भाजपा की जीत से छत्तीसगढ़ सरकार मजबूत होगी
साय ने कहा कि रायपुर दक्षिण की जनता लगातार आठ बार से भाजपा पर भरोसा कर रही है। बृजमोहन को लगातार आठ बार विधायक बनाया है। अग्रवाल अब सांसद के रूप में जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे, इसलिए रायपुर का विकास भी दुगनी गति से होगा। भाजपा ने सुनील सोनी को प्रत्याशी बनाया है।

 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइबर धोखाधड़ी के प्रति प्रदेशवासियों से की सर्तक रहने की अपील

28-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने का अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी दिनों-दिन बढ़ते जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ’मन की बात’ कार्यक्रम में इसका उल्लेख करते हुए कहा कि आम नागरिकों को साइबर ठगी को लेकर सतर्क और जागरूक रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल साइबर ठग लोगों की पूरी जानकारी निकालकर उनसे फोन पर ऐसे बात करते हैं मानो उनके परिजन ही बात कर रहे हों, और इस तरह उन्हें ठगी का शिकार बना लेते हैं। उन्होंने इस विषय पर पूरे प्रदेश को अलर्ट किया है और कहा है कि इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि साइबर ठगी के शिकार अक्सर पढ़े-लिखे लोग भी बन रहे हैं, जो ठगों की चालों के आगे घबरा जाते हैं। इसके कारण कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं और कुछ मामलों में तो पीड़ित आत्महत्या जैसा कठोर कदम भी उठा लेते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वासन दिया कि सरकार साइबर सुरक्षा को लेकर हरसंभव कदम उठा रही है और लोगों को ठगी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि किसी भी संदेहास्पद कॉल या संदेश का जवाब देने से पहले सतर्क रहें और किसी प्रकार से व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 28 को

27-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार 28 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर में आयोजित की गई है।
 

 


पीएम मोदी ने मन की बात में नारायणपुर के बुटलूराम माथरा को सराहा

27-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने अपने चर्चित रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 115वें एपिसोड में रविवार को सुबह जब छत्तीसगढ़ के नारायणपुर के बुटलूराम माथरा का जिक्र किया, तो लोक कला को बचाने और उसे आगे बढ़ाने के लिए वर्षों से की जा रही उनकी मेहनत राष्ट्रीय मंच पर चमक उठी। यह पल था छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उसे संजोने वाले उन गुमनाम नायकों को सलाम करने का, जिनके प्रयासों ने इस धरोहर को जीवित रखा है।
पीएम मोदी ने मन की बात में बुटलूराम जी की कहानी साझा करते हुए बताया कि वे पिछले चार दशकों से अबूझमाड़िया जनजाति की अनूठी लोक कला को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए सतत प्रयासरत हैं। “बुटलूराम ने लोक कला की उन धरोहरों को सहेज कर रखा है, जिनमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गूंज है। उनकी लगन और निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।‘प्रधानमंत्री की यह सराहना, उस समर्पण की गवाही थी,जो बुटलूराम ने अपनी संस्कृति को संरक्षित करने के लिए दी है, जिससे न केवल छत्तीसगढ़ का नाम रोशन हुआ है,बल्कि पूरी दुनिया के सामने उसकी विशिष्टता भी उभरी है।
सीएम साय ने पीएम मोदी द्वारा लोक कला के संरक्षण और संवर्धन में जुटे नारायणपुर के बुटलूराम माथरा की सराहना किए जाने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री ने लोक कला के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे कलाकारों की प्रशंसा की है। बुटलूराम माथरा ने लोक कला को संरक्षित करने की दिशा में बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ तथा स्वच्छ भारत को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा काम भी किया है। नारायणपुर में आदिवासी संस्कृति अपने सबसे मूल रूप में है। हमारी सरकार माथरा के प्रयासों को बढ़ावा देगी।

राष्ट्रपति मुर्मू को बहुत पसंद आया इंस्टेंट एल्बम और फोटो फ़्रेम का तोहफ़ा, कहा- मुख्यमंत्री के परिवार ने परंपरागत नैतिक मूल्यों पर विश्वास जताया

27-Oct-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) 27 अक्टूबर 2024। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पिछले दो दिन छतीसगढ़ के प्रवास पर रहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति के सम्मान में अपने नया रायपुर के नये निवास पर दोपहर भोज रखा था। तरह तरह के छत्तीसगढ़ी- उड़िया व्यंजन रखे गये। राष्ट्रपति की गरिमा के मुताबिक़ सभी इंतज़ाम रहे। राष्ट्रपति ने इस मेहमाननवाज़ी को सराहा, पर जब मुख्यमंत्री ने पत्नी कौशल्या के साथ उन्हें उनके दो दिन के प्रवास से जुड़ी स्मृतियों वाला प्रिंटेड फोटो एल्बम और फोटो फ़्रेम भेंट किया तो वे सबसे ज़्यादा ख़ुश हुईं। पूरे दो दिन के प्रवास की जो फोटो मीडिया और अन्य संचार माध्यमों में वायरल है, उनमें फोटो फ़्रेम लेते वायरल फोटो में राष्ट्रपति की मुस्कान सबसे सहज और भावपूर्ण रही। 
फोटो एल्बम और फ़्रेम में लगी तस्वीरों को देख राष्ट्रपति के चेहरे पर आश्चर्य मिश्रित ख़ुशी का भाव था, जो वायरल फोटो में साफ़ देखा जा सकता है। फोटो एल्बम और फ्रेम में लगी फ़ोटोज़ को देखकर उन्होंने मुख्यमंत्री और कौशल्या देवी की ओर आश्चर्य से देखा और कहा कि आज के डिजिटल युग में जब लोग व्हाट्सअप, ई मेल पर फोटो वीडियो शेयर करते है, ऐसे में इतनी जल्दी इंस्टेंट टाइम पर फोटो प्रिंट करना, एल्बम बनाना और फ़्रेम करना बहुत ही ख़ुशी की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि दो दिन की फोटो के साथ मुख्यमंत्री के परिवार के साथ भेंट की फ़ोटोज़ भी इस एल्बम में शामिल है, जो आज के डिजिटल दौर में भी परंपरागत नैतिक मूल्यों में विश्वास को बताता है। उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूँ और इस प्रवास का यह विशेष अनुभव है । दो दिन मैं जिन कार्यक्रमों में शामिल हुई उनकी स्मृतियाँ इसमें अब चिर स्थाई हो गई है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति को नवा रायपुर के निवास में भेंट किए गए फोटो एल्बम और फ्रेम में फ़ोटोज़ का चयन,विद्यार्थियों के साथ कम्यूनिकेशन की फोटो, भगवान जगन्नाथ के मंदिर दर्शन की भाव पूर्ण फोटो, मुक्तांगन में जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी फ़ोटोज़ के साथ मुख्यमंत्री जी के परिवार के साथ वाली फ़ोटोज़ भी इंस्टेंट रूप से शामिल की गई थी।

नया भारत विश्व में अपना उचित स्थान पाने के लिए आगे बढ़ रहा है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

27-Oct-2024
रायपुर,   ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह के अवसर पर वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में विकसित छत्तीसगढ़ का बहुत महत्वपूर्ण योगदान होगा। समग्र विकास के लिए नागरिकों का अच्छा स्वास्थ्य महत्वपूर्ण होता है। अच्छा स्वास्थ्य लोगों की उत्पादकता और रचनात्मकता को बढ़ाने में सहायक होता है। राष्ट्रपति मुर्मु ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह शामिल होकर संस्थान के 25 विद्यार्थियों को 33 स्वर्ण पदक एवं 6 विद्यार्थियों को सुपर स्पेशलिस्ट की उपाधि प्रदान की। 
राज्यपाल ने कहा कि यह विद्यार्थियों की अथक प्रयासों, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। यह विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक उपलब्धि ही नहीं है बल्कि मानव सेवा के मार्ग पर एक उत्कृष्ट शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है, जहां नव-प्रशिक्षित चिकित्सकों की आवश्यकता को पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार पात्रा, रजिस्ट्रार सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समरोह के अवसर पर 6337 चिकित्सकों को उपाधि प्रदान की जाएगी। इनमें 6 सुपरस्पेशलिस्ट चिकित्सक, 606 स्नातकोत्तर चिकित्सक और 5725 स्नातक चिकित्सक शामिल हैं। इसके अलावा 25 चिकित्सकों को स्वर्ण पदक से अलंकृत किया गया।
राष्ट्रपति ने कहा कि जनजाति समाज में सिकल सेल एनीमिया की अभी भी समस्या है। भारत सरकार सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी ही अग्रिम पंक्ति में होते हैं। आप सामान्य लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूक बना सकते हैं, आम नागरिकों को सरकार द्वारा किए जा रहे हैं प्रयासों से अवगत करा सकते हैं। आप नीति निर्माता और सम्माननीय जनता के बीच सेतु का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप लोगोें के ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से देश की बहुत बड़ी जनसंख्या की वास्तविक समस्याओं से अवगत हो पाएंगे। मैं चाहती हूं कि सभी विद्यार्थियों को समय-समय पर गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ करना चाहिए।
मुर्मु ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अधिकांश जनता गांव में रहती हैं, उन लोगों तक उचित स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना चुनौती पूर्ण कार्य है। इस संदर्भ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में चिकित्सा शिक्षण, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान इस विश्वविद्यालय के प्रमुख लक्ष्यों में से एक है। यह प्रसन्नता की बात है कि विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों में आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुष की शिक्षा भी दी जाती है। बहुत सारे कालेजो में नर्सिंग के कोर्स कराए जा रहे हैं। इस प्रकार यह विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अभी भी मलेरिया, फाइलेरिया और टीबी जैसे संक्रमक बीमारियों का पूरी तरह से उन्मूलन नहीं हुआ है। भारत सरकार इन रोगों के उन्मूलन के लिए आगे बढ़ी है। 
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सफलता आपकी प्रतिभा, लगन और परिश्रम के साथ-साथ आपके माता-पिता, परिवारजनों, शिक्षक के सहयोग और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि आपको अपने भविष्य की रूपरेखा बनाते समय यह ध्यान रखना है कि आपकी इस शिक्षा में समाज का भी योगदान है। समाज ने आपकी शिक्षा में जो निवेश किया है वह समाज को लौटाना आपका कर्तव्य है। मुर्मु ने कहा कि आपमें स्थानीय समस्याओं की बेहतर समझ है। आप राज्य के स्वास्थ्य समस्याओं पर रिसर्च करें उनका समाधान खोजने का प्रयास करें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि महान राष्ट्रवादी विचारों एवं भारतीय राजनीति की सम्मानित विभूतियां में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर स्थापित इस विश्वविद्यालय में आकर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए बहुत हर्ष हो रही है कि उपाधि प्राप्त करने वाले अधिकांश हमारी बेटियां हैं, यह प्रदर्शन बेटियों के वर्चस्व को रेखाँकित करता है। राष्ट्रपति ने कहा कि दो दिनों के अपने इस छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान मुझे दो इंजीनियरिंग और दो मेडिकल संस्थानों के विद्यार्थियों को संबोधित करने का अवसर मिला। इस दौरान मैं विद्यार्थियों और शोधार्थियों में ललक को महसूस की।  ऐसे युवाओं में मेरी भारत की झलक दिखती है और नया भारत जो पूरे मजबूती के साथ विश्व में अपना उचित स्थान पाने के लिए आगे बढ़ रहा है। 
राज्यपाल रमेन डेका ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन उनके अथक प्रयासों, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह न केवल विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक उपलब्धि है बल्कि मानव सेवा के मार्ग पर एक उत्कृष्ट शुरुआत है। राज्यपाल डेका ने कहा कि चिकित्सक बनने की यात्रा कठिन है, जिसमें छात्र देर रात तक पढ़ाई, क्लिनिकल प्रशिक्षण और लैब के अनगिनत घंटे बिताते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा का क्षेत्र केवल ज्ञान और कौशल नहीं, बल्कि ईमानदारी, सहानुभूति और दूसरों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता से परिभाषित होता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र लगातार विकासशील है, जिसमें नए-नए रोग, स्वास्थ्य असमानताएँ और तकनीकी परिवर्तन जैसे कई चुनौतियाँ शामिल हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि यह चुनौतियाँ चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार और सुधार का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक के रूप में उन्हें ऐसे क्षणों का सामना करना पड़ेगा जब मरीज उनके अथक प्रयासों के बावजूद ठीक नहीं हो पाएंगे, परंतु इस दौरान भी उनका करुणामय दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के इस पेशे में सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखना आवश्यक है और मानवता की सेवा के प्रति सच्ची निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय के 33 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और 6 छात्रों को सुपर स्पेशलिटी की उपाधि मिलने पर बधाई दी और कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र मानवता की सेवा का प्रतीक है। उन्होंने सभी स्नातक छात्रों को समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ दायित्व निर्वहन और सेवा भाव से कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की बढ़ती लोकप्रियता का भी जिक्र किया और प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय इन पद्धतियों में भी शिक्षा प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर होना हमें उनके सिद्धांतों और समाज के हर तबके तक सेवा पहुंचाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महामारी, विज्ञान रोग नियंत्रण एवं अनुसंधान संस्थान और शिक्षकों के प्रशिक्षण संस्थान को देश के चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर बताया।पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रदीप कुमार पात्रा ने संस्थान का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलपति ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह और शाल मेंट किया।

राष्ट्रपति मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुए चार संस्थानों के दीक्षांत समारोह

27-Oct-2024
रायपुर  ( शोर संदेश ) ,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के बाद शाम विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव, सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अशोक जुनेजा ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। 
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 एवं 26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आई थीं। इस दौरान वे रायपुर एवं दुर्ग जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुईं। राष्ट्रपति मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में 04 उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों के दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुए, जिसमें एम्स रायपुर एनआईटी रायपुर, आईआईटी भिलाई तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ममोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ नवा रायपुर का दीक्षांत समारोह शामिल है। 
नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मु के करकमलों से महतारी वंदन योजना की 70 लाख लाभार्थी महिलाओं को दीपावली से पूर्व छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से एक-एक हजार रूपए की आथिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित हुई। महिलाओं की सशक्तिकरण एवं आर्थिक स्वावलंबन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह अभिनव योजना मार्च 2024 से संचालित की जा रही है। इस योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से किया था। इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को अब तक 9 किस्तों में 5878 करोड़ 37 लाख रूपए आर्थिक मदद दी जा चुकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस दौरान महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने पुरखौती मुक्तांगन में सरगुजा प्र्रखंड का लोकार्पण भी किया।

 


राष्ट्रपति मुर्मु ने किए भगवान जगन्नाथ के दर्शन

26-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को रायपुर के गायत्री नगर स्थित महाप्रभु भगवान जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा।
राष्ट्रपति मुर्मु इस दौरान जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने इस मौके पर मंदिर पहुंचे प्रदेश के जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्टजनों से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि ओड़िसा के जगन्नाथ पुरी स्थित महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के पांव छत्तीसगढ़ के सोंढूर, पैरी और महानदी के त्रिवेणी संगम के तट पर स्थित प्रयाग नगरी राजिम में पड़े थे, जिसे वर्तमान में भगवान कुलेश्वर मंदिर के रूप में आज लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। इसी की याद में गायत्री नगर में भी महाप्रभु भगवान जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराया गया है।



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