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असम की GI-टैग वाली तेजपुर लीची पहुंची दुबई, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच बढ़ी लोकप्रियता

09-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने 7 जून, 2026 को असम से दुबई के लिए जीआई-टैग वाली तेजपुर लीची की पहली निर्यात खेप की सुविधा प्रदान की, जो उत्तर पूर्वी क्षेत्र के कृषि उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंच के विस्तार में एक बड़ी उपलब्धि है।
एक मीट्रिक टन की इस खेप में भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाली तेजपुर लीची शामिल थी, जो असम के सबसे प्रसिद्ध बागवानी उत्पादों में से एक है। यह लीची अपनी असाधारण मिठास, चमकीले लाल रंग, विशिष्ट सुगंध और उत्कृष्ट स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में बॉम्बेया, बिलाती, इलायची, पियाजी और साही सहित कई उल्लेखनीय किस्में उगाई जाती हैं, जो अपने विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए सराही जाती हैं।
दरअसल, भौगोलिक संकेत (जीआई) का दर्जा मिलने से तेजपुर लीची की पहचान और बाजार में इसकी मांग बढ़ी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ी है। इससे असम से प्रीमियम कृषि उत्पादों के निर्यात के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। यह निर्यात वैश्विक बाजारों में भारत के जीआई-टैग वाले कृषि उत्पादों की बढ़ती स्वीकार्यता को भी दर्शाता है और उत्तर पूर्वी क्षेत्र की अपार निर्यात क्षमता को उजागर करता है।
तेजपुर विधानसभा के विधायक पृथ्वीराज रावा, असम सरकार की कृषि उत्पादन आयुक्त अरुणा राजोरिया (आईएएस), एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव (आईएएस), सोणितपुर के जिला आयुक्त आनंद कुमार दास (एसीएस) और मेसर्स डीएमआर ग्रीन वैली एग्रो फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खेप को औपचारिक रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस कार्यक्रम में किसान, निर्यातक, असम सरकार के अधिकारी, एपीईडीए के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य हितधारक उपस्थित थे।
इस पहल का एक प्रमुख परिणाम किसानों के लिए बेहतर लाभ रहा है। निर्यात आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े उत्पादकों को स्थानीय मांग में मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार की मौजूदा दरों की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक कीमतें प्राप्त हुईं। इस खेप ने लीची उत्पादकों के लिए नए विपणन अवसर पैदा किए हैं और इससे निर्यात-उन्मुख मूल्य श्रृंखलाओं में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे आय में वृद्धि और स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे।
दुबई को तेजपुर लीची का सफल निर्यात भविष्य में निर्यात की मात्रा में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा और असम के जीआई-टैग वाले उत्पादों की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत करेगा। यह पहल उत्तर पूर्वी क्षेत्र से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने और भारतीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए एपीईडीए के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
 


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