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आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा- दक्षिण चीन सागर में शांति जरूरी

11-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व के विभिन्न भागों में जारी संघर्षों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों पर पड़ने का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को यूरेशिया और पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता की बहाली का आह्वान किया। मोदी ने 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत पूरे क्षेत्र में शांति तथा प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में शांति, सुरक्षा और स्थिरता पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हित में है। मोदी ने कहा, “हमारा मानना है कि समुद्री गतिविधियां संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस) के तहत संचालित की जानी चाहिए। नौवहन और वायु क्षेत्र की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है। एक मजबूत और प्रभावी आचार संहिता बनाई जानी चाहिए। और इससे क्षेत्रीय देशों की विदेश नीति पर कोई अंकुश नहीं लगना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “हमारा दृष्टिकोण विकासवाद का होना चाहिए, न कि विस्तारवाद का।” विश्व के विभिन्न भागों में चल रहे संघर्षों का सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों पर पड़ने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि चाहे वह यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया, हर कोई चाहता है कि यथाशीघ्र शांति और स्थिरता बहाल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं बुद्ध की धरती से आता हूं और मैंने बार-बार कहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है। समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता।” प्रधानमंत्री ने कहा, “संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना आवश्यक है। मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देनी होगी।”
उन्होंने कहा कि विश्वबंधु की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत इस दिशा में हरसंभव योगदान देता रहेगा। उनकी यह टिप्पणी यूरेशिया में यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष तथा पश्चिम एशिया में इजराइल-हमास युद्ध के बीच आई है। मोदी ने कहा, “आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। इसका सामना करने के लिए मानवता में विश्वास रखने वाली ताकतों को मिलकर काम करना होगा।”
अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने “तूफान यागी” से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की। यागी एक विनाशकारी उष्णकटिबंधीय चक्रवात था, जिसने इस वर्ष सितंबर में दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण चीन को प्रभावित किया था। मोदी ने कहा, “इस कठिन समय में हमने ऑपरेशन सद्भाव के जरिये मानवीय सहायता प्रदान की है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन) की एकता और प्रमुखता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आसियान भारत के हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण और क्वाड सहयोग के केन्द्र में भी है। उन्होंने कहा, “भारत की ‘हिंद-प्रशांत महासागर पहल’ और ‘हिंद-प्रशांत पर आसियान के दृष्टिकोण’ के बीच गहरी समानताएं हैं।”
मोदी ने कहा, “हम म्यांमार की स्थिति के प्रति आसियान के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं। हम पांच सूत्री सहमति का भी समर्थन करते हैं। साथ ही, हमारा मानना है कि वहां मानवीय सहायता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।” उन्होंने वहां लोकतंत्र की बहाली के लिए उचित कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि इसके लिए म्यांमा को शामिल किया जाना चाहिए, अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश के रूप में भारत अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। मोदी ने कहा कि पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

नोएल टाटा बने टाटा ट्रस्ट्स के नए चेयरमैन, रतन टाटा के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

11-Oct-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। टाटा ट्रस्ट की शुक्रवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है। यह बात एक रिपोर्ट में कही गई है। नोएल टाटा, रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। टाटा ट्रस्ट की शुक्रवार को दो मीटिंग्स हुईं। एक बैठक रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए और दूसरी मीटिंग नए चेयरमैन की नियुक्ति के लिए हुई। बता दें कि रतन टाटा का देहांत बुधवार को देर रात मुंबई में हुआ। उनका अंतिम संस्कार कल यानी गुरुवार को हुआ।
टाटा संस में है 66% हिस्सा
इस नियुक्ति के साथ ही नोएल टाटा, सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के 11वें और सर रतन टाटा ट्रस्ट के छठवें चेयरमैन बन गए हैं। नोएल टाटा, नवल एच. टाटा और सिमोन एन. टाटा के बेटे हैं। नोएल टाटा पहले से ही सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी थे। टाटा ट्रस्ट की टाटा संस में 66 पर्सेंट हिस्सेदारी है। टाटा संस, डायवर्सिफाइड टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है।
चर्चा में थे कई नाम
नोएल के अलावा मेहली मिस्त्री का नाम भी टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के तौर पर चल रहा था। मेहली मिस्त्री को रतन टाटा का करीबी व्यक्ति माना जाता था। वो साल 2000 से ही टाटा ट्रस्ट में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। बता दें, मेहली मिस्त्री फिलहाल टाटा के दोनों प्रमुख ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। उन्हें अक्टूबर 2022 में शामिल किया गया था।
नोएल टाटा पिछले 40 सालों से टाटा ग्रुप का हिस्सा हैं। उनके पास ट्रेंट जैसी कई बड़ी कंपनियों की कमान रही है। इस समय भी वो टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के बोर्ड के सदस्य हैं। बता दें, वो मौजूदा समय में टाटा स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड के वाइस चैयरमैन हैं।
टाटा संस में 65.90 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट्स की है। जबकि 12.87 प्रतिशत हिस्सेदारी आधा दर्जन टाटा ग्रुप की कंपनियों का है। वहीं, 18.40 प्रतिशत हिस्सेदारी मिस्त्री परिवार की है।

हरियाणा में हार के बाद एक्शन में कांग्रेस अध्यक्ष, मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुलाई समीक्षा बैठक

10-Oct-2024
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'हार की समीक्षा' बैठक बुलाई है। इस बैठक में राहुल गांधी के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और प्रदेश अध्यक्ष उदय भान सिंह को भी बुलाया गया है। इनके अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाला और हरियाणा कांग्रेस के सभी बड़े नेता बैठक में शामिल हैं। यह बैठक सुबह 11 बजे से जारी है। 
हरियाणा में बीजेपी को 48 तो कांग्रेस को मिलीं 37 सीटें
हरियाणा में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में तीसरी बार वापसी की है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के अनुसार बीजेपी की झोली में 48 सीटें वहीं कांग्रेस को 37 सीटें ही नसीब हुई हैं। वहीं, दो सीट आईएनएलडी इंडियन नेशनल लोक दल के खाते में गई जबकि तीन सीटें निर्दलीय की झोली में आई।
बता दें कि कांग्रेस ने हरियाणा के चुनाव रिजल्ट को अप्रत्याशित बताया है। इसको लेकर कांग्रेस ने चुनाव के सामने अपने शिकायतें भी दर्ज कराई है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने चुनाव में धांधली का भी आरोप लगाया है। हरियाणा में कांग्रेस को 37 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी 48 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है।
सूत्रों के अनुसार कहा जा रहा है कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाईयां, टिकट बंटवारें और कांग्रेस की बड़ी नेता कुमारी सैलजा का चुनाव से कुछ दिनों पहले नाराज रहने जैसी स्थितियों के कारण कांग्रेस का सत्ता में वापसी करना मुश्किल रहा।
 

पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने दी रतन टाटा को श्रद्धांजलि

10-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  दुनियाभर में मशहूर उद्योगपति रतन टाटा का बुधवार देर रात मुंबई में निधन हो गया. उनके निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई. उन्होंने 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. रतन टाटा का अंतिम संस्कार मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. उनके निधन पर टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टाटा समूह की ओर से एक संदेश जारी कर कहा कि पद्मविभूषण रतन टाटा का योगदान अतुल्य है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि रतन टाटा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत तमाम राजनेताओं ने भारत के 'रतन' रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी.
पीएम मोदी ने दी रतन टाटा को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम राजनेताओं ने उद्योगपति रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "श्री रतन टाटा जी एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे. उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया. साथ ही, उनका योगदान बोर्डरूम से कहीं आगे तक गया. अपनी विनम्रता, दयालुता और हमारे समाज को बेहतर बनाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने कई लोगों का प्रिय बना लिया."
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योगपति रतन टाटा के साथ अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें भी साझा की. पीएम मोदी ने एक तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, 'श्री रतन टाटा जी के सबसे अनोखे पहलुओं में से एक बड़े सपने देखने और उन्हें वापस देने का जुनून था. वह शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पशु कल्याण जैसे कुछ मुद्दों का समर्थन करने में सबसे आगे थे.'
एक अन्य तस्वीर को शेयर करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा, "मेरा मन श्री रतन टाटा जी के साथ अनगिनत संवादों से भरा हुआ है. जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो मैं उनसे अक्सर मिलता था. हम विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करते थे, मुझे उनका दृष्टिकोण बहुत समृद्ध लगा. जब मैं दिल्ली आया तो ये बातचीत जारी रही. उनके निधन से बेहद दुख हुआ. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के साथ हैं. ॐ शांति." 
 

हरियाणा-जम्मू कश्मीर के बाद बीजेपी की अगली चुनौतियां क्या हैं, कहां-कहां होने हैं विधानसभा चुनाव

10-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं.हरियाणा में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है.जम्मू-कश्मीर में भी बीजेपी को उम्मीद के मुताबिक ही सफलता मिली है. हरियाणा में लगातार तिसरी बार बीजेपी की सरकार बनेगी. ऐसा पहली बार होगा कि हरियाणा में किसी पार्टी की लगातार तिसरी बार सरकार बनेगी. इन प्रमुख राज्यों के चुनाव में तो बीजेपी को उम्मीद के मुताबिक सफलता मिल गई है. ऐसे में आइए अब देखते हैं कि अगले छह महीनों में बीजेपी को किन चुनौतियों का सामना करना है. किन राज्य में उसे चुनाव लड़ना है और किन राज्यों में उपचुनाव.
कहां कहां होने हैं विधानसभा चुनाव
अगले छह महीनों में महाराष्ट्र और झारखंड के साथ दिल्ली विधानसभा का चुनाव प्रस्तावित है.इनमें से महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर और झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को खत्म हो रहा है.माना जा रहा है कि  चुनाव आयोग जल्द ही इन दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम का ऐलान कर सकता है. वहीं दिल्ली विधानसभा का कार्याकाल 23 फरवरी तक है.इनके अलावा छह राज्यों की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी होने हैं. इनके चुनाव कार्यक्रम का ऐलान अभी तक चुनाव आयोग ने नहीं किया है. 
महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव
अगले छह महीनों में जिन दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं, उनमें सबसे बड़ा है महाराष्ट्र. महाराष्ट्र की विधानसभा में 288 सीटें हैं. महाराष्ट्र में इस समय शिवसेना, बीजेपी और एनसीपी अजित पवार गुट के महायुति की सरकार है.महायुति में शामिल दोनों दलों तोड़-फोड़ के बाद अस्तित्व में आए हैं.लेकिन इनको अपनी पार्टी का मुख्यनाम लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिला है.महाराष्ट्र में महायुति का मुकाबला शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरदचंद पवार) और कांग्रेस के महाविकास अघाड़ी (एमवीए)से है. 
विधानसभा चुनाव में महायुति और महाविकास अघाड़ी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है. महायुति अपनी लोक-लुभावन योजनाओं के साथ जनता के बीच जाएगी, वहीं एमवीए दलबदल और पार्टी में तोड़फोड़ के दम पर सत्ता छीने के बाद बदले की लड़ाई लड़ेगा. यह चुनाव अजित पवार, एकनाथ शिंदे, शरद पवार और उद्धव ठाकरे की परीक्षा भी लेगा.
 

रतन टाटा को 'भारत रत्न' देने की मांग, महाराष्ट्र कैबिनेट में प्रस्ताव पास

10-Oct-2024
मुंबई:    ( शोर संदेश )  मशहूर उद्योगपति और टाटा ग्रुप के मानद चेयरमैन रतन टाटा को 'भारत रत्न' देने की मांग की गई है। महाराष्ट्र कैबिनेट में इस संबंध में एक प्रस्ताव पास किया गया। महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि उद्योगपति रतन टाटा का नाम भारत रत्न पुरस्कार के लिए प्रस्तावित करते हुए केंद्र सरकार को भेजा जाए। केंद्र सरकार अब महाराष्ट्र कैबिनेट के इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेगी।
महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में रतन टाटा के निधन पर शोक जताते हुए एक शोक प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद भारत रत्न पुरस्कार के लिए उनका नाम प्रस्तावित करने का फैसला लिया गया। महाराष्ट्र सरकार अब केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव भेजेगी। 
ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन
बता दें कि रतन टाटा का 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में बुधवार देर रात निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बढ़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आज वर्ली के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े लोग
नरीमन प्वाइंट स्थित एनसीपीए लॉन में आज सुबह 10 बजे अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। यहां बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देश की नामचीन राजनीतिक हस्तियां, उद्योग जगत से जुड़े लोग, फिल्मी हस्तियां, खेल से जुड़े लोगों के साथ ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। 
28 दिसंबर 1937 को हुआ था जन्म
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था। वे 1991 से 2021 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे। इस दौरान उन्होंने बिजनेस सेक्टर में कई कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश के सबसे पुराने कारोबारी घरानों में से एक टाटा को नई बुलंदियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
पद्मभूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार
उनके 21 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी का राजस्व 40 गुना से ज्यादा तथा लभा 50 गुना ज्यादा बढ़ा। उन्होंने टाटा टी को टेटली, टाटा मोटर्स को जगुआर लैंड रोवर तथा टाटा स्टील को कोरस का अधिग्रहण करने में मदद की। टाटा की नैनो कार की संकल्पना भी उन्होंने तैयार की थी।  वर्ष 2000 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मभूषण और 2008 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था।

सेना के जवान का गोलियों से छलनी शव बरामद, अनंतनाग में आतंकवादियों ने किया था अगवा

09-Oct-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों द्वारा सेना के जवान को अगवा किए जाने के एक दिन बाद सिपाही का शव बरामद किया गया है। सेना के जवान का शव गोली लगने के निशान के साथ बरामद किया गया है। जवान कल से लापता था और इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान जारी था। 
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि कल प्रादेशिक सेना के एक सैनिक के लापता होने के बाद आज सुबह पुलिस और सेना द्वारा बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था, आज तलाशी के दौरान उसका शव बरामद किया गया है। अधिकारी ने आगे कहा कि सेना के सैनिक की मौत के कारणों और उसके लापता होने के कारणों की जांच की जा रही है।
उसकी पहचान हिलाल अहमद भट निवासी मुकधमपोरा नौगाम अनंतनाग के रूप में हुई है। इससे पहले, सेना की चिनार कोर ने एक पोस्ट में लिखा था, "खुफिया जानकारी के आधार पर, भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर 8 अक्टूबर को कोकरनाग के कजवान जंगल में एक संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। ऑपरेशन रात भर जारी रहा, क्योंकि प्रादेशिक सेना का एक जवान लापता बताया गया। बड़े पैमाने पर बचाव और तलाशी अभियान जारी है।"
जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना के हवाले से बताया कि 5 अक्टूबर को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए।
इससे पहले इसी साल अगस्त में अनंतनाग में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में भी दो जवान शहीद हो गए थे और तीन अन्य घायल हो गए थे।
इससे पहले डोडा जिले में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के चार जवान और एक पुलिस अधिकारी शहीद हो गये थे। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद के छद्म समूह 'कश्मीर टाइगर्स' ने ली थी।

हरियाणा में सरकार बनाने की तैयारी तेज, दिल्ली पहुंचे सीएम सैनी, पीएम मोदी से मुलाकात की संभावना

09-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम आ गए है। बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल कर सत्ता में तीसरी बार हैट्रिक लगाई है। जीत के बाद अब सरकार बनाने की भी तैयारी तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, इस कड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार, 9 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे हैं। जानकारी आ रही है कि सैनी आज प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं।
सीएम नायब सिंह सैनी के साथ हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बढ़ौली भी दिल्ली पहुंचे हैं। हरियाणा में BJP की प्रचंड जीत के बाद यह तय माना जा रहा है कि अगले सीएम नायब सिंह ही होंगे। इस कड़ी में दोनों नेता आज दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। सैनी की बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात होने वाली है। 
हरियाणा के नए सीएम के शपथ ग्रहण की तारीख भी सामने आ रह है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 12 तारीख विजय दशमी के दिन नायब सैनी सीएम पद की शपथ ले सकते हैं। आज की बैठक में हरियाणा की नई कैबिनेट के मंत्रियों के नाम पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार का गठन अगले कुछ दिनों में हो जाएगा। इससे पहले बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व हरियाणा में विधायकों के साथ बैठक करने के लिए पर्यवेक्षकों को वहां भेजेगा।
हरियाणा में बीजेपी ने रचा इतिहास
बता दें बीजेपी ने इस बार हरियाणा में अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। 90 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 48 सीटों पर फतह हासिल की है। वहीं, कांग्रेस के 37 पर सिमट गई। हरियाणा में ये बीजेपी की लगातार तीसरी जीत है। इस जीत के साथ ही बीजेपी ने हरियाणा में इतिहास रच दिया है। ये पहला मौका है हरियाणा राज्य के गठन के बाद जब कोई एक पार्टी लगातार तीन बार सत्ता में आई हो। 
 

आरबीआई ने लगातार दसवीं बार नहीं बदला रेपो रेट

09-Oct-2024
नई दिल्ली:  ( शोर संदेश ) आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। यह लगातार दसवां मौका है जब एमपीसी ने नीतिगत दरों को यथावत रखा है। एमपीसी की तीन दिन तक चली बैठक के बाद आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसमें लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेपो रेट को एक बार फिर 6.5% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। दास ने कहा कि समिति के 6 में से पांच सदस्यों ने रेपो रेट को यथावत रखने के पक्ष में वोट दिया। रेपो रेट के यथावत रहने का मतलब है कि आपके लोन की किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसके कम होने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किस्त कम होती है। आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार बदलाव पिछले साल फरवरी में किया था। तब इसे 0.25% बढ़ाकर 6.5% किया गया था।
दास ने कहा कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद मौद्रिक नीति महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक वृद्धि को गति देने में सफल रही है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने रुख को बदलकर तटस्थ करने का फैसला किया है। बेहतर मॉनसून, पर्याप्त बफर स्टॉक की वजह से इस साल आगे खाद्य महंगाई में कमी आएगी। महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े अर्थव्यवस्था में मजबूत गतिविधियों के संकेत दे रहे हैं। इसकी बुनियाद मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लचीले मौद्रिक नीति ढांचे को आठ साल पूरे हो गए हैं।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सकल घरेलू उत्पाद में निवेश का हिस्सा 2012-13 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है। घरेलू मांग में सुधार, कच्चे माल की कम लागत और सरकारी नीतियों से विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आ रही है। सामान्य मॉनसून के मद्देनजर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रहने का अपना अनुमान है। प्रतिकूल आधार प्रभाव और खाद्य कीमतों में तेजी के कारण सितंबर में खुदरा महंगाई बढ़ने की आशंका है।

हरियाणा में जीत के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी के घर भेजी जलेबी

09-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   बीजेपी ने मंगलवार को लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इसका जश्न मनाया जाने लगा तो एक किलो जलेबी कांग्रेस के हेडक्वार्टर भिजवाई गई है. ये किसी दोस्ती या खुशी में नहीं बल्कि राहुल गांधी को एक जवाब के रूप में भेजी गई थी. दरअसल, गोहाना की रैली में राहुल गांधी ने एक स्थानीय मिठाई की दुकान की जलेबी पर टिप्पणी की थी, जो कि पूरे चुनाव में वायरल रही. चुनाव नतीजों से पहले भी सोशल मीडिया पर जलेबी ट्रेंड कर रही थी. इसी जलेबी को लेकर वार-पलटवार का दौर भी जारी था.
जलेबियों का ये मुद्दा हरियाणा विधानसभा चुनाव में हॉट टॉपिक रहा. अब जब कांग्रेस हरियाणा का चुनाव हार गई है तो बीजेपी जलेबियों को लेकर उन पर तंज कस रही है. हरियाणा बीजेपी ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के घर जलेबी भिजवाने की बात कही है.
जलेबी के चक्कर में फंस गए राहुल गांधी 
हरियाणा में बीजेपी की जीत के बाद पार्टी के ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट कर कहा गया कि भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के समस्त कार्यकर्ताओं की तरफ से राहुल गांधी जी के लिए उनके घर पर जलेबी भिजवा दी है. बीजेपी का ये ट्वीट हरियाणा में कांग्रेस की हार पर तंज और बीजेपी की जीत की खुशी जाहिर कर रहा है.
खास बात यह है कि इस ट्वीट में ऑर्डर डिटेल का स्क्रीन शॉट भी अटैच किया गया, जिसमें दिखाई दे रहा है कि जलेबी का ऑर्डर कनॉट प्लेस के बीकानेरवाला स्वीट्स से 24 अकबर रोड (कांग्रेस हेडक्वार्टर) के लिए किया गया. इसमें जलेबी की कीमत भी लिखी हुई है, जो कि 609 रुपए है.  बीजेपी ने ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने कार्यकर्ताओं की तरफ से राहुल गांधी के घर पर जलेबी भिजवा दी है.  


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