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एआई समिट में भारत को मिला वैश्विक समर्थन, भारी निवेश के संकेत

21-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 5 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, वैश्विक विशेषज्ञों से संवाद किया और अत्याधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी हासिल की। समिट में दुनिया भर के प्रमुख एआई खिलाड़ी शामिल हुए और अनेक स्टार्टअप्स को अपने नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
मंत्री ने कहा कि भारत ने एआई स्टैक की बुनियाद तैयार करने के बाद अब उसके उन्नत मॉडल, कंप्यूट क्षमता और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने बताया कि समिट ने वैश्विक स्तर पर सहयोग और विचार-विमर्श के लिए प्रभावी मंच प्रदान किया। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मानव एआई’ विजन को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला। जिम्मेदार और नैतिक एआई पर विशेष जोर दिया गया और इस पहल में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई।
मंत्री के अनुसार एआई क्षेत्र में बड़े निवेश के संकेत मिले हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश में 250 अरब डॉलर से अधिक और डीप-टेक वेंचर कैपिटल में लगभग 20 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत की तकनीकी क्षमता पर बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
भारत ने एआई सुरक्षा के लिए 12 संस्थानों का नेटवर्क तैयार किया है, जो शोध और मानकों के विकास पर कार्य कर रहा है। साथ ही सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने और चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत की प्रतिभा क्षमता और संतुलित विदेश नीति के कारण दुनिया एआई के नए दौर में भारत की भूमिका को गंभीरता से स्वीकार कर रही है। समिट की घोषणा पर 70 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं और यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।




 

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल हुए एंटोनियो गुटेरेस, राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात

21-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अवसर पर शुक्रवार को एंटोनियो गुटेरेस शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान गुटेरेस ने एआई समिट के सफल आयोजन के लिए भारत के नेतृत्व और विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र के साथ लंबे समय से चले आ रहे सहयोग की सराहना की। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु ने एआई पर वैश्विक वैज्ञानिक पैनल बनाने की पहल का स्वागत किया, जिसका उद्देश्य तकनीक को मानवता की सेवा के लिए उपयोग में लाना है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में बहुपक्षवाद गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें भरोसे की कमी भी शामिल है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मौजूदा ढांचे में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह वर्तमान जियो-पॉलिटिकल वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करे और ग्लोबल साउथ को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिले। उन्होंने कहा कि परिषद में समयबद्ध सुधार संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि ‘यूएन-80’ पहल सुधारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है, लेकिन किसी भी पुनर्गठन प्रक्रिया में ग्लोबल साउथ की विकास प्राथमिकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने गुटेरेस को उनके शेष कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए बहुपक्षवाद के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया।
समिट से एक दिन पहले गुटेरेस ने नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समावेशी बनाने और इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र की रचनात्मक भूमिका पर विस्तृत चर्चा हुई। 
 

33 देशों की मौजूदगी में भारत ने संभाली इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम की कमान

21-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) विशाखापट्टनम में 20 फरवरी को इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम के नौसेना प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित हुआ। इस दौरान भारतीय नौसेना ने रॉयल थाई नेवी से सिम्पोजियम की अध्यक्षता औपचारिक रूप से संभाल ली। करीब 16 साल बाद भारत इस महत्वपूर्ण मंच की कमान पर लौटा है।
भारत ने इससे पहले 2008 से 2010 तक इस मंच की पहली अध्यक्षता की थी। अब एक बार फिर देश को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को नई दिशा देने की जिम्मेदारी मिली है। सम्मेलन में हिंद महासागर से जुड़े 33 देशों की नौसेनाओं के प्रमुख और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह आईओएनएस का 9वां कॉन्क्लेव था, जिसमें अटलांटिक से लेकर प्रशांत महासागर तक के देशों की भागीदारी ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती गंभीरता को रेखांकित किया। भारतीय नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि भारत इस मंच को अधिक सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाना चाहता है। सदस्य देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत और सूचना साझाकरण को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
कॉन्क्लेव के दौरान आईओएनएस की नई वेबसाइट लॉन्च की गई, जिसे भारतीय नौसेना ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच बेहतर तालमेल और सुरक्षित संवाद सुनिश्चित करना है। साथ ही फिलीपींस को पर्यवेक्षक के रूप में शामिल किया गया और ओमान को मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यसमूह में जोड़ा गया।
भारत ने अपने कार्यकाल के दौरान आईओएनएस मैरीटाइम एक्सरसाइज के आयोजन, आईओएस सागर की तैनाती और सदस्य देशों के बीच नियमित समुद्री सूचना साझा करने की कार्यशालाएं शुरू करने की योजना प्रस्तुत की। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह नेतृत्व परिवर्तन हिंद महासागर क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा प्रयासों को नई गति देगा और सदस्य देशों के बीच भरोसा मजबूत करेगा। 

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ दौरे पर, 12,930 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन

21-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी 2026 को मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर करीब 12:30 बजे वे शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे और वहां से मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा करेंगे। दोपहर लगभग 1 बजे वे मेरठ में करीब 12,930 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण करेंगे। इस अवसर पर वे जनसभा को संबोधित भी करेंगे।
प्रधानमंत्री 82 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे भारत की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें दिल्ली में सराय काले खान से न्यू अशोक नगर के बीच 5 किमी और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच 21 किमी का खंड शामिल है।
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ नमो भारत देश की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। इसके जरिए साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्र दिल्ली से पहले के मुकाबले अधिक तेजी से जुड़ पाएंगे।
कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान, इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है। यह स्टेशन प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया गया है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड से सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करता है। अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम (मेरठ) में हैं।
प्रधानमंत्री मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन करेंगे, जो नमो भारत के ही बुनियादी ढांचे पर संचालित होगी। यह देश में अपनी तरह की पहली पहल है। मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी, जिसकी अधिकतम परिचालन गति करीब 120 किमी प्रति घंटा होगी और यह पूरी दूरी को निर्धारित पड़ावों सहित लगभग 30 मिनट में तय करेगी।
नमो भारत और मेरठ मेट्रो का एकीकृत संचालन अंतर-शहरी तेज यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा। इससे सड़क यातायात में भीड़ घटेगी और वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को आधुनिक, कुशल और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन के जरिए नई दिशा देंगी। 


 

एआई से हेल्थकेयर में होगा बदलाव, अरबों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में निभाएगा अहम भूमिका

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का मतलब डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है। एआई चिकित्सकों का समय बचाएगा, सोचने और देखभाल करने का समय देगा। यह बातें दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में इंडस्ट्री के लीडरों ने कही।
एआई इम्पैक्ट समिट में फिलिप्स के सीईओ रॉय जैकब्स का कहना है कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का इंसानों पर सबसे ज़्यादा असर हो सकता है। उन्होंने कहा, ” एआई पहले से ही ज़्यादा बोझ वाले सिस्टम पर दबाव कम कर रहा है। जब हम अब से एक दशक बाद पीछे मुड़कर देखेंगे, तो हेल्थकेयर में एआई को स्क्रीन पर ऑप्टिमाइज़ की गई चीज़ों के लिए याद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन अरबों जिंदगियों के लिए याद किया जाएगा जिन्हें इसने बेहतर बनाने में मदद की।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंडर वैंग ने रोज़मर्रा की जिंदगी में एआई के बढ़ते एकीकरण (इंटीग्रेशन) और इसके रास्ते को बनाने में भारत की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा विज़न पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस है, जो आपको, आपके लक्ष्यों, आपकी रुचियों को जानता है। इसके साथ ही आप जिस भी काम पर फोकस कर रहे हैं, उसमें आपकी मदद करता है। यह आपकी सेवा करता है, आप कोई भी हों, कहीं भी हों।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर ने आगे कहा, “आपका पर्सनल एआई आपको कितनी अच्छी तरह जानता है? अगर हम इसे जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं, तो लोग हमें काम पर नहीं रखेंगे। भरोसा, ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस को मॉडल्स की तरह ही तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए।
किंड्रिल के चेयरमैन और सीईओ मार्टिन श्रोएटर ने कहा, “इनोवेशन असली है। चुनौती तैयारी की है। एआई आज भी इंडस्ट्रियलाइज्ड नहीं है, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, ऑपरेशन्स और लोगों को इसे बड़े पैमाने पर सपोर्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “एआई का भविष्य रिसर्च लैब्स या बोर्डरूम में तय नहीं होगा। यह इस बात से तय होगा कि यह उन सिस्टम्स में कितने भरोसे और ज़िम्मेदारी से जुड़ा है जिन पर समाज हर दिन निर्भर करता है।”
श्नाइडर इलेक्ट्रिक के ग्लोबल सीईओ ओलिवियर ब्लम ने एआई और ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एआई का मतलब है ज्यादा कंप्यूट, ज्यादा कंप्यूट का मतलब है अधिक एनर्जी। हम ग्लोबल एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाले दबाव को कम नहीं आंक सकते।” इसके साथ ही उन्होंने एफिशिएंसी के लिए एआई की बदलाव लाने की क्षमता की ओर भी इशारा किया।






 

हेल्थकेयर में AI, डॉक्टरों की जगह नहीं लेगा बल्कि बचाएगा समय

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का मतलब डॉक्टरों की जगह लेना नहीं है। एआई चिकित्सकों का समय बचाएगा, सोचने और देखभाल करने का समय देगा। यह बातें दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में इंडस्ट्री के लीडरों ने कही। एआई इम्पैक्ट समिट में फिलिप्स के सीईओ रॉय जैकब्स का कहना है कि हेल्थकेयर सेक्टर में एआई का इंसानों पर सबसे ज़्यादा असर हो सकता है। उन्होंने कहा, ” एआई पहले से ही ज़्यादा बोझ वाले सिस्टम पर दबाव कम कर रहा है। जब हम अब से एक दशक बाद पीछे मुड़कर देखेंगे, तो हेल्थकेयर में एआई को स्क्रीन पर ऑप्टिमाइज़ की गई चीज़ों के लिए याद नहीं किया जाएगा, बल्कि उन अरबों जिंदगियों के लिए याद किया जाएगा जिन्हें इसने बेहतर बनाने में मदद की।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर अलेक्जेंडर वैंग ने रोज़मर्रा की जिंदगी में एआई के बढ़ते एकीकरण (इंटीग्रेशन) और इसके रास्ते को बनाने में भारत की अहम भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा विज़न पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस है, जो आपको, आपके लक्ष्यों, आपकी रुचियों को जानता है। इसके साथ ही आप जिस भी काम पर फोकस कर रहे हैं, उसमें आपकी मदद करता है। यह आपकी सेवा करता है, आप कोई भी हों, कहीं भी हों।”
मेटा के चीफ एआई ऑफिसर ने आगे कहा, “आपका पर्सनल एआई आपको कितनी अच्छी तरह जानता है? अगर हम इसे जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं, तो लोग हमें काम पर नहीं रखेंगे। भरोसा, ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस को मॉडल्स की तरह ही तेज़ी से आगे बढ़ना चाहिए। किंड्रिल के चेयरमैन और सीईओ मार्टिन श्रोएटर ने कहा, “इनोवेशन असली है। चुनौती तैयारी की है। एआई आज भी इंडस्ट्रियलाइज्ड नहीं है, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, ऑपरेशन्स और लोगों को इसे बड़े पैमाने पर सपोर्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “एआई का भविष्य रिसर्च लैब्स या बोर्डरूम में तय नहीं होगा। यह इस बात से तय होगा कि यह उन सिस्टम्स में कितने भरोसे और ज़िम्मेदारी से जुड़ा है जिन पर समाज हर दिन निर्भर करता है।” श्नाइडर इलेक्ट्रिक के ग्लोबल सीईओ ओलिवियर ब्लम ने एआई और ग्लोबल एनर्जी ट्रांज़िशन के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “एआई का मतलब है ज्यादा कंप्यूट, ज्यादा कंप्यूट का मतलब है अधिक एनर्जी। हम ग्लोबल एनर्जी सिस्टम पर पड़ने वाले दबाव को कम नहीं आंक सकते।” इसके साथ ही उन्होंने एफिशिएंसी के लिए एआई की बदलाव लाने की क्षमता की ओर भी इशारा किया।
 

भारत ऑस्ट्रेलिया का युद्धाभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद’, होगा और व्यापक व प्रभावी

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई सेना के वरिष्ठतम कमांडर्स से बातचीत की है। सेना के मुताबिक यहां सैन्य तैयारियों, ट्रेनिंग के नए तरीकों और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा हुई। भारत–ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘ऑस्ट्राहिंद’ पर खास फोकस रहा। ऐसे में माना जा रहा है 2026 में भारत में होने वाला ‘ऑस्ट्राहिंद’ का अगला संस्करण पहले से ज्यादा व्यापक और प्रभावी होगा। ‘ऑस्ट्राहिंद’ श्रृंखला 2022 में शुरू हुई थी और तब से यह द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में इस हफ्ते एक नया अध्याय जुड़ गया। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 16 से 19 फरवरी 2026 तक ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रणनीतिक समझ और आपसी भरोसे को और मजबूत करने वाला साबित हुआ। जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यासों, सैन्य शिक्षा के आदान-प्रदान और ऑपरेशनल सहयोग को और व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
खास बात यह रही कि दोनों देशों की सेनाएं आने वाले समय में अपने संयुक्त अभ्यासों को और प्रभावी बनाने पर सहमत दिखीं। सिडनी में जनरल द्विवेदी ने फोर्सेस कमांड, स्पेशल ऑपरेशंस कमांड और ऑस्ट्रेलियाई सेना की दूसरी डिवीजन के अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान सैन्य तैयारी, प्रशिक्षण के तरीके और ऑपरेशन से जुड़ी रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। कैनबरा में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट से मुलाकात की।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों अधिकारी वर्ष 2015 में अमेरिका के आर्मी वॉर कॉलेज के सहपाठी रह चुके हैं। मुलाकात के दौरान दोनों ने संस्थागत सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मुख्यालय में हुई एक अहम बैठक में सेना के आधुनिकीकरण, नई तकनीकों और भविष्य के युद्ध के स्वरूप पर भी चर्चा हुई।
जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित भी किया। उन्होंने बदलते सुरक्षा माहौल में संयुक्तता, नेतृत्व और बहुराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। यात्रा के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स के प्रमुख और रक्षा विभाग के सचिव से भी मुलाकात की। जॉइंट ऑपरेशंस कमांड मुख्यालय में ऑस्ट्रेलिया की बहु-आयामी सैन्य व्यवस्था और संयुक्त अभियान प्रणाली को करीब से समझा।
जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई वॉर मेमोरियल में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी। साथ ही ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय रक्षा पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनसे जुड़ाव को और मजबूत किया। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि सेना प्रमुख की यह यात्रा भारत–ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली साबित हुई है। इससे दोनों देशों के बीच भरोसा और बढ़ा है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है। 

 

पीएम मोदी ने एआई और गहन तकनीक स्टार्टअप्स के सीईओ से की बातचीत, नवाचार और अनुसंधान पर दिया बल

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के अंतिम दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गहन तकनीक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और अन्य उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय स्टार्टअप्स की तकनीकी परियोजनाओं और नवाचारों की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान स्टार्टअप्स के सीईओ के साथ गहन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न तकनीकी समाधानों, अनुसंधान और उत्पाद विकास से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से बातचीत की। स्टार्टअप्स ने अपने एआई आधारित समाधान और उनके सामाजिक तथा आर्थिक प्रभाव के बारे में जानकारी दी।
बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और गहन तकनीक तकनीक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती हैं। प्रधानमंत्री ने नवाचार, अनुसंधान और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा और उद्यमी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं और देश को तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। सरकार का फोकस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और डिजिटल समाधान विकसित करने पर है।
भारत की तकनीकी क्षमता और एआई के क्षेत्र में देश की भूमिका को किया रेखांकित
नई दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट का शुक्रवार को समापन हो रहा है। 16 फरवरी से शुरू हुए इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई सहित कई वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों ने एआई के भविष्य, उसके उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने भी विभिन्न सत्रों में भाग लेकर भारत की तकनीकी क्षमता और एआई के क्षेत्र में देश की भूमिका को रेखांकित किया।
 

शिलॉन्ग सांसद रिकी सिंगकॉन के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, कहा- मेघालय उनकी सेवा को हमेशा याद रखेगा

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सांसद को मेघालय की जनता के लिए अथक परिश्रम करने वाले एक समर्पित जनसेवक के रूप में याद किया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी ए.जे. सिंगकॉन के निधन से दुखी हूं। मेघालय की जनता के लिए उनकी समर्पित सेवा को हमेशा याद किया जाएगा। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
शिलॉन्ग के सांसद रिकी ए.जे. सिंगकॉन वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) से थे। कल गुरुवार शाम फुटबॉल खेलते समय वे अचानक गिर पड़े थे, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनकी इस घटना से मेघालय के राजनीतिक हलकों में गहरा सदमा और शोक फैल गया है।
उनके दोस्त उन्हें तुरंत पास के मावियोंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए, लेकिन उस समय केंद्र में डॉक्टरों के न रहने की वजह से उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर किया गया। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए जाइआव स्थित डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने बताया कि मेडिकल टीम के प्रयासों के बावजूद, डॉ. सिंगकॉन को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के कुछ ही समय बाद उनका निधन हो गया। उन्हें रात करीब 8.42 बजे मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनके समर्थक, सहकर्मी और राज्य के निवासी स्तब्ध रह गए।
उनके निधन की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग, वीपीपी अध्यक्ष आर्डेंट मिलर बसैवामोइट, कई विधायकों, वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल पहुंचे और परिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पहली बार सांसद बने डॉ. सिंगकॉन ने 2024 के लोकसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करने के बाद एक प्रमुख राजनीतिक हस्ती के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने तीन बार के कांग्रेस सांसद विन्सेंट एच. पाला को 3.7 लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से हराया था, जिससे मेघालय के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया। 
 

तमिलनाडु के कई इलाकों में बारिश का पूर्वानुमान, हल्की बारिश का पूर्वानुमान

19-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दक्षिणी और तटीय तमिलनाडु के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, मौसम में यह बदलाव भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हो रहा है।
विभाग के अनुसार, यह कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से शुक्रवार को दक्षिणी तमिलनाडु और तटीय जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसी तरह की मौसम की स्थिति पुडुचेरी और कराईकल में भी रहने का अनुमान है।
आईएमडी ने यह भी बताया है कि शुक्रवार और रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। 23 और 24 फरवरी को इन क्षेत्रों के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तरी तमिलनाडु के जिलों में अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध छाने की संभावना है, जिससे सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
राजधानी चेन्नई में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध बनने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के आसपास तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे समुद्र की स्थिति उग्र रहने की आशंका है। इसी कारण मछुआरों को अगले आदेश तक इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने विशेष रूप से तटीय जिलों के लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखें और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतें।
मौसम प्रणाली पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार आगे की जानकारी जारी की जाएगी। आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश का पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को यात्रा की योजना सावधानी से बनाने और मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



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