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राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के मादक पदार्थों से निपटने के प्रयास की सराहना की

17-Sep-2026
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मादक पदार्थों से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया।
भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि बुधवार सुबह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व भर में अवैध मादक पदार्थों से निपटने पर एक वैश्विक रिपोर्ट जारी की। प्रधानमंत्री मोदी ने अवैध मादक पदार्थों से लड़ने में सराहनीय कार्य किया है और संयुक्त राज्य अमेरिका उनके प्रयासों की सराहना करता है। हमारे दोनों देश मिलकर मादक पदार्थों से लड़ना जारी रखेंगे।
वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार द्वारा अवैध अफीम की खेती को रोकने और आपूर्ति श्रृंखला की अखंडता को मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत करता हूं। मैं अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढांचे के माध्यम से निरंतर सहयोग की आशा करता हूं।
अमेरिका ने भारत को अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, बर्मा, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पाकिस्तान, पनामा, पेरू और वेनेजुएला के साथ 2027 के लिए प्रमुख अवैध मादक पदार्थों के उत्पादक या पारगमन देशों की सूची में शामिल किया है।
अमेरिका ने स्पष्ट किया कि सूची में होने का मतलब यह नहीं है कि कोई सरकार मादक पदार्थों से लड़ने में विफल रही है। इसके बजाय, देशों को भौगोलिक, वाणिज्यिक और आर्थिक कारकों के कारण शामिल किया जाता है जो उन्हें प्राकृतिक पारगमन या उत्पादन केंद्र बनाते हैं, भले ही उनकी सरकारों ने सख्त और सक्रिय मादक पदार्थों के खिलाफ प्रवर्तन उपाय लागू किए हों।
इस बीच, ट्रंप ने मादक पदार्थों की तस्करी और नार्कोटेररिस्ट संगठनों से निपटने में अपने प्रशासन द्वारा की गई ‘ऐतिहासिक प्रगति’ का उल्लेख किया। उन्होंने कड़ी सीमा सुरक्षा, मादक पदार्थों की कम जब्ती और मादक पदार्थों के ओवरडोज से होने वाली मौतों में कमी को प्रगति के प्रमाण के रूप में पेश किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि चार साल की ‘खुली सीमा अराजकता’ के बाद अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की जब्ती आधे से अधिक कम हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मादक पदार्थों के ओवरडोज से होने वाली मौतों में ‘भारी गिरावट’ आई है और दावा किया कि प्रशासन ने हजारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई है। 
 

गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया

17-Sep-2026
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। यह संगठन सीमापार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त है।”
एक्स पोस्ट में उन्होंने आगे बताया कि यह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए भड़काने का काम करता है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के ताने-बाने को निशाना बनाते हुए इस सिंडिकेट ने नफरत भरी डिजिटल सामग्री भी प्रकाशित की है।
गौरतलब हो, भारत सरकार आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) यानी इसे बिल्कुल सहन न करने की सख्त नीति पर काम कर रही है, जिसके तहत देश की सुरक्षा को मजबूत और आतंकवाद के इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है।

PM मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाओं की बौछार, चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार समेत कई नेताओं ने दी बधाई

17-Sep-2026
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने पीएम मोदी के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की कामना की। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री व जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “उनकी 25 वर्षों की अटूट जनसेवा और राष्ट्र-निर्माण की असाधारण यात्रा स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक अहम अध्याय है।”
एचडी कुमारस्वामी ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में उन्होंने गवर्नेंस के नए मानक स्थापित किए और 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व किया। उनका यह सफर दूरदर्शी सोच, दृढ़ संकल्प और बदलाव लाने वाले नेतृत्व का उदाहरण रहा है। उनके नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और दुनिया की प्रमुख आर्थिक ताकतों में से एक बनकर उभरा है। उनकी दूरदर्शी सोच ने आगे बढ़ रहे देश में नया आत्मविश्वास जगाया है और भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है।”
एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि इस खास मौके पर मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे पीएम नरेंद्र मोदी को उत्तम स्वास्थ्य, अपार शक्ति व असीम ऊर्जा प्रदान करें और उन्हें देश की सेवा में और भी कई वर्षों तक समर्पित रहने का सौभाग्य दें। उन्होंने लिखा, “हम ‘विकसित भारत 2047’ के उनके विजन को साकार करने की दिशा में योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
केंद्रीय राज्य मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैंने व्यक्तिगत रूप से उनके काम करने के तरीके को करीब से देखकर बहुत कुछ सीखा है। मोदी जी के अटूट संकल्प और लीक से हटकर नए और रचनात्मक काम करने के तरीके की वजह से उन्हें इतने सालों की जन-सेवा के दौरान लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला है।”
जयंत चौधरी ने आगे लिखा, “मुझे पूरा भरोसा है कि इस खुशी के मौके पर हमारे नागरिकों की ओर से लिया गया ‘सेवा संकल्प’ हमें सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने और भविष्य में मजबूत, समावेशी और टिकाऊ विकास के तरीकों को और मजबूत बनाने की दिशा में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।”जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की कामना है।”
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “भारत के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री के तौर पर, आपका नेतृत्व सचमुच ऐतिहासिक रहा है। जन-सेवा के 25 शानदार वर्षों में, गुजरात के एक परिवर्तनकारी मुख्यमंत्री से लेकर देश के एक क्रांतिकारी प्रधानमंत्री के रूप में मार्गदर्शन करने तक, आपने भारत की विकास यात्रा को नई गति दी है।”
नायडू ने आगे लिखा, “‘सेवा, संकल्प और सुशासन’ का आपका विजन देश भर के 140 करोड़ नागरिकों को प्रेरित करता है। भगवान वेंकटेश्वर आपको भारत की सेवा में एक लंबा, स्वस्थ और समृद्ध जीवन प्रदान करें।” केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने लिखा, “मेरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपको जन्मदिन की हृदय से हार्दिक बधाई व अनंत शुभकामनाएं।” उन्होंने लिखा, “पापा के जाने के बाद मैंने आपको सिर्फ देश के प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि अपने अभिभावक के रूप में भी देखा है। मेरे प्रधानमंत्री जी, आपसे मैंने बहुत कुछ सीखा है और आज भी हर दिन कुछ नया सीख रहा हूं। मेरी यही कामना है कि आपके दिखाए मार्ग और आपके संकल्पों से प्रेरणा लेकर मैं आगे बढ़ूं और आपके सपनों के भारत के साथ-साथ मेरे पिता, श्रद्धेय रामविलास पासवान जी के सपनों के भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकूं।”
चिराग पासवान ने लिखा, “आपका स्नेह और आशीर्वाद मुझपर हमेशा बना रहे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आप सदैव स्वस्थ रहें, दीर्घायु हो और मुझ जैसे करोड़ो युवाओं को अपनी प्रेरणा देते रहें। जन्मदिन की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं, आदरणीय प्रधानमंत्री जी।”
इस अवसर पर शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने एक कविता के जरिए पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “भारत की तरक्की की कहानी हैं मोदी, हर नागरिक के दिल की ज़ुबानी हैं मोदी। गरीब कल्याण की निशानी हैं मोदी, इस युवा देश की जवानी हैं मोदी। हर मुश्किल में हिम्मत की रवानी हैं मोदी, दुश्मनों के लिए बिजली-तूफानी हैं मोदी। 140 करोड़ सपनों की रूहानी हैं मोदी, नए भारत की निशानी हैं मोदी।” उन्होंने आगे लिखा, “देश के लोकप्रिय, यशस्वी और तेजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखें, दीर्घायु बनाएं और विकसित भारत के महान संकल्प को पूरा करने की शक्ति प्रदान करें।”
केंद्रीय मंत्री और अपना दल-एस की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “आपके नेतृत्व में भारत ने आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नवाचार की नई ऊर्जा के साथ विकास की दिशा में निरंतर प्रगति की है। अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने का आपका संकल्प तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए निरंतर कर्मशील रहने की आपकी भावना हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।”
उन्होंने लिखा, “स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, डिजिटल एवं तकनीकी नवाचार से लेकर भारत की वैश्विक भूमिका को सशक्त करने तक, आपके नेतृत्व में देश ने अनेक क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए हैं। आपके नेतृत्व और मार्गदर्शन में कार्य करना मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। आपके जन्मदिवस के अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा प्रदान करें।”
 

 


वैश्विक संकटों का समाधान बहुपक्षवाद से किया जा सकता है : UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस

17-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से नयी दिल्ली घोषणापत्र जारी किये जाने के कुछ दिन बाद संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यह “आश्वस्त करने वाली बात” है कि दुनिया की “महत्वपूर्ण शक्तियां” मानती हैं कि वैश्विक संकटों का समाधान बहुपक्षवाद से किया जा सकता है।
महासचिव गुटेरेस ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि जो साझा घोषणापत्र जारी किया गया है, वह बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र के प्रति सभी देशों की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” गुटरेस ने कहा, “इस लिहाज से यह आश्वस्त करने वाली बात है कि दुनिया की बड़ी और महत्वपूर्ण शक्तियां यह मानती है कि संकटों से निपटने का रास्ता बहुपक्षवाद है और इन प्रयासों के केंद्र में संयुक्त राष्ट्र को होना चाहिए।”
UN महासचिव गुटेरेस, भारत की अध्यक्षता में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नयी दिल्ली घोषणापत्र जारी किये जाने के बारे में पूछे गये मीडिया के सवाल का जवाब दे रहे थे। ब्रिक्स समूह ने 12 सितंबर को सर्वसम्मति से संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य ब्रिक्स बैठक में मौजूद नहीं थे।
ज्ञात हो, गुटेरेस ने 12-13 सितंबर को नयी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और शिखर सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित किया था। इस दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की थी।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में गुतारेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होगा। वह इस साल फरवरी में नयी दिल्ली में आयोजित ‘भारत–एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में शामिल होने के लिए भारत आए थे।

 


औपचारिकीकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटलाइजेशन पीएम मोदी के कार्यकाल के तीन प्रमुख स्तंभ: CII अध्यक्ष

17-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) सीआईआई के अध्यक्ष आर. मुकुंदन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने भारतीय अर्थव्यवस्था में औपचारिकीकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ एक इंटरव्यू में मुकुंदन ने कहा कि पीएम ने गुजरात के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण काम किए गए हैं। “औपचारिकीकरण, समावेशन और डिजिटलाइजेशन” पीएम मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों के तीन प्रमुख स्तंभ हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे करने पर भी बधाई दी।
उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन को अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वहीं, जन धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) ढांचे को वित्तीय समावेशन का प्रमुख माध्यम और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को भारत के डिजिटलाइजेशन अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
मुकुंदन ने आगे कहा कि अब फोकस कारोबार करने में आसानी से आगे बढ़कर आम नागरिक के लिए जीवन जीने में आसानी, जीवन-यापन की लागत और जीवन की गति को बेहतर बनाने पर होना चाहिए।
उन्होंने आईएएनएस से ​​कहा, “अब ध्यान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से हटकर आम नागरिक के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’, ‘कॉस्ट ऑफ लिविंग’ और ‘स्पीड ऑफ लिविंग’ पर केंद्रित होना चाहिए।”
मुकुंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश और उसके लोगों के लिए ऊंची आकांक्षाएं तय करना जारी रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारे नेता के तौर पर उन्हें हम सभी से और व्यापक रूप से पूरे देश से बहुत ऊंची आकांक्षाएं रखना जारी रखना चाहिए।”
मुकुंदन के मुताबिक, इससे भारत को अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, खासकर ऐसे समय में जब विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर बोले फिनटेक लीडर्स, उनकी पहलों ने देश में खड़ा किया मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम

17-Sep-2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर फिनटेक लीडर्स ने कहा कि उनकी पहलों के चलते देश में मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम खड़ा हुआ है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। साथ ही, बड़ी संख्या में इससे युवाओं को उद्यमी बनने में मदद मिली है।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर आज गुरुवार को समाचार एजेंसी से बातचीत में मोबिक्विक के सह-संस्थापक, एमडी एंड सीईओ बिपिन प्रीत सिंह ने कहा कि 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में तेजी से स्टार्टअप, डिजिटल और पेमेंट इकोसिस्टम मुख्यधारा में आ गए हैं। इस वजह से बीते 12 वर्षों में कई कंपनियां इस क्षेत्र में आई हैं। इससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और आम लोगों तक वित्तीय सेवाओं को पहुंचाने में मदद मिली है। यह प्रधानमंत्री के निजी स्तर पर रुचि लेने के कारण ही संभव हुआ है।
इसके अवाला एमडीआर पर उन्होंने कहा कि यूपीआई इकोसिस्टम के कारण देश बीते एक दशक में दुनिया में रियल-टाइम पेमेंट में नंबर वन स्थान पर पहुंच गया है। इसे बैंक और वित्तीय कंपनियों द्वारा चलाया जाता है। इसमें एक बड़ी लागत आती है। यूपीआई एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लाने से इसकी स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। यह 2,000 रुपए से अधिक के लेनदेन पर लगेगा। छोटे कारोबारियों और छोटे लेनदेन पर इसका कोई असर नहीं होगा।
वहीं, पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए फोनपे के फाउंडर एंड सीईओ समीर निगम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी डिजिटल पेमेंट, स्टार्टअप और डिजिटल इंडिया के सबसे बड़े प्रमोटर हैं। बीते 13 वर्षों में उन्होंने अपनी योजनाओं के जरिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को उद्यमी बनने में मदद मिली है।
यूपीआई एमडीआर पर निगम ने स्पष्ट किया कि ग्राहक पहले की तरह ही बिना किसी शुल्क के यूपीआई का उपयोग करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि 1 लाख रुपए से कम वार्षिक कारोबार वाले छोटे व्यापारी भी एमडीआर व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे। उन्होंने कहा, “एमडीआर में यूपीआई ग्राहकों के लिए कोई शुल्क नहीं है। ग्राहकों से यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए कभी शुल्क नहीं लिया गया और भविष्य में भी नहीं लिया जाएगा।”
समीर निगम ने बताया कि बड़े दुकानदारों के मामले में भी 96 प्रतिशत लेनदेन, जो 2,000 रुपए से कम राशि के होते हैं और यह किसी भी शुल्क के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने बताया कि 2,000 रुपए से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा और इसका भुगतान ग्राहक नहीं, बल्कि व्यापारी करेंगे। 
 

 


वीर सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय का फैसला, आजीवन रेल यात्रा सुविधा

16-Sep-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित सैनिकों को भारतीय रेल में आजीवन यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस सुविधा का लाभ वीरता पुरस्कार विजेताओं के जीवनसाथी को भी मिलेगा। विधवा या विधुर के मामले में यह सुविधा पुनर्विवाह तक जारी रहेगी।
देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस, वीरता और बलिदान का परिचय देने वाले सैनिकों तथा उनके परिवारों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण पहल को मंजूरी दी है। सेना के मुताबिक इस पहल के दायरे में उन सैनिकों के माता-पिता को भी शामिल किया गया है, जिन्हें अविवाहित होने की स्थिति में मरणोपरांत वीरता पुरस्कार प्रदान किया गया है। पात्र लाभार्थी भारतीय रेल की प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और एसी चेयर कार में यात्रा कर सकेंगे।
रक्षा मंत्रालय ने इस सुविधा को सरल और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल व कागज रहित बनाया है। पात्र लाभार्थियों को इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण भारतीय रेलवे रियायत कार्ड पोर्टल पर किया जा सकेगा। सत्यापन और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। इसके बाद इन इलेक्ट्रॉनिक पास के आधार पर टिकट बुक करने की सुविधा एक नवंबर 2026 से भारतीय रेलवे के आईआरसीसीपी के वेब पोर्टल के माध्यम से शुरू होगी।
रक्षा मंत्रालय की यह पहल सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण तथा सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दरअसल वीरता पुरस्कार पाने वाले सैनिकों ने देश की सुरक्षा के लिए असाधारण साहस का प्रदर्शन किया है। कई सैनिकों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान भी दिया। ऐसे में उनके परिवारों की भूमिका और त्याग भी महत्वपूर्ण हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुविधा केवल रेल यात्रा में मिलने वाली रियायत के रूप में नहीं देखी जा रही है। इसका उद्देश्य उन सैनिकों के साहस, बलिदान और सेवा के प्रति सम्मान व्यक्त करना है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। साथ ही, यह उन परिवारों के प्रति भी सम्मान का भाव प्रकट करती है, जिन्होंने हर कठिन परिस्थिति में अपने सैनिकों का साथ दिया। वहीं डिजिटल व्यवस्था से पात्र वीरता पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों के लिए इस सुविधा का लाभ लेना अधिक आसान होगा।
ऑनलाइन पंजीकरण, सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक पास की व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। रक्षा मंत्रालय की इस पहल के जरिए वीर सैनिकों और उनके परिवारों को यह संदेश भी दिया गया है कि राष्ट्र उनके साहस, सेवा और त्याग को सम्मान के साथ याद करता है। यह कदम सैनिकों के कल्याण के साथ-साथ उनके परिवारों की गरिमा और सम्मान को भी महत्व देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।



 

 


पीएम विश्वकर्मा योजना की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि, 3 वर्षों के भीतर ही 30 लाख कारीगर पंजीकृत

16-Sep-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के शुभारंभ के तीन वर्षों के भीतर ही एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस योजना ने निर्धारित तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 लाख लाभार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वहीं, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
इस योजना के ऋण घटक के तहत, 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट इंडिया पोस्ट के माध्यम से विश्वकर्माओं के घर तक पहुंचाए गए हैं, जिससे कारीगरों को बेहतर उपकरण अपनाने और अपने काम की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिली है।
आपको बता दें, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया था, जिसका उद्देश्य 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता प्रदान करना है। इस योजना का लक्ष्य विश्वकर्माओं को संस्थागत सहायता, आधुनिक उपकरण, वित्त तक पहुंच, कौशल उन्नयन और बाजार संपर्क प्रदान करके उनके पारंपरिक कौशल को मजबूत करना है, जिससे वे अपनी उत्पादकता, आय और उद्यमशीलता क्षमता को बढ़ा सकें। इस योजना में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाणपत्रों और पहचान पत्रों के माध्यम से मान्यता, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता सहित व्यापक सहायता पैकेज प्रदान किया गया है।
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया। तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद पहले ही 3,000 लाभार्थी सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत लाभार्थियों को वर्तमान में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर, 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोणो धान्यो सभागार में मनाई जाएगी। यह आयोजन इस योजना के कार्यान्वयन के तीन वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक और संपूर्ण सहायता प्रदान करना तथा उनकी आजीविका एवं उद्यमशीलता क्षमताओं को मजबूत करना है।
कोलकाता में आयोजित होने वाले तीसरे वर्षगांठ समारोह में लाभार्थियों को पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र, बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, ऋण प्रमाण पत्र और टूलकिट वितरित किए जाएंगे। यह आयोजन विश्वकर्माओं की उपलब्धियों को पहचानने और उनका जश्न मनाने का अवसर प्रदान करेगा और जमीनी स्तर पर योजना के प्रभाव को उजागर करेगा।



 

संवत्सरी पर पीएम मोदी का संदेश: क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं, ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’

15-Sep-2026
नई दिल्ली। जैन धर्म के सबसे पवित्र पर्व संवत्सरी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस पावन दिन पर उन्होंने न केवल बधाई संदेश साझा किए, बल्कि जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए सबकी क्षमा भी मांगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “संवत्सरी हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। इस पवित्र अवसर पर, विनम्रता हमारा मार्गदर्शन करे और दया व सद्भावना हमारे हर काम का आधार बनें। मिच्छामि दुक्कड़म्!”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पर्युषण पर्व और संवत्सरी को याद करते हुए कहा, “आइए हम जाने-अनजाने में अपने विचारों, शब्दों या कार्यों से किसी को भी पहुंचाई गई ठेस के लिए सभी से क्षमा मांगें। सभी को मिच्छामि दुक्कड़म!”
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने संवत्सरी को क्षमा, करुणा और आत्मशुद्धि का संदेश देने वाला पर्व बताते हुए सभी को बधाई दी। उन्होंने कामना की कि यह अवसर जीवन में प्रेम, सद्भाव और आत्मचिंतन की भावना को प्रगाढ़ करे तथा सुख-शांति लाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा, करुणा, संयम और क्षमा के शाश्वत संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि संवत्सरी आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और सदाचार का मार्ग दिखाती है। उन्होंने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मैत्री, प्रेम और शांति की भावना बढ़ाने की मंगलकामना व्यक्त की।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी समस्त देश और प्रदेशवासियों को संवत्सरी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि महावीर स्वामी के संदेश हमें आत्मचिंतन और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं। यह पर्व समाज में प्रेम, शांति और मैत्री की भावना को और मजबूत करे।
संवत्सरी जैन समुदाय के लिए आत्मशुद्धि, क्षमायाचना और नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। नेताओं के इन संदेशों ने एक बार फिर क्षमा और करुणा के महत्व को रेखांकित किया है। 

ICWA की सिल्वर जुबली पर विदेश मंत्री जयशंकर बोले-भारत अब वैश्विक चुनौतियों पर आत्मविश्वास से रख रहा विचार

15-Sep-2026
नई दिल्ली। नई द‍िल्‍ली के मंडी हाउस स्‍थित विवेक ऑडिटोरियम में मंगलवार को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के तौर पर ‘इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स’ की सिल्वर जुबली (25वीं वर्षगांठ) का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर मुख्‍य अत‍िथि के तौर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, व‍िदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद रहे।
इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स की सिल्वर जुबली कार्यक्रम को संबोध‍ित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज यहां उपस्थित होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है क्योंकि हम इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) को राष्ट्रीय महत्व की संस्था का दर्जा मिलने के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।
इस दौरान जयशंकर ने आईसीडब्ल्यूए के अध्यक्ष के रूप में समारोह में उपस्‍थित होने के ल‍िए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का आभार व्‍यक्‍त क‍िया। उन्‍होंने कहा क‍ि 1943 में अपनी स्थापना के बाद से आईसीडब्ल्यूए अंतरराष्ट्रीय मामलों के अध्ययन और उनके प्रचार-प्रसार के लिए लगातार काम करता रहा है। वर्ष 2001 में संसद ने इसे राष्ट्रीय महत्व की संस्था का दर्जा दिया, जो दुनिया से जुड़े मुद्दों पर भारत की बौद्धिक भागीदारी में इसके विशेष योगदान की पहचान थी।
उन्होंने कहा कि अब 25 साल बाद, यह वर्षगांठ सिर्फ उसकी यात्रा को याद करने का मौका नहीं है, बल्कि यह सोचने का भी अवसर है कि आने वाले वर्षों में आईसीडब्ल्यूए की क्या भूमिका हो सकती है। यह सवाल आज इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि भारत बदल चुका है और दुनिया भी पहले जैसी नहीं रही।
उन्‍होंने कहा क‍ि आज भारत पहले की तुलना में दुनिया के कहीं अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। हमारे राष्ट्रीय हित अब पहले से ज्यादा वैश्विक हो गए हैं। हमारी जिम्मेदारियां बढ़ी हैं और दुनिया की भारत से अपेक्षाएं भी उसी अनुपात में बढ़ी हैं।
भारत अब वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ सामने रख रहा है, खासकर उन मुद्दों पर जो पूरी मानवता को प्रभावित करते हैं। जैसे-जैसे दुनिया में भारत की भूमिका बढ़ रही है, वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय मामलों को लेकर हमारी बौद्धिक समझ और भागीदारी को भी उसी गति से आगे बढ़ना होगा।
जयशंकर ने कहा क‍ि अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर जो पारंपरिक सोच और चर्चा लंबे समय से चलती रही है, वह काफी हद तक दूसरे देशों के अनुभवों और वहां विकसित हुए विचारों पर आधारित रही है।
एक उभरते हुए भारत को अब दुनिया को देखने और समझने के अपने तरीके में अपनी बुद्धिमत्ता, अनुभव, हितों, विचारों और यहां तक कि अपनी शब्दावली को भी शामिल करना होगा। भारत को सिर्फ दूसरों की ओर से बनाए गए ढांचों के आधार पर दुनिया को नहीं समझना चाहिए, बल्कि अपनी सोच और अपने दृष्टिकोण के साथ वैश्विक विमर्श में योगदान देना चाहिए।
इस प्रयास में आईसीडब्ल्यूए की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय दृष्टिकोण से जानकारीपूर्ण और सार्थक चर्चा को बढ़ावा देकर, आईसीडब्ल्यूए हमें यह बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है कि हमारे सामने कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं। साथ ही, यह भारत के दृष्टिकोण को अधिक आत्मविश्वास के साथ दुनिया के सामने रखने में भी योगदान देता है। इसलिए, किसी भी उभरते हुए राष्ट्र के विकास के दौरान जो बहसें और चर्चाएं होती हैं, उनमें आईसीडब्ल्यूए को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा क‍ि ब्र‍िक्‍स सम‍िट में सर्वसम्मति से अपनाए गए ‘नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन’ अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इसमें कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया, जैसे कि सभी को साथ लेकर चलने वाली वैश्विक व्यवस्था, बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देना। यह सर्वसम्मति से पारित घोषणा हम सभी के लिए एक बड़ी सफलता है।
 


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