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उज्बेकिस्तान में दिखी भारत की सांस्कृतिक छाप, पीएम मोदी के सामने प्रस्तुति से कलाकार उत्साहित

30-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान की साझा सांस्कृतिक विरासत और दोनों देशों के बीच दोस्ती की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति देने वाले स्थानीय कलाकारों और भारतीय समुदाय के सदस्यों में इस खास मौके को लेकर उत्साह और गर्व का माहौल रहा। कलाकारों ने पीएम मोदी के सामने प्रस्तुति देने को सम्मान और सौभाग्य का क्षण बताया, जबकि भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को अपने जीवन के बड़े सपने के पूरा होने जैसा बताया।
प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देने वाले एक म्यूजिशियन ने कहा कि वह इस अवसर को लेकर बेहद खुश हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने परफॉर्म करने को अपने लिए सम्मान और सौभाग्य का विषय बताया। कलाकार ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक समानताओं का भी उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों की संस्कृतियों में कई ऐसी समानताएं हैं, जो दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं।
एक अन्य कलाकार ने भारतीय संस्कृति के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय संस्कृति बेहद पसंद है। प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति देने से पहले कलाकारों में उत्साह के साथ थोड़ी घबराहट भी थी, लेकिन मंच पर प्रस्तुति के दौरान उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। उन्होंने कहा कि प्रस्तुति के बाद उन्हें लगा कि उनका डांस अच्छा रहा।
भारतीय समुदाय से जुड़े एक कलाकार ने प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति देने के अनुभव को शब्दों में बयां करना मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि वह खुद को बेहद सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। प्रस्तुति से पहले वह उत्साहित होने के साथ-साथ थोड़े नर्वस भी थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपनी कला प्रस्तुत करना उनके लिए गर्व का क्षण रहा।
उज्बेकिस्तान में रहने वाले एक भारतीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को अपने जीवन का खास पल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलना उनका एक बड़ा सपना था, जो इस मौके पर पूरा हो गया। उन्होंने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक संबंधों का भी उल्लेख किया और दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों पर खुशी जताई।
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कलाकारों की प्रस्तुतियों और भारतीय समुदाय की भागीदारी ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी सामने रखा। स्थानीय कलाकारों का भारतीय संस्कृति के प्रति आकर्षण और उज्बेकिस्तान में रह रहे भारतीय समुदाय का प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उत्साह भारत-उज्बेकिस्तान के संबंधों के मानवीय पक्ष को दर्शाता है।

 


ताशकंद में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, भारतीय समुदाय ने लगाए ‘मोदी-मोदी’ के नारे, महिलाओं ने बांधी राखी

30-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शनिवार को ताशकंद में भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। उनके आगमन पर लोगों ने ‘मोदी-मोदी’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री जब भारतीय समुदाय के लोगों का अभिवादन कर रहे थे, तभी कुछ महिलाओं ने उनके हाथ पर राखी बांधी। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और खास बना दिया। पीएम मोदी ने बच्चों के नृत्य प्रदर्शन को भी ध्यान से देखा और प्रस्तुति के बाद बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के इस गर्मजोशी भरे स्वागत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ताशकंद में भारतीय समुदाय का प्यार और स्नेह उन्हें बहुत खुशी देता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक पुल बताते हुए कहा कि वे दोनों देशों के बीच दोस्ती के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विदेश मंत्रालय ने भी ताशकंद में भारतीय समुदाय के साथ प्रधानमंत्री की मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। मंत्रालय ने कहा कि उज्बेकिस्तान में 16,000 से ज्यादा भारतीय छात्रों सहित जीवंत भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच दोस्ती का एक पुल है। समुदाय की मौजूदगी ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ते मानवीय और सांस्कृतिक संबंधों को भी रेखांकित किया।
स्वागत कार्यक्रम में कलाकारों ने भारतीय और उज्बेक संस्कृति की झलक पेश करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रधानमंत्री मोदी बच्चों के नृत्य प्रदर्शन को ध्यान से देखते नजर आए। प्रस्तुति समाप्त होने के बाद उन्होंने बच्चों से हाथ मिलाया और उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
पीएम नरेंद्र मोदी के स्वागत के दौरान भारतीय समुदाय की कुछ महिलाओं ने उनके हाथ पर राखी बांधी। इस आत्मीय पल ने कार्यक्रम को भावनात्मक और पारिवारिक रंग दे दिया। महिलाओं ने प्रधानमंत्री के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त किया, वहीं पीएम मोदी ने भी उनका अभिवादन स्वीकार किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ यंगी उज्बेकिस्तान स्मारक का दौरा किया और पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्मारक उज्बेक लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अपनी यात्रा की शुरुआत इस स्मारक से करना उनके लिए खुशी की बात है।
यंगी उज्बेकिस्तान पार्क में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया। दोनों नेताओं की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक जुड़ाव को भी सामने रखा।
दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर ताशकंद पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने इस विशेष स्वागत के लिए उज्बेक राष्ट्रपति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान की यह उनकी चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और बढ़ती गति को दर्शाती है।

भारत-उज्बेकिस्तान के बीच जीवंत सेतु हैं भारतीय प्रवासी: पीएम मोदी

30-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उज्बेकिस्तान में रहने वाला भारतीय प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु की तरह काम कर रहा है। अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान ताशकंद पहुंचे प्रधानमंत्री का भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत और उज्बेकिस्तान की परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव द्विपक्षीय दोस्ती को और गहरा कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भारतीय समुदाय के स्वागत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ताशकंद में भारतीय समुदाय के प्यार और स्नेह से वह अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु हैं और दोनों देशों की दोस्ती को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
स्वागत समारोह के दौरान भारतीय और उज्बेक संस्कृति के मेल वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश की गईं। प्रधानमंत्री ने इन कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ये दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाते हैं। कलाकारों ने संगीत और नृत्य के जरिए दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।
पीएम नरेंद्र मोदी ने तबला प्रस्तुति की एक झलक साझा करते हुए भारतीय और उज्बेक संगीत परंपराओं के संगम की सराहना की। उन्होंने कहा कि तबला, डोइरा और चांग जैसे वाद्ययंत्रों का शानदार मेल देखने को मिला। उन्होंने इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बताया।
भारतीय समुदाय से मुलाकात के दौरान कुछ महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी को राखी भी बांधी। इस आत्मीय मौके ने स्वागत समारोह को खास बना दिया। प्रधानमंत्री ने महिलाओं का अभिवादन स्वीकार किया और भारतीय समुदाय के साथ आत्मीय संवाद किया।
प्रधानमंत्री ने कलाकारों की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया। वह बच्चों के नृत्य प्रदर्शन को ध्यान से देखते नजर आए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने बच्चों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान भारतीय समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव के साथ ‘यांगी उज्बेकिस्तान स्मारक’ का दौरा किया और पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्मारक उज्बेकिस्तान के लोगों की आकांक्षाओं और प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत इस स्मारक से करने पर खुशी जताई।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव ने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास को दर्शाने वाली कलाकृतियों का अवलोकन किया। दोनों नेताओं की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम ने भारत और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी के ताशकंद पहुंचने पर राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव स्वयं हवाई अड्डे पहुंचे और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी ने इस विशेष सम्मान के लिए उज्बेक राष्ट्रपति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान की यह उनकी चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और लगातार बढ़ती गति को दर्शाती है। 
 

 


मन की बात: पीएम मोदी ने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वच्छता और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का किया आह्वान

30-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने छोटे प्रयासों से बदलाव ला रहे लोगों का उल्लेख करते हुए समाज की भागीदारी से विकसित भारत के निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान को जनांदोलन बनाने, स्वच्छता को व्यवहार का हिस्सा बनाने, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और युवाओं को अनुसंधान एवं नवाचार से जोड़ने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री की पहल का उल्लेख किया, जिन्होंने इतिहास को तकनीक के जरिए रोचक और सरल बनाने के उद्देश्य से ‘भारत राज्य’ नाम की वेबसाइट तैयार की है। इस वेबसाइट पर किसी भी वर्ष का चयन कर यह जाना जा सकता है कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था। प्रधानमंत्री ने कृष्णा शेषाद्री से बातचीत में भारतीय इतिहास के उन पहलुओं को सामने लाने के उनके प्रयास की सराहना की, जिन्हें अपेक्षाकृत कम चर्चा मिलती है। कृष्णा ने चोल, पल्लव, कर्कोट और अहोम जैसे साम्राज्यों के इतिहास को लोगों तक पहुंचाने की जरूरत बताई।
कृष्णा शेषाद्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि इतिहास में उनकी रुचि बचपन से रही है। उन्होंने तकनीक और इतिहास को जोड़कर ऐसी वेबसाइट बनाने का प्रयास किया है, जिससे इतिहास को कहानी की तरह समझना आसान हो सके। उन्होंने राजराज चोल, राजेंद्र चोल, हेमू और त्रिभुवन महादेवी जैसी ऐतिहासिक हस्तियों के बारे में जानने की इच्छा भी व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने उनके प्रयास को नई पीढ़ी के लिए उपयोगी बताते हुए शुभकामनाएं दीं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत का असर केवल व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं, संगीतकारों, विद्यार्थियों, थिएटर समूहों और कंटेंट क्रिएटर्स से नशे के खिलाफ प्रभावी स्लोगन, गीत, लघु नाटक और अन्य रचनात्मक सामग्री तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई बार रचनात्मक प्रयास औपचारिक अभियानों से ज्यादा प्रभावी साबित होते हैं।
प्रधानमंत्री ने अगस्त महीने में देशभर में दिखाई देने वाली देशभक्ति की भावना का उल्लेख करते हुए नेशनल हैंडलूम डे, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस और नेशनल स्पेस डे का जिक्र किया। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने को भी विशेष बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार 8 करोड़ से अधिक तिरंगा सेल्फी अपलोड की गईं। उन्होंने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ का उल्लेख करते हुए बताया कि फिजी के सुवा से शुरू होकर तिरंगा एशिया, अफ्रीका और यूरोप होते हुए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक पहुंचा।
पीएम मोदी ने रेहड़ी-पटरी के कारोबार से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने में पीएम स्वनिधि योजना की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना के लाभार्थियों में करीब 46% महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने गाजियाबाद की बबीता शर्मा का उदाहरण दिया, जो पूजा सामग्री का छोटा स्टॉल लगाती थीं। पीएम स्वनिधि से आर्थिक मदद मिलने के बाद उन्होंने अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया और कारोबार का विस्तार किया। धीरे-धीरे उनका सड़क किनारे का छोटा स्टॉल दुकान में बदल गया।
प्रधानमंत्री ने बेंगलुरु की टी.एस. निन्गम्मा का भी उल्लेख किया। निन्गम्मा और उनके पति ने इडली, डोसा और सांभर बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया था। पीएम स्वनिधि से मिली सहायता के बाद उन्होंने अपनी कार्ट बेहतर की, सामान थोक में खरीदना शुरू किया और मेन्यू में नई चीजें जोड़ीं। कारोबार बढ़ने से उनकी आय में इजाफा हुआ और वह अपने तीन बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हुईं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी महिला का कारोबार आगे बढ़ता है तो उसके साथ पूरे परिवार का भविष्य भी आगे बढ़ता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवाई गांव के आकाश और रोहन की पहल की सराहना की। दोनों युवाओं ने अपने आसपास फैली गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। धीरे-धीरे दूसरे युवा भी उनसे जुड़ गए और ‘क्लीन-अप पटवाई’ टीम तैयार हो गई। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस टीम ने अब तक चार गंगा घाटों की सफाई की है और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया है। युवाओं ने कई तालाबों और सार्वजनिक स्थलों की भी सफाई की है।
प्रधानमंत्री ने अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता कर्मियों और श्रद्धालुओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरे को एकत्र कर प्रोसेस किया गया। उन्होंने कहा कि 16 हजार से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया और 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को ‘रिस्पॉन्सिबल यात्री’ प्रमाणपत्र दिया गया। यात्रा के दौरान घोड़ों और खच्चरों के गोबर से बायोगैस तैयार कर उसी स्वच्छ ऊर्जा से ‘स्वच्छ ज्योत’ प्रज्ज्वलित की गई।
पीएम मोदी ने नागालैंड के फेक जिले की वेसालु पुरो की कहानी भी साझा की। किसान परिवार में पली-बढ़ी वेसालु को बचपन से फूलों से लगाव था। वर्ष 2021 में उन्होंने छोटे स्तर पर फूलों की खेती शुरू की। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने एक चौथाई एकड़ जमीन पर ग्लैडियोलस के हजारों पौधे लगाए। पहले ही प्रयास में 5 हजार से ज्यादा फूल खिले। इसके बाद उन्होंने फूलों की खेती का विस्तार किया और आज उनके फूल नागालैंड से दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों तक पहुंच रहे हैं।
ओडिशा के देबरीगढ़ के धोड़रोकुसुम गांव की मैथिली भुए की कहानी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पहले वह जंगल से जलावन की लकड़ी, महुआ, केंदु पत्ता और अन्य वन उपज एकत्र करती थीं। बाद में वह देबरीगढ़ इको-टूरिज्म से जुड़ीं और जंगल संरक्षण के साथ अपनी आजीविका को जोड़ लिया। मैथिली के प्रयास से प्रेरित होकर 60 से अधिक महिलाएं जंगल संरक्षण से जुड़ चुकी हैं। इनमें कुछ वन्यजीवों की सुरक्षा, कुछ घास के मैदानों के विकास और अन्य महिलाएं इको-टूरिज्म गतिविधियों में योगदान दे रही हैं।
प्रधानमंत्री ने बेटियों की अंतरिक्ष और विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए मिशन शक्तिSAT की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मिशन के जरिए 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट तकनीक और नवाचार सीखने का अवसर मिल रहा है। 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन शक्तिSAT के दूसरे चरण की शुरुआत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल के तहत छात्राओं की भागीदारी से तैयार एक सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के कडपा के वरदराज का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने यूट्यूब से जानकारी लेकर एवोकाडो की खेती शुरू की। अब तक वह करीब 4 टन एवोकाडो का उत्पादन कर चुके हैं और स्थानीय दुकानों को सीधे इसकी आपूर्ति कर रहे हैं। तमिलनाडु के कोडाइकनाल के किसान चंद्रशेखरन ने आधे हेक्टेयर जमीन पर एवोकाडो उगाना शुरू किया। वहीं, कर्नाटक के चिक्कमगलुरु में कुछ किसानों ने कॉफी के बागान के बीच एवोकाडो की खेती शुरू की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों ने इस नई फसल के जरिए आय बढ़ाने का नया रास्ता खोजा है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने महानायक उत्तम कुमार की आगामी जन्म-शताब्दी का उल्लेख करते हुए उनके अभिनय और व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि उत्तम कुमार बहुमुखी प्रतिभा के अभिनेता थे और अपने अभिनय से लोगों के दिलों में जगह बनाने में सफल रहे। उन्होंने फिल्म ‘नायक’ का उल्लेख करते हुए कहा कि फिल्म प्रेमियों का मानना है कि सत्यजीत रे ने इसकी पटकथा उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। प्रधानमंत्री ने उनके शुरुआती संघर्ष और सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी जिंदगी कभी हार न मानने की प्रेरणा देती है।
आने वाले जन्माष्टमी और विश्वकर्मा पूजा जैसे त्योहारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को और मजबूत किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाने का मतलब केवल मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है, बल्कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं में भी यह देखना चाहिए कि वे भारत में बनी हों। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स, इंफ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज से भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने अंत में देशवासियों से अपने आसपास बदलाव लाने वाले लोगों और उनके छोटे-छोटे प्रयासों की जानकारी साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का अनुभव देश के किसी दूसरे हिस्से में रहने वाले व्यक्ति के लिए नई प्रेरणा बन सकता है।
 

 


नेपाल: भारत ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम भेजी

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 10 टन से अधिक मानवीय सहायता सामग्री और डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम लेकर तीसरी विशेष उड़ान नई दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना हुई है। भारत बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल की मदद के लिए अपने प्रयास तेज कर रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि 10 टन मानवीय सहायता सामग्री लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हो गई है। इस सहायता सामग्री में पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और जल शोधन की गोलियां शामिल हैं। 11 सदस्यीय डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों की टीम और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक रेकी टीम भी उड़ान में सवार हैं। भारत-नेपाल के चल रहे राहत एवं बचाव प्रयासों में अपना सहयोग जारी रखेगा।
इससे पहले दिन में विदेश मंत्री जयशंकर ने तमिलनाडु के उन 21 तीर्थयात्रियों से मुलाकात की जो बाढ़ से बचाए जाने के बाद काठमांडू से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे थे। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मैंने तमिलनाडु के 21 पर्यटकों के एक समूह का स्वागत किया, जिन्हें नेपाल में आई बाढ़ से बचाया गया था। उनकी आपबीती सुनकर मैं अत्यंत भावुक हो गया। इस बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए मैं नेपाली सेना और उस देश की सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। भारत में उनकी सुचारू वापसी के समन्वय में नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रयासों की मैं सराहना करता हूं।
ये 21 भारतीय नागरिक उन समूहों का हिस्सा थे जिन्होंने विभिन्न ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा की थी।
भारत नेपाल को लगातार सहायता भेज रहा है, जिसमें बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए बेली ब्रिज की तैनाती भी शामिल है। नई दिल्ली ने विदेश मंत्रालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जो चौबीसों घंटे कार्यरत है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी उन राज्य सरकारों के भी संपर्क में हैं, जहां से लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हैं।
शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि त्रिशुली-1 जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 भारतीय नागरिकों सहित 84 भारतीय नागरिकों को अब तक बचाया जा चुका है। उन्होंने आगे बताया कि चीन की सीमा में फंसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह उज्बेकिस्तान की यात्रा पर रवाना हुए। यह उनका दो दिवसीय दौरा है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद की यात्रा करेंगे। पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले लिखा, “मैं 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिज की यात्रा पर जा रहा हूं।” उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में काफी प्रगति हुई है। मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा, ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने व ‘विकसित भारत’ और ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ के हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।”
उन्होंने कहा, “मैं ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करूंगा, जो हमारे दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे सांस्कृतिक और लोगों के बीच के संबंधों का प्रतीक है।”यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी एक सितंबर को किर्गिज का भी दौरा करेंगे। उन्होंने कहा, “किर्गिज के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर मैं 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाऊंगा। यह सम्मेलन इस महत्वपूर्ण संगठन के 25 साल पूरे होने का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि भारत 2017 से एससीओ का एक सक्रिय सदस्य रहा है। मैं सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित इस क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने और आतंकवाद, अलगाववाद व चरमपंथ की बुराई से मुक्त क्षेत्र के लिए अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं। ये बुराइयां हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए खतरा बनी हुई हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैं राष्ट्रपति झापारोव और एससीओ के अन्य नेताओं से मिलने और छठे ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए भी उत्सुक हूं। यह मध्य एशिया की समृद्ध जीवंत विरासत का उत्सव है, जिसका भारत बहुत सम्मान करता है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी, इस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत जुड़ाव को गहरा करेगी और शांति, स्थिरता व समृद्धि की हमारी साझा कोशिशों को आगे बढ़ाएगी। ये वे मूल्य हैं जो दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव के केंद्र में हैं।




 

दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी, नई दरें आज से लागू

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । दिल्ली-एनसीआर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है। संशोधित दरें शनिवार सुबह 6 बजे से प्रभावी हो गई हैं। यह वृद्धि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रमुख शहरी गैस वितरक इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) द्वारा घोषित की गई है। हालिया बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में सीएनजी की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। संशोधित दरें नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित कई पड़ोसी शहरों में भी लागू होंगी।
नोएडा और गाजियाबाद में अब सीएनजी की कीमत 95.59 रुपये प्रति किलोग्राम होगी, जबकि गुरुग्राम में नई कीमत 92.01 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। इस नवीनतम वृद्धि से सीएनजी पर अत्यधिक निर्भर वाहन चालकों और वाणिज्यिक वाहन संचालकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ऐप-आधारित कैब सेवाएं और अन्य वाणिज्यिक परिवहन संचालकों को इस संशोधन के बाद ईंधन पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है। सीएनजी का उपयोग करने वाले निजी कार मालिकों को भी ईंधन पर अधिक खर्च करना पड़ेगा।
हाल के महीनों में सीएनजी की कीमतों में लगातार वृद्धि के बाद यह ताजा बढ़ोतरी हुई है। मई 2026 में, आईजीएल ने दिल्ली में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की एक और वृद्धि की घोषणा की थी। यह संशोधन 26 मई से लागू होने वाली 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि के कुछ ही दिनों बाद किया गया था, क्योंकि सीएनजी की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं। सार्वजनिक क्षेत्र की गैस वितरण कंपनी आईजीएल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की कीमतें “काफी अधिक” बनी हुई हैं और बढ़ती लागत का असर तेजी से महसूस किया जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि सीएनजी की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि आवश्यक थी ताकि इनपुट गैस की लागत में वृद्धि की आंशिक रूप से भरपाई की जा सके और उपभोक्ताओं को सीएनजी की निरंतर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। बार-बार हो रही मूल्य वृद्धि ने परिवहन संचालकों के बीच चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर महानगरीय क्षेत्रों में जहां सीएनजी से चलने वाले वाहन सार्वजनिक और वाणिज्यिक परिवहन नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।








 

केंद्रीय बजट 2027-28 की तैयारी शुरू, 12 अक्टूबर से होंगी पूर्व-बजट बैठकें

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्रालय ने बजट प्रक्रिया के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और समय सीमा तय करते हुए बजट परिपत्र (बजट सर्कुलर) जारी कर दिया है। इसके साथ ही विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने व्यय अनुमान और योजनागत आवश्यकताओं का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व-बजट परामर्श बैठकें 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होंगी। इसके लिए मंत्रालयों और विभागों को आवश्यक आंकड़े और प्रस्ताव 6 अक्टूबर 2026 तक जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। बजट परिपत्र के अनुसार, मंत्रालयों और विभागों को वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमान और वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान तैयार करने होंगे। इसके लिए सभी विभागों से विस्तृत व्यय प्रस्ताव और वित्तीय जरूरतों का आकलन मांगा गया है, ताकि आगामी बजट को लेकर होने वाली पूर्व-बजट चर्चाओं में इनका उपयोग किया जा सके।
इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों की वित्तीय जरूरतों, चल रही परियोजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार किया जाएगा, जिसके आधार पर आगामी बजट का ढांचा तैयार किया जाएगा। सरकार का आगामी बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ विजन के अनुरूप तैयार होने की संभावना है। बजट परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि मंत्रालयों द्वारा भेजे जाने वाले व्यय प्रस्ताव सरकार की स्वीकृत प्राथमिकताओं और वास्तविक वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए।
सरकार का लक्ष्य ऐसे व्यय प्रस्तावों को प्राथमिकता देना है जो देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायक हों। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे बजट अनुमान तैयार करते समय यथासंभव सटीक और यथार्थवादी वित्तीय आकलन प्रस्तुत करें। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वित्तीय वर्ष के दौरान अतिरिक्त संसाधनों की मांग को न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाना चाहिए। इससे सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को अधिक प्रभावी और अनुशासित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बजट परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किए जाएं, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी प्राप्त हो। इसके अलावा, जारी योजनाओं के लिए स्वीकृत व्यय योजनाओं का विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। सरकार चाहती है कि बजटीय संसाधनों का उपयोग अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख तरीके से किया जाए। सभी मंत्रालय और विभाग अपनी विस्तृत अनुदान मांगें यूनियन बजट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (यूबीआईएस) के माध्यम से तैयार करेंगे।
वित्त मंत्रालय ने बजट से जुड़ी सूचनाओं की गोपनीयता पर भी विशेष जोर दिया है। वित्तीय सलाहकारों को निर्देश दिया गया है कि यूबीआईएस में दर्ज होने वाले सभी आंकड़ों और दस्तावेजों की सुरक्षा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। बजट परिपत्र जारी होने के साथ ही वित्त वर्ष 2027-28 के लिए सरकार की पहली बड़ी वित्तीय योजना प्रक्रिया शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी बजट में विकास संबंधी प्राथमिकताओं और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।












 

ओएनजीसी को बंगाल बेसिन में बड़ी कामयाबी, पहली व्यावसायिक खोज उत्पादन के करीब: हरदीप पुरी

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के अशोकनगर क्षेत्र में ओएनजीसी की पहली व्यावसायिक हाइड्रोकार्बन खोज अब उत्पादन और व्यावसायिक दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए पोस्ट में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि 30 मई 2026 को विकास कुएं एएस-1जेड की ड्रिलिंग शुरू होने के तीन महीने से भी कम समय में ओएनजीसी ने इस क्षेत्र से हल्के और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे तेल के प्रवाह की क्षमता सफलतापूर्वक स्थापित कर दी है।उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में चल रही अभूतपूर्व यात्रा के तहत बंगाल बेसिन के अशोकनगर में ओएनजीसी की पहली व्यावसायिक हाइड्रोकार्बन खोज अब व्यावसायीकरण के एक निर्णायक चरण के करीब पहुंच गई है।”
पुरी ने बताया कि अशोकनगर क्षेत्र से निकाले गए कच्चे तेल की पहली खेप को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की हल्दिया रिफाइनरी भेजे जाने के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर अशोकनगर के विधायक डॉ. सुमय हीरा और ओएनजीसी के अन्वेषण निदेशक भी मौजूद रहे।केंद्रीय मंत्री के अनुसार, यह उपलब्धि लंबे समय से चल रहे अन्वेषण कार्यों और निरंतर प्रयासों को वास्तविक उत्पादन क्षमता में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। इससे पश्चिम बंगाल का नाम भारत के हाइड्रोकार्बन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से दर्ज होगा।
उन्होंने कहा कि अशोकनगर की यह खोज न केवल पश्चिम बंगाल के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे पूरे बंगाल बेसिन में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत वर्तमान में अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल और गैस से पूरा करता है। ऐसे में अशोकनगर जैसी घरेलू खोजें देश की आयात निर्भरता कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
पुरी ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि पश्चिम बंगाल में ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने राज्य में हाइड्रोकार्बन संसाधनों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में और निवेश तथा अन्वेषण गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
















 

नेपाल बाढ़ पर केंद्र की नजर, अमित शाह ने बिहार-यूपी के सीएम से की बात, NDRF हाई अलर्ट पर

27-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद केंद्र सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा के संभावित प्रभाव को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। केंद्र ने सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी हाई अलर्ट पर रखा है। सरकार का कहना है कि नेपाल की ओर जलस्तर में कमी आ रही है और फिलहाल घबराने की कोई स्थिति नहीं है।
अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है।
गृह मंत्री ने नेपाल में आई आपदा के संभावित प्रभाव को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की। उन्होंने कहा कि जिन सीमावर्ती क्षेत्रों पर बाढ़ का असर पड़ सकता है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमों के साथ NDRF को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
केंद्रीय जल आयोग (CWC) की सलाह और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ या ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से करीब 160 किलोमीटर दूर फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसका असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों पर पड़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।
बिहार और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों को सतर्क रहने और स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
गृह मंत्रालय के अधिकारी विदेश मंत्रालय (MEA), जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। CWC के अनुसार, नेपाल की ओर जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। सरकार ने कहा है कि फिलहाल घबराहट जैसी कोई स्थिति नहीं है।
नेपाल के प्रभावित इलाकों में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं। विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मदद के लिए दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क किया जा सकता है।











 


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