
भारत सरकार एक मई 2020 से कई सारी श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रही है ताकि मजदूरों को उनके घर पहुंचाया जा सके। वहीं दूसरी तरफ पीयूष गोयल के नेतृत्व में श्रमिक ट्रेन के अलावा 15 जोड़ी स्पेशल एसी ट्रेन भी चलाई जा रही हैं। हाल ही में भारत सरकार ने एक जून से 200 अतिरिक्त ट्रेन चलाने का भी निर्णय लिया है। देश में कोरोना वायरस के कारण लंबे समय तक ट्रेन का परिचालन पूरी तरह से बंद था. अब जब ट्रेन एक बार फिर से शुरू हुई हैं तो सरकार ने इस बार स्पेशल एसी ट्रेन के बुकिंग सहित आरएसी और वेटिंग लिस्ट के नियमों में बदलाव किए हैं।
आपको बता दें कि अब इन पंद्रह जोड़ी स्पेशल एसी ट्रेन में एडवांस रिजर्वेशन पीरियड को बढ़ाकर 30 दिन का कर दिया गया है। सरकार ने स्पेशल एसी ट्रेन में एक बहुत बड़ा बदलाव तत्काल बुकिंग को लेकर किया है. अगर आप स्पेशल एसी ट्रेन में सफर करने वाले हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि एसी ट्रेनों के लिए तत्काल बुकिंग की सुविधा नहीं होगी। इस बात का भी विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा कि अगर आप का टिकट कंफर्म नहीं है और आपका नाम वेटिंग लिस्ट में है तो आप स्पेशल एसी ट्रेन में चढ़ नहीं सकते। इन विशेष ट्रेनों के टिकटों को केवल कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों के माध्यम से बुक किया जा सकता है, या फिर यात्री टिकट सुविधा केंद्र जिनके पास लाइसेंस होगा वहीं से बुक किया जा सकेगा।

अयोध्या (उत्तरप्रदेश) में राम मंदिर के निर्माण पर पाकिस्तान ने बेतुका बयान दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने राम मंदिर बनने के फैसले की निंदा की है। वहीं भारत ने जवाब में पाक के इस बेतुके बयान की कड़ी आलोचना की है। पाक के बयान को विहिप महामंत्री मिलिंद परांडे ने गैर जिम्मेदाराना और हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा, `पाकिस्तान अपनी कमियों को छिपाने के लिए इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहा है। जिस देश में लगातार अन्याय होता आया है, वो हमारी न्याय व्यवस्था पर बात कर रहे हैं. यह काफी हास्यास्पद भी है? राम जन्मभूमि पर पूरी प्रक्रिया के बाद फैसला आया है. जिसके बाद ही वहां पर समतलीकरण का काम चल रहा है।Ó

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। सुप्रीम कोर्ट ने आज मजदूरों की अपने गृह प्रदेश वापसी पर बड़ा फैसला दिया है। बता दें कि सरकार की ओर से दलील रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने अब तक 3700 से ज्यादा श्रमिक एक्सप्रेस विशेष ट्रेन चलाई हैं, जिसके जरिए 95 लाख से ज्यादा यात्रियों का आवागमन हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने हर राज्यों से मांगी रिपोर्टसुप्रीम कोर्ट ने किराया न लेने को कहा कि प्रवासी मजदूरों के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली बेंच ने गुरुवार को सुनवाई की। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1 मई से 27 मई तक 3700 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई हैं, जिसके जरिए 95 लाख से ज्यादा यात्रियों का आवागमन हुआ है।
सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा कि ट्रेन का किराया यात्रा शुरू करने या मंजिल वाले राज्य ने चुकाया है, मजदूरों पर इसका कोई बोझ नहीं था। शुरुआत में जिन्होंने किराया दे दिया था उनको बिहार सरकार ने भुगतान कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि किसी प्रवासी मजदूर से घर जाने के लिए यात्रा का एक पैसा भी किराया नहीं वसूला जाए। सारा व्यय राज्य वहन करें। जहां मजदूर रह रहा है या यात्रा शुरू हो रही है वो राज्य या जहां उसे जाना है वो राज्य ये राज्य आपस में तय कर लें। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने यह भी हिदायत दी है कि रास्ते में मजदूरों के खाने-पीने और आश्रय का इंतजाम राज्य सही ढंग से करें।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देशों में यह भी कहा है कि जहां से मजदूर रेल यात्रा शुरू करें, वहां की सरकार उनके भोजन, पानी और टिकट इत्यादि का इंतजाम करे। इसके अलावा रेल में भी उनके खाने-पीने का इंतजाम हो।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार सभी प्रवासी मजदूर यात्रियों का रजिस्ट्रेशन करे और उसके मुताबिक ही उनका ट्रेन में बैठना सुनिश्चित करे। सड़क पर पैदल जाता कोई भी मजदूर दिखे तो उसे शेल्टर होम में लाकर रखे फिर खाना-पीना देकर ट्रेन या बस से उसके गांव तक भेजने का इंतजाम करे।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की की दस्ती कॉपी केंद्र और सभी राज्य सरकारों को दे दी गई है। इसके साथ ही अगले शुक्रवार तक सभी राज्यों को कोर्ट में यह रिपोर्ट दाखिल कर देनी है जिसमें मजदूरों की संख्या, उनके ट्रांसपोर्टेशन का तरीका, रजिस्ट्रेशन का तरीका, उनको दी जा रही सुविधाओं का ब्यौरा सभी कुछ होंगे।

खबर आ ही है कि आज दोपहर 11.30 बजे लॉकडाउन को लेकर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आज सभी राज्यों के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के साथ बैठक करेंगे।
गौरतलब है कि लॉकडाउन चार के खत्म होने के पहले ही एक बार फिर लॉकडाउन-5 की आहट सुनाई देने लगी है। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करेंगे. सूत्रों का कहना है कि मन की बात में पीएम मोदी बहुत कुछ साफ कर सकते हैं. वैसे सूत्रों का यही कहना है कि दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन का बढऩा लगभग तय है।
सरकार लोगों को ज्यादा छूट देकर उनकी जिंदगी और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश करती दिख रही है, लेकिन खबर है कि कोरोना की ज्यादा मार सह रहे इलाकों में राहत नहीं दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, लॉकडाउन 5 में 11 शहरों पर सख्ती जारी रहेगी. ये वो शहर हैं जहां कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है।

देश के अधिकांश राज्य भीषण गर्मी से बेहाल हैं। तो वहीं असम में बाढ़ का कहर जारी है। बताया जा रहा है कि यहां बाढ़ के असर से करीब 2 लाख प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि राज्य के सात जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। गोलपारा जिले में अकेले एक लाख साठ हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। राज्य में ब्रह्मपुत्र समेत दो अन्य नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।