
00 पंजशीर घाटी में जुट रहे हैं तालिबान विरोधी ताकतें व सैनिक
काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद पंजशीर के लड़ाकों ने तालिबान के खिलाफ बगावत कर दी है। पंजशीर के इर्द- गिर्द तालिबान और स्थानीय लड़ाकों के बीच घमासान जारी है। पंजशीर के स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर बगलान प्रांत के पुल- ए- हिसार जिले व परवान प्रांत के चारिकार इलाके समेत 3 जिलों को नॉर्दर्न अलायंस व लड़ाकों ने तालिबान के कब्जे से छुड़ा लिया है। वहीं बानू और देह- ए- सलाह जिलों में भी भीषण लड़ाई जारी है। तालिबान पर कई दिशाओं से हमला किया गया है और उन्हें भारी नुक्सान हुआ है।तालिबान के खिलाफ अफगान जनता सड़कों पर है और पंजशीर में तालिबान का सबसे पुराना दुश्मन उठ खड़ा हुआ है और उसकी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बीच उससे निपटने की रणनीति तैयार करने के लिए तालिबान विरोधी ताकतें व सैनिक पंजशीर घाटी में इकट्ठे होने लगे हैं।इनमें पूर्व उपराष्ट्रपति अमरूल्ला सालेह और अफगान सरकार के वफादार सिपहसालार जनरल अब्दुल रशीद दोस्तम व अता मोहम्मद नूर के अलावा नॉर्दर्न अलायंस से जुड़े अहमद मसूद की फौजें शामिल हैं। इस बीच तालिबान ने एक प्रतिनिधिमंडल को पंजशीर में अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद से वार्ता करने के लिए भेजा है। वहीं मसूद ने कहा कि वह वार्ता और हमले दोनों के लिए तैयार हैं।
00 तालिबान विरोधी प्रदर्शन कई शहरों में जारी
तलिबान के खिलाफ अफगानिस्तान के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकल कर प्रदर्शन कर रहे हैं। तालिबान लड़ाके इन प्रदर्शनकारियों पर हमलेकर उन्हें पीट रहे हैं। राजधानी काबुल में एक ऐसे ही प्रदर्शन में करीब 200 लोग शामिल थे। तालिबान लड़ाकों ने इन्हें बड़ी क्रूरता से खदेड़ा।गुरुवार को खोस्त शहर में तालिबान द्वारा घोषित कफ्र्यू के बीच कुछ लोगों ने अफगानिस्तान की आजादी का झंडा लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले असादाबाद शहर में तो तालिबानों ने राष्ट्रीय झंडे के साथ जुलूस निकाल रहे लोगों पर तालिबान ने फायरिंग कर दी थी। इसमें कई लोग मारे गए।
00 9 अल्पसंख्यकों की हत्यागजनी प्रांत के मुंदाराख्त गांव में तालिबान ने हजारा अल्पसंख्यक समुदाय के 9 लोगों की हत्या कर दी। इनमें से छह लोगों की हत्या गोली मारकर की गई, जबकि तीन को प्रताडि़त कर मारा गया। उनके हाथ उखाड़ दिए गए।एमनेस्टी इंटरनेशनल ने तालिबान की क्रूरता पर चिंता जताते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा कि 4 से 6 जुलाई के बीच गांव पर तालिबान ने कहर बरपाया था। इसके बाद एमनेस्टी के शोधकर्ताओं ने जाकर प्रत्यक्षदर्शियों से बात की और यह सच सामने आया।एमनेस्टी इंटरनेशनल के प्रमुख एग्नेस कालामार्ड ने कहा कि यह जघन्यता तालिबान के पहले के रिकॉर्ड की याद दिलाती है और बताता है कि तालिबान का शासन कितना क्रूर हो सकता है। अधिकार समूह ने चेतावनी दी कि कई हत्याएं हुई होंगी लेकिन अभी तक उनके बारे में सूचना नहीं है क्योंकि तालिबान ने अपने कब्जे वाले कई इलाकों में फोन सेवाएं काट दी हैं ताकि तस्वीरें प्रकाशित नहीं हों।

जिनेवा/नई दिल्ली ( शोर संदेश)। कोरोना वायरस से बचाव के लिए कोविशील्ड वैक्सीन की नकली खेप भारत और युगांडा में बरामद हुई है। बीते एक महीने में आईं अलग-अलग शिकायतों के आधार पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसका खुलासा किया है। पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से जानकारी लेने के बाद डब्ल्यूएचओ ने भारत और युगांडा दोनों ही देशों से सख्त कार्रवाई की अपील की है। जिनेवा स्थित डब्ल्यूएचओ मुख्यालय ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि भारत और युगांडा में कोविशील्ड की नकली वैक्सीन बरामद हुई हैं। इन वैक्सीन पर बैच नंबर गलत लिखा हुआ है।

साथ ही वैक्सीन की मात्रा भी 2 एमएल लिखी हुई है, जबकि सीरम कंपनी के अनुसार एक शीशी में 10 से 12 एमएल वैक्सीन की मात्रा होती है। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि भारत में मिलीं नकली वैक्सीन में बैच नंबर, उत्पादन की तारीख और एक्सपायरी डेट नहीं लिखी हुई है। जबकि युगांडा में मिलीं नकली वैक्सीन पर उत्पादन की तारीख नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नकली वैक्सीन की शिकायत संज्ञान में है। जिला स्तर पर जांच कराई जाएगी।

काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान पर तालिबान का पूरी तरह से कब्जा हो चुका है। अफगान के हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। काबुल पर तालिबान के बढ़ते खतरे के बीच अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के बीच भारतीय वायुसेना का C-17 विमान मंगलवार सुबह काबुल से दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है। इस विमान में 120 से ज्यादा लोग सवार हैं, जिसमें कुछ आईटीबीपी के जवान और मीडिया कर्मी भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय राजदूत आर. टंडन समेत अन्य कर्मचारियों को काबुल से वापस लाया जा रहा है। इनके अलावा वहां तैनात सुरक्षाकर्मी और बाकी बचे लोगों को भी जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाएगा।
00 भारत ने सुरक्षा परिषद में उठाया मुद्दा
बता दें कि काबुल में भारत के करीब पांच सौ से अधिक लोग फंसे हुए हैं। भारत सरकार द्वारा वायुसेना के C-19 एयरक्राफ्ट के जरिए लोगों को निकाला जा रहा है। सोमवार को करीब 46 लोग वापस आए हैं। वहीं, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी इस मसले को उठाया है और दुनिया को अफगानिस्तान पर गौर करने को कहा है। समाचार एजेंसी एएनआई को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, अफगान से भारत लौटने वाले भारतीय सुरक्षित इलाकों में हैं और उन्हें एक या दो दिनों में सुरक्षित वापस लाया जाएगा। सोमवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत सरकार अफगानिस्तान की स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों को लाने के लिए स्पेशल सेल भी गठित किया है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
00 भारत ने अफगान नागरिकों के लिए वीजा की नयी श्रेणी की घोषणा की
वहीं गृह मंत्रालय ने अफगानिस्तान में मौजूदा हालात को देखते हुए भारत आने की इच्छा रखने वाले अफगान नागरिकों की अर्जियों पर जल्द फैसलों के लिए वीजा की नई श्रेणी की घोषणा की।अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्जा जमाने के दो दिन बाद यह घोषणा की गई है।
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘गृह मंत्रालय अफगानिस्तान में मौजूदा हालात को देखते हुए वीजा प्रावधानों की समीक्षा की है। भारत में प्रवेश के लिए वीजा अर्जियों पर जल्द फैसला लेने के लिए ‘ई-आपातकालीन एवं अन्य वीजा’ की नई श्रेणी बनाई गई है।’
00 विदेश मंत्री जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री के बीच बातचीत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अफगानिस्तान में हालिया घटनाक्रमों को लेकर सोमवार को बातचीत की। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया कि दोनों शीर्ष राजनयिकों ने अफगानिस्तान संबंधी हालात पर चर्चा की।
इसके कुछ ही देर बार जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘(अमेरिका के विदेश मंत्री) ब्लिंकन के साथ अफगानिस्तान में हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की। हमने काबुल में हवाईअड्डा संचालन बहाल करने की अत्यधिक आवश्यकता पर बल दिया। हम इस संबंध में अमेरिकी प्रयासों की बहुत सराहना करते हैं।

भारत की अध्यक्षता में यूएनएससी की आपात बैठक
काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन पर तालिबान ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। तालिबान ने दावा किया है कि आरजकता रोकने के लिए वह काबुल में घुसा है। इधर, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ चुके हैं। इसके अलावा कई और सांसद भी देश छोड़कर जा चुके हैं। वहीं, तालिबान विद्रोहियों के डर से आम नागरिक भी अफगान छोड़ रहे हैं, काबुल एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखी जा रही है। कई देशों के अधिकारी भी काबुल एयरपोर्ट से रवाना हो रहे हैं।
00 भगदड़ में घायल की खबर नहीं
इसी बीच काबुल एयरपोर्ट पर फायरिंग की खबर है। हालांकि, अभी तक गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट पर हर तरफ भगदड़ की स्थिति मची है। फायरिंग के बाद मची भगदड़ में कई लोगों को घायल होने की भी खबर है। फिलहाल अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट को अपने कब्जे में ले लिया है । सोशल मीडिया पर एक यूजर ने काबुल एयरपोर्ट पर मची अफरा तफरी का वीडियो शेयर किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि बड़ी में लोग इधर उधर भाग रहे हैं, इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान के हालात को लेकर पूरी दुनिया चिंतित है। अफगानिस्तान के हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होने जा रही है।भारतीय समय के अनुसार, शाम साढ़े सात बजे बैठक होगी। बैठक की अध्यक्षता भारत करेगा।
00 अफगानिस्तान की ओर से कौन रखेगा पक्ष
बैठक की अध्यक्षता के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले से ही न्यूयॉर्क में मौजूद हैं, लेकिन पिछले 24 घंटों के भीतर अफगानिस्तान में जिस तेजी से घटनाक्रम बदला है, उस लिहाज से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि, सबसे अहम सवाल यह है कि इस बैठक में अफगानिस्तान की ओर से प्रतिनिधि कौन होगा और अफगानिस्तान का पक्ष कैसे रखेगा।
00 ट्रंप ने खड़े किए सवाल
वहीं, अफगानिस्तान में बिगड़ रहे हालात पर अमेरिका की नीतियों को लेकर अब उसी देश के भीरत सवाल उठने लगे हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ये अमेरिका की सबसे बड़ी हार है। काबुल में राष्ट्रपति पैलेस पर तालिबान के कब्जे और अशरफ गनी के देश छोड़कर जाने की खबर के बाद ट्रंप ने यह बयान दिया। हालांकि, अमेरिका विदेश विभाग ने इस सभी आरोपों से इनकार किया है।

वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। महात्मा गांधी को अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जा सकता है। इस संबंध में अमेरिकी संसद में एक बार फिर प्रस्ताव पेश किया गया, जो न्यूयॉर्क के एक सांसद ने दिया। उन्होंने शांति और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी को कांग्रेस के स्वर्ण पदक से सम्मानित करने का प्रस्ताव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में शुक्रवार (13 अगस्त) को पेश किया। महात्मा गांधी अमेरिकी कांग्रेस का स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले पहले भारतीय होंगे।इससे पहले यह सम्मान जॉर्ज वॉशिंगटन, नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, मदर टेरेसा और रोजा पार्क्स जैसी महान हस्तियों को दिया जा चुका है।महात्मा गांधी का ऐतिहासिक सत्याग्रह (आत्मा-शक्ति के लिए संस्कृति) अहिंसक प्रतिरोध के आंदोलन ने एक राष्ट्र और दुनिया को प्रेरित किया। उनका उदाहरण हमें दूसरों की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने के लिए उत्साहित करता है।

बलूचिस्तान/नई दिल्ली (शोर संदेश)। पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम क्वेटा शहर में रविवार रात हुए विस्फोट में कम से कम 2 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई 10 से ज्यादा घायल हो गए। अस्पताल पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सिविल अस्पताल क्वेटा के प्रवक्ता वसीम बेग ने कहा कि देश के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के यूनिटी चौक इलाके के पास हुए विस्फोट में 6 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 11 लोग घायल हो गए।
क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह हमला उस समय हुआ जब नियमित गश्त पर पुलिस का एक दल विस्फोट स्थल से गुजर रहा था। पुलिस ने कहा कि एक मोटरसाइकिल में विस्फोटक मटेरियल लगाया गया, हमले में पुलिस वाहन को निशाना बनाया गया था। सुरक्षा बल बचाव दल मौके पर पहुंचे घायलों को शहर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।अभी तक किसी भी समूह या व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।


काबुल/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत के कामदेश जिले में आई बाढ़ में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। अचानक आई बाढ़ में कई अन्य लापता भी हो गए। कामदेश जिले के मिर्देश गांव में गुरुवार को भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने कई ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जानकारी से पता चला है कि स्थानीय ग्रामीणों के 40 शव मिले हैं, जबकि कई अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि गांव के लगभग सभी घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि गांव में पानी भर गया है। बाढ़ ने मवेशियों, कृषि भूमि को नष्ट कर दिया है। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की सीमा से लगे कामदेश जिले में एक सड़क के एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया, जिसके परिणामस्वरूप इसे बंद कर दिया गया।

00 आईएस ने ली हमले की जिम्मेदारी
बग़दाद/नई दिल्ली (शोर संदेश)। इराक की राजधानी बगदाद के उपनगर में ईद से पहले बड़ा धमाका हुआ है। बम धमाके में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली है। धमाका सद्र शहर में एक भीड़भाड़ वाले बाजार में हुआ। यह विस्फोट ईद-उल-अजहा से एक दिन पहले हुआ है जब लोग बाजार में खरीदारी में व्यस्त थे। इससे पहले अप्रैल में सद्र शहर में हुए कार बम धमाके में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई थी।इराकी सेना के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने बाजार के क्षेत्र के लिए जिम्मेदार संघीय पुलिस रेजिमेंट के कमांडर को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। बयान में यह भी कहा गया है कि इसकी जांच की जा रही है। इस साल यह तीसरा मौका है जब बाजार में धमाका हुआ है।बयान के अनुसार, प्रधान मंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने बाजार के क्षेत्र के लिए जिम्मेदार संघीय पुलिस रेजिमेंट के कमांडर को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। बयान में यह भी कहा गया है कि इसकी जांच की जा रही है। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर है। मरने वालों में महिलाएं बच्चे भी शामिल हैं। विस्फोट के कारण कुछ दुकानें जलकर खाक हो गईं। इराकी सेना ने एक बयान में कहा कि हमला सदर शहर के वहैलत बाजार में हुआ।

00 तालिबान ने अपनी भूमिका से किया इनकार, रेसक्रॉस को सौंपा शव
कंधार/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान के कंधार में तालिबानियों और अफगान सैनिकों के बीच जारी खूनी संघर्ष को कवर करने के दौरान भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या हो गई है। दानिश की हत्या के पीछे तालिबानियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही थी। इसी बीच तालिबान ने इससे साफ इनकार कर दिया है। सिद्दीकी की हत्या के मामले में प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, `हमें नहीं पता कि पत्रकार किसके फायरिंग के दौरान मारा गया था। हम नहीं जानते कि उसकी मौत कैसे हुई।`सिद्दीकी की हत्या पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को अफगानिस्तान दुख व्यक्त किया है। इसके साथ ही युद्धग्रस्त देश में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने उनकी हत्या के साथ-साथ अन्य पत्रकारों की भी जांच की मांग भी की है।सूत्रों के अनुसार मुजाहिद ने कहा, `युद्ध क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी पत्रकार को हमें सूचित करना चाहिए। हम उस व्यक्ति विशेष की उचित देखभाल करेंगे।` सिद्दीकी की मौत पर खेद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की मौत के लिए खेद है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें खेद है कि पत्रकार हमें सूचित किए बिना युद्ध क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। दानिश का शव रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति (ICRC) को सौंप दिया गया है। उनके शव को अब भारत लाने की तैयारी की जा रही है।दानिश की मौत पर दुःख जताते गए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि दानिश अपने पीछे असाधारण काम अंजाम देकर गए हैं। उन्होंने दानिश की एक तस्वीर भी साझा की।प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने उनकी मौत को सदमा बताते हुए कहा कि सच्ची पत्रकारिता के लिए साहस की जरूरत होती है, दानिश का काम इसे साबित करता है। इसे व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं।अफगानिस्तान में अमेरिकी उपराजदूत रोज विल्सन ने दानिश की हत्या की खबर को दुखद और दिल दुखाने वाली त्रासदी बताया। साथ ही पूर्ण युद्धबंदी की मांग भी की है।बता दें कि पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी के लिए काम करते थे। अफगानिस्तान के समाचार चैनल ने सूत्रों के हवाले से बताया है, सिद्दीकी की मौत स्पिन बोल्डक इलाके में हुई है, जो कंधार प्रांत में स्थित है। यहां इस समय भीषण हिंसा हो रही है। सिद्दिकी बीते कुछ दिनों से कंधार में जारी हालात की कवरेज कर रहे थे।

लाहौर/नई दिल्ली (शोर संदेश)। पाकिस्तान के उत्तरी राज्य खैबर पख्तूख्वा में एक बस में बम धमाका हुआ है, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में चीन के भी 6 नागरिक शामिल हैं। ये सभी इंजीनियर थे, जो चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर से जुड़े एक प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे थे। इसके अलावा एक पाकिस्तानी सैनिक की भी मौत हुई है। बुधवार को एक बस को निशाना बनाते हुए आतंकियों ने धमाका किया था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोटक रोड पर कहीं रखा था या फिर बस में ही बम प्लांट किया गया था। बम धमाके के बाद बस एक गहरे नाले में जा गिरी, जिसके चलते बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।शुरुआत में 8 लोगों के ही मरने की जानकारी मिली थी, लेकिन बाद में लापता एक चीनी इंजीनियर और एक पाकिस्तानी सैनिक का शव मिला। इस तरह से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ते हुए 10 हो गया। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और घायलों को एयर एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है। इस बम धमाके में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। हजारा क्षेत्र के एक प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि जिस बस को निशाना बनाते हुए धमाका किया गया था, उसमें करीब 30 चीनी इंजीनियर भी सवार थे। ये लोग ऊपरी कोहिस्तान इलाके में स्थित दासू डैम पर जा रहे थे।
यह दासू डैम चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है। चीन के 65 अरब डॉलर के बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट के तहत ही चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत चीन ने अपने पश्चिमी हिस्से को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। ऐसा होने पर चीन की मध्य और पश्चिम एशिया के देशों तक सीधे तौर पर कारोबारी पहुंच होगी। चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर के तमाम प्रोजेक्ट्स पर काम के लिए चीन ने बड़ी संख्या में अपने इंजीनियरों को भेजा है। ये लोग प्रोजेक्ट के निर्माण में इंजीनियरिंग का काम कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के मजदूर निर्माण में लगे हुए हैं।