
नयी दिल्ली/कलकत्ता (शोर सन्देश)। भारतीय जनता पार्टी के विधायक देवेंद्र नाथ रॉय सोमवार सुबह उत्तर बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में अपने घर के पास मृत पाए गए। भाजपा विधायक का शव हेमताबाद के बिंडल में उनके घर के पास एक दुकान की बालकनी में लटका हुआ मिला। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने टीएमसी पर हत्या का आरोप लगाते हुए सीएम ममता बनर्जी से इसकी सीबीआई जांच की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आसपास को लोगों का स्पष्ट मानना है कि बीजेपी विधायक की पहले हत्या कर दी गई और बाद में शव को दुकान से लटका दिया गया।

नयी दिल्ली/जयपुर (शोर सन्देश)। राजस्थान में सियासी संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबियों पर आयकर विभाग का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अशोक गहलोत के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ और राजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। राजीव अरोड़ा और धर्मेंद्र राठौड़ के ठिकानों पर छापेमारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस के साथ आयकर विभाग पड़ताल कर रही है। आयकर विभाग के 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिल्ली और राजस्थान के कई जगहों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी अशोक गहलोत के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ और राजीव अरोड़ा के ठिकानों पर की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी और ज्वैलरी फर्म के मालिक राजीव अरोड़ा के ठिकानों पर सोमवार सुबह आयकर विभाग की टीम पहुंची। उनके घर और दफ्तरों पर छापेमारी चल रही है। खास बात है कि इस छापेमारी की सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई थी। आयकर विभाग की टीम केंद्रीय रिजर्व पुलिस के साथ छापेमारी को अंजाम दे रही है। राजीव अरोड़ा के अलावा धर्मेंद्र राठौड़ के आवास और दफ्तर पर आयकर विभाग की टीम छापेमारी कर रही है। धर्मेंद्र अरोड़ा को भी सीएम अशोक गहलोत का करीबी बताया जाता है। सूत्रों का कहना है कि राजीव अरोड़ा और धर्मेंद्र राठौड़ से देश के बाहर किए गए ट्रांजेक्शन के बारे में पूछताछ की जा रही है। राजीव अरोड़ा और धर्मेंद्र अरोड़ा के करीब 24 ठिकानों पर चल रही छापेमारी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने बीजेपी पर गहलोत सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया। साथ ही कांग्रेस ने बिना स्थानीय पुलिस को सूचना दिए आयकर विभाग की छापेमारी पर भी सवाल पूछा। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस के आरोपों से इनकार किया है। संबित पात्रा का कहना है कि कोरोना के कारण आयकर विभाग ने छापेमारी रोकी थी। अब फिर से आयकर विभाग की कार्रवाई कर रही है। इस छापेमारी और राजस्थान के सियासी संकट का कोई लेना-देना नहीं है।
आयकर विभाग की टीम ने जिन राजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की है, वह राजस्थान कांग्रेस का आर्थिक मैनेजमेंट भी देखते हैं। इस छापेमारी के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कांग्रेस, बीजेपी पर हमलावर है और गहलोत सरकार को अस्थिक करने का आरोप लगा रही है।

नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। चीन के साथ सीमा मुद्दे को लेकर जारी विवाद के बीच भारतीय सेना एक बार फिर से 72 हजार एसआईजी 716 असॉल्ट रायफल्स अमेरिका से मंगाने जा रही है। असॉल्ट रायफल्स की दूसरी खेप के लिए ऑर्डर दिया जा रहा है। पहली खेप में 72 हजार रायफल्स का ऑर्डर पहले ही अमेरिका की तरफ से भारत को भेजा जा चुका है और उसे सेना की तरफ से नॉर्दर्न कमांड और अन्य ऑपरेशनल इलाकों में इस्तेमाल किया जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने बताया, आर्म्ड फोर्सेज को दी गई फाइनेंशियल पावर के तहत हम 72 हजार और रायफल्स का ऑर्डर देने जा रहे हैं। आतंकवाद निरोधी अभियान को धार देने के लिए भारतीय सेना को असॉल्ट रायफल्स की पहली खेप मिल चुकी है। भारत ने फास्ट ट्रैक प्रोक्योरमेंट (एफटीपी) कार्यक्रम के तहत रायफल्स की खरीदारी की है।
नई रायफल्स वर्तमान में सुरक्षाबलों की तरफ से इस्तेमाल किए जा रहे इंडियन स्मॉल आम्र्स सिस्टम (इन्सास) 5.56*45 एमएम रायफल्स की जगह लेगी। इन्सास का प्रोडक्शन स्थानीय तौर पर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड में ही किया जा रहा था। योजना के मुताबिक, करीब डेढ लाख आयातित रायफल्स का इस्तेमाल आतंकवाद विरोधी अभियान और नियंत्रण रेखा पर फ्रंट लाइन ड्यूटी में होना था। जबकि बाकी बलों को एके-203 रायफल्स दी जाएंगी, जिसे भारत और रूस ने अमेठी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में तैयार किया जाना है।

सचिन पायलट के आगे कुआं, पीछे खाई! उपमुख्यमंत्री का क्या होगा अगला कदम?
जयपुर (शोर सन्देश)। मध्य प्रदेश में पर्याप्त संख्याबल के साथ सरकार बनाने के बावजूद आपसी बगावत की वजह से सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस पार्टी अब राजस्थान में उलझ गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बगावत के बाद अशोक गहलोत सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री पद के लिए बगावत का रास्ता अपनाया है, लेकिन सबके मन में यही सवाल है कि क्या मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी कांग्रेस सत्ता गंवा देगी? लेकिन हम आपको बता दें कि सवाल जितना सीधा है। उसका जवाब उतना ही जटिल है। 00 क्या मध्य प्रदेश का फॉर्मूला अपनाएंगे सचिन पायलट? : मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों की संख्या में अंतर काफी कम था. दूसरी तरफ राजस्थान में कांग्रेस के पास 107 सीटें तो भाजपा के 75 विधायक हैं. 200 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए भाजपा को कांग्रेस पार्टी के करीब 50 विधायकों से इस्तीफा दिलवानी पड़ेगी, जो किसी भी सूरत में आसान नहीं है. सचिन पायलट खुद यह दावा कर रहे हैं कि उनके पास 30 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है. ऐसे में अगर वह अपने समर्थक विधायकों से इस्तीफा दिलवाते हैं तो भी बात नहीं बनेगी. Also Read - देश में आर्थिक संकट पर शरद पवार बोले- भारत को इस समय एक मनमोहन सिंह की जरूरत
00 सचिन पायलट के सामने क्या है विकल्प? : कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि सचिन पायलट की बगावत के बावजूद अशोक गहलोत सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है. रविवार देर रात कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि 109 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समर्थन किया है. दूसरी तरफ बगावत पर आमदा सचिन पायलट का अगला कदम क्या होगा, इसको लेकर सभी लोग कयास लगा रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि सचिन भाजपा के साथ जा सकते हैं. लेकिन यह आसान नहीं है. भाजपा का स्थानीय नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे क्या उनको स्वीकार करेगी. क्या भाजपा सचिव को सीएम पद देगी. ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब जानने के लिए इंतजार करना होगा.

रायपुर/देवघर (शोर सन्देश)। इस समय सावन महीना चल रहा है। आज सावन मास का दूसरी सोमवारी है। श्रावणी मास में रोजना सुबह शाम बाबा बैद्यनाथ की परंपरागत तरीके से पूजा की जा रही है। अब तक 85 हजार श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन बाबा बैद्यनाथ का दर्शन कर चुके है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक कामनालिंग बाबा बैद्यनाथ का दर्शन किसी भी रूप में हो यह एक सुखद आनंद की प्राप्ति देता है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रावणी मास में कांवरियों व बाहरी श्रद्धालुओं के प्रवेश के रोक के बाद प्रशासन की ओर से बाबा बैद्यनाथ के ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था जारी है। श्रावणी मेले में बाबानगरी आने वाले कांवरिये बाबा पर जलार्पण के बाद अपने साथ बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग के प्रतिरूप में तस्वीर जरूर ले जाते थे। ताकि, तस्वीर देखकर भी वह तृप्त हो सकें. लेकिन, इस साल बाबानगरी में प्रवेश पर रोक के बाद भक्त बाबा का सुबह शाम ऑनलाइन दर्शन पाकर भी खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। परंपरा के अनुसार, रोजाना बाबा बैद्यनाथ की प्रात: कालीन पूजा व संध्याकालीन शृंगार पूजा का लाइव टेलीकास्ट कराया जा रहा है। बाबा की प्रात: कालीन पूजा को करीब 85 हजार भक्तों ने ऑनलाइन देखा, इसके अलावा शाम में होने वाली शृंगार पूजा हजारों भक्तों ने बाबा का शृंगार दर्शन किया। श्रावणी मास के कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि रविवार को सुबह करीब 4:30 बजे बाबा मंदिर का पट खुला। इसके बाद बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की गयी। सुबह में पट खुलते ही पुजारी विनोद झा व मंदिर दरोगा रमेश कुमार मिश्र बाबा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किये। परंपरा के अनुसार, बाबा पर शृंगार सामग्री हटायी गयी। गुप्त मंत्रोच्चार के बीच पुजारी विनोद झा ने कांचा जल चढ़ाया। इसके बाद तीर्थ पुरोहितों के लिए पट खोल दिया गया. तीर्थ पुरोहितों द्वारा कांचा जल चढ़ाने के बाद पुजारी विनोद झा ने षोडशोपचार विधि से बाबा की पूजा शुरू की।
इस दौरान बाबा पर फूल माला, विल्वपत्र, दुध, दही, चंदन, मधु, घी, शक्कर, पंचमेवा, पेड़ा, धोती, साड़ी, जनेऊ अर्पित किया। पूजा समाप्त होने के बाद तीर्थ पुरोहितों ने बाबा पर जल व फूल चढ़ाया। सुबह 6:30 बजे मंदिर का पट बंद कर दिया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस बल ने मंदिर परिसर को खाली करा दिया। कुछ ही देर में पूरा मंदिर परिसर खाली हो गया। श्रावणी मेला पर रोक के बावजूद सुल्तानगंज से कांवरियों जल लेकर पैदल बाबा नगरी की ओर चले आ रहे हैं। रविवार को बिहार के नवादा का एक कांवरिया सुल्तानगंज से पैदल जल लेकर किसी तरह छिपकर झारखंड प्रवेश द्वार दुम्मा में प्रवेश कर गया। दुम्मा गेट प्रवेश करने के बाद आठ किलोमीटर की यात्रा कर कांवरिया जैसे ही भूतबांग्ला स्थित खिजुरिया गेट पहुंचा, तो सुरक्षा व्यवस्था में पेट्रोलिंग कर रहे मजिस्ट्रेट छोटे लाल दास ने उस कांवरिया को देख लिया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को एक बार फिर लोन घोटाले का सामना करना पड़ा है। बैंक ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. (डीएचएफएल) को दिए 3 हजार 688.58 करोड़ रुपये के लोन को फ्रॉड घोषित किया है। इसके पहले नीरव मोदी और मेहुल चोकसी बैंक को 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगा चुके हैं बैंक ने गुरुवार को बताया कि उसने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. (डीएचएफएल) के एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) खाते में 3,688.58 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बारे में जानकारी आरबीआई को दी है। डीएचएफएल उस समय सुर्खियों में आई थी जब एक रिपोर्ट में कहा गया कि उसने कई मुखौटा कंपनियों के जरिये कुल 97,000 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज में से कथित रूप से 31,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कानपुर गोलीकांड के आरोपी और मास्टरमाइंड विकास दुबे के शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मारे जाने के बाद शाम को भैरवा घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। विकास दुबे के अंतिम संस्कार के दौरान उसकी पत्नी ऋचा ने जमकर गाली-गलौज की और कहा कि हां उसके पति के साथ सही हुआ। दरअसल अपने पति विकास दुबे के अंतिम संस्कार में शामिल होने आई पत्नी ऋचा से वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने सवाल पूछना शुरू किया तो उसने अपना आपा खो दिया और जोर जोर से चिल्ला चिल्ला कर कहने लगी कि जो हुआ सही हुआ, जब ऋचा से पूछा गया कि क्या पुलिस ने एनकाउंटर सही किया तो उसने कहा, जिसने गलती की उसे सजा मिलेगी। इसके बाद जब उससे पूछ सवाल किया गया कि क्या आप मानती हैं कि आपके पति ने गलती की थी इस पर रिचा ने चिल्लाते हुए 3 बार हां कहां ऋचा ने कहा, उसके साथ सही हुआ यहां से चले जाओ।
00 शवदाह के अंदर किसी भी मीडिया कर्मी को नहीं मिली इजाजत :
बता दें कि गैंगस्टर विकास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके कुछ करीबी लोगों को ही मंजूरी दी गई थी, जिसमें उसकी मां, पत्नी ऋचा और बेटा वहां मौजूद थे। इस दौरान अंतिम संस्कार वाले स्थान पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा शवदाह के अंदर किसी भी मीडिया कर्मी को जाने की इजाजत नहीं दी गई। मीडिया कर्मी कुछ दूरी से है विकास दुबे की पत्नी ऋचा से सवाल पूछते रहे।
00 पिता ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से किया इंकार :
इसके अलावा विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसके पिता से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हां ठीक हुआ। विकास के पिता ने आगे कहा कि, हमें किसी ने बताया है कि हमारा बेटा मारा गया है हमने कहा ठीक किया गया। जब उनसे सवाल किया गया कि वह क्या वह अपने बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे तो उन्होंने मना कर दिया और कहा कि, मैं उसके अंतिम संस्कार पर क्यों जाऊं वह हमारा कहना नहीं मानता था अगर मानता होता तो आज ऐसा नहीं होता उसने हमारी कभी भी मदद नहीं की।
बता दें कि मोस्ट वांटेड 5 लाख इनामी गैंगस्टर विकास दुबे को उत्तर प्रदेश के उज्जैन से पकड़ा गया था और उत्तर प्रदेश लाते हुए शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मारा गया। विकास दुबे पर कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों को शहीद करने के आरोप के साथ ही कई अन्य आरोप थे।

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिपरिषद विस्तार सावन खत्म होने के बाद हो सकता है। छह जुलाई से शुरू हुआ सावन का महीना, तीन अगस्त को खत्म होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ऐसे में अगस्त के दूसरे सप्ताह में मंत्रिपरिषद विस्तार करने की तैयारी है। दरअसल, सावन मास में शुभ कार्य करने से लोग बचते हैं। भाजपा में मुहूर्त आदि का खास ख्याल रखा जाता है। ऐसे में पार्टी सूत्रों का कहना है कि सावन मास खत्म होने के बाद लंबित चल रहा मंत्रिपरिषद विस्तार किया जा सकता है। इससे पहले भाजपा की राष्ट्रीय टीम घोषित होगी। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बीते दिनों अनौपचारिक बातचीत में यह संकेत दिए थे कि पहले राष्ट्रीय टीम घोषित होगी, उसके बाद कैबिनेट फेरबदल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2019 को 57 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। नियमों के मुताबिक लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं। पिछली सरकार में मोदी सरकार में 70 मंत्री थे। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी पिछली बार के आंकड़े पर प्रधानमंत्री मोदी ने अमल किया तो कम से कम 13 नए मंत्रियों को सरकार में जगह मिल सकती है। हरियाणा से मोदी सरकार में शामिल केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को पद मुक्त कर प्रदेश भाजपा की कमान देने की तैयारी चल रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष की जून में प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस मसले पर बैठक हो चुकी है। डॉ. कृष्णगोपाल ही आरएसएस भाजपा के बीच कोआर्डिनेशन देखते हैं।
भाजपा के एक नेता ने कहा, `राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम की लिस्ट तैयार है, इसका साफ मतलब है कि कौन संगठन से सरकार में सरकार से संगठन में आएगा। किस राज्य से संगठन सरकार में कितने लोग आएंगे, इसका खाका तय हो चुका है।` सूत्रों का कहना है कि संगठन से राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, डॉ. अनिल जैन, अनिल बलूनी का नाम मंत्री बनने के संभावितों में है। सरकार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय को भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिल सकती है। राजस्थान से जुड़े एक मंत्री को ड्राप किया जा सकता है। आठ कैबिनेट मंत्रियों के पास से दो से तीन मंत्रालय हैं। कुछ स्वतंभ प्रभार वाले मंत्रियों के पास भी एक से अधिक मंत्रालय हैं। ऐसे में इन मंत्रियों का भार कम किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी मोदी सरकार के संभावित मंत्रियों में चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि एस जयशंकर की तर्ज पर कुछ विशेषज्ञों को भी मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। नवंबर में संभावित बिहार चुनाव के कारण जदयू को भी सरकार में हिस्सेदारी दी जा सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार में मिडिल आर्डर में परिवर्तन होने की ज्यादा संभावना है। अगर कैबिनेट में फेरबदल हुआ तो एक मंत्री को हटाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिपरिषद विस्तार की कवायदें पिछले साल दिसंबर में ही प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कर दीं थी, जब 21 दिसंबर को उन्होंने मंत्रिपरिषद की मैराथन समीक्षा बैठक की थी, उसके बाद ही मंत्रियों की परफार्मेंस रिपोर्ट तैयार हुई थी, लेकिन बाद में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव फिर कोरोना की चुनौती के कारण मामला लटक गया। मगर, अब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को पूरा किए एक साल से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में मंत्रिपरिषद विस्तार अब होना तय है। 2014 में बनी सरकार के दौरान छह महीने के अंदर पहला मंत्रिपरिषद विस्तार हो गया था। जून में मंत्रिपरिषद को लेकर संघ पदाधिकारियों भाजपा नेताओं के बीच हुई बैठक से साफ है कि अगस्त से सितंबर के बीच में मोदी सरकार मंत्रिपरिषद का विस्तार करेगी। इस बात को इसलिए भी बल मिल रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मध्य प्रदेश में 24 सीटों के सितंबर में संभावित उपचुनाव से पहले उन्हें केंद्र सरकार में जिम्मेदारी मिलने की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उपचुनाव में भाजपा को फायदा होगा।

00 संचालक पॉक्सो में गिरफ्तार
लखनऊ (शोर सन्देश)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शुक्रताल आश्रम पर छापा मारकर पूर्वोत्तर के बच्चों को छुड़ाया है। आश्रम में इन बच्चों का यौन शोषण हो रहा था। पुलिस ने आश्रम के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हुआ है। आश्रम नगरी कहे जाने वाले मुजफ्फरनगर जनपद के तीर्थस्थल शुक्रताल के एक आश्रम में बेहद ही शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां आश्रम के संचालक अनाथ बच्चों का यौन शोषण कर रहे थे। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने छापा मारकर बच्चों को छुड़ाया है। मेडिकल जांच में चार बच्चों के यौन शोषण की पुष्टि हुई है। इन सभी बच्चों की उम्र दस साल से कम है। पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर आश्रम के मुख्य संचालक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। इस शर्मनाक कांड का खुलासा एक बच्चे की हिम्मत और समझदारी से हुआ। आश्रम में रहने वाले मिजोरम के 9 साल के इस बच्चें ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर बच्चों पर हो रहे जुल्म की जानकारी दी थी। इसके बाद टीम वहां पहुंची और जांच पड़ताल शुरु की। इस आश्रम का नाम गौड़िया मठ है और यह जनपद के फिरोजपुर रोड स्थित शुक्रताल में है जो फिरोजपुर थाना क्षेत्र में हैं। पुलिस ने जांच के दौरान हुए खुलासे और बच्चों की मेडिकल जांच के आधार पर आश्रम संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक इस आश्रम में मिज़ोरम, त्रिपुरा और मणिपुर के यह मासूम बच्चें धार्मिक शिक्षा ग्रहण करने आए थे। बुधवार को मुज़फ्फरनगर में 1098 पर आई शिकायत के आधार पर चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम ने तीर्थ नगरी के नाम से विख्यात शुकतीर्थ स्थित इस आश्रम पर छापा मारा। टीम को जानकारी मिली थी कि गोड़िया मठ आश्रम में मिजोरम और त्रिपुरा को 10 बच्चो को बंधक बनाकर रखा गया है और उनसे आश्रम में चिनाई के काम के साथ साथ पशुओं का चारा भी जंगल से मंगाया जाता था। टीम को बच्चों ने बताया कि काम न करने पर उनकी पिटाई की जाती थी।
चाइल्ड हेल्प लाइन की अध्यक्ष पूनम शर्मा ने बताया कि “हमारे पास 1098 से रजिस्टर्ड होकर सूचना आई थी कि यहां पर जो गोडिया मठ आश्रम है इसमें बच्चों को बंधक बना रखा है। हमने वहां जाकर देखा तो वहां 8 - 10 बच्चे थे उन्होंने बच्चों को इतना डरा रखा था कि सब बच्चे महंत जी की तरफ से ही बोल रहे थे लेकिन बच्चों की घबराहट को देखकर हमें शक हुआ कि कुछ तो गड़बड़ है, जिसके बाद हमने बच्चों को विश्वास में लेकर उनसे बात की। इसके बाद बच्चों ने सबकुछ बताना शुरू कर दिया।“ पूनम शर्मा ने बताया कि आश्रम के लोगों ने टीम को शुरु में बच्चों से बात करने से रोका और बच्चों को छिपाने की भी कोशिश की। उन्होने बताया कि जब उन्होंने आश्रम के लोगों को बताया कि वे कोई कार्यवाही नहीं करेंगे बल्कि सिर्फ पूछताछ करेंगे तब कहीं जाकर उन्होंने बच्चों सामने किया। पूनम शर्मा का कहना है कि आश्रम के लोगों ने दो बच्चों को कहीं छिपा दिया है, और टीम 8 बच्चों को ही मुक्त कराकर लाई है। उन्होंने बताया कि एक बच्चे की उम्र करीब 12 साल है, उससे आश्रम में खाना बनाने का काम लिया जाता था और बर्तन भी धुलवाए जाते थे। पूनम शर्मा के मुताबिक बच्चों के शरीर पर उत्पीड़न के निशान मिले हैं। पुलिस ने आश्रम के संचालक के खिलाफ धारा 323, 504, 377 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इलाके के पुलिस सीओ राजेश द्विवेदी ने बताया कि मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद अप्राकृतिक यौन शोषण का मामला भी दायर किया गया है।

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दुबे आज देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस का कहना है कि उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस की गाड़ी पलट गई। इस दौरान विकास दुबे ने पुलिसकर्मी का पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इसके बाद मुठभेड़ में विकास दुबे को पुलिस ने ढेर कर दिया। पुलिस ने बताया कि जो गाड़ी पलटी थी, विकास दुबे उसी में सवार था. पुलिस ने कहा कि विकास दुबे ने पुलिस का हथियार छीना था और 2-3 किलोमीटर भागा भी था। इसके बाद पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए भी कहा, लेकिन उसने सरेंडर नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया। उल्लेकनिय है कि एक दिन पहले ही विकास दुबे को मध्य प्रदेश की पुलिस ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ टीम रात में उसे मध्य प्रदेश से कानपुर ला रही थी। विकास दुबे के लाते समय रास्ते में भारी बारिश हो रही थी। पुलिस का कहना है कि इसकी वजह से गाड़ी फिसल गई थी। यह हादसा कानपुर के पहले भौती के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, विकास दुबे को लेकर आ रही गाड़ियों में सबसे आगे चल रही एक गाड़ी ने टोल प्लाजा के स्टॉपर पर टक्कर मारी थी। इसके बाद पीछे काफिले में चल रही अन्य गाड़ियों ने अचानक ब्रेक लगाए और पानी बरसने की वजह से स्लीप होने के कारण सभी गाड़ियां असंतुलित होने लगी थीं।
वहीं इस एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, `दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है।`