
नई दिल्ली (शोर संदेश)। श्रीलंका में पेट्रोल का स्टॉक अब केवल एक ही दिन का बचा है। इसकी जानकारी खुद श्रीलंका के पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने दी है। उनका कहना है कि वो डीजल शिपमेंट के लिए कोशिश कर रहे हैं, जिससे लोगों की मुश्किलों को कम किया जा सके। उन्होंने ये भी कहा है कि लोगों की पेरशानी को कम करने के लिए भारत से क्रेडिट लाइन के तहत एक शिपमेंट बुधवार को और दूसरा शिपमेंट 29 मई को श्रीलंका पहुंच जाएगा। इसके लिए सरकार ओपन मार्किट से डॉलर का इंतजाम करने में जुटी है, जिससे इन शिपमेंट की कीमत चुकाई जा सके। श्रीलंका के पीएम ने ट्वीट कर रहा है कि देश का रिवेन्यू 1.6 ट्रिलियन है जबकि सरकार का खर्च 2.4 ट्रिलियन है। वहीं बजट घाटे की बात करें तो ये 2.4 ट्रिलियन है जो देश की जीडीपी का करीब 13 फीसद है। ये राशि श्रीलंकाई मुद्रा के हिसाब से है। उन्होंने देश की हालत को लेकर कई ट्वीट किए हैं। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि आने वाले दो से चार माह में देश की हालत और खराब हो सकती है। लोगों की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि उनकी इच्छा देशवासियों से किसी भी सच को छिपाने की नहीं है। वो देशवासियों को झूठ नहीं बोल सकते हैं। हालात बेहद बुरे हैं और डराने वाले हैं। लेकिन फिलहाल देश की सच्चाई यही है। उन्होंने एक ट्वीट में ये भी कहा है कि पिछले गुरुवार को जब उन्होंने पीए आफिस की जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने लिखा है कि ये जिम्मेदारी उन्होंने केवल एक नेता के तौर पर नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय नेता के तौर पर ली थी, जो कोलंबो यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई को फ्री करना चाहता है। उन्होंने लिखा है कि वो अपनी जिम्मेदारी को निभाएंगे और जो वादा किया है उसको भी पूरा करेंगे। दो दिन पहले किए गए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि काफी कुछ किया गया है और काफी कुछ किया जाना बाकी है। हमें मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर देखना होगा। इन्हें जल्द से जल्द हल किए जाने की जरूरत है। इसी दौरान उन्होंने कहा था कि 16 मई को वो देश के फाइनेंशियल क्राइसिस के बारे में देश को जानकारी देंगे।

लुंबिनी (शोर संदेश)। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल में लुंबिनी पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने उनका स्वागत किया। श्री मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर मायादेवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। दोनों नेताओं के बीच एक बैठक भी हुई। इसमें भारत-नेपाल संबंधों को और मजबूत करने पर विचार विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री ने लुंबिनी मठ में बौद्ध संस्कृति और विरासत के एक केंद्र के शिलान्यास समारोह में भी भाग लिया। इस केन्द्र का निर्माण भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के वित्तीय सहयोग से किया जा रहा है। दुनिया भर के तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक पहलुओं की जानकारी देने वाला यह एक विश्व स्तरीय केन्द्र होगा। यह एक ऐसी इमारत होगी, जिसमें ऊर्जा, पानी और अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस केन्द्र में प्रार्थना कक्ष, ध्यान केंद्र, पुस्तकालय, प्रदर्शनी हॉल, जलपानगृह और अन्य सुविधाएं होंगी। इससे पहले, आज सुबह प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और लुंबिनी के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुए। 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पांचवीं नेपाल यात्रा है और लुंबिनी की पहली। प्रधानमंत्री शाम को कुशीनगर के लिए रवाना होंगे जहां उनका महापरिनिर्वाण स्तूप का दौरा करने का कार्यक्रम है।

किंग्सटन (शोर संदेश)। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जमैका और सेंट विन्सेंट एण्ड ग्रेनाडाइन्स की यात्रा के पहले चरण में सोमवार की सुबह जमैका की राजधानी किंग्सटन पहुंचे। जमैका के गवर्नर जनरल सर पैट्रिक एलन ने उनकी अगवानी की। जमैका आगमन पर राष्ट्रपति का 21 तोपों की सलामी के साथ औपचारिक स्वागत किया गया। श्री कोविंद को गार्ड ऑफ आर्नर भी दिया गया। इस अवसर पर जमैका के प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। स्वागत समारोह के बाद राष्ट्रपति कोविंद होटल के लिए रवाना हो गए। होटल में भारतीय समुदाय के लोगों ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति कोविंद जमैका और सेंट विन्सेंट एण्ड ग्रेनाडाइन्स की राजकीय यात्रा पर हैं। भारत के राष्ट्रपति की इन कैरेबियाई राष्ट्रों की यह पहली यात्रा है। राष्ट्रपति कोविंद जमैका में बुधवार तक रहेंगे और गवर्नर जनरल के साथ शिष्टमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। श्री कोविंद, प्रधानमंत्री एन्ड्रयू होलनैस और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति जमैका की संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। इस वर्ष भारत और जमैका के बीच राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। श्रीलंका में आर्थिक और राजनीतिक संकट के कारण सब कुछ तितर-बितर हो गया है। पिछले कुछ दिनों में सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध अब चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को निवर्तमान प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद देश भर में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया। पीएम के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद गुस्साई भीड़ ने मेदामुलाना, हंबनटोटा में राजपक्षे परिवार के पैतृक घर को आग लगा दी। यही नहीं बेकाबू प्रदर्शनकारियों ने कई नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया, जिसपर अमेरिका की प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका ने सोमवार को कहा कि वह प्रदर्शनकारियों द्वारा मंत्रियों के घरों को जलाने के बाद श्रीलंका में अस्थिर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
पीएम राजपक्षे के इस्तीफे के बाद भारी हिंसा भड़क उठी। इसमें सत्ता पक्ष के सांसद अमरकीर्ति अथुकोराला ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मार ली। हालिया सप्ताहों की इस जबर्दस्त हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हो गए। पूरे श्रीलंका में बुधवार तक कर्फ्यू लगा दिया गया है, इसके बावजूद तनाव कायम है, क्योंकि भारी आर्थिक संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। देश भारी आर्थिक व राजनीतिक संकट में फंस गया है। विपक्ष का आरोप है कि देश का सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवार इस संकट का जिम्मेदार है। श्रीलंका में संकट से राजपक्षे परिवार की छवि बुरी तरह धूमिल हुई है। पीएम के अलावा उनके भाई राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के भी इस्तीफे की मांग उठ रही है।
इन नेताओं के घर प्रदर्शनकारियों ने बोला हमला
देशभर में जगह-जगह पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में कई नेता सोमवार को उग्र भीड़ के गुस्से का शिकार हुए, जिसमें श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के सांसदों बंडुला गुनावर्धने, प्रसन्ना रणतुंगा, चन्ना जयसुमना, कोकिला गुणवर्धना, अरुंडिका फर्नांडो, थिसा कुटियाराची, कनका हेराथ, पवित्रा वन्नियाराची के घरों पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया गया है। वहीं सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका के मोरातुवा मेयर समन लाल फर्नांडो और सांसदों सनथ निशांत, महिपाल हेराथ, थिसा कुट्टियाराची, रमेश पथिराना, और निमल लांजा के आधिकारिक आवासों को भी आग के हवाले कर दिया। इस बात की जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी।
देशभर में बड़ी हिंसा
देशभर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे लोगों का गुस्सा अपने चरम पर पहुंच चुका है जिससे अब रोकना बेहद मुश्किल हो गया है। इंटर-यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स फेडरेशन (आइयूएसएफ) सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिन्होंने श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना के सांसदों पर हमला कर दिया है । सूत्रों के अनुसार, वीरकेतिया प्रदेशीय सभा के अध्यक्ष के आवास पर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और पांच अन्य बुरी तरह से घायल हो गए हैं।

अफगानिस्तान (शोर संदेश)। भूख और आर्थिक बदहाली से तपड़ते अफगानिस्तान में तालिबान ने महिलाओं के लिए नया फरमान जारी किया है और कहा है कि, अफगानिस्तान में रहने वाली औरतों की आंखे भी नहीं दिखनी चाहिए। महिलाओं के अधिकार को कुचलते हुए तालिबान ने शनिवार को एक नया फरमान जारी किया है, जिसमें अफगान महिलाओं को सार्वजनिक रूप से बुर्का पहनने का आदेश दिया गया है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान प्रमुख हैबतुल्लाह अखुंदजादा ने यह फरमान जारी किया है और बाद में तालिबान अधिकारियों ने काबुल में एक समारोह में इसे जारी किया है। तालिबान प्रमुख हैबतुल्लाह अखुंदजादा ने फरमान जारी करते हुए कहा कि, ‘उन्हें चदोरी (सिर से पैर तक बुर्का)’ पहनना होगा, क्योंकि यह पारंपरिक और सम्मानजनक है’। हालांकि यह फरमान नया है और अगस्त में अफगानिस्तान की सत्ता में लौटने के बाद से तालिबान महिलाओं की तमाम आजादियों को छीन चुका है और उन्हें सिर से लेकर पैर तक बुरके में ढंकने के लिए मजबूर कर चुका है। इससे पहले तालिबान की धार्मिक पुलिस ने राजधानी काबुल के चारों ओर पोस्टर लगाकर अफगान महिलाओं को अपने ही घर में छिपकर रहने का आदेश दिया था।
लड़कियों के लिए स्कूल बंद
इसके अलावा, तालिबान ने लड़कियों के लिए सभी माध्यमिक विद्यालयों को बंद करने का भी फैसला लिया है और अफगानिस्तान लड़कियों के लिए सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। तालिबान शासन के इस फैसले की दुनिया भर में निंदा बढ़ गई थी। कई कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों ने तालिबान से लड़कियों के लिए माध्यमिक विद्यालयों पर प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। मनोवैज्ञानिकों ने कहा है कि तालिबान द्वारा स्कूलों में जाने पर प्रतिबंध लगाने वाली छठी कक्षा से ऊपर की अफगान छात्राओं को इस कदम के कारण मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। एचआरडब्ल्यू के अनुसार, महिलाओं और लड़कियों को भी स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंचाने से रोक दिया गया है। रिपोर्टों से पता चलता है कि हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं और लड़कियों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं है।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। एशियन गेम्स 2022 को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। एशिया की ओलंपिक काउंसिल ने इसे वर्ष 2023 तक स्थगित करने का फैसला किया है। Asian Games 2022 का आयोजन 10 से 25 सितंबर के बीच चीन (China) के हांगझोऊ में होना था। कोरोना महामारी और संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इसे स्थगित करने का फैसला किया गया है। गौरतलब है कि, चीन में बीते कुछ समय से कोविड-19 के मामलों में इजाफा हुआ है। इस वजह से कई बड़े आयोजनों को स्थगित करना पड़ा है।
एशिया की ओलंपिक काउंसिल के फैसले के बाद एशियाई खेलों को साल 2023 तक स्थगित किया गया है। हालांकि, कोरोना के मामलों को देखते हुए अभी नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। चीनी मीडिया ने एशियन गेम्स 2022 के स्थगन की खबर की पुष्टि की है। ये अलग बात है कि इसके पीछे की वजह नहीं बताई है।
नई तारीखों की घोषणा बाद में होगी
एशियन गेम्स को 2023 तक के लिए स्थगित किया गया है, हालांकि अभी इसकी नई तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। चीनी स्टेट मीडिया ने एशियन गेम्स 2022 के स्थगित होने की खबर को कन्फर्म किया है। मगर इसके पीछे की वजह की जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

पेइचिंग (शोर संदेश)।चीन की राजधानी पेइचिंग में कोरोना संक्रमण के कारण स्थिति गम्भीर हो गई है। परन्तु, देश के वित्तीय केन्द्र शंघाई में संक्रमण से 39 लोगों की मौत की खबर है। पेइचिंग में कल 21 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। चाओयांग प्रांत में सभी दूतावासों के राजनयिकों और निवासियों को आज से कोविड के परीक्षण कराने को कहा गया है। अधिकारियों ने लोगों से भीड़ से बचने को कहा है। शुक्रवार को स्थानीय मिडिल स्कूल में बारह विद्यार्थियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद कक्षाएं स्थगित कर दी गई थी। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, कल, देश में लगभग 22 हजार लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।

नई दिल्ली (शोर संदेश)।श्रीलंका में जारी आर्थिक व सियासी संकट के बीच राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने नया मंत्रिमंडल गठित किया है। इसमें 17 मंत्री शामिल किए गए हैं। विपक्ष ने मंगलवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। इसके पूर्व उन्होंने नया मंत्रिमंडल बनाकर विपक्ष की चाल को विफल करने का प्रयास किया है। सूत्रों ने बताया कि राजपक्षे ने 17 मंत्रियों को शामिल कर नया मंत्रिमंडल गठित किया है। उल्लेखनीय है कि श्रीलंका इस वक्त आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। राजपक्षे सरकार बड़ी मुसीबत में है। मंगलवार से कोलंबो में संसद का सत्र शुरू होगा। विपक्षी दलों का गठबंधन राजपक्षे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद ने बताया था कि आज नए कैबिनेट की शपथ ली जानी है। राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे और पीएम (महिंदा राजपक्षे) बने रहेंगे। बता दें, बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण पूरे श्रीलंकाई मंत्रिमंडल ने अप्रैल के पहले सप्ताह में इस्तीफा दे दिया। श्रीलंका में एक विपक्षी दल ने अनुभवहीन मंत्रियों के साथ एक नया मंत्रिमंडल नियुक्त करने के राष्ट्रपति के निर्णय का विरोध किया। राष्ट्रपति देश में प्रदर्शनकारियों के दबाव में हैं इसलिए संसद सत्र से पहले नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया है।पिछले संसद सत्र में सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने कहा था, राष्ट्रपति अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले अपने पद से इस्तीफा नहीं देने वाले हैं। श्रीलंका को विदेशी मुद्रा की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इससे खाद्य और ईंधन आयात करने की उसकी क्षमता प्रभावित हुई है। आवश्यक वस्तुओं की कमी ने श्रीलंका को मित्र देशों से सहायता लेने के लिए मजबूर किया। विपक्ष प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उधर, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने राष्ट्र के नाम एक विशेष संबोधन में लोगों से धैर्य रखने और सड़कों पर उतरना बंद करने का अनुरोध किया था।

नई दिल्ली (शोर संदेश) । न्यूयॉर्क में ब्रूकलिन के 36 स्ट्रीट मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक हमलावर ने लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में 13 लोग घायल हो गए। हमले को अंजाम देकर हमलवार फरार हो गया। घटनास्थल की एक तस्वीर में लोगों को स्टेशन के फर्श पर पड़े खून से लथपथ यात्रियों की देखभाल करते हुए दिखाया गया है। शहर के अग्निशमन विभाग ने यहां आवाजाही बंद कर दी है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, कम से कम पांच लोगों को लगभग 5 फीट 5 इंच लंबे और 180 पाउंड के एक व्यक्ति ने गोली मार दी, जो एक गैस मास्क और निर्माण स्थल वाले नारंगी रंग के कपड़े पहने हुए था। वह मौके से फरार हो गया और पकड़ा नहीं गया है।
कई लोग हुए बंदूकधारियों का शिकार हुए
अग्निशमन विभाग का कहना है कि उसने स्टेशन पर धुएं के लिए एक कॉल का जवाब दिया और कई लोगों को बंदूकधारियों का शिकार पाया। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों में लोगों को फर्श पर खून से लथपथ दिखाया गया है और सिटीजन ऐप के फुटेज में घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस अधिकारी नजर आए। सूत्रों ने कहा कि कुछ घायल जान बचाने के लिए दूसरी ट्रेन में कूद गए।
अग्निशमन विभाग ने न्यूयॉर्कवासियों को इस क्षेत्र में जाने से बचने को कहा है साथ ही आपातकालीन वाहनों के आने की सूचना दी। 59 स्ट्रीट से अटलांटिक एवेन्यू तक एन/आर लाइन पर बिजली बंद कर दी गई थी और बी, डी, एफ, एन, क्यू और आर लाइनों पर देरी की सूचना मिली है। डब्ल्यू सेवा बंद है।
न्यूयॉर्क शहर पुलिस विभाग (एनवाईपीडी) ने कहा कि इस समय कोई सक्रिय विस्फोटक उपकरण नहीं हैं। गवाहों को एनवाईपीडी क्राइम स्टॉपर्स को 800577TIPS पर कॉल करने के लिए कहा गया है। कृपया क्षेत्र से दूर रहें। उपलब्ध होने पर अधिक जानकारी दी जाएगी।

कैलिफोर्निया (शोर संदेश) अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित सेक्रामेंटो में रविवार की सुबह हुई गोलीबारी में छह लोगों की मौत हो गई और कम से कम नौ लोग घायल हुए हैं। सेक्रामेंटो पुलिस ने एक ट्वीट में बताया कि पुलिस को गोलीबारी की चपेट में आने वाले 15 लोग मिले हैं इनमें से छह की जान चली गई है। पुलिस के अनुसार यह घटना यहां की 10वीं और जे स्ट्रीट इलाके में हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गोल्डन 1 सेंटर के पास 2 बजे पीटी के आसपास हुई एक शूटिंग में छह लोग मारे गए और 10 घायल हो गए, जहां सैक्रामेंटो किंग्स बास्केटबॉल टीम खेलती है और संगीत कार्यक्रम होता है। पुलिस अभी भी संदिग्धों की तलाश कर रही है, जिसमें कोई हिरासत में नहीं है।