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भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बने मुकेश अम्बानी, जाने दुनिया का सबसे ज्यादा राईस कौन*

23-Jul-2020

रायपुर/मुंबई (शोर सन्देश)  रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की संपत्ति में एक बार फिर इजाफा हुआ है और वह दुनिया के 5वें सबसे रईस कारोबारी बन गए हैं। फोर्ब्स की रियल टाइम नेटवर्थ के मुताबिक मुकेश अंबानी 75 अरब डॉलर (करीब 5.57 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ पांचवें पायदान पर हैं।
संपत्ति के मामले में मुकेश अंबानी अब फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग (89 अरब डॉलर) के करीब गए हैं। हालांकि, दोनों की संपत्ति में अब भी काफी अंतर है। आपको बता दें कि फोर्ब्स अरबपतियों की संपत्ति का आंकलन करता है। दुनियाभर में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव की वजह से फोर्ब्स का आंकड़ा बदलता रहता है।
फिलहाल, फोर्ब्स की सूची में पहले स्थान पर 185.8 अरब डॉलर के साथ अमेजन के जेफ बेजोस हैं। वहीं बिल गेट्स (113.1 अरब डॉलर), एलवीएमएच के बर्नार्ड अर्नोल्ट एंड फैमिली (112 अरब डॉलर), फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग (89 अरब डॉलर) के साथ क्रमश: दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। वहीं 5वें स्थान पर मुकेश अंबानी तो बर्कशायर हैथवे के वारेन बफे 72.7 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ छठे स्थान पर हैं।
फिलहाल, फोर्ब्स की सूची में पहले स्थान पर 185.8 अरब डॉलर के साथ अमेजन के जेफ बेजोस हैं। वहीं बिल गेट्स (113.1 अरब डॉलर), एलवीएमएच के बर्नार्ड अर्नोल्ट एंड फैमिली (112 अरब डॉलर), फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग (89 अरब डॉलर) के साथ क्रमश: दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। वहीं 5वें स्थान पर मुकेश अंबानी तो बर्कशायर हैथवे के वारेन बफे 72.7 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ छठे स्थान पर हैं


बैंक कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, वेतन में होगी बढ़ोत्तरी, जानिए किसे कितना होगा फायदा*

23-Jul-2020

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश)  बैंकर्स को अब बढ़े हुए वेतन का फायदा मिलेगा। इंडियन बैंक एसोसिएशन 2017 से 2022 के बीच पांच साल की अवधि के लिए 15 फीसद वेतन बिल वृद्धि पर सहमत हो गया है। मुंबई में भारतीय स्टेट बैंक के मुख्यालय में एक बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। वेतन लागत में 15 फीसद की बढ़ोतरी से बैंकिंग उद्योग के लिए सालाना 7,900 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। यूएफबीयू संयोजक सी एच वेंकटाचलम के नेतृत्व में राज किरण राय और बैंक कर्मचारी यूनियन प्रतिनिधियों की अगुवाई वाले आईबीए प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। वेंकटचलम ने कहा कि वेतन में संशोधन से 35 बैंकों के कर्मचारी इसका फायदा ले सकेंगे। आईबीए और ट्रेड यूनियन के बीच प्रत्येक पांच वर्षों में एक बार सदस्य बैंकों में 8 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों के वेतन पर बातचीत होती है। दोनों के बीच लंबे समय तक देरी के बाद मूल रूप से 2017 के नवंबर में होने वाले संशोधन पर आम सहमति बनी। 2012 में आईबीए ने कर्मचारियों के वेतन में 15 फीसद की बढ़ोतरी की थी। इस बार (2017-2022), यूनियनों ने मूल रूप से 20 फीसद बढ़ोतरी की मांग की थी जबकि आईबीए ने शुरू में 12.25 फीसद की पेशकश की थी।
बता दें कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के बीच वेतन असमानता एक दीर्घकालिक समस्या है, इससे शीर्ष केंद्रीय बैंकरों के बीच बहस शुरू हो गई है। लेकिन, सरकार ने मामूली बदलावों को छोड़कर अब तक वेतन संरचना में सुधार के लिए काम नहीं किया है। अगस्त 2016 में आरबीआई के पूर्व गवर्नर, रघुराम राजन ने इस विषय पर एक बहस छेड़ी थी, जब उन्होंने कहा था कि आरबीआई सहित पीएसबी के शीर्ष स्तर के कर्मचारियों का वेतन वैश्विक मानकों से कम है।


मंत्री की रिपोर्ट आई कोरोना संक्रमित, मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्री क्वारण्टीन*

23-Jul-2020

भोपाल (शोर सन्देश) मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री अरविंद भदौरिया की रिपोर्ट आज कोरोना संक्रमित आई है। रिपोर्ट आने के बाद मंत्री भदौरिया निजी अस्पताल में भर्ती हो गए है। बुधवार को वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ हुई कैबिनेट की बैठक में भी शामिल हुए थे। इसके पहले उन्होंने कार्कर्ताओं से मुलाकात की थी। कोरोना का लक्षण नहीं होने के बावजूद कैबिनेट मंत्री अरविंद भदौरिया की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित आई है। रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कैबिनेट की बैठक में शामिल सभी मंत्री क्वारंटीन हो सकते हैं। वहीं मंत्री में कोरोना संक्रमण के श्रोत की पड़ताल की जा रही है।


बाल गंगाधर तिलक, शहीद चन्द्रशेखर आजाद को प्रधानमंत्री, गृह मंत्री ने किया याद, पढ़ें क्या कहा*

23-Jul-2020

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश)  भारतीय इतिहास के दो वीर सपूत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और शहीद चन्द्रशेखर आजाद की आज जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें याद किया है। बता दें, बाल गंगाधर तिलक का 23 जुलाई 1856 में हुआ था और चन्द्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 में हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, `भारत मां के दो वीर सपूत लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन।वहीं, अमित शाह ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को लेकर कहा, `लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने अपने विचारों से स्वाधीनता के लिए संघर्ष कर रहे भारत को नयी दिशा प्रदान की। उन्होंने `स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा` का नारा देकर भारत के जन-जन को स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ा, जो धीरे-धीरे पूरे भारत की सोच बन गया।उन्होंने आगे कहा, `लोकमान्य तिलक ने स्वदेशी का उपयोग, शिक्षा और स्वराज जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आधार बनाया। उनका आदर्शपूर्ण जीवन, संघर्ष और देशप्रेम आज भी सभी भारतीयों के मन में राष्ट्रवाद की भावना जागृत करता है। ऐसे स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।अमित शाह ने चन्द्रशेखर आजाद को याद करते हुए लिखा, `महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का नाम बहादुरी, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का पर्याय है। उनके हृदय में देश मातृभूमि के लिए इतना प्रेम था कि उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही अंग्रेज़ों के विरुद्ध लोहा लेना शुरू किया और फिर अपना सम्पूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया।उन्होंने आगे लिखा, `चंद्रशेखर आजाद से अंग्रेजी हुकूमत थर-थर कांपती थी, उन्होंने कहा था कि `मैं आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा` और वो सच में अपनी अंतिम सांसों तक आज़ाद रहे। उनके राष्ट्रप्रेम ने देश के लाखों युवाओं के हृदय में स्वाधीनता की लौ जलाई। ऐसे अमर बलिदानी के चरणों में कोटि-कोटि वंदन।`


अब बाईक की सवारी के लिए हैंडल लगाना अनिवार्य*

22-Jul-2020

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत सरकार ने वाहनों को सुरक्षित बनाने के लिए एक नई अधिसूचना जारी करके मोटरसाइकिलों पर पिछली सवारी के लिए दोनों तरफ पायदान लगाने का नियम लागू किया है। इसके अलावा मोटरसाइकिल के बायीं तरफ पहिए के आधे या अधिक हिस्से में ऐसा सुरक्षा उपकरण लगाने कहा है कि ताकि पिछली सवारी के कपड़े पहियों में उलझे। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए चालक की सीट के पीछे हाथ से पकडऩे का हैंडल लगाने को कहा गया है।


उपराष्ट्रपति ने कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में लोगों के साथ साझेदारी करने के लिए की मीडिया की सराहना*

20-Jul-2020

00 कहा, खुद के प्रभावित होने के बावजूद, मीडिया ने सूचना एवं दृष्टिकोणों के साथ लोगों को सशक्त बनाने का मिशन आगे बढ़ाया

00 स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर बताने के द्वारा लोगों में दहशत फैलाने के खिलाफ सावधान किया
00 उपराष्ट्रपति ने कहा, महामारी से निपटने की संसदीय जांच प्रगति पर है
नई दिल्ली (शोर सन्देश) उपराष्ट्रपति एवं राज्य सभा के सभापति एम. वेंकैया नायडु ने कोरोना वायरस एवं कोविड-19 महामारी के प्रकोप के विभिन्न पहलुओं के बारे में आवश्यक सूचना, विश्लेषण एवं दृष्टिकोणों के साथ लोगों को सशक्त बनाने के लिए तथा वर्तमान में जारी इस रोग के खिलाफ लड़ने में चिंतित लोगों के साथ साझीदारी करने के लिए मीडिया की सराहना की है। उन्होंने व्यापक जागरूकता के लिए महामारी के बारे में जानकारी देने में जमीनी स्तर पर काम कर रहे मीडिया के लोगों के समर्पित प्रयासों के लिए उन्हेंअग्रिम पंक्ति का योद्धाबताया। मीडिया: आवर पार्टनर इन कोरोना टाइम्सशीर्षक के अपने फेसबुक पोस्ट में नायडु ने विस्तार से पिछले कुछ महीनो के दौरान, जबसे इस वायरस का प्रकोप हुआ है, मीडिया तथा मीडिया से जुड़े व्यक्तियों को प्रभावी तरीके से सूचना देने, शिक्षित करने एवं महामारी से निपटने में लोगों को सशक्त बनाने के अपने मूल दायित्वों का निर्वहन करने तथा एक विश्वस्त साझेदार की तरह संकट के दौरान हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने के लिए मीडिया की भूमिका की चर्चा की।उन्होंने कहा कि जब लोग विपत्ति में फंसते हैं तो वे इसके कारणों एवं परिणामों, इसकी अवधि तथा इससे निपटने के तरीकों के बारे में जानकारी की तलाश करते हैं और यह जिम्मदारी केंद्र, राज्य सरकारों तथा मीडिया की हो जाती है कि वे लोगों को इसी के अनुरूप उचित जानकारी से लैस करें । उपराष्ट्रपति ने नोट किया कि वायरस के प्रसार एवं रोग से लड़ने के खिलाफ सूचित कार्रवाई करने के लिए लोगों को सशक्त बनाने की बेहद आवश्यक माध्यम बनने के अतिरिक्त, मीडिया ने तैयारी पर नियमित संवाद के लिए लोगों तथा सरकार के बीच सेतु बनने के द्वारा महामारी के संभावित इतिहासकारों के उपयोग के लिए महामारी के क्रमिक इतिहासकार की भी भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया ने महामारी के विभिन्न पहलुओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों पर इसके प्रभावों के बारे में विश्लेषणात्मक अंतर्दृष्टियों के साथ संसदीय संस्थानों में बहसों के लिए भी एजेंडा निर्धारित किया है। उन्होंने मास्क पहनने, सोशल डिस्टैसिंग, हाथों को बार बार धोने, स्वस्थ भेजन करने, नियमित व्यायाम करने, अध्यात्मिक अनुकूलन आदि जैसे बचाव संबंधी उपायों को बढ़ावा देने के लिए मीडिया द्वारा शुरू किए गए विशेष संवाद अभियानों को भी संदर्भित किया। नायडु ने खुद के प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने के बावजूद, सूचना एवं दृष्टिकोणों के साथ लोगों को सूचित करने के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए मीडिया की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘ प्रतिबंधों के कारण, अर्थव्यवस्था के सिकुड़ने के कारण, विज्ञापन के राजस्व सूख गए हैं। परिचालनों की मात्रा को समायोजित किया गया तथा बड़ी संख्या में मीडिया से जुड़े व्यक्तियों के वेतन में कटौती हुई। लेकिन, कुल मिलाकर, मीडिया ने लोगों को अधिकारसंपन्न बनाने का मिशन उस वक्त जारी रखा, जब इसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी।उन्होंने प्रिंट मीडिया की उस विशिष्ट समस्या का भी उल्लेख किया जब उसकी हार्ड कॉपी को वितरित नहीं किया जा सका क्योंकि उन्हें वायरस को प्रसारित करने वाले के रूप में दर्शाया गया।
प्रिंट मीडिया के बारे में नायडु ने कहा किमैं प्रिंट मीडिया का अधिक निकटता से अनुसरण करता हूं। कोरोना वायरस तथा महामारी के फैलने के लिए जितनी जगह इसमें उपलब्ध कराई गई, यह यु़द्ध के समय की रिपोर्टिंग से भी अधिक थी। नवोन्मेषी उत्पाद स्थानों को लागू किया गया है और सूचना के भूखे पाठकों को लगातार जानकारी प्रदान की जाती रही। रोग एवं इसके प्रभाव के विभिन्न पहलुओं का व्यापक विश्लेषण अभी भी मिशन मोड में जारी है। ‘ बहरहाल, नायडु ने टेलीविजन के कुछ वर्गों के संबंध में सावधानी बरतने की सलाह दी और नोट किया कि उन्हें इससे बचना चाहिए था और अब के बाद भी स्थिति को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि दहशत फैलाने से पहले से ही चिंतित लोगों के दिमाग और भी अस्थिर हो जाएंगे। उन्होंने इंटरनेट का उपयोग करने वालों से आग्रह किया कि वे वायरस, रोग एवं इसके उपचार के बारे में केवल प्रमाणित सूचना का ही प्रसार करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करें बजाये भ्रामक काल्पनिक खबरों को प्रचारित करने के।
उन्होंने नोट किया कि मास्क पहने हुए रिपोर्टरों ने अपने घरों को लौट रहे प्रवासी मजदूरों की कठिनाइयों की जमीनी हकीकत को उजागर किया और इस प्रक्रिया में उनमें से कुछ को संक्रमण भी हो गया तथा उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा। मीडिया से जुड़े लोगों को महामारी की जानकारी देने में उनके समर्पण के लिएअग्रिम पंक्ति का योद्धाकरार देते हुए, श्री नायडु ने ऐसे बहादुर मीडियाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके शोकसंतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट की। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मीडिया द्वारा निभाई गई सक्रिय एवं मिशनरी भूमिका के बिना, महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक शून्यता रही होती। मीडिया की एजेंडा निर्धारित करने वाली भूमिका के बारे में श्री नायडु ने कहा किमहामारी के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करने एवं तथ्यात्मक तथा विश्लेषणात्मक तरीके से इसका दस्तावेजीकरण करने के द्वारा मीडिया ने हमारे संसदीय संस्थानों में महामारी के प्रबंधन पर बहसों एवं चर्चाओं के लिए एजेंडा निर्धारित किया है। मीडिया रिपोर्ट संगत मुद्वों को उठाने के लिए संदर्भ के प्रमुख स्रोत होंगे।मीडिया में कुछ टिप्पणियों की ओर इंगित करते हुए उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने की संसदीय जांच प्रगति पर है।
नायडु ने कहा किघरेलू हवाई यात्रा पर प्रतिबंधों में ढील देने एवं रेल यात्रा पर कुछ कम मात्रा में ढील देने के साथ, दोनों सदनों की विभाग संबंधित स्थायी समितियों ने इस महीने अपनी बैठक फिर से आरंभ कर दी है। उन्होंने महामारी के प्रबंधन एवं परिणाम के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। वास्तव में, इसका अर्थ यह हुआ कि महामारी से निपटने की आवश्यक संसदीय जांच देश के शीर्ष व्यवस्थापिका संभा की अंतिम बैठक से लगभग साढ़े तीन महीने में आरंभ हो गई। देश में व्याप्त स्थिति को देखते हुए कोई भी छोटी समय अवधि संभव नहीं हो सकती थी।
( गृह सचिव द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने पर गृह मामले की समिति ने इस हफ्ते महामारी के प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। गृह मंत्रालय महामारी से निपटने के लिए नोडल मंत्रालय है। पिछले सप्ताह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समिति ने महामारी के परिप्रेक्ष्य में अनुसंधान एवं वैज्ञानिक तैयारी की समीक्षा की। प्रत्येक बैठक तीन घंटे से अधिक चली।)
नायडु ने बताया कि संसद के पिछले बजट सत्र को अपने कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही 23 मार्च को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर देना पड़ा था क्योंकि सांसद संकट की इस घड़ी में लोगों के साथ रहना चाहते थे और संसद की अंतिम बैठक को पिछली बैठक के छह महीने के भीतर आयोजित करने की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि वह और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला अभी तक कई बार कोरोना प्रेरित सोशल डिस्टैंसिंग के परिप्रेक्ष्य में संसदीय समितियों की बैठकों तथा संसद के मानसून सत्र की बैठकों को सक्षम बनाने पर चर्चा कर चुके हैं क्योंकि सीटिंग की लाजिस्टिक्स और कार्यवाहियों में सांसदों की सहभागिता के लिए विस्तृत विचार विमर्श एवं योजना निर्माण की आवश्यकता होती है।
नायडु ने यह भी कहा कि सरकार ने अभी हाल में संसद के मानसून सत्र के आयोजन पर दोनों पीठासीन अधिकारियों से संपर्क किया है।


महानायक अमिताभ के हालत में सुधार, जानें कितने दिन और अस्पताल में रहना होगा*

14-Jul-2020

मुंबई (शोर सन्देश) महानायक अमिताभ बच्चन की हालत में सुधार देखने को मिल रहा है। उनके बेटे अभिषेक बच्चन मुंबई के नानावटी हॉस्पिटल में हैं। इस बीच उनकी हेल्थ को लेकर खबर आई है। कहा जा रहा है कि डॉक्टर्स ने अमिताभ और अभिषेक बच्चन को कम से कम 7 दिन हॉस्पिटल में रहने की सलाह दी है. बता दें कि 11 जुलाई को अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन ने ट्विटर के जरिए ऐलान किया था कि वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. दोनों का नानावटी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, `दोनों की हेल्थ स्टेबल है, दोनों कि हालत में तेजी से सुधार हो रहा है. दवाओं का तेजी से असर हो रहा है। हालांकि, उन्हें इलाज के लिए कम से कम 7 दिन हॉस्पिटल में रहना होगा।


CBSE 12वीं के रिजल्ट हुए जारी, लड़कियों ने फिर लड़को से मारी बाज़ी*

13-Jul-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) सीबीएसई ने 12वीं के रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। 12वीं के परिणाम CBSE Results पर देखा जा सकता है। बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस साल 88.78% छात्रों ने 12वीं सीबीएसई परीक्षा उत्तीर्ण की। इस साल परीक्षा में त्रिवेंद्रम, बेंगलुरु और चेन्नई प्रदर्शन के मामले में टॉप थ्री रहे हैं। इस साल जहां दिल्ली जोन में 94.39% परिणाम आया है, वहीं लड़कियों का प्रतिशत 92.15 प्रतिशत रहा। बता दें कि इस साल लड़कियों ने लड़कों से 5.96% बेहतर प्रदर्शन किया है।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट करते हुए सभी बच्चो को बधाई दी है। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा है कि सभी लोगों की मेहनत से रिजल्ट घोषित हो पाया है।


बिना मास्क लगाए घूम रहे मंत्री के बेटे को महिला पुलिस कर्मी ने रोका, मंत्री पुत्र ने दी धमकी तो महिला कांस्टेबल बोली-वर्दी तुम्हारे बाप की ग़ुलामी की लिए नहीं पहनी *

13-Jul-2020

अहमदाबाद (शोर सन्देश) गुजरात के सूरत शहर में लॉकडाउन व् नाईट कर्फ्यू के उल्लंघन में और महिला पुलिस कर्मी से विवाद के आरोप में गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री किशोर कानाणी के बेटे प्रकाश कानाणी समेत तीन लोगो को गिरफ्तार कर लिया गया। हांलाकि तीनो को कुछ देर बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिफ्रतार किया।
दूसरी तरफ ये चर्चा जोरो पर है कि महिला पुलिस कर्मी ने इस्तीफा दे दिया है पर सीएसपी सीके पटेल का कहना है की महिला पुलिस कर्मी अवकाश पर चली गयी है।
पुलिस के अनुसार स्वास्थ्यमंत्री का बीटा और अन्य बिना मास्क के घूम रहे थे और जब महिला पुलिस कर्मी सुनीता यादव ने उन्हें रोका तो प्रकाश ने अपने पिता से बात करवानी चाही पर महिला सिपाही सुनीता यादव नहीं मानी। आरोपियों ने महिला पुलिस कर्मी की अपमान करने की कोशिश की जिसका वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो गया


अच्छी खबर : आ ही गई कोरोना वैक्सीन, यहां सफल हुआ इंसानी परीक्षण*

13-Jul-2020

नई दिल्ली/मास्को (शोर सन्देश) रूस की सेचेनोव यूनिवर्सिटी में रविवार को दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा हुआ। ट्रांसलेशनल मेडिसिन एंड बायोटेक्नोलॉजी वुतिम तारासोव संस्थान के निदेशक ने बताया कि जिन लोगों पर इस वैक्सीन का परीक्षण किया गया है, उनमें से पहले समूह को बुधवार को तथा दूसरे समूह को 20 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। संस्थान के निदेशक ने कहा, `सेचेनोव यूनिवर्सिटी ने स्वयंसेवियों पर विश्व की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन का सफलता पूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया है।` रूस के ` गैमली इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी` द्वारा विकसित की गई वैक्सीन के चिकित्सकीय परीक्षण की शुरुआत 18 जून से शुरू हुई थी। सेचेनोव विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान, उष्णकटिबंधीय एवं संक्रमण जनित रोग संस्थान के निदेशक अलेक्जेंडर लुकाशेव ने बताया कि इस ट्रायल का मकसद यह पता लगाना है कि क्या यह वैक्सिन मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है और इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्होंने, कहा कि वैक्सीन के सुरक्षित होने की पुष्टि हो चुकी है और यह मौजूदा समय में बाजार में उपलब्ध टीकों के समान सुरक्षित है।
लुकाशेव ने कहा कि आगे की वैक्सीन विकास योजना पर पहले से ही उत्पादन रणनीति निर्धारित की जा रही है, जिसमें वायरस के साथ महामारी विज्ञान की स्थिति और बड़े स्तर पर उत्पादन करने की संभावना शामिल है। तारासोव ने कहा कि महामारी की स्थिति में सेचेनोव विश्वविद्यालय ने केवल एक शैक्षणिक संस्थान के रूप में बल्कि एक वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान केंद्र के रूप में भी काम किया है जो ड्रग्स जैसे महत्वपूर्ण और जटिल उत्पादों के निर्माण में भाग लेने में सक्षम है, हमने इस टीके के साथ काम करना शुरू किया, प्रीक्लिनिकल स्टडीज और प्रोटोकॉल डेवलपमेंट, और क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं।
00 रूस में कोरोना के एक दिन में रिकॉर्ड 6615 मामले :
रूस में रविवार को पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस (कोविड 19) संक्रमण के एक दिन में रिकॉर्ड 6615 मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस रिस्पांस सेंटर के मुताबिक नए मामले 83 क्षेत्रों से आए हैं और इनमें 1491 मरीजों को कोरोना के लक्षण नहीं है। इन मामलों के साथ देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 7,27,162 हो गई है। वहीं, दुनिया भर में कोरोना की महामारी से प्रभावित देशों की सूची में रूस चौथे स्थान पर हैं। यहां इस बीमारी से अब तक 11,335 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।




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