
लखनऊ (शोर सन्देश)। प्रदेश के बागपत में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की बदमाशों ने गोली मारकर की हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि संजय खोखर मॉर्निंग वॉक पर अपने खेत के लिए निकले थे। उसी दौरान बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बागपत के पूर्व बीजेपी जिला अध्यक्ष संजय खोखर की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस मामले में उन्होंने संजय खोखर के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है, साथ ही मुख्यमंत्री ने इस मामले में जांच कर दोषियों के विरुद्ध 24 घंटे में विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस मामले में जवाबदेही भी तय की जाए. इस घटना से उनके परिजन सकते में हैं। बताया जा रहा है कि संजय खोखर मंगलवार सुबह अकेले टहलने के लिए घर से निकले थे। उसी दौरान हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। वहीं बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने रविवार को राजधानी लखनऊ में 50 हजार का इनामी बदमाश राकेश पांडे जिसका दूसरा नाम हनुमान पांडे भी है को एक एनकाउंटर में मार गिराया था। गौरतलब है कि राकेश पांडे 2005 में बीजेपी के विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी था। राकेश पांडे उर्फ हनुमान पांडे जो मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी का बेहद करीबी भी बताया जाता जिसे उसे एसटीएफ ने लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में मार गिराया था। बता दें कि भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में पिछले साल दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत ने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

न्यूयॉर्क(शोर सन्देश)। अमेरिका में रहने भारतीयों के लिए यह स्वतंत्रता दिवस एक गौरवशाली पल लेकर आ रहा है। अमेरिका के एक प्रमुख समूह ने आने वाले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराने की घोषणा की है। ऐसा पहली बार होगा जब न्यूयॉर्क शहर के इस खास स्थान पर तिरंगा फहराया जाएगा। तीन राज्यों न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी कनेक्टिकट के फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन ने बताया कि टाइम्स स्क्वायर पर पहली बार तिरंगा फहराकर 15 अगस्त 2020 को इतिहास रचा जाएगा। टाइम्स स्क्वायर ध्वज फहराना समारोह भारतीय अमेरिकी समुदाय की बढ़ती देशभक्ति का एक वसीयतनामा है फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन के लिए गौरवशाली लम्हा भी है क्योंकि इस साल एफआईए गोल्डन जुबली मना रहा है। इसकी की स्थापना 1970 में हुई थी। आज ये विदेश में भारतीय समुदाय की सबसे बड़ी संस्था में से एक बन गया है। 1981 से एफआईए वार्षिक इंडियन डे परेड आयोजित करता आ रहा है, जिसमें भारत का गौरवशाली इतिहास दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाता है। जानकारी के मुताबिक एम्पायर स्टेट बिल्डिंग को 14 अगस्त से ही तिरंगे की रोशनी से सजा दिया जाएगा। संगठन ने कहा कि भारत-अमेरिका के मजबूत होते रिश्ते की झलक 15 अगस्त को टाइम्स स्क्वायर से पूरी दुनिया देखेगी। भारतीय-अमेरिकी कम्युनिटी के लिए ये काफी गौरवशाली पल होगा। एफआईए कई संगठनों का एक समूह है जो कि भारतीयों के हितों के लिए दुनिया भर में काम करता है। संगठन के चेयरमैन अंकुर वैद्य ने बताया कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय कोरोना वायरस से काफी प्रभावित हुआ है इस तरह के कार्यक्रम ऐसे समु में हौसला बढ़ाने का काम करते हैं।

नई दिल्ली/मॉस्को (शोर सन्देश)। दुनियाभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसकी वैक्सीन बनाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक पूरी कोशिश में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक किसी को भी सफलता नहीं मिल पाई है। हालांकि रूस इस मामले में दुनिया के बाकी देशों से बाजी मार सकता है। रूस कोरोना वायरस के खातमे के लिए प्रभावी वैक्सीन लॉन्च करने वाला दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है। ये कोविड-19 वैक्सीन मॉस्को के `गैमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी` में तैयार की गई है। रूस ने दावा किया है कि वह 12 अगस्त को इस वैक्सीन को रजिस्टर कराने जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस में ऐसा सुझाव दिया गया है कि गैमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग सहित अन्य शोधकर्ता पहले अपने ऊपर ही वैक्सीन का परीक्षण करेंगे। अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग का कहना है कि वैक्सीन का मानवों पर परीक्षण करने से पहले शोधकर्ताओं पर परीक्षण करना विवाद को जन्म दे रहा है। हालांकि उनके इस बयान की रशियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएशन (RACRA) ने निंदा की है। एसोसिएशन का कहना है कि ये `क्लिनिकल रिसर्च, रूसी कानून और सार्वभौमिक रूप से स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।` वैक्सीन ने सभी परीक्षणों को पूरा कर लिया है और रूसी अधिकारियों ने इसे उपयोग के लिए एकदम ठीक बताया है। रूस ने योजना बनाई है कि वह इसी हफ्ते वैक्सीन को लॉन्च कर देगा। इसके साथ ही खबर ये भी है कि वह वैक्सीन का निर्माण शुरू होने से पहले इसे फ्रंटलाइन वर्कर्स को दे सकता है क्योंकि उन्हें संक्रमित लोगों के बीच में ही काम करना है। आपको बता दें किसी भी वैक्सीन को आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तभी मंजूरी मिलती है, जब वो मानव परीक्षण के तीन चरणों को पूरा कर लेती है। सामान्य परिस्थितियों में किसी वैक्सीन के मानव परीक्षण के पहले चरण में ही कई महीनों का वक्त लग जाता है। हालांकि रूस के मामले में ऐसा माना जा रहा है कि वो इस वैक्सीन के सभी चरणों को पूरा कर चुका है। जिसके चलते वैक्सीन आम लोगों के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से तैयार है।

लखनऊ (शोर सन्देश)। उत्तर प्रदेश में 2022 का विधानसभा चुनाव `समाजवादी सरकार का काम जनता के नाम` के नारे के साथ लड़ने का ऐलान करते हुये समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि 2022 में परिवर्तन के लिए खुद से ही हर समाजवादी कार्यकर्ता को पहल करनी होगी। अगस्त क्रांति की समाजवादी दिशा-बाइस में बाइसिकल` पत्र को डिजिटली जारी करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि 2022 में परिवर्तन के लिए खुद से ही हर समाजवादी कार्यकर्ता को पहल करनी होगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से 2022 के लिए अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं रखने और लोकतंत्र को बचाने के सघन अभियान में सभी की एकजुटता और निष्ठा के साथ अनवरत सक्रियता की अपेक्षा की। सपा अध्यक्ष ने कहा कि नौ अगस्त 1942 को गांधी जी के आव्हान पर अंग्रेजों भारत छोड़ों आंदोलन की शुरूआत हुई थी। 8 अगस्त 1942 को रात में भारत छोड़ों प्रस्ताव पारित हुआ था। गांधी जी ने इस मौके पर करो या मरो का मंत्र दिया।

अटलांटा (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में अमेरिका भी शामिल है। अब वहां स्कूली बच्चों पर भी इस जानलेवा महामारी के कहर का असर नजर आ रहा है। अमेरिका के जॉर्जिया जिले में स्कूल खुलने के महज एक हफ्ते के भीतर 250 से अधिक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अटलांटा के चेरोकी काउंटी स्कूल ने अपनी वेबसाइट पर कोरोना वायरस के इन मामलों की जानकारी दी है। शुक्रवार तक पहली से 12वीं कक्षा तक के 11 छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए थे। संक्रमितों की संख्या स्कूल में बढ़कर 250 तक पहुंच गई। इसके बाद एहतियातन स्कूल के ऐसे छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को 14 दिनों के लिए आइसोलेशन में भेज दिया गया है। छात्रों को इस दौरान ऑनलाइन निर्देश दिए जाएंगे। एलेक्स डेबर्ड नाम के शख्स ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनका बेटा दो सप्ताह के लिए उनसे अलग हो गया। उन्होंने कहा कि बचपन में शिक्षा की शुरुआत के दौरान ही उसे दूर कर देना उसके लिए निराशाजनक है। उस बच्चे ने सोमवार को स्कूल जाना शुरू किया था और पॉजिटिव पाए जाने के बाद बुधवार को ही उसे घर भेज दिया गया। जिस जिले में स्कूली छात्र और शिक्षक संक्रमित पाए गए हैं वहां करीब 40 स्कूल और स्टडी सेंटर्स हैं। इन स्कूलों में 42 हजार 200 छात्र और करीब 4800 कर्मचारी काम करते हैं। स्कूल के अधीक्षक ब्रायन हॉइटवर ने शुक्रवार को परिवारों को लिखे एक पत्र में कहा, छात्रों और कर्मचारियों का हर दिन कोरोना टेस्ट किया जाएगा क्योंकि हम एक महामारी के दौरान स्कूलों का संचालन कर रहे हैं।” उन्होंने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अतिरिक्त उपाय करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान को अब इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी के रहनुमा सऊदी अरब ने तगड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब ने इमरान खान सरकार द्वारा कश्मीर मुद्दे पर इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी) को बांटने की धमकी देने के बाद पाकिस्तान के लिए ऋण पर तेल की सहूलियत को रोक दिया है। अक्टूबर 2018 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तीन साल के लिए 6.2 अरब डॉलर का वित्तीय पैकेज देने का ऐलान किया था। इसमें तीन अरब डॉलर की नकद सहायता शामिल थी, जबकि बाकी रकम के एवज में पाकिस्तान को तेल गैस की सप्लाई की जानी थी। 00 पाकिस्तान के बर्ताव पर सऊदी को आया गुस्सा :
एक गंभीर आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान ने सऊदी अरब से ऋण लिया था। पाकिस्तान के हालिया बर्ताव के कारण सऊदी ने अपने वित्तीय समर्थन को वापस ले लिया है। पाकिस्तानी मीडिया ने शनिवार को कहा कि इस्लामाबाद के लिए प्रावधान दो महीने पहले समाप्त हो गया है इसे रियाद द्वारा रिन्यू नहीं किया गया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पेट्रोलियम डिवीजन के प्रवक्ता साजिद काजी के हवाले से कहा कि इस्लामाबाद ने समय से चार महीने पहले ही एक अरब डॉलर का सऊदी का ऋण लौटा दिया है। 00 पाक के विदेश मंत्री ने दी थी आईओसी को बांटने की धमकी :
हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने धमकी दी थी कि अगर सऊदी अरब के नेतृत्व वाले ओआईसी ने कश्मीर मुद्दे पर मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक नहीं बुलाई, तो प्रधानमंत्री इमरान खान अपने सहयोगी इस्लामी देशों के बीच बैठक करेंगे, जो इस मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दे सकें। कुरैशी ने कहा, मैं एक बार फिर से पूरे सम्मान के साथ ओआईसी से कहना चाहता हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक हमारी अपेक्षा है। यदि आप इसे बुला नहीं सकते हैं तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से यह कहने के लिए बाध्य हो जाऊंगा कि वह ऐसे इस्लामिक देशों की बैठक बुलाएं जो कश्मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं। 00 सउदी अरब पाकिस्तान की कश्मीर पर तोतारटंत पर नहीं दे रहा ध्यान :
विश्व में इस्लामी देशों के सबसे बड़े संगठन ओआईसी से पाकिस्तान कई बार गुजारिश कर चुका है कि वह कश्मीर मुद्दे पर एक बैठक आयोजित करे, मगर संगठन ने हर बार उसकी अपील को दरकिनार किया है। यही वजह है कि पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। दरअसल ओआईसी में किसी भी कदम के लिए सऊदी अरब का साथ सबसे ज्यादा जरूरी होता है। ओआईसी पर सऊदी अरब उसके सहयोगी देशों का दबदबा है। कश्मीर पर सऊदी अरब के कदम नहीं उठाने से पाकिस्तान की कुंठा बढ़ती ही जा रही है।
00 कश्मीर मसले पर बौखलाया है पाकिस्तान : पिछले साल अगस्त में भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर दो हिस्सों लद्दाख व जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर बांट दिया गया। पाकिस्तान भारत के इस कदम का विरोध कर रहा है इमरान खान सरकार इस मुद्दे पर 57 सदस्यीय ओआईसी का समर्थन मांग रही है। यह अलग बात है कि सऊदी अरब अपनी भारत से दोस्ती की खातिर पाकिस्तान की इस मांग पर कान तक नहीं दे रहा है।

विजयवाड़ा (शोर सन्देश)। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के एक कोविड केयर सेंटर में आग का तांडव देखने को मिला है। आग से 7 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 30 लोगों को बचाया गया है। कोविड केयर सेंटर में सुबह 5 बजे आग लगी थी। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पान लिया है। बताया जा रहा है कि जिसमें आग लगी है वह एक होटल है। इस होटल को प्रशासन ने कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। विजयवाड़ा स्वर्ण पैलेस होटल को कोविड केयर सेटर बनाया गया था। खबरों के मुताबिक, इस कोविड केयर सेंटर में 50 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। रविवार सुबह करीब 5 बजे अचानक कोविड केयर सेंटर में आग लग गई। कोविड केयर सेंटर में आग लगने के बाद हड़कंप मच गया। जांच बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते दिखे। बताया जा रहा है कि जान बचाने के लिए कई लोग ऊपर से कूद गए, वे भी बुरी तरह घायल हुए हैं।
आग की सूचना पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का कार्य शुरू किया। कोविड सेंटर में आग की घटना पर कलेक्टर ने कहा, `सुबह करीब 5 बजे हादसा हुआ। करीब 22 मरीजों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है, उनका इलाज चल रहा है। अभी हम पूरी बिल्डिंग को खाली करने की कोशिश कर रहे हैं, आग बुझ गई है। प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक, आग लगने की वजह शॉट सर्किट है, लेकिन अभी कारण का पता लगाना होगा।` इससे पहले गुरुवार को गुजरात के एक कोविड अस्पताल में आग लग गई थी। यह आग अहमदाबाद के कोविड अस्पताल में लगी थी। इस घटना में 8 कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। राज्य के सीएम विजय रुपाणी ने जांच के आदेश दे दिए थे। मामले की जांच जारी है।

00 दर्दनाक हादसे को लोग कर रहे याद
टोक्यो(शोर सन्देश)। जापान ने हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले की 75वीं वर्षगांठ गुरुवार को मनाई। इस मौके पर शहर के महापौर ने पूरी दुनिया से मानवता के लिए खतरों के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया, जिसमें परमाणु हथियारों से होने वाला खतरा भी शामिल है। हिरोशिमा के मेयर काजुमी मैत्सुई ने कहा कि देशों को `अपने आपसी मतभेदों को अलग रखकर मानव निर्मित और प्राकृतिक चुनौतियों को दूर करने के लिए एक साथ आना चाहिए`। सिन्हुआ की खबर के अनुसार, पीस मेमोरियल पार्क में हुए वार्षिक समारोह में मैत्सुई ने कहा, `नागरिकों को स्व-केंद्रित राष्ट्रवाद को खारिज करना चाहिए और सभी खतरों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए इस कार्यक्रम को छोटे रूप में आयोजित किया गया था। सुबह 8.15 बजे (स्थानीय समय) प्रधानमंत्री शिंजो आबे समेत यहां उपस्थित सभी लोगों ने एक मिनट का मौन रखा, यह वह समय था जब 6 अगस्त 1945 को अमेरिकी बमवर्षकों ने हिरोशिमा पर यूरेनियम-कोर परमाणु बम `लिटिल बॉय` गिराया था। 1945 के अंत तक इस बम ने लगभग 1.4 लाख लोगों की जान ले ली थी। इस मौके पर जापानी पीएम ने कहा, `प्रत्येक देश को गंभीर सुरक्षा वातावरण और परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए राष्ट्रों के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहिए।`

रायपुर/मुंबई (शोर सन्देश) । बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यम हालातों में हुई मौत का मामला अब पेचीदा होता जा रहा है। उनकी मौत की जांच के लिए रविवार को बिहार की राजधानी पटना से आईपीएस अफसर विनय तिवारी मुंबई पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें मुंबई में क्वारंटाइन कर दिया गया है और उनसे जुड़ा एक वीडियो भी बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने ट्वीट किया है। आपको बता दें कि मुंबई पुलिस पर पहले ही आरोप लग रहे हैं कि वह इस मामले की जांच नहीं कर रही है और दोषियों को बचा रही है। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने आईपीएस अफसर से जुड़ा एक वीडियो ट्वीट किया है जिसे अब तक करीब 55 हजार लोग देख चुके हैं। उन्होंने लिखा है, ये हैं बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी जिनको मुंबई में आज रात में 11 बजे रात में जबरदस्ती क्वारंटाइन कर दिया गया। सुशांत सिंह राजपूत केस में जांच करनेवाली टीम का नेतृत्व करने गए थे। अब यह यहां से कहीं निकल नहीं सकते।` उन्होंने एक और ट्वीट किया और मुंबई पुलिस पर उन्हें जबरन क्वारंटान करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, `आईपीएस अफसर विनय तिवारी आज ऑफिशियल ड्यूटी पर पटना से मुंबई पहुंच गए हैं और पुलिस की जांच का नेतृत्व करेंगे। लेकिन उन्हें बीएमसी अधिकारियों ने जबरन क्वारंटाइन कर दिया है। अनुरोध के बावजूद उन्हें उन्हें आईपीएस मेस में रुकने की जगह नहीं दी गई और अब वह गोरेगांव के एक गेस्ट हाउस में रह रहे हैं।` आईपीएस अफसर पटना सिटी के एसपी पद पर तैनात हैं। बृहन्नमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। बीएमसी की तरफ से कहा गया है कि पुलिस अफसर विनय तिवारी को मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद बनाए गए मौजूदा निर्देशों के तहत ही क्वारंटाइन किया गया है। बिहार पुलिस की मानें तो पटना के सिटी एसपी को इसलिए होम क्वारंटाइन किया गया है ताकि पुलिस सुशांत की मौत की जांच न कर सके। बिहार पुलिस की मानें तो यह क्वारंटाइन नहीं बल्कि हाउस अरेस्ट है। राज्य पुलिस के मुताबिक हजारों लाखों लोग मुंबई रोजाना आ रहे हैं।

रायपुर/अयोध्या (शोर सन्देश)। राम मंदिर निर्माण को लेकर मध्यप्रदेश के जबलपुर की एक महिला ने जो संकल्प लिया था वो अब पूरा होने जा रहा है। जबलपुर निवासी 81 साल की उर्मिला चतुर्वेदी ने 28 साल पहले विवादित ढांचा गिरने पर संकल्प लिया था कि जब तक राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं होगा वो अन्न ग्रहण नहीं करेंगी और अब जब 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है तो उर्मिला को अपना संकल्प पूरा होता दिख रहा है।
1992 में जब ढांचा गिरा था तब उर्मिला चतुर्वेदी 53 साल की थीं। ढांचा गिरने के बाद जब देश मे दंगे हुए तो इससे आहत होकर ही उर्मिला ने संकल्प लिया था कि जिस दिन सबकी सहमति से मन्दिर निर्माण शुरू होगा उस दिन वो अन्न ग्रहण करेंगी। अन्न त्यागने के संकल्प को लेकर उनके परिजनों ने कई बार उनसे संकल्प खत्म करने की मिन्नत की, लेकिन उर्मिला टस से मस नहीं हुईं और तब से उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया और केवल फलाहार कर रहीं हैं। उर्मिला के घर में राम दरबार हैं जहां वो रोज़ बैठकर राम नाम का जाप भी करती हैं। अब जब 5 अगस्त को मन्दिर का भूमिपूजन होने जा रहा है तो उर्मिला चतुर्वेदी की इच्छा है कि अयोध्या में रामलला के दर्शन करके ही वो अपना संकल्प खोलें हालांकि ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा क्योंकि 5 अगस्त को अयोध्या में किसी भी बाहरी का जाना मना है ऐसे में परिवार का कहना है कि घर पर बैठकर कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट देखने के बाद इनका संकल्प पूरा कराने की कोशिश की जाएगी