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यूपी मदरसा एक्ट रद्द करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को नोटिस

05-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश ) सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा एक्ट को रद्द करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की और सरकार व अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने कहा कि हमने विभिन्न पक्षों को सुना और गौर किया. यूपी सरकार भी फैसले के समर्थन में है. उसका कहना है कि 96 करोड़ रुपये मुहैया कराने में वो सक्षम नहीं है.
सर्वोच्च अदालत ने आगे कहा, अदालत हाईकोर्ट को चुनौती देने की मांग वाली याचिकाओं पर यूपी सरकार समेत अन्य सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करती है. हाईकोर्ट ने अधिनियम को रद्द करते हुए आदेश दिया है कि छात्रों को राज्य द्वारा स्थानांतरित किया जाएगा. इससे सभी 17 लाख बच्चों की शिक्षा के भविष्य पर असर पड़ेगा.
कोर्ट ने कहा कि हमारा विचार है कि यह निर्देश प्रथम दृष्टया उचित नहीं था. राज्य सरकार समेत सभी पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट में 30 जून 2024 को या उससे पहले जवाब दायर करना होगा. याचिका को अंतिम निपटारे के लिए जून 2024 के दूसरे सप्ताह में सूचीबद्ध किया जाएगा. 22 मार्च 2024 के हाईकोर्ट के आदेश और फैसले पर रोक रहेगी.
इससे पहले वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि छात्रों की संख्या करीब 17 लाख है. हाईकोर्ट ने पहले यथास्थिति रखी. मगर बाद में असंवैधानिक करार दे दिया. हाईकोर्ट का कारण कितना अजीब है.यूपी सरकार के आदेश पर विज्ञान, हिंदी और गणित समेत सभी विषय पढ़ाए जा रहे हैं. बावजूद इसके उनके खिलाफ कदम उठाया जा रहा है. यह 120 साल पुरानी संहिता (1908 का मूल कोड) की स्थिति है. 1987 के नियम अभी भी लागू होते हैं.
उन्होंने कहा कि 30 मई, 2018 में सरकार ने एक आदेश जारी किया था. इसमें मदरसा में विभिन्न विषयों को पढ़ाने के लिए नियम थे. ताकि मदरसा भी मौजूदा स्कूलों के समान शिक्षा दे सकें. मदरसों में पाठ्यक्रम भी अन्य स्कूलों के समान है. बावजूद इसके हाईकोर्ट द्वारा सुनाया गया फैसला हैरान करता है. मदरसों की शिक्षा को धार्मिक आधार पर असंवैधानिक करार दिया गया है. सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा है अगर आप कोई धार्मिक विषय पढ़ाते हैं तो यह धार्मिक विश्वास प्रदान कर रहा है, जो धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है. आज के दौर में गुरुकुल मशहूर हैं, क्योंकि वो अच्छा काम कर रहे हैं.

संजय सिंह का बड़ा दावा : ‘बीजेपी ने किया शराब घोटाला, कई बड़े नेता शामिल’

05-Apr-2024

 नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली शराब घोटाला भाजपा ने किया है। इस घोटाले में भाजपा के कई बड़े नेता शामिल हैं।

उन्होंने ये भी दावा किया है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी साजिश के तहत हुई है। संजय सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दाव किया है कि दिल्ली शराब घोटाले में जिन लोगों को आरोपियों के रूप में पकड़ा गया था, उन्होंने जब तक केजरीवाल का नाम नहीं लिया, ईडी ने उनके बयान को भरोसे लायक नहीं माना लेकिन जैसे ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल का नाम ले लिया उस बयान को मान लिया गया।
उन लोगों के बयानों के आधार पर केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया। केजरीवाल ने सरकार बन चुके आरोपियों का नाम अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिया। पहला नाम संजय सिंह ने मगुंता रेड्डी का लिया और दूसरा नाम शरत रेड्डी का लिया।
सांसद संजय सिंह ने दावा किया, भाजपा नेता मगुंटा रेड्डी और उसके बेटे राघव मगुंटा इसमें शामिल हैं। इन्होंने दबाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान दिया। इनके नौ बयानों में कहीं कुछ नहीं था जबकि दसवें बयान में अरविंद केजरीवाल का नाम आ जाता है।
16 जुलाई को इन्होंने बयान दिया और 18 जुलाई को उसकी जमानत हो गई। इनकी फोटो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है और इसी फोटो के साथ वह टीडीपी से सांसद का चुनाव लड़ रहा है।
संजय सिंह ने आगे कहा, इनके बाद नाम आता है शरत रेड्डी का। इनके 12 बयान लिए गए। शुरुआती बयानों में यह कहते रहे कि केजरीवाल को नहीं जानते। छह महीने जेल में रहा तो टूट गया।
आखिरी में संजय सिंह ने कहा, केजरीवाल एकदम बेदाग है। उन्हें उनके अच्छे कामों की सजा दी जा रही है।भाजपा का नारा है जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी।
तिहाड़ जेल से रिहा होने के एक दिन बाद आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और कहा कि उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए प्रार्थना की।

आतिशी पर चुनाव आयोग का शिकंजा, बीजेपी की शिकायत पर जारी किया नोटिस

05-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी को भारतीय चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने उन्हें यह नोटिस बीजेपी द्वारा की गई उस शिकायत पर जारी किया गया है। जिसमें बीजेपी ने उनके उपर बीजेपी ज्वाइन करने के दावे को गलत और आधारहीन बताया है। आयोग द्वारा आतिशी को दिए गए नोटिस में उनसे 8 अप्रैल की दोपहर 12 बजे तक आयोग को जवाब देने का समय दिया गया है। मामले में आयोग ने बताया कि बीजेपी की तरफ से आयोग को 4 अप्रैल को शिकायत की गई थी। जिसमें उन्होंने आतिशी द्वारा 2 अप्रैल को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए उनके द्वारा बीजेपी के लिए कही गई बातों को निराधार और गलत बताया था।
आतिशी ने लगाया था ये आरोप- आयोग के नोटिस में बीजेपी ने आतिशी के ऊपर जो आरोप लगाए हैं। इसमें उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई ‘जैसा कि मैंने कल शाम को ट्वीट करके बताया था कि की आज एक बहुत ही सनसनीखेज खबर में आप सबके सामने रखने वाली हूं। मैं सभी मीडिया के साथियों से देशभर के लोगों को यह बताना चाहती हूं कि भारतीय जनता पार्टी ने मेरे बहुत व्यक्तिगत व्यक्ति के माध्यम से मुझे बीजेपी ज्वाइन करने के लिए अप्रोच किया। मुझे यह कहा गया कि यहां तो मैं बीजेपी ज्वाइन कर लूं, अपना पॉलिटिकल करियर बचा लूं, अपना पॉलिटिकल करियर बढृा लूं’...। इन बातों का भी जिक्र किया गया है।

मोहब्बत की दुकान से निकले ये कौन-कौन से फरमान : सुधांशु त्रिवेदी

05-Apr-2024

 नई दिल्ली    ( शोर सन्देश )  । छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के लाठी चलाने की बात अब दिल्ली तक पहुंच गई है। चरणदास महंत ने जिस तरीके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, उसे मानसिक संतुलन खोने का खिताब देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मोहब्बत की दुकान से ये कौन-कौन से फरमान निकल रहे हैं?

सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आपके संज्ञान में यह तथ्य निश्चित रूप से आया होगा कि छत्तीसगढ़ में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने हम सबके प्रिय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी के प्रति एक बार पुनः वैसे ही घटिया और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है, जो निरंतर कांग्रेस कहती चली जा रही है। प्रधानमंत्री के प्रति जो ईर्ष्या है, जो द्वेष है, उसके कारण से आ रहे ऐसे बयान निश्चित रूप से भारत की राजनीति के लिए बहुत दुखद संकेत है।
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि चरणदास महंत ने सार्वजनिक मंच पर कहा कि मोदी से मुकाबला करने के लिए एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो लाठी मारकर उनका सर फोड़ सके। मैं पूछना चाहता हूं कि ये मोहब्बत की दुकान से कौन-कौन से फरमान हैं? ये कांग्रेस पार्टी तो अपने को गांधी की परंपरा का उत्तराधिकारी स्वघोषित होने का वन एंड एक्सक्लूसिव कॉपीराइट होल्डर होने का दावा करती है, क्या गांधी लाठी इसलिए रखते थे? और इतना ही नहीं है और ये कोई सहज रूप से मुंह से निकला हुआ या फिसला  हुआ शब्द नहीं है, उसके बाद के कई वाक्य में निरंतर इसका एक्सप्लेनेशन व्याख्या की गई है।
 

4 से 5 दिनों तक शुष्क रहेगा मौसम

05-Apr-2024
दिल्ली। ( शोर सन्देश )  अप्रैल के महीने में अभी पहला हफ्ता भी पूरा नहीं हुआ और गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है. देश के बड़े हिस्से में लंबे समय से शुष्क मौसम की स्थिति बनी हुई है. जिसके कारण पारे का स्तर सामान्य से कही अधिक बढ़ गया है. दक्षिण, मध्य और पूर्वी राज्यों के हिस्से अत्यधिक गर्मी की चपेट में हैं. अगले 2-3 दिनों तक इन क्षेत्र के कुछ इलाकों में लू की स्थिति जारी रहने की संभावना है. हालांकि दिल्ली वालों को गर्मी से कुछ राहत मिली हुई है. तेज हवाओं ने दिल्ली के मौसम का मिजाज बदल दिया है.
दिल्ली में पिछले कई दिनों से बादलों की आवाजाही बनी हुई है. 5 अप्रैल को भी दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. वहीं, तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी की संभावना भी बनी हुई है. तापमान की बात करें तो आज दिल्ली में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री मापा गया और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. वीकेंड पर भी दिल्ली में दिन के समय तेज़ सतही हवाएं चलने के आसार हैं. इससे मौसम नरम बना रहेगा. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौसम के तेवर देखने को मिल सकते हैं. लखनऊ में आज आसमान साफ रहेगा. आज यहां का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री और अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक जा सकता है. हालांकि अगले दो दिन तापमान में एक प्वाइंट की गिरावट देखी जा सकती है. मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एजेंसी, स्काईमेट के मुताबिक, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड में हल्की से मध्यम बारिश संभव है और मणिपुर मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर बारिश संभव है. वहीं, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. केरल में हल्की बारिश संभव है.
 

लोकसभा चुनाव में नहीं दिखेंगे सुशील मोदी, राजनीति से संन्यास की वजह बताई- कैंसर से जूझ रहा हूं

03-Apr-2024
पटना. ( शोर सन्देश )   पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरीय नेता सुशील मोदी ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। लोकसभा चुनाव के बीच उन्होंने यह एलान किया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने स्पष्ट लिखा कि  पिछले छह माह से कैंसर से संघर्ष कर रहा हूं। अब लगा कि लोगों को बताने का समय आ गया है। लोकसभा चुनाव में कुछ कर नहीं पाऊंगा। प्रधानमंत्री को सब कुछ बता दिया है। देश, बिहार और पार्टी का सदा आभार और सदैव समर्पित। वहीं सुशील मोदी के इस एलान के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरीय नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हूं। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि चुनाव में बहुत कमी खलेगी।
बिहार की राजनीति की पुरानी पीढ़ी को अपदस्थ किया
वहीं राष्ट्रीय जनता दल के वरीय नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि सुशील मोदी की बीमारी की खबर सुनकर बहुत पीड़ा हुई। 1974 के बिहार आंदोलन से उपजे त्रिमूर्ति में से सुशील एक हैं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष दोनों का नेतृत्व आज इन्हीं त्रिमूर्ति के हाथ में है। लालू प्रसाद, नीतीश कुमार और सुशील मोदी तीनों उसी आंदोलन से निकले हैं और धीरे-धीरे इन लोगों ने बिहार की राजनीति की पुरानी पीढ़ी को अपदस्थ किया। लगभग तीस वर्षों से इन्हीं तीनों के हाथ में बिहार की राजनीति का नेतृत्व है। 
शिवानंद तिवारी ने आगे लिखा कि सुशील और मैं लगभग तीन महीना बांकीपुर जेल में एक साथ और एक ही सेल में रहा। हमलोगों में तीखा वैचारिक मतभेद रहा है। लेकिन, सबकुछ के बावजूद सुशील मोदी के साथ मेरा स्नेहिल संबंध बना रहा है। सुशील जुझारू नेता रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि बीमारी के समक्ष भी सुशील मोदी का जुझारूपन बना रहेगा। हमारी दुआएं उनके साथ है।
बताया जा रहा है कि पूर्व उपमुख्यंत्री सुशील मोदी गले के कैंसर से पीड़ित हैं। फिलहाल, वह दिल्ली एम्स में अपना इलाज करवा रहे हैं। सुशील मोदी, नीतीश कुमार और लालू प्रसाद जेपी आंदोलन के बाद उभरे। यह तीनों नेता जेपी आंदोलन की उपज माने जाते हैं। सुशील मोदी शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे। 1971 में सुशील मोदी ने छात्र राजनीति की शुरुआत की। इसके बाद युवा नेता के रूप में पहचान बनाई। साल 1990 में सुशील ने विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतकर विधायक बने। इसके बाद बिहार की राजनीति में उनका कद बढता ही चला गया।
 

वीवीपैट मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

03-Apr-2024
नई दिल्ली।  ( शोर सन्देश )  प्रीम कोर्ट ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीन की पर्चियों के मिलान के मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एडीआर की तरफ से दायर की गई याचिका अगले हफ्ते मंगलवार या बुधवार के लिए सूचीबद्ध की जाएगी। याचिकाकर्ता संगठन एडीआर की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने मांग की कि याचिका पर जल्द सुनवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को वीवीपैट के मुद्दे पर दायर एक अन्य याचिका पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। वरिष्ठ वकील गोपाल शंकर नारायणन भी इस मामले में कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक हैं और अगर इस मामले पर सुनवाई नहीं की गई तो यह याचिका निष्फल हो जाएगी। जस्टिस खन्ना के साथ ही पीठ में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी भी शामिल रहे। पीठ ने कहा कि ‘वे हालात से वाकिफ हैं और अगले हफ्ते मामले पर सुनवाई करेंगे।’ बीते साल 17 जुलाई को शीर्ष अदालत ने एडीआर की याचिका पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा था। अपनी याचिका में एनजीओ ने मांग की है कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करें कि मतदाता वीवीपैट मशीन के जरिए अपने वोट की पुष्टि कर सकें।  सुप्रीम कोर्ट में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रटिक रिफॉम्र्स ने याचिका दायर कर ईवीएम मशीनों के साथ वीवीपैट (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल पर्चियों का मिलान करने की मांग की थी। वीवीपैट एक स्वतंत्र वोट सत्यापन मशीन है, जिससे पता चलता है कि मतदाता ने जो वोट डाला है, वो सही तरीके से डाला गया है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट के वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार अग्रवाल ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वीवीपैट पर्चियों की पूरी गिनती करने और उनकी ईवीएम से मिलान करने की मांग की है। 
 

‘किसने ऑफर दिया, किसने फोन किया, कैसे संपर्क किया?’ बीजेपी ने आतिशी को भेजा लीगल नोटिस

03-Apr-2024

 नई दिल्ली ।  ( शोर सन्देश )   दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी को भारतीय जनता पार्टी ने लीगल नोटिस भेजा है. आतिशी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया था, ‘मुझे भाजपा ज्वॉइन करने के लिए अप्रोच किया गया था और कहा गया कि मैं बीजेपी में शामिल हो जाऊं और अपना राजनीतिक करियर बचा लूं. अगर भाजपा ज्वॉइन नहीं करी तो आने वाले एक महीने में मुझे एक महीने में अरेस्ट कर लिया जाएगा.’

अब इसी बयान को लेकर दिल्ली बीजेपी के मीडिया विभाग की तरफ से आतिशी को मानहानि का नोटिस दिया गया है. बीजेपी ने कहा कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओ के मान को ठेस पंहुचाई. पार्टी ने नोटिस में पूछा कि आखिर आपसे किसने संपर्क किया उसका कोई सबूत है तो जमा करवाइए. यह भी पूछा गया है कि आपसे फोन पर संपर्क किया गया है या व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया गया? ये भी बताइए.
इसके अलावा आतिशी ने यह भी दावा किया था, ‘आम आदमी पार्टी का सीनियर लीडरशिप हिरासत में है. लेकिन रविवार को रामलीला मैदान पर लाखों लोगों के आने और सडक़ पर आम आदमी पार्टी के संघर्ष के बाद, भाजपा आने वाले समय में हमारे चार बड़े नेताओं को जेल में डालेगी. आने वाले कुछ दिलों में मेरे निजी आवास पर ईडी की रेड होगी. मेरे रिश्तेदारों और परिवार वालों के घर रेड होगी. हम सबको समन भेजे जाएंगे और फिर गिरफ्तार किया जाएगा.’
आतिशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बीजेपी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी थी और कहा, ‘शराब घोटाले के सरगना ने जैसे ही अपने दो और प्यादों का नाम लिया इनकी बौखलाहट बढ़ गई है. झूठ और झांसे की फैक्ट्री में नई स्क्रिप्ट भी नहीं बन पा रही है. वही घिसी पिटी स्क्रिप्ट कल से दोहराई जा रही है. न कोई सबूत, न कोई गवाह बस मन हुआ बोल दिया. आतिशी जी आखिर आपको यह सब पुलिस को, एजेंसियों को बताने से किसने रोका है? आप या ऐसे मनगढ़ंत लगाने वाले ्र्रक्क के किसी भी नेता ने एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई ? आखिर आपके साथ ऐसी फिरकी बार बार कौन ले रहा? ऐसी अनाप शनाप बातें कर आप लोग अपना ही चरित्र उजागर कर रहे हैं।. बेहतर होगा झूठे, फर्जी, बकवास आरोप लगाने की जगह मुद्दों पर बात करें और बताएं कि सरगना ने आपका नाम क्यों लिया? विजय नायर ने आपको क्या रिपोर्ट किया था? क्या गोवा चुनाव में ही शराब घोटाले की रिश्वत उड़ाई गई या किसी अन्य राज्य में भी खर्च किया?’

संजय सिंह शराब घोटाले पर नहीं बोल सकते, पासपोर्ट भी जब्त; कोर्ट ने क्या-क्या लगाईं शर्तें

03-Apr-2024

 नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद संजय सिंह को अब ट्रायल कोर्ट से भी बेल मिल गई है। कोर्ट ने संजय सिंह को 2 लाख रुपए के बेल बॉन्ड और एक लाख का निजी मुचलका और एक लाख की श्योरिटी पर जमानत दी है। निजली मुचलका उनकी पत्नी अनीता सिंह ने भरा। ट्रायल कोर्ट ने संजय सिंह के लिए जमानत की कई शर्तें तय की हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके लिए एक शर्त रखी थी। 

ट्रायल कोर्ट ने  संजय सिंह को अपना पासपोर्ट जमा कराने को कहा गया है। हालांकि, संजय सिंह के वकील ने कहा कि वह सांसद हैं और उनके विदेश भागने का कोई जोखिम नहीं है। दिल्ली-एनसीआर छोडऩे की जानकारी देनी होगी। संजय सिंह से कहा गया है कि वह सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश ना करें। उन्हें जांच में सहयोग करने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कोर्ट ने उन्हें शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस पर सार्वजनिक बयानबाजी से रोका है। 
सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में करीब छह महीने तक जेल में रहने के बाद संजय सिंह को मंगलवार को जमानत दे दी। ईडी ने जमानत का विरोध नहीं किया। जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि जमानत की शर्तें ट्रायल कोर्ट की ओर से तय की जाएंगी। हालांकि, सबसे बड़ी अदालत ने सांसद से कहा कि वह केस को लेकर मीडिया में बात नहीं करेंगे। 
 

वायनाड से राहुल गांधी ने किया नामांकन, बहन प्रियंका गांधी के साथ किया रोड शो

03-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  लोकसभा चुनाव 2024 के लिए केरल के वायनाड से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (03 अप्रैल) को अपना नामांकन कर दिया है. इससे पहले उन्होंने एक रोड शो किया जिसमें उनके साथ कांग्रेस महासचिव और उनकी बहन प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं.  
राहुल गांधी ने 2019 के चुनाव में वायनाड सीट चार लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीती थी. पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी वायनाड के एक गांव मुप्पैनाद में हेलीकॉप्टर से पहुंचे और कलपेट्टा तक सडक़ मार्ग से यात्रा की. कांग्रेस ने कहा कि सुबह करीब 11 बजे उन्होंने कलपेट्टा से एक रोड शो शुरू किया, जिसमें उनके साथ प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल, दीपा दास, कन्हैया कुमार और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन और केपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष एमएम हसन भी शामिल रहे.  
‘विचारधारा में फर्क हो सकता है लेकिन सब मेरे परिवार की तरह’
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘आपका सांसद होना मेरे लिए गर्व की बात है. मैं आप सबको अपनी छोटी बहन प्रियंका जैसा ही समझता हूं. यहां जंगली जानवर का शिकार बनते इंसान का मुद्दा बड़ा है. मेडिकल कॉलेज का मुद्दा है. मैंने सारे मुद्दे उठाए, सीएम को पत्र लिखा लेकिन कुछ नहीं हुआ. जब केंद्र और केरल में हमारी सरकार होगी हम आपकी सारे मुद्दे हल करेंगे. यूडीएफ हों या एलडीएफ सब मेरे परिवार की तरह हैं. भले ही विचारधारा का फर्क हो. 
 


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