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ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे से गहरे होंगे संबंध, आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी बढ़ेगी: एक्सपर्ट

19-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत-ब्राजील संबंधों पर काम कर रहे अमेरिका के एक सीनियर अर्थशास्त्री ने कहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का भारत में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के लिए आना और उसके बाद एक पूरे सरकारी दौरे पर जाना, ग्लोबल साउथ की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी की तरफ से संबंधों को बहुपक्षीय सहयोग से आगे बढ़ाकर एक गहरी आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी बनाने की सोची-समझी कोशिश का संकेत है।
ओआरएफ अमेरिका में सीनियर अधिकारी डॉ. अनित मुखर्जी भारत-ब्राजील संबंधों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने समाचार एजेंसी को बताया, “ब्राजील के राष्ट्रपति का दौरा बहुत अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल ब्रिक्स समिट के लिए रियो डी जनेरियो गए थे, जिसके बाद उन्होंने एक स्टेट विजिट की थी।”
मुखर्जी ने कहा कि लूला के साथ उनके कैबिनेट के 14 अन्य मंत्री, लगभग आधे कैबिनेट मंत्री और 150 बिजनेस लीडर हैं। उन्होंने कहा, “यह एक संकेत है कि ब्राजील-भारत का संबंध सिर्फ सहयोग और G20 या ब्रिक्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापार, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और दूसरे क्षेत्रों में भी ज्यादा मजबूत साझेदारी की ओर बढ़ेगा।”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ब्राजील और भारत के बीच ऐतिहासिक रूप से रिश्ता बहुत मजबूत नहीं रहा है। जब प्रेसिडेंट लूला 2001 में सरकार में आए, तो उनका विजन तीन बड़े डेवलपिंग देशों, ब्राजील, भारत और दक्षिण अफ्रीका को एक साथ लाने का था।”
इसी कोशिश से आईबीएसए और बाद में ब्रिक्स बने, जिससे ‘उच्च स्तरीय बातचीत के जरिए उनके संबंध में भरोसे की एक मजबूत नींव पड़ी।’ उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों का आर्थिक एजेंडा बड़ा है। ब्राजील और भारत ग्लोबल साउथ के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। वे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था हैं। उनके पास बड़ी युवा आबादी है। उनके पास काफी तकनीकी क्षमता भी है।
उन्होंने ब्राजील को ‘खेती का पावरहाउस’ और एम्ब्रेयर को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सिविलियन प्लेन मैन्युफैक्चरर बताया। उन्होंने कहा, “भारत में बजाज और महिंद्रा, दो बड़े भारतीय समूहों ने ब्राजील में मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर बनाने के लिए फैक्ट्रियां खोली हैं। भारतीय आईटी फर्म जैसे टीसीएस और इंफोसिस का ब्राजील के मार्केट के साथ संबंध है।”
मुखर्जी ने कहा, “डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक अन्य उभरता हुआ क्षेत्र है। भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस है, जो दुनिया का सबसे बड़ा इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है। ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बना एक बहुत मिलता-जुलता सिस्टम है, जिसे पीआईएक्स कहते हैं। ये सिस्टम मिलकर हर दिन लगभग 1 बिलियन ट्रांजैक्शन करेंगे, जो लगभग उतना ही है, जितना मास्टरकार्ड और वीजा हर दिन करते हैं।”
उन्होंने कहा कि ब्राजील में भारतीय समुदाय में लगभग 4,000 नॉन-रेसिडेंट भारतीय हैं, जो वहां रहते हैं, लेकिन यह बढ़ रहा है। ब्राजील में योग बहुत बड़ा है। आयुर्वेद भी बहुत बड़ा है।
भारत-ब्राजील ब्रिक्स और G20 के खास सदस्य हैं, जो अक्सर डेवलपमेंट फाइनेंस, ट्रेड रिफॉर्म और ग्लोबल साउथ प्राथमिकता पर अपनी राय को कोऑर्डिनेट करते हैं। दोनों ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल गवर्नेंस में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ज्यादा आवाज उठाने पर जोर दिया है। पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ा है, जिसमें खेती, एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शामिल हैं। 


 

पीएम मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘वे सिर्फ एक नाम नहीं, वे हमारे लिए आराध्य देव हैं’

19-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे राजा-महाराजा और राजपुरुष मात्र नहीं हैं, वे हमारे लिए आराध्य देव हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर हम दूरदर्शी नेता, कुशल प्रशासक, विलक्षण रणनीतिकार और ऐसे महान व्यक्तित्व को नमन करते हैं जो स्वराज्य के समर्थक थे। उनका शौर्य हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा, उनका सुशासन हमारे लिए मार्गदर्शक बनेगा और न्याय व स्वाभिमान की उनकी भावना हमारे समाज को और अधिक सशक्त बनाएगी।”
अपने एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ एक नाम नहीं है। हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ राजा-महाराजा और राजपुरुष मात्र नहीं हैं। वे हमारे लिए आराध्य देव हैं। उनका व्यक्तित्व अद्भुत था। उन्होंने स्वराज की भी स्थापना की और सुराज को भी साकार किया। वे अपने शौर्य और सुशासन के लिए भी जाने-जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व के इतने पहलू हैं कि किसी न किसी रूप में उनका जीवन हमें अवश्य प्रभावित करता है। उन्होंने भारत से सामूहिक सामर्थ्य को पहचान कर जिस तरह नौसेना का विस्तार किया, अपना प्रबंध कौशल दिखाया, वो आज भी सबको प्रेरणा देता है। पीएम मोदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता, विचारधारा और न्यायप्रियता ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उनकी साहसिक कार्यशैली, सामरिक कौशल और शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रणाली आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।
पीएम मोदी ने गुरुवार को एक अन्य पोस्ट में लिखा, “छत्रपति शिवाजी महाराज ने जन-जन के कल्याण को सदैव सर्वोपरि रखा और उनकी सुरक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। इसलिए उनका जीवन आज भी भारतवर्ष के लिए पथ-प्रदर्शक बना हुआ है।”उन्होंने सुभाषित भी शेयर किया, “गोपायितारं दातारं धर्मनित्यमतन्द्रितम्। अकामद्वेषसंयुक्तमनुरज्यन्ति मानवाः।” सुभाषित में कहा गया है, “लोग उसी जनप्रतिनिधि से स्नेह करते हैं, जो उनकी सुरक्षा को अपना कर्तव्य मानता है, लोक कल्याण में तत्पर रहता है, धर्मनिष्ठ, न्यायप्रिय और सदैव सजग रहता है व कामना और द्वेष जैसी आसक्तियों से ऊपर उठकर निष्पक्ष भाव से राज्य का संचालन करता है।”






 

सीएम रेखा गुप्ता को 50वें मातृश्री अवॉर्ड से किया गया सम्मानित

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को 50वें मातृश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समाज और जनता के प्रति उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
अवॉर्ड समिति के संयोजक चेतन शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विवेक शर्मा, महामायी सेवा न्यास के दीपक बजाज तथा समिति सदस्य बिट्टी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री को भारत माता की प्रतिमा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
मातृश्री अवॉर्ड की शुरुआत वर्ष 1975 में पंजाब केसरी के वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय दिनेश शर्मा ने की थी। उनका उद्देश्य समाज और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना था। दिनेश शर्मा जी कहा करते थे, “चाहे सब कुछ भूल जाना, पर भारत माता को कभी मत भूलना।” इसी भावना के साथ भारत माता की प्रतिमा भेंट करने की परंपरा शुरू की गई, जो आज भी जारी है।
इस सम्मान से पूर्व में लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, मदनलाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा, रजत शर्मा, खुशवंत सिंह और सरला माहेश्वरी सहित अनेक गणमान्य हस्तियों को मातृश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। मातृश्री अवॉर्ड आज भी समाजसेवा, राष्ट्रभावना और पत्रकारिता के मूल्यों को सशक्त करने का प्रतीक बना हुआ है।











 

घने बादलों ने आसमान को घेरा, आज बूंदाबांदी से हुई एनसीआर की सुबह की शुरुआत

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज बुधवार सुबह मौसम ने करवट ली और घने बादलों ने आसमान को पूरी तरह ढक लिया। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के साथ बारिश की फुहारें देखने को मिलीं। बदलते मौसम और तेज हवा के कारण वायु गुणवत्ता में भी आंशिक सुधार दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 18 फरवरी को दिनभर सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। आज का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 फरवरी को न्यूनतम तापमान 12 और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा तथा मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना है।
20 फरवरी को भी पारा 12 से 28 डिग्री के बीच रहेगा। 21 फरवरी को न्यूनतम 13 और अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। 22 और 23 फरवरी को तापमान में हल्की बढ़ोतरी के साथ अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री के आसपास रहेगा। यानी आज हल्की गिरावट के बाद आने वाले दिनों में तापमान लगातार बढ़ता रहेगा।
देश के पहाड़ी राज्यों के मौसम के हाल की बात करे तो आईएमडी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद, हिमाचल प्रदेश में 18 फरवरी को और उत्तराखंड में 18 और 19 फरवरी को तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 फरवरी को छिटपुट वर्षा और बर्फबारी की संभावना है।
आज बुधवार को निकोबार, हरियाणा और राजस्थान में छिटपुट बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी गरज और बिजली गिरने की संभावना है।
इसके अलावा, निकोबार, हरियाणा और राजस्थान में छिटपुट बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, पंजाब, हरियाणा और पूर्वी राजस्थान के कुछ छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
आईएमडी ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है और उसके बाद इसमें कोई खास बदलाव नहीं होगा। वहीं, मध्य भारत में अगले 6 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। 
 

राष्ट्रपति मुर्मु आज विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का अवलोकन करेंगी

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज बुधवार ‘सिटी ऑफ डेस्टिनी’ के नाम से मशहूर विशाखापत्तनम में समुद्री सहयोग, विश्वास और साझा सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ का अवलोकन करेंगी।
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू भव्य समुद्री आयोजन है। इस ‘अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन- 2026’ में 70 से अधिक देशों की नौसेना अपने युद्धपोत, पनडुब्बी और विमानों का प्रदर्शन करेंगी। इसमें कुल 71 युद्धपोत हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 45 भारतीय नौसेना के और 19 विदेशी मित्र देशों के जहाज हैं। 15 फरवरी से भारत की मेजबानी में शुरू इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का समापन 25 फरवरी को होगा। 
भारत का स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस आयोजन का प्रमुख केंद्र है। यह आयोजन महासागरों के माध्यम से एकता के संदेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मित्रता को बढ़ावा देता है। इस कार्यक्रम में भारत अपने स्वदेशी युद्धपोतों के माध्यम से सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर रहा है। भारतीय नौसेना के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच समन्वय, आपसी सहयोग और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के जरिये दुनिया को भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का परिचय देंगी। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए राष्ट्रपति मंगलवार शाम विशाखापत्तनम पहुंच चुकी हैं । वो बंगाल की खाड़ी में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर समुद्र के बीच खड़े बेड़े का निरीक्षण करेंगी। कार्यक्रम के दौरान 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट कर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। आकाश में मिग-29 के, एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी। दुनिया के सबसे घातक समुद्री कमांडो माने जाने वाले नौसेना के मार्कोस समुद्र के बीच विशेष युद्ध कौशल का प्रदर्शन भी करेंगे। 
यह आयोजन सैन्य शक्ति के साथ-साथ भारत की समुद्री कूटनीति का एक बड़ा मंच है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के महासागर विजन के तहत भारत खुद को हिंद महासागर क्षेत्र में एक सुरक्षा प्रदाता के तौर पर पेश कर रहा है। देश में फ्लीट रिव्यू की परंपरा 1953 में शुरू हुई थी। तब प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 33 भारतीय जहाजों का निरीक्षण किया था। 2016 में विशाखापत्तनम में इसका भव्य समारोह हुआ। इस बार का आयोजन इसलिए विशेष है कि यह दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यास में से एक मिलन-2026 के साथ आयोजित हो रहा है।




 

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट: पीएम मोदी ने कहा- जनहित और सबके लाभ के लिए हो एआई का उपयोग

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एआई का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बुद्धिमत्ता, तर्कसंगतता और निर्णय लेने की क्षमता विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के लिए उपयोगी बनाती है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि एआई का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।”
कल सोमवार से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, मंत्रियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेताओं, प्रख्यात शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि समावेशी विकास को आगे बढ़ाने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। साथ ही, यह पहली बार है कि इस मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल साउथ में किया जा रहा है।
पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन जो 20 फरवरी को समाप्त होगा, इसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और उप मंत्री शामिल हैं, साथ ही सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता भी शामिल होंगे।
19 फरवरी को पीएम मोदी उद्घाटन भाषण देंगे, जो वैश्विक सहयोग की दिशा तय करेगा और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा।
शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण तीन प्रमुख वैश्विक प्रभाव चुनौतियां हैं – एआई फॉर ऑल, एआई बाय हर और युवआई – जिनका समापन फाइनलिस्टों की घोषणा और ग्रैंड फिनाले शोकेस के साथ होगा। समावेशी, जिम्मेदार और विकासोन्मुखी एआई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ये चुनौतियां राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास उद्देश्यों के अनुरूप स्केलेबल, उच्च-प्रभाव वाले एआई समाधानों को गति प्रदान करने के लिए शुरू की गई थीं।
इन चुनौतियों के लिए 60 से अधिक देशों से 4,650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो मजबूत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को दर्शाते हैं और जिम्मेदार और स्केलेबल एआई नवाचार के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के उदय को मजबूत करते हैं।
विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के नेताओं द्वारा किए गए एक कठोर बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद, तीनों श्रेणियों में शीर्ष 70 टीमों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया है। ये फाइनलिस्ट नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और शिक्षाविदों के साथ जुड़ेंगे, साथ ही राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपने नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए मान्यता और सहयोग प्राप्त करेंगे।
18 फरवरी को हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से एआई और उसके व्यापक प्रभावों पर एक महत्वपूर्ण अनुसंधान संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। यह संगोष्ठी शिखर सम्मेलन का प्रमुख शैक्षणिक मंच मानी जा रही है, जहां एआई से जुड़े विभिन्न आयामों पर गंभीर विमर्श होगा।
इस संगोष्ठी के लिए अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका सहित विभिन्न देशों से लगभग 250 शोध प्रस्तुतियां प्राप्त हुई हैं, जो इस विषय पर वैश्विक रुचि और सहभागिता को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी भाग ले रहे हैं।
यह विश्व स्तर पर प्रसिद्ध एआई विशेषज्ञों और अग्रणी अनुसंधान संस्थानों को एक साथ लाता है ताकि एआई-संचालित वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा और शासन ढांचे, बुनियादी ढांचे तक समान पहुंच और ग्लोबल साउथ में अनुसंधान सहयोग पर विचार-विमर्श किया जा सके। 






 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026, विशाखापट्टनम में दिखेगा नौसैनिक शक्ति का भव्य स्वरूप

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को दो दिन के दौरे पर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम पहुंचेंगी। वह यहां इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) में शामिल होंगी। राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर होती हैं। इसी नाते वह इस कार्यक्रम का निरीक्षण करेंगी। आईएफआर इंटरनेशनल नेवल डेलिगेशन, जहाज़ों, सबमरीन और एयरक्राफ्ट की एक सेरेमोनियल मीटिंग है।
आईएफआर 2026 की शुरुआत मंगलवार को प्रेसिडेंशियल बैंक्वेट से होगी। इसके बाद अगले दिन राष्ट्रपति विशाखापट्टनम तट के पास निर्धारित क्षेत्र में भारत और मित्र देशों के 70 जहाजों के फ्लीट का रिव्यू करेंगी। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल जस्टिस एस. अब्दुल नजीर (रिटायर्ड) और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहेंगे। भारतीय नौसेना के अनुसार, यह आयोजन समुद्री शक्ति, आपसी सहयोग और मित्रता को प्रदर्शित करता है, साथ ही यह देश की संप्रभु निगरानी को भी दर्शाता है। इससे पहले भारत वर्ष 2001 में मुंबई और 2016 में विशाखापत्तनम में आईएफआर का आयोजन कर चुका है।
मित्र देशों के युद्धपोत, पनडुब्बियां और विमान समुद्र में एकत्र होकर अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अहम भूमिका निभाने वाला भारतीय विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इस बार का मुख्य आकर्षण रहेगा। मित्र देशों की नौसेनाएं भारत में निर्मित इस विमानवाहक पोत को नजदीक से देखेंगी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विक्रांत कैरियर बैटल ग्रुप इंडियन नेवी के अटैकिंग डिटरेंट पोस्चर का मेन हिस्सा था। उसने भारतीय नौसेना की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसकी मौजूदगी के कारण पाकिस्तान नौसेना रक्षात्मक स्थिति में आने को मजबूर हुई और उसे जल्द युद्धविराम का अनुरोध करना पड़ा।
आईएफआर 2026 के तहत अंतरराष्ट्रीय सिटी परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शनियां और आम जनता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य विश्व की समुद्री विरासत का उत्सव मनाना है। विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के प्रमुख बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलन 26’ का 13वां संस्करण भी आयोजित हो रहा है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में पूर्वी नौसैनिक कमान के नेतृत्व में हो रहा है। इसमें 135 से अधिक देशों को आमंत्रित किया गया है।
मिलन अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करना, बेहतर अनुभव साझा करना और समुद्री सहयोग बढ़ाना है। इस अभ्यास में बड़े स्तर पर संयुक्त नौसैनिक अभियान चलाए जाएंगे, जिससे सभी देशों की नौसेनाओं को साथ मिलकर काम करने का अनुभव मिलेगा।इसके अलावा शहर में इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब भारत एक साथ तीन बड़े समुद्री आयोजनों की मेजबानी कर रहा है।
पहला आईएफआर वर्ष 2001 में आयोजित किया गया था, जब तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने आईएनएस सुकन्या से बेड़े का निरीक्षण किया था। दूसरा आईएफआर वर्ष 2016 में विशाखापट्टनम में हुआ था, जिसमें बंगाल की खाड़ी में पहले से कहीं ज़्यादा देशों की नेवी ने हिस्सा लिया था। 50 देशों से कुल मिलाकर लगभग 100 वॉरशिप आए थे। यह भारतीय समुद्री क्षेत्र में युद्धपोतों का अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा था। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आईएनएस सुमित्रा से फ्लीट का निरीक्षण किया था। उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर भी मौजूद थे।
 

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो विचारों, नवाचार और इरादों का शक्तिशाली संगम : पीएम मोदी

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 की मुख्य विशेषताओं को साझा करते हुए कहा कि यह विचारों, नवाचार और इरादों का एक शक्तिशाली संगम था। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 विचारों, नवाचार और इरादों का एक शक्तिशाली संगम था।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इसने वैश्विक भलाई के लिए एआई के भविष्य को आकार देने में भारतीय प्रतिभा की असाधारण क्षमता को प्रदर्शित किया। सबसे बढ़कर, इसने मानव प्रगति के लिए एआई का जिम्मेदारपूर्वक, समावेशी रूप से और व्यापक स्तर पर उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।”
इससे पहले कल सोमवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन किया और कहा कि एआई में भारत की प्रगति न केवल देश के लिए परिवर्तनकारी समाधानों को आकार देगी बल्कि वैश्विक उन्नति में भी योगदान देगी। पीएम मोदी ने कहा कि नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और तकनीकी उत्साही लोगों के बीच रहने से एआई, भारतीय प्रतिभा और नवाचार की असाधारण क्षमता की झलक मिलती है।
पीएम मोदी ने आगे कहा था, “हम मिलकर न केवल भारत के लिए बल्कि दुनिया के लिए भी समाधान तैयार करेंगे।”
यह एक्सपो इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित किया जा रहा है, जो ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक एआई सम्मेलन है और इसमें अभूतपूर्व भागीदारी देखी जा रही है, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई नेता भाग लेने वाले हैं।
इस बीच, सोमवार से शुरू हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, मंत्रियों, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेताओं, प्रख्यात शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग जगत के हितधारकों को एक साथ लाया गया ताकि समावेशी विकास को आगे बढ़ाने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके। साथ ही, यह पहली बार है कि इस मुद्दे पर इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन ग्लोबल साउथ में किया जा रहा है।
‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्देश्य एआई के प्रति प्रभाव-उन्मुख और जन-केंद्रित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है, जिसमें मापने योग्य सामाजिक और आर्थिक परिणाम प्रदान करने पर जोर दिया गया है।




 

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव बनने से तमिलनाडु के 10 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण 21 फरवरी को तमिलनाडु के कम से कम 10 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वी हिंद महासागर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।
मौसम विभाग ने बताया कि 18 फरवरी तक पूरे तमिलनाडु में शुष्क मौसम रहने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मौसम के मिजाज में बदलाव शुरू होगा। 19 फरवरी को राज्य के दक्षिणी तटीय जिलों और डेल्टा क्षेत्र के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
20 फरवरी को इस सिस्टम के और मजबूत होने के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। उस दिन तमिलनाडु के कई हिस्सों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, 21 फरवरी को डेल्टा क्षेत्र के मायिलादुथुरै, नागपट्टिनम, तिरुवारुर, तंजावुर और पुडुकोट्टई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। वहीं दक्षिणी तमिलनाडु के रामनाथपुरम, थूथुकुडी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी और तेनकासी जिलों में भी एक-दो स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है।
22 फरवरी को तेनकासी, तिरुनेलवेली, और कन्याकुमारी जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर दक्षिणी तटीय इलाकों में, क्योंकि समुद्र की स्थिति सिस्टम की तीव्रता के अनुसार खराब हो सकती है। निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।








 

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को मुंबई बहुत पसंद आई: पीएम मोदी

17-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले तो मुंबई की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘अपने दोस्त’ संग मुलाकात की एक तस्वीर के साथ लिखा, “मुंबई में अपने दोस्त, राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर बहुत खुशी हुई! उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें यह शहर बहुत पसंद है और आज सुबह उन्होंने अपनी दौड़ (जॉगिंग) का भी आनंद लिया!
मंगलवार तड़के आर्थिक राजधानी पहुंचने के कुछ देर बाद ही मैक्रों समुद्र किनारे मरीन ड्राइव पर अलग अंदाज में दिखे। उनके साथ फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों भी थीं। नीले रंग के शॉर्ट्स और टी शर्ट में वो जॉगिंग करते दिखे। जिससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो फिटनेस को लेकर कितने गंभीर हैं।
उनकी सुरक्षा टीम और भारतीय सुरक्षा अधिकारी उनके साथ मौजूद थे। मुंबई पुलिस के जवान भी सड़क पर तैनात थे। प्रधानमंत्री ने उनकी इसी दौड़ का अपनी पोस्ट में जिक्र किया।
महाराष्ट्र के गवर्नर आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई एयरपोर्ट पर मैक्रों का सुबह स्वागत किया था। बाद में फर्स्ट लेडी के साथ राष्ट्रपति मैक्रों ने मुंबई टेरर अटैक के पीड़ितों को ताज में श्रद्धांजलि भी दी।
इसके बाद वो मुंबई में कई बॉलीवुड स्टार्स से भी मिले। इनमें मनोज बाजपेयी, अनिल कपूर, शबाना आजमी, जोया अख्तर और ऋचा चढ्ढा जैसे कलाकार शामिल थे।
दोनों नेता शाम को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर 2026 का उद्घाटन करेंगे। मोदी और मैक्रों उद्योगपतियों, स्टार्टअप फाउंडर्स, रिसर्च एक्सपर्ट्स, और इनोवेशन से जुड़े लोगों को संबोधित भी करेंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान मैक्रों दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल होंगे।
यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा दौरा है और मुंबई में उनका पहला आधिकारिक दौरा है। इससे पहले वो मार्च 2018 में पहली बार भारत आए थे। फिर वो सितंबर 2023 में जी20 सम्मेलन के लिए और जनवरी 2024 में गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे।
भारत और फ्रांस के बीच 1998 से रणनीतिक साझेदारी है, और दोनों देश रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साथ काम करते हैं। यह दौरा भी इसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

 



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