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विकसित देशों से व्यापार समझौते हर भारतीय का जीवन स्तर सुधारेंगे : प्रधानमंत्री मोदी

01-Jun-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) और उससे होने वाले लाभों पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का एक लेख साझा किया है। लेख में बताया गया है कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों की रक्षा करने और भारत-ओमान के बीच साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
लेख में कहा गया है कि भारत-ओमान सीईपीए भारतीय निर्यातकों के लिए बाजारों में विविधता लाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इसके साथ ही यह समझौता रोजगार के नए अवसर सृजित करने और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी सहायक होगा।
लेख के अनुसार, समझौते को इस तरह तैयार किया गया है कि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाकर साझा आर्थिक समृद्धि को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने लेख में इस बात पर प्रकाश डाला है कि भारत-ओमान सीईपीए भारतीय निर्यातकों को बाजारों में विविधता लाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों की रक्षा करने और दोनों देशों के बीच साझा समृद्धि को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयास प्रत्येक भारतीय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे समझौते भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के साथ-साथ नागरिकों के लिए बेहतर अवसर भी पैदा करेंगे। 

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ईद-उज-जुहा की पूर्व संध्या पर देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

28-May-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ईद-उज-जुहा की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं हैं। अपने संदेश में उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले भारतीयों, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ईद-उज-जुहा समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह पर्व मानवता की सेवा, विशेष रूप से वंचित वर्गों की सहायता करने के लिए प्रेरित करता है। द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि इस अवसर पर सभी लोगों को समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता को मजबूत करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। 



 

खरीफ अभियान 2026 को नई दिशा देगा राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन, 28-29 मई को दिल्ली में जुटेंगे राज्यों के प्रतिनिधि

28-May-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 28 और 29 मई को नई दिल्ली स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, NASC कॉम्प्लेक्स, पूसा में “नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एग्रीकल्चर फॉर खरीफ कैंपेन 2026” का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन खरीफ सीजन की तैयारी, राज्यों के साथ समन्वय और किसान-केंद्रित नीति क्रियान्वयन को नई मजबूती देने वाला राष्ट्रीय मंच बनेगा। सम्मेलन में दलहन, तिलहन, बागवानी, बीज, प्राकृतिक खेती, जलवायु-सहिष्णु कृषि, कृषि ऋण, फसल बीमा, पीएम-आशा, डिजिटल एग्रीकल्चर और राज्यों के अनुभवों पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें कई राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि क्षेत्र से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार खरीफ 2026 को केवल मौसमी अभियान नहीं, बल्कि उत्पादन वृद्धि, फसल विविधीकरण, जलवायु-सहिष्णु कृषि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसान समृद्धि से जुड़े व्यापक राष्ट्रीय एजेंडे के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य खरीफ 2026 की तैयारी को अधिक प्रभावी, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाना है।
सम्मेलन में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत प्राकृतिक खेती पर विशेष संबोधन देंगे। इसके बाद विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के सुझाव लिए जाएंगे, ताकि सम्मेलन केवल प्रस्तुति तक सीमित न रहकर वास्तविक अनुभवों, क्षेत्रीय चुनौतियों और राज्यों की अपेक्षाओं पर आधारित साझा राष्ट्रीय विमर्श का रूप ले सके।
सम्मेलन में बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, गुजरात, कर्नाटक, त्रिपुरा, तेलंगाना, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, सिक्किम, नागालैंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम सहित कई राज्यों के मंत्री शामिल होंगे। इनमें विजय कुमार सिन्हा, दत्तात्रेय विठोबा भरणे, कनक वर्धन सिंह देव, जीतूभाई सावजीभाई वाघानी, गुरमीत सिंह खुड्डियां, सूर्य प्रताप शाही, श्याम सिंह राणा और किरोड़ी लाल मीणा प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
28 मई को सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में शिवराज सिंह चौहान प्रारंभिक उद्बोधन देंगे। इसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समूहों में बांटकर तीन विषयगत हॉल में समानांतर चर्चा कराई जाएगी। पहले समूह में आत्मनिर्भरता, विविधीकरण और उत्पादन वृद्धि पर चर्चा होगी। इसमें दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, तिलहन एवं ऑयल पाम, बागवानी, MIDH, NFSNM, कॉटन मिशन, बीज उपलब्धता और बीज मूल्य शृंखला सुधार जैसे विषय शामिल रहेंगे।
दूसरे समूह में टिकाऊ और जलवायु-सहिष्णु कृषि पर चर्चा होगी। इसमें प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित सलाह, संतुलित उर्वरक उपयोग, कृषि यंत्रीकरण, “पर ड्रॉप मोर क्रॉप”, पौध संरक्षण सुधार और एकीकृत कृषि प्रणाली जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा।
तीसरे समूह में कृषि अवसंरचना, वित्तपोषण और जोखिम प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड सैचुरेशन, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, पीएम-आशा, डिजिटल एग्रीकल्चर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और एफपीओ वित्तपोषण जैसे विषय शामिल रहेंगे।
29 मई को सम्मेलन के दूसरे दिन नीति, विज्ञान और तकनीक आधारित विचार-विमर्श आगे बढ़ाया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव पहले दिन की चर्चाओं का सार प्रस्तुत करेंगे, जबकि सचिव DARE एवं महानिदेशक ICAR कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और कृषि रोडमैप पर प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा IMD, कृषि आयुक्त और ICAR के फसल विज्ञान विशेषज्ञ फसल स्थिति, बीज उपलब्धता, उन्नत किस्मों के उपयोग और संतुलित उर्वरक उपयोग जैसे विषयों पर जानकारी देंगे।
सम्मेलन में दलहन मिशन, तिलहन एवं ऑयल पाम, PM-AASHA और बागवानी मिशन पर राज्यवार रणनीतियों और खरीद रोडमैप पर चर्चा होगी। साथ ही डिजिटल एग्रीकल्चर डिवीजन किसान रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, AgriStack और डिजिटल सेवा वितरण रोडमैप पर अपनी रूपरेखा प्रस्तुत करेगा। इसका उद्देश्य कृषि प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और डेटा आधारित बनाना है। 

 

असम में यूसीसी विधेयक पास, अमित शाह बोले- समान कानून लागू करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध

28-May-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 पारित होने पर राज्य की जनता और सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता भारतीय जनता पार्टी का स्थापना काल से ही संकल्प रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा शासित राज्य हर नागरिक के लिए समान कानून स्थापित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने बुधवार को असम विधानसभा में यूसीसी विधेयक-2026 पारित करा लिया। इसके साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का तीसरा और पूर्वोत्तर का पहला राज्य बन गया है। विपक्ष की ओर से विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग और हंगामे के बावजूद इसे सदन से मंजूरी मिल गई।
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “असम की जनता को बधाई। समान नागरिक संहिता भाजपा की स्थापना के समय से ही उसका संकल्प रहा है।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देशभर में कानून के समक्ष समानता के सिद्धांत को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और विधेयक का समर्थन करने वाले सभी विधायकों को भी बधाई दी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी असम सरकार को बधाई देते हुए कहा कि असम विधानसभा में यूसीसी कानून का पारित होना विकसित, समरस और सशक्त भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड से निकली यूसीसी की धारा अब पूरे देश में आगे बढ़ रही है। धामी ने कहा कि यह बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के समानता और न्याय आधारित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
यूसीसी कानून के तहत विवाह, तलाक, अलगाव, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी। विधेयक में बहुविवाह और एक से अधिक शादी पर रोक लगाने का भी प्रावधान किया गया है, जबकि लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
गौरतलब है कि 2026 के असम विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने यूसीसी को अपने प्रमुख चुनावी वादों में शामिल किया था। इसी महीने राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक में यूसीसी के मसौदे को मंजूरी दी गई थी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कानून को “ऐतिहासिक” बताते हुए विधानसभा के सभी सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब इस विधेयक को पहले असम के राज्यपाल के पास भेजा जाएगा और उसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

 

देश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति, अफवाहों पर ध्यान न दें : सरकार

28-May-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त से भी अधिक आपूर्ति उपलब्ध है और खुदरा तथा औद्योगिक दोनों जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और ईंधन के खुदरा केंद्रों का अनुशासित तरीके से उपयोग करने की अपील की है।
सरकार के अनुसार भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है। देश में 22 चालू रिफाइनरियां हैं, जिनकी कुल वार्षिक क्षमता 25.81 करोड़ टन है। वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू खपत 24.32 करोड़ टन रही, जबकि इसी अवधि में 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया गया। इससे भारत वैश्विक स्तर पर रिफाइंड उत्पादों के सबसे बड़े निर्यातकों में शामिल है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों, राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने बताया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, फिक्की और सीआईआई के साथ स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी पेट्रोलियम उत्पाद की कोई वास्तविक कमी नहीं है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में मूल्य अंतर का अनुचित लाभ उठाने की कोशिशों के कारण कृत्रिम कमी का भ्रम पैदा हुआ है।
सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी पर प्रतिदिन लगभग 550 करोड़ रुपए का नुकसान खुद वहन कर रही हैं। यह राहत मुख्य रूप से परिवारों, किसानों और दोपहिया वाहन चालकों जैसे खुदरा उपभोक्ताओं के लिए दी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक खरीद के लिए अलग मूल्य व्यवस्था लागू होती है, जहां कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार तय होती हैं।
सरकार के मुताबिक कुछ औद्योगिक उपभोक्ता औद्योगिक चैनलों के बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं। इससे खुदरा पंपों पर मांग असामान्य रूप से बढ़ रही है और कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम किल्लत जैसी स्थिति बन रही है। सरकार ने बताया कि निजी तेल विपणन कंपनियों द्वारा अधिक कीमतें तय किए जाने के कारण उनके खुदरा आउटलेट और थोक ग्राहकों से हाई-स्पीड डीजल की उठान में करीब 38% की गिरावट दर्ज की गई है। यह मांग अब सार्वजनिक क्षेत्र के खुदरा आउटलेटों की ओर स्थानांतरित हो रही है। साथ ही पीएसयू कंपनियों के थोक ग्राहकों के वॉल्यूम में भी करीब 29% की गिरावट आई है।
केंद्र सरकार ने उद्योग संगठनों से कहा है कि वे अपने सदस्यों को नियमों और उल्लंघन के परिणामों के बारे में जागरूक करें। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विशेष दस्ते गठित कर कालाबाजारी, अनधिकृत भंडारण, खुदरा आपूर्ति के दुरुपयोग और पेट्रोलियम उत्पादों के डायवर्जन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
सरकार ने कहा कि भारत की मजबूत रिफाइनिंग क्षमता, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का अनुशासित संचालन और केंद्र, राज्यों तथा उद्योगों के बीच सक्रिय समन्वय देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए हुए है। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
 

ईद-उल-अजहा पर राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

28-May-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। बकरीद को समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्व हमें मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में लिखा, “ईद-उज-जुहा के अवसर पर मैं सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।
यह त्योहार समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह पर्व हमें मानवता, विशेषकर वंचित वर्गों, की सेवा करने की प्रेरणा देता है। आइए, इस अवसर पर हम समाज में प्रेम और समरसता का संचार करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता से आगे बढ़ें।”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं। कामना है कि यह अवसर हमारे समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और गहरा करे। सभी की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना।” इससे पहले, देश के कई अन्य नेताओं ने भी एक्स पोस्ट के जरिए देशवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं दी।
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने लिखा, “बकरीद त्याग और निस्वार्थ भक्ति का शाश्वत संदेश लेकर आती है। इसके द्वारा पोषित मूल्य हमारे दैनिक जीवन में झलकने चाहिए और समाज को मानवता तथा करुणा की ओर अग्रसर करना चाहिए। हमारी इन उत्सवों की आध्यात्मिक रोशनी हमें हर चुनौती का सामना साहस और आशा के साथ करने की शक्ति प्रदान करे। आप सभी को ईद मुबारक।”
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पोस्ट में लिखा, “ईद अल अजहा, अर्थात् आम बोलचाल की जुबान में बकरीद पर्व की दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुस्लिम भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को दिली मुबारकबाद तथा उनके साथ-साथ समस्त देशवासियों के खुश व खुशहाल जिंदगी की शुभकामनाएं।”
उन्होंने आगे लिखा, “सभी पर्व व त्योहार आदि पूरी शान्ति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ गुजरे तो यह देश व जनहित में हमेशा बेहतर होगा, ताकि देश-प्रदेश के विकास व यहां के लोगों की तरक्की पर पूरी ऊर्जा, शक्ति व संसाधन लग सके, जैसा कि बीएसपी की यहां यूपी में रही चारों सरकारों में हमेशा से सभी सरकारों में दुर्लभ रही कानून द्वारा कानून के राज के तहत पूरी तरह से सर्वसमाज-हितैषी ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की बेहतरीन सरकार रही।”
आरएमएल प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने लिखा, “बिहार सहित समस्त देशवासियों को त्याग, बलिदान, इबादत, बरक्कत और आपसी सौहार्द का पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) की दिली मुबारकबाद। इस अवसर पर खुदा से सभी के लिए अमन-चैन, सलामती एवं रहमतों की दुआ करते हैं।”

जयशंकर के निमंत्रण पर भारत पहुंचेंगे अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री

22-May-2026
नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में 26 मई 2026 को नई दिल्ली में होने वाली ‘क्वाड’ विदेश मंत्रियों की बैठक में ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के शीर्ष राजनयिक शामिल होंगे। बैठक के दौरान सदस्य देश जुलाई 2025 में वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
‘क्वाड’ विदेश मंत्रियों की इस बैठक में भाग लेने के ल‍िए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगे।
इस बैठक के दौरान मंत्री एक जुलाई 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं को एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए ‘क्वाड’ के दृष्टिकोण के अनुरूप आगे बढ़ाएंगे। वे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। साथ ही क्वाड की चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। साथ ही साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों और आपसी चिंता के अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
अपनी यात्रा के दौरान, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ-साथ अमेरिका के विदेश मंत्री के भी, विदेश मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रवास के दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा क्वाड साझेदारों के बीच लगातार उच्च-स्तरीय जुड़ाव को दर्शाती है और एक स्वतंत्र, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए उनके साझा दृष्टिकोण को मजबूत करती है।
दरअसल, क्वाड की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीतिक गतिशीलता लगातार बदल रही है और सदस्य देश साझा क्षेत्रीय तथा वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग और समन्वय को गहरा करने का प्रयास कर रहे हैं।
इस बीच, भारत की अपनी यात्रा से पहले, रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन नई दिल्ली के साथ ऊर्जा संबंधों का विस्तार करना चाहता है और क्वाड के माध्यम से समन्वय को गहरा करना चाहता है; साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के बीच भारत को एक “महान सहयोगी” और “महान साझेदार” बताया। 

भारत-साइप्रस संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, निवेश दोगुना करने का लक्ष्य: पीएम मोदी

22-May-2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और साइप्रस के बीच बढ़ते भरोसे तथा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से नई संभावनाएं उभरी हैं और दोनों देश अगले पांच वर्षों में साइप्रस से भारत में होने वाले निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत और साइप्रस ने अपने विश्वसनीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का निर्णय लिया है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति और नया आयाम मिलेगा।
भारत और साइप्रस की मित्रता मजबूत होने के साथ-साथ भविष्य उन्मुख
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस की मित्रता मजबूत होने के साथ-साथ भविष्य उन्मुख भी है। लोकतंत्र, कानून के शासन और सभी देशों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान जैसे साझा मूल्य दोनों देशों की साझेदारी की नींव हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी रहेगा।
पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में साइप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ है, जो दोनों देशों के बीच बढ़े विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से नई आर्थिक संभावनाएं बनी हैं और इन्हीं अवसरों का लाभ उठाते हुए दोनों देश अगले पांच वर्षों में निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे।
साइप्रस के संबंध समय की कसौटी पर बार-बार खरे उतरे 
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के संबंध समय की कसौटी पर बार-बार खरे उतरे हैं और रणनीतिक साझेदारी बनने से इन संबंधों को नया एम्बिशन और नई स्पीड मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए माइग्रेशन एवं मोबिलिटी समझौते तथा सामाजिक सुरक्षा समझौते पर सहमति बनाई है। इसके अलावा उच्च शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी समझौते किए जा रहे हैं।
भारत और यूरोप के संबंध एक नए स्वर्णिम दौर में 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोप के संबंध एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे समय में साइप्रस यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभालने के साथ-साथ भारत और पूरे यूरोप के बीच एक महत्वपूर्ण निवेश प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत संघर्षों की शीघ्र समाप्ति और शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में त्वरित और महत्वपूर्ण सुधार भी आवश्यक हैं।

पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान आज, 285 बूथों पर भारी केंद्रीय बल तैनात

21-May-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर गुरुवार को पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान हो रहा है। सभी 285 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। मतदान के नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
29 अप्रैल को दूसरे चरण के दौरान फाल्टा में हुए मतदान में कथित बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया था। शिकायतों में मुख्य रूप से भाजपा उम्मीदवारों के नाम और चिह्न वाले EVM बटनों को सफेद टेप से ढकने का आरोप शामिल था।
चुनाव आयोग ने इस पुनर्मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 35 कंपनियां तैनात की हैं। यह किसी एक विधानसभा क्षेत्र के लिए काफी बड़ी सुरक्षा तैनाती मानी जा रही है। मतदान कर्मी पूरी तरह तैयार हैं और पूरे प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है।
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने फाल्टा के विकास पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भरोसा जताया था।
हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि खान की घोषणा के बावजूद उनका नाम तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में EVM पर बना रहेगा और मतदान में उनका बटन भी उसी रूप में रहेगा। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने उम्मीद जताई है कि सभी सुरक्षा और निगरानी उपायों के साथ यह पुनर्मतदान बिना किसी बाधा के पूरा होगा।











 

पीएम मोदी की पांच दिवसीय यात्रा से भारत को मिला 40 अरब डॉलर का निवेश

21-May-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पांच दिवसीय यात्रा से भारत को करीब 40 अरब डॉलर के नए निवेश की प्रतिबद्धताएं हासिल हुई हैं। 
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और एआई जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली 50 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के CEOs और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इन कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य 2.7 से 3 ट्रिलियन डॉलर के बीच है।
– संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारत में 5 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की।
– कई कंपनियों ने भारत में अपने परिचालन विस्तार और नए निवेश का वादा किया है।

अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं और प्रस्तावित योजनाओं का कुल अनुमानित मूल्य 40 अरब डॉलर है। इन कंपनियों की भारत में पहले से ही मजबूत उपस्थिति है और उनका कुल निवेश लगभग 180 अरब डॉलर का है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली शामिल थे। 

– नीदरलैंड के साथ व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, AI और ग्रीन हाइड्रोजन पर रणनीतिक साझेदारी रोडमैप जारी किया गया।
– स्वीडन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति।
– नॉर्वे में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भागीदारी।
– इटली के साथ संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उठाया गया।

इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जो भारत की आर्थिक विकास गति, बढ़ती घरेलू खपत और निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ उठाने की दिशा में विदेशी कंपनियों के भरोसे को दर्शाते हैं।यह यात्रा भारत को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

 




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