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पीएम मोदी ने वडोदरा में 35 हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास और लोकार्पण

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में करीब 35 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। पीएम मोदी ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी का ये मैदान, अलग-अलग फील्ड में काम करने वाले सभी साथियों का साथ और विकास का ये उत्सव, यहां सब कुछ एक साथ हो रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में गुजरात के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।” उन्होंने वडोदरा के लोगों की तारीफ करते हुए कहा, “इस विकास पर्व में आप सभी ने जिस सेवाभाव से पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनकी सराहना करता हूं।”
पीएम मोदी कहा, “जिस तरह से आपने ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान चलाया है, उसके लिए भी मैं आपको बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा कि हर परिवार में स्वच्छता का वातावरण बन गया है। उन्होंने कहा, “इस बार जब गणेश जी पधारेंगे तो सारे आशीर्वाद बरसेंगे।”
उन्होंने कहा, “इस वर्ष लाल किले से मैंने विकसित भारत के लिए संकल्प की सप्तधारा का आह्वान किया है। इस सप्तधारा में एक धारा गतिशक्ति की भी है। विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए, जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरा तेज भी हो।”
वडोदरा को गतिशक्ति यूनिवर्सिटी का शहर बताते हुए पीएम ने कहा, “आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं। आज 2,800 किमी से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है।” इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई सांसद और नेता मौजूद रहे।









 

हमने 50,000 रेल कोच बनाए, कांग्रेस 50,000 शौचालय भी नहीं बना सकी: पीएम मोदी

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पिछली कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 के बाद भारत ने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनाए, जबकि पिछली सरकार 10 साल में 50,000 शौचालय भी नहीं बना सकी। गुजरात के वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (WDFC) के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन किया। इन खंडों के चालू होने के साथ ही जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (नवी मुंबई) को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ने वाली यह परियोजना पूरी हो गई।
पीएम मोदी ने कहा कि समर्पित माल ढुलाई गलियारे तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा हैं और इस आधुनिक नेटवर्क के कारण देश में बदलाव की रफ्तार तेज हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले यात्री और मालगाड़ियों को एक ही पटरी पर चलना पड़ता था, जिससे दोनों की रफ्तार प्रभावित होती थी। अब समर्पित गलियारे ने इस स्थिति को बदल दिया है। पूर्वी और पश्चिमी माल ढुलाई गलियारे देश के व्यापार और कारोबार की रीढ़ बन रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि 2,800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे का पूरा होना पिछले 12 वर्षों में देश की कार्य संस्कृति में आए बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने याद दिलाया कि इस परियोजना का विचार 2004 में सामने आया था और 2006 में विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक फाइलें एक जगह से दूसरी जगह घूमती रहीं। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से इन फाइलों की किस्मत में भी कोई समर्पित गलियारा नहीं था। फाइलें कहीं अटक जाती थीं, कहीं पड़ी रहती थीं और इधर-उधर भटकती रहती थीं। 2014 के बाद आपके आशीर्वाद से दिल्ली पहुंचते ही हमने इस परियोजना के काम में तेजी लाई और आज यह पूरा हो गया है।” पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को देश के लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।













 

बाढ़ प्रभावित नेपाल में भारत-चीन की मदद से पुलों के पुनर्निर्माण, सड़क संपर्क बहाल करने की कोशिश तेज

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) विनाशकारी बाढ़ से टूटे महत्वपूर्ण सड़क मार्गों को बहाल करने में जुटे नेपाल ने आपदा प्रभावित इलाकों में अलग-थलग पड़े समुदायों को फिर से जोड़ने के लिए भारत और चीन से अस्थायी पुल मुहैया कराने का अनुरोध किया है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, 26 अगस्त को आई आपदा में सोमवार तक 1,356 लोगों की मौत हो गई जबकि 4,994 लोग अब भी लापता हैं। अब तक कुल 13,396 लोगों को बचाया गया है।
चट्टानों के खिसकने एवं हिमस्खलन के कारण नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ से भोटेकोशी नदी में पानी का तेज बहाव आया जिसमें उत्तरी और मध्य नेपाल में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। नेपाल ने भारत और चीन दोनों से अस्थायी पुल देने का अनुरोध किया है और दोनों देशों ने इस अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
‘द काठमांडू पोस्ट’ की मंगलवार की खबर के अनुसार, चीन मुस्तांग में कोरला सीमा चौकी पर 100-100 मीटर लंबे दो ‘बेली ब्रिज’ (अस्थायी इस्पात पुल) पहले ही भेज चुका है। खबर में कहा गया कि सड़क विभाग ने सड़कों और पुलों को करीब 30 अरब नेपाली रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया है, जबकि इनके पुनर्निर्माण पर करीब 50 अरब नेपाली रुपये खर्च होने की संभावना है।
बाढ़ में रसुवा और चितवन के बीच 41 पुल नष्ट हो गए और चार अन्य आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। इस मार्ग पर मौजूद 63 पुलों में से केवल 18 ही सुरक्षित बचे हैं। बाढ़ के कारण कई महत्वपूर्ण सड़क मार्ग नष्ट हो गए। रसुवा में आपदा के कारण नुवाकोट से सड़क संपर्क टूट गया, जबकि फुरके खोला पर बना कंक्रीट का पुल नष्ट हो जाने से धादिंग जिले के मुख्यालय धादिंगबेसी और पृथ्वी राजमार्ग के बीच सीधा संपर्क भी कट गया।
‘काठमांडू पोस्ट’ ने सड़क विभाग के उपमहानिदेशक एवं प्रवक्ता शुभराज न्यौपाने के हवाले से बताया कि विभाग ने बाढ़ में बहे सड़क मार्गों को साफ करने का काम शुरू कर दिया है ताकि अस्थायी पुल लगाए जा सकें। खबर के अनुसार, नेपाली सेना नुवाकोट के देवीघाट में अलग से एक ‘एक्रो ब्रिज’ (अस्थायी मॉड्यूलर पुल) लगा रही है।
भौतिक अवसंरचना एवं परिवहन मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील बाबू ढकाल ने बताया कि सड़क विभाग के पास 48 मीटर तक लंबे 11 ‘बेली ब्रिज’ हैं, लेकिन उन्हें क्षतिग्रस्त स्थानों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है क्योंकि कई स्थानों तक जाने वाली सड़कें भी बाढ़ में बह गई हैं। बताया जा रहा है कि भारत ने भी नेपाल को ‘बेली ब्रिज’ उपलब्ध कराने की पेशकश की है।
इस बीच, बुनियादी ढांचे को हुए व्यापक नुकसान से बचाव एवं राहत कार्यों की चुनौतियां और बढ़ गई हैं। अधिकारियों को बाढ़ के पानी से बरामद शवों की पहचान करने में भी दिक्कत हो रही है। एनडीआरआरएमए के अनुसार, सोमवार तक केवल 98 शवों की पहचान कर उन्हें परिवारों को सौंपा जा सका।

















 

ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे राष्ट्रपति पुतिन, पीएम मोदी से करेंगे द्विपक्षीय बैठक : क्रेमलिन प्रवक्ता पेस्कोव

08-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश)  दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात तय है। क्रेमलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को होने वाली द्विपक्षीय बैठक की पुष्टि करते हुए भारत को रूस का “रणनीतिक साझेदार” बताया है।
रूसी राष्ट्रपति के दिल्ली पहुंचने से पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता और राष्ट्रपति पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को मीडिया से वर्चुअल बातचीत की। उनके बयानों में भारत-रूस रिश्तों की गर्माहट के साथ-साथ बदलती वैश्विक व्यवस्था की झलक भी दिखाई दी।
पेस्कोव ने कहा, “दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क बहुत अहम होंगे, खासकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक। जैसा कि आप जानते हैं, भारत और रूस के नेताओं के बीच बहुत करीबी संबंध हैं। उनके संबंध बहुत व्यावहारिक हैं और वे एक-दूसरे के साथ इतने ईमानदार हैं कि वैश्विक एजेंडे और हमारे आपसी संबंधों से जुड़े सबसे संवेदनशील मुद्दों पर बहुत खुले और रचनात्मक तरीके से चर्चा कर सकते हैं।”
यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ने, पश्चिमी प्रतिबंधों और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई बड़े सवालों से जूझ रही है।
ब्रिक्स की अहमियत पर पेस्कोव ने प्रकाश डालते हुए कहा,” मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि ब्रिक्स कोई संगठन नहीं है; यह एक क्लब है। हमारे पास कोई चार्टर, नियम या स्थायी कार्यालय नहीं है। बल्कि, यह उन देशों का एक क्लब है जो इस बात पर एक जैसी सोच रखते हैं कि दुनिया में काम कैसे होने चाहिए और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग कैसे किया जाना चाहिए।”
उन्होंने ब्रिक्स के तीन प्रमुख स्तंभों का जिक्र करते हुए कहा, “रूस ब्रिक्स सहयोग के तीन मुख्य स्तंभों – राजनीति और सुरक्षा; अर्थव्यवस्था और वित्त; और सांस्कृतिक व मानवीय संपर्क – के और विकास में योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बेशक, हमारी अपनी कई पहल हैं जिन्हें हम इस समूह के भीतर बढ़ावा दे रहे हैं। हम ब्रिक्स के भीतर सहयोग के अलग-अलग तरीकों में ज्यादा से ज्यादा देशों को शामिल करने के विचार का समर्थन करते हैं।”
पार्टनर कंट्री के कॉन्सेप्ट की प्रशंसा करते हुए पेस्कोव बोले, ” 2024 में, पार्टनर देशों की एक नई श्रेणी – ‘ब्रिक्स पार्टनर कंट्री’ श्रेणी – बनाई गई थी, और अब यह बहुत अच्छी तरह से विकसित हो रही है। बेलारूस, बोलीविया, वियतनाम, कजाकिस्तान, क्यूबा, ​​नाइजीरिया, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान को पार्टनर का दर्जा दिया गया है। इन देशों के प्रतिनिधियों को धीरे-धीरे अलग-अलग वर्किंग ग्रुप और फॉर्मेट में शामिल किया जा रहा है, और हम इसे एक बहुत ही सकारात्मक विकास मानते हैं।”
उन्होंने बताया कि रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, रूसी प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के कामकाज को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एक्सपर्ट लेवल पर बातचीत शुरू करने की पहल की। बोले, “हम इस पहल को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं, और ब्रिक्स के भीतर कई देशों ने इसका समर्थन किया।”
पेस्कोव ने बताया कि रूस और ब्रिक्स देशों के बीच अब करीब 90 प्रतिशत भुगतान राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब डॉलर के प्रभुत्व और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों को लेकर ब्रिक्स देशों के बीच चर्चा तेज है। भारत के रूसी ऊर्जा आयात पर अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर पेस्कोव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को “अवैध” करार दिया।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत के दौरान, यूक्रेन युद्ध और शांति की कोशिशें भी अहम मुद्दा हो सकती हैं। भारत ने शुरुआत से ही युद्ध के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया है। भारत की इसी भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर पेस्कोव ने कहा, “हम भारतीय प्रयासों का स्वागत करते हैं।”
पेस्कोव ने ब्रिक्स को सिर्फ आर्थिक समूह के रूप में देखने से आगे बढ़ते हुए इसे बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता में काफी निवेश किया है और संगठन की विचारधारा बहुध्रुवीय दुनिया की विचारधारा है। उनके अनुसार एकध्रुवीय दुनिया ढह रही है और अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता खो रही है।
उनके मुताबिक, दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन केवल सदस्य देशों की बैठक नहीं है। इसके पीछे दुनिया की उस नई व्यवस्था की बहस भी है जिसमें रूस, भारत, चीन और दूसरे उभरते देश वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रभाव की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही पेस्कोव ने भारत-रूस संबंधों को काफी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “कहानी केवल तेल और रक्षा तक सीमित नहीं है।”
पेस्कोव ने भारत में नए परमाणु संयंत्र के विकास में आगे प्रगति की उम्मीद जताई। उन्होंने रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों का भी स्वागत किया। 
 

बीजापुर के जंगलों में सीआरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, नक्सलियों के छिपाए हथियार मिले

07-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सीआरपीएफ की 199वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। विश्वसनीय सूचना के आधार पर जवानों ने पीडिया एवं कुप्पागुड़ा क्षेत्र के एड्री, हर्रा, नयापारा और सरपंचपारा के घने जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। कमांडेंट आनंद कुमार के मार्गदर्शन और उप कमांडेंट दर्शन यादव की देखरेख में बी/199 एवं एफ/199 कंपनी और यंग प्लाटुन के जवानों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए 14 नक्सली डंप बरामद किए गए। बरामद सामग्री में एक 303 बोल्ट एक्शन रायफल, पांच भरमार रायफल और एक देशी 12 बोर रायफल शामिल हैं। इसके अलावा 10 आईडी, 8 डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, वायरलेस सेट, प्लास्टिक एवं स्टील कंटेनर समेत आईडी निर्माण में उपयोग होने वाली विभिन्न इलेक्ट्रिक सामग्री और नक्सली कपड़े बरामद किए गए हैं। कुल 99 प्रकार की घातक सामग्री जब्त की गई है।
सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बेहद सतर्कता के साथ चरणबद्ध तरीके से तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में लगातार चल रहे अभियान से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है और ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
इसके पहले पुलिस ने बीजापुर जिले के पेगडापल्ली के जंगल में नक्सली डंप बरामद किया था। 29 अगस्त को ग्राम पेगडापल्ली के जंगल क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्ति बोगम लखमू (39) को घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चिन्नागेलूर डीएकेएमएस सदस्य के रूप में कार्य करने तथा नक्सलियों की सामग्री एवं विस्फोटक छिपाने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 50 हजार 50 रुपए नकद, एक बीजीएल लांचर, 18 बीजीएल सेल, 12 तीर बम, एक हैंड ग्रेनेड, 303 के 15 जिंदा राउंड, 31 बीजीएल कार्ट्रिज, एक इंसास खाली मैगजीन, बिजली वायर, तीन राउंड चार्जर एवं एक ईमीटर लीड बरामद किया गया।



 

भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार, स्पेस, एआई और व्यापार में बढ़ा सहयोग: सर्जियो गोर

07-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत हो रही है और उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को भारत में अवसरों के बारे में बताया है। अमेजन के अधिकारियों के साथ कंपनी की भारत में मौजूदगी, अमेरिकी कारोबार के लिए बढ़ते मौकों और अमेरिका-भारत के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा के बाद, गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “अमेरिकी इनोवेशन पूरी दुनिया में एक बहुत महत्वपूर्ण ताकत है।”
इसके अतिरिक्त, गोर, जो कि रविवार को बेंगलुरु में थे, ने कहा कि दक्षिण भारत में हमारी साझेदारी से इनोवेशन, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत के संबंधों को बढ़ावा मिल रहा है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद गोर ने कहा, “पैक्स सिलिका और ट्रस्ट जैसी पहलों के जरिए हम अमेरिकी और भारतीय उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर पैदा कर रहे हैं।”
इसके अलावा, अमेरिकी राजदूत ने बेंगलुरु दक्षिण से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या से भी मुलाकात की और कहा कि दोनों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे अमेरिका-भारत की साझेदारी विकास, इनोवेशन और अवसरों को बढ़ावा देना जारी रख सकती है। इससे पहले सितंबर में, उन्होंने बताया था कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने के आखिर में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होने और चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत पर चर्चा करने के लिए अमेरिका जाएंगे।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के 66वें सालाना सत्र में अपने संबोधन में, गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और बातचीत में काफी प्रगति हुई है। साथ ही, अमेरिकी राजदूत ने कहा कि गोयल आने वाले हफ्तों में अमेरिका का दौरा करेंगे क्योंकि वाशिंगटन जी20 वार्ता की मेजबानी कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों सरकारें ऐसे व्यापारिक संबंधों की दिशा में काम कर रही हैं जो निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हों।







 

नेपाल में त्रासदी के तेरहवें दिन राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज

07-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश) विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वालों के सम्मान में नेपाल आज सोमवार को राष्ट्रीय शोक मना रहा है। इस दिन राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। 3 सितंबर को हुई कैबिनेट मीटिंग में 13 दिन पहले आई इस खतरनाक बाढ़ में अपनी जान गंवाने वालों के सम्मान में सोमवार को राष्ट्रीय शोक मनाने का फैसला किया गया था।
पूरे नेपाल में सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ विदेशों में नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों या दूतावासों पर राष्ट्रीय झंडा आधा झुकाया गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम तक बाढ़ में मारे गए 1,353 लोगों के शव बरामद किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बरामद लाशों में 530 पुरुष और 328 महिलाएं हैं, जबकि 495 मानव अंग बरामद किए गए और उनकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने कहा कि 3,992 लोग अभी भी संपर्क में नहीं हैं, जिनमें 595 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद किए गए 1,044 शवों को सुरक्षित रूप से दफना दिया गया है, जबकि बाकी शवों की पहचान और मैनेजमेंट का काम चल रहा है।
सिक्योरिटी एजेंसियों ने उन लोगों के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा है जो संपर्क में नहीं हैं, खासकर उन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में जो भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर से लगे हुए हैं।
नेपाल में प्राइवेट सेक्टर के पावर डेवलपर्स का एक प्रतिनिधि निकाय, इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (आईपीपीएएन) के अनुसार, रविवार शाम तक 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले 919 लोग संपर्क में नहीं थे। कुछ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से कुछ लोगों को जिंदा बचाने में कामयाबी मिली है, जिसमें 4 सितंबर को 60-एमडब्ल्यू अपर त्रिशूली 3ए प्रोजेक्ट से दो नेपाली नागरिक और 5 सितंबर को 216-एमडब्ल्यू अपर त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट से एक चीनी नागरिक को बचाया गया।
इस बीच, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ पीड़ित बुज़ुर्गों से कहा है कि वे खुद को अकेला न समझें, और उन्हें भरोसा दिलाया है कि राज्य और सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। सोमवार को सोशल मीडिया संदेश में प्रधानमंत्री शाह ने कहा, “आप अकेले नहीं हैं। राज्य आपके साथ है, और सरकार आपके साथ है।”
एक भावुक बयान में, प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि बाढ़ के दौरान, कुछ बुज़ुर्ग माता-पिता को अपनी जान की परवाह किए बिना, कांपते हाथों से अपने पोते-पोतियों को पकड़कर ऊंची जगह पर भागना पड़ा। उन्होंने अपने लंबे जीवन में ऐसे मुश्किल हालात कभी पहले नहीं झेले थे। उन्होंने आगे कहा, “यहां तक ​​कि जो पैर बिना छड़ी के मुश्किल से दो कदम चल पाते थे, उन्होंने भी उस पल अपने बच्चों को बचाने के लिए जबरदस्त ताकत झोंक दी थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा, ईरान के साथ ‘पूर्ण युद्ध’ को खारिज किया

06-Sep-2026
नई दिल्ली(शोर संदेश)  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अमेरिका के टकराव को पूर्ण युद्ध के बजाय रुक-रुक कर होने वाला “सैन्य संघर्ष” बताया है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर वॉशिंगटन का नियंत्रण है और उसने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है। ट्रंप ने यह बात तब कही, जब उनसे पूछा गया कि ईरान पर दोबारा हमले शुरू होने के बावजूद, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इस टकराव को ‘युद्ध’ मानने से इनकार क्यों किया।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “देखिए, मैं आपको बताता हूं, बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते। मैं इसे मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट (सैन्य टकराव) कहता हूं, क्योंकि हमारे लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं है।” राष्ट्रपति ने कहा कि इस टकराव में 18 अमेरिकी सैनिकों की जान गई, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान में हुए लंबे अमेरिकी युद्धों से नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि यह रुक-रुक कर होने वाली घटना है। आप जानते हैं, हम बीच-बीच में हमले करते रहते हैं। हम अभी लड़ाई नहीं कर रहे हैं। कोई लड़ाई नहीं चल रही है।” वहीं जब अमेरिकी सैनिकों की मौत वाले टकराव को “छोटी-मोटी बात” कहने पर सवाल उठाया गया, तो ट्रंप ने पांच महीने चले इस ऑपरेशन का बचाव किया। उन्होंने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। हमने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया है।”
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ‘पिकएक्स’ नाम की जगह पर फिर से कोई गतिविधि दिखी, तो अमेरिका वहां एक और हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, “हम बहुत जल्द ‘पिकएक्स’ पर हमला कर सकते हैं, अगर वहां कुछ भी हो रहा होगा। अमेरिका ईरान में हो रही गतिविधियों पर नजर रख रहा है। अगर कुछ भी गलत होता है, तो हम उन पर हमला करेंगे। हम उन पर ज़ोरदार हमला करेंगे।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ईरान के रडार, विमान और अन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी माइनस्वीपर्स ने इस रणनीतिक जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं और वहां से तेल की खेप गुजर रही है। उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है और हमारा नियंत्रण बहुत मजबूत है।”
ट्रंप ने मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में कहा, “हमने वेनेजुएला पर कब्जा कर लिया और असल में ईरान पर भी कब्जा कर लिया है।” उन्होंने कहा कि हालिया अमेरिकी हमलों के बाद कई दिनों से कोई गोलीबारी नहीं हुई है और दावा किया कि अगर वॉशिंगटन तुरंत ऑपरेशन खत्म कर दे, तो ईरान को फिर से खड़ा होने में 25 साल लगेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं चाहता हूं कि मैं यहां से हट जाऊं ताकि अगले राष्ट्रपति को इसकी चिंता न करनी पड़े।” उन्होंने टकराव खत्म करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई। चीन और ईरान के रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दखल न देने का आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा, “मैंने राष्ट्रपति शी से कहा कि कृपया इसमें शामिल न हों। वे असल में शामिल नहीं हैं, चीन की बहुत कम भागीदारी है।”
ट्रंप ने बताया कि चीन को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई मिलती है। पाइपलाइन और सीरिया से होकर जाने वाला जमीनी रास्ता इस रणनीतिक रास्ते के विकल्प बना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य अब वैसा नहीं रहा जैसा पहले हुआ करता था। अब पूरे मध्य पूर्व में पाइपलाइन बनाई जा रही हैं, इसलिए उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जाने की जरूरत नहीं है।
 

दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी, मौसम हुआ सुहावना

06-Sep-2026
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में जन्माष्टमी से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर शनिवार सुबह भी जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मानसून की सक्रियता के बीच हुई बारिश से दिल्ली-एनसीआर की हवा में कुछ हद तक सुधार देखने को मिला है, जिसके चलते राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) फिलहाल ग्रीन जोन में बना हुआ है।
स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, आज दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। तापमान अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समय पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वातावरण में नमी भी काफी अधिक रहेगी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 6 सितंबर को भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश की तीव्रता कम रहने का अनुमान है। इस दिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दिन मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
7 सितंबर को मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इस दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 8 सितंबर को भी आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता का स्तर 80 और 50 प्रतिशत तक रह सकता है। बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों की हवा में स्पष्ट सुधार दिखाई दे रहा है।
आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बादल छाए रह सकते हैं। शनिवार को गरज-चमक के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश लोगों को प्रभावित कर सकती है, जबकि रविवार के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने और 7 से 8 सितंबर को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।

 


छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करें शिक्षक : प्रधानमंत्री मोदी

06-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षकों से छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करने और उनके ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करने में मदद करने की अपील की है। पीएम मोदी ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से बातचीत के दौरान कहा कि समाज के सभी लोगों को छात्रों को रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन से आगे बढ़कर उनके व्यवहार और रोजमर्रा के जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त परिवारों की संख्या में कमी आने के कारण बच्चों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने नशे की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोई इसकी चपेट में आ गया है या नहीं, क्योंकि यह पता ही नहीं चलता कि कौन किसे क्या दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों को जागरूकता फैलाने की पहल करनी चाहिए और यदि किसी बच्चे के व्यवहार में कोई बदलाव दिखाई दे तो उस पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।’’
पीएम मोदी ने कहा, ‘‘आपको किसी छात्र के बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए। छात्रों के जीवन में बचपन को जीवंत बनाए रखने में शिक्षक सबसे बड़ा योगदान दे सकते हैं।’’ इस बातचीत का वीडियो शनिवार को जारी किया गया।


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