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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और पेट्रोलियम क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की

15-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने पेट्रोलियम और नेचुरल गैस सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की उनकी कोशिशों के लिए हरदीप सिंह पुरी की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की उनकी कोशिशें तारीफ के काबिल हैं। उनकी लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं।”
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी हरदीप पुरी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “केंद्रीय कैबिनेट में मेरे साथी हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं।”
केंद्रीय कानून और न्याय, और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और सुखमय जीवन की कामना करता हूं।”
केंद्रीय संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा, “मेरे सम्मानित कैबिनेट साथी केंद्रीय मंत्री  हरदीप सिंह पुरी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। देश की सेवा में आपके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा, “प्रभु श्री राम की कृपा से आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की प्राप्ति हो। लोक-कल्याण के लिए आपकी समर्पित साधना सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करे, यही प्रार्थना है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। बाबा केदार से आपके सुदीर्घ, सुयशपूर्ण एवं मंगलमय जीवन की कामना करता हूं।











 

असम के मोरन में पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा शुरू, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

14-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन में नेशनल हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। यह पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा है।
प्रधानमंत्री मोदी वायुसेना के विमान से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जो आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पीएम मोदी का मंच पर स्वागत किया।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना का एयर शो भी देखा। एयर शो में राफेल, सुखोई और मिग फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल रहे। फाइटर एयरक्राफ्ट ने हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उड़ान भरी और लैंड किया। इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए कम से कम एक लाख लोग इकट्ठा हुए।
प्रधानमंत्री को मोरन आपातकालीन लैंडिंग सुविधा के महत्व पर एक प्रेजेंटेशन दिखाया गया। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पीएम मोदी को इसकी तकनीकी और सामरिक विशेषताओं की जानकारी दी।
सरकारी बयान के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर विकसित ईएलएफ को 40 टन तक वजन वाले फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के संचालन के अनुरूप डिजाइन किया गया है। 4.2 किमी लंबे मजबूत कंक्रीट वाले हिस्से को मिलिट्री और सिविलियन दोनों तरह के एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम इमरजेंसी रनवे के तौर पर तैयार किया गया है।
मोरन ईएलएफ की एक खास विशेषता यह है कि इसमें बीच में रोड डिवाइडर नहीं है, जिससे लैंडिंग और टेक-ऑफ ऑपरेशन के दौरान एयरक्राफ्ट का आवागमन सुगम रहेगा। भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित होने से इसकी स्ट्रेटेजिक अहमियत और बढ़ जाती है।
ऊपरी असम में स्थापित मोरन ईएलएफ को पूर्वोत्तर में भारत के सैन्य बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण रणनीतिक वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारतीय वायुसेना को उस इलाके में अधिक ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, जहां हाल के वर्षों में तनाव बढ़ा है। 
 

प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र पर बने “कुमार भास्कर वर्मा सेतु” का किया उद्घाटन

14-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्मपुत्र नदी पर बने आधुनिक कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति देगा।
करीब 2.86 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) पुल लगभग 3,030 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। यह पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है। इसके चालू होने से गुवाहाटी और उत्तर-गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसमें फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग्स लगाए गए हैं। हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) पुल की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। बीएचएमएस रियल-टाइम निगरानी और शुरुआती क्षति पहचान में मदद करता है।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने डिब्रूगढ़ जिले के मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। यह पूरी तरह से पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है। उद्घाटन के बाद भारतीय वायुसेना ने भव्य एयर शो प्रस्तुत किया, जिसमें राफेल, सुखोई और मिग लड़ाकू विमान शामिल थे।
अधिकारियों के अनुसार इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए करीब 1 लाख लोग मौजूद रहे। 4.2 किलोमीटर लंबा ईएलएफ स्ट्रेच सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के विमानों के लिए आपातकालीन रनवे के रूप में काम कर सकता है। यह डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट या छाबुआ एयर फोर्स स्टेशन के अनुपलब्ध होने पर वैकल्पिक लैंडिंग विकल्प देगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करेगा। 
 

कैबिनेट ने तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी, नेटवर्क 389 किमी बढ़ेगा

14-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों पर कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) की बैठक में 18,509 करोड़ रुपए (अनुमानित) लागत वाले तीन रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।
सीसीईए के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स में कसारा–मनमाड (तीसरी और चौथी लाइन), दिल्ली–अंबाला (तीसरी और चौथी लाइन) और बल्लारी–होसपेटे (तीसरी और चौथी लाइन) शामिल हैं।
बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार किए गए हैं।
सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों से होकर गुजरेंगे। इससे भारतीय रेलवे का नेटवर्क करीब 389 किलोमीटर बढ़ेगा। इन प्रोजेक्ट्स से 3,902 गांवों तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लगभग 97 लाख लोगों को फायदा होगा।
ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाए गए हैं, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन प्रोजेक्ट्स से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।
प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देशभर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे भावली बांध, श्री घाटंदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री माता वैष्णो देवी कटरा/श्रीनगर, हम्पी, बल्लारी किला, दारोजी स्लॉथ बियर अभयारण्य, तुंगभद्रा बांध, केंचनागुड्डा और विजया विट्टला मंदिर के लिए रेल संपर्क में सुधार होगा।
सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, चूना पत्थर/बॉक्साइट, कंटेनर, खाद्यान्न, चीनी, उर्वरक, तेल आदि के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 96 मिलियन टन की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी। रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल होने के कारण जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत कम करने में सहायक होगा। इसके अलावा, ये प्रोजेक्ट्स तेल आयात (22 करोड़ लीटर) कम करेंगे और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (111 करोड़ किलोग्राम) घटाएंगे, जो लगभग 4 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है। 

बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों को मिला पीएम मोदी का मार्गदर्शन, ‘परीक्षा पे चर्चा’ की नेताओं ने की जमकर सराहना

07-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ संवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत कई नेताओं ने सराहना की है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का कार्यक्रम संसद भवन के बाल योगी ऑडिटोरियम में भी रखा गया, जहां छात्रों के साथ मंत्रियों और भाजपा सांसदों ने हिस्सा लिया।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम को लेकर कहा, “छोटी-छोटी बातों के माध्यम से उन्होंने बहुत बड़ी-बड़ी कल्पना को जन्म दिया है। वे लगातार बच्चों से रूबरू होते हैं। इस बार देश के अनेक भागों में जाकर उन्होंने इस चर्चा को आगे बढ़ाया है।”
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की वाकई में बहुत अनोखी और आकर्षक अभिव्यक्ति करने की शैली है। जिन्होंने कार्यक्रम को देखा है, उन्होंने महसूस किया है। मुझे यह भी खुशी होती है कि हमने प्रधानमंत्री मोदी को सुना और छात्रों के माध्यम से देश की एक तस्वीर देखी। कार्यक्रम में जिन बच्चों ने भाग लिया, उनमें जिज्ञासा, हुनर और सीखने की क्षमता है। यह छात्रों के लिए भी खास पल रहा कि वे प्रधानमंत्री आवास पर खुद पीएम मोदी से रूबरू हुए और उनसे सवाल पूछे।”
परीक्षा पे चर्चा’ के बारे में जयंत चौधरी ने कहा, “पीएम मोदी भी अपने अनुभव को साझा करते हैं। ये सिर्फ छात्रों और शिक्षकों, मंत्रालय के अधिकारियों और सांसदों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों के लिए अनोखा अवसर होता है। जीवन पद्धति कैसी हो और कैसे अच्छे नागरिक बन सकते हैं, इस बारे में भी पीएम मोदी ने कई बातें कहीं।”
केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कार्यक्रम के बारे में कहा, “कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को समझाया कि परीक्षा से जुड़े तनाव और डर से कैसे निपटा जाए, मनोवैज्ञानिक दबाव उन पर कैसे असर डालता है, अभिभावक उनका कैसे साथ दे सकते हैं और सफलता पाने के कई टिप्स भी बताए।”
बीजेपी सांसद राजकुमार चाहर ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर कहा, “यह कार्यक्रम हर वर्ष होता है और छात्रों को इसका इंतजार तो रहता ही है, हम लोगों को भी इसका इंतजार रहता है। जीवन की कला, जीवन में कैसे निर्णय लें और कैसे आगे पढ़ें, बहुत कुछ सीखने को मिलता है।” उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। एक अभिभावक के नाते प्रधानमंत्री मोदी छात्रों को सब कुछ सिखाते हैं। 

गढ़चिरौली में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़, अब तक 3 ढेर

07-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के अबूझमाड़ के जंगलों में चल रहे अभियान के दौरान शुक्रवार सुबह दो अन्य माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें एक पुरुष और एक महिला माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से दो हथियार भी बरामद किए हैं। इससे पहले एक माओवादी की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद अब तक कुल तीन माओवादी (दो पुरुष और एक महिला) ढेर हो चुके हैं। मौके से पुलिस ने एक एके-47 और एक एसएलआर राइफल भी जब्त किए हैं। हालांकि, तीनों माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
गढ़चिरौली पुलिस और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पिछले दो दिनों से चल रही थी। जंगल के घने इलाकों में चल रहे इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने काफी सतर्कता दिखाई। अभियान के दौरान सी-60 जवान दीपक चिन्ना मडावी (38), जो अहेरी के निवासी थे और मूल रूप से मांडरा, दामरांचा, तालुका अहेरी से थे, गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एयरलिफ्ट करके अबूझमाड़ से उपजिला अस्पताल भामरागड लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी गंभीर चोटों के कारण उनका निधन हो गया।
इस अभियान में एक अन्य जवान, जोगा मडावी, निवासी किष्टयापल्ली, रात के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें भी तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल लाया गया और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जल्द ही उन्हें गढ़चिरौली स्थानांतरित किया जाएगा।
अभियान के तहत पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है और जंगल के अलग-अलग हिस्सों में घेराबंदी की गई है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और पराक्रम के चलते अब तक तीन माओवादी ढेर हो चुके हैं और उनके पास से हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है और किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि को रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा। 

भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मलेशिया में होगा पीएम मोदी का स्वागत

07-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) मलेशिया में भारतीय समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ है। 7 से 8 फरवरी तक होने वाले प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे को लेकर भारतीय प्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह यात्रा मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आमंत्रण पर हो रही है और इससे भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार, वित्त, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। आसियान इंडिया इकोनॉमिक काउंसिल (एआईईसी) के चेयरमैन रमेश कोडम्मल ने कहा कि मलेशियाई सरकार और वहां की जनता प्रधानमंत्री मोदी का दिल से स्वागत कर रही है।
रमेश कोडम्मल ने कहा, “यह लंबे समय से प्रतीक्षित यात्रा है और लोग पीएम मोदी को देखने, सुनने और उनसे मिलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। यह भारत-मलेशिया रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर है।” उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 20 अरब डॉलर रहा है, जिसके आगे और बढ़ने की उम्मीद है।
भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी को फिर से मलेशिया में देखने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मैं 10 साल पहले उनकी पिछली यात्रा का भी हिस्सा रहा था। एक दशक बाद उनका फिर से मलेशिया आना यह दर्शाता है कि वे भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय और सांस्कृतिक रिश्तों को कितना मजबूत करना चाहते हैं।”
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी भव्य तैयारियां की जा रही हैं। मलेशिया भरतनाट्यम डांस एसोसिएशन की ओर से विशेष प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें विभिन्न भारतीय नृत्य शैलियों को एक ही कोरियोग्राफी में पेश किया जाएगा।
स्वागत कार्यक्रम में करीब 800 कलाकार और नर्तक शास्त्रीय और फ्यूजन प्रस्तुतियों का अभ्यास कर रहे हैं। इनमें कथक, भरतनाट्यम और बैले जैसे नृत्य शामिल हैं।
एक कलाकार ने बताया, “हमने कई हफ्तों तक अभ्यास किया है। कथक और बैले का फ्यूजन तैयार किया गया है, जो करीब दो मिनट का होगा। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रस्तुति पसंद आएगी।”
एक कोरियोग्राफर ने कहा कि तैयारियां काफी समय से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके चार छात्र इस प्रस्तुति का हिस्सा हैं, जो सीनियर सेकेंडरी के छात्र हैं। व्यस्त शेड्यूल के बावजूद सभी ने पूरी लगन से अभ्यास किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, वित्त और समग्र रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिए जाने की उम्मीद है।
 

डिजिटल साक्षरता से ही रुकेगी ऑनलाइन ठगी: राष्ट्रपति मुर्मु

07-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के सहयोग से ओडिशा सरकार द्वारा आयोजित ब्लैक स्वान समिट, इंडिया में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने तेजी से बदलती तकनीक, उससे जुड़ी चुनौतियों और डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान युग में प्रौद्योगिकी अभूतपूर्व गति से विकसित हो रही है। नए आविष्कार इतनी तेजी से सामने आ रहे हैं कि कई बार हमारी प्रणालियां, कौशल और कारोबारी मॉडल उनके साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति जहां नवाचार और विकास के नए अवसर पैदा कर रही है, वहीं साइबर सुरक्षा जोखिम, डीपफेक, भ्रामक सूचना और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि ब्लैक स्वान समिट जैसे आयोजनों के माध्यम से कौशल विकास को प्रोत्साहित किया जा सकता है। इससे क्षमताओं को मजबूत करने, रोजगार सृजन और डिजिटल एवं वित्तीय परिवर्तन को गति देने के लिए प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के नए रास्ते सामने आते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की वित्तीय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं। किसानों, छोटे दुकानदारों और महिलाओं के बीच बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और डिजिटल भुगतान अब आम हो चुके हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इन वर्गों के लिए फिनटेक केवल एक तकनीकी शब्द नहीं, बल्कि जीवनरेखा बन चुका है।
राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा को महिला-पुरुष समानता और सामाजिक न्याय की कहानी के रूप में भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल अंतिम उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि पेशेवर, उद्यमी और नीति निर्धारण में सहभागी के रूप में शामिल करना आवश्यक है। हर नई नीति और प्लेटफॉर्म का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वह महिलाओं को डिजिटल और वित्तीय इको-सिस्टम में कितना सशक्त बनाता है।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी अपने आप में समावेशन की गारंटी नहीं देती। दूरदराज, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी ऐसे नागरिक हैं जो डिजिटल उपकरणों से परिचित नहीं हैं। उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करना विकास यात्रा में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है। तभी फिनटेक समावेशन, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि तकनीक का दुरुपयोग वित्तीय धोखाधड़ी के लिए भी किया जा सकता है। ऐसी ठगी को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता और सतर्कता बेहद आवश्यक है। राष्ट्रपति ने बताया कि भारत सरकार ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली और साइबर धोखाधड़ी निवारण केंद्र जैसे कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि कौशल विकास, वैश्विक क्षमता केंद्रों की स्थापना और नवाचार को बढ़ावा देना मानव पूंजी में निवेश है। उन्होंने ओडिशा सरकार की भारतनेत्र पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल, वित्तीय और बीमा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और नवाचार इको-सिस्टम तैयार करने की दिशा में यह अहम कदम है। 

अर्जेंटीना की ऊंची चोटी ‘माउंट एकांकागुआ’ पर चढ़ाई करेंगे भारतीय पर्वतारोही

06-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  भारतीय पर्वतारोहियों की एक टीम अर्जेंटीना की ऊंची चोटी ‘माउंट एकांकागुआ’ पर चढ़ाई करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को साउथ ब्लॉक (रक्षा मंत्रालय) से भारतीय पर्वतारोहण टीम को रवाना किया।
इस टीम में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी और जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान पहलगाम के पर्वतारोही शामिल हैं। अर्जेंटीना का माउंट एकांकागुआ करीब 6,961 मीटर ऊंचा है। एक जानकारी के अनुसार यह पर्वत दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी है। यही नहीं, बल्कि एशिया के बाहर यह दुनिया की सबसे ऊंची पहाड़ी चोटी मानी जाती है।
भारतीय पर्वतारोहियों की टीम को रवाना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी चढ़ाइयां सिर्फ शरीर की ताकत नहीं, बल्कि हिम्मत, धैर्य, टीमवर्क और मजबूत सोच की भी परीक्षा होती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्वतारोही इन्हीं खूबियों की वजह से देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने दोनों संस्थानों की तारीफ की और टीम को शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि पर्वतारोहियों के इस अभियान में कुल छह अनुभवी पर्वतारोही हैं। इनमें कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसाईं, नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह अभियान 6 फरवरी से शुरू होगा और इस महीने के आखिर तक पर्वतारोहण का यह मिशन पूरा होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि इस अभियान से मिलने वाला अनुभव आगे चलकर युवाओं, सेना के जवानों और साहसिक खेलों में रुचि रखने वालों को बेहतर और सुरक्षित प्रशिक्षण देने में काम आएगा। यह अभियान यह भी दिखाता है कि भारत अब दुनिया के बड़े पर्वतारोहण अभियानों में मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
गौरतलब है कि भारतीय पर्वतारोहियों की एक टीम ने कुछ महीने पहले विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह करने का कीर्तिमान स्थापित किया था। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले इस दल में भारतीय सेना के जवान, प्रशिक्षक व वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। यहां भी जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स पहलगाम व नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग उत्तरकाशी और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट दार्जिलिंग के प्रशिक्षकों की संयुक्त पर्वतारोही टीम थी।
इस टीम ने 23 मई 2025 को विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया था। इस दल का नेतृत्व नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग के प्राचार्य कर्नल अंशुमान भदौरिया और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स के प्राचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया था।
 

देश भर में 47 डॉप्लर वेदर रडार ऑपरेशनल हैं, जिनमें से 3 हिमाचल प्रदेश के कुफरी, जोत और मुरारी देवी में

06-Feb-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )   केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को संसद को बताया कि वर्तमान में, 47 डीडब्ल्यूआर देश भर में ऑपरेशनल हैं, जिनमें से हिमाचल प्रदेश में 3 (कुफरी, जोत और मुरारी देवी में) शामिल हैं। देश के कुल क्षेत्रफल का 87% रडार कवरेज के अंतर्गत आता है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) ने भारत को “मौसम के लिए तैयार और जलवायु-स्मार्ट” राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ मिशन मौसम का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और घटनाओं के प्रभावों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
वर्तमान में, मोबाइल-आधारित अलर्ट प्रणाली सक्रिय है, जो एसएसीएचईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) अलर्ट जारी करता है। मौसम के पूर्वानुमान और चेतावनी को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के साथ भी साझा किया जाता है ताकि इन्हें आम जनता तक और अधिक प्रभावी ढंग से प्रसारित किया जा सके।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और चेतावनी के प्रसार और संचार के लिए टेलीमैटिक्स के विकास केंद्र (सी-डीओटी) के समन्वय में आवश्यक कदम और कार्रवाई करता है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, आईएमडी भारी वर्षा, बिजली, आंधी और धूल के तूफान जैसी गंभीर मौसम की घटनाओं के लिए पाउचेट प्लेटफॉर्म का उपयोग करके कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) अलर्ट तैयार किए जाते हैं।
इन अलर्ट को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) द्वारा एसएमएस के माध्यम से भू-लक्षित उपयोगकर्ताओं को प्रसारित किया जाता है। इन अलर्ट को एसएसीएचईटी वेबसाइट और एसएसीएचईटी मोबाइल ऐप के माध्यम से भी प्रसारित किया जाता है। आईएमडी के कैप फीड को ग्लोबल मल्टी-हज़र्ड अलर्ट सिस्टम (जीएमएएस), गूगल, एक्यूवेदर और ऐप्पल को भी प्रसारित किया जाता है। वर्तमान में, मोबाइल-आधारित अलर्ट सिस्टम चालू है, जो एसएसीएचईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) अलर्ट जारी करता है। 
 



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