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गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनीं उर्सुला वॉन डेर लेयेन, बोलीं- यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान

26-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 77वें गणतंत्र दिवस के आयोजन समारोह में यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उर्सुला ने इसे अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान बताया।
कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट बनना जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान है। एक सफल भारत दुनिया को ज्यादा स्थिर, खुशहाल और सुरक्षित बनाता है और हम सभी को फायदा होता है।”
बता दें, ईयू के दोनों बड़े नेता भारत पहुंचे हुए हैं, जहां 27 जनवरी को 16वें ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, जिसकी मेजबानी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस मौके पर दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते का ऐलान भी हो सकता है।
यूरोपीय देश परंपरागत तौर पर अमेरिका के करीब रहे हैं। ईयू-यूएस मिलकर वैश्विक आर्थिक उत्पादन के 40 फीसदी से ज्यादा और विश्व व्यापार के लगभग एक तिहाई हिस्से के साझेदार हैं। हालांकि, अमेरिकी सत्ता में राष्ट्रपति ट्रंप की वापसी के बाद से ‘टैरिफ बम’ ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित किया है। आज यूरोप यूएस से इतर भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के लिए उत्साहित है और वह एक स्थिर साझेदार के रूप में भारत की ओर उम्मीद की नजरों से देख रहा है।
दिल्ली में रविवार को दोनों ईयू नेताओं को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके अलावा सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने से पहले उर्सुला और कोस्टा ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कर लिखा, “ईयू काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और ईयू कमीशन की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन का भारत में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। 77वें रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के लिए उन्हें चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी आने वाली बातचीत भारत-यूरोपियन यूनियन के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगी।”
बता दें, इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत-ईयू: भरोसे और भरोसे की साझेदारी। यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा का भारत के राजकीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचने पर दिल से स्वागत है। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया।
 








 

अटल पेंशन योजना को विस्तार, सिडबी को इक्विटी मदद से एमएसएमई को मिलेगी मजबूती

22-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सामाजिक सुरक्षा और एमएसएमई सेक्टर से जुड़े दो अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी, वहीं स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) को 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी सहायता देने का भी निर्णय लिया।
कैबिनेट ने अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक जारी रखने के साथ इसके प्रचार, जागरूकता और विकास से जुड़ी गतिविधियों के लिए फंडिंग सपोर्ट बढ़ाने को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा योजना को दीर्घकाल तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए जरूरी गैप फंडिंग जारी रखने का भी फैसला किया गया है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और कम आय वाले वर्गों तक योजना की पहुंच और बढ़ेगी, जिससे सामाजिक सुरक्षा का दायरा मजबूत होगा।
अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 से 5,000 रुपए तक की गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है, जो व्यक्ति के योगदान पर निर्भर करती है।
19 जनवरी 2026 तक इस योजना से 8.66 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जिससे यह देश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी बन चुकी है। सरकार के अनुसार, योजना का विस्तार ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को भी मजबूती देगा और पेंशन आधारित समाज की दिशा में मददगार होगा।
कैबिनेट ने एमएसएमई सेक्टर को राहत देने के लिए सिडबी को 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी सहायता देने को भी मंजूरी दी है। यह राशि वित्तीय सेवा विभाग के माध्यम से तीन चरणों में दी जाएगी—वित्त वर्ष 2025-26 में 3,000 करोड़ रुपए, जबकि 2026-27 और 2027-28 में 1,000-1,000 करोड़ रुपए।
इस इक्विटी निवेश से सिडबी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वह एमएसएमई सेक्टर को अधिक मात्रा में सस्ता कर्ज उपलब्ध करा सकेगा। सरकार के मुताबिक, इससे सिडबी की मदद से वित्तीय सहायता पाने वाले एमएसएमई की संख्या 76.26 लाख से बढ़कर 1.02 करोड़ तक पहुंच सकती है।
सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से करीब 25.74 लाख नए एमएसएमई को सीधा लाभ मिलेगा और इससे लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार पैदा हो सकते हैं, क्योंकि औसतन हर एमएसएमई करीब चार लोगों को रोजगार देता है।
सरकार ने बताया कि आने वाले वर्षों में सिडबी की जोखिम भारित परिसंपत्तियां बढ़ने वाली हैं, क्योंकि बैंक डिजिटल, बिना गारंटी वाले कर्ज, स्टार्टअप्स को वेंचर डेट और एमएसएमई को अधिक फाइनेंस उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है। ऐसे में मजबूत पूंजी आधार जरूरी है, ताकि सिडबी की कैपिटल टू रिस्क वेटेड एसेट्स रेश्यो (सीआरएआर) और क्रेडिट रेटिंग सुरक्षित बनी रहे।
अटल पेंशन योजना के विस्तार से करोड़ों लोगों को बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, जबकि सिडबी को दी गई इक्विटी सहायता से एमएसएमई सेक्टर को सस्ता कर्ज, रोजगार और विकास की नई गति मिलेगी। सरकार के अनुसार, ये दोनों फैसले देश की अर्थव्यवस्था को समावेशी और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। 
 

ड्राफ्ट एनईपी 2026 सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी, 2047 तक सस्ती बिजली का लक्ष्य

22-Jan-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  सरकार ने बिजली क्षेत्र को भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी (एनईपी) 2026’ को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दिया है। इसका उद्देश्य देश को आर्थिक रूप से मजबूत, पर्यावरण के अनुकूल और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था प्रदान करना है। सरकार ने कहा कि इस मसौदे पर सभी हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं।
यह ड्राफ्ट नीति ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके तहत सरकार का लक्ष्य 2030 तक प्रति व्यक्ति बिजली खपत को 2,000 यूनिट (किलोवाट-घंटे) और 2047 तक 4,000 यूनिट से ज्यादा करना है।
ड्राफ्ट एनईपी 2026 भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप भी है, जिसमें कहा गया है कि 2030 तक कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता को 2005 के स्तर से 45 प्रतिशत कम किया जाएगा और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। इसके लिए स्वच्छ और कम कार्बन वाली ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना जरूरी बताया गया है।
विद्युत मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक बार अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह नई नीति 2005 में बनी मौजूदा एनईपी की जगह लेगी। ‘ड्राफ्ट नीति 2026’ के मुताबिक, बिजली की जरूरतों को समय पर पूरा करने के लिए डिस्कॉम और एसएलडीसी राज्य स्तर पर रिसोर्स एडिक्वेसी (आरए) प्लान तैयार करेंगे। वहीं, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) पूरे देश के लिए एक राष्ट्रीय योजना बनाएगा।
नीति में यह भी कहा गया है कि बिजली दरों यानी टैरिफ को एक उपयुक्त इंडेक्स से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि हर साल अपने आप उसमें संशोधन हो सके, और यह तब लागू होगा जब राज्य आयोग द्वारा कोई शुल्क आदेश पारित नहीं किया जाता है।
इसके अलावा सुझाव दिया गया है कि फिक्स्ड लागत की भरपाई चरणबद्ध तरीके से डिमांड चार्ज के माध्यम से की जाए, ताकि विभिन्न उपभोक्ताओं पर सब्सिडी का बोझ संतुलित रूप से कम किया जा सके।ड्राफ्ट एनईपी 2026 में कहा गया है कि मैन्युफैक्चरिंग उद्योग, रेलवे और मेट्रो रेलवे को क्रॉस-सब्सिडी और अतिरिक्त शुल्क से छूट देने से भारतीय उत्पाद ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।
नीति में यह भी सुझाव दिया गया है कि जिन उपभोक्ताओं का बिजली लोड 1 मेगावाट या उससे ज्यादा है, उनके लिए कुछ मामलों में यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन से छूट दी जा सकती है। ड्राफ्ट नीति में विवाद निपटान व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि विवाद जल्दी सुलझें और उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम हो। नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) को बढ़ावा देने के लिए बाजार आधारित तरीकों और कैप्टिव पावर प्लांट्स के जरिए नई क्षमता जोड़ने का सुझाव दिया गया है। छोटे उपभोक्ताओं के लिए स्टोरेज की सुविधा डिस्कॉम के जरिए देने की बात कही गई है, जिससे लागत कम होगी।
नीति में यह भी कहा गया है कि उपभोक्ता डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी (डीआरई) से बची हुई बिजली का व्यापार कर सकेंगे और 2030 तक रिन्यूएबल और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बराबरी का दर्जा दिया जाएगा।शांति अधिनियम 2025 के प्रावधानों के अनुसार, इसमें एडवांस न्यूक्लियर तकनीक, मॉड्यूलर रिएक्टर, छोटे परमाणु रिएक्टर और उद्योगों द्वारा परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य हासिल करने की भी सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि पहली राष्ट्रीय विद्युत नीति फरवरी 2005 में लागू की गई थी, जिसका उद्देश्य बिजली की कमी, सीमित पहुंच और कमजोर ढांचे जैसी समस्याओं को दूर करना था। इसके बाद से भारत के विद्युत क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। सरकार का कहना है कि ड्राफ्ट एनईपी 2026 एक ऐसा पूरा खाका है, जिससे देश के लोगों को सस्ती, भरोसेमंद और अच्छी गुणवत्ता की बिजली मिल सकेगी।

चरैवेति चरैवेति” के मंत्र के साथ पीएम मोदी का संदेश

22-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को भारतीय दर्शन और कर्मयोग की भावना को रेखांकित करते हुए प्राचीन संस्कृत श्लोक “चरैवेति चरैवेति” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास, परिश्रम और आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा ही व्यक्ति और राष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “चरैवेति चरैवेति चरन्वै मधु विन्दति। सूर्यास्य पश्य श्रेमाणं न मामार न जीर्यति॥” प्रधानमंत्री ने इसका भावार्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि जो निरंतर चलता रहता है, वही सफलता का मधु प्राप्त करता है। सूर्य के समान कर्मशील व्यक्ति न तो थकता है और न ही समय से पराजित होता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के समय में यह विचार विशेष रूप से प्रासंगिक है, जब भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार और विकास के नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे चुनौतियों से घबराने के बजाय निरंतर सीखते हुए और परिश्रम करते हुए ।

बेंगलुरु आगमन पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का भव्य स्वागत, कई कार्यक्रमों में शिरकत

22-Jan-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन बुधवार को वायु सेना के विशेष विमान से बेंगलुरु पहुंचे। वे तुमकुर के सिद्धगंगा मठ में दासोही  शिवकुमार स्वामीजी के स्मृति कार्यक्रम और बेंगलुरु स्थित सीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रजत जयंती समारोह में भाग लेंगे।
बेंगलुरु के एचएएल हवाई अड्डे पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया।
इसके बाद उपराष्ट्रपति एचएएल हवाई अड्डे से विशेष हेलीकॉप्टर द्वारा तुमकुरु के लिए रवाना हुए, जहां वे सिद्धगंगा मठ में दासोही शिवकुमार महास्वामीजी के 7वें स्मृति दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, कर्नाटक के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव, सरकार की मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश, कर्नाटक पुलिस महानिदेशक एमए सलीम, बेंगलुरु शहर पुलिस आयुक्त सीमंत कुमार सिंह, बेंगलुरु शहर जिला मजिस्ट्रेट जी. जगदीश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बेंगलुरु के एनएएल एयरपोर्ट पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत, रेल और जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
बेंगलुरु प्रवास के दौरान उपराष्ट्रपति सीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सिल्वर जुबली समारोह में भी भाग लेंगे।
इससे पहले मंगलवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गांधी आश्रम के कस्तूरबा संग्रहालय का दौरा किया था। उन्होंने इस अनुभव को भावपूर्ण बताते हुए कहा था कि महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के जीवन की सादगी त्याग, विनम्रता और अटूट संकल्प के मूल्यों को दर्शाती है।
उपराष्ट्रपति ने गांधी आश्रम परिसर में हरिजन सेवक संघ का भी दौरा किया और महादेव देसाई पुस्तकालय विस्तार का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल भौतिक विस्तार नहीं, बल्कि इस विश्वास की पुनः पुष्टि है कि ज्ञान ही समाज में स्थायी बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम है।

दिल्ली-एनसीआर में 23 जनवरी को बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, जानिए देश के बाकी भागों के मौसम का हाल

22-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर में 23 जनवरी को गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को एनसीआर में अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
आईएमडी ने कहा कि इस दिन दिनभर गरज के साथ बारिश हो सकती है। सुबह से लेकर रात तक अलग-अलग समय पर आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी में स्पष्ट किया गया है कि सुबह, दोपहर, शाम और रात- सभी समयावधि में आंधी और बारिश का प्रभाव देखा जा सकता है।
24जनवरी को मौसम में बदलाव के बाद तापमान में और गिरावट आएगी। अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दिन मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने का अनुमान है।
वहीं, 21 और 22 जनवरी को भी एनसीआर में मध्यम कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद 2 से 3 दिनों तक कड़ाके की ठंड भी लोगों को परेशान कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, खुले में कम निकलने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
देश के अन्य भागों के मौसम के बारे में बात करे तो, 21 जनवरी को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में छिटपुट से लेकर मध्यम स्तर की बारिश और बर्फबारी की संभावना है और 22 से 26 जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में काफी व्यापक से लेकर व्यापक बारिश और बर्फबारी होगी; साथ ही 22 और 23 जनवरी को कश्मीर घाटी में और 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में छिटपुट भारी बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने 22 से 24 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 और 24 जनवरी को और राजस्थान में 22 और 23 जनवरी को बारिश होगी।
मौसम विभाग ने कहा कि 22 और 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद और हिमाचल प्रदेश में; 23 से 26 जनवरी तक उत्तराखंड में; 22 और 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में; 23 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में, और 23 और 24 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने और तेज हवाओं (30-50 किमी प्रति घंटा की गति) के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।
वहीं, 24 जनवरी को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने के साथ-साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज पार्टी मुख्यालय में लेंगे अहम संगठनात्मक बैठक

22-Jan-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बुधवार को पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक लेंगे। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे, क्योंकि भाजपा अपने नए नेतृत्व में अंदरूनी बातचीत शुरू कर रही है।
सभी भाजपा राज्य अध्यक्षों और राष्ट्रीय सचिवों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया है, जहां संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होगी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के भी इस चर्चा में मौजूद रहने की उम्मीद है।
नए भाजपा अध्यक्ष के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनके कार्यालय गए। उनके साथ मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और पार्टी के निवर्तमान अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा शामिल थे।
पीएम मोदी ने नितिन नबीन के परिवार वालों से भी थोड़ी देर मुलाकात की, उन्हें एक अहम पद संभालने पर बधाई दी और कुछ हल्की-फुल्की बातें कीं। 45 साल के नितिन नबीन का भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर चुना जाना पार्टी में एक ‘नया’ दौर है और साथ ही एक पीढ़ीगत बदलाव भी है, जो उनके नेतृत्व में एक नई युवा लीडरशिप को आगे बढ़ाने पर पार्टी के जोर को दिखाता है।
इससे पहले, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने नितिन नबीन को अपना ‘बॉस’ और खुद को सिर्फ एक पार्टी कार्यकर्ता बताया। पार्टी हेडक्वार्टर में ज़ोरदार तालियों के बीच उन्होंने कहा, “जब पार्टी के मामलों की बात आती है, तो मैं एक कार्यकर्ता हूं और नितिन नबीन मेरे बॉस हैं।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि नबीन में “युवा ऊर्जा” के साथ-साथ “संगठन में लंबा अनुभव” भी है, और ये पार्टी के लिए “बहुत फायदेमंद” होगा। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद, नितिन नबीन ने कहा कि यह दिन उनके लिए “संकल्प का क्षण” है, क्योंकि वह सिर्फ एक पद नहीं संभाल रहे हैं, बल्कि पार्टी की “विचारधारा, परंपराओं और एक राष्ट्रवादी आंदोलन की जिम्मेदारी” भी अपना रहे हैं।

इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026’ : जिम्मेदार एआई के लिए द्विपक्षीय सहयोग पर जोर

21-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) समावेशी, जिम्मेदार और समाज के हित में काम करने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारत की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कनाडा के टोरंटो शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने “इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026” का आयोजन किया। इस संवाद में भारत और कनाडा के बीच सहयोग को अर्थव्यवस्था और समाज दोनों के लिए लाभकारी बताया गया।
यह उच्चस्तरीय संवाद कनाडा के ओंटारियो प्रांत में स्थित कनाडा की वाटरलू यूनिवर्सिटी, कनाडा इंडिया टेक काउंसिल और ज़ोहो इंक. के साथ सहयोग से आयोजित किया गया।
टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अनुसार, यह संवाद दुनिया के कुछ चुनिंदा प्री-समिट कार्यक्रमों में से एक था। इसका उद्देश्य नई दिल्ली में 19–20 फरवरी को होने वाले बड़े वैश्विक सम्मेलन ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से पहले विचारों का आदान-प्रदान करना और सहयोग को गति देना था।
इस कार्यक्रम में कनाडा भर से 600 से अधिक वरिष्ठ लोग शामिल हुए। इनमें बड़ी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी, नीति बनाने वाले लोग, शोधकर्ता और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद थे। सभी ने मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत और कनाडा के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।
भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा कि यह संवाद दोनों देशों की उस साझा सोच को दिखाता है, जिसमें तकनीक का विकास जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ किया जाए।
पटनायक ने कहा, “इंडिया-कनाडा एआई डायलॉग 2026 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को ज़िम्मेदारी से आकार देने के हमारे साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है। जैसे-जैसे हम नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की ओर बढ़ रहे हैं, यह जुड़ाव इस बात पर जोर देता है कि कनाडा जैसे भरोसेमंद साझेदार भारत के साथ मिलकर कैसे ऐसे इनोवेशन को बढ़ावा दे सकते हैं जो समावेशी, नैतिक और विश्व स्तर पर प्रासंगिक हो।”
कनाडा के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचार मंत्री इवान सोलोमन ने कहा कि एआई अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की जरूरत बन चुकी है और इसका उपयोग लोगों और समाज के भले के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा, “भारत और कनाडा की एक साझा ज़िम्मेदारी है: यह सुनिश्चित करना कि यह तकनीक लोगों की सेवा करे, समाजों को मजबूत करे और वास्तविक आर्थिक मूल्य प्रदान करे।”
वहीं ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि भारत और कनाडा के रिश्ते व्यापार, निवेश और नई तकनीकों में लंबे समय से मजबूत रहे हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण बैठक को आयोजित करने और दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने में लगातार नेतृत्व के लिए टोरंटो में भारतीय वाणिज्य दूतावास जनरल की भी सराहना की।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि टोरेंटो आज एक प्रमुख वैश्विक एआई केंद्र बनता जा रहा है। भारत के कार्यवाहक वाणिज्य दूत कपिध्वज प्रताप सिंह ने कहा, “टोरंटो दुनिया के सबसे गतिशील एआई इकोसिस्टम में से एक है। यहां संवाद आयोजित होना भारत और कनाडा के नवाचार जगत को जोड़ने की दिशा में एक मजबूत कदम है।”



 

मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने दीं शुभकामनाएं

21-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पूर्वोत्तर के तीन राज्य मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के लोगों को शुभकामनाएं दीं हैं। उन्होंने कामना की कि अपने प्रयासों से जीवन के हर क्षेत्र में इन राज्यों के लोगों को सफलता मिले।
त्रिपुरा के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “त्रिपुरा की यात्रा परंपरा और आधुनिकता के एक उल्लेखनीय मिश्रण से चिह्नित है। राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व परिवर्तन देखे हैं और इसके लोग भारत के विकास पथ को गति दे रहे हैं। मैं कामना करता हूं कि आने वाले समय में त्रिपुरा में महत्वपूर्ण समृद्धि आए।”
मणिपुर राज्य स्थापना दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मैं राज्य की अपनी बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मणिपुर के लोग भारत की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। खेल, संस्कृति और प्रकृति के प्रति इस राज्य का जुनून तारीफ के काबिल है। आने वाले समय में भी यह राज्य विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता रहे।”
प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “मैं मेघालय के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मेघालय के लोगों ने हमारे देश के विकास में मजबूत योगदान दिया है। राज्य की सांस्कृतिक जीवंतता और प्राकृतिक सुंदरता की हर जगह तारीफ होती है। भविष्य में मेघालय विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहे।” 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने त्रिपुरा के लोगों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “विकास में नई ऊंचाइयों को छूते हुए त्रिपुरा ने आज खुद को भारत के विकास में एक गौरवशाली योगदानकर्ता के रूप में स्थापित किया है। कामना है कि मुख्यमंत्री माणिक साहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए आगे बढ़ते रहें।”
उन्होंने मणिपुर को एक जीवंत संस्कृति और प्रतिभाशाली लोगों से समृद्ध राज्य बताते हुए कहा कि यह हमेशा से हमारा गौरव रहा है। आने वाले समय में यह राज्य नई ऊंचाइयों को छुए। मणिपुर के हमारे बहनों और भाइयों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं।
गृह मंत्री अमित शाह ने मेघालय को समृद्ध जैव विविधता का केंद्र और संस्कृतियों और रीति-रिवाजों का संगम बताया। उन्होंने कहा कि मेघालय भारत की भावना को बहुत मजबूती देता है। कामना है कि यह राज्य प्रगति में नए मील के पत्थर हासिल करे। 







 

पीएम मोदी ने युवा पीढ़ी को दिया परिश्रम का संदेश

20-Jan-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा कर देशवासियों खासतौर युवाओं को कर्म, परिश्रम और निरंतर प्रयास का संदेश दिया। इस सुभाषित के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन में सफलता और समृद्धि केवल सक्रियता और पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट में यह सुभाषित साझा किया- “अनुत्थाने ध्रुवो नाशः प्राप्तस्यानागतस्य च। प्राप्यते फलमुत्थानाल्लभते चार्थसम्पदम्॥”
इसका भावार्थ है कि उद्यम के अभाव में व्यक्ति न केवल भविष्य की संभावनाएं खो देता है, बल्कि अर्जित उपलब्धियां भी नष्ट हो जाती हैं। वहीं, निरंतर प्रयास और उत्थान से ही सफलता, फल और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश विशेष रूप से युवाओं, श्रमिकों, उद्यमियों और राष्ट्र निर्माण में लगे प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनने तथा निरंतर कर्मशील रहने की प्रेरणा देता है। 
 



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