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एनसीआर में बारिश से गर्मी से राहत, मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी

29-Apr-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बीती रात हुई बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हुई इस बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें दिनभर अलग-अलग समय पर आंधी, तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 29 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन ‘थंडरस्टॉर्म विद रेन’ यानी बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी।
विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह, दोपहर और शाम—तीनों समय —तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है। 30 अप्रैल को भी मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। हालांकि इस दिन कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। इसके बाद 1 मई और 2 मई को मौसम साफ होने की संभावना है। 1 मई को तापमान 40/26 डिग्री और 2 मई को 41/25 डिग्री रहने का अनुमान है।
इन दिनों आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। बारिश और तेज हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट और वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और खुले स्थानों पर जाने से बचें। 
 

यूएन सुरक्षा परिषद सुधार पर बहस तेज, भारत समेत कई प्रस्तावों पर चर्चा : एनालेना

29-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं और इस दिशा में “छोटे-छोटे कदम” उठाए गए हैं।
सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर चर्चा अब और तेज हुई 
कल मंगलवार को नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बेयरबॉक ने कहा कि मौजूदा समय में पी-5 देश संयुक्त राष्ट्र के चार्टर पर दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह बहस पिछले 17 वर्षों से चल रही है। जैसा कि हम जानते हैं, चार्टर में पांच सदस्य देशों को खास जिम्मेदारी के साथ-साथ वीटो का अधिकार भी दिया गया है। सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर चर्चा अब और तेज हुई है। मैंने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 2 को-फैसिलिटेटर नियुक्त किए हैं। अलग-अलग प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनमें इस देश (भारत) का भी प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा अफ्रीकी संघ की तरफ से भी प्रस्ताव हैं, क्योंकि पूरा अफ्रीका महाद्वीप सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व नहीं रखता।”
वीटो इनिशिएटिव
उन्होंने आगे कहा क‍ि सुरक्षा परिषद में सुधार की यह बहस संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता से भी जुड़ी है। हालांकि, हमने कुछ छोटे कदम पहले ही उठाए हैं। उदाहरण के तौर पर, ‘वीटो इनिशिएटिव’ पर चर्चा हुई थी, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े एक प्रस्ताव पर वीटो लगा था। इस सुधार के तहत, अगर सुरक्षा परिषद में कोई मामला अटक जाता है, तो उसे महासभा में चर्चा के लिए लाया जाता है। यह कदम संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने और उसकी साख बढ़ाने के लिए है।
हर सदस्य देश को अलग-अलग उम्मीदवारों में से चुनने का अधिकार
बेयरबॉक ने यह भी बताया कि वह अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन की प्रक्रिया की अध्यक्षता कर रही हैं। उन्होंने कहा, “महासचिव के चयन की प्रक्रिया में, मैं महासभा की अध्यक्ष के तौर पर इसे पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चला रही हूं। हर सदस्य देश को अलग-अलग उम्मीदवारों में से चुनने का अधिकार है। पिछले हफ्ते चार उम्मीदवारों की सुनवाई हुई थी और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। सुरक्षा परिषद, जिसकी इसमें खास भूमिका होती है, वह भी उम्मीदवारों से बातचीत करेगी। इसके अलावा, अन्य उम्मीदवारों के साथ एक खुली टाउन हॉल बैठक भी होगी। मैं भारत के लोगों से भी अपील करती हूं कि इस प्रक्रिया में दिलचस्पी लें, क्योंकि अगला महासचिव सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के अंदर काम करने वालों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों की सेवा के लिए होगा।”
सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र, खासकर सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करता रहा है। भारत का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। आपको बता दें, सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, पांच स्थायी और दस अस्थायी, जिन्हें महासभा की ओर से दो साल के लिए चुना जाता है। पांच स्थायी सदस्य हैं: चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका। फिलहाल दस अस्थायी सदस्य हैं: बहरीन, कोलंबिया, कांगो, ग्रीस, डेनमार्क, पाकिस्तान, लातविया, लाइबेरिया, पनामा और सोमालिया।

भगवान भोलेनाथ से समस्त देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना की : पीएम मोदी

29-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को काशी दौरे के दूसरे दिन करीब 14 किलोमीटर लंबे रोड शो के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान त्रिशूल और डमरू दिखाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।
पीएम मोदी ने एक्स पर ‘हर हर महादेव’ के कैप्शन के साथ कई तस्वीरें भी साझा की
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी किया, जिसमें उन्होंने ‘हर हर महादेव’ के कैप्शन के साथ कई तस्वीरें भी शेयर की। पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा, “काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन का सौभाग्य मिला। यहां भगवान भोलेनाथ से समस्त देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना की। मां अन्नपूर्णा एवं मां गंगा के दर्शन से असीम शांति मिली। उनकी कृपा से हर किसी में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो! काशी की जनता को पुनः नमन।”
रोड शो के दौरान काशी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा रहा
आपको बता दें, बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से निकले प्रधानमंत्री मोदी का काफिला मंडुवाडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन और चौक होते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा। रोड शो के दौरान काशी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा रहा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने दूसरी बार त्रिशूल और डमरू दिखाकर बाबा के भक्तों का अभिवादन किया, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। मंदिर के प्रवेश द्वार पर बटुकों ने शंखनाद कर उनका स्वागत किया। ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया। मुख्य अर्चक पंडित सहित पांच पंडितों ने षोडशोपचार विधि से उनका पूजन कराया।
पीएम मोदी ने मंदिर के गर्भगृह से देशवासियों की समृद्धि की कामना की
गर्भगृह में मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधिवत अभिषेक किया और देशवासियों की समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। काशी विश्वनाथ धाम परिसर में प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछे, जिस पर बच्चे मुस्कुराते नजर आए।
बनारस रेलवे स्टेशन के सामने बनाए गए स्वागत स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी पहुंचे
वहीं, मंदिर में मौजूद श्रद्धालु प्रधानमंत्री की एक झलक पाकर उत्साहित दिखे और अभिवादन करते रहे। रोड शो के दौरान बनारस रेलवे स्टेशन के सामने बनाए गए स्वागत स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी पहुंचे। उनके हाथों में प्रधानमंत्री के लिए संदेश लिखे पोस्टर थे।
बच्चे पीएम मोदी के लिए उपहार भी लेकर आए
बच्चों ने बताया कि वे प्रधानमंत्री मोदी को देने के लिए छोटा सा उपहार भी लेकर आए हैं। जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। एनसीसी कैडेट्स और महिलाओं में भी खासा उत्साह देखा गया।

पीएम मोदी बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए, कहा- नन्हे दोस्तों के साथ खेलने का मजा ही कुछ और है

29-Apr-2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिक्किम दौरे पर हैं। मंगलवार की सुबह पीएम मोदी ने राजधानी गंगटोक में स्थानीय बच्चों के साथ फुटबॉल का आनंद लिया। पीएम मोदी ने बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हुए कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इन युवाओं के साथ फुटबॉल का एक जबरदस्त सेशन।”
पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में कई तस्वीरें पोस्ट की हैं जिसमें वे स्थानीय बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते, उनके साथ बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम पूरी तरह एक खिलाड़ी की वेशभूषा में हैं।
पीएम 27 अप्रैल की शाम को गंगटोक पहुंचे थे। उनका मंगलवार का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। बच्चों के साथ समय बिताने के बाद प्रधानमंत्री गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। वह पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे, जहां वे राज्य भर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।
ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि सहित कई क्षेत्रों को कवर करती हैं, और इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।
प्रधानमंत्री युवा भागीदारी और खेल विकास को बढ़ावा देने के लिए पाकयोंग जिले के माइनिंग, रंगपो में इनडोर क्रिकेट सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे।पीएम मोदी की यह यात्रा सिक्किम के राज्य बनने की स्वर्ण जयंती के वर्ष में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और राज्य तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के तीव्र और सतत विकास के प्रति वर्तमान सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
 

सिक्किम राज्योत्सव में पीएम मोदी, बोले—पूर्वोत्तर है देश की ‘अष्टलक्ष्मी’

28-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लिया और करीब 4,000 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश की “अष्टलक्ष्मी” है और सिक्किम उसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीन पोस्ट साझा किए। पहली पोस्ट में उन्होंने गंगटोक में मिले उत्साह और स्नेह को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इससे उन्हें नई ऊर्जा मिली। उन्होंने सिक्किमवासियों को 50 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय विकास में राज्य के योगदान पर देश को गर्व है।
दूसरी पोस्ट में पीएम मोदी ने समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया और सिक्किम की उपलब्धियों की सराहना की।
तीसरी पोस्ट में उन्होंने ऑर्किडेरियम गंगटोक के दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां की सुंदरता ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया और सिक्किम की समृद्ध जैव विविधता अद्भुत है, जो प्रकृति के साथ गहरे सामंजस्य और सतत जीवनशैली का संदेश देती है।
पालजोर स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सरकार “एक्ट ईस्ट” से आगे बढ़कर “एक्ट फास्ट” के दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पर्यटन की संभावनाओं का पूरा लाभ मजबूत कनेक्टिविटी से ही मिल सकता है। केंद्र सरकार क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को तेजी से विकसित कर रही है।
पीएम मोदी ने बताया कि सेवोक-रंगपो रेल लाइन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके पूरा होने पर सिक्किम को पहली बार रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही बागडोगरा को गंगटोक से जोड़ने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का भी जिक्र किया, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।



 

केंद्र ने हीटवेव के बीच श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की; कूलिंग, पानी और लचीले कार्य घंटों को अनिवार्य किया

28-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्र सरकार ने मंगलवार को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और उससे जुड़ी संस्थाओं को एडवाइजरी जारी कर कहा कि देश में हीटवेव और तेजी से बढ़ते तापमान के बीच कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए जाए।
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों/प्रशासकों को लिखे पत्र में कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा के लिए, विशेष रूप से बाहरी और श्रम-प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा के लिए, एक समन्वित, बहु-क्षेत्रीय और बहु-आयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। मंत्रालय ने कहा, “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी जाती है कि वे नियोक्ताओं, उद्योगों और निर्माण कंपनियों को श्रमिक सुरक्षा उपायों को तत्काल लागू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें।”
मंत्रालय ने कहा, “राज्य सरकारों से विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों और श्रमिकों के कार्य घंटों के पुनर्निर्धारण से संबंधित सलाह जारी करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, पर्याप्त पेयजल सुविधाओं को सुनिश्चित करने और विश्राम क्षेत्रों तथा कार्यस्थलों को ठंडा रखने की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया गया है।” इसमें निर्माण कार्य सहित ऐसी सुविधाओं की आवश्यकता वाले कार्यस्थलों के लिए आपातकालीन बर्फ की थैलियों और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव सामग्री की व्यवस्था करना और श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करना भी शामिल है।
सरकार ने कहा कि कारखाने और खदान प्रबंधन को भी सलाह दी गई है कि वे श्रमिकों को अधिक लचीलापन प्रदान करें, जिसमें अत्यधिक गर्मी के दौरान काम की गति धीमी करना, जहां निरंतर काम अपरिहार्य हो वहां दो-सदस्यीय दल नियुक्त करना, विश्राम क्षेत्र उपलब्ध कराना और पर्याप्त वेंटिलेशन और शीतलन व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
मंत्रालय ने पत्र में निर्माण श्रमिकों, ईंट भट्ठों के श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य श्रमिकों पर विशेष ध्यान देने की सिफारिश की है। मंत्रालय ने आगे कहा, “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को श्रमिक चौकों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, साथ ही लू से सुरक्षा संदेश और आपातकालीन संपर्क विवरण वाले पोस्टर और बैनर प्रदर्शित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।”







 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड एआई हब की रखी नींव

28-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब की नींव रखी। 
इस एआई हब में गूगल करीब 15 अरब डॉलर निवेश करेगा, जो कि देश के इतिहास में आया अब तक का सबसे बड़ी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) है। भूमि पूजन समारोह में बोलते हुए चंद्रबाबू नायडू ने गूगल और परियोजना में उसके साझेदारों, अदाणीकनेक्स और एयरटेल नेक्सट्रा से सितंबर 2028 तक परियोजना को पूरा करके उद्घाटन करने का आग्रह किया। 
साथ ही, उन्होंने परियोजना के शीघ्र पूरा होने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने आगे कहा कि गूगल का यह निवेश विशाखापत्तनम के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक गेम चेंजर है।
उन्होंने याद करते हुए कहा कि 30 साल पहले, जब उन्होंने साइबराबाद को एक आईटी सिटी के रूप में स्थापित करने की नींव रखी थी, अब वह वेल्थ क्रिएशन का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर होगा और आंध्र प्रदेश देश के लिए एआई डेटा गेटवे के रूप में उभरेगा।
उन्होंने कहा, “गूगल, जिसने एक सर्च इंजन के रूप में शुरुआत की थी, अब भारत के विकास का इंजन बन रहा है। वैसे तो हर कोई गूगल पर सर्च करता है, लेकिन इस मामले में गूगल ने सर्च किया और आंध्र प्रदेश को चुना।”
नायडू ने कहा कि विशाखापत्तनम में सभी खूबियां मौजूद हैं और इसे इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए सबसे उपयुक्त स्थान बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि यहां पानी की कोई कमी नहीं है और 60 दिनों के भीतर गोदावरी नदी से शहर में पानी लाने का वादा किया।
उन्होंने कहा कि सरकार अपने “शासन की गति” को बढ़ाने के लिए गूगल एआई डेटा सेंटर का उपयोग करेगी, जिसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
संबोधन में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि एक देश के रूप में भारत कई तकनीकी विकास चक्रों से चूक गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि भारत नई तकनीकी विकास प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में की गई पहलों के बदौलत भारत आईटी सेवाओं का अग्रणी बन गया, लेकिन सेमीकंडक्टर, सर्वर, लैपटॉप और मोबाइल फोन के निर्माण में पिछड़ गया। हालांकि, मेक इन इंडिया पहल के शुभारंभ के साथ पिछले एक दशक में स्थिति पूरी तरह बदल गई है।
उन्होंने कहा कि नगण्य इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण से आज मोबाइल फोन देश का सबसे अधिक निर्यात किया जाने वाला उत्पाद बन गया है, जिसने रत्न और आभूषण, वस्त्र और डीजल को भी पीछे छोड़ दिया है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन भारत को विश्व का एक प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा, “आज की भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं भरी दुनिया में, विश्व एक ऐसे विश्वसनीय साझेदार की तलाश में है जहां आईटी अधिकारों की रक्षा की जाए और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का ध्यान रखा जाए। यह केवल भारत में ही संभव है।” 

यूपी पुलिस में इस साल होगी एक लाख नई भर्ती, सीएम योगी ने किया ऐलान

28-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को युवाओं को बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि योग्य, क्षमतावान, स्वत: स्फूर्त भाव के साथ नौजवान यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनना चाहता है और इसके लिए भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड युवाओं को अच्छा अवसर उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड इस वर्ष लगभग एक लाख नई भर्ती करने जा रहा है। पिछले तीन दिन में यूपी होमगार्ड में भी 41 हजार भर्ती के लिए परीक्षा हुई। सिविल पुलिस, एसआई, होमगार्ड आदि की भर्ती प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित 936 प्रधान परिचालक/प्रधान परिचालक (यांत्रिक) को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में पुलिस दूरसंचार विभाग पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।
सीएम योगी ने सफल अभ्यर्थियों से कहा कि सभी चाहते थे कि ईमानदारी से भर्ती हो। डबल इंजन सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है कि भर्ती निष्पक्ष व ईमानदारी से हुई। अब आपका भी दायित्व है कि साफ नीयत, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ यूपी पुलिस के माध्यम से सेवा देकर राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। हर भारतीय नागरिक जब अपने क्षेत्र में ईमानदारी से कर्तव्यों का निर्वहन करेगा, तब पीएम मोदी के विकसित भारत की परिकल्पना साकार होगी। किसी व्यक्ति, जाति, मत-मजहब का अहंकार या व्यक्तिगत इच्छा राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि जिस निष्पक्षता से पुलिस भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई, वह 9 वर्ष पहले संभव नहीं थी। पहले प्रक्रिया ही सकुशल संपन्न नहीं होती थी। लेनदेन, नियुक्ति में भेदभाव होता था, परंतु अब पूरी प्रक्रिया में किसी को भी सिफारिश व पैसा नहीं देना पड़ता है। सिर्फ योग्यता, क्षमता व आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संपन्न होती है। प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है कि यदि क्षमता है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब आपको भी शुद्ध नीयत के साथ कार्य करना है। कभी बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश सामूहिक प्रयास की बदौलत अब भारत के विकास में योगदान दे रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि परसों (रविवार) ही प्रदेश के 112 केंद्रों पर पुलिस के 60 हजार आरक्षियों की दीक्षांत परेड हुई, यानी एक साथ 60 हजार आरक्षी उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने, जो अब फील्ड में मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे। 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2.20 लाख से अधिक कार्मिकों की भर्ती संपन्न हुई है, जबकि देश के कई राज्यों में पुलिस की कुल इतनी स्ट्रेंथ भी नहीं है। सीएम ने नवचयनितों से कहा कि आपको देश की सबसे बड़ी सिविल पुलिस का हिस्सा बनने और दूरसंचार शाखा के जरिए 25 करोड़ की आबादी की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले संकट था कि कहां ट्रेनिंग होगी, लेकिन अब इस दृष्टि से जगह की कमी नहीं रही। 2017 के पहले एक बार में केवल 3 हजार पुलिस कार्मिकों की ही ट्रेनिंग करा सकते थे, लेकिन 2025 में एक साथ 60,244 पुलिस आरक्षियों की ट्रेनिंग यूपी के सेंटरों में हुई। इसके जरिए यूपी पुलिस ने दिखाया कि नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो परिणाम लाया जा सकता है। पासिंग आउट परेड के बाद आरक्षी जनपदों में ड्यूटी के लिए निकल रहे हैं। अब इन ट्रेनिंग सेंटर्स पर आप लोगों का प्रशिक्षण शुरू होगा।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने 500 से अधिक कुशल खिलाड़ियों को यूपी पुलिस बल का हिस्सा बनाया है। उसी का परिणाम है कि जब भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स मीट होती है तो यूपी पुलिस अधिक मेडल प्राप्त करती है। देश-दुनिया में उसके मेडल की संख्या अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा होती है। इसके जरिए फोर्स अपनी क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि की गई है। 2017 में 10 जनपदों में पुलिस लाइन ही नहीं थी। कई थानों के खुद के भवन नहीं थे। पुलिस की सामान्य सुविधाओं, बैरक आदि का अभाव था। आज 55 जनपदों में हाईराइज बिल्डिंग में पुलिस के जवानों के बैरक व आवासीय सुविधाएं हैं। मॉडल थाने, नए फायर स्टेशन स्थापित हो रहे हैं। एसएसएफ, एसडीआरएफ, तीन नई महिला पीएसी बटालियनें गठित हुई हैं। तीन नए कानून जुलाई 2024 में लागू हुए हैं, लेकिन यूपी ने पहले ही तैयारी कर ली थी। यूपी का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। ए ग्रेड की 12 एफएसएल यूनिट कार्य कर रही है। छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक लैब कार्य कर रही हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए निपुण टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ ही प्रदेश को सिर्फ माफिया-दंगा मुक्त प्रदेश ही नहीं बना रही है, बल्कि भारत की इकॉनमी ग्रोथ में भी अप्रत्यक्ष रूप में योगदान दे रही है। कानून का राज विकास की पहली गारंटी है। कानून का राज स्थापित होने से देश-दुनिया का निवेशक यूपी में आ रहा है। अब हम प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित कर लेते हैं।
सीएम योगी ने दूरसंचार पुलिस बल में नवचयनित 936 अभ्यर्थियों से कहा कि अब संचार यूनिट को और सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। अगले 8 महीने की आपकी ट्रेनिंग महत्वपूर्ण होगी। सीएम ने युवाओं व पुलिस कार्मिकों को फिट रहने का मंत्र दिया और कहा कि फिजिकली फिट रहेंगे तो मेंटली भी फिट होंगे और तभी ईमानदारी से देश व समाज को सेवा दे पाएंगे।
 

तिरुमला मंदिर में उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन ने टेका माथा, देशहित की मांगी दुआ

28-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को तिरुपति के निकट तिरुमला स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। आंध्र प्रदेश के बंदोबस्ती मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के चेयरमैन बी.आर. नायडू, कार्यकारी अधिकारी मुद्ददा रविचंद्र और अन्य अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंदिर के पुजारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ‘इस्तिकाफल’ देकर उनका सम्मान किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति ने ध्वजस्तंभ के समक्ष नमन किया और पूजा-अर्चना की।
उन्होंने देवी वकुलामाता, भगवान विमान वेंकटेश्वर, भाष्यकार सन्निधि (आचार्यों के मंदिर) और भगवान योग नरसिम्हा स्वामी के मंदिरों में भी दर्शन किए। बाद में रंगनायकूला मंडपम में वैदिक विद्वानों ने उन्हें ‘वेदाशीर्वचनम्’ दिया। इस अवसर पर टीटीडी चेयरमैन और कार्यकारी अधिकारी ने उपराष्ट्रपति को भगवान की तस्वीर तथा तीर्थ प्रसाद भेंट किया। उपराष्ट्रपति ने मुख्य मंदिर के सामने स्थित बेदी अंजनेय स्वामी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
टीटीडी के अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी वेंकैया चौधरी और बोर्ड सदस्य भानु प्रकाश रेड्डी भी स्वागत और दर्शन व्यवस्था में मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर दी गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने देश में शांति, समृद्धि और सभी लोगों के कल्याण की प्रार्थना की।
इससे पहले सोमवार को उपराष्ट्रपति ने विशाखापट्टनम में आंध्र विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को संबोधित किया था, जिसके बाद वह तिरुपति पहुंचे। उपराष्ट्रपति बनने के बाद राधाकृष्णन का यह दूसरा तिरुमला दौरा है। इससे पहले सितंबर 2025 में उन्होंने विजयवाड़ा और तिरुमला में सांस्कृतिक व आध्यात्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।



 

वाराणसी में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत, पीएम मोदी देंगे 163 परियोजनाओं की सौगात

28-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां बाबतपुर एयरपोर्ट पर आनंदीबेन पटेल, योगी आदित्यनाथ और भाजपा नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
बरेका मैदान में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला सम्मेलन’ में महिला शक्ति का बड़ा जुटान देखने को मिल रहा है। नरेंद्र मोदी यहां हजारों महिलाओं को संबोधित करेंगे और 163 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। वाराणसी पहुंचने के बाद वह हेलिकॉप्टर से बरेका स्थित हेलीपैड पहुंचे और गेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए।
इस सम्मेलन की खास बात यह है कि इसकी पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथ में है। मंच संचालन से लेकर सुरक्षा तक में उनकी प्रमुख भूमिका है। मंच पर 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी, जो महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वावलंबन और समान अवसर जैसे मुद्दों को सामने रखेंगी। इसे काशी का अब तक का सबसे बड़ा महिला राजनीतिक जुटान माना जा रहा है।
नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान 6332.08 करोड़ रुपए की 163 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसमें 1054.69 करोड़ की 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और 5277.39 करोड़ की 113 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा अमूल से जुड़े लाखों दुग्ध उत्पादक किसानों को 105 करोड़ रुपए का बोनस भी ट्रांसफर किया जाएगा।
इन परियोजनाओं में सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाईओवर, अस्पतालों का निर्माण व उन्नयन, शैक्षणिक संस्थानों का विकास, पेयजल और सीवरेज योजनाएं, स्वच्छता अभियान, खेल सुविधाओं का विस्तार, जलाशयों का जीर्णोद्धार और हरित ऊर्जा से जुड़े कई कार्य शामिल हैं। इससे पूर्वांचल में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री बनारस से पुणे (हडपसर) और अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) के बीच चलने वाली दो नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
यह पिछले 11 वर्षों में नरेंद्र मोदी का काशी का 54वां दौरा है और वर्ष 2026 का पहला दौरा। इससे पहले वह नवंबर 2025 में यहां आए थे। इस दौरे को राजनीतिक और विकासात्मक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है, जहां महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के साथ पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलेगी।
 



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