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ईयू कर रहा है अमेरिका पर 93 अरब यूरो का टैरिफ लगाने पर विचार : रिपोर्ट

20-Jan-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) यूरोपीय संघ अमेरिका के खिलाफ कड़ा कदम उठाने पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी देने के बाद यूरोपीय संघ 93 अरब यूरो तक का शुल्क वॉशिंगटन पर लगा सकता है या अमेरिकी कंपनियों को अपने बाजार में काम करने से रोक सकता है। यह जानकारी फाइनेंशियल टाइम्स ने दी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले से जुड़े अधिकारी ऐसे जवाबी कदमों की तैयारी कर रहे हैं, ताकि अगले हफ्ते होने वाली अहम बैठकों से पहले यूरोपीय नेताओं के पास मजबूत स्थिति हो। ये बैठक स्विट्जरलैंड के डावोस शहर में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान होंगी, जहां यूरोपीय नेताओं की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होनी है।
रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ ने इस टैरिफ सूची को पिछले साल ही तैयार कर लिया था, लेकिन ट्रेड वॉर से बचने के लिए इसे 6 फरवरी तक रोक कर रखा गया था। अब ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के कारण रविवार को यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों ने इसे फिर से लागू करने पर चर्चा की। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एक ऐसे कानून के इस्तेमाल पर भी बात हुई, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियों की यूरोपीय बाजार तक पहुंच सीमित की जा सकती है।
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका की ओर से प्रस्तावित टैरिफ से सीधे प्रभावित आठ देशों (डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम) ने संयुक्त बयान जारी कर डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ पूरी एकजुटता जताई है।
इससे पहले शनिवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि अमेरिका एक फरवरी से इन आठ देशों से आने वाले सामान पर दस प्रतिशत शुल्क लगाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि एक जून से यह शुल्क बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा और तब तक जारी रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की “पूरी तरह खरीद” को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता।
ट्रंप बुधवार और गुरुवार को विश्व आर्थिक मंच में शामिल होने वाले हैं। इस दौरान उनकी यूरोपीय नेताओं से निजी बातचीत होने की उम्मीद है, जिसमें यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल होंगी। इसके अलावा वह यूक्रेन का समर्थन करने वाले पश्चिमी देशों की बैठक में भी हिस्सा ले सकते हैं।
 

नितिन नबीन ने दाखिल किया भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का नामांकन, पार्टी में उत्साह का माहौल

20-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। भाजपा नेताओं ने इसे ऐतिहासिक मौका बताया है। बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने बातचीत करते हुए कहा, “वह नामांकन दाखिल करते ही निर्विरोध चुने भी जाएंगे। हम भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन को अपनी शुभकामनाएं और बधाई देते हैं। भारतीय जनता पार्टी इनके नेतृत्व में और आगे बढ़ने वाली है। इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।”
भाजपा एमएलसी सीटी रवि ने कहा, “हमारी पार्टी वंशवाद की राजनीति नहीं करती। हमारी पार्टी लोकतंत्र को मानती है। लोकतंत्र की वजह से, कार्यकर्ताओं को मेरिट के आधार पर चुना जाता है। वंशवाद की राजनीति में, सिर्फ परिवार के सदस्यों को ही चुना जाता है। हमारी पार्टी में, हर कार्यकर्ता को हमारे परिवार का हिस्सा माना जाता है।”
उन्होंने कहा कि नितिन नबीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। इसमें किसी को कोई शक नहीं है। हम उनको जीत की बधाई देते हैं। भारतीय जनता पार्टी में ही कोई भी किसी पद पर बैठ सकता है। कार्यकर्ता को उनकी मेहनत के हिसाब से फल जरूर मिलता है। इसीलिए हमारे पार्टी के लोग एक साथ होकर काम कर रहे हैं और जनता को भी हमारे ऊपर विश्वास रहता है।
बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि “हम नितिन नबीन को शुभकामनाएं देते हैं। उम्मीद है कि वह हमारी भारतीय जनता पार्टी के एक मजबूत और काबिल राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। वह पटना के रहने वाले हैं, और हम उनके वोटर हैं, इसलिए हमें और भी ज्यादा खुशी हो रही है।”
भाजपा नेताओं ने कहा, एक आम बूथ कार्यकर्ता का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भारत की राजनीति के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है
उन्होंने कहा कि हम उनको पहले ही बधाई देते हैं। वह अपने कार्यकाल में पार्टी को और आगे ले जाएं और भारतीय जनता पार्टी आगे बढ़ती रहे। भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने कहा, “देखिए, यह भारत की राजनीति में जश्न का सबसे बड़ा दिन है कि एक आम कार्यकर्ता, एक बूथ कार्यकर्ता, दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहा है। उन्हें जो मौका दिया गया है, वह न सिर्फ हमारे देश के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक पल है।

गणतंत्र दिवस परेड में 10 हजार विशिष्ट अतिथि आमंत्रित, कर्तव्य पथ पर दिखेगा जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप

19-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले भव्य गणतंत्र दिवस परेड समारोह को देखने के लिए लगभग 10,000 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें गगनयान, चंद्रयान जैसे इसरो अभियानों से जुड़े उत्कृष्ट वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आमंत्रित किए गए ये अतिथि देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे। इनमें डीप ओशन मिशन, समस्थानिक अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिक, अटल टिंकरिंग लैब्स के उत्कृष्ट विद्यार्थी, किसान तथा ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रतिभागी शामिल हैं।
इन अतिथियों में वे नागरिक भी शामिल हैं जिन्होंने रोजगार सृजन, नवाचार, अनुसंधान, खेल, कृषि, विज्ञान, सामाजिक सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय आयोजनों में जन-भागीदारी को मजबूत करना और योगदानकर्ताओं को सम्मानित करना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आमंत्रित अतिथियों में विश्व एथलेटिक्स पैरा चैंपियनशिप के विजेता, प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, दलहन, तिलहन और मक्का उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसान शामिल हैं। इसके साथ ही पीएम स्माइल योजना के अंतर्गत पुनर्वासित ट्रांसजेंडर और भिक्षावृत्ति से मुक्त नागरिक भी आमंत्रित किए गए हैं।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लाभार्थी, ग्रामीण भारत में पशुपालन सेवाएं देने वाले प्रशिक्षित मैत्री कार्यकर्ता तथा राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत हाइड्रोजन एवं इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण से जुड़ी कंपनियों के प्रमुख भी विशिष्ट अतिथि होंगे।
महिला उत्पादक समूह, स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी, खादी विकास योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना और महिला कॉयर योजना के अंतर्गत प्रशिक्षित कारीगरों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम, बायो-ई3 नीति और एसआरआई फंड से जुड़े स्टार्ट-अप्स एवं एमएसएमई, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर्स और बीआरओ सहित अन्य निर्माण श्रमिक भी समारोह का हिस्सा होंगे।
जल जीवन मिशन, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम फसल बीमा योजना के लाभार्थी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के उत्कृष्ट कलाकार, खिलाड़ी, उद्यमी और जनजातीय प्रतिनिधि भी विशिष्ट अतिथियों में शामिल हैं।
इसके साथ ही वीर गाथा परियोजना के विजेता, केंद्र सरकार की योजनाओं में संतृप्ति प्राप्त पंचायतों के सरपंच, बौद्ध वैश्विक शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय और भारतीय भिक्षु प्रतिनिधिमंडल को भी आमंत्रित किया गया है। यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम 2026 के विदेशी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी ओलंपियाड (जूनियर) 2025 के पदक विजेता और बौद्धिक संपदा के उत्कृष्ट धारक भी समारोह में शामिल होंगे।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सभी विशिष्ट अतिथियों के लिए कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थानों पर बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उनके लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थलों के भ्रमण की भी व्यवस्था की गई है। अतिथियों को संबंधित विभागों के केंद्रीय मंत्रियों से संवाद का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह पहल गणतंत्र दिवस समारोह को अधिक जन-केंद्रित, समावेशी और प्रेरणादायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











 
 

पीएम मोदी ने उद्योगपति एमएल मित्तल के निधन पर शोक व्यक्त किया, बोले- आपसे हुई मुलाकातों को संजोकर रखूंगा

18-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने प्रसिद्ध उद्योगपति एमएल मित्तल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मित्तल के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारी अनेक मुलाकातों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर उद्योगपति एमएल मित्तल के निधन पर उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि मोहन लाल मित्तल ने उद्योग जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। साथ ही, वे भारतीय संस्कृति के प्रति भी अत्यंत भावुक थे।
पीएम मोदी ने लिखा कि उन्होंने समाज के विकास के प्रति अपने प्रेम को दर्शाते हुए विभिन्न परोपकारी कार्यों में अपना योगदान दिया। उनके निधन से गहरा दुख है। हमारी अनेक मुलाकातों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
पीएम मोदी और उद्योगपति मित्तल के बीच व्यक्तिगत और घनिष्ठ संबंध रहे हैं। एमएल मित्तल ने एक बार पीएम मोदी से मुलाकात को याद करते हुए बताया था कि करीब पच्चीस साल पहले, भाजपा के राष्ट्रीय नेता के रूप में नरेंद्र मोदी एक विदेश यात्रा पर त्रिनिदाद और टोबैगो गए थे। उस दौरान वह मेरे घर में ठहरे थे।मित्तल ने बताया था कि उस समय उनकी सरल जीवनशैली और स्पष्ट सोच ने उन्हें गहरा प्रभावित किया।
मित्तल ने यह भी बताया था कि तब पीएम मोदी कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ उनके घर पहुंचे थे और चार-बेडरूम वाले अपार्टमेंट में ठहरे थे। एयर-कंडीशन वाले कमरे वरिष्ठ नेताओं को दिए गए थे। मैंने (तब संगठन में काम करने वाले) मौजूदा प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आप मेरा कमरा ले लें या मैं होटल का इंतजाम कर दूं। उन्होंने मना कर दिया और छोटे से उस कमरे में सोने के लिए तैयार हो गए। उस कमरे में न एयर-कंडीशन था और न ही बाथरूम, लेकिन उन्होंने कहा कि यह कमरा उनके लिए पर्याप्त है।
 

पीएम मोदी आज से पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर, 7 अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे

18-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शनिवार से दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल में रहेंगे। पीएम मोदी आज दोपहर लगभग 12:45 बजे मालदा का दौरा करेंगे और मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलने वाली भारत की पहली स्लीपर ट्रेन वंदे भारत (कामाख्या) को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 1:45 बजे, प्रधानमंत्री मालदा में एक सार्वजनिक समारोह में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
वहीं 18 जनवरी को दोपहर लगभग 3 बजे, प्रधानमंत्री हुगली जिले के सिंगूर में लगभग 830 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, आधारशिला रखने और हरी झंडी दिखाने का कार्य करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी मालदा का दौरा करेंगे और कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से 3,250 करोड़ रुपये की लागत वाली कई रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
वह मालदा टाउन रेलवे स्टेशन का दौरा करेंगे, जहां वे हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलने वाली भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वे गुवाहाटी (कामाख्या)-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को वर्चुअल रूप से भी हरी झंडी दिखाएंगे। आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित की गई, पूरी तरह से वातानुकूलित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को किफायती किराए पर हवाई यात्रा जैसा अनुभव प्रदान करेगी। यह लंबी दूरी की यात्राओं को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक बनाएगी। हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) मार्ग पर यात्रा के समय को लगभग 2.5 घंटे तक कम करके, यह ट्रेन धार्मिक यात्रा और पर्यटन को भी काफी बढ़ावा देगी।
प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल में चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें बलुरघाट और हिली के बीच नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में अगली पीढ़ी की माल ढुलाई रखरखाव सुविधाएं, सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन और जलपाईगुड़ी जिले में वंदे भारत ट्रेन रखरखाव सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। इन परियोजनाओं से यात्री और माल ढुलाई परिचालन मजबूत होगा, उत्तरी बंगाल में रसद दक्षता में सुधार होगा और क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
प्रधानमंत्री न्यू कूचबिहार-बमनहाट और न्यू कूचबिहार-बॉक्सिरहाट के बीच रेल लाइनों के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे तेज, स्वच्छ और अधिक ऊर्जा-कुशल ट्रेन संचालन संभव हो सकेगा।
प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों-नई जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस; नई जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस; अलीपुरद्वार-एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस; अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे किफायती और विश्वसनीय लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। ये सेवाएं आम नागरिकों, छात्रों, प्रवासी श्रमिकों और व्यापारियों की आवागमन संबंधी जरूरतों को पूरा करेंगी और साथ ही अंतर-राज्यीय आर्थिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करेंगी।
प्रधानमंत्री एलएचबी कोचों से सुसज्जित दो नई ट्रेन सेवाओं- राधिकापुर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस और बालुरघाट-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस- को भी हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेनें क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आईटी पेशेवरों को बेंगलुरु जैसे प्रमुख आईटी और रोजगार केंद्रों तक सीधी, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-31डी के धूपगुड़ी-फलाकाटा खंड के पुनर्निर्माण और चार लेन के निर्माण के लिए आधारशिला रखेंगे। यह एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है जो क्षेत्रीय सड़क संपर्क में सुधार लाएगी और उत्तरी बंगाल में यात्रियों और माल की सुगम आवाजाही को सुविधाजनक बनाएगी।
प्रधानमंत्री हुगली जिले के सिंगूर में 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, आधारशिला रखने और हरी झंडी दिखाने का कार्य करेंगे।
इसके अलावा पीएम मोदी बालागढ़ में विस्तारित बंदरगाह द्वार प्रणाली की आधारशिला रखेंगे, जिसमें अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) टर्मिनल और एक ओवरब्रिज शामिल होगा।
पीएम मोदी कोलकाता में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कैटामरान का भी शुभारंभ करेंगे। यह कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा अंतर्देशीय जल परिवहन के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित 6 इलेक्ट्रिक कैटामरानों में से एक है। उन्नत इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणालियों और लिथियम-टाइटेनेट बैटरी तकनीक से लैस 50 यात्रियों की क्षमता वाला यह हाइब्रिड इलेक्ट्रिक एल्युमिनियम कैटामरान पूर्णतः इलेक्ट्रिक मोड में शून्य-उत्सर्जन के साथ-साथ लंबी दूरी के लिए हाइब्रिड मोड में भी चलने में सक्षम है। यह पोत हुगली नदी पर शहरी नदी परिवहन, पर्यावरण-पर्यटन और अंतिम-मील यात्री कनेक्टिविटी में सहयोग प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री जयरामबती-बरोगोपीनाथपुर-मयनापुर नई रेल लाइन का भी उद्घाटन करेंगे। यह लाइन तारकेश्वर-बिष्णुपुर नई रेल लाइन परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई रेल लाइन के साथ-साथ मयनापुर और जयरामबती के बीच बरोगोपीनाथपुर में ठहराव वाली एक नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर शुरू किया जाएगा। इससे बांकुरा जिले के निवासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा अधिक किफायती और सुविधाजनक हो जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री मोदी तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों कोलकाता (हावड़ा)- आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस; कोलकाता (सियालदह)- बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस; कोलकाता (संतरागाछी)- ताम्बरम अमृत भारत एक्सप्रेसको हरी झंडी दिखाएंगे।

 

 

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के दौरान इन रास्तों पर जाने से बचें, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

18-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गणतंत्र दिवस परेड की तैयारी के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। 17, 19, 20 और 21 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर रिहर्सल के दौरान सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कुछ प्रमुख सड़कों और चौराहों पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इस दौरान कर्तव्य पथ पर रफी मार्ग, जनपथ, मानसिंह रोड और सी-हेक्सागन के क्रॉसिंग बंद रहेंगे। साथ ही विजय चौक से इंडिया गेट तक कर्तव्य पथ की पूरी सड़क आम लोगों के लिए बंद रहेगी। इससे आसपास की सड़कों पर जाम की स्थिति बन सकती है। दिल्ली पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, धैर्य रखें और मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर जाने वाले वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं। यात्री सराय काले खां से आईपी फ्लाईओवर होते हुए राजघाट की ओर जाने के लिए रिंग रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, लाजपत राय मार्ग से मथुरा रोड, भैरों रोड और रिंग रोड के रास्ते भी जा सकते हैं।
अन्य विकल्पों में अरबिंदो मार्ग से सफदरजंग रोड, कमल अतातुर्क मार्ग, कौटिल्य मार्ग, सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, आरएमएल और बाबा खड़क सिंह मार्ग शामिल हैं। पृथ्वी राज रोड से राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मथुरा रोड और भैरों रोड के जरिए भी रिंग रोड तक पहुंचा जा सकता है। उत्तरी इलाकों से आने वाले लोग बर्फखाना से आजाद मार्केट, रानी झांसी फ्लाईओवर, पंचकुइयां रोड, हनुमान मूर्ति, वंदे मातरम मार्ग और धौला कुआं के रास्ते जा सकते हैं।
पूर्व से पश्चिम या इसके उलट दिशा में जाने वालों के लिए भी कई वैकल्पिक रास्ते बताए गए हैं। रिंग रोड से भैरों रोड, मथुरा रोड, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, पृथ्वी राज रोड, सफदरजंग रोड, कमल अतातुर्क मार्ग और पंचशील मार्ग जैसे रास्तों का उपयोग किया जा सकता है।
वहीं अन्य विकल्पों में रिंग रोड से आईएसबीटी, चंदगी राम अखाड़ा, मॉल रोड और आजादपुर या लोधी रोड से अरबिंदो मार्ग होते हुए तीन मूर्ति मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट और पार्क स्ट्रीट तक जाना शामिल है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सभी वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है ताकि रिहर्सल सुचारू रूप से हो सके और शहर में यातायात व्यवस्था बनी रहे। यात्रा से पहले नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक ट्रैफिक पुलिस चैनलों की जांच करें।





 

देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

18-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत के रेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन हावड़ा और गुवाहाटी के बीच चलेगी और पूर्वोत्तर तथा पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस सेवा से न केवल यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 823 यात्रियों के एक साथ यात्रा करने की क्षमता है। ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह लगभग 958 से 968 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 14 घंटे में तय करेगी, जो मौजूदा ट्रेनों के मुकाबले करीब 2.5 से 3 घंटे कम समय है। इसकी अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जिससे भविष्य में इसे और तेज बनाया जा सकेगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम, ऑटोमैटिक दरवाजे और बेहतर बर्थ की व्यवस्था की गई है। खास बात यह भी है कि सफर के दौरान यात्रियों को क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद मिलेगा, जिसमें बंगाली और असमिया खान-पान शामिल होगा। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलाई जाएगी।
कोचों की बात करें तो इस स्लीपर वंदे भारत में 11 एसी थ्री टियर, 4 एसी टू टियर और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच शामिल है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इस ट्रेन में आरएसी यानी वेटिंग सीट का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है, ताकि यात्रियों को पूरी तरह आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
किराए को लेकर भी सरकार ने मिडिल क्लास को ध्यान में रखा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, हावड़ा-गुवाहाटी के बीच हवाई यात्रा का किराया जहां लगभग 6 से 8 हजार रुपए तक होता है, वहीं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में थर्ड एसी का किराया भोजन सहित करीब 2,300 रुपए, सेकंड एसी का लगभग 3,000 रुपए और फर्स्ट एसी का करीब 3,600 रुपए तय किया गया है। 









 

कोई भूखा न रहे’ के संकल्प के साथ दिल्ली में लागू होंगे नए खाद्य सुरक्षा नियम: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

18-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) दिल्ली में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत और गरीब-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। अब 1.20 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले परिवारों को राशन कार्ड का अधिकार मिलेगा, जो पहले एक लाख तक सीमित था। यह निर्णय हाल में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। उनका स्पष्ट कहना है कि खाद्य सुरक्षा कोई एहसान नहीं, बल्कि गरीबों का अधिकार है। हमारी सरकार का संकल्प है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति केवल व्यवस्था की खामियों के कारण भूखा न रहे। सरकारी जानकारी के अनुसार वर्षों से स्पष्ट नियमों के अभाव में दिल्ली में 3 लाख 89 हजार 883 से अधिक आवेदन लंबित हैं और 11 लाख 65 हजार 965 से ज्यादा लोग आज भी खाद्य सुरक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिन्हें अब पारदर्शी और जरूरत-आधारित प्रणाली के तहत शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नए नियमों के तहत प्राथमिकता परिवारों की पहचान के लिए आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है। अब 1.20 लाख रुपये तक की सालाना पारिवारिक आय वाले परिवार खाद्य सुरक्षा के दायरे में आएंगे। पहले यह आय सीमा एक लाख रुपये थी। इसके लिए राजस्व विभाग की ओर से जारी आय प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है, जिससे स्व-प्रमाणन (सेल्फ वेरिफिकेशन) की व्यवस्था समाप्त होगी। नए नियमों के अनुसार ऐसे परिवार जिनके पास दिल्ली में ए से ई श्रेणी की कॉलोनियों में संपत्ति है, जो आयकर देते हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन है (रोजी-रोटी के लिए इस्तेमाल होने वाला एक कमर्शियल वाहन इसमें शामिल नहीं है), जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में है या जिनके घर में 2 किलोवाट से अधिक का बिजली कनेक्शन है, इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की व्यवस्था समाप्त कर जिला स्तरीय समितियों के माध्यम से आवेदनों की जांच, स्वीकृति और क्रमबद्ध प्राथमिकता तय की जाएगी। इससे सबसे अधिक जरूरतमंद परिवारों को सूची में आगे स्थान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला स्तरीय समिति को प्राथमिकता निर्धारण की केंद्रीय इकाई बनाया गया है। इसकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) या अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) करेंगे। समिति में स्थानीय विधायक और संबंधित अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति आवेदनों की जांच कर उन्हें क्रमबद्ध करेगी ताकि सबसे जरूरतमंद परिवारों को पहले लाभ मिले। साथ ही, 20 प्रतिशत की वेटिंग लिस्ट भी बनाई जाएगी, जिससे रिक्तियों को समय पर भरा जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्षों से स्पष्ट नियमों के अभाव में भारी बैकलॉग बना हुआ था। सरकार ने खाद्य सुरक्षा प्रणाली डेटा की जांच की। इसमें कई गड़बड़ियां पाई गईं। इसके आधार पर उन लोगों को सूची से हटाया है जो वास्तव में इसके हकदार नहीं थे। डेटा वेरिफिकेशन से पता चला कि लगभग 6 लाख 46 हजार 123 ऐसे लाभार्थी सामने आए जिनकी आय जानकारी नियमों से मेल नहीं खाती थी। 95 हजार 682 ऐसे लोग थे जो लंबे समय से सिस्टम में थे लेकिन लाभ नहीं ले रहे थे। लगभग 23 हजार 394 नाम दोहराव में पाए गए। 6,185 मामलों में लाभ मृत लोगों के नाम पर दर्ज था। लगभग 56 हजार 372 लोगों ने खुद ही सिस्टम से बाहर होने का अनुरोध किया।
इन सभी कारणों से कुल मिलाकर 8 लाख 27 हजार 756 से अधिक रिक्त स्थान बने। यह भी पता चला कि वर्तमान में 3 लाख 89 हजार 883 से अधिक आवेदन लंबित हैं और 11 लाख 65 हजार 965 से अधिक लोग खाद्य सुरक्षा का इंतजार कर रहे हैं। अब इन खाली जगहों पर वर्षों से राशन कार्ड या खाद्य सुरक्षा का इंतजार कर रहे लोगों को शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल नियमों का दस्तावेज नहीं, बल्कि दिल्ली के सबसे कमजोर वर्गों के लिए सम्मान, पारदर्शिता और भरोसे की गारंटी है। हमारी सरकार का संकल्प है कि कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर काम करे। मुख्यमंत्री के अनुसार यह निर्णय राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रभावी और न्यायसंगत क्रियान्वयन की दिशा में लिया गया है। नए नियमों के माध्यम से तकनीक आधारित, न्यायसंगत और पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे दुरुपयोग रुकेगा और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचेगा।

भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन सिंगापुर पहुंचा, भारत के हाई कमिश्नर ने ट्रेनी से मुलाकात की

18-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय नौसेना का पहला ट्रेनिंग स्क्वाड्रन (आईटीएस) सिंगापुर के चांगी नेवल बेस पहुंच गया है। इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तिर, आईएनएस शार्दुल, आईएनएस सुजाता और इंडियन कोस्ट गार्ड शिप सारथी शामिल हैं। यह दक्षिण पूर्व एशिया में लंबी दूरी की ट्रेनिंग डिप्लॉयमेंट का हिस्सा है, जो दक्षिण पूर्व हिंद महासागर क्षेत्र में चल रही है।
यह दौरा खास इसलिए है, क्योंकि वर्ष 2026 को भारत और आसियान ने ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस दौरान भारत और सिंगापुर की नौसेनाएं क्षमता बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के लिए कई गतिविधियां कर रही हैं। दोनों पक्षों के ट्रेनी अधिकारियों के बीच स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग एक्सचेंज, जॉइंट योगा सेशन और खेल मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इंडियन नेवल बैंड सिंगापुर की प्रमुख जगहों पर परफॉर्मेंस देगा। जहाजों पर स्कूली बच्चों के लिए दौरा भी रखा गया है, ताकि वे नौसेना की जिंदगी देख सकें। स्क्वाड्रन के पहुंचने पर भारत के हाई कमिश्नर डॉ. शिल्पक अंबुले ने ट्रेनी से मुलाकात की और मैरीटाइम ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड के कमांडर से बातचीत की। इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर की टीम ने भी प्रोफेशनल अनुभव साझा किए।
दूसरे दिन कम्युनिटी कार्यक्रम, सिंगापुर नेवी के साथ बातचीत, इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर और आरएसएन म्यूजियम का दौरा, खेल मुकाबले और नारायण ओल्ड एज एंड नर्सिंग होम में आउटरीच गतिविधियां हुईं। यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को मजबूत करता है और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ समुद्री साझेदारी बढ़ाता है।
साथ ही यह इंडियन ओशन नेवल सिम्पोजियम (आईओएनएस) में भारत की लीडरशिप और महासागर विजन के मुताबिक समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। स्क्वाड्रन आगे इंडोनेशिया और थाईलैंड भी जाएगा।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में आज शीतलहर जारी रहने की संभावना : आईएमडी

16-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि गुरुवार को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में शीतलहर की स्थिति जारी रहने की बहुत संभावना है और उसके बाद इसमें कमी आएगी।
आईएमडी ने बुधवार को एक बयान जारी कर देश के विभिन्न भागों के मौसम के बारे में जानकारी दी हैं, जिसके अनुसार, अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है। वहीं आज गुरुवार को पंजाब और हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति रहने की बहुत संभावना है।
वहीं, अगले 2 दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल, केरल और माहे तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के आस-पास के इलाकों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश बंद होने के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
16 तारीख तक उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग/कुछ हिस्सों में सुबह/रात के घंटों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है और 19 जनवरी 2026 तक अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा रहेगा।
19 जनवरी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग कुछ हिस्सों में सुबह रात के घंटों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है और 21 जनवरी 2026 तक अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा रहेगा।
16-19 जनवरी के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग/कुछ हिस्सों में सुबह/रात के घंटों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है; 15, 20 और 21 जनवरी 2026 को अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा रहेगा।
इसके अलावा, जम्मू डिवीजन, हिमाचल प्रदेश में 16 तारीख तकः पश्चिमी राजस्थान में 15 तारीख तकः उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15-19 जनवरी के दौरान; बिहार में 21 तारीख तक, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 16-19 जनवरी के दौरान; असम और मेघालय में 18 जनवरी तक सुबह रात के घंटों में अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार, आज गुरुवार को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में शीत दिवस की स्थिति रहेगी। इसके अतिरिक्त, हरियाणा, चंडीगढ़ के कुछ कई हिस्सों में शील लहर से लेकर गंभीर शीत लहर की स्थिति रहने की बहुत संभावना है और 16 जनवरी को अलग-अलग इलाकों में शीत लहर की स्थिति रहेगी।
मौसम विभाग ने कहा कि 15 और 16 जनवरी को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अलग-अलग इलाकों में, 15 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में; 15-17 जनवरी के दौरान ओडिशा में शीत लहर की स्थिति रहने की बहुत संभावना है।
आपको बता दें, 16 से 20 जनवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, हिमाचल प्रदेश में हल्की एवं मध्यम छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश बर्फबारी होने की संभावना है और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर बारिश बर्फबारी हो सकती है। साथ ही, 18 से 20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में और 19 और 20 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है। 



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