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बंगाल में सरकार बनते ही खत्म करेंगे टीएमसी के सिंडिकेट: अमित शाह

27-Apr-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) पश्चिम बंगाल के तेहट्टा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बंगाल की जनता ने ‘दीदी का सूपड़ा साफ’ कर दिया है और भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में जिन 152 सीटों पर मतदान हुआ, उनमें से 110 सीटों पर भाजपा जीत दर्ज कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि दूसरे चरण में बाकी काम पूरा कर भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी। बंगाल की जनता इस बार परिवर्तन का मन बना चुकी है और टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर करने का फैसला कर चुकी है।
महिलाओं और युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो मई महीने से राज्य की हर महिला के बैंक खाते में 3,000 रुपए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही राज्य के बेरोजगार युवाओं के खातों में भी 3,000 रुपए प्रति माह जमा कराए जाएंगे। शाह ने यह भी घोषणा की कि हर गर्भवती महिला को बच्चे की देखभाल और पोषण के लिए 21,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लहसुन किसानों के साथ राज्य सरकार ने धोखा किया है। देश के अन्य हिस्सों में लहसुन 200 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, लेकिन बांग्लादेश के रास्ते आ रहे नकली चीनी लहसुन की वजह से बंगाल के किसानों को अपनी उपज सिर्फ 12 रुपए प्रति किलो के भाव पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर चीनी लहसुन की एंट्री बंद की जाएगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाया जाएगा।
अमित शाह ने तेहट्टा की स्थानीय समस्याओं को भी उठाया और कहा कि जलंगी नदी पर पुल बनाने का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस परियोजना को लंबे समय से अधूरा छोड़ रखा है। शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद दो साल के भीतर जलंगी नदी पर पुल निर्माण का काम पूरा कर दिया जाएगा।
जनसभा के दौरान अमित शाह ने टीएमसी पर ‘सिंडिकेट राज’ चलाने का आरोप लगाया और कहा कि 5 तारीख को भाजपा की सरकार बनते ही राज्य में टीएमसी के सभी सिंडिकेट खत्म कर दिए जाएंगे।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगी और टीएमसी के गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 

मन की बात: कच्छ की ‘फ्लेमिंगो सिटी’ के मुरीद हुए पीएम मोदी, पक्षियों को बताया ‘लाखा जी के बाराती’

27-Apr-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें एपिसोड में फ्लेमिंगो (राजहंस) पक्षियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण में कहा, “बरसात खत्म होते ही कच्छ के रण की धरती जीवंत हो जाती है। हर साल लाखों फ्लैमिंगो यहां आते हैं। पूरा इलाका गुलाबी रंग से रंग जाता है, इसलिए इसे फ्लैमिंगो सिटी कहा जाता है। ये पक्षी यहीं घोंसले बनाते हैं और अपने बच्चों को बड़ा करते हैं। कच्छ के लोग इन्हें ‘लाखा जी के बाराती’ कहते हैं। अब लाखा जी के ये बाराती कच्छ में पर्यावरण संरक्षण के बड़े सुंदर प्रतीक बन गए हैं।”
पीएम ने कहा कि जैसे ही मॉनसून खत्म होता है, यहां की जमीन जीवंत हो उठती है। हर साल, लाखों फ्लेमिंगो यहां आते हैं। पूरा इलाका गुलाबी रंग का हो जाता है, इसीलिए इसे ‘फ्लेमिंगो सिटी’ कहा जाता है। ये पक्षी यहीं अपने घोंसले बनाते हैं और अपने बच्चों को पालते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर हम सबके लिए अष्टलक्ष्मी है, यहां भरपूर प्रतिभा है और पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता भी सबका ध्यान खींचती है। मन की बात में भी हम अक्सर पूर्वोत्तर के लोगों की उपलब्धियों की चर्चा करते आए हैं, ऐसी ही एक और उपलब्धि की मैं चर्चा करूंगा और वह है बांस क्षेत्र में पूर्वोत्तर की सफलता। जिस चीज़ को कभी बोझ के रूप में देखा जाता था, वह आज रोजगार, कारोबार और नवाचार को नई गति दे रही है। हमारी माताएं-बहनें इसकी सबसे बड़ी लाभार्थी हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मध्य भारत से एक अच्छी खबर भी आई है। छत्तीसगढ़ में काले हिरण फिर से दिखाई देने लगे हैं। इनकी संख्या काफी कम हो गई थी, लेकिन लगातार प्रयासों से इनके संरक्षण में वृद्धि हुई है। आज, वे एक बार फिर खुले मैदानों में घूमते हुए देखे जा रहे हैं। पीएम ने मन की बात में कहा कि एक और कहानी इंसानों और वन्यजीवों के बीच सहयोग के बारे में है। और यह कहानी उत्तर प्रदेश की है। तराई क्षेत्र में, फसल कटाई के मौसम के दौरान हाथियों के झुंड गांवों के करीब आ जाते हैं। इससे टकराव का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, अब उत्तर प्रदेश में भी “गज मित्र” जैसी पहल शुरू हो गई है।
 

पीएम मोदी का सिक्किम दौरा, गंगटोक में सिक्किम के राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समापन समारोह में लेंगे भाग

27-Apr-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश)  पीएम मोदी सोमवार से सिक्किम की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे, जिसके दौरान वह राज्य के गठन की 50वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में शामिल होंगे और 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का भी अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे।
28 अप्रैल को, उनका गंगटोक में ऑर्किडेरियम का दौरा करने का कार्यक्रम है। इसे राज्य की समृद्ध पारिस्थितिकी और फूलों की विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक विश्व स्तरीय ‘ऑर्किड अनुभव केंद्र’ के रूप में विकसित किया गया है।
इसके बाद, सुबह करीब 10 बजे, पीएम मोदी पालजोर स्टेडियम में स्वर्ण जयंती समारोह के समापन समारोह में शामिल होंगे। यहां वे बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें लॉन्च करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे। वे जनसभा को संबोधित भी करेंगे।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में, प्रधानमंत्री नामची जिले के यांगांग में 100 बेड वाले आयुर्वेद अस्पताल की आधारशिला रखेंगे, और एनआईटी देओराली में 30 बिस्तरों वाले एकीकृत ‘सोवा रिग्पा’ अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में, वे यांगांग में सिक्किम विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का; चाकुंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्टता विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का; सोचेगांग में हेलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज का; और ग्यालशिंग जिले में डेंटम प्रोफेशनल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे।
साथ ही ग्याथांग में मॉडल आवासीय विद्यालयों का; मंगशीला में एक नए मॉडल डिग्री कॉलेज का; और बूमतार गुम्पा में एक मठवासी छात्रावास-सह-कक्षा का भी उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा, 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी लॉन्च किया जाएगा। कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए, पीएम मोदी तीस्ता नदी पर सिरवानी और लोअर समदोंग में दो ‘डबल-लेन स्टील आर्क पुलों’ की आधारशिला रखेंगे, और बर्डहांग से किचूडुमरा होते हुए नामची तक जाने वाली सड़क का उद्घाटन करेंगे।
बिजली क्षेत्र में, वे गंगटोक में पारेषण और वितरण नेटवर्क के नवीनीकरण का उद्घाटन करेंगे। शहरी विकास के अंतर्गत, जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, उनमें लुमसे में ‘जन सेवा सचिवालय’; गंगटोक में ‘सिविल सेवा अधिकारी संस्थान’; ‘सिक्किम शहरी गरीब आवास योजना’ के तहत आवास पहलें; और पुलिस कर्मियों के लिए आवास शामिल हैं।
एमजी मार्ग पर एक ‘सद्भाव मंडप’ की आधारशिला भी रखी जाएगी। पर्यावरण संबंधी पहलों में, सिंगतम में सीवरेज प्रणाली के जीर्णोद्धार परियोजना की आधारशिला रखना और ‘रानी चू नदी प्रदूषण निवारण योजना’ का उद्घाटन करना शामिल है। पर्यटन के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री गंगटोक में ‘रिज प्रीसिंक्ट’ के पुनर्विकास, डोडाक में इको-टूरिज्म और तीर्थयात्रा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, कैलाश मानसरोवर यात्रा से संबंधित सुविधाओं और ‘कृष्ण प्रणामी मंगलधाम’ में एक ‘यात्री निवास’ का उद्घाटन करेंगे।
इसके साथ ही, सिलनोन में एक ‘इको-तीर्थयात्रा कॉम्प्लेक्स’ की आधारशिला भी रखी जाएगी। इसके अलावा पीएम मोदी ‘सिक्किम इफको प्रोसेसिंग प्लांट’ का भी उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य कृषि-प्रसंस्करण और किसानों की आय को बढ़ावा देना है; इसके अलावा, पीएम पाकयोंग जिले के माइनिंग में इनडोर क्रिकेट सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे।
 

जादवपुर में पीएम मोदी का वादा: ‘आपका तप बेकार नहीं जाएगा’, टीएमसी पर तीखा हमला

25-Apr-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के जादवपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि बंगाल का हर व्यक्ति भाजपा की सरकार के लिए समर्थन दे रहा है। इस दौरान, पीएम मोदी ने सत्तारूढ़ टीएमसी पर भी तीखा प्रहार किया। जादवपुर की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं विश्वास दिलाता हूं कि जो लोग धूप में तप कर रहे हैं, मैं उनका तप बेकार नहीं जाने दूंगा। इस क्षेत्र का विकास करके मैं आपके इस तप को ब्याज समेत लौटाऊंगा।”
पहले चरण के मतदान को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “देश आजाद होने के बाद कभी ऐसा मतदान नहीं देखा। हर तरफ यही चर्चा है कि भाजपा को जनता का समर्थन मिला है। आज बंगाल के छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारी भयमुक्त होकर भाजपा के साथ हैं। आज बंगाल के टैक्सीवालों से लेकर रिक्शा चालकों तक सभी भाजपा की सरकार के लिए समर्थन दे रहे हैं। आज नाव चलाने वाले हों या नाम कमाने वाले हों, हर कोई खुलेआम परिवर्तन के लिए भाजपा के भरोसे पर बंगाल का भाग्य बनाने के लिए तैयार है। सरकारी कर्मचारी से लेकर पुलिसकर्मियों तक सभी उज्ज्वल बंगाल के लिए मैदान में आए हैं। शिक्षकों से लेकर वकील और डॉक्टर तक सभी भाजपा के समर्थन में उतरे हुए हैं।”
पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पिछले 15 सालों में टीएमसी ने बंगाल को केवल लूटने का काम किया है। ऐसा कोई काम नहीं, जहां टीएमसी का करप्शन नहीं। इसलिए बंगाल की जनता कह रही है कि भर्ती घोटाला, चिटफंड घोटाला, कोयला खनन घोटाला, बालू खनन घोटाला, गरीबों के राशन की लूट, तस्करों को छूट और कट मनी व कमीशन नहीं चलेगा।”
महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी पीएम मोदी ने टीएमसी पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “भाजपा का विश्वास है कि बेटी सशक्त होगी, तो समाज सशक्त होगा। इसलिए हम हर योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि बंगाल की हर बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। लेकिन आपने देखा कि कुछ दिन पहले देश की संसद में टीएमसी और उसके साथियों ने महिला आरक्षण का विरोध किया। देश चाहता है कि राजनीति में बेटियों की भागीदारी बढ़े। लेकिन TMC नहीं चाहती। भाजपा चाहती है कि देश की नारी शक्ति सशक्त हो, लेकिन टीएमसी इसके विरोध में खड़ी हो गई है।”
जादवपुर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “इस यूनिवर्सिटी का नाम दुनिया भर में सम्मान से लिया जाता था। कैंपस की नींव ही राष्ट्रवाद पर रखी गई थी। लेकिन आज यहां की स्थिति देखिए, कैंपस के अंदर धमकियां दी जा रही हैं, दीवारों पर देश विरोधी बातें लिखी जा रही हैं और छात्र अपनी पढ़ाई के बजाय सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।”
उन्होंने कहा, “जो सरकार अपने ही राज्य के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान को नहीं बचा सकती, वो बंगाल का भविष्य क्या बचाएगी, बंगाल के नौजवानों के भविष्य क्या बचाएगी।”जादवपुर की जनता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कमल छाप पर दिया आपका हर वोट दवाई, सिंचाई और सुनवाई, हर चीज की आजादी देगा। कमल छाप पर दिया आपका हर वोट उस सोच से आजादी देगा, जो बंगाल में हिंसा और रक्तपात को बढ़ावा देती है। कमल छाप पर दिया आपका हर वोट आपके सपनों को उड़ान देगा, बंगाल को फिर से भारत का नंबर 1 स्टेट बनाएगा। कमल छाप पर दिया आपका हर वोट बंगाल को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाएगा।”
 

बंगाल चुनाव : पीएम मोदी ने ममता सरकार पर साधा निशाना, बोले- झालमुड़ी मैंने खाई, ‘झाल’ टीएमसी को लगी

24-Apr-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) पश्चिम बंगाल में गुरुवार को एक ओर जहां पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान जारी है, वहीं दूसरे चरण की 142 सीटों के लिए चुनाव प्रचार भी पूरी तेजी पर है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णानगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर जमकर निशाना साधा।
अपने भाषण में पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, “झालमुड़ी मैंने खाई है लेकिन झाल (मिर्ची) टीएमसी को लगी है।” उन्होंने कहा कि 4 मई को बंगाल में भाजपा-एनडीए की जीत का जश्न मनाया जाएगा, मिठाई बांटी जाएगी और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान हो रहा है और तमिलनाडु में भी मतदान जारी है। उन्होंने सभी मतदाताओं को शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि इस बार मतदान के नए रिकॉर्ड बनें और लोकतंत्र के इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाए।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 50 वर्षों में यह पहला चुनाव है, जिसमें हिंसा सबसे कम हुई है। उन्होंने कहा कि पहले हर हफ्ते हिंसा की घटनाएं होती थीं और उन्हें आत्महत्या का नाम दे दिया जाता था। उन्होंने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा कि आयोग ने एक बार फिर बंगाल की धरती पर लोकतंत्र की प्रतिष्ठा स्थापित की है और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया है। साथ ही, उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की भी तारीफ की, जो इस बार जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब तक की जानकारी के अनुसार मतदान पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। कृष्णानगर में भय पर भरोसे की जीत का माहौल दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भय खत्म हो रहा है और भरोसा आगे बढ़ रहा है। जिन लोगों की आवाज सालों से दबाई गई थी, वे अब खुलकर बोल रहे हैं। गांव-गांव, गली-गली, महिलाएं-पुरुष, युवा और बुजुर्ग सभी बदलाव की बात कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि 15 साल पहले जनता ने वामपंथ के खिलाफ आवाज उठाई थी और अब वही जनता तृणमूल कांग्रेस के कथित ‘जंगलराज’ के खिलाफ खड़ी है। यह चुनाव न मोदी लड़ रहा है और न ही भाजपा के कार्यकर्ता बल्कि यह चुनाव बंगाल की जनता खुद लड़ रही है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ज्यादा मतदान हुआ है, वहां भाजपा को मजबूत समर्थन मिला है, जैसा कि पुडुचेरी और असम में देखा गया। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल में भी भाजपा की जीत तय है।
टीएमसी सरकार पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी ने 10 लाख एमएसएमई और हजारों उद्योग लगाने का वादा किया था लेकिन हकीकत में कई फैक्ट्रियां बंद हो गईं और जूट मिलें भी बंद पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों को लेकर भी समस्याएं बनी हुई हैं और यहां तक कि एम्स कल्याणी के निर्माण में भी बाधाएं डाली गईं लेकिन भाजपा ने उसे पूरा कराया।
उन्होंने कहा कि टीएमसी घुसपैठियों को बढ़ावा देती है और उन्हें संरक्षण देती है जबकि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम करती है। 4 मई के बाद पश्चिम बंगाल में सुशासन की नई शुरुआत होगी। उन्होंने मातुआ और नामशूद्र समुदाय के लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। कोई भी आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद नागरिकता देने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बंगाल का हर वर्ग (किसान, सरकारी कर्मचारी, डॉक्टर, वकील, शिक्षक, दुकानदार, रिक्शा और टैक्सी चालक) सभी भयमुक्त वातावरण और बेहतर व्यवस्था के लिए वोट कर रहे हैं। पुलिस भी अब गुंडों के दबाव से मुक्त होकर जनता की सेवा के लिए वोट डालने वालों की मदद कर रही है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने वाले अधिनियम को टीएमसी ने पास नहीं होने दिया।
 

ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम को बिना किसी समय सीमा के बढ़ाया, नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी

24-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ अपने युद्धविराम को बढ़ा दिया है, जबकि व्यापक नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी गई है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि बातचीत के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं है और तेहरान पर आर्थिक दबाव जारी रखने के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका दोहरी रणनीति अपना रहा है-सैन्य हमलों को रोकते हुए वित्तीय और समुद्री प्रतिबंधों को और कड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने बुधवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा,राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम के विस्तार की घोषणा की है और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के कारण पूरी तरह बदनाम हो चुके एक शासन को उदारता से कुछ लचीलापन भी दिया है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य कार्रवाई में विराम का मतलब दबाव में कमी नहीं है। उन्होंने कहा, “सैन्य और प्रत्यक्ष हमलों पर युद्धविराम है लेकिन ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ जारी है और प्रभावी व सफल नौसैनिक नाकेबंदी भी जारी है।”
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस नाकेबंदी से ईरान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। लीविट ने कहा, “हम इस नाकेबंदी के जरिए उनकी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह जकड़ रहे हैं। उन्हें रोज़ 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है,” और जोड़ा कि ईरान तेल की खेप भेजने या भुगतान बनाए रखने में असमर्थ है।
आर्थिक दबाव बढ़ने के बावजूद, प्रशासन ने बातचीत के लिए कोई समय-सीमा तय करने से परहेज किया है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है, अंततः समय-सीमा का निर्धारण कमांडर-इन-चीफ द्वारा किया जाएगा,” और बातचीत के लिए कम समय होने की खबरों को खारिज किया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्धविराम या नाकेबंदी अनिश्चित काल तक जारी रहेगी, तो लीविट ने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा कि राष्ट्रपति ही तय करेंगे कि “कब उन्हें लगे कि यह संयुक्त राज्य अमेरिका और अमेरिकी जनता के हित में है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के नेतृत्व के भीतर मतभेद बातचीत को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अंदरूनी स्तर पर काफी विभाजन है… व्यवहारिक लोगों और कट्टरपंथियों के बीच संघर्ष चल रहा है,” और बताया कि वॉशिंगटन तेहरान से “एकजुट प्रतिक्रिया” का इंतजार कर रहा है।
व्हाइट हाउस ने माना कि ईरान से आने वाले विरोधाभासी संकेतों ने प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। लीविट ने कहा, “वे सार्वजनिक रूप से जो कहते हैं, वह निजी तौर पर अमेरिका से कही गई बातों से काफी अलग है,” और आधिकारिक ईरानी बयानों पर पूरी तरह भरोसा न करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वार्ताकार पहले ही ईरानी समकक्षों से सीधे संपर्क कर चुके हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि अंततः निर्णय लेने का अधिकार किसके पास है।
प्रशासन के रुख का बचाव करते हुए लीविट ने कहा कि वॉशिंगटन के पास बढ़त है। उन्होंने कहा, “इस समय सभी पत्ते राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में हैं… ईरान बहुत कमजोर स्थिति में है।”
उन्होंने कहा कि संकट के दौरान राष्ट्रपति के सार्वजनिक बयानबाजी से बातचीत पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। “संयुक्त राज्य अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप अपनी मांगों और ‘रेड लाइन्स’ को लेकर बहुत स्पष्ट रहे हैं,” उन्होंने कहा।
अलग से, लीविट ने बताया कि प्रशासन विमानन क्षेत्र के घटनाक्रमों पर नजर रख रहा है, खासकर स्पिरिट एयरलाइंस के संभावित राहत पैकेज की खबरों के बीच, लेकिन इस पर कोई विवरण नहीं दिया।
 

छत्तीसगढ़ में एमएसपी खरीद बढ़ी, बिहार में पहली बार दाल की संगठित खरीद शुरू: केंद्र

24-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्र सरकार ने गुरुवार को बताया कि छत्तीसगढ़ में एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद को काफी बढ़ाया गया है। साथ ही, बिहार में ‘आत्मनिर्भर दलहन मिशन’ के तहत पहली बार दाल की संगठित खरीद शुरू की गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने पीएम-आशा योजना के तहत एमएसपी खरीद को मजबूत किया है, जिसमें नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएएफईडी) छत्तीसगढ़ में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं, एनसीसीएफ ने बिहार में पहली बार मसूर दाल की संगठित खरीद शुरू की है, जो दाल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि यह पहल वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था से जुड़ी है, जिसमें सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर डब्ल्यूडीआरए-मान्यता प्राप्त गोदामों का उपयोग किया जा रहा है।
22 अप्रैल 2026 तक बिहार में 32,000 मीट्रिक टन मसूर खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 16 पीएसीएस/एफपीओ रजिस्टर किए गए हैं, 59 किसानों को जोड़ा गया है और अब तक 100.4 मीट्रिक टन की खरीद पूरी हो चुकी है। एनएएफईडी भी राज्य में अपने नेटवर्क के जरिए ‘प्राइस सपोर्ट स्कीम’ के तहत खरीद को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में पीएम-आशा के तहत खरीद में तेजी आई है। ‘ई-सम्युक्ति पोर्टल’ के जरिए किसानों की डिजिटल भागीदारी बढ़ाई गई है और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसमें दूरदर्शन के माध्यम से भी प्रचार किया गया है।
वर्तमान में 85 पीएसीएस केंद्र सक्रिय हैं और धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ जिलों में खरीद जारी है। जल्द ही सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया जिलों में भी इसे बढ़ाया जाएगा। आधिकारिक बयान के अनुसार, एनसीसीएफ और एनएएफईडी दोनों राज्यों में अपने काम को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाता है।
मंत्रालय के अनुसार, ये कदम एमएसपी आधारित खरीद व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को बेहतर दाम दिलाने और उन्हें औपचारिक सप्लाई चेन से जोड़ने के लिए उठाए गए हैं। खरीद से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से पारदर्शिता, दक्षता और पहुंच में और सुधार होने की उम्मीद है। 

55,000 किमी ट्रैक नवीनीकरण से मजबूत हुआ रेलवे नेटवर्क, सफर हुआ तेज और सुरक्षित: पीएमओ

23-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारतीय रेलवे ट्रैक का आधुनिकीकरण देश में तेज और भरोसेमंद रेल नेटवर्क तैयार करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। ट्रैक रिन्यूअल,एडवांस टेस्टिंग और मशीनों के जरिए रखरखाव से ट्रेन की रफ्तार बढ़ी है और सफर पहले से ज्यादा सुगम हो गया है। इन सुधारों से देरी कम हो रही है और यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई की बढ़ती मांग को भी बेहतर तरीके से पूरा किया जा रहा है।
यह जानकारी गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दी। पोस्ट में नीचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक मीडिया लेख का लिंक शेयर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भारत के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिकीकरण ने सुरक्षा और गति को मजबूत किया है।
भारतीय रेलवे ने 2014 से अब तक उन्नत निरीक्षण तकनीकों, मशीनीकृत रखरखाव और उन्नयन के माध्यम से लगभग 55,000 किलोमीटर पटरियों का नवीनीकरण किया है, जिससे वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी तेज सेवाओं को बढ़ावा मिला है। यह सब हाल के वर्षों में निरंतर रेल परिवर्तन प्रयासों का हिस्सा है।
इसके अलावा, 80,000 किलोमीटर से ज्यादा मजबूत 60 किलो के रेल लगाए गए हैं, जो भारी लोड और तेज रफ्तार को संभालने में सक्षम हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लेख में बताया कि भारत में प्रतिदिन 25,000 से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं, जो हर दिन 2 करोड़ से अधिक यात्रियों को यात्रा कराती हैं। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में कोयला, लोहा, अनाज, स्टील और सीमेंट जैसी वस्तुओं की ढुलाई भी इसी नेटवर्क के जरिए होती है। इस पूरे सिस्टम की नींव रेलवे ट्रैक ही है। अगर ट्रैक अच्छी स्थिति में हो तो ट्रेनें तेज और सुरक्षित चलती हैं, लेकिन खराब ट्रैक की वजह से देरी और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि ट्रैक की अहमियत को समझते हुए भारतीय रेलवे ने करीब एक दशक पहले बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू किया था, जिसमें आधुनिक मशीनों से ट्रैक बदलना, एडवांस तकनीक से जांच, मशीन-आधारित मेंटेनेंस और सुरक्षा के लिए फेंसिंग जैसे कदम शामिल थे। इन प्रयासों से रेलवे नेटवर्क की स्थिति में साफ सुधार देखा गया है।
रेल मंत्री ने यह भी कहा कि मजबूत ट्रैक के साथ-साथ समय रहते खामियों का पता लगाना भी जरूरी है। इसके लिए अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (यूएसएफडी) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके जरिए लाखों किलोमीटर ट्रैक और करोड़ों वेल्ड की जांच की गई है। इस तकनीक से ट्रैक के अंदर छिपी दरारों का पता पहले ही चल जाता है, जिसके चलते रेल और वेल्ड फेल होने के मामलों में करीब 90 प्रतिशत तक कमी आई है। 
 

 


तेलंगाना परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, बस सेवाएं ठप

23-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहने के कारण राज्यभर में सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाएं गुरुवार को भी ठप रहीं। कुछ जिलों में किराये की और निजी बसों को तैनात करके टीजीएसआरटीसी आंशिक सेवाएं संचालित कर रही है। प्रबंधन ने इलेक्ट्रिक बसों को भी तैनात किया है और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं भी ले रहा है।
हैदराबाद और अन्य जिलों में हजारों यात्रियों को हड़ताल के कारण लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कैब, ऑटो रिक्शा और निजी वाहनों पर निर्भर नजर आ रहे हैं। लोगों ने शिकायत की कि निजी बसें मनमाने ढंग से किराया वसूल रही हैं।
ग्रेटर हैदराबाद में भी यात्री मेट्रो और एमएमटीएस ट्रेनों का इस्तेमाल कर रहे थे क्योंकि अधिकारियों ने जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए अपने परिचालन को तेज कर दिया है। हड़ताल के दूसरे दिन, कर्मचारियों ने डिपो के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के आह्वान पर, कर्मचारी डिपो के बाहर जमा हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। विभिन्न राजनीतिक दलों ने हड़ताली कर्मचारियों को समर्थन दिया। विपक्षी दलों के नेताओं ने भी कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
प्रमुख विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने सरकार से कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को हल करने का आग्रह किया। हैदराबाद के महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस) और जुबली बस स्टेशन (जेबीएस) से आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों की आरटीसी बसें चलाई जा रही थीं।
टीजीएसआरटीसी राज्य के सबसे बड़े बस स्टेशन एमजीबीएस से कुछ किराए की बसें भी चला रही हैं। लगभग 40,000 कर्मचारी अपनी 32 मांगों के समर्थन में हड़ताल पर हैं। मुख्य मांगों में टीजीएसआरटीसी का सरकार में विलय और वेतन संशोधन शामिल हैं।
टीजीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक नागी रेड्डी ने हड़ताल को अवैध करार दिया है। उन्होंने कर्मचारियों से काम पर लौटने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जाएगी और उनके खिलाफ अन्य कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने एक बार फिर टीएसजीआरटीसी कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि आरटीसी प्रदेश की ग्रामीण आबादी के लिए जीवन रेखा बनी हुई है, जो प्रतिदिन लगभग 65 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करती है। इनमें लगभग 40 लाख महिलाएं शामिल हैं जो रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए इन सेवाओं पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। आरटीसी कर्मचारियों द्वारा उठाए गए 32 मुद्दों में से 29 पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन चुकी है जबकि शेष तीन तकनीकी मुद्दों पर चर्चा जारी है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लंबे विचार-विमर्श के बावजूद, कर्मचारी प्रतिनिधि वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की समिति के साथ चर्चा से बाहर चले गए, और इस कदम को आरटीसी संचालन को अस्थिर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया।

 

भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को नई गति, सह-विकास और सह-उत्पादन पर जोर

23-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक में टेक्नोलॉजी के सह-विकास और सह-उत्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित इस बैठक में दोनों देशों के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान रक्षा उत्पादन, उन्नत तकनीक और उद्योगों के बीच साझेदारी को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री ने बताया कि जर्मन उद्योग जगत ने भारत में रक्षा क्षेत्र में हो रहे सुधारों और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना की है। उन्होंने जर्मन कंपनियों से अपील की कि वे भारत के साथ मिलकर आधुनिक और विशेष तकनीकों के क्षेत्र में संयुक्त विकास और उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ें।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह का सहयोग न केवल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि विश्वसनीय साझेदारों के साथ मिलकर भारत रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
इस दौरान बोरिस पिस्टोरियस के साथ बैठक में ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रक्षा मंत्री की यह बैठक उनके तीन दिवसीय जर्मनी दौरे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की।
रक्षा मंत्री ने जर्मनी में रह रहे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए उन्हें भारत और जर्मनी के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों को करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी सराहना की और कहा कि देश के युवा नए विचारों के साथ नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।



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