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दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में परिसीमन का मुद्दा भी उठा

20-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को चेन्नई के निकट कोवलम में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में चर्चा का नेतृत्व किया। बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने परिसीमन का मुद्दा उठाया, जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के बीच ‘महत्वपूर्ण बातचीत’ हुई।
कावेरी नदी जल बंटवारे के मुद्दे और मेकेदातु बांध विवाद की पृष्ठभूमि में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में कर्नाटक के अपने समकक्ष शिवकुमार के साथ बातचीत की। दोनों मुख्यमंत्री बैठक में एक-दूसरे के बगल में बैठे थे।
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं। बैठक में केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन सहित अन्य नेता शामिल हुए।
बैठक में अपने संबोधन में शिवकुमार ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद से एक प्रस्ताव पारित करने की मांग की, जिसमें केंद्र सरकार से 1971 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाए रखने, अगले 25 वर्षों तक लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या बरकरार रखने और इन्हीं सीटों के भीतर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का आग्रह किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में दक्षिणी राज्यों की सफलता उनकी राजनीतिक आवाज कम करने का कारण नहीं बननी चाहिए।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘हम इस आश्वासन का स्वागत करते हैं कि किसी भी दक्षिणी राज्य की सीट कम नहीं होगी। लेकिन प्रतिनिधित्व केवल संख्या का विषय नहीं है। यह प्रभाव और आवाज से जुड़ा मुद्दा है।’’ उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों ने देश के आह्वान पर जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को अनुशासन और सफलता के साथ पूरा किया है और परिसीमन प्रक्रिया में इस उपलब्धि के लिए उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 की जनसंख्या को आधार माना जाना चाहिए और लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी मुख्यमंत्री मेरी बात का समर्थन करेंगे। 1971 के आधार का सम्मान किया जाए और हमारी आवाज की ताकत सुरक्षित रखी जाए।’’
शिवकुमार ने परिसीमन को महिला आरक्षण से भी जोड़ते हुए कहा कि नए परिसीमन के कारण महिला आरक्षण लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने परिषद से अगले 25 वर्षों के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 पर स्थिर रखने और इन्हीं सीटों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने मेकेदातु परियोजना का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यह केवल उनके राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘बैठक के लिए आते समय आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मुझसे कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल विवाद का समाधान जरूरी है। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि मेकेदातु परियोजना से पानी की हर बूंद तमिलनाडु और पुडुचेरी के किसानों की मदद करेगी। हमारी मदद करें ताकि हम आपकी मदद कर सकें।’’ तमिलनाडु सरकार कावेरी नदी पर प्रस्तावित संतुलन जलाशय परियोजना का विरोध करती रही है। उसका कहना है कि इसे लागू करने से राज्य के हित प्रभावित होंगे।
इस बीच, शिवकुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह बैठक दक्षिणी क्षेत्र के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श का अवसर थी।
वहीं, केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की। सतीशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ‘‘ चेन्नई के महाबलीपुरम (मामल्लापुरम) में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक से इतर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ महत्वपूर्ण बातचीत हुई। केरल के उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पी. के. कुन्हालीकुट्टी भी मौजूद थे।’



 

परिचालन से रक्षा उद्योग तक, भारत-जापान के बीच सहयोग के लिए बनेगा कार्य समूह

20-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत और जापान ने परिचालन, खुफिया, रक्षा उपकरण, प्रौद्योगिकी और रक्षा उद्योग के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के महानिदेशक या संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी इस कार्य समूह की अध्यक्षता करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने 20 अगस्त को नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में यह जानकारी दी।
कार्य समूह दोनों रक्षा मंत्रियों की ओर से तय सहयोग के क्षेत्रों में समग्र समन्वय करेगा। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में तालमेल बढ़ाने और सहयोग से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद करना है। इसके जरिए परिचालन और खुफिया सहयोग के साथ रक्षा उपकरण, प्रौद्योगिकी और रक्षा उद्योग से जुड़े प्रयासों को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
भारत और जापान ने समुद्री जहाज निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इससे भारत को जापान की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ मिलने की उम्मीद है। दोनों रक्षा मंत्रियों ने समुद्री जहाजों पर लगाए जाने वाले यूनिकॉर्न एकीकृत संचार एंटीना तंत्र से जुड़ी परियोजना को महत्वपूर्ण बताया।
यूनिकॉर्न एकीकृत संचार एंटीना तंत्र दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से जुड़ी पहली परियोजना है। दोनों पक्षों ने इसे भारत-जापान रक्षा सहयोग की गहराती साझेदारी का प्रतीक बताया और परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत और जापान ने रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अन्य परियोजनाओं पर चर्चा आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके अलावा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और जापान के एटीएलए के बीच अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
दोनों देशों ने रक्षा उद्योग मंच आयोजित करने पर भी सहमति जताई है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ाना तथा रक्षा उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाओं की तलाश करना है।
दोनों मंत्रियों ने फरवरी 2026 में भारत, जापान और इंडोनेशिया के बीच हुए पहले त्रिपक्षीय नौसैनिक पासेक्स अभ्यास का स्वागत किया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यापक सहयोग के दृष्टिकोण के तहत दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए तीसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही। इसमें उच्चस्तरीय वार्ता, सैन्य अभ्यास और अन्य संबंधित पहल शामिल होंगी।
भारत और जापान ने हिंद-प्रशांत लॉजिस्टिक नेटवर्क के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। इस नेटवर्क का इस्तेमाल प्राकृतिक आपदाओं के समय साझेदार देशों तक लोगों और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए किया जाएगा। दोनों पक्षों ने सितंबर में जापान के रक्षा मंत्रालय में होने वाले नेटवर्क के दूसरे टेबलटॉप अभ्यास का स्वागत किया।
दोनों देशों ने जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आपसी विचार-विमर्श जारी रखने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के विभिन्न माध्यमों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
द्विपक्षीय बैठक से पहले जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर भारत के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्हें तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
जापानी रक्षा मंत्री ने बुधवार को मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान का दौरा भी किया था। इस दौरान वह भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस चेन्नई पर गए। दोनों देशों के बीच बढ़ते नौसैनिक और समुद्री सहयोग के लिहाज से इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत-जापान के बीच हुए इन फैसलों से रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को एक साझा संस्थागत ढांचे के तहत आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, रक्षा प्रौद्योगिकी, जहाज निर्माण, सैन्य अभ्यास और रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिल सकती है। 


 

प्रयागराज में जलभराव से रामबाग स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन फिलहाल निलंबित

20-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) पिछले कई दिनों से संगम नगरी में हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) के रामबाग स्टेशन पर ट्रैक पर जलभराव होने से इस स्टेशन से प्रारंभ और समाप्त होने वाली ट्रेनों का परिचालन झूंसी स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है। उत्तर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि रामबाग रेलवे स्टेशन पर जलभराव होने के चलते यहां से प्रारंभ और समाप्त होने वाली ट्रेनों का परिचालन झूंसी स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, “पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश से पूरा प्रयागराज शहर ही डूबा हुआ है और रामबाग स्टेशन निचले इलाके में स्थित होने के कारण वहां यार्ड में पानी भरा हुआ है। पानी निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पानी वापस आ जा रहा है।” उन्होंने कहा कि पानी निकालने की कोशिश लगातार जारी है और रामबाग स्टेशन से प्रारंभ और समाप्त होने वाली चार पैसेंजर ट्रेनें अल्पकाल के लिए झूंसी से प्रारंभ और समाप्त हो रही हैं।
वहीं, उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डाक्टर शिवम शर्मा ने कहा कि प्रयागराज में वर्षा से एनसीआर के प्रयागराज जंक्शन, नैनी और छिवकी स्टेशनों पर किसी तरह के जलभराव की सूचना नहीं है और सभी ट्रेनें अपने समय पर चल रही हैं।उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में पिछले कई दिनों से जारी भारी वर्षा से नगर के ज्यादातर निचले इलाके जलमग्न हैं और जिला प्रशासन और नगर निगम जल निकासी के प्रयासों में लगा हुआ है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी शहर में जलभराव की समस्या का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम को फटकार लगाते हुए जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।














 

चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा

20-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को अपने राज्य, कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा। नायडू ने अमरावती, बेंगलुरु और चेन्नई को जोड़ने वाले परिवहन नेटवर्क की मांग करते हुए बुलेट ट्रेन को कुप्पम (उनका निर्वाचन क्षेत्र) से गुजारने का सुझाव दिया। महाबलीपुरम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बोलते हुए उन्होंने दक्षिणी राज्यों में एक साझा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और ड्राई पोर्ट स्थापित करने का सुझाव दिया।उन्होंने दक्षिणी बिजली ग्रिड को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने का भी आह्वान किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिणी राज्यों के विश्वविद्यालयों और कौशल विकास संस्थानों के एक संयुक्त संघ का प्रस्ताव रखा। उन्होंने आपदाओं के दौरान अंतर-राज्यीय सहयोग के लिए एक पारस्परिक सहायता बल स्थापित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने गोदावरी-कावेरी नदी-जोड़ों परियोजना के माध्यम से 500 टीएमसी से अधिक पानी के डायवर्जन का भी प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि गोदावरी-कावेरी जोड़ो तमिलनाडु की जल समस्याओं का स्थायी समाधान प्रदान कर सकता है और उन्होंने नदी जल संबंधी मुद्दों पर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने गंगा-कावेरी नदी जोड़ने के लिए एक दीर्घकालिक राष्ट्रीय योजना का समर्थन किया और नदी-जोड़ो परियोजनाओं के लिए समयबद्ध डीपीआर और अनुमोदन की मांग की।
चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति को काशी, अयोध्या और चार धाम से जोड़ने वाले एक साझा आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य भारत की जीडीपी में लगभग 31 प्रतिशत का योगदान देते हैं और 2047 तक दक्षिणी अर्थव्यवस्था 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में दक्षिणी राज्यों को एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभरना चाहिए। उन्होंने केंद्र से संयुक्त आंध्र प्रदेश के विभाजन से उत्पन्न मुद्दों के समाधान में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत अनुसूची-9 और 10 के संस्थान 12 साल बाद भी अनसुलझे हैं।
मुख्यमंत्री ने संसाधन घाटे और पुनर्गठन अधिनियम की धारा 56 से संबंधित मुद्दों के समाधान की अपील की। आंध्र प्रदेश और अन्य दक्षिणी राज्यों के विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने दक्षिणी राज्यों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुद्दों के समाधान के लिए केंद्र-राज्य विश्वास और पारस्परिक सहयोग आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के सहयोग से पोलावरम, दक्षिण तटीय रेलवे जोन और अमरावती परियोजनाएं आकार ले रही हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि अमरावती को राजधानी का कानूनी दर्जा प्राप्त हो चुका है।
चंद्रबाबू नायडू ने दुर्गराज पटनम बंदरगाह और रिफाइनरी प्रस्तावों के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा मेट्रो रेल परियोजनाओं और कडप्पा दक्षिण पश्चिम पश्चिम रेलवे लिंक के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी मांगी। तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री उपस्थित थे।

भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ के लिए भारतीय सेना का दल रवाना

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय सेना का दल भारत और थाईलैंड के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को थाईलैंड रवाना हुआ। यह अभ्यास 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी स्थित विभावदी रंगसित कैंप में आयोजित किया जाएगा।
यह भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास का 15वां संस्करण है। इससे पहले इसका आयोजन सितंबर 2025 में मेघालय के उमरोई स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में किया गया था।
अभ्यास में भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना के 85-85 जवान हिस्सा लेंगे। भारतीय दल में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं, जबकि थाईलैंड की ओर से 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की 3वीं बटालियन के सैनिक हिस्सा लेंगे।
इस अभ्यास में कंपनी स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मुख्य ध्यान जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में सैन्य अभियान चलाने पर रहेगा।
‘मैत्री’ अभ्यास का उद्देश्य भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त रूप से उग्रवाद और आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने की क्षमता को बेहतर करेंगी।
प्रशिक्षण के दौरान मैदानी अभ्यास, सैन्य चर्चा, व्याख्यान, प्रदर्शन और अंतिम संयुक्त अभ्यास आयोजित किया जाएगा। दोनों देशों के सैनिक संयुक्त अभियानों के दौरान इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी भी साझा करेंगे।
‘मैत्री’ सैन्य अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। यह भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच अनुभव और बेहतर सैन्य तरीकों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच है।
अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, समझ और सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह भारत और थाईलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करेगा।

 

राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने लखीसराय मंदिर भगदड़ को लेकर जताया गहरा शोक, पीड़ित परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदनाएं

17-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) बिहार के लखीसराय जिले के अशोकधाम मंदिर में सोमवार को हुई भगदड़ की दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है और 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बिहार के लखीसराय जिले में भगदड़ की दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पीएमओ ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, “बिहार के लखीसराय में भगदड़ से हुई मौतों से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है।”
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा, “बिहार के लखीसराय में हुई घटना हृदयविदारक है। इस दुःखद हादसे से मन व्यथित है। अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने एवं शोकाकुल परिजनों को कठिन घड़ी में संबल देने की प्रार्थना करता हूं।”
बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा, “लखीसराय की हृदयविदारक घटना में सात महिलाओं के निधन से मन अत्यंत व्यथित है। प्रभु दिवंगत आत्माओं को श्रीचरणों में स्थान दें, परिजनों को धैर्य तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य प्रदान करें।”
जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है और कई श्रद्धालुओं की मौत की खबर दिल दहला देने वाली है। एसडीपीओ ने कुछ अफवाहों का जिक्र किया है, लेकिन जब तक सरकार पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक पक्ष नहीं रखती, तब तक कुछ भी पक्के तौर पर कहना ठीक नहीं होगा।”













 

नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर सेना प्रमुख, नेपाली सेना प्रमुख का मानद पद से होंगे सम्मानित

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर है। उनकी यह यात्रा 17 अगस्त से प्रारंभ हुई है और 19 अगस्त तक प्रस्तावित है। जनरल सेठ रविवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे थे। सोमवार सुबह जनरल सेठ ने नेपाल के सेना मुख्यालय में आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
इस दौरान नेपाली सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले जनरल धीरज सेठ ने काठमांडू में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। वह यहां सोल्जर प्लेटफार्म स्थित शहीद स्मारक पर गए और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी व शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।
जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा को दोनों देशों की सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत सैन्य संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रा के दौरान वह नेपाली सेना के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, आपसी हितों से जुड़े मुद्दों और दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। जनरल धीरज सेठ के नेपाल दौरे के दौरान सोमवार को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में विशेष आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर जनरल सेठ को नेपाली सेना प्रमुख की मानद उपाधि प्रदान की जानी है।
गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना के मानद प्रमुख की उपाधि देने की महत्वपूर्ण परंपरा रही है। यह परंपरा दोनों देशों की सेनाओं के बीच विशेष संबंधों और ऐतिहासिक सैन्य सहयोग का प्रतीक मानी जाती है। जनरल सेठ की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहने की संभावना है। भारत और नेपाल के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तथा सैन्य स्तर पर नियमित संवाद के माध्यम से व्यापक सहयोग जारी है।
दरअसल नेपाल भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच भौगोलिक निकटता के साथ-साथ लोगों के बीच गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध भी हैं। ऐसे में भारतीय थल सेना प्रमुख की नेपाल यात्रा को दोनों सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समझ और सहयोग को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनरल धीरज सेठ की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और नेपाल दोनों ही अपने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बदलती क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है। जनरल धीरज सेठ पांच सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नेपाल पहुंचे हैं। वह नेपाल के सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर यह यात्रा कर रहे हैं। जनरल सेठ के साथ भारतीय सेना की आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष कोमल सेठ भी नेपाल गई हैं।












 

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में NPA अब तक के सबसे निचले स्तर पर: निर्मला सीतारमण

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अब सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में हैं।
वित्त मंत्री ने पीएसबी कॉन्फ्लुएंस 2026 के उद्घाटन सत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। दो दिवसीय सम्मेलन में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
सीतारमण ने बताया कि वित्तीय सेवा विभाग ने उनके कार्यकाल में पहली बार सम्मेलन में चर्चा के लिए चुने गए सात विषयों पर विस्तृत शोध दस्तावेज तैयार किए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से जुड़े दस्तावेज का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें भारत की युवा आबादी को उम्र और जीवन के अलग-अलग चरणों के आधार पर समझाया गया है। उन्होंने बताया कि भारत की करीब 29 प्रतिशत आबादी 15 से 29 वर्ष के बीच है और बैंकों को अपनी योजनाएं बनाते समय इस बड़ी युवा आबादी को ध्यान में रखना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि सम्मेलन के लिए तैयार किए गए सातों दस्तावेजों में दुनिया के अलग-अलग देशों में अपनाई गई अच्छी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इन्हें सम्मेलन में शामिल अधिकारियों को पहले ही उपलब्ध कराया गया है, ताकि चर्चा केवल विचारों तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे सुझाव सामने आएं जिन्हें वास्तव में लागू किया जा सके।
सीतारमण ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब ‘विकसित भारत’ के लिए बैंकिंग क्षेत्र पर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा होने की उम्मीद है। सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव इस समिति के लिए बैंकिंग क्षेत्र के भविष्य की भूमिका तय करने में उपयोगी हो सकते हैं।
एनपीए में आई तेज गिरावट का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों ने कठिन दौर में अपने खातों की सफाई की प्रक्रिया के जरिए विश्वसनीयता हासिल की है। अब बैंक संकट से निपटने के बजाय मजबूत स्थिति से सुधारों को आगे बढ़ाने की स्थिति में हैं।
पीएसबी कॉन्फ्लुएंस में चर्चा के लिए सात प्रमुख विषय चुने गए हैं। इनमें जमा बढ़ाना, युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाएं, निवेश को बढ़ावा देना, वैश्विक क्षमता केंद्र, कृषि और बागवानी क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला के लिए ढांचा, प्राथमिकता क्षेत्र को ऋण और क्रेडिट कार्ड कारोबार में बदलाव शामिल हैं।

 

अनुराग जैन ने संभाला नीति आयोग के नए सीईओ का कार्यभार, लंबा प्रशासनिक अनुभव आएगा काम

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) नीति आयोग ने सोमवार को अनुराग जैन का नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में स्वागत किया। उनकी नियुक्ति देश के प्रमुख नीति-निर्माण थिंक टैंक नीति आयोग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखी जा रही है। मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को प्रशासन, सुशासन और नीति-निर्माण के क्षेत्र में करीब चार दशक का व्यापक अनुभव है। अपने लंबे और उल्लेखनीय प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकारों में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं।
नीति आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “नीति आयोग नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन का स्वागत करता है।” अनुराग जैन इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। केंद्र सरकार में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
बुनियादी ढांचा विकास, औद्योगिक नीति, प्रशासनिक सुधार और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में उनके व्यापक अनुभव को नीति आयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति से नीति निर्माण, परियोजना क्रियान्वयन और राज्यों के साथ समन्वय को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सीईओ के रूप में अनुराग जैन केंद्र सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और प्रमुख नीतिगत पहलों के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस वर्ष की शुरुआत में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनका कार्यकाल दो वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, रहेगा। गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल में केंद्र सरकार ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष (वाइस चेयरमैन) नियुक्त किया था। उन्होंने सुमन के. बेरी का स्थान लिया था।
नीति आयोग देश की दीर्घकालिक विकास रणनीतियों, आर्थिक सुधारों, राज्यों के साथ सहयोग और विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अनुराग जैन की नियुक्ति को नीति आयोग के लिए एक अहम प्रशासनिक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।





 

मंदिर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद का बिहार सरकार ने किया ऐलान

17-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) बिहार सरकार ने सोमवार को लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, इस घटना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के कई नेताओं ने दुख जताया है। भगदड़ में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस घटना से मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि सावन के पवित्र महीने के तीसरे सोमवार को पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जमा हुए थे।
खबर है कि एक बिजली का तार गिरने से भीड़ में अफरातफरी मच गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच अफवाहें फैल गईं, जिससे घबराहट पैदा हो गई। कई श्रद्धालु बचने की कोशिश में अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। भगदड़ मच गई, जिसमें कई श्रद्धालु फंस गए और एक-दूसरे के नीचे दब गए। इस घटना से मंदिर में अफरातफरी मच गई जबकि स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत भीड़ में फंसे लोगों को बचाने की कोशिशें शुरू कर दीं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई भगदड़ के कारण हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि इस घटना से प्रभावित सभी लोगों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करें।”
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक्स पर पोस्ट किया, “अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई हृदयविदारक भगदड़ की घटना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। श्रद्धालुओं की असमय मृत्यु की खबर से मन गहरा आहत है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवारों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं कुशलता की ईश्वर से प्रार्थना है।”
बिहार सरकार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम (इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में जलाभिषेक के दौरान बिजली का तार गिरने से फैले करंट, मची अफरा तफरी और भगदड़ से हुए दुखद हादसे में अनेक श्रद्धालुओं के घायल होने व 7 की असामयिक मृत्यु के समाचार से मर्माहत हूं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उचित सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन नहीं होना एनडीए सरकार की प्रशासनिक कुव्यवस्था का परिचायक है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं तथा मृतकों को श्रद्धांजलि! सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि एवं घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था करें। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।”
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने एक्स पर पोस्ट किया, “अशोकधाम मंदिर, लखीसराय में हुई दुखद भगदड़ की घटना से मन व्यथित है। इस हादसे में श्रद्धालुओं के निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। हादसे में घायल सभी श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है।”
केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन) ने एक्स पर लिखा, “लखीसराय के पावन अशोकधाम मंदिर में तीसरी सोमवारी के अवसर पर अचानक भीड़ काफी बढ़ गई। इसी दौरान बिजली का तार गिरने, बिजली का पोल गिरने और करंट आने की अफवाह फैल गई, जिसके कारण श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई। इस हृदयविदारक हादसे में कई श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुःखद घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस कठिन घड़ी में मेरी पूरी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं।”
 


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