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युवा राष्ट्र-निर्माण की आधारशिला: पीएम मोदी

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोमवार युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का यह दृढ़ विश्वास था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवा अपने जोश, ऊर्जा और जुनून के बल पर हर संकल्प को साकार करने की क्षमता रखते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का युवा आत्मविश्वास, नवाचार और परिश्रम के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा, तकनीक और सेवा के क्षेत्र में योगदान दें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया- “अङ्गणवेदी वसुधा कुल्या जलधिः स्थली च पातालम्। वल्मीकश्च सुमेरुः कृतप्रतिज्ञस्य वीरस्य॥”
प्रधानमंत्री ने कहा कि दृढ़ संकल्प वाले वीर के लिए सीमित साधन भी विशाल बन जाते हैं और कठिनाइयां अवसर में परिवर्तित हो जाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का युवा इसी संकल्प के साथ आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा।







 

भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नई गति, पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज की प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। इस बैठक में भारत-जर्मनी सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
यह बैठक भारत और जर्मनी के बीच 25 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। दोनों नेताओं ने साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने को लेकर अपने-अपने विचार साझा किए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज के बीच व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, स्किल और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, हरित और सतत विकास तथा लोगों के बीच संपर्क (पीपल-टू-पीपल टाईज) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और सशक्त बनाने पर भी सहमति बनी।
इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव’ में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर दोनों नेताओं का पारंपरिक गुजराती स्कार्फ पहनाकर और उत्सवी माहौल में स्वागत किया गया।
दोनों नेताओं ने पतंग उड़ाकर उत्तरायण का आनंद लिया। इस दौरान नरेंद्र मोदी को ‘भारत – वसुधैव कुटुम्बकम’ संदेश वाली विशेष रूप से डिजाइन की गई पतंग उड़ाते देखा गया। कई पतंगों पर तिरंगा, हिंदू देवी-देवताओं और दोनों नेताओं की आकृतियां भी बनी हुई थीं।
पतंग महोत्सव के दौरान साबरमती नदी के किनारे बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। लोग भारतीय और जर्मन राष्ट्रीय ध्वज लहराते नजर आए, जो दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और बढ़ती साझेदारी का प्रतीक बना।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर जर्मन चांसलर मर्ज को उत्तरायण पर्व के सांस्कृतिक महत्व, सजावट और पारंपरिक रीति-रिवाजों की जानकारी भी दी। उत्सव में शामिल कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों से दोनों नेताओं ने बातचीत की।
इसके बाद नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने गांधी के जीवन और विरासत पर आधारित प्रदर्शनी देखी, वहीं जर्मन चांसलर ने विजिटर्स बुक में अपने विचार भी दर्ज किए।
प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज की यह मुलाकात भारत-जर्मनी संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने, रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।











 

साबरमती आश्रम पहुंचे पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज, गांधी की विरासत को किया नमन

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को अहमदाबाद स्थित महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विरासत से रूबरू कराया। इन ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षणों की तस्वीरें विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने तीन तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “महात्मा की विरासत को साथ में देखना साझा मूल्यों का उत्सव है। पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे, वहीं से जहां से गांधी जी ने दांडी मार्च की शुरुआत की थी। दोनों नेताओं ने बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके चिरस्थायी आदर्शों पर गहन चिंतन किया। चांसलर मर्ज ने चरखा चलते हुए देखा और बापू के विजन की अनंत विरासत को प्रत्यक्ष अनुभव किया।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। यह बैठक भारत और जर्मनी के बीच 25 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, स्किल और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसके साथ ही रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, हरित विकास और लोगों के बीच संपर्क जैसे अहम विषयों पर साझेदारी को और सशक्त करने पर भी सहमति बनी।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। सोमवार सुबह उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ सबसे पहले साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव’ में भाग लिया और साथ में पतंग उड़ाई।
साबरमती आश्रम भ्रमण के बाद जर्मन चांसलर मर्ज ने विजिटर्स बुक में लिखा, “महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में उनका विश्वास और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा में उनकी आस्था आज भी लोगों को प्रेरित करती है। गांधी के आदर्शों की आज पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है।”
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज की यह मुलाकात भारत-जर्मनी संबंधों को साझा मूल्यों, ऐतिहासिक विरासत और भविष्य के सहयोग की मजबूत नींव पर आगे बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। 
















 

अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं, भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाई : सीएम योगी

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक प्रार्थी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया और कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी।
सीएम योगी ने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया और फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें। गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने ‘जनता दर्शन’ में पहुंचकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। सीएम ने कहा कि सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारा-पुचकारा और चॉकलेट दी। सीएम ने अभिभावकों से कहा कि ठंड में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। 





 

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी: अमेरिकी राजदूत

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत और अमेरिका लगातार ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं और अगली बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है। यह बयान नई दिल्ली में हाल ही में नियुक्त हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से सोमवार को दिया गया। अमेरिकी दूतावास में कार्यभार संभालने के दौरान स्टाफ और पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं।
गोर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती असली है और भारत एवं अमेरिका का रिश्ता केवल आपसी हितों पर केंद्रित नहीं है, बल्कि बल्कि उच्चतम स्तर पर बने रिश्तों से भी बंधे हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा,”सच्चे मित्र कई मुद्दों पर असहमत हो सकते हैं, लेकिन आखिर में आपसी मतभेद को सुलझा ही लेते हैं।” गोर के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार काफी महत्वपूर्ण है और इसके अलावा दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने आगे बताया कि टैरिफ और बाजार पहुंच को लेकर मतभेद होने के बावजूद दोनों देश आपस में संपर्क बनाए रखे हुए हैं।
गोर ने यह भी घोषणा की कि अगले महीने भारत को ‘पैक्ससिलिका’ में पूरे सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने बताया कि ‘पैक्ससिलिका’ एक नई पहल है जिसे अमेरिका ने पिछले महीने ही शुरू किया है। इसका मकसद जरूरी मिनरल्स और एनर्जी इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, एआई डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, खुशहाल और इनोवेशन पर आधारित आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है।
उन्होंने आगे कहा, “पिछले महीने इस ग्रुप में शामिल होने वाले देशों में जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल शामिल हैं। भारत के शामिल होने से यह ग्रुप और मजबूत होगा।” गोर के बयान से अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक की टिप्पणियों से पैदा हुआ ज्यादातर कन्फ्यूजन दूर हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार बातचीत इसलिए रुक गई है क्योंकि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया।
विदेश मंत्रालय ने लटनिक के बयान को खारिज करते हुए कहा, “रिपोर्ट में बताई गई बातों में इन चर्चाओं का जो जिक्र किया गया है, वह सही नहीं है।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत दो कॉम्प्लिमेंट्री इकोनॉमी के बीच आपसी फायदे वाले ट्रेड डील में दिलचस्पी रखता है और इसे पूरा करने की उम्मीद करता है।”









 

ग्रीन हाइड्रोजन में भारतीय और जर्मन कंपनियों का नया मेगा प्रोजेक्ट, गेम-चेंजर साबित होगा: पीएम मोदी

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मौजूदगी में भारत-जर्मनी के बीच हुए गेम चेंजर मेगा प्रोजेक्ट का उल्लेख किया। सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए विभिन्न समझौतों की अहमियत बताई।
प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा, “स्वामी विवेकानंद जयंती के दिन चांसलर मर्ज का भारत में स्वागत करना मेरे लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है। ये एक सुखद संयोग है कि स्वामी विवेकानंद जी ने ही भारत और जर्मनी के बीच दर्शन, ज्ञान और आत्मा का सेतु बनाया था। आज चांसलर मर्ज की यह यात्रा उसी सेतु को नई ऊर्जा, नया विश्वास और नया विस्तार प्रदान कर रही है। चांसलर के रूप में यह उनकी भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की भी पहली यात्रा है। यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि वे भारत के साथ संबंधों को कितना गहरा महत्व देते हैं।”
पीएम मोदी ने भारत-जर्मनी सहयोग को मानवता के लिए अहम बताया, 50 अरब डॉलर व्यापार और बढ़ते निवेश को मील का पत्थर कहा, जो रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देता है
पीएम मोदी ने इस यात्रा को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारे स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप को नई ऊर्जा दी है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है और 50 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। दो हजार से अधिक जर्मन कंपनियां लंबे समय से भारत में मौजूद हैं। ये भारत के प्रति उनके अटूट विश्वास और यहां मौजूद अनंत संभावनाओं को दर्शाता है। आज सुबह भारत-जर्मनी सीईओ फोरम में इसकी जीवंत झलक दिखाई दी।
प्रधानमंत्री ने उन समझौतों और सहयोग की बात की जो दोनों देशों के बीच है। बोले, “भारत और जर्मनी के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है और आज इसका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं। इसमें सहयोग को बढ़ाने के लिए हमने इंडिया–जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये नॉलेज, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन का साझा मंच बनेगा। हम क्लाइमेट, एनर्जी, अर्बन डेवलपमेंट और अर्बन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में मिलकर नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।”
इसके साथ ही पीएम मोदी ने उस मेगा प्रोजेक्ट की बात की जो दोनों देशों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा, “ग्रीन हाइड्रोजन में दोनों देशों की कंपनियों का नया मेगाप्रोजेक्ट भविष्य की ऊर्जा के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। भारत और जर्मनी सिक्योर, ट्रस्टेड, और रेसिलिएंट सप्लाई चेन्स निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इन सभी विषयों पर आज किए जा रहे एमओयू से हमारे सहयोग को नई गति और मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने रक्षा उद्योग के रोडमैप की बात की। उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है। रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मैं चांसलर मर्ज का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। हम रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप पर भी काम करेंगे, जिससे को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन के नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री ने आम लोगों के बीच बने रिश्ते पर प्रकाश डाला। रवीन्द्रनाथ टैगोर और मैडम कामा का जिक्र करते हुए कहा, भारत और जर्मनी के बीच ऐतिहासिक और गहरे पीपल-टू-पिपल-टाइस हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाओं ने जर्मनी के बौद्धिक जगत को नई दृष्टि दी। स्वामी विवेकानंद की विचारधारा ने जर्मनी सहित पूरे यूरोप को प्रेरित किया, और मैडम कामा ने जर्मनी में पहली बार भारत की आजादी का ध्वज फहराकर, हमारी स्वतंत्रता की आकांक्षा को वैश्विक पहचान दी। आज हम इस ऐतिहासिक जुड़ाव को आधुनिक साझेदारी का रूप दे रहे हैं।”
भारत के स्किल को अहम बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “माइग्रेशन, मोबिलिटी और स्कीलिंग बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है। भारत की टैलेंटेड युवाशक्ति जर्मनी की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आज ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप पर जारी ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट इसी भरोसे का प्रतीक है। इससे खास तौर पर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की आवाजाही आसान होगी। आज हमने खेलों के क्षेत्र में भी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यह युवाओं को जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ” आज हायर एजुकेशन पर बना कॉम्प्रिहेंसिव रोडमैप शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा। मैं जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने का आमंत्रण देता हूं। भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा के लिए मैं चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त करता हूं। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच नज़दीकियां और बढ़ेंगी। मुझे खुशी है कि गुजरात के लोथल में बनाए जा रहे नेशनल मेरीटाइम हेरिटेज कॉम्पलेक्स से जर्मन मेरीटाइम म्युजियम जुड़ रहा है। यह दोनों देशों की मैरिटाइम को जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। ट्रेडिशनल मेडिसिन्स के क्षेत्र में गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का जर्मनी के साथ करीबी सहयोग रहा है। इस महत्वपूर्ण विषय पर आज किए जा रहे एमओयू से हमारे सहयोग को और अधिक बल मिलेगा।

 

पीएम मोदी ने सोमनाथ में देखा भव्य ड्रोन शो, आस्था और टेक्नोलॉजी के तालमेल को देख हुए मंत्रमुग्ध

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद ‘ओम’ जाप में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने एक ड्रोन शो भी देखा। इसको लेकर पीएम मोदी ने कहा कि इस अद्भुत ड्रोन शो में हमारी प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ड्रोन की तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह गुजरात के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ ड्रोन शो देखते नजर आ रहे हैं। तस्वीरों को शेयर कर पीएम मोदी ने लिखा है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के सुअवसर पर सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्यता और दिव्यता से भरा ड्रोन शो देखने का सौभाग्य मिला। इस अद्भुत शो में हमारी प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया।

उन्होंने आगे लिखा कि सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है।
पीएम मोदी ने कल शनिवार की शाम को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “सोमनाथ में मैंने श्री सोमनाथ ट्रस्ट की एक मीटिंग की अध्यक्षता की। हमने मंदिर परिसर में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और भी यादगार बनाने के तरीकों पर चर्चा की।”
पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “सोमनाथ में आकर बहुत अच्छा लग रहा है, जो हमारी सभ्यता की हिम्मत का एक गौरवशाली प्रतीक है। यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हुई है, जब पूरा देश सन् 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के हजार साल पूरे होने पर एक साथ आया है। गर्मजोशी से स्वागत के लिए लोगों का आभारी हूं।”
पीएम मोदी आज रविवार की सुबह लगभग 9.45 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह एक औपचारिक शोभायात्रा है, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है। 














 

ईरान के हालात को देखते हुए अमेरिका मदद के लिए तैयार : ट्रंप

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में जो हालात बने हुए हैं, उनमें अमेरिका मदद के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब आजादी यानी स्वतंत्रता की ओर देख रहा है और यह स्थिति पहले कभी ऐसी नहीं रही। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका हर तरह की मदद के लिए तैयार है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और अमेरिका के कई बड़े अधिकारियों ने पहले भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की हत्या होती है, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अगर लोग मारे गए तो अमेरिका दखल देगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब ज़मीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि ऐसी जगहों पर कड़ा वार करना है, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के इन बयानों की निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि ये बातें दखल देने वाली और लोगों को गुमराह करने वाली हैं और इससे साफ होता है कि अमेरिका अब भी ईरानी जनता के प्रति दुश्मनी रखता है।
गौरतलब हो, ईरान के कई शहरों में दिसंबर के अंत से प्रदर्शन हो रहे हैं। इसकी वजह देश की मुद्रा रियाल का तेज़ी से गिरना और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियां हैं। ईरानी सरकार ने माना है कि प्रदर्शन हुए हैं और कहा है कि वह लोगों की आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही हिंसा और तोड़फोड़ के खिलाफ चेतावनी भी दी है।
इस बीच, ईरान की सेना ने कहा है कि वह देश के हितों की रक्षा करेगी और अहम ढांचे तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करेगी। सरकारी प्रसारक के मुताबिक, सेना ने लोगों से एकजुट रहने और दुश्मन की साज़िशों को नाकाम करने की अपील की है।
सेना के बयान में आरोप लगाया गया है कि इजरायल और कुछ दुश्मन आतंकी संगठन शहरों में शांति भंग करने और जनता को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। सेना ने कहा कि ये ताकतें ईरानी लोगों के समर्थन के नाम पर एक और विद्रोह भड़काना चाहती हैं। सेना ने जनता से सतर्क रहने और एकजुट होकर दुश्मन का मुकाबला करने की अपील की है। 


















 

पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया, सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को गिर सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के तौर पर आयोजित एक प्रतीकात्मक यात्रा ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया। इस मौक़े पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। शौर्य यात्रा साहस, बलिदान और उस अदम्य भावना का प्रतीक है, जिसने सदियों की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सोमनाथ की आस्था और गौरव को संरक्षित रखा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर रोड शो के दौरान जगह-जगह शिवभक्तों का जोश और उल्लास आनंद से भर देने वाला था। इसमें नारीशक्ति ने जिस तरह से बढ़-चढ़कर भागादारी की, उसने पूरे वातावरण को और अधिक गरिमामयी बना दिया। भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान के लिए उनका समर्पण भाव देखकर अभिभूत हूं।”
प्रधानमंत्री मोदी के सोमनाथ मंदिर के द्वार पर पहुंचते ही 10,000 महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य से उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा की और उसके बाद वहां मौजूद कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने एक्स पर कहा कि पावन और दिव्य सोमनाथ धाम में दर्शन-पूजन का सौभाग्य मिला। यह अनुभव मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देने वाला रहा। भगवान सोमनाथ की कृपा सभी देशवासियों पर सदा बनी रहे, यही कामना है।
पवित्र मंदिर में प्रार्थना करने के बाद सद्भावना मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार का वातावरण और उत्सव अद्भुत है। एक ओर देवों के देव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज, आस्था का प्रवाह और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को दिव्य और भव्य बना रही है। 

तलवारों की जगह दूसरे तरीकों से भारत के खिलाफ हो रहे षड्यंत्र’, पीएम मोदी बोले- हमें एकजुट रहना है

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निर्माण का विरोध किया। आज तलवारों की जगह दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं।
गुजरात के सोमनाथ में रविवार को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं। ये स्थल हमारे सामर्थ्य, प्रतिरोध और परंपरा के पर्याय रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने इनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उस इतिहास को भुलाने के कुत्सित प्रयास किए गए।
पीएम मोदी ने कहा, “हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए कैसे-कैसे बलिदान दिए गए। अनेकों नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है, लेकिन दुर्भाग्य से उतना महत्व नहीं दिया गया है। बाकी आक्रमण के इतिहास को भी कुछ इतिहासकारों और राजनेताओं की तरफ से ‘व्हाइट वॉश’ करने की कोशिश की गई। मजहबी उन्माद की मानसिकता को सिर्फ साधारण लूट बताकर उसे ढकने के लिए किताबें लिखी गईं। सोमनाथ मंदिर एक बार नहीं, बल्कि बार-बार तोड़ा गया।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “अगर सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण सिर्फ आर्थिक लूट के लिए हुए होते तो हजार साल पहले पहली बड़ी लूट के बाद रुक गए होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमनाथ के पवित्र विग्रह को तोड़ा गया था। बार-बार मंदिर का स्वरूप बदलने की कोशिश हुई। फिर भी हमें पढ़ाया गया कि सोमनाथ मंदिर को लूट के लिए तोड़ा गया था। नफरत, अत्याचार और आतंक का असली क्रूर इतिहास हमसे छिपाया गया।”
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “हममें से धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी सोच का कभी समर्थन नहीं करेगा। लेकिन तुष्टिकरण के ठेकेदारों ने इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके। जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। 1951 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई।”
देशवासियों से आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों से हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है।


 



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