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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत, पीएम मोदी ने देश से जुड़ने की अपील की

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गुरुवार से शुरू हो रहा है। यह ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इसके साथ ही पूरे वर्ष चलने वाले कई आध्यात्मिक कार्यक्रमों और आयोजनों की शुरुआत होगी।
मोदी आर्काइव ने साझा कीं 2001 की दुर्लभ तस्वीरें
मोदी आर्काइव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वर्ष 2001 के एक कार्यक्रम की पुरानी तस्वीरें साझा की हैं। यह वही अवसर था, जब सोमनाथ मंदिर ने अपनी स्वर्ण जयंती मनाई थी और कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा गृह मंत्री एल.के. आडवाणी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ आयोजन
यह पूरा कार्यक्रम उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में आयोजित किया गया था। मोदी आर्काइव के अनुसार, यह आयोजन 31 अक्टूबर 2001 को हुआ था, जिसे सोमनाथ मंदिर में एक ऐतिहासिक सभा के रूप में याद किया जाता है।
स्वर्ण जयंती समारोह का हुआ था समापन
इस दिन सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष तक चले स्वर्ण जयंती समारोह का समापन हुआ था। यह तारीख सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के साथ भी जुड़ी थी, जिन्होंने वर्ष 1951 में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की पहली परिकल्पना की थी।
पुनर्निर्माण के दिग्गजों के योगदान को किया गया याद
इस कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी जैसे महान व्यक्तित्वों के विजन को याद किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं के संकल्प और प्रयासों से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हो पाया।
सोमनाथ को बताया देश की आत्मा का प्रतीक
भावुक संबोधन में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सोमनाथ मंदिर भारत की आत्मा को दर्शाता है। उन्होंने उन वीरों को भी नमन किया, जिन्होंने 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहले ज्योतिर्लिंग की रक्षा के लिए विदेशी आक्रमणकारियों से मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
पहले हमले के 1000 साल पूरे होने की स्मृति
वर्तमान में शुरू हो रहा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व वर्ष 1026 में मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। यह पर्व सदियों से चली आ रही सोमनाथ की अटूट विरासत और लचीलेपन का उत्सव है।
पीएम मोदी ने देश को दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उस शाश्वत सभ्यता की भावना को याद किया, जिसने एक हजार वर्षों से भी अधिक समय से लाखों लोगों के दिलों में सोमनाथ को जीवित रखा है।
पुरानी यात्राओं की तस्वीरें साझा कर की सहभागिता की अपील
पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं और नागरिकों से इस पर्व से जुड़ी यादें साझा कर जश्न में शामिल होने का आग्रह किया।
8 से 11 जनवरी तक चलेंगे विविध कार्यक्रम
इस अवसर पर गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 8 से 11 जनवरी तक कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पर्व का मुख्य विषय “अटूट आस्था” रखा गया है, जो मंदिर को लचीलेपन, सांस्कृतिक निरंतरता और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में दर्शाता है।
 

तेल पर कब्जे के बाद ट्रंप का नया फरमान, अब अमेरिका में बने प्रोडक्ट्स खरीदेगा वेनेजुएला

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  वेनेजुएला पर हमला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद से अमेरिका ने वैश्विक राजनीति में हलचल तेज कर दी है। इन सबके बीच अब ट्रंप ने घोषणा की है कि वेनेजुएला अमेरिका की मध्यस्थता वाली नई तेल डील से होने वाली कमाई से सिर्फ अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला ने इस पर सहमति जताई है। उन्होंने इस व्यवस्था को काराकास की आर्थिक दिशा में एक बड़ा बदलाव और अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स, किसानों और एक्सपोर्टर्स के लिए एक बूस्ट बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला तेल समझौते से मिलने वाले रेवेन्यू का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में अमेरिका का सामान खरीदने के लिए करेगा।
ट्रंप ने लिखा, “मुझे अभी पता चला है कि वेनेजुएला हमारी नई ऑयल डील से मिले पैसे से सिर्फ अमेरिका में बने प्रोडक्ट्स ही खरीदेगा।” वेनेजुएला, अमेरिकन एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स और अमेरिका में बनी दवाइयां, मेडिकल डिवाइस और इक्विपमेंट के साथ-साथ वेनेजुएला के बिजली ग्रिड और एनर्जी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तकनीक और हार्डवेयर खरीदेगा।
ट्रंप ने इसे एक रणनीतिक बदलाव बताया और कहा कि अमेरिका के प्रतिद्वंदियों के साथ सालों के आर्थिक संबंध के बाद वेनेजुएला अपने मुख्य साझेदार के तौर पर अमेरिका के साथ बिजनेस करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “दूसरे शब्दों में, वेनेजुएला अपने मुख्य साझेदार के तौर पर अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक समझदारी भरा फैसला है और यह वेनेजुएला और यूएस के लोगों के लिए बहुत अच्छी बात है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेनेजुएला पर शिकंजा कसने के बाद उसके तेल की बिक्री पर अपने नियंत्रण का ऐलान किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया है कि एक नए फ्रेमवर्क के तहत वेनेजुएला के एक्सपोर्ट और रेवेन्यू अमेरिका की निगरानी में होंगे।
वहीं, अमेरिकी सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि तेल बाजार की कीमत पर बेचा जाएगा और कमाई अमेरिकी-कंट्रोल्ड सिस्टम के जरिए होगी। ट्रंप ने इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था, खासकर अमेरिकी किसानों, मैन्युफैक्चरर्स और मेडिकल सप्लायर्स के लिए सीधे फायदे के तौर पर पेश किया।
वेनेजुएला का इलेक्ट्रिक ग्रिड हाल के सालों में बार-बार फेल हुआ है, जबकि दवाओं और मेडिकल इक्विपमेंट की कमी के बारे में बड़े पैमाने पर जानकारी सामने आई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में बने इक्विपमेंट का इस्तेमाल वेनेजुएला के इलेक्ट्रिक ग्रिड और एनर्जी फैसिलिटीज को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
मादुरो के शासन में वेनेजुएला चीन, रूस और ईरान से आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर था और अक्सर पेमेंट के तौर पर डिस्काउंट वाले तेल शिपमेंट का इस्तेमाल करता था, हालांकि ट्रंप के इस नए अरेंजमेंट के बाद इस ट्रेंड पर बड़ा असर पड़ेगा। तेल रेवेन्यू को अमेरिका की खरीद से जोड़कर ट्रंप सरकार ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट तक वेनेजुएला की पहुंच को अमेरिकी सामानों की डिमांड से जोड़ दिया है। 

पीएम मोदी ने देशवासियों को जीवन के चार अहम मूल्यों का महत्व बताया

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को जीवन के चार अहम मूल्यों का महत्व बताया है। उन्होंने कहा कि इंसान का असली सौंदर्य कपड़ों या शक्ल से नहीं, बल्कि गुणों से चमकता है। परिवार की इज्जत नाम या खानदान से नहीं, बल्कि अच्छे स्वभाव और सही आचरण से बनती है। पढ़ाई-लिखाई तभी काम की है, जब वह सफलता तक पहुंचाए और पैसा तभी सार्थक है, जब उसका इस्तेमाल समझदारी और जिम्मेदारी से किया जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर संस्कृत का एक सुभाषित किया साझा
प्रधानमंत्री ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया:
गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।
सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥
सुभाषित का अर्थ
इस सुभाषित का अर्थ है कि ये बातें सदियों पुरानी जरूर हैं, लेकिन आज भी उतनी ही सच और जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि देश आगे तभी बढ़ेगा, जब लोग सिर्फ कमाने और दिखाने में नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने, सही काम करने और संसाधनों का संतुलित उपयोग करने में भरोसा रखें।
ज्ञान का मतलब सिर्फ किताबों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर उतारना और नतीजे में बदलना है। साथ ही पैसा जोड़ना बुरी बात नहीं, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि उसे कैसे खर्च किया जा रहा है। क्या वह खुद, समाज और प्रकृति के लिए सही दिशा में जा रहा है या नहीं। 

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के चलते गौतमबुद्धनगर में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) गौतमबुद्धनगर जिले में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गौतमबुद्धनगर की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
इस आदेश के अनुसार जनपद गौतमबुद्धनगर में संचालित सभी बोर्डों के स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 8 तक की कक्षाएं आगामी 10 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगी। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि जिले में घना कोहरा, अत्यधिक ठंड और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए यह अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड सहित सभी अन्य बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी विद्यालय 10 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे।
आदेश में यह भी कहा गया है कि इस निर्देश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय घना कोहरा और अत्यधिक ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूल प्रबंधन इस आदेश का पूरी तरह पालन करें। किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 10 जनवरी के बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।


 

गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन 8 जनवरी से, 2030 तक भारत को वैश्विक वस्त्र हब बनाने पर होगा मंथन

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) वस्त्र मंत्रालय द्वारा असम सरकार के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों का सम्मेलन 8 जनवरी से असम के गुवाहाटी में शुरू होगा। दो दिवसीय इस सम्मेलन की थीम “भारत का वस्त्र उद्योग: विकास, विरासत और नवाचार का संगम” रखी गई है। सम्मेलन में देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वस्त्र मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र में नीति, निवेश, स्थिरता, निर्यात, अवसंरचना विकास और प्रौद्योगिकीय उन्नति पर व्यापक विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है। यह आयोजन सरकार के उस विजन के अनुरूप है, जिसके तहत भारत को वर्ष 2030 तक एक वैश्विक वस्त्र विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करना है। इसमें निर्यात बढ़ाने, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा, जो “विकास भी, विरासत भी” की अवधारणा से जुड़ा है।
8 जनवरी 2026 को आयोजित उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा, वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर भारत के वस्त्र उद्योग की ताकत, नवाचार और समृद्ध विरासत को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी और पवेलियन का भी उद्घाटन किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान अवसंरचना और निवेश, भारत के वस्त्र निर्यात का विस्तार, कच्चा माल और रेशे, टेक्निकल टेक्सटाइल और न्यू-एज फाइबर, हथकरघा और हस्तशिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे प्रमुख विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन्स एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क, स्थिरता और पर्यावरण अनुपालन, टेक्निकल टेक्सटाइल, नवाचार और एकीकृत मूल्य-श्रृंखला विकास जैसी अहम पहलों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए मंत्री और अधिकारी कपड़ा मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा करेंगे। इससे केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
8 जनवरी 2026 को ही भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के वस्त्र क्षेत्र को सुदृढ़ और सशक्त बनाने पर एक विशेष सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। इसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के वस्त्र मंत्री, संसद सदस्य और केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य उत्तर-पूर्व के रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प और बांस आधारित वस्त्रों की अपार संभावनाओं को उजागर करना है। इसमें एरी, मूगा और शहतूत रेशम, महिला-केंद्रित उद्यम, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच पर विशेष फोकस रहेगा।
राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के इस सम्मेलन से केंद्र-राज्य सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ एक प्रतिस्पर्धी, टिकाऊ और समावेशी वस्त्र सेक्टर के लिए स्पष्ट रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।







 

भारतीय रेल का एक सदी लंबा परिवर्तनकारी सफर, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण की दहलीज पर देश का रेल नेटवर्क

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) कभी बड़े पैमाने पर डीजल द्वारा संचालित भारतीय रेल अब तेजी से इलेक्ट्रिक ट्रेनों की ओर बढ़ रहा है। यह आधुनिक और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक बड़ी छलांग है। मिशन शत प्रतिशत विद्युतीकरण के तहत, नेटवर्क में तारों के फैले जाने के साथ, रेल प्रणाली तेज और अधिक कुशल होती जा रही है। यह परिवर्तन प्रदूषण को कम करने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे राष्ट्र के लिए स्वच्छ वातावरण और स्मार्ट परिवहन सुनिश्चित होता है। आज, लगभग पूरा रेल नेटवर्क इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चलता है। सौर ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को भी स्टेशनों और परिचालनों में एकीकृत किया जा रहा है। उद्देश्य स्पष्ट है: हरित ट्रेनें, विश्वसनीय बिजली और स्वच्छ वातावरण।
भारत की रेलवे विद्युतीकरण की यात्रा 1925 में शुरू हुई, तब 1500 वोल्ट डीसी सिस्टम से संचालित देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन बॉम्बे विक्टोरिया टर्मिनस और कुर्ला हार्बर के बीच चली। यह एक छोटा रेल मार्ग था, लेकिन एक ऐतिहासिक छलांग थी। यह भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन का पहला परिचालन उपयोग था, जो ऊर्जा-कुशल, उच्च क्षमता वाली रेल यात्रा की शुरुआत का संकेत था।
शुरुआती दशकों में विद्युतीकरण में प्रगति मामूली थी। देश को आजादी मिलने तक केवल 388 रूट किलोमीटर (आरकेएम) का विद्युतीकरण किया गया था। उस वक्त कोयला और डीजल इंजन पटरियों पर हावी थे। इसके बाद विद्युतीकरण का लगातार विस्तार हुआ, लेकिन पिछले दशक में वास्तविक परिवर्तन ने आकार लिया, जब भारतीय रेल ने स्वच्छ और अधिक कुशल संचालन की दिशा में अपना जोर तेज कर दिया।
विद्युतीकरण का प्रभाव उल्लेखनीय रहा है। विद्युतीकरण वर्ष 2004 और 2014 के बीच लगभग 1.42 किलोमीटर प्रति दिन से बढ़कर 2019 और 2025 के बीच औसतन 15 किलोमीटर प्रति दिन से अधिक हो गया है। विद्युतीकरण की यह गति एक परिवर्तनकारी बदलाव को रेखांकित करती है कि नेटवर्क का कितनी तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। विद्युतीकृत ट्रैक हिस्सेदारी 2000 में 24 प्रतिशत से बढ़कर 2017 में 40 प्रतिशत हो  गई, और 2024 के अंत में 96 प्रतिशत को पार कर गई। आज एक सदी लंबी यह यात्रा समापन के करीब पहुंच रही है। नवंबर 2025 तक, भारतीय रेल ने अपने रेलवे नेटवर्क के लगभग 99.2 प्रतिशत को कवर करते हुए प्रभावशाली 69,427 आरकेएम का विद्युतीकरण किया है। इसमें से 46,900 आरकेएम का विद्युतीकरण 2014 और 2025 के बीच किया गया है।
सौ साल पहले बॉम्बे में एक छोटे से उपनगरीय हिस्से पर शुरू हुआ यह दुनिया की सबसे व्यापक और लगभग पूर्ण विद्युतीकृत रेल प्रणालियों में से एक बन गया है। विद्युतीकरण अब कार्बन उत्सर्जन को कम करने, दक्षता बढ़ाने और राष्ट्र को एक हरित तथा उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे के मिशन के केंद्र में है।
भारत के 70,001 आरकेएम ब्रॉड गेज नेटवर्क में से 99.2 प्रतिशत का पहले ही विद्युतीकरण हो चुका है। भारतीय रेल पूर्ण विद्युतीकरण की दहलीज पर खड़ा है, जो टिकाऊ, कुशल और भविष्य के लिए तैयार रेल परिवहन में एक परिवर्तनकारी उपलब्धि है। राज्यव्यापी विवरण इस प्रकार हैं।
25 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश शत प्रतिशत विद्युतीकृत हैं, कोई शेष ब्रॉडगेज रूट किलोमीटर लंबित नहीं है।
केवल 5 राज्यों में विद्युतीकरण के तहत अवशिष्ट खंड हैं, जो कुल मिलाकर केवल 574 आरकेएम या कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क का 0.8 प्रतिशत है।
रेलवे विद्युतीकरण देश की सतत परिवहन और आर्थिक विकास रणनीति की आधारशिला है। प्रतिकूल पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के अलावा, यह ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है, परिचालन दक्षता को बढ़ाता है और सभी क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। विद्युतीकरण का लाभ तेज और अधिक कुशल ट्रेन संचालन से लेकर रेलवे गलियारों के साथ औद्योगिक और ग्रामीण विकास को उत्प्रेरित करने तक फैला हुआ है, जिससे यह राष्ट्रीय प्रगति का एक शक्तिशाली प्रवर्तक बन जाता है।
भारतीय रेल ने 99.2 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल करते हुए खुद को दुनिया के अग्रणी रेल नेटवर्क में मजबूती से स्थापित किया है। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रेलवे प्रणालियों के साथ तुलना से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर विद्युतीकरण का स्तर कैसे भिन्न होता है। यह तुलना भारत की प्रगति के पैमाने और महत्व को रेखांकित करता है।
यह वैश्विक तुलना उन्नत रेलवे प्रणालियों के बीच भारत की स्थिति को दर्शाती है और दक्षता, स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता प्राप्त करने में निरंतर विद्युतीकरण के रणनीतिक महत्व को पुष्ट करती है।
टिकाऊ और कुशल परिवहन पर बढ़ते ध्यान के साथ, भारतीय रेल इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन को प्राथमिकता दे रहा है क्योंकि यह पर्यावरण के अधिक अनुकूल है और डीजल ट्रैक्शन की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक किफायती है। 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लिए भारतीय रेल के मिशन के संबंध में दो महत्वपूर्ण सकारात्मक घटनाक्रम सामने आए हैं:
जनता के लिए पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ और हरित परिवहन का साधन सुनिश्चित करते हुए मिशन मोड में पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क को विद्युतीकृत करने की प्रतिबद्धता।
रेल पटरियों के किनारे उपलब्ध भूमि के विशाल हिस्सों का लाभ उठाकर नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा का दोहन करने का रणनीतिक निर्णय।
प्रमुख सौर क्षमता तैनाती
भारतीय रेल का नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना एक हरित और अधिक टिकाऊ परिवहन प्रणाली के निर्माण में एक निर्णायक कदम है। पूरे नेटवर्क में सौर ऊर्जा अपनाने का पैमाना और गति इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अभूतपूर्व क्षमता वृद्धि: नवंबर 2025 तक, भारतीय रेल ने 898 मेगावाट (एमडब्ल्यू) सौर ऊर्जा विकसित की है, जो 2014 में केवल 3.68 मेगावाट से काफी अधिक है। यह एक उल्लेखनीय छलांग है। यह सौर क्षमता में लगभग 244 गुना वृद्धि को दर्शाता है।
राष्ट्रव्यापी स्वच्छ ऊर्जा फुटप्रिंट: यह सौर ऊर्जा अब 2,626 रेलवे स्टेशनों पर स्थापित की गई है, जो विभिन्न भौगोलिक और परिचालन क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रदर्शित करती है।
सौर ऊर्जा रेलवे विद्युतीकरण में कैसे मदद करती है
सौर ऊर्जा कई तरीकों से विद्युतीकरण के लक्ष्य में योगदान देती है:
इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन में मदद: विकसित की गई कुल 898 मेगावाट सौर क्षमता में से 629 मेगावाट (लगभग 70 प्रतिशत) का उपयोग ट्रैक्शन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, जिसका अर्थ है कि उत्पादित सौर ऊर्जा सीधे इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन की बिजली जरूरतों में योगदान करती है। यह ट्रैक्शन के लिए पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता को कम करता है।
गैर-ट्रैक्शन ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना: शेष 269 मेगावाट सौर क्षमता का उपयोग स्टेशन को प्रकाशित करने, सर्विस बिल्डिंग, वर्कशॉप और रेलवे क्वार्टर जैसे गैर-ट्रैक्शन उद्देश्यों के लिए किया जाता है। सौर ऊर्जा से इन ऊर्जा जरूरतों को पूरा करके, भारतीय रेल स्वच्छ और टिकाऊ तरीके से पारंपरिक ऊर्जा उपयोग और बिजली की लागत को कम करता है, जिससे पूरे नेटवर्क में समग्र ऊर्जा सुरक्षा और परिचालन दक्षता में सुधार होता है।
आधुनिकीकरण से कहीं अधिक एक आंदोलन
विद्युतीकरण भारतीय रेल की ऊर्जा प्रोफ़ाइल को फिर से तैयार कर रहा है और सदियों पुरानी प्रणाली को एक समकालीन पावरहाउस में बदल रहा है। जो भारतीय रेल कभी डीजल से चलने वाली दिग्गज कंपनी थी, वह तेजी से एक चिकने विद्युतीकृत नेटवर्क में विकसित हो रही है। यह कम ध्वनि, कम लागत और कम कार्बन उत्सर्जन के साथ लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। यह सिर्फ आधुनिकीकरण नहीं है, यह गति है। भारत में रेलवे विद्युतीकरण अब केवल एक तकनीकी उन्नयन नहीं है; यह एक राष्ट्रीय कहानी है जहां बुनियादी ढांचा आकांक्षा को पूरा करता है और हर नया सक्रिय मार्ग आगे की तेज, हरित और परस्पर अधिक जुड़ी यात्रा का वादा करता है।


 

2026 के मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप को लगा डर, हाउस रिपब्लिकन सदस्यों से एकजुट रहने को कहा

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के मध्यावधि चुनावों में पार्टी की बड़ी जीत का दावा करते हुए हाउस रिपब्लिकन सदस्यों से एकजुट रहने और राजनीतिक इतिहास को बदलने का आह्वान किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बैठक में स्पीकर माइक जॉनसन का समर्थन किया और सभी सदस्यों को अपने एजेंडे के साथ एकजुट करने की कोशिश की।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये बातें मंगलवार को हाउस रिपब्लिकन कॉकेस रिट्रीट की मीटिंग में कहीं। राष्ट्रपति ट्रंप ने सभा में कहा है कि रिपब्लिकन एक अभूतपूर्व परिणाम की स्थिति में है। उन्होंने कहा, “अब हम इतिहास रचने जा रहे हैं और शानदार मध्यावधि चुनाव में जीत के साथ रिकॉर्ड तोड़ेंगे, जिसे हम हासिल करने वाले हैं।”
दरअसल, अमेरिका में अगले साल होने वाले मध्यावधि चुनाव की काफी चर्चा हैं, इस बीच ट्रंप की चुनावों को लेकर चिंता साफ नजर आ रही है। मध्यावधि चुनाव आम तौर पर व्हाइट हाउस में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए मुश्किल माने जाते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको स्वीकार किया, लेकिन तर्क दिया कि उनकी राष्ट्रपति पद की अवधि ने इस समीकरण को बदल दिया है। उन्होंने कहा, “जो लोग राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं, उनके साथ ऐसा नहीं होता। भले ही राष्ट्रपति पद सफल रहा हो, वे चुनाव नहीं जीत पाते।”
उन्होंने मौजूदा हाउस बहुमत को उसके सीमित अंतर के बावजूद असामान्य रूप से एकजुट बताया। ट्रंप ने कहा, “यह कोई बड़ा बहुमत नहीं है, लेकिन यह एकजुट बहुमत है।” ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 2025 में 12 महीनों की अभूतपूर्व सफलता दिलाई है। अपने एक घंटे से अधिक चले भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने हाउस नेतृत्व की सराहना की और स्पीकर माइक जॉनसन का बिना शर्त समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मेरा पूर्ण समर्थन है। साथ ही, ट्रंप ने सीमित रिपब्लिकन बहुमत की बाधाओं को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “जब आपके पास तीन का बहुमत हो तो आप सख्त नहीं हो सकते।”
वहीं, ट्रंप ने चेतावनी दी कि आंतरिक विभाजन विधायी प्रयासों को पटरी से उतार सकते हैं। इसी बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रतिनिधि डग लामाल्फा को श्रद्धांजलि दी, जिनका एक दिन पहले निधन हो गया। कैलिफोर्निया के पानी से जुड़े मुद्दों के लिए लामाल्फा को याद करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम एक महान सदस्य के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लामाल्फा 100 प्रतिशत समय मेरे साथ वोट करते थे और ऐसे सदस्य थे जिन्हें कभी मनाने की जरूरत नहीं पड़ी। ट्रंप ने यह भी बताया कि प्रतिनिधि जिम बेयर्ड और उनकी पत्नी एक गंभीर कार दुर्घटना से उबर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वे ठीक हो जाएंगे।
अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ट्रंप ने पार्टी अनुशासन और एकता को चुनावी सफलता के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बस साथ रहें। रिपब्लिकन के पास ‘सभी नीतियां’ हैं, जबकि डेमोक्रेट्स गोंद की तरह एक साथ रहते हैं। ट्रंप ने कहा, “उनकी पॉलिसी बहुत खराब है, लेकिन वे एक साथ रहते हैं।” राष्ट्रपति ने रिपब्लिकन सदस्यों से अनुरोध किया कि वे उनके संदेश को अपने-अपने क्षेत्रों में ले जाएं। 



 

पीएम मोदी और नेतन्याहू ने फोन पर की बात, भारत-इजरायल संबंधों पर हुई चर्चा

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर एक-दूसरे से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक साझेदारी और काउंटर टेररिज्म जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इसकी जानकारी दी।
पीएम मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री और वहां की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “अपने दोस्त, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके और उन्हें व इजरायल के लोगों को नए साल की बधाई देकर खुशी हुई। हमने आने वाले साल में इंडिया-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हमने क्षेत्र के हालात पर भी अपने विचार शेयर किए और आतंकवाद से और मजबूती से लड़ने के अपने इरादे को दोहराया।”
https://x.com/narendramodi/status/2008828800117985427?s=20
इससे पहले दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने पिछले साल 10 दिसंबर 2025 को एक-दूसरे से फोन पर बात की थी। पीएम नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था, और दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
इसके अलावा, पीएम मोदी और नेतन्याहू ने आपसी हितों के लिए इन संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की घोर आलोचना की और आतंकवाद के हर रूप और अभिव्यक्ति के प्रति किसी भी तरह की नरमी न बरतने की अपनी नीति को दोहराया।
उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में निष्पक्ष और स्थायी शांति के प्रयासों, जिसमें गाजा शांति योजना का शीघ्र कार्यान्वयन शामिल है, के लिए भारत के समर्थन की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमति व्यक्त की।
बता दें, इजरायली पीएम 2025 के दिसंबर में भारत का दौरा करने वाले थे, लेकिन किसी कारणवश इसे रद्द कर दिया गया। इसे लेकर काफी चर्चाएं भी हो रही थीं, क्योंकि यह तीसरी बार था जब इजरायली पीएम की भारत यात्रा टाली गई। चूंकि दिल्ली में लाल किला के पास नवंबर 2025 को धमाका भी हुआ था, ऐसे में उनके इस दौरे को सुरक्षा के दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा रहा था।









 

भविष्य के युद्ध के लिए तैयार भारतीय सेना: चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ने जारी किया प्रशिक्षण विजन दस्तावेज

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बनाने के लिए चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ने एक महत्वपूर्ण विजन दस्तावेज जारी किया है। यह दस्तावेज थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए संयुक्त रूप से तैयार किया गया है, जो प्रशिक्षण पद्धति को अधिक आधुनिक, प्रभावी और भविष्योन्मुखी बनाने पर केंद्रित है।
एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस) द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, इस दस्तावेज में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य तथा भविष्य की संभावित चुनौतियों का विस्तृत आकलन किया गया है।
इसका मुख्य लक्ष्य ऐसे सैन्य नेताओं का निर्माण करना है जो आधुनिक युद्धक्षेत्र की जटिलताओं को समझें और जल, थल, वायु, अंतरिक्ष तथा साइबर जैसे विभिन्न डोमेन में मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स को संयुक्त एवं समन्वित रूप से संचालित करने में सक्षम हों।
विजन दस्तावेज में प्रोफेशनल मिलिटरी एजुकेशन के हर चरण के लिए स्पष्ट शिक्षण उद्देश्य परिभाषित किए गए हैं, ताकि सैन्य अधिकारियों के विकास में क्रमिक और सार्थक प्रगति सुनिश्चित हो सके।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण से लेकर उच्च अधिकारियों के सामरिक एवं रणनीतिक स्तर के प्रशिक्षण तक सभी स्तरों के लिए अपेक्षित क्षमताओं और दक्षताओं का व्यवस्थित विवरण शामिल है।
यह दस्तावेज न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सशस्त्र बलों को भविष्य की तकनीकी एवं युद्धक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने का भी प्रयास करता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का यह विजन भारतीय सैन्य ढांचे को अधिक समन्वित, सक्षम और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।

तमिलनाडु में 9-10 जनवरी को भारी बारिश का अलर्ट, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

06-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण 9 और 10 जनवरी को तमिलनाडु के कई जिलों, खासकर डेल्टा और उत्तरी तटीय इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। 
आईएमडी ने बताया कि दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के सेंट्रल हिस्सों पर बना एक एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन अब लो-प्रेशर एरिया में बदल गया है। उम्मीद है कि यह सिस्टम अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप लो-प्रेशर एरिया बन जाएगा, जिससे तमिलनाडु और आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर बारिश की संभावना बढ़ जाएगी।
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में 9 जनवरी को भारी बारिश होने की संभावना है। जिन जिलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद है, उनमें मायिलादुथुराई, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, तंजावुर, पुदुकोट्टई और रामनाथपुरम शामिल हैं। इन इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव और ट्रांसपोर्ट और खेती में रुकावटों की चिंता बढ़ गई है।
10 जनवरी को भारी बारिश का क्षेत्र बढ़कर विल्लुपुरम, कुड्डालोर के साथ-साथ मायिलादुथुराई, तिरुवरूर, नागपट्टिनम और तंजावुर जिलों तक फैलने की उम्मीद है। जैसे-जैसे यह मौसम प्रणाली बंगाल की खाड़ी के ऊपर आगे बढ़ेगी और मजबूत होगी, तटीय और अंदरूनी जिलों में लगातार बारिश हो सकती है।
आईएमडी के अनुसार, तमिलनाडु और पुडुचेरी में मंगलवार-बुधवार हल्की बारिश और सुबह कोहरा, यात्रा पर असर डाल सकता है
आईएमडी की ओर से यह भी बताया गया कि बुधवार को तमिलनाडु के तटीय जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, जो कि सबसे ज्यादा बारिश वाले दिनों से पहले होगी। इसके अलावा, मंगलवार और बुधवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी में सुबह के समय हल्का कोहरा छाने की उम्मीद है, जिससे सड़क और रेल यात्रा प्रभावित हो सकती है।
नीलगिरी और कोडाइकनाल में पाले की चेतावनी जारी की गई है, न्यूनतम तापमान गिरने की संभावना है, इसलिए आईएमडी ने लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है
इस बीच, नीलगिरी और कोडाइकनाल इलाकों में कुछ जगहों के लिए पाला पड़ने की चेतावनी जारी की गई है, जहां रात और सुबह के समय न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट आने की संभावना है। आईएमडी ने जिला प्रशासन, किसानों, मछुआरों और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सलाह मानने का आग्रह किया है, क्योंकि अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति बदलती रहने की उम्मीद है। 
 



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