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भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम; 69,725 करोड़ रुपए की योजना मंजूर

25-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) केंद्र सरकार ने देश के जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग) उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 69,725 करोड़ रुपए के व्यापक पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज का उद्देश्य घरेलू जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाना, समुद्री क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण उपलब्ध कराना, कौशल विकास को प्रोत्साहित करना और भारत को वैश्विक शिपबिल्डिंग हब के रूप में स्थापित करना है।
लोकसभा में पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि भारतीय शिपयार्ड की लागत को वैश्विक शिपयार्ड के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए 24,736 करोड़ रुपए की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम को मंजूरी दी गई है। इस योजना से घरेलू जहाज निर्माण उद्योग को लागत के स्तर पर मजबूती मिलेगी।
पैकेज के तहत 25,000 करोड़ रुपए का मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड भी स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस फंड में 20,000 करोड़ रुपए का मैरीटाइम इन्वेस्टमेंट फंड और 5,000 करोड़ रुपए का इंटरेस्ट इंसेंटिवाइजेशन फंड शामिल है।
सरकार ने 19,989 करोड़ रुपए की शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम (एसबीडीएस) को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ग्रीनफील्ड क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और मौजूदा शिपयार्ड का ब्राउनफील्ड विस्तार किया जाएगा। इसका लक्ष्य देश की जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाकर प्रतिवर्ष 45 लाख ग्रॉस टनेज तक पहुंचाना है।
पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, ये योजनाएं मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और मैरीटाइम अमृतकाल विजन 2047 के अनुरूप तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जहाज निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना है।
सरकार ने जहाज निर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए कई नीतिगत सुधार भी किए हैं। इनमें बड़े वाणिज्यिक जहाजों को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देना और जहाजों की मांग को एकीकृत करने जैसी पहल शामिल हैं।
सरकार ने 19 सितंबर 2025 को 10,000 ग्रॉस टनेज (जीटी) या उससे अधिक क्षमता वाले भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाजों को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया था। इसके अलावा, भारत में निर्मित 1,500 जीटी या उससे अधिक क्षमता वाले जहाजों को भी यह दर्जा प्रदान किया गया है।
मांग को एकीकृत करने की रणनीति के तहत 400 से अधिक जहाजों के अधिग्रहण की योजना बनाई गई है। इससे भारतीय शिपयार्ड को दीर्घकालिक ऑर्डर मिलने की स्पष्टता मिलेगी और उद्योग में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार ने शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम के तहत आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में तीन ग्रीनफील्ड शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित करने को भी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इन क्लस्टरों के विकसित होने से देश की जहाज निर्माण क्षमता, रोजगार सृजन और समुद्री उद्योग के विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में चंद्रशेखर आजाद के निडर साहस और अटूट देशभक्ति का गौरवपूर्ण स्थान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “चंद्रशेखर आजाद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में उनके निडर साहस और अटूट देशभक्ति का गौरवपूर्ण स्थान है। उन्होंने अनगिनत युवा भारतीयों को देश के प्रति खुद को समर्पित करने के लिए प्रेरित किया। उनका संकल्प पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चंद्रशेखर आजाद को शत-शत नमन करते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और हर भारतीय के मन में स्वाभिमान, आत्मविश्वास तथा राष्ट्र चेतना जगाने का भी कार्य किया। उन्होंने उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नई ऊर्जा बताया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें “मां भारती के अनन्य उपासक” और “अमर हुतात्मा” करार देते हुए कोटि-कोटि नमन किया।
विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी दी श्रद्धांजलि
– उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “‘दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे’ के उद्घोषक महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।”
– दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान को प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
– मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चंद्रशेखर आजाद को “मध्यप्रदेश की माटी का गौरव” बताते हुए सादर नमन किया।
– राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी अमर क्रांतिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान, साहस तथा राष्ट्रभक्ति को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। 








 

‘प्रकृति कैफे’ जहां मिलेगा किफायती दामों पर आयुष-प्रेरित पौष्टिक भोजन

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) लोगों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने और उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए आयुष भवन में ‘प्रकृति कैफे’ की शुरुआत की गई।दरअसल, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने आज आयुष भवन में ‘प्रकृति कैफे’ का उद्घाटन किया। यह आयुष मंत्रालय की अपनी तरह की पहली कार्यस्थल पहल है, जिसका उद्देश्य ‘आयुष आहार’ से प्रेरित स्वस्थ आहार संबंधी आदतों को बढ़ावा देना है।
इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “प्रकृति कैफे न सिर्फ़ स्वास्थ्य देखभाल के जरिए, बल्कि रोजमर्रा के स्वस्थ विकल्पों के माध्यम से भी आरोग्य को बढ़ावा देने के हमारे दृष्टिकोण को दर्शाता है। भोजन हमारे स्वास्थ्य का एक अहम हिस्सा है और पौष्टिक भोजन अपने आप में अच्छे स्वास्थ्य के लिए पोषण और शक्ति देने का काम कर सकता है। ‘आयुष आहार’ जैसी पहलों के माध्यम से, हम पौष्टिक और संतुलित खान-पान के प्रति अधिक जागरूकता लाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि आज हमारे खान-पान की आदतें बदल रही हैं। जंक फूड का बढ़ता चलन सेहत पर बुरा असर डाल रहा है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा रहा है। हमें विशेष रूप से युवाओं में ऐसी अस्वस्थ आदतों से जुड़े खतरों को समझना होगा और स्वस्थ विकल्पों को अपनाना होगा। ‘प्रकृति कैफे’ एक ऐसी जगह होगी जहां लोग किफायती दामों पर आयुष-प्रेरित पौष्टिक भोजन के साथ स्वस्थ जीवनशैली के मूल्यों को अपना सकेंगे।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने स्वस्थ जीवनशैली के हिस्से के तौर पर सोच-समझकर खान-पान के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा, “प्रकृति कैफे का मकसद आयुष के सिद्धांतों को रोजमर्रा की ज़िंदगी में अपनाना है। स्वस्थ जीवनशैली आसान और लगातार किए जाने वाले सही फैसलों से बनती है और सोच-समझकर खाना इस सफर का एक अहम हिस्सा है। हमें उम्मीद है कि प्रकृति कैफे एक ऐसी जगह बनेगी जो स्वस्थ खान-पान की आदतों, आपसी मेलजोल और पौष्टिक आहार से जुड़ी भारत की समृद्ध परंपराओं को बढ़ावा देगी।”
यह कैफे ‘आयुष आहार’ पहल से प्रेरित ताजा और पौष्टिक खाने के कई विकल्प देता है। इस पहल का मकसद भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर आधारित पौष्टिक खान-पान की आदतों को बढ़ावा देना है। साथ ही, इसका उद्देश्य एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली के लिए भोजन और पोषण के महत्व के बारे में ज़्यादा जागरूकता पैदा करना भी है।
कैफे की व्यंजन-सूची में कई तरह के पौष्टिक व्यंजन शामिल हैं, जैसे चुकंदर और ओट्स कटलेट, कोसम्बरी, मिलेट ढोकला, खांडवी, ओट्स पोहा, कुटकी, (लिटिल मिलेट) वेजिटेबल उपमा और गुड़ से बनी मखाना खीर। इसके साथ ही ताज़ा नारियल पानी और हर्बल पेय जैसे कि तुलसी-अदरक चाय और ग्रीन टी के विकल्प भी उपलब्ध हैं। ये व्यंजन रोज़मर्रा की ज़िंदगी में संतुलित, सेहतमंद और पौष्टिक खाने को बढ़ावा देकर ‘आयुष आहार’ के सिद्धांतों को दर्शाते हैं।
उद्घाटन समारोह में आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। ‘प्रकृति कैफे’ का शुभारंभ निवारक स्वास्थ्य सेवा के समकालीन दृष्टिकोण के साथ आयुष के सिद्धांतों को जोड़कर स्वास्थ्य, आरोग्य और जागरुक जीवनशैली को बढ़ावा देने वाली कार्यस्थल संस्कृति को बढ़ावा देने के मंत्रालय के प्रयासों में एक और कदम है।


 

दिल्ली मेट्रो का बड़ा फैसला: सुबह 7:30 बजे से 16 स्टेशन बंद, 3 पर इंटरचेंज की सुविधा जारी

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक 16 स्टेशनों को बंद कर दिया है। दिल्ली मेट्रो की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
दिल्ली मेट्रो की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर जानकारी दी गई कि लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केन्द्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम के स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
इससे पहले बुधवार को भी सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद रखा गया था। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा दी गई थी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया था कि अगले आदेश तक लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे।
रविवार को भी सुरक्षा कारणों से जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया था, हालांकि कुछ समय बाद राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा बहाल कर दी गई थी और उनके गेट भी खोल दिए गए थे।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मार्च के दौरान हुई हिंसा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के सिलसिले में 10 एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं के संबंध में ये मामले दर्ज किए गए हैं और जांच जारी है।






 

आसियान फोरम की बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा-अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर हमले अस्वीकार्य, आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस जरूरी

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मनीला में आयोजित 33वीं आसियान क्षेत्रीय मंच मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से होने वाला व्यापार सुरक्षित, निर्बाध और स्वतंत्र रूप से जारी रहना चाहिए।
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी जयशंकर ने कहा कि उन्होंने मनीला प्लान ऑफ एक्शन का स्वागत किया, जिसके पांचों प्रमुख स्तंभ भारत के इंडो-पैसिफिक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा, ” भारत आपदा राहत के क्षेत्र में सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने, सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा करने, साझा मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) विकसित करने और वास्तविक समय व टेबल-टॉप अभ्यास आयोजित करने का समर्थन करता है।”
विदेश मंत्री ने बताया कि भारत कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) का समर्थन करता है। नियमित रूप से फील्ड अस्पताल, खोज एवं बचाव दल, राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा, “हाल के समय में भारत ने श्रीलंका, फिलीपींस, जमैका में आए चक्रवातों के साथ ही म्यांमार, वेनेजुएला और अफगानिस्तान में आए भूकंपों के बाद पुनर्वास और राहत कार्यों में सहयोग दिया है।”
आतंकवाद के मुद्दे पर जयशंकर ने जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि आतंकवादी गतिविधियों के गंभीर परिणाम होने चाहिए। उन्होंने आतंकवाद को वित्तीय सहायता पहुंचाने वाले स्रोतों पर रोक लगाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया, ” भारत, मलेशिया के साथ मिलकर आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (एडीएमएम+) के आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहा है और आतंकवाद से निपटने की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का संकलन तैयार कर रहा है।”
समुद्री सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि भारत का इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर, इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस पहल और उत्तरी अरब सागर से लेकर पश्चिमी प्रशांत तक भारतीय नौसैनिक बलों की तैनाती समुद्री डकैती, मानव एवं मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने तथा समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से परमाणु अप्रसार और निरस्त्रीकरण को कमजोर करने वाली गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए जिम्मेदार, मानव-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने और साइबर अपराधों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने की भी वकालत की।

दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (यूएनसीएलओएस-1982) के अनुरूप एक प्रभावी, सार्थक और कानूनी रूप से बाध्यकारी आचार संहिता का समर्थन करता है, जो सभी वैध उपयोगकर्ताओं के अधिकारों का सम्मान करे। दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र पर चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान अपने-अपने दावे करते हैं, जिसके कारण समय-समय पर समुद्री टकराव की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

हाई-डेंसिटी रेल मार्ग पर तीसरी लाइन के लिए 440 करोड़ रुपए की परियोजना मंजूर

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व रेलवे के निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन और मिदनापुर के बीच 14.52 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाने की 440 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य व्यस्त रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाना, यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना तथा परिचालन दक्षता में सुधार करना है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, यह परियोजना हाई-डेंसिटी रेल मार्गों पर नेटवर्क क्षमता बढ़ाने की भारतीय रेलवे की व्यापक योजना का हिस्सा है। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर हर वर्ष अतिरिक्त लगभग 3.52 मिलियन टन (एमटीपीए) माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी, जिससे उद्योगों और आवश्यक वस्तुओं के परिवहन को गति मिलेगी।
रेलवे के अनुसार, यह सेक्शन हाई यूटिलाइजेशन नेटवर्क (एचयूएन-2) का हिस्सा है। वर्तमान में निमपुरा वेस्ट आउटर केबिन से गोकुलपुर तक का हिस्सा सिंगल लाइन है, जबकि डबलिंग का कार्य पहले से जारी है। तीसरी रेल लाइन बनने के बाद इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कॉरिडोर की क्षमता और परिचालन लचीलापन दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
इस रेल मार्ग से यात्री ट्रेनों के अलावा मैंगनीज, लौह अयस्क, कंटेनर, कोयला, क्लिंकर, पेलेट आयरन, लोहा-इस्पात, गेहूं, पत्थर, स्लीपर, स्लैग, नमक, चावल, पेट्रोलियम उत्पाद, चूना पत्थर, जिप्सम, उर्वरक, खाद्य तेल, केमिकल सॉल्ट, चारकोल, सीमेंट, बैलेस्ट और राख जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं का परिवहन किया जाता है। वर्तमान में इस मार्ग पर करीब 23.80 मिलियन टन प्रतिवर्ष माल ढुलाई हो रही है।
रेलवे के मुताबिक, मौजूदा सेक्शन की लाइन क्षमता का उपयोग 115.71% तक पहुंच चुका है, जो इस मार्ग पर अत्यधिक भीड़भाड़ को दर्शाता है। तीसरी लाइन बनने से अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी, जिससे बढ़ती यात्री और माल यातायात की मांग को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
परियोजना पूरी होने के बाद आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई तेज होगी, परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी और रेलवे नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर निर्भर उद्योगों और कारोबारों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
भारतीय रेलवे ने कहा कि यह मंजूरी हाई-डेंसिटी रेल मार्गों पर क्षमता विस्तार की उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य माल और यात्री ट्रेनों की तेज, सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करते हुए आधुनिक, दक्ष और भविष्य के लिए तैयार रेल नेटवर्क के माध्यम से देश के आर्थिक विकास को गति देना है।




 

भारत की अध्यक्षता में 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक संपन्न, स्वास्थ्य सहयोग को नई दिशा देने वाली घोषणा सर्वसम्मति से अपनाई

23-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि रही 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा को सभी सदस्य देशों द्वारा सर्वसम्मति से अपनाया जाना। इस घोषणा के माध्यम से स्वास्थ्य समानता, महामारी तैयारी, डिजिटल स्वास्थ्य, अनुसंधान, मानसिक स्वास्थ्य और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच के लिए दीर्घकालिक सहयोग का रोडमैप तैयार किया गया।
बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के स्वास्थ्य मंत्री, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी और जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” के अनुरूप स्वास्थ्य प्रणालियों को अधिक मजबूत, समावेशी और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाने पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
वर्चुअल माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जन-केंद्रित नीतियों, डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक पहुंच के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तनकारी सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव यह दर्शाता है कि मजबूत और समान स्वास्थ्य व्यवस्था ही सतत विकास की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि संक्रामक और गैर-संचारी रोगों का बढ़ता बोझ, जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम तथा तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सहयोग को और मजबूत बनाने की मांग करते हैं। उन्होंने भारतीय दर्शन “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य का उद्देश्य केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि उनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।
बैठक में भारत द्वारा प्रस्तावित नौ प्राथमिकता क्षेत्रों पर सदस्य देशों के बीच व्यापक सहमति बनी। टीबी उन्मूलन की दिशा में ब्रिक्स टीबी रिसर्च नेटवर्क को मजबूत करने, चिकित्सा उत्पादों के नियामकीय सहयोग को बढ़ाने, भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम के उप-कार्य समूह के गठन तथा डिजिटल स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में मानसिक स्वास्थ्य को विशेष प्राथमिकता देते हुए ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन मेंटल वेलनेस की स्थापना की घोषणा की गई, जिसका समन्वय भारत का निम्हांस (NIMHANS) करेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य के सामाजिक निर्धारकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए परिचालन रूपरेखा तथा ब्रिक्स राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य संस्थानों (NPHIs) के नेटवर्क की रूपरेखा को भी मंजूरी दी गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, ई-संजीवनी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी भारत की डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना दूर-दराज़ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने ब्रिक्स मिशन फॉर हेल्दी लाइफस्टाइल और वर्ष 2026-29 के संयुक्त रोडमैप का भी स्वागत किया, जिसका उद्देश्य स्वस्थ खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने एफएसएसएआई, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का भी दौरा किया। प्रतिनिधियों ने ईट राइट इंडिया पहल के अंतर्गत लाइव मिलेट सत्र में भाग लिया और भारत की डिजिटल स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा, खाद्य सुरक्षा तथा स्वस्थ जीवनशैली संबंधी पहलों का अनुभव किया।








 

अमेरिका और कनाडा के बीच फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप ने 50 फीसदी टैरिफ लागू करने का किया ऐलान

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के सैकड़ों उत्पादों पर 50 फीसदी का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ओटावा पर ऑटोमोबाइल, मादक पेय और दुग्ध उत्पाद के अमेरिकी निर्यात के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। ट्रंप के इस फैसले की वजह से उत्तरी अमेरिका में दोनों पड़ोसियों के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ गए हैं।
1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 का इस्तेमाल करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन अलग-अलग घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए, जिनके तहत चयनित कनाडा के आयात पर 50 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया गया। व्हाइट हाउस ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कनाडा द्वारा अमेरिकी व्यापार के साथ किए जा रहे कथित भेदभाव से अमेरिकी कारोबार पर पड़ने वाले नुकसान की भरपाई करना और विशेष रूप से कारों, शराब और डेयरी उत्पादों के निर्यात के लिए अमेरिकी कंपनियों को समान प्रतिस्पर्धा वाले अवसर उपलब्ध कराना है।
व्हाइट हाउस के मुताबिक, ये नए टैरिफ हस्ताक्षर के 30 दिन बाद लागू होंगे और अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा समझौते (यूएसएमसीए) के तहत मिलने वाली किसी भी रियायती व्यवस्था से अलग होकर लागू किए जाएंगे। हालांकि, ऊर्जा, पोटाश, सेक्शन 232 के तहत पहले से शुल्क वाले उत्पाद, मछली, महत्वपूर्ण खनिज और कुछ अन्य निर्दिष्ट वस्तुओं को इन नए शुल्कों से बाहर रखा गया है।
प्रशासन ने बताया कि यह शुल्क कनाडा से आने वाले कई प्रकार के उत्पादों पर लागू होगा। इनमें वाइन, हॉकी स्टिक और सीमेंट से लेकर विभिन्न उपभोक्ता वस्तुएं शामिल हैं। इसके साथ जारी परिशिष्टों में सैकड़ों टैरिफ कैटेगरी को सूचीबद्ध किया गया है, जिन पर अतिरिक्त 50 फीसदी आयात शुल्क लगाया जाएगा।
व्हाइट हाउस का आरोप है कि कनाडा लंबे समय से ऐसी व्यापारिक नीतियां अपनाता रहा है, जो अमेरिकी निर्यातकों के साथ भेदभाव करती हैं, जबकि अन्य व्यापारिक साझेदारों को अधिक अनुकूल व्यवहार दिया जाता है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, कनाडा ने अमेरिकी मोटर वाहनों पर ऐसे शुल्क और आयात कोटा प्रतिबंध लगाए, जो अन्य देशों से आने वाले वाहनों पर लागू नहीं होते। साथ ही, कोटा प्रणाली को इस तरह संचालित किया गया कि अमेरिकी वाहन निर्माता अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने के बजाय कनाडा में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हों।
व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के मुताबिक, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कनाडा द्वारा अमेरिका से आयात किए गए मोटर वाहनों का मूल्य पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 22 फीसदी (करीब 5.6 अरब डॉलर) घट गया। वहीं, इस दौरान अन्य देशों से वाहन आयात बढ़ा, जिससे अमेरिकी निर्यात की जगह दूसरे देशों के उत्पादों ने ले ली।
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी मादक पेय पर लगी पाबंदियों का भी जिक्र किया और कहा कि दो कनाडाई प्रांतों और इलाकों को छोड़कर बाकी सभी ने अमेरिकी शराब की खरीद, डिस्ट्रीब्यूशन या रिटेल बिक्री पर रोक लगा दी है, जबकि दूसरे देशों के प्रोडक्ट्स के लिए एक्सेस बनाए रखा है। इसने कहा कि मार्च 2025-फरवरी 2026 के समय में पिछले साल की तुलना में अमेरिका मादक पेय के कनाडाई आयात में लगभग 81 फीसदी या 582 मिलियन डॉलर की कमी आई है।
सरकार ने डेयरी को लेकर तर्क दिया कि यूएसएमसीए के तहत चीज के लिए कनाडा का टैरिफ-रेट कोटा सिस्टम, कनाडा-यूरोपीय संघ व्यापार आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी के तहत यूरोपीय संघ के ऐसे ही आयात पर लागू कोटा सिस्टम से ज्यादा रोक लगाने वाला था, जिससे अमेरिकी निर्यातकों को नुकसान हुआ।
व्हाइट हाउस ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में, सिर्फ दो देशों, चीन और कनाडा ने वाशिंगटन के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत करने के बजाय ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का फैसला किया।
इसमें कहा गया कि सरकार ने 18 व्यापार समझौते पक्के किए हैं, जिससे अमेरिकी निर्यात के लिए नए बाजार खुले हैं, लेकिन यह भी कहा गया कि कनाडा ने अपने व्यापार रुकावटों को दूर करने के बजाय अमेरिका के खिलाफ भेदभाव करना चुना है। नए टैरिफ ट्रंप सरकार के अपने अमेरिका फर्स्ट इकोनॉमिक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए व्यापार उपायों के इस्तेमाल में एक और बड़ा कदम है।
 

दिल्ली-एनसीआर में मानसून का जोर, 21-22 जुलाई को भारी बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। बीती देर रात हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह का मौसम सुहावना हो गया। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 21 और 22 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन सामान्य रूप से आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक सुबह, पूर्वाह्न और दोपहर के समय मध्यम से भारी बारिश होगी। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
22 जुलाई को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे तथा मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। इस दिन भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि 23 जुलाई से मौसम में कुछ राहत देखने को मिलेगी। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान सामान्य रूप से बादलों से ढका रहेगा और मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
24 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री, जबकि आर्द्रता 80 से 65 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस दिन केवल बादल छाए रहने की संभावना है और कोई मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है। इसी तरह 25 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आर्द्रता 80 से 60 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। मौसम सामान्य रूप से बादलों वाला रहेगा।
26 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता 75 से 55 प्रतिशत के बीच रहेगी। इस दिन भी आसमान में बादल छाए रहेंगे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ों की शाखाएं टूटने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों पर बिजली चमकने के समय खड़े न रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
 

तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में पहुंचीं उत्तरी मैसेडोनिया राष्ट्रपति मुर्मु, सहयोग के नए रास्ते पर होगी चर्चा

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारत की राष्ट्रपति और देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में मोल्दोवा का दौरा सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय समयानुसार मंगलवार को उत्तरी मैसेडोनिया पहुंचीं। वहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि स्कोप्जे एयरपोर्ट पर पहुंचने पर, प्रेसिडेंट मुर्मू का स्वागत नॉर्थ मैसेडोनिया के विदेश मामले और विदेशी व्यापार मंत्री टिमचो मुकुंस्की ने किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी दी, “यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का उत्तरी मैसेडोनिया का पहला दौरा है, जो दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी को दिखाता है। इस दौरे से भारत-उत्तरी मैसेडोनिया के संबंध और गहरे होंगे और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।”
प्रेसिडेंट गोरडाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मु 22 जुलाई तक उत्तरी मैसेडोनिया में रहेंगी। इस दौरे के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मु अपने समकक्ष राष्ट्रपति सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से बातचीत करेंगी। उनका असेंबली के अध्यक्ष से मिलने, असेंबली को संबोधित करने और भारत-नॉर्थ मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भाषण देने का भी शेड्यूल है। दोनों देशों के बीच कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान और तकनीक, सूचना तकनीक और आईटी-इनेबल्ड सेवाओं में ज्यादा सहयोग की उम्मीद है।
इससे पहले, मोल्दोवा में राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवन की समकक्ष माइया सैंडू से चिसीनाउ में प्रेसिडेंशियल पैलेस में द्विपक्षीय बातचीत के लिए मुलाकात की। उन्होंने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। राष्ट्रपति मुर्मु तकनीकी, कृषि और सस्ती दवा में साझा सहयोग को बढ़ाने से जुड़ी चर्चा में भी शामिल हुईं। दौरे के आखिरी हिस्से में प्रेसिडेंट निकुसोर डैन के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मु 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया जाएंगी। यह तीन दशक से ज्यादा समय में किसी भारतीय राष्ट्रपति का रोमानिया का पहला दौरा होगा।





 


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