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पीएम मोदी ने स्वामी सुंदर सूरीश्वरजी महाराज को श्रद्धांजलि दी, कहा-उनका व्यक्तित्व शांति, सादगी और स्पष्टता का एक अद्भुत मिश्रण

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीमद विजय रत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं किताब के विमोचन के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने स्वामी जी के व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए उन्हें शांत, सरल और स्पष्ट स्वभाव का संगम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराज ने ज्ञान को केवल किताबों तक सीमित न रखकर, व्यावहारिक रूप से जीवन में उतारा।
एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज हम सभी श्रीमद् विजयरत्न सुन्दर सुरिश्वरजी महाराज साहब की 500वीं पुस्तक के विमोचन के पुण्य भागी बन रहे हैं। महाराज साहब ने ज्ञान को सिर्फ ग्रंथों तक सीमित नहीं रखा है बल्कि उसे जीवन में उतार कर दिखाया है और दूसरों को भी जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया है। उनका व्यक्तित्व संयम, सरलता और स्पष्टता का अद्भुत संगम है।”
उन्होंने कहा कि महाराज साहब की 500 रचनाएं एक ऐसा विशाल सागर है, जिसमें भांति-भांति के विचार रत्न समाहित हैं। इन पुस्तकों में मानवता की तमाम समस्याओं के सहज और आध्यात्मिक समाधान उपलब्ध हैं। समय और परिस्थितियों के अनुसार, जब किसी को जैसा मार्गदर्शन चाहिए, ये अलग-अलग ग्रंथ उसके लिए प्रकाश पुंज का काम करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि “प्रेम नु विश्व, विश्व नो प्रेम” नाम की किताब सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि एक “मंत्र” है जो हमें प्यार की ताकत के बारे में बताता है और शांति और सद्भाव का रास्ता दिखाता है।” उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया बंटवारे और झगड़ों का सामना कर रही है, तो ‘प्रेम नु विश्व, विश्व नो प्रेम’ सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि एक मंत्र बन जाता है। यह मंत्र हमें प्यार की ताकत के बारे में बताता है। यह मंत्र हमें शांति और सद्भाव का रास्ता भी दिखाता है, जिसकी दुनिया आज तलाश कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि आप सबको याद होगा कि मैं नवकार महामंत्र दिवस पर भी आया था। उस ऐतिहासिक अवसर पर मैंने 9 आग्रह किए थे और 9 संकल्पों की बात की थी। आज का यह अवसर उन्हें फिर से दोहराने का है। पानी बचाने का संकल्प, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश दर्शन, नैचुरल फार्मिंग को अपनाना, हेल्थी लाइफ स्टाइल को अपनाना, योग और खेल को जीवन में लाना और गरीबों की सहायता का संकल्प । 
 

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से पहले पीएम मोदी ने युवाओं से संवाद को लेकर उत्सुकता जताई

10-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में देश के युवाओं से संवाद करेंगे। शनिवार को उन्होंने कहा कि वे ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में देशभर के अपने युवा साथियों से संवाद को लेकर बेहद उत्सुक हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के पोस्ट पर जवाब में लिखा, “अद्भुत जोश और बेमिसाल जज्बे से भरी हमारी युवा शक्ति सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के लिए संकल्पबद्ध है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में देशभर के अपने युवा साथियों से संवाद को लेकर बेहद उत्सुक हूं। इस कार्यक्रम में 12 जनवरी को आप सभी से मिलने वाला हूं।”
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के लिए देशभर से 3,000 ऊर्जावान युवा दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति से प्रेरित यह युवा शक्ति ‘विकसित भारत’ के अपने विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बता दें कि भारत की विकास यात्रा में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने की बड़ी पहल के तहत दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (वीबीवाईएलडी 2026) का दूसरा एडिशन चल रहा है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में युवा कार्यक्रम विभाग आयोजित कर रहा है।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव से प्रेरित होकर इस डायलॉग का लक्ष्य युवा नेताओं को ‘विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए नए विचार और समाधान पेश करने के लिए एक गतिशील राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम युवाओं, नीति निर्माताओं और राष्ट्रीय व वैश्विक हस्तियों के बीच सार्थक जुड़ाव को बढ़ावा देगा, जिससे युवा नेता देश के भविष्य को आकार देने में सक्रिय रूप से योगदान दे सकेंगे।
12 जनवरी को अंतिम दिन इस डायलॉग का निर्णायक समापन होगा, जिसे स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाने के लिए राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे, जो इस प्लेटफॉर्म के राष्ट्रीय महत्व और सरकार की युवा-नेतृत्व वाली राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्धता पर बल देगा। प्रधानमंत्री युवा प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे, जिससे उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए अपने विचार सीधे देश के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भव्य पूर्ण सत्र होगा, जिसमें युवा नेताओं के साथ टाउन हॉल-शैली में बातचीत शामिल होगी। कार्यक्रम के दौरान युवा नेता, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के सामने उच्च-प्रभाव वाली 10 प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें से प्रत्येक राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले विषयों में से एक का प्रतिनिधित्व करेगी।





 

राजनाथ सिंह ने किया अशोक लेलैंड इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लांट का उद्घाटन, बोले ईवी वाहनों का है भविष्य

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शुक्रवार को राजधानी के सरोजनी नगर क्षेत्र में अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का है, इसी दिशा में भारत आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन प्रमुख होंगे। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से ईवी को बढ़ावा देना आवश्यक है और सरकार भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए नियमों को सरल किया गया है और उद्योगों को ऑनलाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से सहूलियत दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि अशोक लेलैंड का यह संयंत्र केवल एक कंपनी की सफलता नहीं, बल्कि उद्योग जगत के सरकार की नीतियों पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। डबल इंजन की सरकार के तहत उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़कों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण निवेश का माहौल सुदृढ़ हुआ है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि संयंत्र का निर्माण 24 महीनों में प्रस्तावित था, लेकिन रिकॉर्ड 18 महीनों में इसे पूरा किया गया। यहां परिचालन शुरू होने के बाद हर महीने लगभग 2,500 इलेक्ट्रिक वाहन तैयार किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और अगले पांच वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश तथा लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनी निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ लेकर आई है। साथ ही ‘उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस एवं डिफेंस यूनिट और रोजगार प्रोत्साहन नीति’ के माध्यम से राज्य को रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है।
राजनाथ ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक, यानी 2047 में, उत्तर प्रदेश रोजगार, उद्योग, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि यही विकसित भारत का सपना और संकल्प है। राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन मात्र 46 हजार करोड़ रुपये था, जो आज रिकॉर्ड बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसी तरह, रक्षा निर्यात जो पहले 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, अब रिकॉर्ड 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रयासों के चलते भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कौशल विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वे देश और प्रदेश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकें।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित किया गया है और लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की फैक्ट्री में अब ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। इससे स्पष्ट है कि भारत अब अपने हथियार खुद बना रहा है और उत्तर प्रदेश इसमें नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी ‘बीमारू राज्य’ के रूप में जाना जाता था, आज वही राज्य औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का मजबूत केंद्र बन रहा है। वर्ल्ड-क्लास ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत प्रदेश की औद्योगिक यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।


 

11 जनवरी को राजकोट जाएंगे पीएम मोदी, कई कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 11 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जो कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के 12 जिलों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। विशेष रूप से इन क्षेत्रों को समर्पित, इस सम्मेलन का उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए नई गति प्रदान करना है। सम्मेलन के मुख्य क्षेत्रों में सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स, मत्स्य पालन, पेट्रोकेमिकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई, पर्यटन और संस्कृति शामिल हैं। जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन इस सम्मेलन के लिए भागीदार देश होंगे।
इसी के तहत पीएम मोदी 11 जनवरी को राजकोट का दौरा करेंगे और कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। दोपहर लगभग 1:30 बजे, वह सम्मेलन में ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 2:00 बजे, पीएम राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। वह इस अवसर पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री 14 ग्रीनफील्ड स्मार्ट गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीआईडीसी) एस्टेट के विकास की घोषणा करेंगे और राजकोट में जीआईडीसी के मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन करेंगे।
वाइब्रेंट गुजरात के सफल मॉडल की पहुंच और प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए, पूरे राज्य में चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर गुजरात क्षेत्र के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस का पहला संस्करण 9-10 अक्टूबर 2025 को मेहसाणा में आयोजित किया गया था। वर्तमान संस्करण कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद दक्षिण गुजरात (9-10 अप्रैल 2026) और मध्य गुजरात (10-11 जून 2026) क्षेत्रों के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस क्रमशः सूरत और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे।
पीएम के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप और वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता और विरासत को आगे बढ़ाते हुए, इन रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ाना है। वाइब्रेंट गुजरात मंच को सीधे क्षेत्रों (रीजन) तक ले जाकर, यह पहल विकेंद्रीकृत विकास, व्यापार करने में सुगमता, इनोवेशन-आधारित विकास और स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने पर प्रधानमंत्री के जोर को भी दर्शाती है।
ये रीजनल कॉन्फ्रेंस न केवल क्षेत्रीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और नई पहलों की घोषणा करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करेंगे, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाकर, नवाचार को बढ़ावा देकर और राज्य के हर हिस्से में रणनीतिक निवेश को सुगम बनाकर गुजरात की विकास गाथा को मिलकर लिखने के साधन के रूप में भी काम करेंगे। इन रीजनल कॉन्फ्रेंस की उपलब्धियों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अगले संस्करण के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।
 

सोमनाथ मंदिर बना नारी सशक्तिकरण का केंद्र, 363 महिलाओं को 9 करोड़ रुपए का सालाना रोजगार

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक चेतना के जीवंत प्रतीक सोमनाथ मंदिर को दुनिया श्रद्धा और आस्था के केंद्र के रूप में जानती है। लेकिन, आज यह पवित्र धाम केवल पूजा-अर्चना और दर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का सशक्त और प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभरा है।  
सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से अपनाए गए जन केंद्रित और सामाजिक हित के दृष्टिकोण से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की एक नई दिशा मिली है। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट में अभी कुल 906 कर्मचारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिनमें से 262 महिलाएं हैं। यह आंकड़े महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह ट्रस्ट की समावेशी विचारधारा और समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब हैं। मंदिर प्रबंधन, सेवा कार्य और दैनिक व्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से कार्य प्रणाली में संवेदनशीलता, अनुशासन और समर्पण का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
विशेष गौरव की बात यह है कि मंदिर परिसर में स्थित पवित्र बिल्व वन पूरी तरह से महिलाओं के द्वारा संभाला जाता है। यहां कार्यरत 16 महिलाएं पर्यावरण संरक्षण, हरित संवर्धन और स्वच्छता के साथ मंदिर की पवित्रता को बनाए रखती हैं। यह व्यवस्था महिलाओं के कुशल संचालन और जिम्मेदारी के भाव का उत्तम उदाहरण बन गई है।
इसके अलावा, मंदिर के भोजनालय में 30 महिलाओं द्वारा निष्ठापूर्वक सेवा दी जा रही है। हजारों श्रद्धालुओं को प्रेम और सेवाभाव से भोजन परोसने वाली ये महिलाएं मंदिर की मानव सेवा परंपरा को जीवंत रखती हैं। प्रसाद वितरण जैसे पवित्र और विश्वास से भरे कार्य में 65 महिलाओं की भागीदारी उनके अनुशासन, समर्पण और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से 363 महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिल रहा है। इन सभी महिलाओं द्वारा सालाना लगभग 9 करोड़ रुपए की आय अर्जित की जा रही है, जो उनके आर्थिक स्वावलंबन और जीवन स्तर में होने वाले सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। यह आय समाज के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस प्रकार सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ने आध्यात्मिक विरासत को सामाजिक दायित्व के साथ जोड़कर महिला सशक्तिकरण का एक अनुकरणीय एवं योग्य मॉडल विकसित किया है। श्रद्धा के इस पवित्र धाम से आज आत्मविश्वास, स्वाभिमान और स्वावलंबन की सुगंध फैल रही है।




 

पीएम मोदी ने नई तकनीक और AI के जरिए लोगों के जीवन सुधारने के लिए किया प्रेरित

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद एआई स्टार्टअप्स के प्रमुख अधिकारियों ने कहा कि पीएम ने लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाला एआई बनाने के लिए सभी को प्रेरित किया है। न्यूरोडक्स के सीईओ डॉ.सिद्धार्थ पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री का अनुभव हमारी सोच में बदलाव लाने के लिए काफी जरूरी था। उन्होंने हमें प्रेरित किया है कि हमें केवल वह नहीं बनाना, जो कि पश्चिमी देश बना रहे हैं। हमें ऐसा एआई बनाना है, जो कि देश के आम लोगों की जिंदगी में बदलाव ला सके।
टेक महिंद्रा के सीआईओ निखिल मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करके काफी अच्छा लगा। पीएम जानते हैं कि देश में एआई का प्रसार होना काफी जरूरी है और हमें नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ ऐसे एआई समाधान विकसित करने होंगे, जो कि अभी तक विकसित नहीं हुए।
इसके अलावा, जेनलूप के सीईओ आयुष गुप्ता ने कहा कि भारत का एआई कैसा होगा, इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि देश का एआई विश्वसनीय और नैतिकता पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि एआई का मतलब भारत के लिए ‘आत्मनिर्भर इंटेलिजेंस’ होने वाला है और यह आने वाले समय में विकसित भारत में एक बड़ी भूमिका निभाएगा।
वहीं, फ्रैक्टल एआई के सह-संस्थापक श्रीकांत वेलमाकन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि भारत दुनिया में एआई में एक लीडर बने। इसके लिए जरूरी है कि हम भारत केंद्रित मॉडल बनाए और हर नागरिक को अपनी भाषा में उपलब्ध कराएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुबह भारतीय एआई स्टार्टअप के साथ बैठक की थी। यह बैठक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले हुई है, जो कि अगले महीने भारत में होने वाला है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वह 12 एआई स्टार्टअप शामिल हुए हैं, जिन्होंने एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए क्वालिफाइ किया है और इसमें उन्होंने अपने विचार और कार्य के बारे में बताया। पीएम कार्यालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि यह स्टार्टअप हेल्थकेयर, बहुभाषी लार्ज लैग्वेज मॉडल, मटेरियल रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स, इंजीनियरिंग सिमुलेशन और अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।
इस बैठक में अवतार, भारत जेन, फ्रैक्टल, गैन, जेनलूप, ज्ञानी, इंटेली हेल्थ, सर्वम, सॉकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेंटिक सहित भारतीय एआई स्टार्टअप्स के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी बैठक में उपस्थित थे।
 

बुनियादी ढांचे के क्रियान्वयन में भारत का PRAGATI मॉडल बना वैश्विक उदाहरण

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सईद बिजनेस स्कूल की एक केस स्टडी में भारत के PRAGATI (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) प्लेटफॉर्म को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल बताया गया है। दिसंबर 2024 में प्रकाशित और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से तैयार इस अध्ययन में PRAGATI को देश की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया गया है।
“From Gridlock to Growth: How Leadership Enables India’s PRAGATI Ecosystem to Power Progress” शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2015 में लॉन्च होने के बाद से PRAGATI ने 340 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास परियोजनाओं को गति दी है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 205 अरब डॉलर बताई गई है।
ऑक्सफोर्ड स्टडी के मुताबिक, PRAGATI ने विभिन्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और निर्णय प्रक्रिया को तेज करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। यह प्लेटफॉर्म मंत्रालयों और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाकर लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
रिपोर्ट में बोगीबील ब्रिज का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि शीर्ष स्तर के नेतृत्व और PRAGATI की नियमित समीक्षा से बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नई गति मिली। अध्ययन के अनुसार, प्रधानमंत्री की सक्रिय निगरानी ने लंबित परियोजनाओं में जवाबदेही और तात्कालिकता का भाव पैदा किया, जिससे संसाधनों का समुचित उपयोग हुआ और जमीनी स्तर पर कार्यरत टीमों को प्रेरणा मिली।
केस स्टडी में बताया गया है कि PRAGATI का एक अहम पहलू स्पष्ट और लागू की जा सकने वाली समयसीमा तय करना है। सड़क, रेलवे, बिजली संयंत्र और पुल जैसी बड़ी परियोजनाएं जटिल लॉजिस्टिक्स और कई एजेंसियों के समन्वय पर निर्भर होती हैं। समयसीमा के अभाव में ये लंबे समय तक अटकी रह सकती हैं।
ऑक्सफोर्ड रिपोर्ट में झारखंड की पकरी-बरवाडीह कोयला खदान परियोजना का उल्लेख किया गया है। वर्ष 2006 में मंजूरी मिलने के बावजूद इस परियोजना में खास प्रगति नहीं हुई थी। 2016 में PRAGATI के तहत समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को दो महीने में मुआवजा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे सुलझाने के निर्देश दिए। इसके बाद परियोजना को गति मिली और 2019 में यह पूरी हो सकी।
स्टडी में यह भी बताया गया है कि PRAGATI के जरिए केंद्रीय मंत्रालयों की आंतरिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया। वर्ष 2017 में रेलवे मंत्रालय में जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग्स की मंजूरी में हो रही देरी को एक बड़ी बाधा के रूप में चिन्हित किया गया। इसके बाद तकनीकी समाधान अपनाने के निर्देश दिए गए, जिसके तहत 2020 में इलेक्ट्रॉनिक ड्रॉइंग अप्रूवल सिस्टम शुरू किया गया। इससे मंजूरी की समयसीमा में उल्लेखनीय कमी आई।
ऑक्सफोर्ड विश्लेषण में PRAGATI की एक और खासियत राज्यों और मंत्रालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना बताया गया है। एननोर-तिरुवल्लूर-बेंगलुरु-पुदुचेरी-नागपट्टिनम-मदुरै-तूतुकुडी गैस पाइपलाइन परियोजना, जो तीन राज्यों और 400 गांवों से होकर गुजरती है, जनवरी 2024 में पूरी हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिया कि भूमि स्वामियों से बातचीत के लिए एक ही क्रियान्वयन एजेंसी को अधिकृत किया जाए। इससे राइट ऑफ वे से जुड़े विवादों का समाधान आसान हुआ और परियोजना समय पर पूरी हो सकी।
नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ऑक्सफोर्ड की यह स्टडी इस बात की पुष्टि करती है कि PRAGATI जैसे नेतृत्व आधारित समीक्षा तंत्र जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। रियल-टाइम मॉनिटरिंग और शीर्ष स्तर की निगरानी के जरिए यह प्लेटफॉर्म नौकरशाही की जड़ता को तोड़ने में सफल रहा है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी और सहयोगात्मक समस्या समाधान पर आधारित PRAGATI का डिजिटल गवर्नेंस मॉडल उन देशों के लिए उपयोगी सबक प्रदान करता है, जो बुनियादी ढांचा क्रियान्वयन में सुधार और विकास के बेहतर परिणाम हासिल करना चाहते हैं।
 

NIDMS आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा : अमित शाह

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के National IED Data Management System (NIDMS) का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में गत 6 वर्षों में अनेक प्रकार का डेटा जनरेट कर उसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का महत्वपूर्ण काम हुआ है। उन्होंने कहा कि NIDMS आगामी दिनों में देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। साथ ही, NIDMS आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने विगत वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन अब तक वे silos में यानि अलग-अलग थे। अब हम इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि NIDMS की आज की यह शुरुआत इस प्रक्रिया को गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।
अमित शाह ने आगे कहा कि आज शुरू हो रहे NIDMS से NIA, देशभर की ATS, राज्यों की पुलिस और सभी CAPF को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जो दो-तरफा (two-way) होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट या IED संबंधी घटना का डेटा इस सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा। इस डेटा का उपयोग करके हर राज्य में जांच के दौरान आवश्यक गाइडेंस प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि NIDMS आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
अमित शाह ने कहा कि NIDMS एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से देशभर की बम विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित रूप से सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा।
गृह मंत्री ने कहा कि ‘One Nation, One Data Repository’ के माध्यम से अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में बहुत अच्छा और सकारात्मक बदलाव आएगा और हम पैटर्न को भी आसानी से समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि पैटर्न को समझने से वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन संभव होगा। साथ ही, एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहतर तरीके से स्थापित होगा। शाह ने आगे कहा कि यह सही सूचना को सही समय और सही जगह पर पहुंचाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास होगा।
अमित शाह ने कहा कि NSG हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। NSG के जवानों की वीरता, अद्वितीय कौशल और अटूट समर्पण के कारण हमारे नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी हमला हो, उसका सटीक और त्वरित जवाब देना हो, एंटी-हाइजैक ऑपरेशन के लिए निरंतर तैयारी बनाए रखनी हो, बम डिस्पोजल के ऑपरेशन हों या कोई अन्य चुनौती—हर क्षेत्र में NSG ने न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि हर बार सफल परिणाम भी दिए हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NSG भारत की विश्वस्तरीय और Zero-Error फोर्स है। NSG की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से अब तक, चाहे कोई भी घटना हो, दुनिया भर की आतंकी घटनाओं का निरंतर विश्लेषण करके NSG ने खुद को हर प्रकार की घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद निरोधक गतिविधियाँ, विमान हाइजैक विरोधी अभियान, बम को निष्क्रिय करने की उन्नत प्रणाली और अब इसका डेटा सभी एजेंसियों के साथ साझा करने का प्लेटफॉर्म तैयार करना—ये सभी महत्वपूर्ण कार्य NSG कर रही है।
संबोधन के दौरान अमित शाह ने कहा कि इन चार दशकों में लगातार बदलते परिदृश्य के साथ NSG ने खुद को बदलने की प्रक्रिया जारी रखी है। NSG के क्षेत्रीय हब अब अलग-अलग हिस्सों- मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद में काम करेंगे। साथ ही अब अयोध्या में भी एक नया हब बन रहा है। इससे NSG को किसी भी जगह तक पहुंचने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि ये सभी हब एक्टिव होने के बाद, खासकर अयोध्या का हब एक्टिव होने के बाद, देश के किसी भी कोने में आपात स्थिति में NSG एक-डेढ़ घंटे में पहुंच सकेगी।

दिल्ली पुलिस ने अवैध गारमेंट यूनिट का भंडाफोड़ किया, नकली ब्रांडेड कपड़े जब्त

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली पुलिस के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की जिला जांच इकाई (डीआईयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध गारमेंट निर्माण और भंडारण इकाई का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नाम पर तैयार किए जा रहे 1,919 नकली रेडीमेड परिधानों को जब्त किया गया है। जब्त किए गए कपड़ों में कई प्रतिष्ठित ब्रांड्स के नकली उत्पाद शामिल हैं। पुलिस की ओर से आज गुरुवार को यह जानकारी दी गई।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि यह कार्रवाई टोडापुर, दिल्ली में स्थित एक अपर-ग्राउंड प्रिमाइस पर की गई, जहां बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड कपड़ों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान राजीव नागपाल (45) के रूप में हुई।
यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ब्रांड्स के अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पश्चिमी दिल्ली में बड़े पैमाने पर नकली कपड़ों का निर्माण और बिक्री की जा रही है। शिकायत की गहन जांच, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट दस्तावेजों के सत्यापन एवं ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 115(4) के तहत रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेड मार्क्स से अनिवार्य राय प्राप्त करने के बाद, डीआईयू वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ने छापेमारी की योजना बनाई।
7 जनवरी 2026 को की गई इस छापेमारी का नेतृत्व एसआई वंदना ने किया। टीम में एसआई उदयवीर सिंह और हेड कांस्टेबल ऋषिराज शामिल थे। पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर डीआईयू/वेस्ट के नेतृत्व में एसीपी/डीआईयू विजय सिंह की निगरानी में तथा उच्च अधिकारियों के समग्र पर्यवेक्षण में की गई। छापेमारी के दौरान शिकायतकर्ता कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत संपन्न की गई।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके से बड़ी मात्रा में नकली ब्रांडेड कपड़े बरामद किए। इनमें जारा ब्रांड की 1,050 नकली शर्ट, यूएसपीए ब्रांड की 650 नकली शर्ट और लेवाइस स्ट्रॉस एंड कंपनी की 213 नकली शर्ट शामिल हैं। इसके अलावा सैंपल के रूप में जारा, यूएसपीए और लेवाइस की दो-दो शर्ट यानी कुल छह सैंपल शर्ट भी जब्त की गईं। इस तरह कुल 1,919 नकली कपड़े जब्त किए गए।
इस मामले में थाना इंदरपुरी, दिल्ली में 7 जनवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 103/104 और कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 63/65 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है।
 

पीएम मोदी ने भाजपा नेता कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर जताया दुख, कहा- ‘असम की प्रगति में उनका योगदान याद रखा जाएगा’

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पूर्वोत्तर में भाजपा के बड़े नेता कबिंद्र पुरकायस्थ का सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 साल के थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भी प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर कहा कि समाजसेवा और असम की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से गहरा दुख हुआ है।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कबिंद्र पुरकायस्थ के साथ एक फोटो शेयर कर लिखा कि पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन से गहरा दुख हुआ है। समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और असम की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने राज्य भर में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।
वहीं, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे एक प्रतिभाशाली विचारक और समर्पित कार्यकर्ता थे। वह स्वयं एक संस्था थे, जिन्होंने इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी और इसे असम में लोगों की पसंदीदा पार्टी बनाने में मदद की। सिलचर की गलियों से संसद के गलियारों तक, प्रचारक के दिनों से केंद्रीय मंत्री बनने तक, उन्होंने हमेशा लोगों और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने असम और उत्तर-पूर्व के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न मंचों पर लगातार काम किया।
असम के सीएम ने आगे लिखा कि हम कार्यकर्ताओं के लिए वह सिर्फ जनता के प्रतिनिधि ही नहीं थे, बल्कि एक मार्गदर्शक, बड़े भाई और भरोसेमंद साथी भी थे। उन्होंने दिखाया कि राजनीति में मूल्य, सरलता, सेवा और एक-दूसरे की परवाह करना सबसे महत्वपूर्ण है। उनके जाने से एक ऐसी जगह खाली हो गई है, जिसे कोई नहीं भर सकता।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह भाजपा के सच्चे स्तंभ थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने और निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित किया। मेरे जैसे हजारों कार्यकर्ताओं के लिए उनकी यात्रा और मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे। वह साहस, भक्ति और मार्गदर्शन का स्रोत थे और मेरे लिए एक पिता समान थे।उन्होंने आगे लिखा कि उनका निधन एक व्यक्तिगत नुकसान है और असम की राजनीति में एक ऐसा स्थान खाली छोड़ गया है, जिसे भरना मुश्किल होगा। 















 



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