ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

पीएमआईएस में बड़ा बदलाव, अब अंतिम वर्ष के छात्र भी कर सकेंगे आवेदन

23-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय (एमसीए) ने प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना के पात्रता मानदंडों का विस्तार किया है। अब स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्र भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे।
अंतिम वर्ष के छात्रों को मिलेगा उद्योग का अनुभव
प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना (पीएमआईएस) के तहत यह बदलाव छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही शीर्ष कंपनियों में सशुल्क प्रशिक्षण का अवसर देगा। इससे उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव हासिल करने में मदद मिलेगी।
18-25 वर्ष के युवा कर सकेंगे आवेदन
18 से 25 वर्ष की आयु के पात्र छात्र पीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें योजना के मौजूदा पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।
एनओसी अनिवार्य, संस्थान से लेनी होगी अनुमति
आवेदन के दौरान छात्रों को अपने शिक्षण संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जमा करना होगा। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षण से उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को मिलेगा बल
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के उस उद्देश्य को आगे बढ़ाती है, जिसमें कौशल विकास, उद्योग से जुड़ाव और शिक्षा से रोजगार में सुगम बदलाव पर जोर दिया गया है।
रोजगार क्षमता और कौशल विकास पर फोकस
योजना के जरिए छात्रों को समस्या-समाधान, संचार, टीमवर्क और अनुकूलन क्षमता जैसे जरूरी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा, जो आधुनिक कार्यस्थल के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
हर महीने मिलेगी वित्तीय सहायता
पीएमआईएस के तहत चयनित प्रशिक्षुओं को प्रति माह कम से कम 9,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहयोग भी मिलेगा।
300 से ज्यादा कंपनियां दे रहीं अवसर
योजना के पायलट चरण में 300 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। फिलहाल इसका तीसरा चरण जारी है।
शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी होगी कम
इस पहल का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और उद्योग की जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि छात्र डिग्री पूरी करते ही नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। 
 

केदारनाथ धाम के कपाट खुले, पीएम मोदी ने तस्वीरें साझा कर कहा ‘हर हर महादेव’

23-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर, अपने पिछले दौरों की कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं। हर हर महादेव!”
भव्य सजावट और पुष्प वर्षा से स्वागत
देवभूमि उत्तराखंड में बुधवार को श्री केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
चारधाम यात्रा के साथ बढ़ा उत्साह
कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है, जिससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।
12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान
हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ मंदिर हिंदू धर्म के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण कपाट बंद रहते हैं और गर्मियों में शुभ मुहूर्त पर फिर खोले जाते हैं।
पीएम मोदी का विशेष जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी का केदारनाथ धाम से विशेष जुड़ाव रहा है। 2013 की आपदा के बाद यहां पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी दी गई और उन्होंने कई बार दौरा कर विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।

रक्षा मंत्री ने जर्मनी में सबमरीन प्लांट का क‍िया दौरा, उन्नत नौसेना तकनीक देखी

23-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक दौरे के दौरान जर्मनी के कील शहर में टीकेएमएस के सबमरीन बनाने वाले प्लांट का दौरा किया। वहां उन्हें आधुनिक नौसेना तकनीकों और क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरे में उनके साथ जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस भी मौजूद थे। यह शिपबिल्डिंग सुविधा आधुनिक और उन्नत पनडुब्बियां बनाने के लिए जानी जाती है।

रक्षा मंत्री ने बुधवार को सोशल मीड‍िया पोस्ट करते हुए इस दौरे को “काफी जानकारी देने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि यहां दिखाई गई तकनीक और ऑपरेशनल क्षमता काफी प्रभावशाली है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरे से उन्हें आधुनिक पनडुब्बी निर्माण और समुद्री क्षेत्र में हो रहे नए विकास को करीब से समझने का मौका मिला, जो आज के समय में वैश्विक सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सबमरीन यार्ड का निरीक्षण किया और अधिकारियों से बातचीत भी की। इस दौरान उन्हें डिजाइन, इंजीनियरिंग और तैनाती से जुड़ी कई अहम बातें समझाई गईं। उन्होंने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वे भारत और जर्मनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डॉकयार्ड में बातचीत करते और जानकारी लेते नजर आए।

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस तरह के दौरे दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करेंगे। यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसमें तकनीक साझा करना, साथ मिलकर विकास करना और नौसेना की ताकत बढ़ाना शामिल है।

भारत अपनी पनडुब्बी क्षमता और समुद्री ताकत को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है, और जर्मनी जैसे देशों के साथ सहयोग उसी दिशा में एक अहम कदम है। इससे पहले बुधवार को राजनाथ सिंह ने बर्लिन में अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग बढ़ाने और बदलती वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की।

उन्होंने सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर बात की, खासकर नई तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर काम करने और उत्पादन बढ़ाने पर। रक्षा मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों ने सैन्य सहयोग को अपनी रणनीतिक साझेदारी का अहम हिस्सा बनाने पर सहमति जताई।

वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ खुले बद्रीनाथ के द्वार, जयकारों से गूंजा पूरा धाम

23-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते ही पूरा माहौल भक्ति और आस्था से भर गया। आज गुरुवार सुबह ठीक 6 बजकर 15 मिनट पर जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, वैसे ही ‘बद्री विशाल की जय’ के जयकारों से पूरा धाम गूंज उठा।
कपाट खुलने की यह प्रक्रिया पूरी तरह विधि-विधान और परंपराओं के अनुसार की गई। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के साथ भगवान बद्री विशाल की पूजा-अर्चना की और उसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए। इस खास मौके पर हजारों की संख्या में भक्त वहां मौजूद थे। कई लोग तो रात से ही कतार में लग गए थे, ताकि सबसे पहले भगवान के दर्शन कर सकें।
जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, श्रद्धालुओं की आंखों में खुशी और श्रद्धा साफ झलक रही थी। कोई हाथ जोड़कर खड़ा था, कोई भावुक होकर प्रार्थना कर रहा था, तो कोई इस पल को अपने मोबाइल में कैद करने की कोशिश कर रहा था। हर किसी के चेहरे पर एक अलग ही सुकून और संतोष नजर आ रहा था।
इस दौरान मंदिर परिसर को फूलों से खूबसूरती से सजाया गया था, जिससे उसकी भव्यता और भी बढ़ गई थी। सेना के बैंड ने भी अपनी मधुर धुनों से इस पावन अवसर को और खास बना दिया। पूरे वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा महसूस हो रही थी।
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की भी विधिवत शुरुआत हो गई है। इससे पहले केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट भी खोले जा चुके हैं। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बन सकेंगे।
हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा पर आते हैं और भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य मानते हैं। माना जाता है कि यहां दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यही वजह है कि इतनी कठिन यात्रा होने के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं आती।
 

मिर्जापुर हादसे पर सीएम योगी ने जताया दुख, अधिकारियों को दिए उचित दिशा-निर्देश

23-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 9 लोग बोलेरो में जिंदा जल गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जनपद मीरजापुर में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। संबंधित अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”
हादसे में जान गंवाने वालों की सूची भी प्रशासन द्वारा जारी कर दी गई है। मृतकों में सतना निवासी प्रियंका सिंह (42), कार्तिकेय सिंह (19), जिगना निवासी पियूष सिंह (14), पंकज सिंह (40), बीना सिंह (47), वंदना सिंह (43), शिवा सिंह (48), सोनम सिंह (19), रामपुर निवासी विष्णु सिंह (45), नेया खेड़ा निवासी विकास शर्मा (32) और भटियागांव निवासी जय प्रकाश (28) शामिल हुई हैं। इनमें से कई एक ही परिवार या आसपास के क्षेत्रों से थे, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 9 लोग बोलेरो वाहन में जिंदा जल गए। हादसा रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के ढलान पर हुआ, जहां तेज रफ्तार और ब्रेक फेल ट्रक ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
रात करीब 8:30 बजे हुआ जब मध्य प्रदेश से चना लादकर आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। ब्रेक फेल होने के कारण ट्रक तेज गति से नीचे की ओर बढ़ा और सामने चल रही बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी से भरे ट्रक से जा टकराई और देखते ही देखते आग का गोला बन गई। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी संतुलन खो दिया और आगे चल रही कार से टकरा गया। कुछ ही क्षणों में सड़क पर अफरातफरी, आग की लपटें और चीख-पुकार का भयावह मंजर छा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर ब्रेक फेल होना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी और ढलान वाले मार्गों पर भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
 

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एयरफोर्स का दमदार युद्धाभ्यास, सुलतानपुर में हाईवे बना रनवे

22-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में आज बुधवार को भारतीय वायुसेना ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बने एयरस्ट्रिप पर व्यापक युद्धाभ्यास और एयर शो का आयोजन किया। यह अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में राष्ट्रीय राजमार्गों को वैकल्पिक रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता को परखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
सुलतानपुर के अरवलकीरी करवत गांव के पास स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप पर दो दिवसीय इस अभ्यास की शुरुआत हुई। अभ्यास में वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू और परिवहन विमानों ने हिस्सा लिया, जिनमें सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर और तेजस जैसे फाइटर जेट शामिल रहे।
इसके अलावा सी-295 और एएन-32 परिवहन विमानों ने भी रनवे पर सफल लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान ‘टच एंड गो’ ऑपरेशन, दिन और रात में लैंडिंग-टेकऑफ, तथा कमांडो द्वारा स्लिथरिंग ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया। हेलीकॉप्टर के जरिए आपदा राहत और सैन्य कार्रवाई से जुड़े ऑपरेशन का भी अभ्यास किया गया।
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अभ्यास के मद्देनजर एयरस्ट्रिप के आसपास 4 से 5 किलोमीटर के दायरे में कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के करीब 12 किलोमीटर के हिस्से को सील कर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। आम लोगों से सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की गई है। एयर शो के दौरान मिराज लड़ाकू विमानों ने सामूहिक उड़ान भरकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
इससे पहले जून 2023 में भी इसी एयरस्ट्रिप पर वायुसेना का अभ्यास किया गया था। आपको बता दें, 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था और भारतीय वायुसेना के हरक्युलिस विमान से इसी एयरस्ट्रिप पर उतरकर इसकी उपयोगिता को प्रदर्शित किया था।


 

टीएमसी के गुंडे 29 अप्रैल तक बाहर मत निकलें, नहीं तो बहुत तकलीफ होगीः अमित शाह

22-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लगातार दूसरे जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी सरकार, ममता बनर्जी और कांग्रेस पर जुबानी हमला किया।
दमदम उत्तर विधानसभा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 4 मई को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। 9 बजे पहला राउंड आएगा, 10 बजे दूसरा राउंड आएगा और दोपहर 1 बजे तक गिनती समाप्त होते-होते ममता दीदी का टाटा-बाय-बाय हो जाएगा। टीएमसी के गुंडे घर-घर जाकर कहते हैं कि बाहर मत निकलना, नहीं तो बाद में तकलीफ होगी। मैं भी टीएमसी के गुंडों से कहना चाहता हूं, 29 अप्रैल को बाहर मत निकलना, नहीं तो बहुत तकलीफ होगी।”
गृह मंत्री ने कहा, “पहले देश की कुल आय में अगर 100 रुपये आते थे, तो उसमें बंगाल से 20 रुपये आते थे। आज वह घटकर सवा पांच रुपये रह गया है। इंडस्ट्रियलाइजेशन की शुरुआत बंगाल से हुई थी, लेकिन ममता दीदी के राज में सिंडिकेट वालों के कारण उद्योगों ने बंगाल छोड़ दिया। दीदी के कारण इंडस्ट्री चली गई और भाजपा के कारण सिंडिकेट वाले गुंडे बंगाल छोड़कर चले जाएंगे। छह हज़ार उद्योग बंगाल छोड़कर जा चुके हैं।”
गृह मंत्री ने कहा, “संसद में माताओं-बहनों को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाया गया बिल ममता दीदी ने कांग्रेस के साथ मिलकर रोका है। ममता दीदी, मातृशक्ति 29 तारीख की राह देख रही है, आपकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जिस प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में काम किया है, उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष आतंकवादी कह रहे हैं।
उन्होंने कहा, राहुल बाबा के साथ रह-रहकर खड़गे की भी भाषा बिगड़ने लगी है। राहुल बाबा, प्रधानमंत्री मोदी पर जितना कीचड़ उछालोगे, कमल उतना ही खिलेगा। कांग्रेस तमिलनाडु में डबल फिगर में भी नहीं पहुंचेगी और पुडुचेरी में उसका खाता भी नहीं खुलेगा। बंगाल में भी शायद ही खाता खुलेगा और असम में उसकी सबसे बुरी हार होने वाली है।”
अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पूरे कोलकाता शहर और उसके आसपास के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए एक रूपरेखा तैयार की है। अब समय आ गया है कि ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल किया जाए, जो ‘माँ, माटी, मानुष’ के नारे की आड़ में आतंक की राजनीति कर रही हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य अपने भतीजे को मुख्यमंत्री बनाना है।





 

बंगाल में बदलाव तय, डबल इंजन सरकार लाएगी विकास: योगी आदित्यनाथ

22-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) पश्चिम बंगाल के चकदहा में बुधवार को आयोजित जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने नदिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल बदलाव के मुहाने पर खड़ा है।
योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी सरकार पर कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक अस्मिता के मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के पक्ष में वोट मांगते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार बनने पर राज्य में विकास और सुरक्षा को नई गति मिलेगी।
उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां डबल इंजन सरकार के कारण बड़े पैमाने पर उद्योग आए हैं और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने दावा किया कि यूपी में 9 वर्षों में 17,000 से अधिक बड़े उद्योग स्थापित हुए और लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में अब परिवर्तन तय है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के ‘खेला होबे’ नारे पर तंज कसते हुए कहा, “इस बार खेल खत्म और विकास शुरू होगा।”
योगी आदित्यनाथ ने नदिया को चैतन्य महाप्रभु की भूमि बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र वैष्णव परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है और यहां से भक्ति आंदोलन को नई दिशा मिली थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार सांस्कृतिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने भाषा और धार्मिक पहचान से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की पहचान उसकी संस्कृति और परंपरा से है।
मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, माफिया राज और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग बंद हो रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं और किसानों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने रवींद्रनाथ टैगोर, अरविंद घोष और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल की यह धरती देश को सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान देने में अग्रणी रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही किसानों और युवाओं की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई।








 

आधुनिक भारत को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर ही आगे बढ़ना चाहिए: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन

22-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत के उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन ने बुधवार को कर्नाटक के बीदर जिले के भालकी स्थित चन्नबसव आश्रम में हिरेमठ संस्थान के पूज्य डॉ. बसवलिंग पट्टादेवरु महास्वामीजी की 75वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने आश्रम की पावन भूमि को अपनी उपस्थिति से गौरवान्वित किया और संत परंपरा के महत्व पर गहन चिंतन प्रस्तुत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने डॉ. बसवलिंग पट्टादेवरु महास्वामीजी के जीवन और कार्यों की सराहना की। उन्होंने उन्हें करुणा, सेवा और समाज सुधार का जीवंत प्रतीक बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि महास्वामीजी ने वर्षों से न केवल आध्यात्मिक क्षेत्र में योगदान दिया है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है।
इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने भगवान बसवन्ना की शिक्षाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “पूजनीय संत भगवान बसवन्ना का जीवन समानता, करुणा और सच्चे धर्म की नींव पर टिका है। आज हमें उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर एक ऐसे समाज का निर्माण करना चाहिए, जहां जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव न हो। बसवन्ना की वचन परंपरा आज भी प्रासंगिक है और हमें सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है।”
उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि आधुनिक भारत को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर ही आगे बढ़ना चाहिए। संतों और महात्माओं की परंपरा हमें सिखाती है कि सच्ची सेवा और करुणा ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बसवन्ना जैसे महापुरुषों के आदर्शों को अपनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करें। समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक सरकार के वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे, नगर प्रशासन मंत्री रहीम खान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने महास्वामीजी के योगदान को याद किया और समारोह को यादगार बनाने में योगदान दिया।


 

लखनऊ में 24 अप्रैल को उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन, किसान हित में बनेगी नई रणनीति

22-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर 24 अप्रैल को लखनऊ में उत्तर क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन किसान-केंद्रित, परिणामोन्मुख और समन्वित कृषि विकास को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सम्मेलन में दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह भागीदारी दर्शाती है कि केंद्र सरकार कृषि विकास को साझा जिम्मेदारी और सहयोग के मॉडल पर आगे बढ़ा रही है।
इस सम्मेलन में कृषि मंत्रियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों, एफपीओ, स्टार्टअप्स और वित्तीय संस्थानों की भागीदारी के जरिए खेती से लेकर बाजार तक सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संबोधित करेंगे, जिससे नीति, प्रशासन और क्रियान्वयन के स्तर पर बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
सम्मेलन में कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, बागवानी, दलहन-तिलहन मिशन, डिजिटल कृषि, फार्मर रजिस्ट्री, उर्वरकों की उपलब्धता और कालाबाजारी जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
विभिन्न राज्यों की सफल पहलों को साझा किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश की अंतरफसली खेती, हरियाणा की ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’, पंजाब की फसल विविधीकरण नीति और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड की बागवानी मॉडल शामिल हैं।
यह सम्मेलन केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), कृषि विश्वविद्यालयों, केवीके, एफपीओ, महिला किसान संगठनों, स्टार्टअप्स, एग्री-टेक कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को एक मंच पर लाएगा।
सम्मेलन में केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव अतिश चंद्र और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भाग लेंगे।
दलहन, तिलहन, बागवानी, डिजिटल कृषि और उर्वरक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित सत्र यह दिखाते हैं कि सरकार कृषि को आधुनिक, समावेशी और लाभकारी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
यह सम्मेलन आगामी राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन की तैयारी को भी मजबूत करेगा, जो 28-29 मई को दिल्ली में आयोजित होगा। जोनल कॉन्फ्रेंस की यह श्रृंखला क्षेत्रीय अनुभवों को राष्ट्रीय रणनीति में बदलने में मदद करेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि कृषि क्षेत्र में प्रगति के लिए राज्यों के साथ समन्वय, तकनीकी नवाचार और किसानों की सीधी भागीदारी जरूरी है। लखनऊ सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव आगामी खरीफ सीजन के लिए नई दिशा तय करेंगे।
 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account