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रामसर मान्यता पर सीएम योगी की प्रतिक्रिया, बोले–पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक पहचान

31-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटा की पटना बर्ड सेंचुरी को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को लगातार वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि एटा की पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ में स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट्स में शामिल किया जाना नीति, सुरक्षा और संरक्षण की एक सतत यात्रा को दर्शाता है, जहां पारिस्थितिकी और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं।
सीएम योगी ने अपने संदेश में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता सतत संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता की रक्षा के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है। उन्होंने एटा के नागरिकों और वेटलैंड संरक्षण से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को बधाई दी।
इससे पहले पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी थी कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ जिले में छारी-ढांड को रामसर साइट्स की सूची में शामिल किया गया है। उन्होंने यह घोषणा दो फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व वेटलैंड्स दिवस से पहले की थी।
भूपेंद्र यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि विश्व वेटलैंड दिवस नजदीक होने के कारण यह घोषणा करते हुए उन्हें खुशी हो रही है कि भारत के बढ़ते रामसर नेटवर्क में दो नए नाम जुड़े हैं। पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढांड अब प्रतिष्ठित रामसर साइट्स की सूची का हिस्सा बन गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ये मान्यताएं जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने स्थानीय समुदायों और वेटलैंड संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों को बधाई दी। 










 

भारत-ईयू एफटीए से निर्यात और नवाचार को नई गति, आईटी समेत कई क्षेत्रों में अवसर: वीर सागर

30-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला समझौता है। यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर कई देशों के साथ इस तरह का करार हुआ है, जो भारत के एक्सपोर्ट, इनोवेशन और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा। ये बातें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले एक्सपोर्ट प्रमोशन से जुड़े संगठन ईएससी (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिल) के चेयरमैन वीर सागर ने बताई।
वीर सागर ने कहा कि इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भारत और ईयू अब बराबरी के आधार पर साथ काम करेंगे। खासतौर पर आईटी सेक्टर के नजरिए से यह डील बेहद अहम है। अब भारत सिर्फ मैनपावर या सप्लाई देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इनोवेशन, डिजाइनिंग, डेवलपमेंट, ऑटोमेशन और एआई जैसे क्षेत्रों में यूरोपीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करेगा।
उन्होंने बताया कि पहले काम या पढ़ाई के लिए यूरोप जाने में काफी दिक्कतें आती थीं। जरूरी परमिशन और अप्रूवल की प्रक्रिया जटिल थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। इससे लोगों का आना-जाना आसान होगा और भारत-ईयू के बीच वर्क और एजुकेशन कोलेबोरेशन को मजबूती मिलेगी।
वीर सागर के अनुसार, यह समझौता मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लिए भी अहम साबित होगा, लेकिन यह एकतरफा नहीं होगा। दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे। कुछ हिस्से यूरोप में बनेंगे, कुछ भारत में और फिर मिलकर फाइनल प्रोडक्ट तैयार किया जाएगा। इससे संयुक्त उत्पादन और साझा जिम्मेदारी का मॉडल मजबूत होगा।
ईएससी चेयरमैन ने आगे कहा कि पहले भारत को कई बार केवल काम सौंपा जाता था, जैसा कि अमेरिका जैसे बाजारों में होता रहा है। अब भारत खुद डिजाइन, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में बराबरी की भूमिका निभाएगा। यह बदलाव सिर्फ आईटी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऑटोमोबाइल, फार्मा, एग्रीकल्चर, बैंकिंग समेत कई सेक्टरों में देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील इसलिए भी संभव हो पाई, क्योंकि भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन का मजबूत हिस्सा बन चुका है। पहले भारत को ज्यादातर चीजें आयात करनी पड़ती थीं, लेकिन अब देश में ही बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। इसी वजह से यूरोपीय देश भारत को एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और ईयू की यह साझेदारी ज्ञान साझा करने, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा, बल्कि देश की वैश्विक पहचान एक इनोवेशन हब और मैन्युफैक्चरिंग पावर के रूप में और मजबूत होगी।


 

लेह में विमानन इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली मजबूती, आपदा राहत और सुरक्षा क्षमताओं में इज़ाफा

30-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) लेह के बेहद चुनौतीपूर्ण व ऊंचाई वाले क्षेत्र में रनवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना पूरी की गई है। इससे ग्राउंड पर विमानों की जमीनी आवाजाही को आसान व सुरक्षित बनाया जा सकेगा। वहीं, लेह से नागरिक उड़ानों का प्रस्थान भी तेज होगा।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यहां अपग्रेड किए गए रनवे और हवाई अड्डा सुविधाओं से नागरिक उड्डयन सुविधाओं में इजाफा होगा। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि एयर फोर्स स्टेशन लेह में नागर विमानन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से एक परियोजना का उद्घाटन किया गया है। बेहद चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले क्षेत्र और प्रतिकूल मौसम की स्थिति के बावजूद बुनियादी ढांचे का रिकॉर्ड समय में उन्नयन किया गया है।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि विकसित किया गया बुनियादी ढांचा विमानों की जमीनी आवाजाही को आसान बनाने के साथ-साथ नागरिक उड़ानों के प्रस्थान को तेज करेगा। इन सुधारों से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी। बेहतर वायु संपर्क लेह क्षेत्र में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक अवसरों का सृजन करेगा। यह स्थानीय आजीविका को बेहतर करने में भी मदद करेगा। साथ ही, बेहतर उपलब्ध कराई गईं सुविधाएं स्थानीय निवासियों और आगंतुकों दोनों के लिए अधिक विश्वसनीय हवाई सेवाएं सुनिश्चित करेंगी। लेह में इस विमानन बुनियादी ढांचे के विकसित होने के कारण मानवीय सहायता और आपदा राहत में भी मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही लद्दाख की बर्फ से ढकी खतरनाक चोटियों पर दो विदेशी नागरिकों के फंसने का एक गंभीर मामला सामने आया था। अक्टूबर महीने में यहां लद्दाख में दो कोरियाई नागरिक 17 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर फंस गए थे। इस घटना का पता लगने पर बिना देरी किए रात के गुप अंधेरे में ही एक अत्यंत संवेदनशील व साहसिक ऑपरेशन चलाया गया। कड़ी मेहनत के बाद दोनों विदेशी नागरिकों को बचा लिया गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें तुरंत व आवश्यक उपचार मिल सका।
इसी तरह, भारतीय वायुसेना ने लद्दाख में गंभीर रूप से बीमार एक व्यक्ति को सही समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। बीमार व्यक्ति को अविलंब एयरलिफ्ट किया गया और चिकित्सा सहायता के लिए दिल्ली लाया गया। वायुसेना के इस मिशन का उद्देश्य एक 38 वर्षीय लद्दाखी नागरिक को, जो गंभीर स्थिति में था, लेह से दिल्ली पहुंचाकर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। अब ऐसी आपातकालीन आवश्यकताओं पर तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षेत्र की क्षमता को भी मजबूती मिलेगी। यह विकास लद्दाख के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देगा। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि लद्दाख में नागर विमानन बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सभी एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

भारत तेजी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

30-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राज्यसभा का 270वां सत्र प्रारंभ हो चुका है और इस सत्र के दौरान कुल 30 बैठकें आयोजित की जाएंगी। यह संसद का बजट सत्र है। इस दौरान सदन में केंद्रीय बजट 2026-27 तथा सरकार के विधायी प्रस्तावों पर गहन चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, अवकाश अवधि के दौरान विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की विस्तार से समीक्षा करेंगी। गुरुवार को उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने यह जानकारी दी।
इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा के सभी सांसदों से सदन और समितियों दोनों में सार्थक एवं प्रभावी योगदान देने का आह्वान किया और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। सदन की अगली बैठक 1 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे होगी।
इससे पहले, सभापति ने बताया कि बजटीय प्रस्तावों के साथ-साथ बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक चर्चा की अपेक्षा की गई है। सभापति का कहना है कि विधायी कार्यों की व्यापकता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित करती है कि सदन के निर्धारित समय का अधिकतम और रचनात्मक उपयोग किया जाए। ऐसा करके जनता की आकांक्षाओं को साकार किया जा सकता है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संसद के बजट सत्र के अंतर्गत राज्यसभा के 270वें सत्र में सभी सदस्यों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव के बीच संसद सदस्यों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि राष्ट्र की आर्थिक दिशा तय करने में संसद की भूमिका केंद्रीय है। उन्होंने राष्ट्रपति के संसद के दोनों सदनों को संबोधित भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसके अनुरूप राज्यसभा भी अपने विधायी और विचार-विमर्श संबंधी दायित्वों के माध्यम से योगदान देगी।
राधाकृष्णन ने जानकारी दी कि इस सत्र के दौरान कुल 30 बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें केंद्रीय बजट 2026-27 तथा सरकार के विधायी प्रस्तावों पर गहन चर्चा की जाएगी। उन्होंने सभी सांसदों से सशक्त संसदीय निगरानी सुनिश्चित करने और उच्चतम संसदीय मर्यादा, अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र विभिन्न विचारों और जीवंत बहस से सुदृढ़ होता है, किंतु मतभेदों की अभिव्यक्ति सम्मानजनक और रचनात्मक होनी चाहिए। यह सत्र शालीनता, अनुशासन और गरिमापूर्ण आचरण का उदाहरण बने, उन्होंने ऐसी अपेक्षा व्यक्त की। महात्मा गांधी के विचारों का उद्धरण देते हुए उन्होंने आगे कहा कि अनुशासित और प्रबुद्ध लोकतंत्र संसार की सर्वोत्तम व्यवस्था है।” उन्होंने कहा कि सदन में सदस्यों का आचरण इसी अनुशासन और प्रबुद्धता को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
 

रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म: समाधान आधारित शासन की पहचान बनी मोदी सरकार

29-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) संसद का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। यह सत्र कई मायनों में खास रहने वाला है। इन सब के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद परिसर में पत्रकारों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ को सरकार की नीति बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि साल 2026 के प्रारंभ में ही राष्ट्रपति ने संसद के सदस्यों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने उन अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया होगा और उसी भावना से आगामी कार्यवाही में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कई मार्गदर्शन वाली बातें हम सभी के सामने रखी थीं। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। मैं सभी तरह के प्रोड्यूसर्स से अपील करूंगा कि अब जब भारत-यूरोपियन यूनियन का मार्केट खुल गया है तो एक बहुत बड़ा मार्केट उपलब्ध है और हमारा सामान वहां कॉम्पिटिटिव कीमतों पर पहुंच सकता है। उन्हें सिर्फ हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है, तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरों, किसानों, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश का ध्यान बजट की तरफ होना स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की पहचान रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म रही है। हमने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेजी से शुरुआत की है। मैं इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में उनके सकारात्मक योगदान के लिए सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। नतीजतन, ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ गति पकड़ रही है।
उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है, आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान का रोना रोने की नहीं है। आज भूमिका समाधान ढूंढने और उन्हें जमीन पर उतारने की है। उन्होंने आगे कहा कि कोई हमारी कितनी भी आलोचना करे, लेकिन एक बात हर कोई कहता है कि सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजना को फाइल तक नहीं, लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। इसी परंपरा को हम रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्सट जेनरेशन के रिफॉर्म में आगे बढ़ाने वाले हैं।
 

बजट सत्र से पहले पीएम मोदी ने किया संबोधित, कहा- विकसित भारत 2047 की ओर नई गति का संकेत

29-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि संसद का बजट सत्र विकसित भारत 2047 के संकल्प को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और केंद्र ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और लंबित मुद्दों के लिए लंबे समय के समाधान की ओर बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर प्रगति के साथ सत्र की शुरुआत एक “महत्वाकांक्षी, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत” की भावना को दर्शाती है।
दरअसल, बजट सत्र की शुरुआत में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का जिक्र किया और कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास और उनकी आकांक्षाओं को दर्शाता है। उन्होंने राष्ट्र प्रमुख के तौर पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए बहुत ही सरल शब्दों में सांसदों से अपनी उम्मीदें भी व्यक्त कीं। मुझे विश्वास है कि सभी सांसद इन्हें गंभीरता से लेंगे।
यह बताते हुए कि 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा पहले ही बीत चुका है, पीएम मोदी ने कहा कि देश अब विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण 25 साल की यात्रा पर निकल पड़ा है। उन्होंने कहा कि यह अवधि भारत की भविष्य की दिशा और वैश्विक व्यवस्था में उसकी भूमिका को परिभाषित करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश की पहली वित्त मंत्री हैं जिन्होंने लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश किया है। यह अपने आप में भारत के संसदीय इतिहास में एक गौरवशाली क्षण के रूप में दर्ज हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की इस तिमाही में, भारत आशा की किरण और दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत की ओर वैश्विक ध्यान देश की आर्थिक और लोकतांत्रिक ताकत में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि इस तिमाही की शुरुआत में, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता इस बात की झलक देता है कि भारत और उसके युवाओं के लिए भविष्य कितना उज्ज्वल है। यह महत्वाकांक्षी भारत, आत्मविश्वासी युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय निर्माता इस समझौते से मिले अवसर का लाभ उठाकर विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति का विस्तार और मजबूत करेंगे। उन्होंने बाजारों के और खुलने के साथ गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सरकार के कामकाज के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां देश का ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट पर है, वहीं सरकार का मूल मंत्र “सुधार, प्रदर्शन और बदलाव” बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने तेजी से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ में सवार हो गए हैं। मैं इस ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को तेज करने में उनके रचनात्मक योगदान के लिए सभी सांसदों को धन्यवाद देता हूं। नतीजतन, रिफॉर्म एक्सप्रेस अब गति पकड़ रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार लंबे समय से अटके मुद्दों से हटकर लंबे समय के समाधान लागू करने की दिशा में बढ़ रही है और ऐसे समाधान अनुमान लगाने की क्षमता लाते हैं और अंतरराष्ट्रीय विश्वास को मज़बूत करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिया गया हर फैसला प्रगति और विकास के लिए है, साथ ही यह इंसान-केंद्रित भी है। उन्होंने आगे कहा कि हम टेक्नोलॉजी अपनाएंगे, उसे समझेंगे और उसकी क्षमता का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन हम इंसान-केंद्रित दृष्टिकोण से समझौता नहीं करेंगे। संवैधानिक मूल्यों के महत्व को पहचानते हुए, हम टेक्नोलॉजी के सोच-समझकर इंटीग्रेशन के साथ आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना और अलग-अलग विचार स्वाभाविक हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह बात बड़े पैमाने पर मानी जाती है कि सरकार ने आखिरी छोर तक डिलीवरी को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ फाइलों के आगे बढ़ने की बात नहीं है, बल्कि लोगों की ज़िंदगी तक पहुंचने की बात है। यह परंपरा जारी रहेगी क्योंकि हम रिफॉर्म एक्सप्रेस के ज़रिए अगली पीढ़ी के सुधारों को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारत की वैश्विक प्रासंगिकता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत का लोकतंत्र और जनसंख्या दुनिया को बड़ी उम्मीद देते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में हमारे पास वैश्विक समुदाय को अपनी क्षमताओं, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के ज़रिए लिए गए फैसलों की विश्वसनीयता बताने का मौका है। दुनिया इसे पहचानती है और इसका स्वागत करती है।
 

बीटिंग रिट्रीट में आज देश की समृद्ध सैन्य विरासत का प्रदर्शन होगाः पीएम मोदी

29-Jan-2026

 नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज गुरुवार शाम आयोजित होने वाला बीटिंग रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक होगा। यह भव्य आयोजन भारत की समृद्ध सैन्य विरासत, परंपरा और अनुशासन की शक्ति को प्रदर्शित करेगा।

प्रधानमंत्री ने गुरुवार को एक्स पोस्ट में देश की सुरक्षा में समर्पित सशस्त्र बलों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि भारत अपने वीर जवानों की निष्ठा और बलिदान को सदैव नमन करता है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक मंत्र का उल्लेख करते हुए लिखा , “एको बहूनामसि मन्य ईडिता विशं विशं युद्धाय सं शिशाधि। अकृत्तरुक्त्वया युजा वयं द्युमन्तं घोषं विजयाय कृण्मसि॥”
इस मंत्र के माध्यम से उन्होंने एकता, शौर्य और विजय के संकल्प को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीटिंग रिट्रीट समारोह में सैन्य बैंड की मधुर धुनें, पारंपरिक ध्वज अवरोहण और ऐतिहासिक सैन्य परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। यह आयोजन न केवल गणतंत्र दिवस उत्सव का औपचारिक समापन करता है, बल्कि देश की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक भी है। 
 

गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं में नेवी का मार्चिंग दल सर्वश्रेष्ठ, राज्यों में महाराष्ट्र की झांकी अव्वल

29-Jan-2026

 नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) गणतंत्र दिवस परेड 2026 में भाग लेने वाली तीनों सेनाओं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ियों का चयन कर लिया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार तीनों सेनाओं में भारतीय नौसेना के मार्चिंग दल को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी चुना गया है। वहीं महाराष्ट्र की झांकी को सर्वश्रेष्ठ झांकी चुना गया है।

राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों की और झांकियों के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की शीर्ष तीन झांकियां में प्रथम स्थान पर महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र की झांकी में ‘गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक’ दर्शाया गया था। दूसरे नंबर पर जम्मू एवं कश्मीर की झांकी रही। इस झांकी में ‘जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प और लोकनृत्य’ को दिखाया गया था। तीसरे स्थान पर केरल की झांकी चुनी गई है। केरल की झांकी में ‘वॉटर मेट्रो और 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल’ की झलक थी।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इनका चयन परेड के दौरान प्रदर्शन के आकलन हेतु गठित तीन स्वतंत्र निर्णायक मंडलों द्वारा किया गया। आधिकारिक निर्णायक मंडल के अनुसार तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी भारतीय नौसेना की रही। वहीं सीएपीएफ व अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी दिल्ली पुलिस की रही। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की सर्वश्रेष्ठ झांकी भी चुनी गई है। इस श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की झांकी अव्वल रही। इस झांकी का शीर्षक, ‘वंदे मातरम्: एक राष्ट्र की आत्म-ध्वनि’ था। इनके अतिरिक्त विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की झांकी, ‘वंदे मातरम्: 150 वर्षों का स्मरणोत्सव’ व नृत्य समूह की ‘वंदे मातरम्: भारत की शाश्वत गूंज’ को यह पुरस्कार मिला है।
गणतंत्र पर ‘पॉपुलर चॉइस’ श्रेणी भी रखी गई थी। इस के चयन प्रक्रिया की बात करें तो मायगव पोर्टल पर आयोजित ऑनलाइन मतदान के आधार पर नागरिकों की पसंद के अनुसार यह परिणाम सामने आए हैं। इसके मुताबिक तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी के लिए असम रेजिमेंट को चुना गया है। सीएपीएफ व अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी के तौर पर सीआरपीएफ के दल को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला माना गया है।
जनमत के मुताबिक राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों की शीर्ष तीन झांकियां भी चुनी गई हैं। इनमें सबसे अधिक गुजरात – ‘स्वदेशी–आत्मनिर्भरता–स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ को पसंद किया गया। दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश की झांकी ‘बुंदेलखंड की संस्कृति’ रही। तीसरे स्थान पर राजस्थान की झांकी ‘रेगिस्तान की स्वर्णिम छटा: बीकानेर गोल्ड आर्ट (उस्ता कला)’ को चुना गया है।
लोगों की राय यानी जनमत के आधार पर केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की सर्वश्रेष्ठ झांकी भी चुनी गई है। यहां स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की झांकी, ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की ओर भारतीय स्कूली शिक्षा’ को सबसे अधिक पसंद किया गया। इन परिणामों के साथ गणतंत्र दिवस परेड 2026 ने सांस्कृतिक विविधता, आत्मनिर्भरता, नवाचार और राष्ट्रीय एकता के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।




 

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार आज, बारामती में जनसैलाब

29-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख अजित पवार का आज गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। अपनी राजनीतिक कर्मभूमि बारामती में बुधवार को विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले 66 वर्षीय अजित पवार का पार्थिव शरीर बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में सुबह 11 बजे पंचतत्व में विलीन हो जाएगा। 
महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए बारामती में आम लोगों और कार्यकर्ताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अजित पवार की अंतिम यात्रा विद्या प्रतिष्ठान परिसर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचेगी। इस समय विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। 
उनका पार्थिव शरीर पहले विद्या प्रतिष्ठान और फिर उनके पैतृक गांव कोटेवाड़ी में आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंतिम संस्कार में राज्य सरकार के सभी मंत्री शामिल होंगे। पवार परिवार के सदस्य बारामती पहुंच चुके हैं। 
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अनुसार, सभी दलों के वरिष्ठ नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। बारामती के साथ समूचे राज्य से बड़ी संख्या में लोग और पार्टी कार्यकर्ता दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए बारामती पहुंच चुके हैं। महाराष्ट्र सामान्य प्रशासन विभाग (प्रोटोकॉल) के अनुसार, उप मुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। तीन दिन के शोक की अवधि के दौरान महाराष्ट्र की सभी इमारतों पर जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, उसे आधा झुका दिया गया है। इस अवधि के दौरान कोई भी सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।








 

कर्तव्य पथ पर फाइटर जेट्स का फ्लाई पास्ट, विमानों की गर्जना ने किया लोगों को रोमांचित

26-Jan-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना का फ्लाई पास्ट इस बार बेहद महत्वपूर्ण रहा। वायुसेना के जांबाज फाइटर पायलटों ने कर्तव्य पथ के ऊपर आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाया। यह फॉर्मेशन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित था। फ्लाई-पास्ट गणतंत्र दिवस परेड के सबसे ज्यादा इंतजार वाले कार्यक्रमों में से एक है। इस वर्ष फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान शामिल हुए। फ्लाई-पास्ट करने वाले विमानों में 16 फाइटर विमान भी शामिल थे। वहीं वायुसेना के चार ट्रांसपोर्ट विमान और नौ हेलीकॉप्टर भी इस शानदार फ्लाई-पास्ट में शामिल हुए।
गणतंत्र दिवस समारोह में किए गए फ्लाई-पास्ट में वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29 और जगुआर विमान शामिल रहे। साथ ही रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण सी-130 और आधुनिक सी-295 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान भी इसका हिस्सा बने। आसमान में इन विमानों की गर्जना ने यहां मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया। वायुसेना के विमानों ने फ्लाई-पास्ट के दौरान अर्जन फॉर्मेशन, वज्रांग फॉर्मेशन, वरुण फॉर्मेशन और विजय फॉर्मेशन भी बनाया।
वहीं ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग 29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान नजर आए।
बताते चलें कि भारतीय सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बीते साल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कुल नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने वाले ये भारतीय लड़ाकू विमान अब इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर उड़ान भरते हुए दिखाई दिए।
गौरतलब हो, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत इन भारतीय लड़ाकू विमानों ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। फ्लाई पास्ट में भारतीय वायुसेना के चार एमआई-17 हेलीकॉप्टर ध्वज फॉर्मेशन में नजर आए। ये हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज, आर्मी, नेवी और भारतीय वायुसेना के ध्वज लहराते हुए नजर आए। अपने इस बेहतरीन प्रदर्शन के जरिए भारतीय वायुसेना ने गणतंत्र दिवस समारोह में अनुशासन, नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से लेकर कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड तक, वायुसेना के अधिकारी एवं बैंड महत्वपूर्ण भूमिकाओं में उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि समारोह में स्क्वाड्रन लीडर हेमंत सिंह कन्यार गार्ड ऑफ ऑनर के कमांडर रहे। मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता ढांकर ने कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।
गणतंत्र दिवस 2026 ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150 वर्षों को समर्पित रहा। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की स्पष्ट व प्रभावी छाप दिखाई दी। वायुसेना के बैंड ने इससे जुड़ी धुनें बजाईं। परेड में विभिन्न सर्विसिस की कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड शामिल हुईं। परेड के तुरंत बाद वायुसेना के राफेल, सुखोई-30, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, एमआई-17 जैसे विमान व हेलीकॉप्टर फ्लाईपास्ट करते हुए दिखाई दिए। गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं के स्वदेशी उपकरण एवं हथियार भी प्रदर्शित किए गए। 





 



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