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विकसित भारत 2047 की राह पर भारत, राज्यसभा में बोले जेपी नड्डा

04-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राज्यसभा में नेता सदन और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भारत का आर्थिक परिदृश्य लगातार बदलाव और क्रांति के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 तक पहुंचने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्ष 2026 में क्या करना है और अगले पांच वर्षों में कौन-सी ठोस कार्रवाइयां की जाएंगी, इसका स्पष्ट रोडमैप राष्ट्रपति के अभिभाषण में प्रस्तुत किया गया है।
जेपी नड्डा बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए गए हैं, जो भारतीय आर्थिक जगत में क्रांति का संकेत देते हैं। उन्होंने यूरोपीय यूनियन के साथ हुए समझौते, आर्थिक सर्वे, क्रांतिकारी बजट और इंडो-यूएस डील का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी घटनाओं ने एक मजबूत श्रृंखला बनाई है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वे में साफ शब्दों में बताया गया है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। जेपी नड्डा ने कहा कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने भी यह माना है कि वैश्विक विकास में भारत का योगदान 20% होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह दावा सरकार का नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय मंच से आया आकलन है।
नड्डा ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुआ ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय व्यवसायियों, कारीगरों, उद्यमियों और आईटी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर लेकर आया है। यह समझौता भारतीयों के लिए 27 देशों के बाजार के दरवाजे खोलता है और इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा गया है। उन्होंने इसे रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम बताया।
जेपी नड्डा ने भारत और ओमान के बीच हुए समझौते का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता मध्यपूर्व में ऊर्जा और व्यापार के रणनीतिक कॉरिडोर के रूप में महत्वपूर्ण है और इससे लिंक वेस्ट नीति और मजबूत हुई है। नड्डा ने इंडिया-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि यह किसानों के लिए लाभकारी होगा, उद्यमियों को नई दिशा देगा, छात्रों के लिए नए गंतव्य खोलेगा और महिलाओं के विकास में सहायक साबित होगा। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को आईटी सेक्टर और उद्यमियों के लिए बेहद अहम बताया।
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने गरीबी हटाओ का नारा दिया, लेकिन इसके नाम पर मिडिल मैन पैदा हुए और भ्रष्टाचार बढ़ा। नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने गरीबों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने गरीबों के लिए घर, बैंक खाते, गैस कनेक्शन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। नड्डा के मुताबिक, देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ चुके हैं। सरकार ने गरीबों के सुदृढ़ीकरण के लिए पक्के मकान बनाए और आने वाले समय में तीन करोड़ और घर बनाए जाएंगे।
जेपी नड्डा ने कहा कि साढ़े 12 करोड़ लोगों को पेयजल कनेक्शन और 10 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने बताया कि आज 95 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं और 6 लाख 75 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लोगों के खातों में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ कवरेज देने वाला देश बन चुका है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 62 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। गरीब अब आयुष्मान कार्ड के जरिए अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज करवा रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि पहले बुजुर्ग आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करवा पाते थे, लेकिन अब वे निश्चिंत होकर उपचार करवा रहे हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आज कैंसर का पता लगने के बाद 90% मामलों में 30 दिन के भीतर इलाज शुरू हो जाता है।

 

एग्जाम वॉरियर्स के साथ पीएम मोदी की प्रेरक बातचीत, 6 फरवरी को देखें ‘परीक्षा पे चर्चा’

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने मंगलवार को सभी नागरिकों को आमंत्रित किया कि वे 6 फरवरी को विशेष ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड देखें। इस प्रोग्राम में वे छात्रों के साथ सीधे संवाद करते हैं और उनकी ऊर्जा और उत्साह का अनुभव साझा करते हैं। जैसे-जैसे परीक्षा का मौसम नजदीक आ रहा है, पीएम फिर से देश के युवाओं के साथ संवाद किया। इस साल की चर्चा देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली के 7, लोक कल्याण मार्ग में आयोजित हुई।
पीएम ने इस अनुभव को बेहद ताजगी भरा और प्रेरक बताया। उन्होंने छात्रों के उत्साह और खुलेपन की सराहना की और परीक्षा के दौरान तनाव-मुक्त रहने की अहमियत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने छात्रों को चुनौतियों का सामना कैसे करें, संतुलन कैसे बनाए रखें और आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं, इस बारे में सरल और प्रैक्टिकल टिप्स दिए।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जैसे-जैसे एग्जाम पास आ रहे हैं, ‘परीक्षा पे चर्चा’ भी वापस आ गया है। इस बार, चर्चा देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में 7 एलकेएम में एग्जाम वॉरियर्स के साथ हुई। हमेशा की तरह, अपने युवा दोस्तों के साथ बातचीत करना और स्ट्रेस-फ्री एग्जाम और कई दूसरी चीजों पर बात करना बहुत अच्छा लगा। 6 फरवरी को पीपीसी एपिसोड जरूर देखें।”
इसके साथ ही एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है, जिसमें पीएम मोदी बच्चों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं और उनके कंफ्यूजन को दूर कर परीक्षा का स्ट्रेस कम कर रहे हैं। एक छात्र ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, “हमने ऐसा अपने सपने में भी नहीं सोचा था कि पीएम मोदी खुद हमसे मिलेंगे।” वहीं, पीएम मोदी ने सभी बच्चों से पूछा कि उन्होंने कुछ खाया या नहीं, जिसका जवाब सभी ने हां में दिया।
इस दौरान कुछ छात्रों ने पीएम से सवाल पूछे, “रोजाना कौन सी एक छोटी सी हैबिट अपनानी चाहिए, जिससे हम अपने सपने के नजदीक पहुंचते जाएं? हमें मोटिवेशन की जरूरत है या अनुशासन की? आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आप हमें क्या सलाह देना चाहेंगे? आपने अपने तनाव को कैसे हैंडल किया?”
पीएम ने बच्चों से कहा, “परीक्षा के लिए सबसे अच्छी चीज होती है, लिखने की आदत डालना। आप मान के चलिए, आपने जो पढ़ा है, वो कहीं ना कहीं तो स्टोरेज है। आप अपने पैटर्न पर पूरा भरोसा करो। हर एक को हर चीज नहीं आती है, लेकिन हर एक को कुछ न कुछ तो आता ही है।” एक छात्र ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, “हमने पीएम मोदी का वेलकम किया और फिर उनके साथ बातचीत की तो पता ही नहीं चला कि टाइम कहां चला गया।” एक छात्र ने कहा कि पीएम बहुत अटेंटिव थे। इन दौरान एक छात्र ने पीएम को चाय पत्ती दी, तो पीएम ने हंसते हुए कहा कि अब तो मुझे चाय बनानी होगी। पीएम ने एक बच्चे की पेंटिंग की भी तारीफ की। वहीं, एक छात्रा ने पीएम के लिए “सारी दुनिया तेरे पीछे, मुश्किलों से लड़ता चल, बढ़ता चल, तू बढ़ता चल…” गाना भी गाया।
गौरतलब है कि इस बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ का एक नया रूप होगा। कुछ नई जगहें और एक नया सफर, बच्चों तक पहुंचने का, उनकी कहानियों से जुड़ने का। हर बार की तरह यंग ब्राइट माइंड्स ऑफ इंडिया से ढेरों सवाल होंगे, जिनके सारे जवाब मिलेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा’ में बच्चे सिर्फ जवाब नहीं, भविष्य का भरोसा साथ ले जाते हैं।
 

विकसित भारत के लिए आत्मविश्वास जरूरी: पीएम मोदी

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में आत्मविश्वास की शक्ति पर बल देने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के सपने को साकार करने में आत्मविश्वास की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए आज एक प्रेरक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास ही वह शक्ति है, जिसके सहारे असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से देशवासियों को आत्मविश्वास का संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि विकसित भारत के निर्माण में नागरिकों का आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत साबित होगा।
नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसके बल पर हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों का यही आत्मविश्वास निर्णायक भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संस्कृत सुभाषितम- “श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥”– में आत्मविश्वास, दक्षता और संयम को सफलता की मूल आधारशिला बताया गया है।
 

भारत का बजट एनआरआई की भूमिका और टेक पुश को देगा बढ़ावा

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एक अमेरिकी नीति विशेषज्ञ के अनुसार, भारत के केंद्रीय बजट से साफ संकेत मिलता है कि नई दिल्ली ग्लोबल कैपिटल, टैलेंट और स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी को आकर्षित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस पूरी रणनीति के केंद्र में प्रवासी भारतीय यानी एनआरआई को रखा गया है।
फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज में नीति और पॉलिसी और स्ट्रेटेजी चीफ खंडेराव कांड ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब दुनिया भर में आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बावजूद बजट भारत के आत्मविश्वास को दिखाता है।
उन्होंने बताया कि बजट में एनआरआई के लिए भारतीय इक्विटी में निवेश करना पहले से ज्यादा आसान बना दिया गया है। व्यक्तिगत और कुल निवेश की सीमा बढ़ाने से एनआरआई अब सीधे बाजार में अधिक आसानी और भरोसे के साथ निवेश कर सकेंगे।
इसके साथ ही, एनआरआई से जुड़े संपत्ति लेन-देन की पुरानी समस्याओं को भी काफी हद तक दूर किया गया है। नए बदलावों से कंप्लायंस का बोझ कम होगा और विदेश में रहने वाले भारतीय अपनी संपत्ति को आसानी से बेच या खरीद सकेंगे, जिससे रियल एस्टेट बाजार में तरलता बढ़ेगी। खंडेराव कांड ने कहा कि ये सभी कदम मिलकर एनआरआई के लिए निवेश का माहौल साफ, सरल और ज्यादा भरोसेमंद बनाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले ले रहा है। उदाहरण के तौर पर इंडिया एआई पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और क्लाउड क्षमता के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे भारत को वैश्विक स्तर पर एआई तकनीक अपनाने और फैलाने वाला देश बनने में मदद मिलेगी।
खंडेराव ने बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के विस्तार पर 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर के निर्माण से सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा विनिर्माण में सप्लाई-चेन लचीलापन मजबूत होगा।
रक्षा बजट बढ़ाकर 7.8 लाख करोड़ रुपये करना भी तकनीकी रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में बड़ा कदम है। इससे भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि बजट 2026 एक आत्मविश्वासी और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है, जो एनआरआई के लिए बेहतर निवेश के रास्ते खोलता है और एक आधुनिक, तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखता है।
खंडेराव ने कहा कि एक मजबूत भारत अमेरिकी रणनीतिक हितों के साथ भी मेल खाता है। उन्होंने कहा, “अमेरिका के एक महत्वपूर्ण रणनीतिक ग्लोबल पार्टनर के रूप में, एक मजबूत भारत अमेरिका के लिए बेहतर है, खासकर इंडो-पैसिफिक में चीन का मुकाबला करने के लिए।”
 

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संसद में चर्चा शुरू, चार फरवरी को पीएम मोदी देंगे जवाब

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) संसद के दोनों सदनों में सोमवार से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार फरवरी को लोकसभा में चर्चा का उत्तर देंगे। यह जानकारी संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दी।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर तीन दिनों तक चर्चा होगी। इसके लिए कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी 04 फरवरी को लोकसभा में चर्चा का जवाब देंगे।
उन्होंने बताया लोकसभा में आज सोमवार को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसका समर्थन सांसद तेजस्वी सूर्या करेंगे। इसके बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी चर्चा की शुरुआत करेंगे। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में कल वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश किया था। 
 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर हैं। वो आज शाम राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगी। इस दौरान वह राज्य के पांच जिलों में विभिन्न सरकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति इस अवधि में पुरी, खोर्धा, बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों का दौरा करेंगी।
राष्ट्रपति जाजपुर जाएंगी, जहां वह जिले की अधिष्ठात्री देवी मां बिरजा के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। 03 फरवरी को वह बिरजा मंदिर में करीब डेढ़ घंटे का समय बिताएंगी, जिसके बाद वह बालासोर के लिए रवाना होंगी। बालासोर में राष्ट्रपति मुर्मु फकीर मोहन विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।
इसके बाद वो शाम को पुरी पहुंचेंगी, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगी। चार फरवरी को राष्ट्रपति का श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर गजपति महाराज, सेवायत और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी औपचारिक स्वागत करेंगे। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद वह श्वेतगंगा में पिंडदान की धार्मिक रस्में निभाएंगी। इसके बाद राष्ट्रपति मयूरभंज जिले के रायरंगपुर जाएंगी। अपने गृह क्षेत्र के लोगों से संवाद करेंगी। इस दौरान वह कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी।
अगले दिन राष्ट्रपति रायरंगपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके बाद दोपहर में वह जशीपुर होते हुए सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व जाएंगी, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। वहां वह रात्रि विश्राम करेंगी। छह फरवरी को दौरे के अंतिम दिन, राष्ट्रपति सिमिलिपाल क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं और युवाओं से संवाद करेंगी। 
इसी दिन वह ओडिशा सरकार द्वारा ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के सहयोग से भुवनेश्वर में आयोजित ‘ब्लैक स्वान समिट, इंडिया’ में भी शामिल होंगी। इसके पश्चात 7 फरवरी को राष्ट्रपति छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का उद्घाटन करेंगी। 
 

कैपेक्स, सेवा क्षेत्र और एआई पर जोर से FY27 की कमाई को मिलेगा सहारा: रिपोर्ट

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय बजट में पूंजीगत खर्च (कैपेक्स), सेवा क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा मिलने से वित्त वर्ष 2026-27 की कमाई को सपोर्ट मिलेगा। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि सरकार का फिस्कल कंसोलिडेशन (राजकोषीय घाटा कम करने की प्रक्रिया) उम्मीद से थोड़ा धीमा रहने के बावजूद ग्रोथ को मदद मिलेगी। इसके अलावा, शेयर बायबैक के जरिए इक्विटी में बढ़ती मांग भी कमाई को सहारा देगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने की कोशिश के साथ-साथ ग्रोथ को सपोर्ट करने का संतुलन बनाया गया है। इसके लिए चक्रीय (साइक्लिकल) और संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) दोनों तरह के कदम उठाए गए हैं। मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि वह भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक है। वैश्विक ब्रोकरेज का मानना है कि फाइनेंशियल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश के अच्छे मौके हैं।
बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कर्ज जीडीपी के मुकाबले 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, बजट तीन मुख्य क्षेत्रों के जरिए ग्रोथ को सपोर्ट करता है। पहला, मैन्युफैक्चरिंग पर लगातार जोर, जिसमें सेमीकंडक्टर (आईएसएम 2.0), रेयर अर्थ मैग्नेट और पुराने औद्योगिक क्लस्टर को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स में छूट, सेफ हार्बर लिमिट बढ़ाना और 2047 तक वैश्विक निर्यात में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य शामिल है। इसके साथ ही कैपेक्स पर फिर से जोर दिया गया है, जहां कुल कैपेक्स साल-दर-साल 11.5 प्रतिशत बढ़ा है और रक्षा क्षेत्र का कैपेक्स 18 प्रतिशत बढ़ाया गया है।
इसके अलावा, बजट में राजकोषीय घाटा कम करने की दिशा जारी रखी गई है, हालांकि महामारी के बाद यह सबसे धीमी रफ्तार मानी जा रही है। मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि बजट कैपेक्स पर जोर देकर आर्थिक रिकवरी को सपोर्ट करेगा। वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कैपेक्स जीडीपी का 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान के बराबर है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने वाले कदम भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ को बढ़ाएंगे।रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट के आंकड़े वास्तविक लगते हैं। वित्त वर्ष 2027 के लिए नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10 प्रतिशत और डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ 11.4 प्रतिशत मानी गई है।








 

तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर, महत्वपूर्ण खनिजों पर मंत्रिस्तरीय बैठक में होंगे शामिल

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री (ईएएम) डॉ. एस. जयशंकर सोमवार को अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे। ईएएम अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
एमईए ने कहा, “विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। वे अमेरिका में आयोजित हो रही क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे। यह मीटिंग अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई है। यह मीटिंग सप्लाई चेन रेजिलिएंस, क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और क्रिटिकल मिनरल्स में स्ट्रेटेजिक को-ऑपरेशन पर फोकस करेगी। इस दौरे में एस जयशंकर अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ भी मीटिंग करेंगे।”
पिछले हफ्ते ईएएम जयशंकर ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मुलाकात की थी और दोनों देशों के संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की। गोर का स्वागत करते हुए डॉ. जयशंकर ने भरोसा जताया कि वह भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, “नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत में हमारी पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर बात हुई। उनका स्वागत किया और भरोसा जताया कि वह भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।”
जयशंकर ने 25 जनवरी को नई दिल्ली में सर्जियो गोर के साथ माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस वाले अमेरिकी कांग्रेसनल डेलीगेशन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हो रहे विकास और यूक्रेन विवाद पर चर्चा की।
इससे पहले उन्होंने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से 13 जनवरी को टेलीफोनिक बातचीत भी की थी। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, ट्रेड बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित सहयोग के मुख्य क्षेत्रों की समीक्षा की। इसके बाद एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “ट्रेड, जरूरी मिनरल्स, न्यूक्लियर को-ऑपरेशन, डिफेंस और एनर्जी पर चर्चा हुई। इन और दूसरे मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमत हुए।”
फोन पर रुबियो ने भारत को ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल के लिए सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी बिल (परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन एवं विकास बिल/ शांति) लागू करने पर बधाई दी। अमेरिकी राज्य विभाग के प्रिंसिपल उपप्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि यह एक हालिया कानून है, जो भारत के न्यूक्लियर एनर्जी फ्रेमवर्क का हिस्सा है।
 

विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करता है केंद्र बजट: मुख्यमंत्री योगी

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट को नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की दिशा तय करने वाला दस्तावेज करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट नागरिकों में कर्तव्यबोध, विकास की गति और आत्मगौरव की भावना को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश का नागरिक गरीबी रेखा से ऊपर उठकर आत्मगौरव के साथ भारत की प्रगति में योगदान दे रहा है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ता भारत हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे स्पष्ट नीति, साफ नीयत और मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया। राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट पर आयोजित प्रेस वार्ता में यह बातें कहीं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ शासन किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 26 नवंबर 2015 को संविधान दिवस घोषित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद दिलाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला बजट है, जो कर्तव्य भवन से प्रस्तुत हुआ है और जो नागरिकों में राष्ट्र के प्रति दायित्व और भविष्य की जिम्मेदारी का बोध कराता है।
मुख्यमंत्री ने बजट को युवा-शक्ति संचालित, वंचित-केंद्रित और समावेशी विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीब—ये चारों वर्ग इस बजट के केंद्र में हैं। वित्तीय अनुशासन, विकास और विश्वास को एक सूत्र में पिरोते हुए यह बजट आने वाली पीढ़ियों के लिए सुदृढ़ भारत की नींव रखता है।
आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए बजट में नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹10 हजार करोड़ के विशेष फंड को उन्होंने प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
योगी ने बताया कि देश की सबसे अधिक, करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में हैं, जिनसे तीन करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना को नई तकनीक, प्रशिक्षण, पैकेजिंग और निर्यात से जोड़ने में यह फंड मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹20 हजार करोड़ के प्रावधान, नए रेलवे कॉरिडोर, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल, एक्सप्रेसवे, देश का पहला इनलैंड वाटरवे (वाराणसी-हल्दिया) और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब को उत्तर प्रदेश की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि वाटरवे से ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और उद्योगों को नई मजबूती मिलेगी।
बायो-फार्मा, मेडिकल डिवाइस पार्क, डेटा सेंटर हब और सेमीकंडक्टर पार्क की घोषणाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले से ही इस दिशा में होमवर्क कर चुका है। ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क, गौतमबुद्धनगर में मेडिकल डिवाइस पार्क और प्रदेश में 700 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर इसकी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल फार्मा और डेटा हब बनाने की दिशा में यह बजट निर्णायक साबित होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना को उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.05 लाख से अधिक राजस्व गांव हैं और ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में यह योजना कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण एमएसएमई को नई ताकत देगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जनपद में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की घोषणा ऐतिहासिक है। इससे महिला कार्यबल को सुरक्षित आवास मिलेगा और उनकी भागीदारी और बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी 12-13% से बढ़कर 36% तक पहुंची है।
पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ, काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और बौद्ध सर्किट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधा और सुरक्षा के चलते उत्तर प्रदेश करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का केंद्र बन रहा है। 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास की घोषणा से पर्यटन को नई गति मिलेगी, जिनमें सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता दोगुनी करने, हर जनपद में ट्रॉमा सेंटर और एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज के लक्ष्य को मुख्यमंत्री ने आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि गोल्डन आवर में इलाज की सुविधा से असमय मौतों में कमी आएगी। खेल और रोजगार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने ‘समर्थ’ योजना को खेल उद्योग और स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण बताया। मेरठ, आगरा और कानपुर जैसे क्लस्टर उत्तर प्रदेश को खेल उत्पादों का बड़ा हब बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र करों में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा हिस्सा मिलना प्रदेश की बड़ी आबादी और बढ़ती जिम्मेदारी का प्रमाण है। आयुष, मेडिकल टूरिज्म, कृषि-एआई प्लेटफॉर्म और स्वयं सहायता समूहों के लिए नए बाजार इस बजट की व्यापक सोच को दर्शाते हैं।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट निवेश और विश्वास, सड़क और रफ्तार, पहचान और आत्मगौरव का प्रतीक है। इससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी आधार पर फरवरी में उत्तर प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। 




 

बजट: पारंपरिक और आधुनिक सेक्टर्स पर सरकार का फोकस, वैश्विक वैल्यू चेन में उभरेगा भारत

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत वैश्विक स्तर पर एक ब्राइट स्पॉट बना हुआ है और भविष्य के लिए तैयार भारत’ के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार के सेक्टर्स को कवर किया गया है। साथ ही, टेक्नोलॉजी में फोकस करने के लिए सर्विसेज क्षेत्र को प्रोत्साहित किया है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को दी।
देश की आर्थिक राजधानी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में बजट के फायदों पर हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट कई विशिष्ट क्षेत्रों को संबोधित करता है, जिससे देश को 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने बैठक में कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजकोषीय अनुशासन और भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी पर फोकस किया है।
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “यह बजट वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की उपस्थिति को मजबूत करने और आधुनिक तकनीकों के साथ अधिक समकालीन बनने के लिए एक ब्लूप्रिंट है, जिससे हमारे उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा।” उन्होंने इस बात को भी दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तेज सुधारों के दृष्टिकोण को जारी रखते हुए, बजट का उद्देश्य व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करना और उनके फलने-फूलने को आसान बनाना, ईमानदार व्यवसायों को प्रोत्साहित करना, उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, अनुपालन को आसान बनाना और भारत को एक आकर्षक निवेश और मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनाना है।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर और व्यय मिश्रण में सुधार करके “दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सर्वोपरि” रखा गया है। अब ध्यान दीर्घकालिक लक्ष्यों पर केंद्रित हो रहा है, जिसमें सुधार, व्यापार करने में सुगमता में सुधार और समावेशी विकास को प्रमुखता दी गई है। सरकार ने विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों को और विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करके मजबूती लाने का प्रयास किया है, जिससे विकास के अगले चरण के लिए आधार तैयार होगा।








 



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