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नेपाल: भारत ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम भेजी

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 10 टन से अधिक मानवीय सहायता सामग्री और डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम लेकर तीसरी विशेष उड़ान नई दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना हुई है। भारत बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल की मदद के लिए अपने प्रयास तेज कर रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि 10 टन मानवीय सहायता सामग्री लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हो गई है। इस सहायता सामग्री में पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और जल शोधन की गोलियां शामिल हैं। 11 सदस्यीय डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों की टीम और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक रेकी टीम भी उड़ान में सवार हैं। भारत-नेपाल के चल रहे राहत एवं बचाव प्रयासों में अपना सहयोग जारी रखेगा।
इससे पहले दिन में विदेश मंत्री जयशंकर ने तमिलनाडु के उन 21 तीर्थयात्रियों से मुलाकात की जो बाढ़ से बचाए जाने के बाद काठमांडू से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे थे। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मैंने तमिलनाडु के 21 पर्यटकों के एक समूह का स्वागत किया, जिन्हें नेपाल में आई बाढ़ से बचाया गया था। उनकी आपबीती सुनकर मैं अत्यंत भावुक हो गया। इस बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए मैं नेपाली सेना और उस देश की सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। भारत में उनकी सुचारू वापसी के समन्वय में नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रयासों की मैं सराहना करता हूं।
ये 21 भारतीय नागरिक उन समूहों का हिस्सा थे जिन्होंने विभिन्न ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा की थी।
भारत नेपाल को लगातार सहायता भेज रहा है, जिसमें बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए बेली ब्रिज की तैनाती भी शामिल है। नई दिल्ली ने विदेश मंत्रालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जो चौबीसों घंटे कार्यरत है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी उन राज्य सरकारों के भी संपर्क में हैं, जहां से लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हैं।
शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि त्रिशुली-1 जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 भारतीय नागरिकों सहित 84 भारतीय नागरिकों को अब तक बचाया जा चुका है। उन्होंने आगे बताया कि चीन की सीमा में फंसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह उज्बेकिस्तान की यात्रा पर रवाना हुए। यह उनका दो दिवसीय दौरा है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर ताशकंद की यात्रा करेंगे। पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले लिखा, “मैं 29 अगस्त से 1 सितंबर तक उज्बेकिस्तान और किर्गिज की यात्रा पर जा रहा हूं।” उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी में काफी प्रगति हुई है। मैं राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा, ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने व ‘विकसित भारत’ और ‘यांगी उज्बेकिस्तान’ के हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं।”
उन्होंने कहा, “मैं ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करूंगा, जो हमारे दोनों देशों को जोड़ने वाले गहरे सांस्कृतिक और लोगों के बीच के संबंधों का प्रतीक है।”यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी। यात्रा के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी एक सितंबर को किर्गिज का भी दौरा करेंगे। उन्होंने कहा, “किर्गिज के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर मैं 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाऊंगा। यह सम्मेलन इस महत्वपूर्ण संगठन के 25 साल पूरे होने का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि भारत 2017 से एससीओ का एक सक्रिय सदस्य रहा है। मैं सुरक्षा, संपर्क और अवसर पर आधारित इस क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने और आतंकवाद, अलगाववाद व चरमपंथ की बुराई से मुक्त क्षेत्र के लिए अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं। ये बुराइयां हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए खतरा बनी हुई हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा, “मैं राष्ट्रपति झापारोव और एससीओ के अन्य नेताओं से मिलने और छठे ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए भी उत्सुक हूं। यह मध्य एशिया की समृद्ध जीवंत विरासत का उत्सव है, जिसका भारत बहुत सम्मान करता है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी, इस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत जुड़ाव को गहरा करेगी और शांति, स्थिरता व समृद्धि की हमारी साझा कोशिशों को आगे बढ़ाएगी। ये वे मूल्य हैं जो दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव के केंद्र में हैं।




 

दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी, नई दरें आज से लागू

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । दिल्ली-एनसीआर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है। संशोधित दरें शनिवार सुबह 6 बजे से प्रभावी हो गई हैं। यह वृद्धि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रमुख शहरी गैस वितरक इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) द्वारा घोषित की गई है। हालिया बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में सीएनजी की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। संशोधित दरें नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित कई पड़ोसी शहरों में भी लागू होंगी।
नोएडा और गाजियाबाद में अब सीएनजी की कीमत 95.59 रुपये प्रति किलोग्राम होगी, जबकि गुरुग्राम में नई कीमत 92.01 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। इस नवीनतम वृद्धि से सीएनजी पर अत्यधिक निर्भर वाहन चालकों और वाणिज्यिक वाहन संचालकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ऐप-आधारित कैब सेवाएं और अन्य वाणिज्यिक परिवहन संचालकों को इस संशोधन के बाद ईंधन पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है। सीएनजी का उपयोग करने वाले निजी कार मालिकों को भी ईंधन पर अधिक खर्च करना पड़ेगा।
हाल के महीनों में सीएनजी की कीमतों में लगातार वृद्धि के बाद यह ताजा बढ़ोतरी हुई है। मई 2026 में, आईजीएल ने दिल्ली में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की एक और वृद्धि की घोषणा की थी। यह संशोधन 26 मई से लागू होने वाली 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि के कुछ ही दिनों बाद किया गया था, क्योंकि सीएनजी की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं। सार्वजनिक क्षेत्र की गैस वितरण कंपनी आईजीएल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की कीमतें “काफी अधिक” बनी हुई हैं और बढ़ती लागत का असर तेजी से महसूस किया जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि सीएनजी की कीमतों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि आवश्यक थी ताकि इनपुट गैस की लागत में वृद्धि की आंशिक रूप से भरपाई की जा सके और उपभोक्ताओं को सीएनजी की निरंतर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। बार-बार हो रही मूल्य वृद्धि ने परिवहन संचालकों के बीच चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर महानगरीय क्षेत्रों में जहां सीएनजी से चलने वाले वाहन सार्वजनिक और वाणिज्यिक परिवहन नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।








 

केंद्रीय बजट 2027-28 की तैयारी शुरू, 12 अक्टूबर से होंगी पूर्व-बजट बैठकें

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2027-28 के केंद्रीय बजट की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्रालय ने बजट प्रक्रिया के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और समय सीमा तय करते हुए बजट परिपत्र (बजट सर्कुलर) जारी कर दिया है। इसके साथ ही विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने व्यय अनुमान और योजनागत आवश्यकताओं का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि पूर्व-बजट परामर्श बैठकें 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होंगी। इसके लिए मंत्रालयों और विभागों को आवश्यक आंकड़े और प्रस्ताव 6 अक्टूबर 2026 तक जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। बजट परिपत्र के अनुसार, मंत्रालयों और विभागों को वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित अनुमान और वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान तैयार करने होंगे। इसके लिए सभी विभागों से विस्तृत व्यय प्रस्ताव और वित्तीय जरूरतों का आकलन मांगा गया है, ताकि आगामी बजट को लेकर होने वाली पूर्व-बजट चर्चाओं में इनका उपयोग किया जा सके।
इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों की वित्तीय जरूरतों, चल रही परियोजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार किया जाएगा, जिसके आधार पर आगामी बजट का ढांचा तैयार किया जाएगा। सरकार का आगामी बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ विजन के अनुरूप तैयार होने की संभावना है। बजट परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि मंत्रालयों द्वारा भेजे जाने वाले व्यय प्रस्ताव सरकार की स्वीकृत प्राथमिकताओं और वास्तविक वित्तीय आवश्यकताओं के अनुरूप होने चाहिए।
सरकार का लक्ष्य ऐसे व्यय प्रस्तावों को प्राथमिकता देना है जो देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में सहायक हों। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे बजट अनुमान तैयार करते समय यथासंभव सटीक और यथार्थवादी वित्तीय आकलन प्रस्तुत करें। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वित्तीय वर्ष के दौरान अतिरिक्त संसाधनों की मांग को न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाना चाहिए। इससे सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को अधिक प्रभावी और अनुशासित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
बजट परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल उन्हीं योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किए जाएं, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी प्राप्त हो। इसके अलावा, जारी योजनाओं के लिए स्वीकृत व्यय योजनाओं का विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। सरकार चाहती है कि बजटीय संसाधनों का उपयोग अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख तरीके से किया जाए। सभी मंत्रालय और विभाग अपनी विस्तृत अनुदान मांगें यूनियन बजट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (यूबीआईएस) के माध्यम से तैयार करेंगे।
वित्त मंत्रालय ने बजट से जुड़ी सूचनाओं की गोपनीयता पर भी विशेष जोर दिया है। वित्तीय सलाहकारों को निर्देश दिया गया है कि यूबीआईएस में दर्ज होने वाले सभी आंकड़ों और दस्तावेजों की सुरक्षा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। बजट परिपत्र जारी होने के साथ ही वित्त वर्ष 2027-28 के लिए सरकार की पहली बड़ी वित्तीय योजना प्रक्रिया शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी बजट में विकास संबंधी प्राथमिकताओं और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।












 

ओएनजीसी को बंगाल बेसिन में बड़ी कामयाबी, पहली व्यावसायिक खोज उत्पादन के करीब: हरदीप पुरी

29-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) । केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के अशोकनगर क्षेत्र में ओएनजीसी की पहली व्यावसायिक हाइड्रोकार्बन खोज अब उत्पादन और व्यावसायिक दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए पोस्ट में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि 30 मई 2026 को विकास कुएं एएस-1जेड की ड्रिलिंग शुरू होने के तीन महीने से भी कम समय में ओएनजीसी ने इस क्षेत्र से हल्के और उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे तेल के प्रवाह की क्षमता सफलतापूर्वक स्थापित कर दी है।उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में चल रही अभूतपूर्व यात्रा के तहत बंगाल बेसिन के अशोकनगर में ओएनजीसी की पहली व्यावसायिक हाइड्रोकार्बन खोज अब व्यावसायीकरण के एक निर्णायक चरण के करीब पहुंच गई है।”
पुरी ने बताया कि अशोकनगर क्षेत्र से निकाले गए कच्चे तेल की पहली खेप को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की हल्दिया रिफाइनरी भेजे जाने के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर अशोकनगर के विधायक डॉ. सुमय हीरा और ओएनजीसी के अन्वेषण निदेशक भी मौजूद रहे।केंद्रीय मंत्री के अनुसार, यह उपलब्धि लंबे समय से चल रहे अन्वेषण कार्यों और निरंतर प्रयासों को वास्तविक उत्पादन क्षमता में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। इससे पश्चिम बंगाल का नाम भारत के हाइड्रोकार्बन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से दर्ज होगा।
उन्होंने कहा कि अशोकनगर की यह खोज न केवल पश्चिम बंगाल के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे पूरे बंगाल बेसिन में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत वर्तमान में अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल और गैस से पूरा करता है। ऐसे में अशोकनगर जैसी घरेलू खोजें देश की आयात निर्भरता कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
पुरी ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि पश्चिम बंगाल में ऊर्जा क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती है। उन्होंने राज्य में हाइड्रोकार्बन संसाधनों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में और निवेश तथा अन्वेषण गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
















 

नेपाल बाढ़ पर केंद्र की नजर, अमित शाह ने बिहार-यूपी के सीएम से की बात, NDRF हाई अलर्ट पर

27-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद केंद्र सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा के संभावित प्रभाव को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। केंद्र ने सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दलों के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी हाई अलर्ट पर रखा है। सरकार का कहना है कि नेपाल की ओर जलस्तर में कमी आ रही है और फिलहाल घबराने की कोई स्थिति नहीं है।
अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर नेपाल में आई बाढ़ की विभीषिका पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है।
गृह मंत्री ने नेपाल में आई आपदा के संभावित प्रभाव को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की। उन्होंने कहा कि जिन सीमावर्ती क्षेत्रों पर बाढ़ का असर पड़ सकता है, वहां स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमों के साथ NDRF को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
केंद्रीय जल आयोग (CWC) की सलाह और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ या ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के कारण नेपाल में भारतीय सीमा से करीब 160 किलोमीटर दूर फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसका असर भारत में गंडक नदी के निचले इलाकों पर पड़ने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।
बिहार और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों ने भारत-नेपाल सीमा के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों को सतर्क रहने और स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
गृह मंत्रालय के अधिकारी विदेश मंत्रालय (MEA), जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। CWC के अनुसार, नेपाल की ओर जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। सरकार ने कहा है कि फिलहाल घबराहट जैसी कोई स्थिति नहीं है।
नेपाल के प्रभावित इलाकों में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं। विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद और जानकारी के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। मदद के लिए दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क किया जा सकता है।











 

पीएम मोदी आज युवा एथलीटों से करेंगे संवाद, 1500 से अधिक संस्थानों में होगा ‘खेलो इंडिया डायलॉग’

27-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रम के दौरान देश भर के युवा एथलीटों और युवा नेताओं को संबोधित करेंगे। नेशनल स्पोर्ट्स डे 2026 के अवसर पर यह बड़े पैमाने का युवा सहभागिता कार्यक्रम 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में वर्चुअली आयोजित किया जा रहा है।
यह आयोजन उभरते एथलीटों, छात्रों, नीति निर्माताओं और जाने-माने खिलाड़ियों को एक साथ लाएगा। इसका उद्देश्य भारत के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने और युवाओं के लिए अधिक अवसर पैदा करने पर विचार साझा करना है। प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन के बाद भाग लेने वाले संस्थानों में फिजिकल प्रोग्राम भी एक साथ आयोजित होंगे। इनमें आईआईटी, आईआईएम, एम्स, प्रमुख मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय शामिल हैं।
कार्यक्रम मुख्य रूप से चार क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा—जमीनी स्तर पर खेल संरचना को मजबूत करना, कोचिंग और प्रतियोगी अवसर बढ़ाना, 2036 ओलंपिक्स को ध्यान में रखते हुए प्रतिभाओं की पहचान और विकास, तथा गवर्नेंस व नेतृत्व में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना। साथ ही युवाओं को भविष्य के कौशल, वॉलंटियरिंग के मौके और राष्ट्र निर्माण के रास्ते उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम का एक विशेष हिस्सा युवा प्रतिभागियों और भारत के प्रसिद्ध एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच बातचीत होगा। दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी, मीराबाई चानू और पी.टी. उषा जैसे विभिन्न खेलों के दिग्गज युवाओं से जुड़कर अपने सफर, चुनौतियों और अनुभव को साझा करेंगे।
इसके अलावा संसद सदस्य, विधायक, केंद्रीय व राज्य मंत्री तथा राज्य के खेल मंत्री अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे युवाओं के साथ चार चुनी गई थीमों पर चर्चा करेंगे। प्रतिभा विकास पर फोकस 2036 ओलंपिक्स के दीर्घकालिक लक्ष्यों से जोड़ा गया है, जिसमें वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभा पहचान, एथलीट विकास और जमीनी स्तर से शीर्ष स्तर तक मजबूत मार्ग बनाने पर बात होगी।
आयोजक नेशनल स्पोर्ट्स डे के बाद भी युवाओं की निरंतर भागीदारी बनाए रखने की योजना बना रहे हैं। प्रतिभागियों को विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग क्विज में हिस्सा लेने और ‘माय भारत’ पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 
 

पीएम मोदी ने एक्स पर साझा किया सुभाषित, परंपरा और श्रेष्ठ कर्म करने का दिया संदेश

27-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने श्लोक “तन्तुं तन्वन्रजसो भानुमन्विहि ज्योतिष्मतः पथो रक्ष धिया कृतान्। अनुल्बणं वयत जोगुवामपो मनुर्भव जनया दैव्यं जनम्॥” पोस्ट करते हुए लिखा कि मनुष्य को अपनी परंपराओं और ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि व्यक्ति को अपनी परंपराओं व ज्ञान को आगे बढ़ाते हुए श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। उसे बुद्धि से निर्मित न्यायपूर्ण और प्रकाशमय मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। श्रेष्ठ जनों के सदाचार को जीवन में अपनाकर निरंतर विचारशील रहना चाहिए तथा दिव्य गुणों से संपन्न जनों का निर्माण करना चाहिए।
एक दिन पहले बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य सुभाषित शेयर किया था—“ज्ञानवृद्धाः प्रशंसन्ति शुश्रूषन्तः परस्परम्। विनिवृत्ताभिसन्धानाः सुखमेधन्ति सर्वशः॥”। इसका अर्थ है कि ज्ञानी और सज्जन व्यक्ति परस्पर सम्मान, सेवा और सद्भाव का व्यवहार करते हैं। वे व्यक्तिगत लाभ की भावना से मुक्त होकर एक-दूसरे की सेवा तथा प्रशंसा करते हुए जीवन में सुखपूर्वक उन्नति प्राप्त करते हैं।
मंगलवार को प्रधानमंत्री ने श्लोक “उत्तमैः सह साङ्गत्यं पण्डितैः सह सत्कथाम्‌। अलुब्धैः सह मित्रत्वं कुर्वाणो नावसीदति॥” साझा किया था। इसका भाव यह है कि उत्तम व्यक्तियों की संगति, विद्वानों के साथ सत्संवाद तथा निःस्वार्थ और निर्लोभी व्यक्तियों के साथ मित्रता करने वाला व्यक्ति कभी दुखी नहीं होता।
सोमवार को भी पीएम मोदी ने सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था कि करुणा से आत्म-सम्मान और संतोष से सच्ची खुशी मिलती है। इसी भाव से समाज में सहयोग और सद्भाव की डोर और सशक्त होती है। उन्होंने श्लोक “कारुण्येनात्मनो मानं तृष्णां च परितोषतः। उत्थानेन जयेत्तन्द्रीं वितर्कं निश्चयाज्जयेत्॥” पोस्ट किया था, जिसका अर्थ है कि दूसरों के प्रति करुणा भाव रखने से आत्म-सम्मान प्राप्त होता है और संतोषी होने से तृष्णा पर विजय मिलती है। पुरुषार्थ द्वारा आलस्य तथा आधारहीन आशंकाओं पर निश्चय ही विजय प्राप्त करें। प्रधानमंत्री मोदी लगातार सुभाषित साझा कर भारतीय ज्ञान परंपरा और नैतिक मूल्यों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। 



 

अमेरिका-कनाडा दौरे के बाद गुजरात लौटे सीएम भूपेंद्र पटेल, हर्ष संघवी ने किया स्वागत

27-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 17 से 26 अगस्त तक अमेरिका और कनाडा के सफल दौरे के बाद गुरुवार सुबह गुजरात लौट आए। हवाई अड्डे पर राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “गुजरात सरकार ने ‘वाइब्रेंट गुजरात’ पहल के तहत अमेरिका और कनाडा का दौरा किया, जिसका मकसद राज्य में कारोबार को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करना था। हमने खुद देखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर कैसा तालमेल और भरोसा बनाया है। प्रधानमंत्री में लोगों के अटूट विश्वास के कारण, अलग-अलग सेक्टर में भारत में निवेश लाने को लेकर बहुत सकारात्मक रुझान देखने को मिला।”
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि भारत में आने वाला निवेश गुजरात में आए। उन्होंने कहा कि अमेरिका और कनाडा के दौरे के दौरान हमने कई कंपनियों के साथ बहुत सकारात्मक और अहम बैठकें कीं, इनमें सेमीकंडक्टर, एआई और डेटा सेंटर सेक्टर की बड़ी कंपनियां, साथ ही ‘गिफ्ट’ (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) में दिलचस्पी रखने वाली फाइनेंशियल कंपनियां शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कंपनियों ने गुजरात में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। हमें भरोसा है कि राज्य निकट भविष्य में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश आकर्षित करेगा।
बता दें कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और मुख्य सचिव समेत एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने ‘आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027’ को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका और कनाडा का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सैन फ्रांसिस्को, वाशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में निवेशकों, टेक्नोलॉजी लीडर्स और युवा उद्यमियों और इनोवेटर्स के साथ-साथ गुजराती प्रवासियों से मुलाकात की।
मुख्य सचिव एमके दास, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. नटराजन, उद्योग और खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ममता वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजीव कुमार और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रमुख सचिव डॉ. विक्रांत पांडे के अलावा राज्य के उद्योग और व्यापार समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल भी मुख्यमंत्री के साथ इस विदेशी दौरे में शामिल हुआ।







 

वित्त मंत्री सीतारमण ने कनाडाई निवेशकों से की चर्चा, गिनाईं भारत की निवेशक हितैषी नीतियां

27-Aug-2026
नई दिल्ली (शोर संदेश) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतिगत माहौल, टैक्स से जुड़ी ज्यादा निश्चितता और लगातार हो रहे सुधारों का जिक्र करते हुए कनाडाई कंपनियों से देश में अलग-अलग सेक्टर और इलाकों में नए मौकों और पार्टनरशिप की संभावनाओं को तलाशने की अपील की। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई।
यह अपील वित्त मंत्री सीतारमण ने टोरंटो में कनाडा की प्रमुख कंपनियों के सीईओ, प्रेसिडेंट और सीनियर एग्जीक्यूटिव्स के साथ एक हाई-लेवल बिजनेस राउंडटेबल के संबोधन के दौरान की। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा, “इस राउंडटेबल में क्लीन टेक्नोलॉजी, जरूरी मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, एनर्जी स्टोरेज, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोटिव, टेक्सटाइल्स, ग्रीन स्टील, एयरोस्पेस, स्पेस, साइबर सिक्योरिटी, बायोटेक्नोलॉजी, एआई, एसेट मैनेजमेंट, हायर एजुकेशन और स्किल्स डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों के बिजनेस लीडर्स एक साथ आए।”
उन्होंने ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान (ओटीपीपी) की प्रेसिडेंट और सीईओ जो टेलर से मुलाकात की और भारत में ओटीपीपी के लंबे समय के भरोसे और एनआईआईएफ के साथ उसकी पार्टनरशिप की सराहना की। मंत्रालय के अनुसार, “बातचीत में पार्टनरशिप और को-इन्वेस्टमेंट के जरिए ओटीपीपी के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाने के मौकों पर चर्चा की गई, जिसमें ट्रांसमिशन, ट्रांसपोर्ट, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।”
वित्त मंत्री सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों के लिए गिफ्ट-आईएफएससी को एक प्लेटफॉर्म के तौर पर बताया और ओटीपीपी को भारत के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने और भारत में बड़े निवेश के मौकों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ओएमईआरएस के प्रेसिडेंट और सीईओ ब्लेक हचेसन से मुलाकात की और भारत में ओएमईआरएस के लगातार भरोसे की सराहना की। साथ ही, उन्होंने संस्थान को इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में अपने निवेश को आधार बनाकर लंबे समय के जुड़ाव को और गहरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बातचीत में ट्रांसपोर्टेशन, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में मौकों पर ध्यान दिया गया। इसमें भारत की मजबूत ग्रोथ, बढ़ते मिडिल क्लास और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों का लाभ उठाने पर जोर दिया गया। वित्त मंत्री ने भारत के निवेशक-अनुकूल पॉलिसी माहौल, टैक्स से जुड़ी ज्यादा निश्चितता और चल रहे सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने ओएमईआरएस को भारत में अलग-अलग सेक्टर और इलाकों में नए मौकों और पार्टनरशिप को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (सीपीपीआईबी) के प्रेसिडेंट और सीईओ जॉन ग्राहम के साथ हुई बैठक में, मंत्री ने भारत में उनके लगातार भरोसे और एनआईआईएफ इंफ्रा फंड II में निवेश समेत भारत के प्रति उनकी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता की सराहना की। बातचीत मुख्य रूप से ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, सड़कों, बंदरगाहों, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों के क्षेत्रों में इंस्टीट्यूशनल कैपिटल के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित रही।











 


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