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केरल में देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित होगा*

23-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देशa) केरल में शीघ्र ही देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित किया जाएगा, जो उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा। इसका उद्देश्य चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराना होगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के चित्रा तिरूनाल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी) और केरल सरकार की औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन एजेंसी केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (केएसआईडीसी) की संयुक्त पहल पर परिकल्पित मैड्स पार्क, यानी चिकित्सकीय उपकरण पार्क, तिरूवनंतपुरम जिले के थोनक्कल स्थित लाइफ साइंस पार्क में स्थापित किया जाएगा यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होने के कारण विशिष्ट होगा इन बिंदुओं पर महारत होने के कारण एससीटीआईएएसटी की भी विशिष्ट पहचान है यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क, चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास , परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं, विनिर्माण सहायता, प्रौद्योगिकी संबंधी नवोन्मेष की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराने के साथ साथ ज्ञान का प्रसार करेगा। यही वे सारी चीजें हैं जिनकी चिकित्सा उपकरण उद्योग को जरूरत है। इन सेवाओं का उपयोग इस मैड्स पार्क के भीतर अवस्थित और भारत के अन्य हिस्सों में स्थित कोई भी चिकित्सा उपकरण उद्योग कर सकेगा इससे इस क्षेत्र के छोटे और मंझोले उद्योगों को लाभ होगा

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन गुरूवार, 24 सितंबर, 2020 को इस चिकित्सा उपकरण पार्क का शिलान्यास करेंगे नीति आयोग के सदस्य और एससीटीआईएमएसटी के अध्यक्ष डा. वी के सारस्वत ने कहा , श्री चित्रा ने पिछले तीस साल से भी अधिक समय से जैव चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के विकास में महती योगदान दिया है और खुद को इस क्षेत्र के अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है। जैव चिकित्सा उपकरण उद्योग के क्षेत्र में देश के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा और यह प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के पूरी तरह अनुरूप है। डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा, इस चिकित्कीय उपकरण पार्क को देश के अन्य हिस्सों में प्रस्तावित इसी तरह की परियोजनाओं से जो तत्व अलग करता है ,वह है कि यह पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा और इन बिंदुओं पर एससीटीआईएमएसटी की को भी पर्याप्त अनुभव और महारत हासिल है। एससीटीआईएमएसटी की निदेशक, डा. आशा किशोर ने कहा, यह पार्क डीएसटी के जैव चिकित्सकीय उपकरण कार्यक्रम के तकनीकी अनुसंधान केंद्र के अंतर्गत केरल सरकार के केएसआईडीसी के साथ भागीदारी में स्थापित किया जा रहा है। यह कार्य राज्य में उपलब्ध पारिस्थितिकीय व्यवस्था के अलावा विभिन्न अनुसंधान और अकादमिक संस्थानों तथा स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों के सहयोग से किया जा रहा है और यह केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और नीति आयोग के सहयोग से संभव हो सका है यह चिकित्सकीय पार्क, केरल राज्य के उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरण निर्माण के मौजूदा ढांचे का उन्नयन करेगा और भारत के चिकित्सकीय उपकरण निर्माण उद्योग के लिए एक बेहद आकर्षक गंतव्य के तौर पर विकसित होगा


चिकित्सकीय पार्क में ये सुविधाएं होंगी

- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मान्यताप्राप्त चिकित्सकीय उपकरण परीक्षण एवं मूल्यांकन केंद्र
एक अनुसंधान एवं विकास संसाधन केंद्र जो चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्राधिकार को तय करेगा और इसकी सेवा इस पार्क के भीतर स्थित उद्योग ले सकेंगे
- कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए एक केंद्रीयकृत ज्ञान केंद्र जहां प्रशिक्षण और नियमन के मुद्दों तथा क्लीनिकल ट्रायल आदि के लिए सहायता मिल सकेगी
- स्टार्ट-अप और प्रारंभिक अवस्था वाली कंपनियों के विकास के लिए एक तकनीकी व्यावसायिक इन्क्यूबेशन सेंटर

पार्क में आने वाले उद्योगों द्वारा लीज़ पर मोडुलर विनिर्माण इकाई का सैट या विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए लैंड मोड्यूल बनाए जाएंगे। इस चिकित्सकीय पार्क का व्यावसायिक माडल स्व निर्भर है जिसमे इसका परिचालन व्यय खुद इसकी आय से आएगा। इसका परिचालन व्यय इसके राजस्व स्रोतों से प्राप्त किया जाएगा प्रारंभिक चरण में केंद्र और राज्य सरकारों (केंद्र और केरल सरकारों) की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूंजीगत खर्च की फंडिंग तथा व्यय के मुकाबले आय में होने वाली कमी की पूर्ति की जाएगी  


कृषि बिल पर विवाद जारी,आज राष्ट्रपति से मिलेंगे विपक्षी दलों के नेता*

23-Sep-2020

नई दिल्ली(शोर सन्देश) आज विपक्ष दलों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। कृषि बिल को लागू ना करने का आग्रह करेंगे और वापस राज्यसभा में भेजने के लिए अपील करेंगे।
कृषि बिल को वापस संसद भेजने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से विपक्ष दल मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार की चेतावनी दी है। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि वो कृषि बिल और निलंबित सांसदों को लेकर सदन का बहिष्कार करेंगी। साथ ही अन्य विपक्षी दलों की भी बहिष्कार के लिए कहेगी।
मिली जानकारी के मुताबिक , कांग्रेस, एनसीपी, डीएमके, एसपी, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों और राजद समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में मामले में उनका हस्तक्षेप करने और उनसे विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करने के लिए कहा है।
बता दें कि अगर राष्ट्रपति द्वारा सहमति देने के बाद ही विधेयक कानून बनेगा। इससे पहले विपक्ष राष्ट्रपति से मिलकर इस कानून का विरोध करेगा। सरकार द्वारा कृषि में सबसे बड़े सुधार के लिए दो प्रमुख कृषि बिलों और निलंबित सांसदों को वापस सदन की कार्यवाही में आने के लिए विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन संसद में जारी है।
उपसभापति हरिवंश ने आरोप लगाया था कि राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान कुछ सांसदों ने नियम पुस्तिका को फाड़ दिया और आधिकारिक पत्रों को फाड़ दिया। माइक्रोफोन से छेड़छाड़ की गई थी। 


50 फीसदी असरदार होने पर ही मिलेगी कोरोना वैक्सीन को मंजूरी, डीजीसीए ने जारी की नई गाइडलाइंस*

23-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कोरोना संकट के मद्देनजर देश और दुनिया में अलग-अलग जगहों पर वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने की होड़ में लगे हुए हैं। इसी बीच भारत में विकसित हो रही कोवि़ड-19 की वैक्सीन के लिए डीजीसीए ने नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों में बड़ी फार्मा कंपनियों के लिए सुरक्षा, प्रतिरक्षा और प्रभावकारिता मापदंडों को ध्यान में रखा गया है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक भारत में विकसित हो रही किसी भी वैक्सीन के मानव परीक्षण में कम से कम 50 फीसदी प्रभावी होनी चाहिए।
किसी भी वैक्सीन से परीक्षण के दौरान कम से कम 50 फीसदी लोगों में इम्यूनिटी विकसित होनी चाहिए। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से तय किए गए मानक अलग हैं। केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन के मुताबिक वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों को यह सिद्ध करना होगा कि जितने लोगों को वैक्सीन दी गई है, उसमें से कम से कम आधे लोग संक्रमण से सुरक्षित हैं।
वैक्सीन में इतनी क्षमता होनी चाहिए कि वो अगले एक साल तक किसी व्यक्ति में दोबारा संक्रमण ना पैदा करे। डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि आदर्श रूप से वैक्सीन 70 फीसदी या उसके ऊपर प्रभावी होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि 50 फीसदी पर भी वैक्सीन को प्रभावी माना जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि देश में 30 वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनमें से तीन वैक्सीन क्लिनिकल परीक्षण के विभिन्न चरणों में है, जबकि चार वैक्सीन क्लिनिकल परीक्षण से पहले की अवस्था में है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगले साल तक भारत अपनी वैक्सीन विकसित कर लेगा। 


अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करना सीखे तुर्की : भारत*

23-Sep-2020

संयुक्त राष्ट्र में तुर्की द्वारा कश्मीर पर की गई टिप्पणी पर भारत ने जताई आपत्ति
नई दिल्ली /संयुक्त राष्ट्र (शोर सन्देश) तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन के संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए बेतुके बयान का संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि तुर्की को अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करना सीखना चाहिए।

श्री तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर कहा, “हमने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को लेकर तुर्की के राष्ट्रपति के बयान को पढ़ा है और उनका भारत के आतंरिक मामलों में दखल देना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। तुर्की को अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करना सीखना चाहिए और अपनी नीतियों पर विचार करना चाहिए।
तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से दरअसल एक बार फिर कश्मीर को लेकर जहर उगलते हुए कहा है कि कश्मीर एक ज्वलंत मुद्दा है और जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
00 तैयब एर्दोआन ने क्या कहा था
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में आम चर्चा में अपने रिकॉर्डेड संदेश में एर्दोआन ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा था कि कश्मीर का मुद्दा, `जो दक्षिण एशिया की स्थिरता और शांति के लिए भी महत्वपूर्ण है, वह अब भी एक ज्वलंत मुद्दा है। जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के लिए उठाए गए कदमों ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है।`
उन्होंने कहा कि तुर्की `संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के मसौदों के तहत और विशेष रूप से कश्मीर के लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप, बातचीत के जरिए इस मामले को हल करने के पक्ष में हैं।` पाकिस्तान के करीबी सहयोगी तुर्की के राष्ट्रपति ने पिछले साल महा सभा कक्ष में उच्च स्तरीय चर्चा में भी कश्मीर का मुद्दा उठाया था।

भारत कश्मीर मामले पर तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को लगातार खारिज करता रहा है और उसका कहना है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े सभी लंबित मामले द्विपक्षीय रूप से हल किए जाने चाहिए। 


पूर्वी हिंद महासागर में युद्धाभ्यास करेंगी भारत-ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं*

23-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं दो दिवसीय युद्धाभ्यास करेंगी। पूर्वी हिंद महासागर में बुधवार और गुरुवार को ये युद्धाभ्यास किया जाएगा। इस युद्धाभ्यास में ऑस्ट्रेलियाई पोत हैम्स होबार्ट हिस्सा लेगा। जिसकी क्षमताओं को देखते हुए इसे डेस्ट्रोयर या विध्वंसक भी कहा जाता है।

वहीं भारत की तरफ से आईएनएस सह्याद्री और आईएनएस करमुक हिस्सा लेंगे। इससे पहले भारतीय नौसेना अमेरिका और जापान की नौसेनाओं के साथ युद्धाभ्यास कर चुकी हैं। वहीं भारत और जापान की नौसैनाओं ने हिंदमहासागर में युद्धाभ्यास किया था। युद्धाभ्यास में दोनों ही देशों के दो-दो पोतों ने हिस्सा लिया था।
00 अमेरिका का जापान के साथ युद्धाभ्यास
सितंबर महीने की शुरुआत में भारतीय और रूसी नौसेना ने बंगाल की खाड़ी में युद्धाअभ्यास किया था। वहीं भारत ने अमेरिका और जापान के साथ भी युद्धाभ्यास किया था। यूएस नेवी के परमाणु क्षमता से लैस यूएसएस निमित्ज के साथ अंडमान निकोबार द्वीपसमूहों के पास संयुक्त अभ्यास किया गया था।
00 सीमा विवाद के बीच युद्धाभ्यास

गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों से भारत और चीन सीमा पर लगातार विवाद जारी है इसी बीच भारत ने लगातार हथियारों की खरीद और अन्य देशों के साथ रणनीतिक समन्वय को और ज्यादा गति दी है। वहीं पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कोर कमांडर स्तर की छठे दौर की बातचीत में भारत ने चीन के समक्ष पैंगोंग झील और डेपसांग समेत सभी तनावग्रस्त जगहों से वापस जाने की शर्त रखी है। वहीं चीन ने भारत को पैंगोंग के दक्षिणी छोर की साअहम चोटियों से पिछे हटने को कहा है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष एक दूसरे से सहमत थे। 


आयुष्मान भारत योजना के तहत 1.26 करोड़ लाभार्थियों का मुफ्त इलाज : हर्षवर्धन*

23-Sep-2020

नई दिल्ली(शोर सन्देश) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया गया। उन्होंने कहा कि 2018 में योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 12.5 करोड़ -कार्ड जारी किए गए हैं।

`आरोग्य मंथन` 2.0 की अध्यक्षता कर रहे हर्षवर्धन ने कहा कि योजना के तहत आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर 53 करोड़ भारतीयों को लाया गया है। इसके तहत हर पात्र परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर मिला हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 15,500 करोड़ रुपये से अधिक का इलाज मुहैया कराया जा चुका है। इसकी वजह से सिर्फ करोड़ों लोगों की जान बची है, जबकि महंगे इलाज की वजह से कई घर भी उजड़ने से बच गए हैं।

आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 29 हजार गरीबों को कोरोना का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही 2.24 लाख लाभार्थियों का मुफ्त में कोरोना का टेस्ट भी कराया गया। कोरोना के मरीजों से संपर्क और परामर्श के लिए शुरू किये गए विभिन्न प्रयासों के तहत नेशनल हेल्थ अथारिटी की ओर से 95 लाख से अधिक कॉल किये गए है। 


बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने रिटायरमेंट के पहले नौकरी छोड़ी,चुनाव लडऩे की चर्चा*

23-Sep-2020

पटना (शोर सन्देश) बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक है जिसके चलते राजनीतिक सरगर्मियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसी बीच बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली है। फरवरी, 2021 में वे रिटायर होने वाले थे। सेवानिवृत्ति से पांच महीने पूर्व ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी। डीजी होमगार्ड एसके सिंघल को डीजीपी का प्रभार सौंपा गया है। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दी है। माना जा रहा है कि गुप्तेश्वर पांडेय आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

गुप्तेश्वर पांडेय 1987 बैच के आईपीएस अफसर हैं। संयुक्त बिहार में कई जिलों के एसपी और रेंज डीआईजी के अलावा वे मुजफ्फरपुर के जोनल आईजी भी रहे हैं।

एडीजी मुख्यालय और डीजी बीएमपी का भी उन्होंने पद संभाला था। केएस द्विवेदी के सेवानिवृत होने के बाद फरवरी, 2019 में बिहार के डीजीपी नियुक्त किए गए थे। 


आज सात राज्यों के सीएम के साथ बैठक लेगे प्रधानमंत्री, कोरोना से बिगड़ते हालात पर करेंगे चर्चा*

23-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कोरोना महामारी के बढते प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे और इन राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेंगे। कोरोना के 63 फीसदी सक्रिय मामले इन सात राज्यों में हैं। इस बैठक में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भी शामिल होंगे।

देश में कोरोना के कुल पुष्ट मामलों का 65.5 फीसदी और कुल मृत्यु के 77 फीसदी मामले भी इन्हीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं। पंजाब और दिल्ली में हाल ही में कुल मामलों की संख्या में काफी तेज वृद्धि दर्ज की गई है। महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली में मृतकों की संख्या भी काफ़ी बढ़ी है। इन राज्यों में मृत्यु दर 2 प्रतिशत से अधिक है, जो कि मृत्यु दर का उच्च औसत है। पंजाब और उत्तर प्रदेश के अलावा उनकी संक्रमण की पुष्टि दर राष्ट्रीय औसत 8.52 प्रतिशत से अधिक है।

भारत में कोरोना वायरस के मामले 55 लाख पार कर गए। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कुल मामले 1,242,770 पार कर चुके हैं, वहीं दिल्ली में 2.53 लाख लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। दिल्ली में कोरोना से 5,051 लोगों की मौत हुई है। 


कोर कंमाडर बैठक में भारत ने रखी शर्त, तनाव वाली सभी जगहों से पीछे हटे चीनी सेना*

22-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत और चीन के बीच तनाव लगातार जारी है। ऐसे में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर कोर कमांडर स्तर की छठे दौर की बातचीत 12 घंटे से ज्यादा चली। इस बैठक में भारत ने चीन के समक्ष पैंगोंग झील और डेपसांग समेत सभी तनावग्रस्त जगहों से वापस जाने की शर्त रखी है।

00 दोनों पक्षों ने एक दूसरे से जताई सहमति
भारत ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारत की जमीन पर घुसपैठ की कोशिश की है, इसलिए उसे पहले पीछे हटकर सीमा विवाद मामले में गंभीरता दिखानी होगी। वहीं दूसरी ओर भारतीय सैनिकों द्वारा पैंगोंग के दक्षिणी छोर की साअहम चोटियों पर कब्जा को लेकर चीन तीलमिलाया हुआ है।
चीन के कोर कंमाडर ने इस बैठक में भारतीय सेना को इन इलाकों से पहले हटने को कहा है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे से सहमत थे। बताया जा रहा है कि बातचीत मंगलवार को भी जारी रह सकती है।
00 जयशंकर और वांग यी के बीच हुई थी बैठक
इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन से अलग 10 सितंबर को मास्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच बैठक हुई, जिसमें दोनों पक्ष सीमा विवाद हल करने पर एक सहमति पर पहुंचे थे।

उस बैठकर के दौरान समस्या से छुटकारा पाने के लिए उपायों में सैनिकों को शीघ्रता सीमा से हटाना, सीमा प्रबंधन पर सभी समझौतों एवं प्रोटोकॉल का पालन करना, तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई से बचना, और एलएसी पर शांति बहाल करने के जैसे फैसले शामिल हैं। 


कोरोना संक्रमण से मशहूर अभिनेत्री आशालता वाबगांवकर का निधन, शूटिंग के वक्त हुई थीं संक्रमित*

22-Sep-2020

00 शो के कई सदस्य कोरोना संक्रमित
मुंबई (शोर सन्देश) मशहूर मराठी, हिंदी फिल्मों और रंगमंच की कलाकार आशालता वाबगांवकर का सतारा के एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमण से निधन हो गया। वे चार दिनों तक संक्रमण से लड़ती रहीं। आशालता 79 वर्ष की थीं। पिछले सप्ताह एक निजी अस्पताल में भर्ती होने के दौरान वह गंभीर हालत में थी। उनका देहांत मंगलवार की सुबह अस्पताल में हुआ।

आशालता को कोविड-19 का संक्रमण एक टेलीसीरियल की शूटिंग के दौरान हुआ था। पिछले तीन दिनों से उनकी हालत काफी खराब थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक हफ्ते पहले उन्होंने नए पौराणिक शो `आई माज़ी कलुबाई` की शूटिंग शुरू की थी।
इसी दौरान वो कोविड की चपेट में आईं। इतना ही नहीं इस शो के 20 से 22 सदस्य कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, जिन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। हालांकि आशालता एकलौती ऐसी थी, जिनकी कोविड के कारण हालत ज्यादा खराब हुई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

कहा जा रहा है कि मुंबई से एक डांस ग्रुप को एक गाने के शूट के लिए बुलाया गया था और उनके जरिए ही शो के सदस्यों में कोरोना वायरस फैला। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।अभिनेत्री आशालता ने कई बॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया था. उन्होंने 100 से अधिक फिल्में, नाटक और सीरीज की है। 



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