
नई दिल्ली(शोर सन्देश)। देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल लेनदेन प्लेटफॉर्म पर निर्भरता के कारण वित्तीय धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं। अजीत डोभाल ने लोगों को ऑनलाइन रहते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि हालांकि, हम कुछ हद तक अपने मामलों का प्रबंधन करने में सक्षम हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है, `कैश हैंडलिंग कम होने के कारण डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म पर अधिक निर्भरता है ऑनलाइन डेटा साझा करना अधिक हो रहा है सोशल मीडिया पर उपस्थिति भी बढ़ी है` उन्होंने कहा है कि डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म पर अधिक निर्भरता के कारण वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। अमेरिका ने चीन को दिया बड़ा झटका, टिकटॉक, वीचैट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का किया ऐलान
अजीत डोभाल ने आगे कहा, `जहां हम अपने काम ज्यादातर ऑनलाइन कर रहे हैं। ऐसे में हैकर भी इसे अपने लिए अवसर के तौर पर देख रहे हैं। हमने सीमित जागरूकता खराब साइबर स्वच्छता के कारण साइबर अपराधों में 500 प्रतिशत की वृद्धि देखी है।` बता दें कि डोभाल ने शुक्रवार को केरल पुलिस की ओर डाटा प्राइवेसी व हैकिंग पर आयोजित कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। जांच एजेंसी एनआईए ने केरल और पश्चिम बंगाल में कई छापे मारते हुए आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़े 9 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार ये छापे पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद और केरल के एर्नाकुल में मारे गए हैं।
एनआईए ने अपने एक बयान में कहा है कि शुरुआत जांच में ये बात सामने आई है कि ये लड़के सोशल मीडिया पर अल कायदा के आतंकियों के प्रभाव में आए थे। साथ ही वे दिल्ली-एनसीआर इलाके में कई जगहों पर हमले की योजना के लिए प्रेरित हुए थे

कानपुर(शोर सन्देश)।ऑनलाइन पढ़ाई के दबाव और स्वजन की डांट से नाराज ग्राम विकास अधिकारी के बेटे ने पिता की रिवॉल्वर से गोली मारकर जान दे दी।सदर कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला सिविल लाइंस निवासी श्रीकांत सिकंदरपुर कर्ण में ग्राम विकास अधिकारी हैं। उनका 15 वर्षीय पुत्र दिव्यांश हाईस्कूल का छात्र था। गुरुवार शाम करीब सात बजे दिव्यांश ने पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपनी कनपटी में सटाकर गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर स्वजन कमरे में गए तो वहां दिव्यांश को लहूलुहान पड़ा देख उनके होश उड़ गए। स्वजन उसे तुरंत जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना पर सदर कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्र ने जिला अस्पताल में स्वजन से पूछताछ के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। स्वजन ने उन्हें बताया कि दिव्यांश पर ऑनलाइन पढ़ाई का प्रेशर था। उसे घर में कई बार पढ़ाई को लेकर डांट दिया जाता था। उसने नाराज होकर आलमारी में रखी पिता की रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि रिवॉल्वर कब्जे में लेकर वीडीओ के शस्त्र लाइसेंस की जांच की जा रही है।दिव्यांश वीडीओ का इकलौता बेटा था। बेटे की मौत से मां कंचन और छोटी बहन पंखुड़ी रो-रोकर बेहाल रहे। मां अस्पताल में ही बेहोश होकर गिरी जा रही थीं, जिन्हें उनके पति संभालने का प्रयास करते रहे।

पालमपुर(शोर सन्देश)।हिमाचाल प्रदेश स्थित वैज्ञानिक व औद्योगिक अनुसंधान परिषद-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर के वैज्ञानिकों ने हिमाचल के पर्वतों से कैंसर का इलाज करने वाला एंजाइम खोज निकाला है। इस खोज को अगर आगे सरकार की मंजूरी मिल जाती है, तो ब्लड कैंसर से जुड़ी दवाओं में इसका इस्तेमाल करने के बाद से कैंसर के मरीजों को विदेश की महंगी दवा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मिली जानकारी के मुताबिक हिमाचल में हिमालय पर्वत शृंखला में एल-ऐस्पर्जिनैस नामक एंजाइम को 4500 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद ग्लेशियर में एक बैक्टीरिया में पाया गया है। बताया गया कि वैज्ञानिकों ने लगभग 600 अलग-अलग बैक्टीरिया पर रिसर्च करने के बाद इस एंजाइम की सत्यता को परखा है।
गौरतलब है कि भारत में करोड़ों की कीमत वाले करीब 70 फीसद एंजाइम आयात किए जाते हैं। ऐसे में पालमपुर के वैज्ञानिकों द्वारा की गई इस खोज के बाद दवा बनाने में एंजाइम इस्तेमाल होने से इलाज काफी अधिक सस्ता हो जाएगा। सीएसआइआर-आइएचबीटी, पालमपुर के निदेशक डॉ। संजय कुमार द्वारा बताया गया कि दुनिया में डायग्नोस्टिक क्षेत्र के तहत कुल बिक्री में ऐस्पर्जिनैस का वार्षिक 6000 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान है। हमारा प्रयास है कि देश के लोगों को सस्ती दवा उपलब्ध हो सके तथा फास्ट फूड से हो रहे शरीर के नुक्सान को कम किया जा सके।

नईदिल्ली(शोर सन्देश)। भारत में कोरोना वायरस की रफ्तार बहुत तेजी के साथ बढ़ रही है। भारत बीते कुछ दिनों से कोरोना वायरस के 90 हजार से एक लाख के बीच मामले सामने आ रहे हैं। इसी के साथ भारत में कोरोना वायरस का आंकड़ा 53 लाख को पार कर गया है। बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना वायरस के 93 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 93,337 नए केस सामने आये हैं। और एक दिन में 1247 लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 53,08,015 हो गयी है। जिसमें 10,13,964 मामले एक्टिव हैं। जबकि राहत की बात यह है कि देश में स्वास्थ्य होने वालों की संख्या 42,08,432 हो गयी है। वहीं, कोरोना वायरस महामारी से भारत में अब तक 85,619 लोगों की मौत हो चुकी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)।देश में फैली कोरोना महामारी के बीच लोकसभा में परित हुए कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ विपक्षी पार्टियां केंद्र की मोदी सरकार पर लगातार हमलावर हैं। ऐसे में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि किसानों का मोदी सरकार से विश्वास उठ चुका है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा,`किसान का मोदी सरकार से विश्वास उठ चुका है क्यूंकि शुरू से मोदी की कथनी और करनी में फर्क रहा है- नोटबंदी, गलत GST और डीजल पर भारी टैक्स। जागृत किसान जानता है- कृषि विधेयक से मोदी सरकार बढ़ाएगी अपने `मित्रों` का व्यापार और करेगी किसान की रोजी-रोटी पर वार।`

नईदिल्ली(शोर सन्देश)।भारत में भले ही कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है राहत भरी खबर यह है कि भारत में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है रिकवर मरीजों के मामले में भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है
भारत में कुल ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 42 लाख को पार कर गई है वहीं अमेरिका में अभी तक कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 41,91,894 है भारत में ठीक होकर घर वापस लौटने वाले मरीजों की संख्या 42,05,201 है
हालांकि मृतकों की बढ़ती संख्या सरकार के माथे पर चिंता के बल ला रही है. शनिवार को दुनिया भर में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें भारत में हुईं. वर्ल्डोमीटर के अनुसार देश में शुक्रवार से शनिवार के बीच 1,221 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद मृतकों की संख्या 85,625 हो गई
अमेरिका में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल मामले 69,25,941 है, जिसमें से 41,91,894 ठीक हो गए हैं जबकि 203,171 की मौत हो गई है और 25,30,876 केस एक्टिव हैं फिलहाल कोरोना के मामले में अमेरिका नंबर एक है वहीं दूसरे नंबर पर भारत में फिलहाल 53,05,475 पुष्ट मामले हैं, जिसमें से 10 लाख 14 हजार 649 केस एक्टिव हैं

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। केंद्र सरकार ने लद्दाख के लिए महत्वाकांक्षी हवाई संपर्क योजना को मंजूरी दे दी है। अब लद्दाख के सभी क्षेत्र जल्द ही हवाई मार्ग से जुड़ जाएंगे। लद्दाख क्षेत्र की 6 घाटियों में 6 हवाई पट्टी का निर्माण किया जाना है। मौजूदा समय में लेह और कारगिल में ही एयरस्ट्रिप है। इसके अलावा भारत-चीन सीमा के पास 22 उन्नत हेलीपैड भी बनाए जाने हैं। इस योजना पर इसी साल के अंत तक काम शुरू कर दिया जाएगा।
भारत-चीन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का विकास करने के लिए बनाई गई योजना को केंद्र सरकार ने जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। इसीलिए सबसे पहले लद्दाख के सभी इलाकों को जल्द ही हवाई रूट से जोड़ा जाना है। वैसे तो लद्दाख पहले से ही हवाई मार्ग से जुड़ा है लेकिन अब केंद्र सरकार ने जिस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है, उसके मुताबिक लेह और कारगिल में उन्नत तकनीक के 22 हेलीपैड बनाने का लक्ष्य है। इनमें से 7 हेलीपैड लेह में होंगे, जबकि 15 हेलीपैड कारगिल में होंगे। लद्दाख के डेमचोक, लिंगशेक, चुशूल इलाकों में हेलीपैड बनाए जाने हैं। मौजूदा समय में लद्दाख रीजन में 8 हेलीपैड हैं, जिनमें 5 लेह में और 3 कारगिल में हैं, जिनका आधुनिकीकरण किया जाना है। इसके अलावा 14 नए आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे, जिसमें से 2 लेह में और 12 कारगिल में होंगे। इस तरह लद्दाख रीजन में 22 अत्याधुनिक हेलीपैड हो जायेंगे।
केंद्र सरकार की योजना के मुताबिक इसी योजना के तहत लद्दाख क्षेत्र की 6 घाटियों में 6 हवाई पट्टियां बनाई जानी हैं। मौजूदा समय में सिर्फ लेह और कारगिल में ही एयरस्ट्रिप है। लेह की 3 हवाई पट्टियों पर काम शुरू कर दिया गया है जबकि लद्दाख की तीन और घाटियों में भी जल्द ही हवाईपट्टी बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। ज्यादातर बनने वाले नए हेलीपैड भारत-चीन सीमा के पास हैं। इसलिए किसी भी आपातकालीन जरूरत जैसे प्राकृतिक आपदा या स्थानीय नागरिकों की मेडिकल इमरजेंसी को पूरा करने के लिए ये हेलीपैड बेहद अहम कड़ी साबित होंगे।

(शोर सन्देश) लेह। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना के नापाक इरादों का सामना कर रही भारतीय सेना की मदद के लिए देशवासी भी पीछे नहीं हैं। एक ओर सरकार और सेना मिलकर पूर्वी लद्दाख में लंबे गतिरोध की तैयारी कर रही है तो वहीं लेह के एक गांव से लोगों ने सेना को रसद की मदद भेजी है। ये ऐसी रसद है जिसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी और इससे सेना ठंड मौसम में रहने के लिए ताकत भी मिलेगी।
गांव वालों ने बताया कि यह खाना बहुत जरूरी है क्योंकि इसे बनाने में दाल रोटी की तरह देर नहीं लगती। इसे पकाना नहीं पड़ता और इसे तुरंत खाया जा सकता है। एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि यहां हमारा मठ है। हम फौज़ की वजह से चैन से सो पा रहे हैं।
लोकल लद्दाखी गांव वाले लोग सुखाया हुआ पनीर बोरियों में भरकर सैनिकों के लिए भेज रहे हैं। लोकल भाषा में इसे छुर्पे कहते हैं। ये प्रोटीन का खजाना है और कई महीनों तक खराब नहीं होता। इसके अलावा गांव वालों ने जवानों के लिए सुखाया हुआ साग भी भेजा है। जिसे जब चाहें गरम पानी में उबालकर खाया जा सकता है। जौ का बेहद पौष्टिक और गरम तासीर का सत्तू लद्दाख के लोगों को कड़ी सर्दी में बहुत काम आता है। इसे ऊंचे पहाड़ पर तैनात सैनिकों को भेजा जा रहा है ताकि वो जब चाहें गरम पानी में डालकर इस रेडी टू ईट भोजन का इस्तेमाल कर सकें।
सूखी स्थानीय मटर एक और खास लद्दाखी चीज है जो लंबे अरसे तक रखी जा सकती है। इसे राजमा की तरह पकाया जाता है और इसमें बहुत प्रोटीन होता है. लद्दाख के गांव वालों ने अपने घरों में सूखी लद्दाखी रोटियां बनाई हैं जो पंद्रह दिन तक खराब नहीं होतीं। गांव-गांव से एकत्र किया गया सामान सेना के सुपुर्द किया जा रहा है जो इसे आगे भेज रही है।
वहीं सर्दियों में चीन से मोर्च की तैयारी के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास (DRDO) ने सेना के जवानों के लिए खास मीट का इंतजाम किया है। इसके लिए शोध कई शोध किए गए हैं। भारतीय सेना के लिए बेहतरीन मीट पर हुए शोध के बारे में DRDO के कर्नल मनोज बत्रा ने बताया कि यहां चांथांगी ब्रीड की मीट क्वालिटी अच्छी नहीं है। इसी ब्रीड से पश्मिना शॉल बनती है। कहा कि मैदानी इलाकों में पाए जाने वाले सीरोही ब्रीड से इसका क्रॉस कराया और फिर इनकी क्रॉस ब्रीड मिली जो यहां के इलाके लिए अच्छे से एक्लाइमेटाइज है और इसकी मीट क्वालिटी अच्छी है।
बताया गया की मीट क्वालिटी बहुत अच्छी है और इससे उन्हें भूख कम लगेगी साथ ही स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कर्नल बत्रा ने बताया कि शोध के बाद जो नई क्रॉस ब्रीड बनी है उसे किसानों को दे दिया जाएगा, जिसके बाद हजारों की संख्या में उत्पादन बढ़ जाएगा। पहले चंडीगढ़ समेत देश के अन्य इलाकों से जवानों के लिए यहां तक मीट लाया जाता था लेकिन अब जवानों को लेह से ही मीट पहुंचाने में आसानी होगी।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। गूगल ने लोकप्रिय पेमेंट ऐप पेटीएम को शुक्रवार को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया था। हालांकि कुछ घंटों बाद इसे फिर से रीस्टोर कर दिया गया। लेकिन अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनी गूगल की इस हरकत से नाराज पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने गूगल पर एकाधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि गूगल ने अपने पेमेंट बिजनेस को बढ़ाने के लिए अपने दबदबे का दुरुपयोग किया है और अनुचित तरीके से ग्राहकों को अपनी ओर खींचने की कोशिश की।
शर्मा ने कहा कि उनकी कंपनी ने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने पेटीएम को 30 करोड़ से अधिक ग्राहकों को भरोसा दिया कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने दावा किया कि गूगल ने नोटिस देने से पहले पेटीएम के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की। बता दें कि गूगल के पेमेंट ऐप गूगल पे और पेटीएम के बीच कड़ी टक्कर है।
00 गूगल ने बताई थी ये वहज
शर्मा ने कहा कि उनके पास पावर है और वो निश्चित रूप से हमें परेशान कर रहे हैं। गूगल ने यह हरकत खुद को लाभ पहुचाने और पेटीएम को नए ग्राहक जोड़ने से रोकने के लिए की है। उन्होंने गूगल पर अपने फायदे के लिए काम करने का आरोप लगाया। गूगल ने पेटीएम को प्ले स्टोर से हटाने के पीछे वजह बताई थी कि उस पर सट्टेबाजी हो रही थी। लेकिन शर्मा ने दावा किया कि उनके ऐप ने कुछ भी गलत नहीं किया है।
00 97% स्मार्टफोन पर है गूगल का नियंत्रण
एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिए देश के 97% स्मार्टफोन इकोसिस्टम पर गूगल का नियंत्रण है। गूगल पर भारत के कानून लागू नहीं होते हैं, यह अपनी ही नीति चलाता है। गूगल का हेडक्वार्टर अमेरिका के माउंटेन व्यू में है। उन्होंने कहा कि पेटीएम में चीन का अलीबाबा ग्रुप सबसे बड़ा निवेशक है। शर्मा ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर भारत पर जोर दे रही है और उसे देखना चाहिए कि किसी विदेशी कंपनी के हाथों घरेलू कारोबार प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा, `जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं तो हमें यह सोचना चाहिए कि भारतीय कंपनियों को भारतीय कानूनों द्वारा नियंत्रित और संरक्षित किया जाएगा या कुछ अन्य देश की नीति हमारे संचालन को नियंत्रित करेगी। अमेरिका की शक्तिशाली कंपनियां हमें अपने ढंग से नहीं चला सकती हैं।