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*पीएम मोदी 24 को नौ वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाएंगे हरी झंडी*

23-Sep-2023

नई दिल्ली (शोर सन्देश))। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नौ वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये नई वंदे भारत ट्रेनें देश भर में कनेक्टिविटी में सुधार और रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम हैं।

जिन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी वे हैं:
उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस
हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस
विजयवाड़ा - चेन्नई (रेनिगुंटा के माध्यम से) वंदे भारत एक्सप्रेस
पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस
राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस
रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस


ये नौ ट्रेनें ग्यारह राज्यों राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, ओडिशा, झारखंड और गुजरात में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी ।
ये वंदे भारत ट्रेनें अपने संचालन के मार्गों पर सबसे तेज़ ट्रेन होंगी और यात्रियों का काफी समय बचाने में मदद करेंगी। मार्ग पर वर्तमान सबसे तेज़ ट्रेन की तुलना में, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 3 घंटे तेज़ होंगी; हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस 2.5 घंटे से अधिक विलंबित; तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस 2 घंटे से अधिक विलंबित; रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस और जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे की देरी से; और उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग आधे घंटे की देरी से ।
देश भर में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी में सुधार करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस पुरी और मदुरै के महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों को जोड़ेगी। इसके अलावा, विजयवाड़ा-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस रेनिगुंटा मार्ग से संचालित होगी और तिरुपति तीर्थस्थल केंद्र तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी ।
इन वंदे भारत ट्रेनों की शुरूआत से देश में रेल सेवा के एक नए मानक की शुरुआत होगी। विश्व स्तरीय सुविधाओं और कवच तकनीक सहित उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित ये ट्रेनें आम लोगों, पेशेवरों, व्यापारियों, छात्र समुदाय और पर्यटकों को यात्रा के आधुनिक, त्वरित और आरामदायक साधन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होंगी।


*मोरक्को भूकंप में 2000 से ज्यादा की मौत*

10-Sep-2023

दिल्ली (शोर संदेश)। मोरक्को में शुक्रवार देर रात आए भूकंप में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। BBC के मुताबिक, 1400 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। किंग मोहम्मद VI ने 3 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने पीड़ितों को खाना, आवास और दूसरी मदद देने का आदेश दिया है। मोरक्को जियोलॉजिकल सेंटर के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.2 थी। हालांकि, US जियोलॉजिकल सर्वे ने इसकी तीव्रता 6.8 बताई है। साथ ही कहा कि ये इस इलाके में 120 साल में आया सबसे ताकतवर भूकंप है। मोरक्को के स्टेट टेलीविजन ने बताया कि भूकंप की वजह से कई इमारतें ढह गईं हैं। भूकंप का एपिसेंटर एटलस पर्वत के पास इघिल नाम का गांव बताया गया, जो माराकेश शहर से 70 किलोमीटर की दूरी पर है। भूकंप की गहराई जमीन से 18.5 किलोमीटर नीचे थी। पुर्तगाल और अल्जीरिया तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।


UNESCO की विश्व धरोहर स्थल को भी पहुंचा नुकसान
UNESCO की विश्व धरोहर स्थल ऐतिहासिक माराकेश में पर्यटकों का ध्यान खींचने वाली लाल दीवारों के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थानीय टीवी चैनल के मुताबिक इस भूकंप में शहर की कुतुबिय्या मस्जिद का मीनारा ढह गया है। यह मस्जिद यूनेस्को की हेरीटेज साइट थी। जिसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

इमारतों के ढहने के कारण भागते दिखे लोग

भूकंप के एपिसेंटर के पास ग्रामीण इलाका होने की वजह से ज्यादातर घर मिट्टी और पुराने तरीकों से बने थे। जो भूकंप की वजह से पूरी तरह ढह गए। अलजजीरा के मुताबिक ताफेघाघेट इलाके में कोई इमारत ऐसी नहीं है जो भूकंप की वजह से न ढही हो। इमारतों के गिरने की वजह से लोग अफरातफरी में भागते दिखे।

भारत, ब्रिटेन, अमेरिका मदद करेंगे

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरक्को में आए भूकंप पर दुख जताया। उन्होंने कहा- हम इस दुख की घड़ी में मोरक्को के साथ हैं। हम हर संभव मदद देने को तैयार हैं। अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी मोरक्को को हर संभव मदद देने की बात कही।

 



*मोरक्को में भूकंप से भीषण तबाही, 296 की मौत*

09-Sep-2023

दिल्ली (शोर संदेश)। अफ्रीकी देश मोरक्को में सुबह-सुबह भूकंप ने भीषण तबाही मचा दी है। यहां धरती में हुए कंपन के बाद कई इमारतें ढह गईं। अब तक 296 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बीती रात को 6.8 की तीव्रता से जोरदार भूकंप आया था। इस प्राकतिक आपदा को लेकर देश के संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने कहा कि यह बीते 120 से अधिक सालों में उत्तरी अफ्रीकी राष्ट्र के इस हिस्से में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। बता दें कि भूकंप आने के बाद माराकेश में इमारते हिलने लगी। इससे डरकर लोग अपने-अपने मकानों से निकलकर सड़कों पर आ गए। सरकार द्वारा अब भी नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

घरों और रेस्तरां से बाहर भागते दिखे लोग
यूएसजीएस ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस भूकंप का केंद्र 18.5 किमी गहराई में था जो माराकेश से लगभग 72 किमी दक्षिण-पश्चिम और एटलस पर्वतीय शहर ओकाइमेडेन से 56 किमी पश्चिम में आया। सोशल मीडिया पर इस बाबत कुछ वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं जिसमें कई इमारतें ढहती हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं कई लोग शॉपिंग सेंटर, रेस्तरां और अपार्टमेंट से डर के मारे भागते और सड़कों पर इकट्ठा होते दिखाई दे रहे हैं। माराकेश में भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। यहां लोगों को दोबारा भूकंप आने की आशंका है।

पहले भी आए हैं भीषण भूकंप
बता दें कि मोरक्को में आमतौर पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं क्योंकि यह अफ्रीकी और यूरेशियाई प्लेट के बीच स्थित है। जानकारी के मुताबिक पिछले 120 सालों में आए सभी भूकंपों में इस भूकंप को सबसे अधिक शक्तिशाली बताया जा  रहा है। बता दें कि पूर्वोत्तर मोरक्को के में साल 2004 में तेज भूकंप के झटके देखने को मिले थे। इस घटना में करीब 628 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अल्जीरिया में साल 1980 में 7.3 तीव्रता वाला भूकंप देखने को मिला था। इस घटना में 2500 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 3 लाख लोग बेघर हो गए थे।


पीएम मातृ वंदना योजना, आवेदन 30 तक

06-Sep-2023

 नारायणपुर (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत चिन्हांकित हितग्राहियों के प्रथम बच्चे के जन्म पर दो किश्तों में 5 हजार रुपए तथा द्वितीय बालिका संतान के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने बताया कि द्वितीय संतान बालिका का जन्म 1 अप्रैल 2022 के बाद हुआ हो वे इस योजना का लाभ लेने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग नारायणपुर में 30 सितंबर तक आवदेन प्रस्तुत कर सकते हैं। हितग्राहियों को आवेदन के साथ हितग्राही (माता) का आधार कार्ड, जच्चा बच्चा कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, हितग्राही का ई-श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि, मनरेगा जॉब कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा बीपीएल राशन कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य किया गया है।


*दुनिया के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति की मौत...*

02-Aug-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश)। दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति कहे जाने वाले ब्राजीलियाई व्यक्ति की 127 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जोस पॉलिनो गोम्स का शुक्रवार को निधन हो गया।  128 वर्ष के होने से एक सप्ताह पहले मिनस गेरैस राज्य में ब्राजीलियाई नगर पालिका पेड्रा बोनिता में उनके उनके परिवार ने कहा कि गोम्स की मृत्यु ऑर्गन फेलियर के कारण हुई, संभवतः उनकी अधिक उम्र के कारण. उन्हें शनिवार को पेड्रा बोनिता में कोरेगो डॉस फियाल्होस कब्रिस्तान में दफनाया गया। पेड्रा बोनिता के रजिस्ट्री कार्यालय से उनके 1917 के विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार, गोम्स का जन्म 4 अगस्त, 1895 को हुआ था, जिससे वह दोनों विश्व युद्धों और तीन वैश्विक महामारियों से बचे रहे। सिविल रजिस्ट्री के कानूनी सलाहकार, विलियन जोस रोड्रिग्स डी सूजा ने एक स्थानीय आउटलेट से पुष्टि की कि गोम्स की उम्र सटीक है, यह देखते हुए कि उनका जन्म 1900 से पहले हुआ था। हालांकि, गलत दस्तावेज़ीकरण के कई स्थानीय मामलों का हवाला देते हुए, उनका परिवार उनकी उम्र को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है. “पास में एक महिला है जो 98 साल की है। वह कहती है कि वह उसे तब से जानती थी जब वह सिर्फ एक लड़का था। तभी हम उनकी उम्र की पुष्टि करने के लिए उत्सुक हो गए और यह पता लगाने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय में गए कि क्या सही था,’गोम्स की पोती एलियन फरेरा ने स्थानीय मीडिया को बताया। वह निश्चित रूप से 100 वर्ष से अधिक का था, कम से कम 110 वर्ष का। यह स्पष्ट नहीं है कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा उनके कागजी काम की जांच और सत्यापन किया जाएगा या नहीं, जो दावा करता है कि स्पेन की 116 वर्षीय मारिया ब्रान्यास मोरेरा दुनिया की सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति हैं. उनका जन्म 4 मार्च 1907 को हुआ था। वेनेजुएला के 114 वर्षीय जुआन विसेंट पेरेज़ मोरा को गिनीज द्वारा दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति होने की पुष्टि की गई है।

 

*पुतिन ने यूक्रेन को दी चेतावनी,'जरूरत पड़ी तो करेंगे क्लस्टर बमों का इस्तेमाल'*

17-Jul-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर यूक्रेन ने क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया, तो रुस भी इनका प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगा। दरअसल अमेरिका ने 7 जुलाई को यूक्रेन के लिए एक नए सैन्य सहायता पैकेज का ऐलान किया, जिसमें बाइडेन प्रशासन ने यूक्रेन को प्रतिबंधित क्लस्टर बम देने की बात स्वीकार की। उसके बाद से दोनों देशों में तनाव बढ़ता दिख रहा है।


*ग्लोबल वार्मिंग : अमेरिका से लेकर जापान तक 40°C से ज्यादा तापमान में झुलस रहे देश*

16-Jul-2023

जलवायु परिवर्तन की बढ़ती रफ्तार के चलते पूरी दुनिया पर ग्लोबल वॉर्मिंग का असर और तीखा होता जा रहा है। पश्चिमी देशों में इसकी वजह से गर्मी के लगातार नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। खासकर अमेरिका में तो शनिवार को मौसम विभाग ने तापमान बढ़ने का डरावना अनुमान जारी किया। इतना ही नहीं इस गर्मी का असर यूरोप और जापान में भी लोगों को बुरी तरह झुलसा रहा है।  


अमेरिकी महाद्वीप
अमेरिका में इस वक्त कैलिफोर्निया से लेकर टेक्सास भीषण गर्मी अपना असर दिखा रही है। पिछले 16 दिनों से जबरदस्त गर्मी पड़ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भयानक गर्मी का अलर्ट जारी किया है। पूरे दक्षिण-पश्चिम में लू के खतरनाक स्तर पर पहुंचने की चेतावनी जारी की गई है। इस गर्मी से करीब एक-तिहाई अमेरिकी यानी 11 करोड़ लोग प्रभावित हैं। दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में से एक कैलिफोर्निया की डेथ वैली में तापमान 54 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। यहां तापमान दिन में 48 डिग्री के आंकड़े को छू चुका है। वहीं, लास वेगास और नवादा जैसी जगहों पर कुछ दिनों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। उधर अमेरिका के उत्तर में स्थित कनाडा में सरकार का कहना है कि औसत से अधिक तापमान के चलते जंगलों में आग लग रही है, जिसने अमेरिका के कुछ हिस्सों को धुएं से ढक दिया है। इस आग से अब तक करीब 2.5 करोड़ एकड़ भूमि जल चुकी है। वहीं, गर्मी बढ़ने के साथ अभी और नुकसान होने की आशंका है।


 
यूरोप में क्या है स्थिति?
अमेरिका की तरह ही पूरे यूरोप महाद्वीप पर भी स्थिति काफी खराब है। इटली में आने वाले हफ्ते तापमान के नए ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने का अनुमान है। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम, बोलोग्ना और फ्लोरेंस समेत 16 शहरों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से गर्मी की अब तक की सबसे कड़ी गर्मी के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। बताया गया है कि सोमवार तक रोम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है और मंगलवार तक इसके 43 डिग्री तक जाने का अनुमान है। इससे पहले रोम में अधिकतम तापमान अगस्त 2007 में 40.5 डिग्री सेल्सियस तक गया था। इतना ही नहीं यूरोप के सिसिली और सार्दिनिया के द्वीप में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू सकता है। यह यूरोप में गर्मी का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड हो सकता है। इतना ही नहीं ग्रीस के पर्यटन केंद्रों में से एक एथेंस एक्रोपोलिस को रविवार को ही भीषण गर्मी की वजह से लगातार तीसरे दिन बंद रखा गया। दूसरी तरफ फ्रांस में भीषण गर्मी और इसकी वजह से पड़ रहे सूखे ने कृषि क्षेत्र के लिए समस्या पैदा कर दी है। फ्रांस के कृषि मंत्री मार्क फेसन्यू को तैयारियों में कमी के लिए लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। फ्रांस में इस साल जून देश के इतिहास का दूसरा सबसे गर्म जून रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फ्रांस में मंगलवार से तापमान फिर बढ़ेगा और पिछले सारे रिकॉर्ड्स टूटने की आशंका है। यूरोप के एक और बड़े देश स्पेन में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। यहां मौसम विभाग ने सोमवार से बुधवार तक लू का अनुमान लगाया है। इससे तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना रहेगा। कैनेरी द्वीर और दक्षिणी अंदालुसिया में स्थिति और ज्यादा गंभीर होने की आशंका है।



एशिया-अफ्रीका में क्या हालात?
भारत के पूर्व में स्थित जापान में रविवार से सोमवार के बीच तापमान के 38-39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस गर्मी में पिछले सारे रिकॉर्ड्स टूट सकते हैं। वहीं, भारत में इसके उलट मानसून ने खतरनाक रूप अख्तियार किया है। यहां गर्मी के बाद अब भारी बारिश और खराब मौसम से तकरीबन 90 लोग जान गंवा चुके हैं। राजधानी दिल्ली में ही यमुना नदीं के खतरे के निशान के ऊपर बहने की वजह से बाढ़ की स्थिति है। इसके अलावा उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को में भी गर्मी से नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। यहां शनिवार-रविवार के बीच ही कई प्रांतों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया। यह चौंकाने वाली बात इसलिए भी है, क्योंकि मोरक्को में इतना तापमान अधिकतर अगस्त में दर्ज किया जाता था। हालांकि, एक महीने पहले ही इन हालात ने वैज्ञानिकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। इस अफ्रीकी देश में आने वाले दिनों में होने वाली पानी की किल्लत अब जुलाई में भी देखने को मिल सकती है। पहले से ही पानी की कमी का सामना कर रहे जॉर्डन में गर्मी के बीच बड़ी मुसीबत तब खड़ी हो गई, जब उसके अजलून के जंगलों में आग लग गई। इसके चलते जॉर्डन सरकार को बहुमूल्य 214 टन पानी को इस आग को बुझाने में लगाना पड़ा। इसके अलावा इराक, जहां इतनी गर्मी आम है, वहं भी टिगरिस नदी सूखने की वजह से पानी की भारी किल्लत पैदा हो गई है। 50 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच इराक में स्थितियां और बिगड़ने की आशंका है।


पीएम मोदी पहुंचे यूएई तिरंगे के रंग से रंगा बुर्ज खलीफा

15-Jul-2023

अबू धाबी/नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों पर बैठक करने के लिए आधिकारिक यात्रा पर अबू धाबी पहुंचे। हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर रहे। इससे कुछ घंटे पहले यूएई ने कहा कि भारत के साथ उसकी आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यूएई  के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी ने कहा कि नई दिल्ली के साथ गैर-तेल व्यापार 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।  

उन्होंने कहा कि यूएई-भार सीईपीए को इसलिए डिजाइन किया गया था ताकि 80 फीसदी वस्तुओं पर टैरिफ को हटाकर या कम करके, व्यापार के लिए अनावश्यक बाधाओं को समाप्त करके, निवेश के लिए नए प्लेटफॉर्म बनाकर, और एक-दूसरे के निजी क्षेत्र के लिए सरकारी खरीद को खोलकर 2030 तक द्विपक्षीय गैर-तेल व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बढ़ाया जा सके, जिससे विकास और अवसर का एक नया युग बने।


क्राउन प्रिंस अल नाहयान से मिले पीएम मोदी
पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिले। दुबई के बुर्ज खलीफा ने प्रधानमंत्री मोदी की भारत की आधिकारिक यात्रा से पहले कल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों को प्रदर्शित किया। बुर्ज खलीफा में इससे पहले 2018 में पीएम मोदी के दौरे के दौरान भी भारतीय तिरंगे को प्रदर्शित किया गया था। पिछले साल भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने की खुशी पर भी बुर्ज खलीफा की रौशनी में भारतीय तिरंगे को लहराया गया था।  

प्रधानमंत्री के विजन सागर को साकार कर रहा आईएनएस त्रिकंद: नौसेना
भारतीय नौसेना ने कहा है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के दौरान आईएनएस त्रिकंद फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में तैनात है, जो क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा में योगदान दे रहा है, व्यापार की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहा है और प्रधानमंत्री के विजन सागर को साकार कर रहा है।

 


मोदी का व्हाइट हाउस में राजकीय सम्मान के साथ भव्य स्वागत

23-Jun-2023

वाशिंगटन (शोर संदेश)। अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन और उनकी पत्नी जिल बाइडेन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्हाइट हाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया।

व्हाइट हाउस के लाॅन में आयोजित समारोह में श्री मोदी के स्वागत के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा वाशिंगटन में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संघू भी उपस्थित थे।

श्री मोदी के सम्मान में इस अवसर पर गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया। प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के निमंत्रण पर इस समय अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। श्री बाइडेन ने एक ट्वीट पर कहा, देखते रहिये जिल और मैं भारत के प्रधानमंत्री की व्हाइट हाउस में राजकीय यात्रा में स्वागत कर रहे हैं।


यूनान में जहाज डूबने से करीब 500 लोग लापता: संयुक्त राष्ट्र

17-Jun-2023

एथेंस (शोर संदेश)। यूनान के तट पर 14 जून को सैकड़ों प्रवासियों को ले जा रही एक मछली पकड़ने वाली नाव के डूब जाने के बाद करीब 500 लोग अब भी लापता हैं। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने यह जानकारी दी है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) और यूएन रिफ्यूजी एजेंसी (यूएनएचसीआर) द्वारा शुक्रवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि नाव पर सवार लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जाता है कि यह 400 से 750 के बीच थी।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने कहा कि अब तक 104 लोगों को बचाया गया है और 78 शव निकाले गए हैं, जबकि सैकड़ों लापता हैं, और हाल के वर्षों में सबसे खराब माने जाने वाले भूमध्य सागर में नवीनतम त्रासदी में मारे जाने की आशंका है।

नाव कथित तौर पर 13 जून की सुबह से संकट में थी। नाव पलटने के बाद 14 जून की सुबह ग्रीक हेलेनिक कोस्ट गार्ड द्वारा बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया गया। एजेंसियों के अनुसार जहाज के मालिक और राज्य दोनों का दायित्व है कि वे समुद्र में संकटग्रस्त लोगों को उनकी राष्ट्रीयता, स्थिति या उन परिस्थितियों की परवाह किए बिना सहायता प्रदान करें।

यूएनएचसीआर और आईओएम दोनों दक्षिणी ग्रीस के कालामाता में अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में रहे हैं, जो जीवित बचे लोगों को सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें गैर-खाद्य पदार्थ, स्वच्छता किट, सर्विस, परामर्श आदि शामिल हैं।



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