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भारी बमबारी में बच्चों समेत 8 की मौत, खारकीव में जारी है रूस का हमला

03-Mar-2022
कीव /नई दिल्ली (शोर संदेश) - रूस और यूक्रेन के बीच आज युद्ध का आठवां दिन है। रूस की ओर से अभी भी ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पास कर रूसी सेना को यूक्रेन से बाहर जाने के लिए कहा है। इसके अलावा यूक्रेन में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया है।रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब खतरनाक मोड़ पर आ गई पहुंची है। रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारो तरफ से घेर लिया है। रूस की सेना यूरोप के सबसे न्यूक्लियर पावर प्लांट की तरफ भी बढ़ रही है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज आठवां दिन है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूक्रेन से रूसी सेना की वापसी का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। इस बीच दोनों देशों के बीच आज दूसरे दौर की बातचीत भी होनी है।खारकीव में रूस की भारी बमबारी जारी है। वहां बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। खारकीव में रूस ने बुधवार से हमले तेज कर दिए हैं। सुमी में भी रूस के हमले जारी हैं। सुमी क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के हेड Dmytro Zhyvytsky ने कहा है कि रूसी फोर्स ने आज सुबह एक मिलिट्री फैकल्टी पर हमला किया। यह बिल्डिंग सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी में मौजूद थी।

 

यूक्रेन का दावा है कि युद्ध में वह रूस को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। Ukrinform की रिपोर्ट के मुताबिक, Saratov से आई रूसी सेना की यूनिट के 80 फीसदी जवान यूक्रेन में मार दिए गए हैं। दावा है कि 2 मार्च तक रूस के 5840 जवान मारे गए। इसमें Kamyshin यूनिट के 70 फीसदी और Saratov यूनिट के 80 फीसदी जवान शामिल हैं। इसके अलावा 30 विमान, 31 हेलीकॉप्टर, 211 टैंक, 862 पैदल सेना से लड़ने वाले वाहन, 2 नावें नष्ट किए गए हैं।


रूस-यूक्रेन युद्ध : रूस को चुकाना होगी कीमत : बाइडन

02-Mar-2022

नई दिल्ली/वाशिंगटन (शोर संदेश)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकी संसद को संबोधित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान रूस और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर बड़े हमले बोले। बाइडन ने कहा, रूस को इसकी कीमत चुकाना ही होगी।रूसी तानाशाह को सबक सिखाना जरूरी है। हम यूक्रेन में अपनी सेना नहीं भेजेंगे, लेकिन अमेरिका वहां के लोगों के साथ खड़ा है और उनकी हर इंच जमीन की सुरक्षा करेगा। यूक्रेन को 1 बिलियन डॉलर की आर्थिक मदद देंगे। रूस की किसी फ्लाइट को अमेरिकी एयरस्पेस का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूस के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कार्रवाई की निंदा की और उन्हें पूर्व नियोजित और अकारण बताया। नाटो भी यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। पुतिन ने यूक्रेन पर हमला बोलकर बड़ी गलती की है।

अमेरिका और हमारे सहयोगी पूरी शक्ति के साथ नाटो क्षेत्र के हर इंच की रक्षा करेंगे। यूक्रेनियन साहस के साथ वापस लड़ रहे हैं। पुतिन को युद्ध के मैदान में लाभ हो सकता है, लेकिन उन्हें लंबे समय तक बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूक्रेन के लोगों के साथ खड़े हैं।

पुतिन तेज कर सकते हैं युद्ध : कुछ विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी के कड़े प्रतिबंधों और यूक्रेन के प्रतिरोध के कारण पुतिन युद्ध को और तेज कर सकते हैं। रक्षा मंत्रालय ने जल, थल, नभ में अपने परमाणु हथियारों और सुविधाओं को अलर्ट पर रखने का आदेश जारी कर दिया है। कयास यह हैं कि अगर रूसी सेना कमजोर पड़ती है तो इन परमाणु सुविधाओं से ज़ुड़े लोगों को सामने लाया जाएगा।

प्रतिबंधों से कराहने लगे रूसी बाजार व जनता : करीब दो दशक के लंबे समय से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पूंजीवादी और वैश्वीकरण की नीति के कारण रूसी लोगों ने सस्ती विमान सेवाओं, विदेशी गैजेट, कारों व अन्य सुविधाओं का मजा लिया है। अब इन सुविधाओं और ऐश ओ आराम की जिंदगी पर संकट का समय दिख रहा है। वजह है अमेरिका व पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन पर हमले के लिए रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध। सोमवार को सेंट्रल बैंक पर भी प्रतिबंध से रूसी अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को झटके लगने लगे हैं। रूसी मुद्रा रूबल धरातल पर आ चुकी है, सेंट्रल बैंक ने मंगलवार को मास्को में शेयर ट्रेडिंग बंद कर दी। जनता एटीएम से नकदी निकालने के लिए लाइन में लगी है और राष्ट्रीय विमान सेवा एयरोफ्लोत ने सारी फ्लाइट निरस्त कर दी हैं। यूरोपीय देशों द्वारा वायुक्षेत्र रूस के लिए बंद किए जाने के बाद एयरोफ्लोत ने यह फैसला किया है। हालांकि कुछ लोगों अब भी चल रही कुछ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के टिकट खरीदे हैं।


तत्काल कीव शहर छोड़ दें भारतीय छात्र : दूतावास

01-Mar-2022

 कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूस-यूक्रेन के संकट के बीच आज यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी भारतीय छात्र तत्काल प्रभाव से कीव शहर को छोड़ दें। बाहर जाने के लिए रेल, बस या अन्य साधन का उपयोग कर सकते हैं। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि रूसी सेना 24 घंटे के भीतर कीव शहर पर ताबड़तोड़ हमले को अंजाम दे सकती है, इसलिए एहतियातन भारतीय नागरिकों एवं छात्रों को शहर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है।

वायुसेना भी करेगी भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट
रूस-यूक्रेन की वर्तमान स्थिति की बात करें तो दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। इन सब के बीच अन्य देशों के नागरिकों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने भी कमर कस ली है। ताजा जानकारी के मुताबिक भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट कराने के लिए एयरफोर्स के कई C-17 विमानों की सहायता ली जाएगी। सूत्रों के अनुसार ऑपरेशन गंगा के तहत भारतीय नागरिकों के निकासी अभियान को और तेज करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी खुद भारतीय वायु सेना को इस ऑपरेशन से जुड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वायु सेना के हवाई जहाज़ों के जुड़ने से भारतीयों के लौटने की प्रक्रिया गति पकड़ेगी, और उनकी संख्या में भी वृद्धि होगी। साथ ही साथ, भारत से भेजी जा रही राहत सामग्री भी और तेजी से पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि भारतीय वायु सेना के कई C-17 विमान आज से ही ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ान भर सकते हैं।


कीव की तरफ बढ़ रहा रुसी सेना का विशाल काफिला, जारी हुई तस्वीर…

01-Mar-2022

 वाशिंगटन/कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। यूक्रेन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद रूस ने संभवत: कीव पर बड़ा धावा बोलने की तैयारी कर ली है। रूसी सेना का विशाल काफिला यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर बढ़ रहा है।अमेरिकी कंपनी मैक्सर टेक्नालॉजी ने उपग्रह तस्वीरों के जरिए यह खुलासा किया है। यह काफिला 64 किलोमीटर लंबा बताया गया है। कीव पहले ही कई रूसी हमलों को विफल कर चुका है। इसे देखते हुए लग रहा है कि रूस ने अब इस पर कब्जे की निर्णायक तैयारी कर ली है। यह काफिला उत्तरी कीव की ओर जा रहा है।रूसी सेना का काफिला एंटोनोव एयरपोर्ट के पास और राजधानी कीव से चंद किलोमीटर दूर रह गया है। यह लगातार आगे बढ़ रहा है, इसलिए इसके जल्द कीव पहुंचने का अनुमान है। कुछ सैन्य वाहनों में सैनिक तो कुछ में हथियार व गोलाबारूद हैं। उपग्रह की तस्वीरों में इवांकीव के उत्तर और उत्तर-पश्चिम में कई घरों और इमारतों को जलते देखा गया है। इन्हीं इलाकों की सड़कों से यह काफिला गुजर रहा है।काफिले में सेना के ट्रक, बख्तरबंद वाहन, टैंक व सैनिक शामिल हैं। एक दिन पहले रूसी सेना ने आम नागरिकों से कीव छोड़ने को भी कहा था। रूस-यूक्रेन के बीच छह दिनों से जंग जारी है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि रूस ने यूक्रेन में 56 रॉकेट और 113 क्रूज मिसाइलें दागी हैं। रूसी मिसाइलों, प्लेन और हेलीकॉप्टर के लिए नो फ्लाई जोन पर विचार करने का वक्त आ गया है।रूस व यूक्रेन के बीच सोमवार को पहली बार सीधी बातचीत भी हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। रूस जहां यूक्रेन को हथियार डालने पर अडिग है वहीं, यूक्रेन रूसी फौज की वापसी पर। रूस के राष्ट्रपति पुतिन द्वारा अपनी परमाणु फौजों को तैयार रहने के निर्देश से भी चिंता बढ़ गई है।


यूक्रेन पर कब्जा करने के करीब पहुंची रूसी सेना कीव में सैन्य इकाइयों पर रूस का हमला

26-Feb-2022

कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश) यूक्रेन पर रूसी आक्रमण लगातार तेज हो रहा है। रूस द्वारा कीव के विक्ट्री एवेन्यू पर सैन्य इकाइयों को निशाना बनाने की खबर सामने आई है। हालांकि रूस ने इस हमले को खारिज कर दिया था लेकिन सूत्रों ने इसकी पुख्ता जानकारी दी है और यूक्रेन की सेना ने भी अब अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर इसकी पुष्टि कर दी है।

वहीं अब पुतिन की सेना यूक्रेन पर कब्जा करने के करीब पहुंच गई है, दूसरी ओर पुतिन ने भी अन्य देशों को धमकी दे डाली है कि कोई भी बीच में न पड़े नहीं तो उसे भी अंजाम भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका समेत सभी देशों को चेताते हुए कहा कि हमारे पास परमाणु हथियार हैं जो हम जरूरत पड़ने पर चला सकते हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थानीय समयानुसार शुक्रवार शाम को एक बार फिर तोपों की गरज सुनाई दी। जंग के तीसरे दिन रूस के सैनिक राजधानी कीव के काफी करीब पहुंच चुके हैं। रात दिन हो रहे धमाकों से देश में दहशत है।

देश छोड़कर नहीं गए राष्ट्रपति जेलेन्सकी
राष्ट्रपति जेलेन्सकी ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर इस बात की पुष्टि की वे रूस का सामना करने के लिए कीव में डटे हुए हैं, देश को अकेला छोड़ कहीं नहीं गए हैं। राष्ट्रपति ने ट्वीट कर बताया कि उन्हें पिछले कुछ घंटों में विदेशी नागरिकों ने इमेल भेजे हैं और पूछा हे कि यूक्रेन के लिए जंग में वे कैसे मदद कर सकते हैं। साथ ही कुछ सुझाव भी दिए हैं। जेलेन्सकी ने कहा कि मेल भेजने वालों में अधिकांश रिटायर्ड मिलिट्री हैं।

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत से लगाई युद्ध रुकवाने की गुहार
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की। उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए रूस के साथ भारत के संबंधों के प्रभाव का उपयोग करने का आग्रह किया। कुलेबा ने भारत से एक अस्थायी UNSC सदस्य के रूप में भी ‘यूक्रेन में शांति बहाल करने’ पर मसौदा प्रस्ताव का समर्थन करने का भी आग्रह किया।

भारतीयों को निकालने के लिए 3 टीमों का गठन
यूक्रेन संकट के बीच भारतीय छात्रों को निकालने के लिए सरकार अपनी पूरी कोशिश कर रही है। इधर, पोलैंड में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने बताया कि दूतावास ने तीन टीमों का गठन किया है जो फंसे हुए भारत एन छात्रों को स्थानांतरित करने में सहायता करेगी। इन टीमों में से एक लविवि में है। उन्होंने बताया कि सभी फंसे हुए छात्रों के लिए पोलैंड की सरकार यात्रा को आसान बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।

सीजफायर पर बात करने को तैयार है यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेन्सकी के प्रवक्ता ने कहा है कि आज रात रूस राजधानी कीव को दहलाने की कोशिश कर सकता है। अब यूक्रेन सीजफायर व शांति के लिए सहमत है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर प्रवक्ता सर्गी नाइकाइफोरोव (Sergii Nykyforov) ने कहा कि बातचीत के लिए समय और स्थान के चुनाव को लेकर रूस व यूक्रेन के बीच वार्ता जारी है। उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन सीजफायर के बारे में बातचीत के लिए तैयार है।’ राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने तो यहां तक कह दिया कि अब उनकी सेनाएं चार दिन तक ही राजधानी कीव को बचा पाएंगी, क्योंकि कब्जे की लड़ाई उसके नजदीक आ गई है।

अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध
यूक्रेन में रूस द्वारा किए गए सैन्य कार्रवाई को लेकर खफा अमेरिका ने पहले आर्थिक प्रतिबंध लगाए। साथ ही वहां के एलिट वर्ग के लोगों पर रोक लगा दिया था और अब राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और विदेश मंंत्री लावरोव पर अमेरिका ने यात्रा प्रतिबंध का ऐलान किया है।


यूक्रेन ने भी किया पलटवार : लुहान्स्क क्षेत्र में 5 रूसी विमानों और एक हेलीकॉप्टर को मार गिराया

24-Feb-2022

 कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। पुतिन ने कहा है कि अगर यूक्रेन पीछे नहीं हटता है तो जंग होकर रहेगी। पुतिन ने यूक्रेनी सेना को धमकी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द हथियार डाल दें नहीं तो युद्ध को टाला नहीं जा सकता है। पुतिन ने आगे कहा कि अगर कोई दूसरा देश बीच में आता है तो उसके खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई होगी।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा सैन्य कार्रवाई के आदेश के बाद से रूस यूक्रेन के खिलाफ और ज्यादा हमलावर हो गया है। ताजा जानकारी के अनुसार रूस की सेना ने जानकारी दी है कि उसने यूक्रेन के सैन्य और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है। वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए यूक्रेनियन सेना ने ने दावा किया है कि उसने लुहान्स्क क्षेत्र में पांच रूसी विमानों और एक रूसी हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया है।


मौत और तबाही का जिम्मेदार होगा रूस : जो बाइडन

24-Feb-2022

 वॉशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूस ने यूक्रेन के साथ जंग का एलान कर दिया है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि पूरे मामले पर उनकी नजर बनी हुई है और अगले दिन वे जी-7 और नाटो समूह के देशों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया रूस को इस युद्ध से होने वाली मौत और तबाही का जिम्मेदार मानेगी। बाइडन फिलहाल व्हाइट हाउस से पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से लगातार अपडेट ले रहे हैं। अमेरिका पहले ही रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा चुका है।

पुतिन ने यूक्रेनी सेना से कहा है कि वे हथियार डाल दें और अपने घर लौट जाएं। अन्यथा यह युद्ध नहीं टाला जा सकता है। इसके साथ ही रूस ने बाकी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई दूसरा देश बीच में आता है तो उसके खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई की जाएगी।रूस ने यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन किया

सुरक्षा परिषद में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि हम रूस की कार्रवाई का एकता के साथ जवाब देना जारी रखेंगे। हम यहां रूस को रुकने, अपनी सीमा पर लौटने, सैनिकों को वापस बैरक में भेजने के लिए अपील करने आए हैं। अपने राजनयिकों को वार्ता की मेज पर लाएं। रूस ने सचमुच यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन किया है।

यूक्रेन में अपातकाल की घोषणा
यूक्रेन में अपातकाल की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही यूक्रेन के 30 लाख लोगों को रूस छोड़ने के लिए कहा गया है। यूक्रेन की संसद ने आम लोगों के पास हथियार रखने का प्रस्ताव भी पास कर दिया है। रूस पहले ही यूक्रेन के आंतरिक सुरक्षा, विदेश और बैंक से जुड़ी अहम वेबसाइटों पर साइबर अटैक कर चुका है। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति रूस के लोगों से शांति की भावुक अपील भी कर चुके हैं।


कीव समेत कई जगह धमाके : बैलिस्टिक मिसाइलों से किया जा रहा हमला

24-Feb-2022

 कीव/मास्को/नई दिल्ली (शोर संदेश)। आखिरकार रूस ने गुरुवार को पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला बोल दिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका समेत कई देशों की लगाई पाबंदियों की परवाह किए बगैर यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का एलान कर दिया। इसके बाद यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों में बमबारी की खबर है। बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया जा रहा है।व एयरपोर्ट पर कब्जे का प्रयास किए जाने की भी रिपोर्ट है। समूचे यूक्रेन में आपातकाल लागू है और नागरिक उड़ानों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। जानिए अब तक क्या-क्या हुआ:भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह करीब आठ बजे राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का एलान किया।

पुतिन ने अमेरिका व नाटो को भी दूर रहने की परोक्ष धमकी दी और दखल देने पर इतिहास का सबसे बुरा अंजाम भोगने की चेतावनी दी।
पुतिन के एलान के कुछ ही देर बाद यूक्रेन के कई शहरों में धमाकों की खबरें आईं। राजधानी कीव एयरपोर्ट पर कब्जे की कोशिश की गई।
हमलों में रूस बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है।
यूक्रेन या नाटो द्वारा अब तक किसी जवाबी सैन्य कार्रवाई की खबर नहीं है।

यूक्रेन को नरसंहार से मुक्त करना है: रूस
संयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा घोषित विशेष अभियान यूक्रेन के लोगों की रक्षा के लिए हैं, जो वर्षों से पीड़ित हैं। हमारा लक्ष्य यूक्रेन को नरसंहार से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप निर्णय लिया गया है हम यूक्रेन में स्थिति का विश्लेषण करेंगे।

यूक्रेन के पूर्वी बंदरगाह शहर मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोट
रूस द्वारा जंग के एलान के बाद यूक्रेन के पूर्वी बंदरगाह शहर मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज सुनी गई।

यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा: विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा। पुतिन ने अभी-अभी यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया है। यूक्रेन के शांतिपूर्ण शहरों पर हमले हो रहे हैं। यह आक्रामकता का युद्ध है। दुनिया पुतिन को रोक सकती है और उसे भी करना चाहिए। अब कार्रवाई करने का समय है।

कोई देश बीच में न आए, नहीं तो अंजाम बुरा होगा : पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि जो कोई भी हमारे देश और हमारे लोगों के लिए खतरे पैदा करने की कोशिश करता है, उसे पता होना चाहिए कि रूस की प्रतिक्रिया तत्काल होगी और आपको ऐसे परिणामों की ओर ले जाएगी जैसा आपने अपने इतिहास में पहले कभी अनुभव नहीं किया है।


*20 हजार से अधिक भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता : टीएस तिरुमूर्ति*

22-Feb-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश) रूस द्वारा पूर्वी यूक्रेन के दो क्षेत्रों डोनेत्स्क एवं लुहांस्क को स्वतंत्र देश की मान्यता दिए जाने के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(UNSC) की आपात बैठक जारी है। इस बैठक में भारत की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। UNSC में भारत के स्थाई सदस्य टीएस तिरुमूर्ति ने यूक्रेन मसले पर भारत की तरफ से बयान दिया है। तिरुमूर्ति ने सभी देशों से संयम बरतने की अपील की है और भारतीय नागरिकों की सलामती के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।

रूस-यूक्रेन संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में भारत ने कहा कि रूस के साथ यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गहरी चिंता का विषय है। इन घटनाक्रमों में क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को कमजोर करने की क्षमता है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान करते हैं। हमें विश्वास है कि इस मुद्दे को केवल राजनयिक बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है। नागरिकों की सुरक्षा आवश्यक है। 20,000 से अधिक भारतीय छात्र और नागरिक यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते और पढ़ते हैं। भारतीयों की सलामती हमारी प्राथमिकता है।रूस-यूक्रेन संकट के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए प्रयास शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह एयर इंडिया का विशेष विमान यूक्रेन रवाना हो गया है। भारत की ओर से 200 से अधिक सीटों वाले ड्रीमलाइनर बी-787 विमान को विशेष अभियान के लिए तैनात किया गया है। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को बर्बाद करने का आरोप लगाया और मंगलवार की सुबह के शुरुआती घंटों में राष्ट्र के नाम एक संबोधन में किसी भी क्षेत्रीय रियायत को खारिज कर दिया है। इसके अलावा यूएनएससी की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लिट्स्या ने कहा कि हम शांति चाहते हैं, हम एक राजनीतिक और राजनयिक समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम उकसावे के आगे नहीं झुकते हैं।

 

*अपने चीनी एयरक्राफ्ट्स के लिए पाकिस्तान से मिसाइल खरीदेगा म्यांमार…*

12-Feb-2022

नई दिल्ली (शोर संदेश)। चीन और पाकिस्तान अब दूसरे तरीके से भारत को घेरने की कोशिश में जुटे हैं। अब ये दोनों दुश्मन देश भारत के पड़ोसी राज्यों को अपने पक्ष में करने की योजना बना रहे हैं। इसीलिए म्यांमार को अपने पाले में लाने के लिए दोनों हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, म्यांमार ने पाकिस्तान के साथ सैन्य हथियारों की खरीद के लिए एक डील की है। इस डील के तहत यह देश पाकिस्तान से 60-81 एमएम मोर्टार, M-79 ग्रेनेड लॉन्चर और मशीन गन खरीदेगा। इसको लेकर जल्द ही म्यांमार का प्रतिनिधि मंडल पाकिस्तान का दौरा करने वाला है। जानकारों का कहना है कि चीन के हस्तक्षेप से पाकिस्तान को यह डील मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते कुछ ज्यादा ही परवान चढ़ रहे हैं। पता चला है कि म्यांमार पाकिस्तान से हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल खरीदने की भी योजना बना रहा है। वह इन मिसाइलों की खरीदारी JF-17 फाइटर एयरक्राफ्ट्स के लिए करना चाहता है। म्यांमार ऐसा पहला देश था, जिसने JF-17 फाइटर एयरक्राफ्ट्स का आयात किया था। इन लाइट वेट मल्टी रोल कॉम्बेट एयरक्राफ्ट्स को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर तैयार किया है।

चीन ने इस तरह बनाई रणनीति
चीन ने म्यांमार पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसलिए म्यांमार सीधे तौर पर चीन से ड्रोन नहीं खरीद सकता है। ऐसे में चीन ने हस्तक्षेप करके पाकिस्तान को बड़ी डील दिलवाने में मदद की है। इधर, म्यांमार में तख्तापलट के बाद पाकिस्तान लगातार अपनी करीबी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसके पीछे चीन भी एक वजह बनकर समाने आया है है, जो अपने ज्यादातर हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान को कर रहा है। इतना ही नहीं चीन पाकिस्तान में सैन्य हथियारों का निर्माण भी कर रहा है। अब वह अपने हथियारों को बेचने और भारत को घेरने के लिए दूसरी सैन्य रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है।



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