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देश-विदेश

कानपुर में बड़ी वारदात, हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस पर फायरिंग, डीएसपी समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद*

03-Jul-2020

दिल्ली (शोर सन्देश) कानपुर से एक बड़ी खबर रही है। हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर गोलिया बरसा दी है। घटना में डीएसपी समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हुए है। वही सात पुलिस कर्मी घायल भी हुए है। इस घटना के बाद सनसनी फ़ैल गई है। दबिश के दौरान बदमाशों ने पुलिस को घेरकर फायरिंग कर दी. इसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए. विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी. वारदात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह से बात की है।  आठ पुलिसकर्मी शहीद बताया जा रहा है कि बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर के एसओ महेश यादव, दो सब इंस्पेक्टर और 4 सिपाही शहीद हो गए. इसके अलावा सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है. पुलिस हत्या के प्रयास के केस में शातिर विकास दुबे को अरेस्ट करने गई थी। विकास के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं। 


पद्म पुरस्कार-2021 के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 15 सितंबर*

03-Jul-2020

 नयी दिल्ली (शोर सन्देश) गणतंत्र दिवस 2021 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिश की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2020 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की शुरुआत 1 मई, 2020 से हो चुकी हैं। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें केवल पद्म पुरस्कार https://padmaawards.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से ही प्राप्त की जाएगी। पद्म पुरस्कारों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में शामिल हैं। 1954 में स्थापित किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार `काम में विशिष्टता` की पहचान करने का प्रयास करता है और कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान, इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों के लिए लिये व्यवसाय, स्थिति या लिंग आदि बिना किसी भेदभाव के सभी व्यक्ति पात्र हैं। सरकारी कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी, डॉक्टर और वैज्ञानिक इन पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं।
सरकार इन पद्म पुरस्कारों को `लोगों का पद्म` के रूप में तब्दील करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे स्व-नामांकन सहित नामांकनों/सिफारिशों को भेजें।
नामांकन/सिफारिशों में उपर्युक्त वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें स्पष्ट रूप से प्रतिष्ठित व्यक्ति की असाधारण उपलब्धियां/सेवा/संबंधित क्षेत्र/अनुशासन तथा उसकी/उसके लिए अनुशंसित उद्धरण (अधिकतम 800 शब्द) शामिल हों।
गृह मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, भारत रत्न और पद्म विभूषण विजेताओं, उत्कृष्टता संस्थानों से उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने की दिशा में पूर्ण प्रयास किया जाए, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजनों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा में लगा हुआ हो तथा उनका नामांकन करने का अनुरोध किया गया है।
इस संबंध में और विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (www.mha.gov.in)) पर शीर्षकपुरस्कार एवं पदकके अंतर्गत उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित नियम और क़ानून वेबसाइट https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx के लिंक पर उपलब्ध हैं।


लद्दाख में भूकंप के तेज झटके, 119 किलोमीटर दूर कारगील के उत्तर-पश्चिम में रहा भूकंप का केंद्र*

03-Jul-2020

दिल्ली (शोर सन्देश) लदाख में भूकंप के झटके महूसस किये गए है। बार-बार रहे झटकों ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को हैरान-परेशान करके रख दिया है। ऐसे में अब लद्दाख में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए है। भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.5 नापी गई है। साथ ही ये भी कहा जा रहा है भूकंप का केंद्र 119 किलोमीटर दूर कारगील के उत्तर-पश्चिम था। हालांकि राहत की बात ये है कि कोई भी जन-धन की हानि नहीं हुई है।लद्दाख में इससे पहले यानी 2 दिन पहले भी भूकंप चुका है। सीमा पर वैसे ही भारत-चीन विवाद अपनी ऊचांई पर है, ऐसे में भूकंप ने सैनिकों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। कई दिनों से देश में भूकंप से लोगों को कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


अब पावर सेक्टर में सख्त होंगे आयात के नियम : मंत्री आरके सिंह*

02-Jul-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत, चीन को लगातार आर्थिक झटके देते जा रहा है। सड़क निर्माण और डिजिटल क्षेत्र में झटके के बाद अब बारी बिजली क्षेत्र की है। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि पावर प्रोजेक्ट के लिए चीन से जो भी इम्पोर्ट होता था, अब सरकार उसे रेगुलेट कर सकती है। इस क्षेत्र में कस्टम ड्यूटी को बढ़ाया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत इतनी ताकत रखता है कि हम आर्थिक लेवल के साथ-साथ युद्ध क्षेत्र में भी चीन को धकेल सके। आज पूरी दुनिया भारत के साथ है, इसमें भारत के मजबूत नेतृत्व का हाथ है।
बता दें कि इससे पहले बुधवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बयान दिया था कि भारत में बड़े हाइवे प्रोजेक्ट्स में अब चीनी कंपनियों को बैन किया जाएगा, इतना ही नहीं अगर वो किसी के साथ पार्टनरशिप में आती हैं तो भी उसपर रोक लगाई जाएगी। दूसरी ओर MSME सेक्टर में भी चीन पर नकेल कसी जाएगी।


कोरोना असर: लालबाग मंडल नहीं करेगा मूर्ति विसर्जन*

01-Jul-2020

 मुंबई (शोर सन्देश)  देश में कोरोना तेजी से बढ़ते ही जा रहा है। इसका असर अब गणेश उत्सव से पहले भी देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र के सबसे मशहूर गणपति मंडलों में शुमार लालबाग इस बार गणपति विसर्जन का उत्सव नहीं मनाएगा। लालबाग गणपति मंडल ने कोरोना वायरस के खतरे के चलते ये फैसला किया है। सरकार के इस निर्णय के बाद बाकी गणपति मंडलों ने दो मूर्तियां बनाने का फैसला किया है। एक बड़ी मूर्ति बनाई जाएगी और एक छोटी. पूजा सिर्फ छोटी मूर्ति की ही की जाएगी। लेकिन लालबाग राजा मंडल की एक ही मूर्ति है। यहां छोटी मूर्ति नहीं है, इसलिए पूजा भी बड़ी मूर्ति की ही की जाएगी। दरअसल, पूरे देश में मुंबई सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित शहरों में है। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सभी मंडलों को आदेश दिया था कि इस साल गणपति उत्सव हर साल की तरह मनाया जाए, क्योंकि इसमें बड़ी तादाद में लोग जमा होते हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि गणपति की मूर्ति की ऊंचाई 4 फीट तक ही रखी जाए।



शिवराज मंत्री मंडल का विस्तार आज-कल में, दो उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं*

30-Jun-2020

भोपाल (शोर सन्देश)  शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार आज हो सकता है। वैसे अभी तक औपचारिक तौर पर शपथ ग्रहण सामरोह की घोषणा नहीं हुई है। इसके बावजूद भी यह तय माना जा रहा है कि कोई बड़ी दिक्कत रहीं आई तो नवनियुक्त मंत्रियों का शपथ समारोह हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल में दो उप मुख्यमंत्री भी हो सकते हैं। राजभवन में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार मिलने के कारण शपथ समारोह पुरानी विधानसभा यानि मिंटो हाल में हो सकता हैं। इसके लिए तैयारियां प्रारंभ हो गई है। कार्यवाहक राज्यपाल आनंदी बेन पटेल नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। मंत्रिमंडल विस्तार में लगभग दो दर्जन लोगों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। केंद्रीय नेतृत्व से मिले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गौरतलब है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुहास भगत के साथ दिल्ली गए थे। इसी बीच गृह और स्वास्थ्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा को भी दिल्ली बुला लिया गया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के केन्द्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और ज्योतिरादित्य सिंधिया से प्रमुख रूप से मुलाकात की। जानकर सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल के विस्तार में नए चेहरों को ज़्यादा स्थान देने के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाध बाद अब, पूर्व मंत्रियों राजेंद्रप्रसाद शुक्ला, अजय विस्नोई, गौरीशंकर विसेन, रामपाल सिंह के नामों पर पेंच फँस गया है. मुख्यमंत्री इसको लेकर पार्टी नेतृत्व से देर रात तक मशविरा कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब कल सुबह 30 जून को सुबह 7 बजे दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना होंगे.पहले तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री आज रात को ही भोपाल वापस आने वाले थे। चौहान संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा नेतृत्व से अंतिम बात करने के लिए आज रात्रि भी दिल्ली में ही रहेंगे। इसी बीच यह सूचना आई है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा नेतृत्व से अंतिम बात करने के लिए आज रात्रि भी दिल्ली में ही रहेंगे। क्योंकि अभी भी कई नामों पर पेंच फंसा हुआ है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल सुबह विशेष विमान से ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ दिल्ली से भोपाल लौटेंगेबताया जा रहा है कि सिंधिया के साथ भाजपा में आए 22 में से 10 लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है. भाजपा के पुराने और नए चेहरों के बीच सामंजस्य बनाते हुए लगभग 15 लोगों को शपथ दिलाई जा सकती है. इसके साथ ही माना जा रहा है कि राज्य में दो मुख्यमंत्री भी हो सकते हैं. इनमें एक डा. नरोत्तम मिश्रा और दूसरे तुलसी सिलावट का नाम लगभग तय माना जा रहा है।
जिन सिंधिया समर्थकों का मंत्री बनना लगभग तय सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया, पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी, पूर्व विधायक राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, पूर्व विधायक एंदल सिंह कंसाना, पूर्व विधायक हरदीप सिंह डंग, पूर्व विधायक रणवीर जाटव और पूर्व विधायक बिसाहूलाल सिंह का मंत्री बनना तय माना जा रहा है।
भाजपा के पुराने चेहरे जो हैं मंत्री बनने की दौड़ में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव , पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पूर्व मंत्री विजय शाह, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे, पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला, पूर्व मंत्री संजय पाठक, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व मंत्री नागेंद्र सिंह नागौद,पूर्व मंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक के नाम संभावित मंत्रियों की सूची में प्रमुखता से लिए जा रहे हैं. इसके साथ ही भोपाल से पूर्व राज्य मंत्री विश्वास सांरग और विधायक रामेश्वर शर्मा में से कोई एक इंदौर से विधायक रमेश मेंदोला और विधायक मालिनी गौड़ में से कोई एक मंत्री बन सकता है।


पीएम मोदी छठी बार आज देश को करेंगे सम्बोधित *

30-Jun-2020

दिल्ली (शोर सन्देश)  कोरोना काल में छठी बार पीएम मोदी देश को सम्बोधित करेंगे। पीएम मोदी राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे। इसके अलावा देश में कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती रफ्तार और सीमा पर चीन के साथ जारी तनातनी के बीच होने वाले इस संबोधन पर हर किसी की नज़र है। आज होने वाला उनका संबोधन ये छठा होगा। इससे पहले जनता कर्फ्यू के ऐलान से लेकर 20 लाख करोड़ के पैकेज तक पीएम ने राष्ट्र को संबोधित किया है। कोरोना संकट में कब-कब राष्ट्र के नाम संबोधन?
19 मार्च: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट पर पहली बार इसी दिन देश को संबोधित किया था. इस दिन जनता कर्फ्यू का ऐलान किया गया था, जो 22 मार्च को रखा गया।
24 मार्च: दूसरे संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन का ऐलान किया. जो 25 मार्च से शुरू हुआ और 21 दिन तक के लिए लगाया गया।
3 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में लोगों से दीया जलाने की अपील की. देश में कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में रात को नौ बजे नौ मिनट तक दीया जलाया गया।
4 बजे राष्ट्र के नाम मोदी का संदेश, कोरोना की रफ्तार या चीन विवाद, किसपर होगी बात?
14 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में लॉकडाउन 2.0 का ऐलान किया, जो कि 3 मई तक जारी रहा. इसके बाद के सभी लॉकडाउन गृह मंत्रालय की ओर से लगाए गए।
12 मई: प्रधानमंत्री ने आखिरी बार 12 मई को संबोधन दिया था, जिसमें उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था. इसके तहत देश के छोटे व्यापारियों, श्रमिक मजदूरों, गरीबों को आर्थिक मदद, लोन की मदद का ऐलान किया गया।
30 जून: अब आज शाम को चार बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के नाम अपना संबोधन देंगे।


भारत सरकार ने चीन की 59 मोबाइल एप को किया प्रतिबंधित *

30-Jun-2020

सरकारी प्रतिबंध 59 मोबाइल ऐप जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए पूर्वाग्रहपूर्ण हैं।
नयी दिल्ली (शोर सन्देश) भारत की सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा प्रावधानों के तहत इसे लागू करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसे लागू किया है। भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए पूर्वाग्रहपूर्ण हैं। पिछले कुछ वर्षों में, भारत एक प्रमुख प्रर्वतक के रूप में उभरा है जब तकनीकी प्रगति और डिजिटल अंतरिक्ष में एक प्राथमिक बाजार की बात आती है। इसी समय, डेटा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं और 130 करोड़ भारतीयों की गोपनीयता की सुरक्षा के लिए चिंताएँ बढ़ गई हैं। हाल ही में यह ध्यान दिया गया है कि इस तरह की चिंताओं से हमारे देश की संप्रभुता और सुरक्षा को भी खतरा है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें चोरी के लिए एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग और उपयोगकर्ताओं के डेटा को अनधिकृत तरीके से सर्वर से प्रसारित करने के बारे में हैं, जिनमें भारत से बाहर के स्थान हैं। इन आंकड़ों का संकलन, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा के लिए शत्रुतापूर्ण तत्वों द्वारा खनन और इसकी रूपरेखा, जो अंततः भारत की संप्रभुता और अखंडता पर लागू होती है, बहुत गहरी और तत्काल चिंता का विषय है जिसे आपातकालीन उपायों की आवश्यकता है।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, गृह मंत्रालय ने भी इन दुर्भावनापूर्ण ऐप्स को अवरुद्ध करने के लिए एक संपूर्ण सिफारिश भेजी है। इस मंत्रालय को कुछ ऐप के संचालन से संबंधित डेटा से सुरक्षा और गोपनीयता के लिए जोखिम के बारे में नागरिकों की चिंताओं को उठाने वाले कई प्रतिनिधित्व भी मिले हैं। कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-IN) को सार्वजनिक आदेश के मुद्दों पर डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता के उल्लंघन के बारे में नागरिकों से कई प्रतिनिधित्व मिले हैं। इसी तरह, भारत के संसद के बाहर और अंदर दोनों ही तरह के जनप्रतिनिधियों द्वारा झंडारोहण की गई है। भारत की संप्रभुता के साथ-साथ हमारे नागरिकों की गोपनीयता को नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सार्वजनिक स्थान पर एक मजबूत कोरस किया गया है।
इनके आधार पर और हाल के विश्वसनीय इनपुट्स प्राप्त करने पर कि ऐसे ऐप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा पैदा करते हैं, भारत सरकार ने मोबाइल और गैर-मोबाइल इंटरनेट सक्षम उपकरणों में उपयोग किए गए कुछ ऐप्स के उपयोग को अस्वीकार करने का निर्णय लिया है। ये ऐप संलग्न परिशिष्ट में सूचीबद्ध हैं।
यह कदम करोड़ों भारतीय मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के हितों की रक्षा करेगा। यह निर्णय भारतीय साइबरस्पेस की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए एक लक्षित कदम है।
00 भारत में प्रतिबंधित किये गए एप की सूची :
1. TikTok
2. Shareit
3. Kwai
4. UC Browser
5. Baidu map
6. Shein
7. Clash of Kings
8. DU battery saver
9. Helo
10. Likee
11. YouCam makeup
12. Mi Community
13. CM Browers
14. Virus Cleaner
15. APUS Browser
16. ROMWE
17. Club Factory
18. Newsdog
19. Beutry Plus
20. WeChat
21. UC News
22. QQ Mail
23. Weibo
24. Xender
25. QQ Music
26. QQ Newsfeed
27. Bigo Live
28. SelfieCity
29. Mail Master
30. Parallel Space 31. Mi Video Call – Xiaomi
32. WeSync
33. ES File Explorer
34. Viva Video – QU Video Inc
35. Meitu
36. Vigo Video
37. New Video Status
38. DU Recorder
39. Vault- Hide
40. Cache Cleaner DU App studio
41. DU Cleaner
42. DU Browser
43. Hago Play With New Friends
44. Cam Scanner
45. Clean Master – Cheetah Mobile
46. Wonder Camera
47. Photo Wonder
48. QQ Player
49. We Meet
50. Sweet Selfie
51. Baidu Translate
52. Vmate
53. QQ International
54. QQ Security Center
55. QQ Launcher
56. U Video
57. V fly Status Video
58. Mobile Legends
59. DU Privacy


आखिर भारत के गलवान पर ही क्यों कब्जा करना चाहता है चीन

21-Jun-2020

 क्या 1967 दोहराना चाहता है चीन

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भाती-चीन का विवाद इन दिनों गलवान घाटी पर गरमाया हुआ है, लेकिन ऐसा क्या है जो चीन भारत के गलवान पर ही कब्जा करना चहता है। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीनी सेना के बीच तनाव की शुरुआती हो गई थी। जून में यह तनाव चरम पर पहुंच गया और हिंसक झड़प में बदल गया। इस झड़प में जहां भारत ने अपने 20 जवानों को खोया वहीं चीन को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। इससे पहले चीन के साथ भारत की 1967 में भारी तना-तनी हुई थी, जिसका खामियाजा दोनों देशों को बड़े नुकसान से चुकाना पड़ा था। जिस तरह के हालात वर्तमान में दोनों देशों के बीच बन रहे हैं, इसका अर्थ कही चीन 1967 दोहराना तो नहीं चाहता।
आखिर भारत के गलवान पर ही क्यों कब्जा करना चाहता है चीन। इसका जवाब जानने जब गहरी चिंतन हुई तब एक बात सामने आई जो है अक्साई चिन। अक्साई चिन पर हमेशा से भारत का दावा रहा है, लेकिन गलवान के इलाके को चीन ने कब्जा कर रखा है। यहां की भौगोलिक स्थिति पठारी है। इस इलाके में चीन सामरिक तौर पर अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहता है, इसलिए वो इसके आगे के हिस्सों पर भी अपना कब्जा चाहता है।
भारत के जिस इलाके में गलवान है, वह भारत के उत्तरी इलाके में सुदूर, बेहद संकरे और कटीले पहाड़ों और तेजी से बहती नदियों के बीच स्थित है, यह क्षेत्र लगभग 14,000 फीट (4,250 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है और तापमान अक्सर शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहता है।
सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा फेस-ऑफ का सबसे प्रमुख कारण भारत का ट्रांसपोर्ट लिंक को बेहतर बनाने के लिए सड़कों और हवाई अड्डों का निर्माण करना है। चीन इस इलाके में भारत की मजबूत स्थिति से पूरी तरह बौखलाया हुआ है।
बता दें कि एलएसी के किनारे चीन ने पहले ही मजबूत बुनियादी ढांचा बना लिया है। ऐसे में भारत के सीमाई क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर चीन बुरी तरह भड़का हुआ है। चीन को लग रहा है कि इससे इन दुर्गम इलाकों में भी भारत भारी पड़ सकता है। भारत की इस तैयारी से दोनों देशों के बीच जो सैन्य ताकतों का फासला है वो भी कम हो सकता है।
बता दें कि दोनों देशों के बीच 1993 में हुए एक समझौते के मुताबिक वास्तविक सीमा रेखा पर कोई भी पक्ष बल का प्रयोग नहीं करेगा, लेकिन चीन ने अपनी चालबाजी के जरिए बिना एक भी गोली चलाए तनाव को शीर्ष स्तर पर पहुंचा दिया।
इस क्षेत्र में दोनों देश के बीच 4,056 किमी (2,520 मील) लंबी सीमा रेखा है। हिमालय के इस क्षेत्र में चीन भारत के विशाल भूखंड पर अपना दावा करता रहा है। जब इसी घुसपैठ को सेना रोकती है और उन्हें पीछे जाने पर मजबूर करती है तो एलएसी पर तनाव बढ़ जाता है। इस इलाके में दोनों देशों के बीच सीमा विवाद भारत के पूर्व ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रशासकों द्वारा किए गए सीमांकन के बाद से ही शुरू हो गया था।
गलवान में चीन की आपत्ति के बाद भी भारत ने अपनी तरफ एक सड़क का निर्माण बीते साल अक्टूबर में ही पूरा कर लिया था। इससे पहले साल 1967 में भारत और चीनी सेना के बीच ऐसी ही झड़प हो चुकी है, जिसमें सैकड़ों चीनी सैनिक मारे गए थे। भारत के भी कई जवान शहीद हो गए थे।


दुनिया भर के जहाज मालिकों को भारत में सरकारी कार्गो के परिवहन का आमंत्रण

20-Jun-2020

नयी दिल्ली (शोर सन्देश) भारत सरकार ने हाल ही में सभी सेवाओं में सरकारी खरीद अन्य के लिए अपनीमेक इन इंडियानीति में संशोधन किया है। संशोधित नीति के तहत, 200 करोड़ रुपये से कम की खरीद के अनुमानित मूल्य के लिए, सभी सेवाओं की खरीद के लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के अलावा कोई वैश्विक निविदा जारी नहीं की जाएगी।

केंद्रीय पोत परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडावियाने सरकार की कार्गो परिवहन नीति के कार्यान्वयन के लिए भारतीय शिपिंग की तैयारी की समीक्षा की।
यह अनुमान है कि मेक इन इंडिया नीति, तात्कालिक तौर पर भारतीय फ्लैग जहाज़ों की संख्या को कम से कम दोगुनी (3 साल की अवधि में वर्तमान के लगभग 450 से बढ़कर900जहाज) करने का अवसर प्रदान करेगी। इसके अलावा भविष्य में भारतीय फ्लैग टन भार में अतिरिक्त निवेश होने की भी सम्भावना रहेगी।

आधुनिक समुद्री प्रशासन के साथ, प्रशिक्षित नाविकों की निरंतर आपूर्ति पहले से ही उपलब्ध जहाज प्रबंधन कौशलके साथ दुनिया भर के जहाज मालिकों कोसरकारी कार्गो के परिवहन के सन्दर्भ में सरकार की मेक इन इंडिया नीति का लाभ उठाने हेतुभारत में अपने जहाजों को फ्लैग करने के लिए आमंत्रित किया गया है। 

 




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