
दिल्ली (शोर सन्देश)। पूरा विश्व मानसिक तनाव सेे गुजर रहा है, इससे मुक्ति का सरल समाधान सिर्फ एक ही है, योग ध्यान सभी को जरूरत है कि वह घर पर रहकर ही योग व ध्यान सीखे करे और स्वस्थ रहें। ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति का जीवन पूर्ण और व्यवस्थित होता है। ध्यान से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत में भारत की बड़ी भूमिका है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के अनेक लाभों को देखते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए देशवासियों को प्रेरित किया है। भारत में विश्व योग दिवस को भव्य रुप में मनाया जाता है, लेकिन इस साल कोरोनावायरस के चलते विश्व योग दिवस फ ीका न रहे इसके लिए योग दिवस को अपने घर पर योग करके अवश्य मनाए। योग ध्यान से शरीर पूर्णता स्वस्थ रहता है इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति इस विश्व योग दिवस को अवश्य मनाए और दैनिक जीवन में योग को अवश्य उतारे। आज पूरा विश्व मानसिक तनाव को झेल रहा है, इससे मुक्ति का सरल समाधान सिर्फ एक ही है वह है ध्यान और योग सभी को जरूरत है कि वह घर पर रहकर ही योग व ध्यान सीखे और करे और स्वस्थ रहें।
ध्यान से मानसिक शक्ति को केंद्रित और नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे अनेक शारीरिक और मानसिक रोगों से छुटकारा मिल जाएगा। रोग प्रतिरोधक क्षमता में पाचन प्रणाली में सुधार, आना ,रक्तचाप में कमी आना मानसिक तनाव में कमी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का आसान और स्थाई तरीका है ध्यान का अभ्यास के मानसिक लाभ। मन हमारे शरीर का चालक है यदि हमारा मन शांत एवम व्यवस्थित और नियंत्रित रहता है तो अनेक लाभ मिलते हैं जैसे मानसिक तनाव में कमी बेहतर नींद एवम मन शांत एवम व्यवस्थित और नियंत्रित रहता है । रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढोतरी होती हैं। इससे अपने स्मरण शक्ति को भी विकसित किया जा सकता है, संकल्प शक्ति का विकास करके अपने क्रोध को द्वेष आदि को दूर करके मानसिक शक्ति प्राप्त की जा सकती है।
ध्यान का अर्थ भीतर से जाग जाना ध्यान है। सदा निर्विचार की दशा में रहना ही ध्यान हैं। ध्यान या मेडिटेशन एक ऐसी मानसिक अवस्था है, जिससे व्यक्ति अपने दिमाग और मन को एकाग्र चित्त करने की कोशिश करता है। चिंता तनाव डर मानसिक रोग शारीरिक रोग डिप्रेशन चिंता कुंठा से बचाव का उत्तम उपाय सिर्फ योग और ध्यान ही हैं। अशांति तनाव या अवस्था हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बना देती है, योग करें स्वस्थ रहें शरीर को शक्तिशाली बनाते हैं योगिक आसन और ध्यान।
तनाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर बहुत हानिकारक प्रभाव डालता है
ध्यान वास्तव में ध्यान क्या है। अपनी आंख बंद करके बैठ जाना भी ध्यान नहीं किसी मूर्ति का समरण करना भी ध्यान नहीं माला जपना भी ध्यान नहीं अक्सर ये कहा जाता है कि पांच 10 मिनट के लिए इशवर का ध्यान करो यह भी ध्यान नहीं समरण हैं।
ध्यान का अभ्यास करने की विधि।
आराम से किसी भी ध्यानात्मक आसन या किसी भी आरामदायक स्थिति में बैठकर ध्यान के अभ्यास को किया जा सकता है। अपनी आंखों को बंद करें और सांस को नियंत्रित करने की कोशिश न करें स्वाभाविक तरीके से ही सांस लें। सांस पर अपना ध्यान केंद्रित न करें और सांस अंदर लेने और बाहर निकालने पर शरीर की गतिविधियों पर गौर करने के साथ-साथ अपने शरीर के हर अंग का निरीक्षण भी करेंगे। जैसे छाती कंधा पसलियां पेट आदि। बस सिर्फ अपनी श्वास पर अपना ध्यान केंद्रित करें बिना उसकी गति या तीव्रता को नियंत्रित किये गहरी सांस ले गहरी सांस लेने के साथ साथ ही नाड़ी शोधन प्राणायाम अवश्य करें।
इससे रक्त वाहिकाओं मे रक्त पवाह को बेहतर बनाने वाले योग करना हमेशा अच्छा होता है। ध्यान करते समय अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट रखें। इससे आपको आराम शांति और ध्यान में मन लगाने में मदद मिलती है। बैठकर ध्यान करते वक्त अपनी आंखें बंद रखें। इससे ध्यान करते समय मन नहीं भटकता। अभ्यास खत्म होने के बाद धीरे-धीरे अपनी आंखें खोले। मन के अब अपने अंदर आई स्फूर्ति को महसूस करने की कोशिश करें। आपको ताजगी का एहसास होगा। ध्यान से ही मानसिक शक्ति को केंद्रित और नियंत्रित किया जा सकता है। जिससे अनेक शारीरिक और मानसिक रोगों से छुटकारा मिल जाएगा और अपने स्मरण शक्ति को भी विकसित किया जा सकता है , संकल्प शक्ति का विकास करके अपने क्रोध को द्वेष आदि को दूर करके मानसिक शक्ति प्राप्त की जा सकती है। ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति का जीवन पूर्ण तथ ध्यान के अभ्यास से व्यक्तिगत जीवन को नियंत्रित और सयमित भी होता है। ध्यान के परिणीति यही है कि हम सभी अपने स्वरूप में स्थित हो जाएं मेडिटेशन के बिना हमारे मन बुद्धि कर्म जीवन सभी में अंधकार रहता है ।
ध्यान अभ्यास करने से हमारा शरीर पूरी तरह से शांत हो जाता है और हमारा समस्त तनाव दूर हो जाता है। ध्यान पर किए गए परीक्षण बताते हैं कि ध्यान अभ्यास के दौरान हमारे दिमाग की तरंगे धीमी होकर 4 से 10 हर्टज पर काम करने लगते हैं। जिससे कि हमें पूरी तरह से शांत होने का एहसास मिलता है। इससे हमारे शरीर को भी अनेक लाभ मिलते हैं जैसे बेहतर नींद आना रक्तचाप में कमी आना, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन प्रणाली में सुधार और दर्द के एहसास में कमी आना । यह सभी लाभ ध्यान से हमें अपने आप ही मिलने लगते हैं। जब भी आप व्यवस्था और भावनात्मक रूप से परेशान होते हैं तब ध्यान से आप को शांति मिलती है।दिल्ली (वीएनएस)। पूरा विश्व मानसिक तनाव सेे गुजर रहा है, इससे मुक्ति का सरल समाधान सिर्फ एक ही है, योग ध्यान सभी को जरूरत है कि वह घर पर रहकर ही योग व ध्यान सीखे करे और स्वस्थ रहें। ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति का जीवन पूर्ण और व्यवस्थित होता है। ध्यान से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत में भारत की बड़ी भूमिका है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग के अनेक लाभों को देखते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए देशवासियों को प्रेरित किया है। भारत में विश्व योग दिवस को भव्य रुप में मनाया जाता है, लेकिन इस साल कोरोनावायरस के चलते विश्व योग दिवस फ ीका न रहे इसके लिए योग दिवस को अपने घर पर योग करके अवश्य मनाए। योग ध्यान से शरीर पूर्णता स्वस्थ रहता है इसीलिए प्रत्येक व्यक्ति इस विश्व योग दिवस को अवश्य मनाए और दैनिक जीवन में योग को अवश्य उतारे। आज पूरा विश्व मानसिक तनाव को झेल रहा है, इससे मुक्ति का सरल समाधान सिर्फ एक ही है वह है ध्यान और योग सभी को जरूरत है कि वह घर पर रहकर ही योग व ध्यान सीखे और करे और स्वस्थ रहें।
ध्यान से मानसिक शक्ति को केंद्रित और नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे अनेक शारीरिक और मानसिक रोगों से छुटकारा मिल जाएगा। रोग प्रतिरोधक क्षमता में पाचन प्रणाली में सुधार, आना ,रक्तचाप में कमी आना मानसिक तनाव में कमी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का आसान और स्थाई तरीका है ध्यान का अभ्यास के मानसिक लाभ। मन हमारे शरीर का चालक है यदि हमारा मन शांत एवम व्यवस्थित और नियंत्रित रहता है तो अनेक लाभ मिलते हैं जैसे मानसिक तनाव में कमी बेहतर नींद एवम मन शांत एवम व्यवस्थित और नियंत्रित रहता है । रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढोतरी होती हैं। इससे अपने स्मरण शक्ति को भी विकसित किया जा सकता है, संकल्प शक्ति का विकास करके अपने क्रोध को द्वेष आदि को दूर करके मानसिक शक्ति प्राप्त की जा सकती है।
ध्यान का अर्थ भीतर से जाग जाना ध्यान है। सदा निर्विचार की दशा में रहना ही ध्यान हैं। ध्यान या मेडिटेशन एक ऐसी मानसिक अवस्था है, जिससे व्यक्ति अपने दिमाग और मन को एकाग्र चित्त करने की कोशिश करता है। चिंता तनाव डर मानसिक रोग शारीरिक रोग डिप्रेशन चिंता कुंठा से बचाव का उत्तम उपाय सिर्फ योग और ध्यान ही हैं। अशांति तनाव या अवस्था हमारी प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बना देती है, योग करें स्वस्थ रहें शरीर को शक्तिशाली बनाते हैं योगिक आसन और ध्यान।
तनाव हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर बहुत हानिकारक प्रभाव डालता है
ध्यान वास्तव में ध्यान क्या है। अपनी आंख बंद करके बैठ जाना भी ध्यान नहीं किसी मूर्ति का समरण करना भी ध्यान नहीं माला जपना भी ध्यान नहीं अक्सर ये कहा जाता है कि पांच 10 मिनट के लिए इशवर का ध्यान करो यह भी ध्यान नहीं समरण हैं।
ध्यान का अभ्यास करने की विधि।
आराम से किसी भी ध्यानात्मक आसन या किसी भी आरामदायक स्थिति में बैठकर ध्यान के अभ्यास को किया जा सकता है। अपनी आंखों को बंद करें और सांस को नियंत्रित करने की कोशिश न करें स्वाभाविक तरीके से ही सांस लें। सांस पर अपना ध्यान केंद्रित न करें और सांस अंदर लेने और बाहर निकालने पर शरीर की गतिविधियों पर गौर करने के साथ-साथ अपने शरीर के हर अंग का निरीक्षण भी करेंगे। जैसे छाती कंधा पसलियां पेट आदि। बस सिर्फ अपनी श्वास पर अपना ध्यान केंद्रित करें बिना उसकी गति या तीव्रता को नियंत्रित किये गहरी सांस ले गहरी सांस लेने के साथ साथ ही नाड़ी शोधन प्राणायाम अवश्य करें।
इससे रक्त वाहिकाओं मे रक्त पवाह को बेहतर बनाने वाले योग करना हमेशा अच्छा होता है। ध्यान करते समय अपने चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट रखें। इससे आपको आराम शांति और ध्यान में मन लगाने में मदद मिलती है। बैठकर ध्यान करते वक्त अपनी आंखें बंद रखें। इससे ध्यान करते समय मन नहीं भटकता। अभ्यास खत्म होने के बाद धीरे-धीरे अपनी आंखें खोले। मन के अब अपने अंदर आई स्फूर्ति को महसूस करने की कोशिश करें। आपको ताजगी का एहसास होगा। ध्यान से ही मानसिक शक्ति को केंद्रित और नियंत्रित किया जा सकता है। जिससे अनेक शारीरिक और मानसिक रोगों से छुटकारा मिल जाएगा और अपने स्मरण शक्ति को भी विकसित किया जा सकता है , संकल्प शक्ति का विकास करके अपने क्रोध को द्वेष आदि को दूर करके मानसिक शक्ति प्राप्त की जा सकती है। ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति का जीवन पूर्ण तथ ध्यान के अभ्यास से व्यक्तिगत जीवन को नियंत्रित और सयमित भी होता है। ध्यान के परिणीति यही है कि हम सभी अपने स्वरूप में स्थित हो जाएं मेडिटेशन के बिना हमारे मन बुद्धि कर्म जीवन सभी में अंधकार रहता है ।
ध्यान अभ्यास करने से हमारा शरीर पूरी तरह से शांत हो जाता है और हमारा समस्त तनाव दूर हो जाता है। ध्यान पर किए गए परीक्षण बताते हैं कि ध्यान अभ्यास के दौरान हमारे दिमाग की तरंगे धीमी होकर 4 से 10 हर्टज पर काम करने लगते हैं। जिससे कि हमें पूरी तरह से शांत होने का एहसास मिलता है। इससे हमारे शरीर को भी अनेक लाभ मिलते हैं जैसे बेहतर नींद आना रक्तचाप में कमी आना, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन प्रणाली में सुधार और दर्द के एहसास में कमी आना । यह सभी लाभ ध्यान से हमें अपने आप ही मिलने लगते हैं। जब भी आप व्यवस्था और भावनात्मक रूप से परेशान होते हैं तब ध्यान से आप को शांति मिलती है।

गुलाम रसूल गलवान ने गलवान घाटी की खोज की थी, अंग्रेजों ने उन्हीं के नाम पर इस घाटी का नाम रखा था. उनके पोते का कहना है कि 1962 में भी चीन ने घाटी पर कब्जा करने की कोशिश की थी. लद्दाख की गलवान घाटी, जहां एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा है, उसका गलवान परिवार के साथ संबंध गहरा और भावनात्मक है. इस घाटी का नाम एक स्थानीय एक्सप्लोरर गुलाम रसूल गलवान के नाम पर रखा गया था. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मौजूदा स्थिति के बारे में बात करते हुए उनके पोते मोहम्मद अमीन गलवान ने कहा कि वह उन जवानों को सलाम करते हैं, जिन्होंने चीनी सैनिकों के साथ लड़ते हुए जीवन का बलिदान दिया. मोहम्मद गलवान कहते हैं, `युद्ध विनाश लाता है, आशा है कि एलएसी पर विवाद शांति से हल हो जाएगा.` परिवार के साथ घाटी के गहरे संबंध को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उनके दादा पहले इंसान थे जो इस गलवान घाटी में ट्रैकिंग करते हुए अक्साई चीन क्षेत्र में पहुंचे थे. उन्होंने 1895 में अंग्रेजों के साथ इस घाटी में ट्रैकिंग की थी. मोहम्मद गलवान के मुताबिक, `अक्साई चीन जाने के दौरान रास्ते में मौसम खराब हो गया और ब्रिटिश टीम को बचाना मुश्किल हो गया. मौत उनकी आंखों के सामने थी. हालांकि फिर रसूल गलवान ने टीम को मंजिल तक पहुंचाया. उनके इस काम से ब्रिटिश काफी खुश हुए और उन्होंने उनसे पुरस्कार मांगने के लिए कहा, फिर उन्होंने कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए बस इस नाले का नामकरण मेरे नाम पर कर दिया जाए.`

दिल्ली (शोर सन्देश)। लद्दाख में LAC पर चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 जवानों के शहीद होने को लेकर देशभर में गुस्सा है. इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख पर सवाल खड़ा किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि न तो वहां कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. राहुल गांधी ने कहा कि पीएम ने भारतीय क्षेत्र को चीनी आक्रमकता के सामने खुद को सरेंडर कर दिया है. राहुल गांधी ने सवाल किया कि वह जमीन चीन की थी जहां भारतीय जवान शहीद हुए तो हमारे सैनिकों को क्यों मारा गया? उन्हें कहां मारा गया? असल में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक के बाद कहा था कि न तो कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए. प्रधानमंत्री मोदी के इसी बयान पर राहुल गांधी ने सवाल किया है और पूछा है कि अगर वह जमीन चीन की थी, जहां भारतीय जवान शहीद हुए तो हमारे सैनिकों को क्यों मारा गया? उन्हें कहां मारा गया?

इसके बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होने की संभावना
दक्षिण-पश्चिम मानसून के 25 जून 2020 के आसपास हरियाणा सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में पहुंचने की संभावना मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) का कांडला, अहमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो, फतेहपुर और बहराइच से होकर गुजरना जारी
नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र/क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के अनुसार: अनुकूल मौसम विज्ञान-संबंधी परिस्थितियों के तहत, पिछले सप्ताह (11वें-16वें) के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून में निरंतर प्रगति हुई थी और इस अवधि के दौरान, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत, पश्चिम के अधिकांश हिस्सों, मध्य भारत और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुँच गया है। 16 जून 2020 को मानसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) अक्षांश.23 ° उत्तर / देशान्तर.60 ° पूर्व, कांडला, अहमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो, फतेहपुर, बहराइच और अक्षांश.28 ° उत्तर / देशान्तर.8.5.5 ° पूर्व से होकर गुजरी और यह आज 18 जून 2020 तक समान स्थिति में रहा। वर्तमान मौसम संबंधी परिदृश्य के कारण, दक्षिण पश्चिम मानसून की 21 जून 2020 तक आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। इसके पश्चात, दक्षिण पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में 22 से 24 जून 2020 तक आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होने की संभावना है।
दक्षिण पश्चिम मानसून के 25 जून 2020 के आसपास हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में पहुंचने की संभावनाएं बनी हुई हैं। दक्षिण पश्चिम मानसून की प्रगति के दौरान, 22 से 24 जून, 2020 के दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पर्याप्त वर्षा से भारी वर्षा/गरज गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
इस दौरान, मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) का कांडला, अहमदाबाद, इंदौर, रायसेन, खजुराहो, फतेहपुर और बहराइच से होकर गुजरना जारी है।
मध्य पाकिस्तान से मणिपुर तक के निचले ट्रोफोस्फेरिक स्तरों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और झारखंड एवं इससे सटे निचले क्षेत्रों और मिडट्रोपोस्फ़ेरिक स्तरों पर एक चक्रवाती दबाव बना हुआ है। इन परिस्थितियों के कारण होने वाले प्रभाव के तहत, आगामी 5 दिनों के दौरान ,पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। आज, 18 जून, 2020 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और मेघालय में भारी वर्षा होने की संभावना है। आगामी 5 दिनों के दौरान मध्य भारत में भी पर्याप्त से भारी वर्षा और पूर्व मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में पर्याप्त से भारी वर्षा होने की संभावना है।
आगामी 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तराखंड (अलग-अलग क्षेत्रों में तेज गर्जन के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है) के अतिरीक्त उत्तर पश्चिम भारत में हलकी वर्षा/गर्जन के साथ छीटें पड़ने की संभावना है।
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में निचले ट्रोपोस्फ़ेरिक स्तरों पर संभावित उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण, आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान लू से भीषण लू चलने की संभावना है।

6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों का यह अभियान प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में चलाया जाएगा इस अभियान के तहत रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के साथ ही स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत 50,000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक कार्य कराए जाएंगे
नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। वापस आए प्रवासी श्रमिकों और गांव के लोगों को सशक्त बनाने और आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने एक व्यापक ग्रामीण सार्वजनिक कार्य योजना `गरीब कल्याण रोजगार अभियान` शुरू करने का निर्णय लिया है। पीएम मोदी 20 जून, 2020 को सुबह 11 बजे बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम में इस अभियान की शुरुआत करेंगे। यह अभियान बिहार के खगड़िया जिले के ग्राम-तेलिहार, ब्लॉक- बेलदौर से लॉन्च किया जाएगा। आगे पांच अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रालयों के केंद्रीय मंत्री भी इस वर्चुअल लॉन्च में भाग लेंगे। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए 6 राज्यों के 116 जिलों के गांव सार्वजनिक सेवा केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे।
125 दिनों का यह अभियान मिशन मोड में चलाया जाएगा। 50 हजार करोड़ रुपये के फंड से एक तरफ प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विभिन्न प्रकार के 25 कार्यों का तीव्र और केंद्रित होकर क्रियान्वयन होगा, तो दूसरी तरफ देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
116 जिलों के 25 हजार से ज्यादा प्रवासी श्रमिकों के साथ इस अभियान में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा इन 6 राज्यों को चुना गया है, जिसमें इच्छा जताने वाले 27 जिले शामिल हैं। इन जिलों से दो तिहाई प्रवासी श्रमिकों के लाभान्वित होने का अनुमान है।
यह अभियान 12 विभिन्न मंत्रालयों/विभागों- ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, खान, पेयजल और स्वच्छता, पर्यावरण, रेलवे, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, सीमा सड़क, दूरसंचार और कृषि का एक समन्वित प्रयास होगा।

नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री ने आज असम के तिनसुकिया जिले में ओआईएल इंडिया लिमिटेड तेल कूप से गैस रिसाव और तेल कूप संख्या बाग़जन-5 में आग से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में गृह मंत्री अमित शाह,पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, अन्य केंद्रीय मंत्रियों और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस कुएं से अनियंत्रित गैस का रिसाव 27 मई, 2020 को शुरू हो गया था। इसके बाद रिसाव को नियंत्रित करने के लिए जब तैयारी चल रही थी तो 9 जून, 2020 को कुएं में आग लग गई। इसके आसपास के इलाकों में रहने वाले परिवारों को वहां से हटा दिया गया और ओआईएल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से राज्य सरकार ने राहत शिविर स्थापित किए। इन राहत शिविरों में लगभग 9,000 लोग रह रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित 1610 परिवारों में से प्रत्येक के लिए तत्काल राहत के रूप में 30,000 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने असम के लोगों को असम के मुख्यमंत्री के माध्यम से आश्वासन दिया है कि भारत सरकार पीड़ित परिवारों को सहायता और राहत एवं पुनर्वास प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की वजह से उत्पन्न इस कठिन समय में राज्य सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भी निर्देश दिया कि वह इस घटना का अध्ययन करे और इसका दस्तावेज भी तैयार रखे ताकि भविष्य में यह उपयोगी साबित हो सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने और ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए हमारे संगठनों के भीतर और अधिक क्षमता और विशेषज्ञता विकसित की जानी चाहिए।
समीक्षा बैठक के दौरान यह बताया गया कि कुएं से गैस के प्रवाह को नियंत्रित करने और इसे बंद करने के लिएभारतीय और विदेशी विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस योजना को तय कार्यक्रम के अनुसार क्रियान्वित किया जा रहा है और सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियां बरतने के बाद 7 जुलाई, 2020 को इस कुएं को बंद कर दिया जाएगा।

रिकवरी दर सुधर कर 52.96 प्रतिशत तक पहुंची
नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कोविड-19 की परीक्षण की सुविधा प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए भारत का पहला मोबाइल आई-लैब (संक्रामक रोग नैदानिक प्रयोगशाला) लांच किया। इसे देश के सुदूर, आंतरिक एवं दुर्गम हिस्सों में तैनात किया जाएगा और इसकी क्षमता सीजीएचएस दरों पर प्रति दिन 25 कोविड-19 आरटी-पीसीआर परीक्षण, 300 ऐलिसा जांच/प्रति दिन, टीबी, एचआईवी, आदि के लिए अतिरिक्त जांचों की होगी। संक्रामक रोग नैदानिक प्रयोगशाला (आई-लैब) कोविड कमान कार्यनीति के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित है। पिछले 24 घंटों के दौरान, 7390 कोविड-19 मरीज स्वस्थ हुए। अब तक कुल 1,94,324 रोगी कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके हैं। रिकवरी दर सुधर कर 52.96 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वर्तमान में, 1,60,384 सक्रिय मामले चिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत हैं।
सरकारी प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़कर 699 एवं निजी क्षेत्र के प्रयोगशालाओं की संख्या बढ कर 254 (कुल 953) हो गई है। विवरण इस प्रकार है:
रियल टाइम आरटी पीसीआर आधारित परीक्षण प्रयोगशालाएं: 540 (सरकारी: 349 एवं निजी: 191)
ट्रूनैट आधारित परीक्षण प्रयोगशालाएं: 340 (सरकारी: 325 एवं निजी:15)
सीबीएनएएटी आधारित परीक्षण प्रयोगशालाएं: 73 (सरकारी: 25 एवं निजी: 48)।
पिछले 24 घंटों के दौरान 1,65,412 नमूनों का परीक्षण किया गया है। इस प्रकार अभी तक कुल 62,49,668 नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।
कोविड-19 से संबंधित तकनीकी मुद्दों, दिशानिर्देशों एवं परामर्शियों पर प्रमाणित और अद्यतन जानकारी के लिए कृपया नियमित रूप से https://www.mohfw.gov.in/ और @MoHFW_INDIA. का अवलोकन करें।
कोविड-19 से संबंधित तकनीकी प्रश्नों को [email protected] पर तथा अन्य प्रश्नों को [email protected] और @CovidIndiaSeva. पर भेजा जा सकता है।
कोविड-19 से संबंधित किसी भी प्रश्न के मामले में कृपया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय हेल्पलाइन नंबर +91-11-23978046 या 1075 (टोल फ्री) पर काल करें। कोविड-19 पर राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के हेल्पलाइन नंबरों की सूची भी https://www.mohfw.gov.in/pdf/coronvavirushelplinenumber.pdf. पर उपलब्ध है।

दिल्ली (शोर सन्देश)। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन में कोरोना सिम्टम्स मिले हैं। इसके बाद वह हॉस्पिटल में एडमिट हो गए हैं और उनकी कोरोना जांच कराई गई, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं आई है। अगर कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो सत्येंद्र जैन के संपर्क में आए लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में कई नेताओं को क्वारनटीन करना पड़ सकता है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने हाल में गृह मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लिया था। इस बैठक में वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ एक साथ कार में पहुंचे थे। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा उपराज्यपाल अनिल बैजल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत कई अफसर मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने खुद ट्वीट कर अपने एडमिट होने की जानकारी भी दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि तेज बुखार और सांस लेने में आ रही दिक्कत के बाद मुझे राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है. मैं आपको ताजा जानकारी देता रहूंगा।

दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में जानलेवा कोरोना वायरस के मामले दिन पर दिन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं। पिछले 24 घंटों के अंदर देश में 10 हजार 667 नए मामले सामने आए हैं। वहीं पिछले एक दिन में 380 लोगों की मौत हुई है. इसी के साथ देश में मरने वालों का आंकड़ा 9 हजार 900 पहुंच गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अबतक तीन लाख 43 हजार 91 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं एक लाख 80 हजार 13 लोग ठीक भी हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में स्वस्थ होने की दर बढ़कर 51.08 प्रतिशत हो गई है यानी आधे से अधिक संक्रमण के मामलों में मरीज स्वस्थ हो गए हैं. बता दें कि कई अन्य राज्यों ने भी अपने यहां नमूनों के परीक्षण ढांचे और कोविड-19 मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की है।
छत्तीसगढ़ में सोमवार को 44 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। वहीं 116 मरीज डिस्चार्ज हुए है। सोमवार को धमतरी के 1 पॉजिटिव मरीज की रायपुर एम्स में इलाज के दौरान मौत हुई है। वह किडनी की बीमारी से पीड़ित होने के कारण डायलिसिस पर था। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि की है। बताया गया कि 44 नए कोरोना पॉजिटिव में कोरबा से 16, बिलासपुर और रायपुर से 7-7, मुंगेली से 4, बलौदाबाजार से 3, बलरामपुर, दुर्ग और कोंडागांव से 2-2, कोरिया से 1 मरीज मिला है। वहीं रायपुर की निजी लैब से एक प्रकरण की पहचान हुई है। प्रदेश में अब 875 एक्टिव केस है। वहीं पॉजिटिव केस का आंकड़ा 1715 पहुंच गया है।

दिल्ली (शोर सन्देश)। भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारी इस्लामाबाद पुलिस की हिरासत से रिहा कर दिए गए हैं।इस्लामाबाद के सचिवालाय पुलिस स्टेशन ने भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी। इस्लामाबाद पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए दो भारतीय अधिकारियों में से एक के पास कथित तौर पर फ़ेक पाकिस्तानी करेंसी पाई गई थी और इसलिए उन पर फ़ेक करेंसी रखने का मामला दर्ज किया गया था। इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास में ये कर्मचारी वापस आ गए हैं। इससे पहले पाकिस्तान में मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार पता चला था कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारी इस्लामाबाद पुलिस की हिरासत में हैं। इन दो अधिकारियों का सोमवार सुबह आठ बजे से पता नहीं चल रहा था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों को तलब करके इन कर्मचारियों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।