
G-20 देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील
जिनेवा/नई दिल्ली (शोर संदेश)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना महामारी को लेकर एक बार फिर से चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए सभी लोगों को अभी भी सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरणों को प्रभावी ढंग से उपयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महामारी तब ही समाप्त होगी जब दुनिया इसे समाप्त करना चाहेगी। यह हमारे हाथ में है। हमारे पास वे सभी उपकरण हैं जिनकी हमें आवश्यकता है। लेकिन दुनिया ने उन उपकरणों का अच्छी तरह से उपयोग नहीं किया है। समाचार एजेंसी एएनआाई के मुताबिक, उन्होंने बर्लिन में वर्ल्ड हेल्थ समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही।
G-20 देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील: डब्ल्यूएचओ प्रमुख
डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने G-20 देशों से भी आग्रह किया कि वे अपनी 40 फीसदी आबादी को कोवैक्स तंत्र और अफ्रीकी वैक्सीन अधिग्रहण ट्रस्ट (AVAT) में सक्रिय रूप से शामिल करें। प्रमुख ने दुनियाभर के देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील की। WHO की वेबसाइट के अनुसार, Covax और ACT का उद्देश्य दुनिया के हर देश के लिए विकास, उत्पादन और कोविड-19 के परीक्षण, उपचार और टीकों तक समान पहुंच में तेजी लाना है।
बूस्टर खुराक को लेकर भी जताई थी नाराजगी
बता दें कि इससे पहले डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना वायरस टीकों की बड़ी आपूर्ति वाले अमीर देशों से वर्ष 2021 के अंत तक बूस्टर खुराकें देने से परहेज करने की अपील की थी। इसके साथ ही घेबरेयेसस ने कुछ दवा कंपनियों के एक प्रमुख संघ की ओर से कोरोना वैक्सीन को लेकर की गई टिप्पणियों पर हैरानी भी जताई थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा था कि वह दवा निर्माताओं के एक प्रमुख संघ की टिप्पणियों पर हैरान हैं, जिन्होंने कहा है कि वैक्सीन की आपूर्ति इतनी अधिक है कि उन देशों में बूस्टर डोज और वैक्सीनेशन दोनों की अनुमति दी जा सकती है।

विंधोएक/नई दिल्ली (शोर संदेश)। नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश रूसी कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-वी (Sputnik V) के इस्तेमाल पर रोक लगाएगा। दरअसल, ऐसा माना जा रहा है कि स्पूतनिक-वी वैक्सीन लेने वाले पुरुषों में एचआईवी होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नामीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि रूसी वैक्सीन के इस्तेमाल को बंद करने का उनका फैसला इस चिंता के सामने आने के बाद लिया गया है कि स्पूतनिक वी लेने वाले पुरुषों में संभवतः एचाईवी होने की आशंका ज्यादा होती है। वहीं, नामीबिया के इस फैसले पर स्पूतनिक-वी वैक्सीन को विकसित करने वाले जमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने नाराजगी जाहिर की है। इंस्टीट्यूट ने कहा है कि नामीबिया का फैसला किसी साइंटिफिक एविडेंस या रिसर्च पर आधारित नहीं है। बीते कुछ दिन पहले देश दक्षिण अफ्रीका ने भी स्पूतनिक वैक्सीन को लेकर चिंता जाहिर की थी। दक्षिण अफ्रीकी नियामक SAHPRA ने फैसला लिया है कि वह अपने देश में स्पूतनिक-वी के आपात इस्तेमाल को मंजूरी नहीं देगा। इसके पीछे दवा नियामक ने कहा है कि कुछ शोधों से यह पता चला है कि स्पूतनिक-वी में एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर है, जिसके इस्तेमाल से पुरुषों में एचाईवी होने की आशंका बढ़ जाती है। मालूम हो कि भारत में भी स्पूतनिक-वी वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई थी। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आशंका सामने नहीं आई है।

अंकारा/नई दिल्ली (शोर संदेश)। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने शनिवार को कहा कि उन्होंने 10 विदेशी राजदूतों को `अवांछित व्यक्ति` घोषित करने का आदेश दिया, जिन्होंने जेल में बंद एक परोपकारी कारोबारी की रिहाई की मांग की है। अंकारा में अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी समेत दस देशों के राजदूतों ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक बयान जारी कर कारोबारी और परोपकारी उस्मान कवाला के मामले के निस्तारण की मांग की है जो एक अपराध के मामले में दोषी करार नहीं दिए जाने के बाद भी 2017 से जेल में हैं। एर्दोआन ने कहा कि उन्होंने राजदूतों को अवांछित घोषित करने का आदेश दिया है।
उन्होंने एक रैली में कहा, ``मैंने अपने विदेश मंत्री को निर्देश दिया और कहा कि आप इन 10 राजदूतों को अवांछित व्यक्ति घोषित करने के विषय को तत्काल संभालें।`` एर्दोआन ने कहा, ``वे तुर्की को पहचानेंगे, जानेंगे और समझेंगे। जिस दिन वे तुर्की को नहीं समझेंगे, वे यहां से चले जाएंगे।``
राजदूतों में नीदरलैंड, कनाडा, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, नॉर्वे और न्यूजीलैंड के राजनयिक भी शामिल हैं। उन्हें मंगलवार को विदेश मंत्रालय में तलब किया गया था। किसी राजनयिक को `पर्सोन नॉन ग्रेटा`(अवांछित व्यक्ति) घोषित करने का आशय सामान्य रूप से होता है कि व्यक्ति के उसके मेजबान देश में आगे बने रहने पर प्रतिबंध होता है। कवाला (64) को 2013 में राष्ट्रव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े आरोपों में पिछले साल बरी कर दिया गया था, लेकिन फैसले को बदल दिया गया और इसमें 2016 के सत्तापलट के प्रयासों से जुड़े आरोपों को शामिल कर दिया गया।
तुर्की के खिलाफ करेगा कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय पयर्वेक्षकों और मानवाधिकार समूहों ने कई बार कवाला और कुर्द राजनेता सेलाहत्तिन डेमिरतस की रिहाई की मांग की। यूरोप की मानवाधिकार अदालत ने 2019 में कवाला की रिहाई की मांग करते हुए कहा था कि उनका दोष साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है और उन्हें कैद में उनका मुंह बंद करने की खातिर रखा गया है। `द काउंसिल ऑफ यूरोप` ने कहा था कि कवाला को रिहा नहीं किया जाता तो वह नवंबर में तुर्की के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने उत्तर पश्चिम सीरिया में हवाई हमले कर सीनियर अलकायदा नेता अब्दुल हामिद अल-मटर मार गिराया है। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता मेजर जान रिग्सबी ने स्थानीय समयानुसार शुक्रवार को यह जानकारी दी। रिग्सबी ने बताया कि MQ-9 एयरक्राफ्ट के जरिए किए गए इस हवाई हमले में आम नागरिकों को नुकसान नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार आतंकी अब्दुल क्षेत्रीय हमलों, वित्त पोषण और अनुमोदन की योजना बनाता था। अमेरिकी आर्मी मेजर जान रिग्सबी ने लिखित बयान में कहा कि आतंकी अब्दुल हामिद अपने साथियों को वैश्विक हमले के लिए प्रशिक्षित कर रहा था। रिग्सबी के अनुसार हामिद अपने साथियों के साथ मिलकर 9/11 की तरह हमले की योजना बना रहा था लेकिन हमारी सेना ने उसके मंसूबे पर पानी फेर दिया। हमारे इस हमले के बाद आतंकी समूह अमेरिकी नागरिकों एवं निर्दोष लोगों पर हमला करने से डरेंगे। जानकारी के अनुसार दक्षिण सीरिया में अमेरिकी चौकी पर किए गए हमले के दो दिन बाद यह अमेरिका की ओर से हमला किया गया।
भारत पर भी हमले की योजना बना रहा अलकायदा
बता दें कि आतंकी संगठन अलकायदा भारत पर भी हमले की योजना बना रहा है। जानकारी के अनुसार असम पुलिस ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकी संगठन अल-कायदा की तरफ से आतंकी हमलों की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया है। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) की तरफ से जारी एक परिपत्र में कहा गया कि राज्य पुलिस की विशेष शाखा से मिली रिपोर्ट के आधार पर अलर्ट जारी किया गया है। आतंकी असम सहित देशभर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों, सैन्य अधिकारियों व विभिन्न क्षेत्रों के शीर्ष व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।

काबुल/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित देहमाजांग चौक के पास बुधवार तड़के जोरदार विस्फोट हुआ। इस घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। वहीं तालिबान प्रशासन ने भी मृतकों की संख्या बताने से फिलहाल इनकार कर दिया है। सूत्रों को एक स्थानीय निवासी ने जानकारी देते हुए कहा कि देहमाजांग इलाके में सुबह 7.50 बजे एक जोरदार धमाका सुनाई दिया और इस आवाज से लोगों में दहशत फैल गई। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह कार बम विस्फोट हो सकती है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार तालिबान सुरक्षा बल के वाहन इलाके की ओर दौड़ रहे थे। तालिबान बलों को पहले ही सतर्क किया गया था प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तालिबान बलों को संभावित हमले के बारे में पहले ही सतर्क कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने मंगलवार को काबुल शहर में कई चौकियों की स्थापना की और शहर में अलग-अलग स्थानों पर मुख्य सड़कों से गुजरने वाले हर वाहन की जांच की थी। हालांकि तालिबान प्रशासन ने इस घटना पर किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर दिया है। हाल के हफ्तों में भी हुए कई हमले अगस्त के मध्य में तालिबान के कब्जे के बाद से पूरे अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति सामान्य रूप से शांत लेकिन अनिश्चित बनी हुई है। हालांकि हाल के हफ्तों में कई अफगान प्रांतों में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादियों द्वारा घातक बम हमलों को अंजाम दिया गया है।

काठमांडू/नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के बाद अब नेपाल में भी भारी बारिश और भूस्खलन से हाहाकार मचा हुआ है। इस घटना में अबतक 21 लोगों की मौत हो गई है और 24 लोग लापता हैं। स्थानीय प्रशासन ने इसकी जानकारी दी है। राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थिति इतनी भयावह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों परिवारों को अपने घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। काठमांडू टाइम्स के अनुसार, बेमौसम बारिश के कारण आई आपदा से सुदूरपश्चिम प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
ये इलाके अत्यधिक प्रभावित
नेपाल के कंचनपुर, डोटी, कैलाली, डडेलधुरा, बैतडी, और बझांग जिले बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा महाकाली, करनाली और सेती नदियों में दशक का सबसे अधिक जल स्तर दर्ज किया गया है, जिससे जानमाल का भारी नुकसान हो रहा है। डोटी के जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम नौ लोग मारे गए और एक लापता है।

लंदन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। जलवायु के क्षेत्र में प्रचार करने के लिए भारतीय मूल की छह साल की एलीशा गाधिया को ब्रिटिश पीएम बोरिस ने गुरुवार को जॉनसन डेली पॉइंट्स ऑफ लाइट अवार्ड से नवाजा। एलीशा एक जलवायु कार्यकर्ता हैं और ब्रिटेन की एनजीओ कूल अर्थ की मिनी एंबेसडर हैं और अपने प्रचार से उन्होंने एनजीओ के लिए 3000 पाउंड जुटाए हैं। एलीशा ने अपने स्कूल में एक विशेष जलवायु परिवर्तन क्लब भी बनाया है। इसमें वह बच्चों व उनके अभिभावकों को जलवायु की देखभाल, कूड़ा उठाने और पौधे लगाने जैसे काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।एलीशा कहती हैं, इस अवार्ड को लेकर वह बहुत उत्साहित और खुश हैं। पीएम बोरिस जॉनसन ने इसके लिए मुझे चुना और एक पत्र भी लिखा इसके लिए वह बहुत आभारी हैं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह अवार्ड मिलेगा। मेरा समर्थन करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान को मिला करारा जवाब
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर संदेश)। यूएनजीए की बैठक में पाकिस्तान ने कश्मीर के मसले पर एक बार फिर घड़ियाली आंसू बहाए हैं। इमरान खान ने कश्मीर पर रोना रोया तो भारत ने भी करारा पलटवार किया। पाकिस्तान के आरोपों पर भारत की ओर से फर्स्ट सेक्रेटरी स्नेहा दुबे ने उसकी क्लास लगाई।यूएनजीए की बैठक के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर के मुद्दे पर एक के बाद एक गलत तथ्यों को रखा और भारत सरकार पर झूठे आरोप लगाए। अफगानिस्तान के मुद्दे पर भी हकीकत को नजरअंदाज करते हुए इमरान खान ने खुद को ही पीड़ित बता दिया।इमरान खान के झूठे आरोपों का जवाब देते हुए भारत ने कहा कि इमरान खान आंतकवाद के पीड़ित होने का ढोंग करते हैं। इमरान खान के भाषण के बाद राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के झूठे आरोपों की कलई खोल कर रख दी। भारत की ओर से फर्स्ट सेक्रेटरी स्नेहा दुबे पक्ष रखा।राजनयिक स्नेहा दुबे ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था और रहेगा। इसमें कश्मीर का वो हिस्सा भी शामिल है जिस पर पाकिस्तान का कब्जा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को तुरंत पीओके को खाली करना चाहिए। स्नेहा दुबे ने कहा, ”जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग थे, हैं और रहेंगे। इसमें वे क्षेत्र शामिल हैं जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं। हम पाकिस्तान से उसके अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करने का आह्वान करते हैं।वैश्विक मंच पर भारत ने पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए बेनकाब कर दिया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान आंतकियों को पनाह देने के लिए हमेशा अपनी जमीन का इस्तेमाल करता रहा है। दुनिया जानती है कि आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में पनाह मिली थी, लेकिन अमेरिका ने उसे मार गिराया। इसके अलावा एक नहीं सैकड़ों सबूत पाकिस्तान के खिलाफ सामने आ चुके हैं, फिर भी पाकिस्तान बेशर्म की तरह मुंह छुपाते हुए अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। हालांकि, दुनिया जानती है कि आतंकवाद का सुरक्षित ठिकाना अगर कोई देश है तो वह पाकिस्तान है, जहां आतंकवाद और आंतकियों को बढ़ावा दिया जाता है।




वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)।भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने यूएनएससी (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता पर अमेरिकी समर्थन को लेकर बड़ी जानकारी दी है। श्रृंगला ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को लगता है कि भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।श्रृंगला ने कहा कि भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता की भी सराहना की गई, विशेष रूप से अफगानिस्तान मुद्दे पर। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत के प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रपति जो बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट देने का समर्थन किया
00 भारत सात बार रह चुका है सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य
बता दें कि भारत वर्ष 1950-1951, 1967-1968, 1972-1973, 1977-1978, 1984-1985 1991-1992 और 2011-2012 के दौरान 7 बार सुरक्षा परिषद के एक अस्थायी सदस्य के रूप में चुना जा चुका है। यूएनएससी में कुल 15 सदस्य देश होते हैं, जिनमें 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य होते हैं। 193 सदस्यों वाली महासभा हर साल इन 10 अस्थायी देशों को चुनने के लिए चुनाव करती है। अस्थायी देशों का कार्यकाल दो साल का होता है। फिलहाल स्थायी सदस्यता अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के पास है।
00 पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडन के बीच रही दोस्ताना मुलाकात
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच व्हाइट हाउस में पहली मुलाकात काफी हंसी-मजाक के बीच हुई। दोनों ही नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। जहां बाइडन ने कहा कि वे फिर से व्हाइट हाउस में मोदी का स्वागत कर के खुश हैं, तो वहीं मोदी ने बेहतरीन स्वागत के लिए बाइडन का धन्यवाद किया। इस दौरान एक मजेदार वाकया भी घटा। दरअसल, जब मीडिया के सामने दोनों नेता बातचीत कर रहे थे, तब बाइडन ऑफ-स्क्रिप्ट चले गए। उन्होंने बीच में ही मोदी को अपने 2006 के मुंबई दौरे और वहां मीडिया से हुई बातचीत के बारे में बताना शुरू कर दिया। मोदी ने भी उनकी बात पर हाजिरजवाबी दिखाई। इसके बाद शुरू हुआ ठहाकों का दौर काफी देर तक चला।
00 अफगानिस्तान मुद्दे पर हुई बातचीत
दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान में आतंकवाद का मुकाबला करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने तालिबान से संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 2593 के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आह्वान किया, जिसमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि अफगान क्षेत्र का उपयोग किसी भी देश को आतंकवादी समूहों को शरण देने या प्रशिक्षित करने के लिए धमकाने और हमला करने के लिए नहीं किया जाता है।

00 3 दिवसीय दौरे पर अमेरिका पहुंचे मोदी, आज उपराष्ट्रपति हैरिस से करेंगे मुलाकात
वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अमेरिका के दौरे के लिए रवाना हुए और भारतीय समयानुसार तड़के करीब 3.30 बजे वाशिंगटन पहुंचे। अपने इस अहम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।अमेरिका पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि गर्मजोशी से स्वागत के लिए वाशिंगटन डीसी में भारतीय समुदाय का आभारी हूं। हमारे प्रवासी हमारी ताकत है। यह प्रशंसनीय है कि कैसे भारतीय लोगों ने दुनिया भर में खुद को प्रतिष्ठित किया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वाशिंगटन के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उतरे तो वहां बड़ी संख्या में मौजूद भारतीयों ने तिरंगा लहराकर जोरदार स्वागत किया। लोग मोदी-मोदी चिल्ला रहे थे। एयरबेस से पीएम मोदी का दल पेन्सिलवेनिया एवेन्यू स्थित होटल विलार्ड जाएगा।

00 पीएम मोदी का आज का कार्यक्रम
दो साल में पीएम मोदी की यह पहली अमेरिका यात्रा है, जिसमें वहां सत्ता भी बदल गई। पीएम मोदी कल शुक्रवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ पहली व्यक्तिगत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसके बाद क्वाड लीडर्स शिखर बैठक होगी।पीएम मोदी आज गुरुवार को पांच बड़ी कंपनियों- क्वालकॉम, एडोब, फर्स्ट सोलर, जनरल एटॉमिक्स और ब्लैकस्टोन के सीईओ से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह करीब 11 बजे विलार्ड होटल में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात करेंगे।इसके बाद पीएम मोदी करीब 12:30 बजे अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मिलने के लिए आइजनहावर एक्जक्यूटिव ऑफिस के लिए रवाना होंगे। शनिवार को पीएम मोदी यूएनजीए के 76वें सत्र को संबोधित करेंगे।
00 सफर के दौरान की फोटो पोस्ट की
अमेरिका पहुंचने से पहले पीएम ने विमान के अंदर की एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह कुछ जरूरी फाइलों को पढ़ रहे हैं। खुद की तस्वीर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, `लंबी उड़ान का मतलब पेपर्स और कुछ फाइल वर्क के माध्यम से जाने का अवसर।` अमेरिका में प्रवास के दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन संग द्विपक्षीय बातचीत, क्वाड सम्मेलन में हिस्सा लेंगे साथ ही UNGA में भाषण भी देंगे।अमेरिका की यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, `22-25 सितंबर के बीच अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान मैं राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करूंगा और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करूंगा।`पीएम मोदी ने अमेरिकी दौरे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह राष्ट्रपति बाइडेन, ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन और जापान के पीएम योशीहिदे सुगा से भी मिलेंगे। क्वाड शिखर सम्मेलन के बारे में पीएम मोदी ने कहा, `यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए साझा दृष्टिकोण के आधार पर भविष्य के लिए प्राथमिकताओं की पहचान करने का अवसर प्रदान करता है।`


