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देश-विदेश

सावन का पहला सोमवार : हर-हर माहदेव के जयकारों से गूंज रहे शिवालय *

06-Jul-2020

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश) आज पूरा देश कोरोना के संकट से गुजर रहा है। इसके बाद भी लोगों की आस्था के आगे सब कमजोर है, ऐसा ही नजर देश के सचिवालयों में देखने को मिल रहा है। चाहे हम देश विख्यात शिवालयों में कश्चि विश्वनाथ की बात करें या छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में कुलेश्वर महादेव की या रायपुर के महादेवघाट की हर शिवालय में सर हर-हर महादेव और बोल बम की गूंज ही सुनाई पद रही है। आज सावन का पहला सोमवार है। सामान्य दिनों में मंदिरों में रात से ही भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए हजारों लोग लाइनों में लगे रहते थे, लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते बहुत सारी पाबंदिया है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना है। हालांकि कोरोना के खतरे के बावजूद भी भक्त घर पर नहीं रुक रहे हैं। वारणसी से लेकर छत्तीसगढ़ के मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्त पहुंच रहे हैं। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों का आना शुरू हो गया है। ऐसे में मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनेटाइजेशन का पूरा इंतजाम किया गया है।
00 सीएम योगी ने किया भगवान शिव का जलाभिषेकउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह-सुबह भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मानसरोवर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव की पूजा भी की।
00 चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों की जांच :
वहीं दिल्ली के मंदिरों में भी भक्तों का आना सुबह से ही शुरू हो गया। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में भक्तों को स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया।
00 वारणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे भक्त :
वहीं वारणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है। कोरोना संकट के बीच सभी नियमों का पालन करते हुए भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्त पहुंच रहे हैं।


विभाग आयकर ने टीडीएस फॉर्म को व्यापक बनाने के लिए कर दिए बदलाव*

06-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) देश में आयकर विभाग ने डीएस फॉर्म को व्यापक बनाने के लिये इसमें कुछ बदलाव किये हैं। इनमें कर की कटौती नहीं करने के कारणों की जानकारी देने को अनिवार्य बनाना भी शामिल है। बैंकों को नये फॉर्म में एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी निकासी पर `स्रोत पर की गयीकर की कटौती` (टीडीएस) की जानकारी भी देनी होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अधिसूचना के माध्यम से -वाणिज्य ऑपरेटरों, म्यूचुअल फंड और कारोबार न्यासों के द्बारा लाभांश वितरण, नकदी निकासी, पेशेवर शुल्क और ब्याज पर टीडीएस लगाने के लिये आयकर नियमों को संशोधित किया है।
नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर शैलेश कुमार ने कहा कि सरकार ने इस अधिसूचना के साथ फॉर्म 26 क्यू और 27 क्यू के प्रारूप को संशोधित किया है। फॉर्म 26 क्यू का उपयोग भारत में सरकार या कंपनियों द्बारा कर्मचारियों (भारतीय नागरिक) को वेतन के अलावा किये गये किसी भी अन्य भुगतान पर टीडीएस कटौती का तिमाही के आधार पर जानकारी देने में होता है। इसी तरह फॉर्म 27 क्यू का उपयोग अनिवासी भारतीयों को वेतन के अलावा किसी अन्य भुगतान पर टीडीएस कटौती और उसे जमा कराए जाने की जानकारी देने में होता है।
कुमार ने कहा, ``नये फॉर्म अधिक व्यापक हैं और भुगतान करने वालों को केवल उन मामलों की सूचना देने की आवश्यकता होगी, जिनमें टीडीएस काटा जाता है, बल्कि जिन मामलों में टीडीएस नहीं काटा गया है, अब उनकी भी सूचना देनी होगी।`` सरकार ने नकदी में लेन-देन को हतोत्साहित करने के लिये 219-2 के बजट एक वित्तीय वर्ष में एक बैंक खाते से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद निकासी पर दो प्रतिशत का टीडीएस लगाया था।


अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 7 की मौत, कई घायल *

05-Jul-2020

रायपुर/गाजियाबाद (शोर सन्देश) गाजियाबाद के मोदी नगर में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में आज धमाका हो गया। धमाका इतना खतरनाक था कि 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई लोगों के घायल होने की खबर है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पातल में भर्ती करा दिया है। मरने वालों में छह महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है। फैक्ट्री में अचानक हुए ब्लास्ट से स्थानीय इलाकों में दहशत का माहौल हो गया। फैक्ट्री में बर्थडे केक पर लगने वाले पेंसिल बम और मोमबत्ती बनाई जाती है। फैक्ट्री में महिलाओं और बच्चे भी काम करते हैं, यही कारण है कि मरने वालों में सात महिलाएं और एक बच्चा है। घटना के बाद लोगों ने स्थानीय प्रशासन को इसकी सुचना दी। मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई है और जांच पड़ताल कर रही है।फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है। घायलों को निकालकर अस्पताल भेजने का काम किया जा रहा है।


जब महामारी विश्व भर में मानव जीवन और अर्थव्यवस्थाओं का विध्वंस कर रही है, बुद्ध के संदेश किसी प्रकाश स्तंभ की तरह काम कर रहे हैं: राष्ट्रपति*

05-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) राष्ट्रपति ने कहा कि जब महामारी विश्व भर में मानव जीवन और अर्थव्यवस्थाओं का विध्वंस कर रही है, बुद्ध के संदेश किसी प्रकाश स्तंभ की तरह काम कर रहे हैं। भगवान बुद्ध ने प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए लोगों को लालच, घृणा, हिंसा, ईष्या और कई अन्य बुराइयों को त्यागने की सलाह दी थी। उसी प्रकार की पुरानी हिंसा और प्रकृति की अधोगति में शामिल बेदर्द मानवता की उत्कंठा के साथ इस संदेश की परस्पर तुलना करें। हम सभी जानते हैं कि जैसे ही कोरोना वायरस की प्रचंडता में कमी आएगी, हमारे सामने जलवायु परिवर्तन की एक बड़ी गंभीर चुनौती सामने जाएगी। राष्ट्रपति आज (4 जुलाई, 2020) राष्ट्रपति भवन में धर्म चक्र दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बुद्ध परिसंघ द्वारा आयोजित एक वर्चुअल समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत को धम्म की उत्पत्ति की भूमि होने का गौरव हासिल है। भारत में हम बौद्ध धर्म को दिव्य सत्य की एक नई अभिव्यक्ति के रूप में देखते हैं। भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति और उसके बाद के चार दशकों तक उनके द्वारा उपदेश दिया जाना बौद्धिक उदारवाद और आध्यात्मिक विविधता के सम्मान की भारतीय परंपरा की तर्ज पर था। आधुनिक युग में भी, दो असाधारण रूप से महान भारतीयों-महात्मा गांधी और बाबा साहेब अंबेडकर ने बुद्ध के उपदेशों से प्रेरणा पाई और और उन्होंने राष्ट्र की नियति को आकार दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए, महान पथ पर चलने के उनके आमंत्रण के प्रत्युत्तर में हमें बुद्ध के आह्वान को सुनने का प्रयत्न करना चाहिए। ऐसा लगता है कि यह दुनिया अल्प अवधि तथा दीर्घ अवधि दोनों ही प्रकार से कष्टों से भरी हुई है। राजाओं और समृद्ध लोगों की ऐसी कई कहानियां हैं कि भयंकर अवसाद से पीड़ित होने के बाद कष्टों से बचने के लिए उन्होंने बुद्ध की शरण ली। वास्तव में, बुद्ध का जीवन पहले की धारणाओं को चुनौती देता है क्योंकि वह इस अपूर्ण विश्व के मध्य में कष्टों से मुक्ति पाने में विश्वास करते थे।


प्रधानमंत्री ने तकनीक समुदाय से आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज में भाग लेने का किया आह्वान*

05-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) प्रधानमंत्री ने तकनीक क्षेत्र से जुड़े लोगों से आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज में भाग लेने का आह्वान किया है। लिंक्डइन पर प्रकाशित एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने भारत में एक जीवंत और स्टार्टअप इकोसिस्टम होने का उल्लेख किया, साथ ही बताया कि कैसे युवाओं ने विविध क्षेत्रों में तकनीक समाधान उपलब्ध कराने में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और तकनीक इकोसिस्टम में घरेलू स्तर पर ऐप के लिए नवाचार, विकास और प्रोत्साहन देने के लिए खासा उत्साह है। उन्होंने कहा कि देश जहां आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहा है, वहीं यह ऐप्स के विकास को नई दिशा एवं गति देने का एक अच्छा अवसर है जो हमारे बाजार को संतुष्ट कर सकें और साथ ही दुनिया में प्रतिस्पर्धा दे सकें। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अटल नवाचार मिशन के साथ मिलकर आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज पेश किया है, जो दो दिशाओं में चलेगा : मौजूदा ऐप्स को प्रोत्साहन और नए ऐप्स का विकास। इस चैलेंज में समग्रता लाने के उद्देश्य से इसका आयोजन सरकार और तकनीक समुदाय द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। -लर्निंग, वर्क फ्रॉम होम, गेमिंग, कारोबार, मनोरंजन, कार्यालय सेवाओं और सोशल नेटवर्किंग की श्रेणियों में मौजूद ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार सलाह, मार्गदर्शन और समर्थन उपलब्ध कराएगी। ट्रैक-01 लीडर-बोर्ड के लिए अच्छे गुणवत्ता वाले ऐप्स की पहचान की दिशा में एक मिशन की तरह काम करेगा और इसे लगभग एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा। नए ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स विकसित करने के लिए, ट्रैक-02 पहल विचार, विकसित करने, प्रोटोटाइप (नमूने तैयार करना) में समर्थन और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराकर भारत में नए चैंपियंस तैयार करने में सहायता देगा। प्रधानमंत्री ने लिखा कि इस चैलेंज के बाद मौजूदा ऐप्स को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए ज्यादा दृश्यता और स्पष्टता मिलेगी। इससे पूरे जीवन चक्र के दौरान परामर्श, तकनीक समर्थन और मार्गदर्शन के रूप में सहायता से तकनीक से जुड़ी पहेलियों के समाधान उपलब्ध कराने वाले तकनीक उत्पाद विकसित किए जा सकेंगे। प्रधानमंत्री ने अपने विचार साझा किए और पूछा कि क्या तकनीक पारंपरिक भारतीय खेलों को ज्यादा लोकप्रिय बनाने में सहायता कर सकती है, क्या पुनर्वास और परामर्श हासिल करने में लोगों को सहायता करने वाले ऐप्स विकसित हो सकते हैं या क्या लर्निंग, गेमिंग आदि के लिए सही आयु वर्ग पर लक्षित और बेहतर पहुंच वाले ऐप्स विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने तकनीक क्षेत्र से जुड़े लोगों से आत्मनिर्भर ऐप इकोसिस्टम के निर्माण में भाग लेने और सहायक बनने का आह्वान किया है।


छापे से पहले बादमाशों को मिली थी सूचना, कॉल डिटेल में पुलिस वालों के नंबर*

04-Jul-2020

कानपुर (शोर सन्देश)  कानपुर में बदमाशों की तरफ से पुलिस कर्मियों पर हमला मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की पड़ताल में यह पता चला है विभाग के स्टाफ ने भी रेड की सुचना पहले से ही बदमाशों को दे दी थी। 8 पुलिसकर्मियों पर फायरिंग का आरोपी विकास दुबे घटना के बाद छिपा बैठा है। इस मामले में पुलिस ने 12 लोग को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की बातचीत हुई थी। हैरानी की बात है कि विकास दुबे के फोन की कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर भी सामने आए हैं. ये बेहद हैरान करने वाला तथ्य है। बता दें इस घटना में डीएसपी समेत साथ पुलिस कर्मी शहीद हुए थे। पुलिस के वहां पहुंचने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी है।


कानपुर एनकाउंटर- हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के मामा, एक अन्य हुआ ढेर *

03-Jul-2020

दिल्ली (शोर सन्देश) उत्तर प्रदेश के कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) में पुलिस ने विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और उसके साथी अतुल दुबे को मार गिराने की जानकारी मिल रही है।  खबरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस आरोपी विकास दुबे की सरगर्मी से तलाश कर रही है।   बता दे की हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर गोलिया बरसा दी गयी घटना में डीएसपी समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। वही सात पुलिस कर्मी घायल भी हुए है। दबिश के दौरान बदमाशों ने पुलिस को घेरकर फायरिंग कर दी। इसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए. विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी. वारदात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह से बात की है। पुलिस हत्या के प्रयास के केस में शातिर विकास दुबे को अरेस्ट करने गई थी। विकास के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं।


राष्ट्रपति कल करेंगे धम्म चक्र दिवस समारोह का उद्घाटन*

03-Jul-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) वर्चुअल वेसाक एवं 7 मई से 16 मई 2020 तक वैश्विक प्रार्थना सप्ताह के अत्यंत सफल आयोजन के बाद, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) अब भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की साझीदारी में आगामी 4 जुलाई, 2020 को अषाढ़ पूर्णिमा पर धम्म चक्र दिवस मना रहा है। भगवान बुद्ध के ज्ञान एवं जागृति, उनके धम्म चक्र के मोड़ तथा महापरिनिर्वाण की भूमि होने की भारत की ऐतिहासिक विरासत के अनुरूप राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन से धम्म चक्र दिवस समारोहों का उद्घाटन करेंगे। संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रह्लाद सिंह पटेल तथा अल्पसंख्यक राज्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू भी उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे। दिन के शेष समारोह महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया तथा बोध गया मंदिर प्रबंधन समिति के सहयोग से सारनाथ के मुलागंध कुटी विहार तथा बोध गया के महाबोधि मंदिर से प्रसारित किए जाएंगे। राजवंश, बौद्ध संघों के सर्वोच्च प्रमुख तथा विश्व भर तथा आईबीसी चैप्टर, सदस्य संगठनों के विख्यात जानकार एवं विशेषज्ञ इसमें भाग ले रहे हैं। अषाढ़ पूर्णिमा का पावन दिवस भारतीय सूर्य कैलेंडर के अनुसार अषाढ़ महीने की पहली पूर्णिमा को पड़ता है जो श्रीलंका में एसाला पोया तथा थाईलैंड में असान्हा बुचा के नाम से विख्यात है। बुद्ध पूर्णिमा या वेसाक के बाद बौद्धों के लिए यह दूसरा सबसे पवित्र दिवस है। यह दिन बुद्ध के ज्ञान प्राप्त करने के बाद भारत में वाराणसी के निकट सारनाथ में आज के दिन हिरण उद्यान, ऋषिपटन में अषाढ़ की पूर्णिमा को पहले पांच तपस्वी शिष्यों (पंचवर्गिका) को उपदेश दिए जाने को चिन्हित करता है। धम्म चक्र-पवट्टनसुता (पाली) या धर्म चक्र प्रवर्तन सूत्र (संस्कृत) का यह उपदेश धर्म के प्रथम चक्र के घूमने के नाम से भी विख्यात है और चार पवित्र सत्य तथा उच्च अष्टमार्ग से निर्मित्त है। संन्यासियों तथा संन्यासिनियों के लिए भी वर्षा ऋतु निवर्तन (वर्षा वस्सा) भी इसी दिन से आरंभ होता है जो जुलाई से अक्तूबर तक तीन चंद्र महीनों तक चलता है जिसके दौरान वे एक एकल स्थान पर, साधारणतया अपने मंदिरों में, गहन साधना करते हुए बने रहते हैं। इस अवधि के दौरान उनकी सेवा गृहस्थ समुदाय द्वारा की जाती है जो उपोस्था अर्थात आठ नियमों का पालन करते हैं तथा अपने गृरुओं के दिशानिर्देश में ध्यान करते हैं। इस दिन को बौद्धों एवं हिन्दुओं, दोनों के द्वारा अपने गृरुओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए गुरु पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। एक अग्रणी बौद्ध विश्व निकाय के रूप में, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) एक बार फिर से इस बहुत पवित्र दिवस को मनाने के लिए एक भव्य उत्सव को एकजुट करने के जरिये विश्व भर में धम्म अनुयायियों की सामूहिक आकांक्षाओं का नेतृत्व कर रहा है। वर्तमान में व्याप्त कोविड-19 महामारी के कारण, यह समारोह वर्चुअल एवं बुद्ध के पदचिन्हों पर समादेशित पवित्र भूमि से नियमों एवं विनियमनों के सख्त अनुपालन के तहत आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, थेरावदा एवं विश्व भर के कई देशों से महायान परंपराओं दोनों में ही समारोहों एवं धम्म चक्र पवत्तनसुत्ता के जापों का भी सीधा प्रसारण किया जाएगा।


भारत-चीन की सीमा में पहुंचे पीएम मोदी, सीनियर अधिकारियों से की बात*

03-Jul-2020

दिल्ली (शोर सन्देश)  भारत-चीन तनाव के बीच अब पीएम मोदी भी आज सुबह लेह पहुँच गए। पीएम के इस दौरे की जानकारी अचानक की हुई है। वहीं पीएम मोदी ने सेना के अधिकारीयों से बातचीत की। नरेंद्र मोदी को सेना, वायुसेना के अधिकारियों ने जमीनी हकीकत की जानकारी दी। मई से ही चीन के साथ बॉर्डर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नीमू की फॉरवर्ड पोस्ट पर पहुंचे। यहां पर सीनियर अधिकारियों ने उन्हें मौके की जानकारी दी. पीएम मोदी ने सेना, वायुसेना के अफसरों से सीधे संवाद भी किया। पहले इस दौरे पर सिर्फ CDS बिपिन रावत को ही आना था, लेकिन पीएम मोदी ने खुद पहुंचकर सभी को चौंका दिया।


जानी-मानी कोरियोग्राफर सरोज खान का देर रात को निधन हो गया

03-Jul-2020

 मुंबई (शोर सन्देश) वर्ष 2020 फ़िल्मी जगत के लिए भी कुछ अच्छा नहीं रहा है। जानी-मानी कोरियोग्राफर सरोज खान का देर रात को निधन हो गया है। उनका निधन मुंबई के एक अस्पताल में हुआ है। वह 71 साल की थीं। दरअसल, कुछ दिन पहले ही सरोज खान को मुंबई के गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक आज देर रात 1.52 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। सरोज खान का निधन उनके चाहने वालों के लिए बड़ा झटका है। फिल्म जगत में उन्हें काफी सम्मान से देखा जाता था।
सरोज खान को मुंबई के चारकोप कब्रिस्तान में आज सुपुर्द--खाक किया जाएगा। गौरतलब है कि महज तीन साल की उम्र से उन्होंने बतौर बैकग्राउंड डांसर अपना करियर फिल्म जगत में शुरू किया था। उन्हें 1974 से बतौर कोरियॉग्राफर फिल्म इंडस्ट्री में अपना सफर शुरू किया। उन्होंने अपने करियर में दो हजार से भी ज्यादा गानों को कोरियॉग्राफ किया। सरोज खान को तीन बार नैशनल अवॉर्ड भी मिला।




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