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किसान

धमतरी के तरसींवा केन्द्र में 90.80 क्विंटल धान जब्त

22-Nov-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) धमतरी जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तरसींवा के उपार्जन केन्द्र में खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने कृषक गोपीचंद द्वारा बेचने के लिए लाए गए 90 क्विंटल 80 किलो धान जब्त किया। धान जब्ती की यह कार्यवाही कोचिया से मिली भगत कर किसान द्वारा पुराने धान को नए धान के साथ मिक्स कर समर्थन मूल्य पर खपाने का आरोप सही पाए जाने पर की गई।  
गौरतलब है कि खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम गुरुवार तरसींवा धान उपार्जन केन्द्र में गठित निगरानी समिति से प्राप्त सूचना के आधार वहां पहुंची और किसान गोपीचंद साहू द्वारा लाए गए धान का परीक्षण किया। जिसमें मिक्स किस्म का पुराना धान लाना पाया गया। किसान गोपीचंद ने बताया कि रांवा में कुल 6 खसरों में 1.75 हेक्टे. कृषि भूमि है, जिसका पंजीयन उपार्जन केन्द्र तरसींवा में किया गया है। किसान गोपीचंद के बयान के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों द्वारा किसान के सभी खसरों का मौका मुआयना किया गया, जिसमें सिर्फ एक खसरे रकबा 0.73 हेक्टे. पर ही धान की कटाई एवं मिंजाई होना पाया गया तथा शेष खसरों पर खेत में धान होना पाया गया।
खाद्य अधिकारी ने बताया कि किसान गोपीचंद द्वारा ग्राम रांवा के धान कोचिया देवेन्द्र कुमार के साथ मिलीभगत कर शेष धान की मात्रा 52.48 क्विंटल (मिक्स किस्म का पुराना धान)को उपार्जन केन्द्र में लाकर खपाने की कोशिश की गई। इस प्रकार धान कोचिया के धान को किसान गोपीचंद साहू द्वारा अपने टोकन में फर्जी तरीके से बिक्री करते पाए जाने पर बिक्री हेतु लाए गए 90.80 क्विंटल धान को उपार्जन केन्द्र तरसींवा में गठित निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा जब्ती की कार्यवाही की गई। कार्यवाही में खाद्य विभाग एवं उपार्जन केन्द्र तरसींवा में गठित निगरानी समिति के सदस्य बसंती नेताम, चंद्रकला साहू, विकास कुमार साहू, तोषी भूआर्य उपस्थित थे।

अब धान के अलावा गेंहू, आलू, अरहर और मकई की फसल का लाभ भी ले पा रहे किसान राममिलन

21-Nov-2024
अम्बिकापुर  ( शोर संदेश ) । जिले के विकासखण्ड बतौली के ग्राम पंचायत मंगारी निवासी राममिलन वर्तमान में दोहरी फसल का लाभ ले पा रहे हैं और इसकी वजह है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना। हितग्राही राममिलन द्वारा अपनी निजी भूमि पर मनरेगा से कुआं निर्माण कराया गया है। वे बताते हैं कि कूप निर्माण के बाद सिंचाई सुविधा मिलने से अब बारिश के पानी पर निर्भरता कम हो गई है, साथ ही फसल या सब्जियों की पैदावार के लिए साल भर पानी भी आसानी से अपने ही कुएं से मिलने लगा है। दैनिक कार्यों एवं सिंचाई में पानी की जरूरतें पूरी हो रही हैं। वे अपना अनुभव साझा करते हुए बताते हैं कि महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत हितग्राही मूलक कार्यों में कुआं निर्माण हेतु उन्होंने ग्राम पंचायत को आवेदन दिया था जिस पर ग्राम के तकनीकी सहायक द्वारा तकनीकी प्राक्कलन तैयार कर जनपद से जिले को भेजा गया और फिर वहां से कुएं के निर्माण के लिए उन्हें 2.99 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई। कुएं के निर्माण में कार्यक्रम अधिकारी संतोषी पैंकरा एवं तकनीकी सहायक शशांक सिंह का पूरा मार्गदर्शन और सहयोग मिला जिससे जल्दी ही कुएं का निर्माण कार्य पूरा हुआ। मनरेगा योजना से, जहां राममिलन को उनका आवश्यकता अनुरूप कुएं की सुविधा मिली, वहीं इस निर्माण कार्य से 600 मानव दिवस अर्जित हुए और मनरेगा श्रमिकों को भी रोजगार मिला।
राममिलन के पास 04 एकड़ जमीन जोकि असिंचित थी, अब सिंचाई का साधन कुआं मिलने से उपयोग में आने लगी है। वर्तमान में उनके द्वारा खेती कर अच्छी आय प्राप्त की जा रही है। वे बताते हैं कि उनको अब धान का थरहा खरीदना नहीं पड़ता, पानी की सुविधा के कारण समय से धान लगाते हैं। इससे पूर्व में गेंहू की खेती नहीं कर पाते थे। वर्तमान में गेंहू की खेती के साथ आलू, अरहर, एवं मकई आदि की खेती भी कर पा रहे हैं। शासन की योजना और प्रशासन की टीम के सहयोग से हुई सहूलियत के लिए राममिलन छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
 

तीन दिन की धान खरीदी में आकड़ा 3 लाख टन के पार

20-Nov-2024
 रायपुर। ( शोर संदेश ) खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से धान खरीदी का महाअभियान शुरू हो चुका है। 14 नवम्बर से अब तक मात्र तीन दिन की खरीदी में राज्य में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का आकड़ा 3 लाख टन के पार पहुंच गया है। मंत्री बघेल ने कहा कि धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीद रही है। चालू विपणन वर्ष में 160 लाख टन धान उपार्जन का अनुमान है।
देव-दीवाली 14 नवंबर से शुरू हुए धान खरीदी महापर्व के 6वें दिन तक 3.09 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य के 68,668 किसान अब तक धान बेच चुके हैं। धान खरीदी के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत् 502.53 करोड़ रूपये का भूगतान किया गया है। धान खरीदी का यह महाअभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। खाद्य मंत्री बघेल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज 20,296 किसानों से 93 हजार 581 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। राज्य में धान बेचने के लिए इस साल 27.68 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमं 1.42 लाख नए किसान शामिल है। उन्होंने बताया कि 19 नवम्बर के लिए कुल 23791 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 19934 टोकन जारी किए गए है।
मंत्री बघेल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माइक्रो एटीएम से दो हजार रूपए से लेकर दस हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा दी है, इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराए पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली-मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री के इस फैसले से किसान बेहद प्रसन्न है।
मंत्री दयाल दास बघेल ने बताया कि दूसरे राज्यों से धान के अवैध आवक/परिवहन की रोकथाम के लिए बॉर्डर इलाकों में विशेष निगरानी रखने के लिए चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। धान खरीदी व्यवस्था पर निगरानी के लिए अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई है, जो लगातार इसकी मानिटरिंग कर रहे हैं।

 


बसना के ग्राम अंकोरी में 879 कट्टा धान जब्ती के पश्चात अधिकारियो से बदसलुकी और दुर्व्यवहार करने पर जेल भेजने की कारवाई

17-Nov-2024
महासमुंद ( शोर  संदेश ) । बसना अनुविभागीय अधिकारी मनोज खांडे के निर्देशन में बीते कल देर रात बसना के ग्राम अंकोरी मे विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार के घर में क्रमशः 479 और 400 कट्टा धान के अवैध भंडारण पर सख्ती बरतते हुए कुल 879 कट्टा धान जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत करावाई किया गया। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि अंकोरी के विशाल गजेंद्र और जगदीश सिदार के घर मे बिना पर्याप्त दस्तावेज के धान का भंडारण किया गया है। तत्पश्चात राजस्व की टीम ने  छापामार कार्रवाई की और दस्तावेज मांगे, परंतु पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। इस मामले में प्रशासन द्वारा धान को जब्त कर मंडी अधिनियम के तहत करवाई कर जब्त किया गया था।
कारवाई के पश्चात जाँच मे गए अधिकारियो के साथ विशाल गजेंद्र द्वारा बदसलुकी और दुर्व्यवहार किया गया  साथ ही देख लेने की धमकी भी दी गई। उक्त कृत्य के चलते अनुविभागीय अधिकारी मनोज खांडे द्वारा कार्रवाई करते हुए विशाल गजेंद्र को जेल भेजा गया।
ज्ञात है कि कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर अवैध परिवहन और भण्डारण पर लगातार सख्ती से कारवाई  की जा रही है और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई मे अनुविभागीय अधिकारी मनोज खांडे,तहसीलदार ममता ठाकुर फ़ूड इंस्पेक्टर, मंडी उपनिरीक्षक,पटवारी मौजूद थे।
उल्लेखित है कि प्रशासन द्वारा पहले दिन ही सरायपाली, पिथौरा मे बड़ी कारवाई की गई है। जिसमे ट्रक मे अवैध परिवहन करते और 1000 कट्टा धान का भण्डारण किया गया था। जिसे जप्त किया गया। 
 

बेमेतरा : किसान बोले सरकार खुले दिल से ले रही उनका धान

15-Nov-2024
बेमेतरा। ( शोर  संदेश )  गुरुवार से जिले में खरीफ सीजन 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत हो गयी। कलेक्टर सहित जिला नोडल अधिकारियों ने सौंपे गये धान उपार्जन केन्द्रों में पहुंचकर किसानों का फूल मालाओं से स्वागत किया और इलेक्ट्रॉनिक  तोल मशीन (काँटबांटे) की पूजा कर धान खरीदी का शुभारम्भ किया।
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने खरीदी केंद्र में किसान रामाधर तिवारी का शाल-श्रीफल से स्वागत किया। किसानों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक तोल मशीन पर उनका धान तौल कर शुरुआत की।
जिले की लोलेसरा में कृषक सहकारी समिति में अपनी उपज धान बेचने आये ग्राम चारभाठा के किसान रामाधर तिवारी ने बताया कि वे 108 कट्टा धान बेचने आए है। कलेक्टर के हाथों स्वागत व सम्मान पाकर बहुत खुश और प्रसन्न है। उन्होंने कहा की उनका धान विष्णुदेव सरकार खुले दिल से ले रही है। केंद्र द्वारा घोषित समर्थन मूल्य के ऊपर रुपये प्रति एकड़ धान के अंतर की राशि से खरीदी से अब छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी और सुधार आयेगा। एक और किसान सेवकराम ने बताया कि उन्होंने अपनी भूमि में धान की फसल लगाई थी। जिसका धान समिति द्वारा आसानी से ले लिया गया। बहरहाल आज से शुरू हुई धान खरीदी केंद्रों में इस बार किसानों के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय द्वारा धान खरीदी के अपने वायदे को पूरा निभाया इसकी ज्यादा चर्चा है। वही कृषक हेमन वर्मा ने ग्राम बैजी ने बताया कि अब सरकार की नीतियों से कृषि भी लाभ का व्यवसाय होता जा रहा है। एक और किसान अजय साहू ग्राम गर्रा ने बताया कि अब किसानों की धान खरीदी का कार्य पूर्व से बेहतर तरीके से हो रहा है। खरीदी केंद्र की संख्या बढ़ाने से अब केंद्रों में भीड़भाड़ वाली स्थिति नही है।किसान आसानी से अपनी साल भर की मेहनत की उपज धान बेचकर उसका उचित मूल्य प्राप्त करेगा।
एक कृषक सेवक राम वर्मा ने बताया कि अब सहकारी समिति में धान बेचना अच्छा लग रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान का मूल्य बढ़ाने का अपना वायदा पूरा करते हुए किसानों की सुविधाओं की ओर भी विशेष ध्यान दिया जिसके लिए वे बधाई के पात्र है। धान बिक्री पर उन्हें समर्थन मूल्य की राशि भी जल्दी मिल जाएगी। इससे उनकी आर्थिक स्थित में सुधार भी पहले से ठीक आ रहा है।
 

अम्बिकापुर : धान खरीदी महाअभियान की हुई शुरुआत, कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने जमगला उपार्जन केंद्र में धान बेचने आए किसानों का किया स्वागत

15-Nov-2024
अम्बिकापुर।  ( शोर  संदेश )  14 नवंबर से पूरे प्रदेश में धान खरीदी महाअभियान की शुरुआत हो चुकी है। सरगुजा जिले में कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने लखनपुर विकासखंड के जमगला धान उपार्जन केंद्र पहुंचकर धान खरीदी का शुभारंभ किया। उपार्जन केंद्र जमगला में धान बेचने आए किसानों का कलेक्टर भोसकर एवं पूर्व सांसद कमलभान सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुष्प माला पहनाकर एवं मीठा खिलाकर स्वागत किया। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक कांटा की भी पूजा अर्चना कर धान की तौलाई शुरू की गई। बिनकरा निवासी भानु राजवाड़े अपने पिता के साथ धान उपार्जन केंद्र धान विक्रय हेतु पहुंचे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति धन्यवाद देते हुए भानु ने कहा कि धान खरीदी के पहले दिन वे अपने पिता के साथ 180 बोरी धान लेकर आए हैं। धान खरीदी हेतु बेहतर व्यवस्था की गई है। इसी तरह धान बेचने आए बिनकरा गांव के ही किसान बालचंद राजवाड़े ने कहा कि उनका 180 क्विंटल धान का टोकन कटा है। उन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी के निर्णय हेतु मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया और संतुष्टि जताई।

किसान गुरुवार को सुबह से ही समितियों में धान लेकर बेचने पहुंचे। जिले में 39 आदिम जाति सहकारी समितियों के अंतर्गत 54 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जानी है। पहले दिन 8 उपार्जन केंद्रों में किसानों ने धान बेचने के लिए टोकन कटवाया। जिले में धान खरीदी का लक्ष्य 351074 एमटी रखा गया है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी का कार्य होगा जिससे जिले के किसानों में धान खरीदी को लेकर खासा उत्साह का माहौल है। इस दौरान जिला खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव, डीएमओ अरुण विश्वकर्मा एवं खण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

14 नवम्बर से 31 जनवरी तक होगी धान खरीदी

14-Nov-2024
दुर्ग   ( शोर  संदेश )  जिले के किसानों का इंतजार अब खत्म हुआ। वे अपने उत्पादित धान को बेचने उपार्जन केन्द्रों में पहुंचेंगे। जिले में शासन के दिशा-निर्देश के अनुरूप धान खरीदी की पूरी तैयारी कर ली गई है। 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीफ वर्ष 2024-25 में पंजीकृत 1,14,651 किसानों से अनुमानित 6,48,484 मे. टन धान का उपार्जन किया जाएगा। विगत वर्ष 1,05,778 किसानों से 5,87,369 मे. टन धान उपार्जन किया गया था।
उपार्जन केन्द्रों में धान की खरीदी 14 नवम्बर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर की जाएगी। धान पतला के लिए 2320, धान मोटा 2300 एवं धान सरना 2300 रुपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित है। पहले दिन 14 नवम्बर को जिले के 88 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की शुरुवात होगी। उक्त केन्द्रों में टोकन प्राप्त 1206 किसानों से 60 हजार क्विंटल धान की खरीदी होगी।
 

राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी

13-Nov-2024
रायपुर ( शोर  संदेश )। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर प्रदेश के सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27 लाख 1 हजार 109 है। इस वर्ष 1 लाख 35 हजार 891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं और 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। 
सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी।
धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिये गये है। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।
धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है। समितियों में राशि आहरण हेतु ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी। खाद्य मंत्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। 
राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है। एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। 
राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा।

 


प्रदेश में 27 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन, कल से धान खरीदी शुरू, 31 जनवरी तक बेच सकेंगे

13-Nov-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कृषकों की संख्या 27,01,109 है। इस वर्ष 1,35,891 नए किसान पंजीकृत हुए हैं, जिससे 1,36,263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। कुल 34,51,729 हेक्टेयर रकबे में पंजीयन अनुसार धान उपार्जन का अनुमान है। प्रदेश में 14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो रही है। किसान अपना धान 31 जनवरी तक बेच सकेंगे। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाइस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी।

साफ और सूखा धान , नहीं तो लौटाएगी समितियां,छोटे किसानों को दो और बड़े किसानों को जारी होंगे तीन टोकन

11-Nov-2024
बिलासपुर ( शोर संदेश )  धान खरीदी प्रक्रिया में इस वर्ष सख्ती बढ़ाई गई है। इसके तहत सिर्फ साफ और सूखा धान ही स्वीकार किया जाएगा। मिलावटी या नमीयुक्त धान स्वीकार नहीं किया जाएगा।यह सुनिश्चित होगा कि समिति में आने वाला धान उच्च गुणवत्ता का हो और खराब अनाज से बचा जा सके। यह निर्णय कुछ किसानों द्वारा बिना साफ-सफाई और बिना सुखाए धान सीधे सोसाइटी में जमा करने पहुंच जाते थे, जिससे खरीदी केंद्रों पर अनाज की गुणवत्ता में कमी देखी जा रही थी।
समितियों के संचालकों का कहना है कि खेत से धान आने पर वह लगभग 17 प्रतिशत सुखत में धान की खरीदी करते हैं। धान अगर एक प्रतिशत भी सूखता है तो एक प्रतिशत में लगभग साढे सात सौ ग्राम कम हो जाता है। इसके चलते धान खरीदी में सुखत की स्थिति में गड़बड़ी का आरोप लगाया जाता है। पिछली बार तो गड़बड़ी की आशंका को लेकर शासन ने एफआइआर का निर्देश भी दिया था। संचालकों का कहना है कि सरकार धान का उठाव करने के दौरान भी सुखत की जांच करें। इससे खरीदी व उठाव के दौरान धान तौल में कितना अंतर आता है यह भी स्पष्ट रहेगा।
इस साल लघु किसानों को धान बेचने के लिए केवल दो टोकन दिए जाएंगे, जबकि दीर्घ किसानों को तीन टोकन जारी किए जाएंगे। टोकन कटाने के लिए किसानों को अपनी बारी का ध्यान रखना होगा, क्योंकि टोकन केवल सात दिन पहले ही जारी किए जाएंगे। किसानों को सख्त निर्देश हैं कि वे टोकन की तारीख के अनुसार ही केंद्र पर पहुंचे और अपने साथ सूखा और साफ धान ही लाएं। यदि कोई किसान इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसे धान वापस ले जाने के लिए कहा जा सकता है।
समितियों ने विशेष रूप से यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सीधा हार्वेस्टर से मिसाई के बाद लाए गए धान में नमी व कचरा होता है कई किसान हार्वेस्टर से धान की मिसाई के बाद सीधे धान सोसायटी में लाकर बेचते हैं, समितियों ने इस कारण किसानों से अपील की गई है कि वे धान को पंखे से साफ करवा कर व सूखा कर ही सोसाइटी में लाएं। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि धान में कोई अवशेष या गंदगी न हो और खरीदी में व्यवधान उत्पन्न न हो।
समिति संचालकों का कहना है कि सुखत धान की खरीदी इसलिए भी आवश्यक है, क्योंकि समिति धान खरीदती है तो वह लगभग 17 प्रतिशत गीला होता है और जब धान का उठाव होता है तब तक धान और सूख जाता है ।कई बार तो सुखत की स्थिति के बाद 11 प्रतिशत रह जाता है।
संचालकों ने बताया कि धान सूखता है यह बात शासन भी जानता है, बावजूद इसके गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लगभग 19 समिति संचालकों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया था। कई लोगों ने अपना घर बेचकर भी रुपये अदा किए हैं।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी आशीष दुबे का कहना है कि पिछले साल 70 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। तब हमारा लक्ष्य 62 लाख क्विंटल का था। यह लक्ष्य से अधिक रहा। इस साल भी 78 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। इसमे उम्मीद है कि धान खरीदी में आवक अच्छी होने धान खरीदी लक्ष्य से अधिक बढ़ सकता है।


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