ब्रेकिंग न्यूज

किसान

ट्रक से 730 बोरी अवैध धान जब्त

11-Nov-2024
बलरामपुर। ( शोर संदेश )  बलरामपुर जिले के धनवार बॉर्डर स्थित अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर कृषि और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय अधिकारियों ने जांच के दौरान उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे एक ट्रक को 730 बोरी अवैध धान के साथ पकड़ा है, जो बिना किसी वैध दस्तावेज के धान का परिवहन कर रहे थे। खाद्य विभाग की टीम ने धान को जब्त कर ट्रक को सीज कर दिया है। एसडीएम चेतन साहू ने इसकी पुष्टी की है। 
बता दें, प्रदेश में 14 नवंबर से धान की सरकारी खरीदी प्रक्रिया शुरू होने वाली है, इस से पहले प्रशासन राज्य में अवैध धान के परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर ने इस मामले में सख्ती बरतते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अवैध धान के परिवहन पर रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि धान की खरीदी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो और किसानों को उनका पूरा हक मिल सके। बीते कुछ दिनों में इस क्षेत्र में पहले भी अवैध धान के परिवहन की घटनाएं सामने आई हैं. हाल ही में एक पिकअप ट्रक से भी अवैध धान की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। 

हर्बल और आर्गेनिक उत्पादों की बढ़ी डिमांड

08-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) स्वास्थ्य, पर्यावरण और रसायनों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए बाजार में आर्गेनिक उत्पादों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग ने शहर में कई स्टार्टअप्स को जन्म दिया है, जो हर्बल उत्पादों से जुड़े हुए हैं, जैसे कि दवाइयां, भोजन और कास्मेटिक्स।
शहर में अब 10 से अधिक स्टार्टअप आर्गेनिक उत्पादों पर आधारित हैं। माय फार्म नैचुलरल के संस्थापक प्राशु गुप्ता ने बताया कि वे 265 एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं, जिसमें सरसों, चीया बीज, धान की छह किस्में और फल शामिल हैं। वे पांच अलग-अलग फार्मों में प्रोसेसिंग यूनिट के माध्यम से विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। गुप्ता का कहना है कि आजकल लोग स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं, जिससे हर्बल और आर्गेनिक उत्पादों की मांग बढ़ रही है। कृषि प्रधान राज्य होने के कारण अब युवा उद्यमी खेती से संबंधित स्टार्टअप्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे किसानों को भी लाभ मिल रहा है।
मिलेट (मोटे अनाज) से बने खाद्य उत्पादों की स्टार्टअप कंपनी इम्यूनो मिलेट की संस्थापिका कविता देव बताती हैं कि पिछले तीन-चार वर्षों में लोगों के खानपान में काफी बदलाव आया है, खासकर कोरोनाकाल के बाद। अब लोग ऐसे खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हों। रागी, ज्वार, बाजरा जैसे मोटे अनाजों की डिमांड बढ़ी है। बिस्किट, लड्डू, इटली, दोसा, खीर, उपमा और कटलेट जैसी चीजों में इन अनाजों का इस्तेमाल हो रहा है। मिलेट्स शरीर को कई रोगों से बचाते हैं और फिट रखने में मदद करते हैं।
स्टार्टअप विशेषज्ञ और उद्यमी तुषार वढ़ेरा का कहना है कि रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में आर्गेनिक उत्पादों का बाजार करोड़ों रुपये का है। आफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों में इन उत्पादों की भारी मांग है। इस बाजार में अनाज, सब्जियां और फल मुख्य रूप से मांग में रहते हैं। इसके अलावा, जैविक दालें, मसाले और डेयरी उत्पाद भी लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। बदलती जीवनशैली ही इन स्टार्टअप्स के जन्म का मुख्य कारण है। अब लोग प्रकृति की ओर लौट रहे हैं।
कृषि से जुड़े स्टार्टअप्स के विशेषज्ञों का कहना है कि हर्बल और आर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती मांग से किसानों को लाभ हो रहा है। स्टार्टअप कंपनियां सीधे किसानों से उनके उत्पाद खरीद रही हैं, जिससे किसानों को बाजार में अपनी फसल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ता। इस प्रक्रिया से किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं, और वे अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। यही कारण है कि अब किसान खेती की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं।

 


रबी मौसम में 19.25 लाख हेक्टेयर रकबे में बोनी का लक्ष्य

08-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर रबि फसलों को बढावा देने के लिए इस वर्ष 19.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न रबि फसलों की बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरूद्ध अब तक 2.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, चना, मटर, मक्का, अलसी सहित विभिन्न रबि फसलों की बोनी हो चुकी हैं, वहीं 0.14 लाख क्विंटल बीज और 0.35 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वर्ष 2024-25 में रबि फसलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष विभिन्न रबि फसलों की बोनी के लिए 19.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न रबि फसलों की बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरूद्ध अब तक 2.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, चना, मटर, मक्का, अलसी सहित विभिन्न रबि फसलों की बोनी हो चुकी हैं, जो लक्ष्य का 11 प्रतिशत है। जबकि पिछले वर्ष के लिए 19.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबि फसलों की बोनी का लख निर्धारित किया गया था।
अधिकारियों  ने बताया कि रबि वर्ष 2024-25 के लिए 2.89 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 0.50 लाख क्ंवटल बीज का भण्डारण कर 0.14 लाख क्विंटल बीज का वितरण किया गया है जो कुल भंडारण का 28 प्रतिशत है। इसी प्रकार इस वर्ष 4.65 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरूद्ध 3.49 लाख मीट्रिक टन भंडारण कर 0.35 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण किया जा चुका है जो कुल भंणारण का 10 प्रतिशत है।

 


नए किसानों का पंजीयन, भौतिक सत्यापन, चावल उपलब्धता की जानकारी दें : कलेक्टर

29-Oct-2024
जशपुर।  ( शोर संदेश ) कलेक्टर रोहित व्यास ने आज साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के लिए कहा और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। 
कलेक्टर व्यास ने कहा कि जिला मुख्यालय के सभी शासकीय भवनों में 1 नवंबर से 6 नवंबर तक रात्रि में रोशनी करने के लिए कहा। आगामी 5 नवम्बर को जिला स्तर पर राज्योत्सव मनाने के निर्देश दिए हैं और सभी विभाग प्रमुखों को तैयारी करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अपने विभाग से संबंधित विभाग योजनाओं का मॉडल प्रदर्शनी लगाने के लिए तैयारी शुरू कर दे। जशपुर के विकास कार्यों की भी अच्छी प्रदर्शनी लगाई जा सकती है। कार्यक्रम के लिए लोकल कलाकारों को अधिक से अधिक अवसर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को सामग्री वितरण किया जाना है। साथ ही किसानों को मिट्टी परीक्षण करने का कार्ड और किसान किताब भी देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने धान खरीदी की तैयारी के संबंध में सभी अधिकारियों को सारी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु शासन द्वारा पंजीयन कराया जा रहा है। धान खरीदी के लिए कृषि विभाग द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किसान पंजीयन का कार्य 31 अक्टूबर 2024 किया जाएगा। जिले में अब तक 98 प्रतिशत से अधिक पंजीयन का कार्य किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था पूर्व वर्ष की भांति लागू रहेगी। जिले में धान खरीदी करने के पूर्व सत्यापन का कार्य टीम बनाकर अनिवार्य रूप से करना होगा। नए किसानों का पंजीयन, भौतिक सत्यापन, जिले के राईस मिलर्स के पास चालव की जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं। जिले के 24 समितियों के माध्यम से 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के लिए तैयारी करने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 16 अक्टूबर को कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया था। जिसके अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान समर्थन मूल्य पर राज्य के किसानों से नगद एवं लिंकिंग में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवम्बर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी। 

धान खरीदी 14 नवम्बर से, एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन 31 अक्टूबर तक

28-Oct-2024
कोरिया।  ( शोर संदेश )  राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवम्बर से प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेशानुसार एकीकृत किसान पोर्टल में खरीफ वर्ष 2024 के लिए किसान पंजीयन तथा पंजीकृत किसानों द्वारा अपने भूमि पर लिए गए फसल का नाम तथा रकबा को अद्यतन करने की कार्यवाही 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत धान उत्पादक कृषकों से वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष में फसल गिरादावरी के आधार पर भूईयां साफ्टवेयर में प्रविष्ट धान के रकबे के आधार पर खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान उपार्जन का कार्य किया जाएगा।फसल गिरादावरी का कार्य सही तरीके से नहीं करने, भुइयां साफ्टवेयर में धान फसल के रकबे की त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि करने, धान फसल की रकबा को बढ़ाकर प्रविष्टि करने से न केवल धान उपार्जन की प्रक्रिया प्रभावित होगी बल्कि धान उपार्जन में धान की रिसाइक्लिंग की भी संभावना होगी। अतः एकीकृत किसान पोर्टल में किसान पंजीयन तथा भुइयां सॉफ्टवेयर में फसल धान की शत-प्रतिशत त्रुटि रहित प्रविष्टि अति आवश्यक है।
गलत तरीके से धान का विक्रय करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध होगी कार्यवाही
धान उपार्जन प्रारंभ होने के पूर्व ग्राम वार ऐसे कृषकों की सूची तैयार करना होगा, पूर्व वर्षों में धान विक्रय नहीं किए हैं या उनके नाम के भूमि के विरुद्ध अन्य व्यक्ति द्वारा गलत तरीके से धान का विक्रय किया गया है, ऐसी सूची समिति में उपलब्ध कराना होगा साथ ही समिति यदि ऐसे व्यक्ति के भूमि के विरुद्ध धान विक्रय हेतु टोकन लिया जाता है तो तत्काल एसडीएम को बताना होगा ताकि जांच निष्कर्ष अनुसार ही धान उपार्जन का कार्य सुनिश्चित हो।
एक प्रतिशत से ज्यादा कमी वाले खरीदी केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी, उनके पर्यवेक्षण / निगरानी में धान खरीदी का कार्य किया जाएगा। धान के सुरक्षित रखरखाव हेतु उपलब्ध चबूतरे का समुचित उपयोग किया जाएगा एवं डनेज तथा तारपोलीन की पर्याप्त व्यवस्था किया जाएगा। उक्त खरीदी केन्द्रों से धान का निराकरण एवं परिवहन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन अवधि के दौरान धान खरीदी केंद्रों में अवांछित व्यक्तियो द्वारा अन्य सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान लाकर जिले के धान खरीदी केंद्रों में खपाने के प्रयास किए जाने से धान खरीदी व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती हैं। इसके अतिरिक्त गांव/शहरी इलाकों में कोचियों/ बिचौलियों के द्वारा चिल्हर रूप से धान की खरीदी कर समिति में पंजीकृत किसान के रकबे में बेचने का प्रयास किया जा सकता है, इस समस्त गतिविधियों से अवैध धान की आवक पर रोकथाम एवं सघन जांच हेतु जांच दल गठित किया गया है। इस जांच दल में अनुभाग बैकुंठपुर एवं सोनहत मंडी सचिव अंजली सिंह, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी वंदना सिंह श्याम एवं पटवारी आशीष पाल तथा सोनहत में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी जयंत पैकरा एवं पटवारी सोनहत देव नारायण सिंह को दल में शामिल किया गया है। गठित विशेष चेकिंग दल के द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण कर अन्य राज्यों से अवैध धान की आवक की निगरानी एवं अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी द्वारा दिए गए हैं।

किसान कल्याण फाउंडेशन में किसान एवं नारी प्रतिभा सम्मान

28-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   किसान कल्याण फाउंडेशन के द्वारा किसान प्रतिभा रत्न सम्मान एवं नारी प्रतिभा रत्न सम्मान का आयोजन वृंदावन हाल में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा मुख्य आतिथ्य के साथ  विशेष अतिथि दीपक कुमार गौड़ा  विशिष्ट अतिथि विजय श्रीवास्तव,  एवं शरद की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
स्वागत भाषण किसान कल्याण फाउंडेशन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी राष्ट्रीय लोक दल के घनश्याम प्रसाद यादव ने किसान कल्याण फाउंडेशन के उद्देश्यों के साथ किसानों की दयनीय दशा को सुधारने पर जोर दिया। कार्यक्रम में में सुआ नृत्य के साथ भरथरी गायन  किया गया। किसान कल्याण फाउंडेशन के नवनिर्वाचित  अधिकारियों को नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।  छत्तीसगढ़ के कवि मीर अली ने वंदे मातरम् पर कविता पाठ किया ।
आयोजन में समाजसेवी डॉ, जया द्विवेदी किसान कल्याण फाउंडेशन राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार डॉ,ममता साहू जी समाज परमानंद यादव सहित तैंतीस जिला से किसान कल्याण फाउंडेशन के संरक्षक, जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी गण की उपस्थित हुए। छत्तीसगढ़ में कृषि पद्धति को बढ़ावा देने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। मिस का किताब जीतने वाली दीपा मेश्राम जी को भी  सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि अनुपम मिश्रा ने किसानों के साथ हो रहे अत्याचार को राज्य सरकार एवम् भारत सरकार तक पहुंचाने की बात कही।
आयोजन में विशेष रूप से  उपस्थित किसान कल्याण फाउंडेशन के राष्ट्रीय महासचिव भगवती, उपाध्यक्ष देव सिंह साहू , राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार डॉ. ममता साहू,राष्ट्रीय सहसचिव लक्ष्मी गंधर्व सहित संरक्षक डॉ, उदयभान चौहान, प्रदेश अध्यक्ष सूरज कुमार श्रीवास महिला विंग की सुनीता देवांगन, प्रदेश महासचिव बिंदु यादव, प्रदेश महासचिव डॉ. जगदीश प्रसाद दिनकर, मीडिया प्रभारी संतोष  लहरे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ, सत्यजीत साहू ने किया एवं फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम यादव ने धन्यवाद दिया।

राष्ट्रीय किसान मेला में कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव का स्टॉल रहा आकर्षण का केन्द्र

26-Oct-2024
राजनांदगांव।    ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में चार दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय किसान मेला के आयोजन से प्रदेश के किसानों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों ने मेला का भ्रमण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित अन्य मंत्री व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। राष्ट्रीय किसान मेला में विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा स्टॉल लगाया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव का स्टॉल आकर्षण का केन्द्र रहा। स्टॉल में मशरूम उत्पाद, अचार, पापड़, बड़ी व सूखा मशरूम एवं धान के दुर्लभ किस्म प्रजाति ग्रीन राइस, ब्राउन राइस, देशी सफरी राइस, काला नमक किरण, गेहू, किस्म देशी बंशी, सोना मोती, खपली, काला गेहं, हरा चना, ब्राउन चना सहित अन्य जैविक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। मेले में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा, अंजली घृतलहरे, जितेन्द्र कुमार मेश्राम उपस्थित थे।

 


जिले में 14 नवंबर से होगी धान खरीद, तैयारी में जुटा प्रशासन

25-Oct-2024
धमतरी।    ( शोर संदेश )  समर्थन मूल्य पर धान खरीद 14 नवंबर से होगी। धमतरी जिले में इस साल 67 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है, जो पिछले साल की तुलना में छह लाख क्विंटल अधिक है। शासकीय नियमानुसार इस साल सभी केन्द्रों में इलेक्ट्रानिक कांटा से धान की खरीदी होगी। आपात स्थिति में ही एसडीएम के आदेशानुसार तौल काटा से खरीद हो सकती है। तैयारी को लेकर प्रशासन तैयारी में जुटा हुआ है।
समर्थन मूल्य पर धान की खरीद 14 नवंबर से जिले के सभी 100 खरीदी केंद्रों में होगी। खरीद के लिए अभी किसानों को 20 दिन और इंतजार करना पड़ेगा। डीएमओ सुनील सिंह राजपूत ने बताया कि, जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। खरीदी केन्द्रों में बारदाना पहुंचाया जा रहा है। शासन से इस साल 67 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य है, जो पिछले साल की तुलना में छह लाख क्विंटल अधिक है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी की जाएगी। इस बाद समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए नियम में बदलाव हुआ है। सीमांत व लघु किसान दो टोकन से ही धान बेच सकेंगे। जबकि पांच एकड़ से अधिक रकबा वाले किसानों को धान बेचने के लिए तीन बार टोकन कटाना पड़ेगा। सभी खरीदी केंद्रों में इलेक्ट्रानिक कांटा से ही खरीदी होगी। धान खरीदी के लिए बारदाना कार्यालय पहुंच चुका है। मोटा धान समर्थन मूल्य पर 2300 रुपये और पतला धान समर्थन मूल्य पर 2320 रुपये निर्धारित है। बोनस सहित प्रति एकड़ कुल 3100 रुपये मिलेगा। यह राशि एक साथ मिलेगा या बोनस के रूप में मिलेगा, यह स्पष्ट नहीं है। शासन से इस संबंध में फिलहाल किसी तरह आदेश नहीं पहुंचा है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अभी तक जिले में एक लाख 26320 किसानों का पंजीयन हुआ है। इसमें से चार हजार से अधिक नया किसानों का पंजीयन है। उल्लेखनीय है कि इस साल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पांच नए केंद्र खोलने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक आदेश नहीं आया है। ऐसे में फिलहाल 100 खरीदी केंद्रों में ही धान खरीदी किया जाएगा।

गिरदावरी सत्यापन कार्य जिम्मेदारी व गंभीरता से करें : कलेक्टर

24-Oct-2024
धमतरी। ( शोर संदेश ) खरीफ सीजन 2024-25 में किसानों द्वारा लगाए धान फसल की वास्तविक गिरदावरी संबंधित पटवारियों के माध्यम से किया जाएगा। कलेक्टर नम्रता गांधी की उपस्थिति में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बुधवार को पीवी एप्प के माध्यम से गिरदावरी सत्यापन संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण राजस्व निरीक्षक, मत्स्य निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी इत्यादि को दो पालियों में दिया गया।
कलेक्टर गांधी ने कहा कि गिरदावरी सत्यापन राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे समय सीमा में त्रुटिरहित संपन्न किया जाए। इस कार्य को जिम्मेदारी एवं गंभीरता से किया जाए, इसमें लापरवाही की कोई गुंजाईश नहीं होनी चाहिए। गिरदावरी कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए ही गिरदावरी सत्यापन किया जा रहा है। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, नोडल अधिकारी बीके कोर्राम, संयुक्त कलेक्टर रामकुमार कृपाल, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी उपेन्द्र चन्देल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में प्रशिक्षक दीपचंद भारती ने बताया कि गिरदावरी कार्यों के प्राप्त डेटा की प्रारंभिक प्रकाशन संबंधित ग्राम पंचायत में किया गया है। प्रकाशन से प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर साफ्टवेयर में आगामी 20 अक्टूबर तक प्रविष्टि की जाएगी। पटवारियों द्वारा संपादित वास्तविक गिरदावरी कार्यों को शत्-प्रतिशत शुद्ध करने के लिए गिरदावरी का सत्यापन के लिए जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों को अधिकृत किया गया है।
जिले के छह लाख पांच हजार खसरों में से पांच प्रतिशत, लगभग 30 हजार 250 खसरों की रेंडमली प्रणाली से तहसील स्तरीय अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा आनलाईन मोबाईल एप्प (पीवी एप्प) के माध्यम से सत्यापन करने शासन द्वारा निर्देशित किया गया है। तहसील स्तरीय सत्यापनकर्ता द्वारा सत्यापित खसरों में से पांच प्रतिशत खसरों की गिरदावरी सत्यापन का कार्य जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। इसी तरह जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा जांच की गई खसरों में से दो प्रतिशत ग्रामों के खसरों के गिरदावरी कार्यों की जांच राज्यस्तरीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि इस गिरदावरी सत्यापन प्रक्रिया में सत्यापनकर्ताओं की आईडी में अधिकृत तहसील के ग्राम एवं खसरों को दी गई है। गिरदावरी सत्यापन कार्य 23 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक किया जाएगा। गिरदावरी के दौरान प्राप्त विसंगतियों का निराकरण तहसीलदार माड्यूल में किया जाएगा, जिससे राजस्व अभिलेख परिशुद्ध तैयार हो सके।

कोदो की खेती कर आर्थिक रूप से समृद्ध होने की राह पर अग्रसर हैं ग्राम अड़जाल के किसान

24-Oct-2024
बालोद।।   ( शोर संदेश )   कृषि प्रधान बालोद जिले में अब डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल ग्राम अड़जाल के किसान कोदो की खेती कर आर्थिक रूप से समृद्ध होने की राह पर अग्रसर हैं। एक समय था जब ग्राम अड़जाल में बहुत सी रिक्त बंजर जमीन ऐसे ही पड़ी हुई थी। लेकिन जिला प्रशासन के सहयोग और कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्हें कोदो की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। 
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के द्वारा ग्राम अड़जाल के कृषकों को कोदो फसल के उत्पादन के लिए लगातार प्रोत्साहित करने के अलावा गांव में कोदो फसल के उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है। शासन प्रशासन के इस सकारात्मक प्रोत्साहन से गांव के लगभग 25 किसानों ने लगभग 32 एकड़ जमीन पर कोदो की खेती करना शुरू किया। कृषि विभाग के निरंतर मार्गदर्शन में किसानों द्वारा कोदो की खेती से अब उनके जमीन पर कोदो की फसल लहलहा रही है। यह कोदो की फसल उन किसानों की समृद्धि का रास्ता बना रहा है, जिसमें वे लगातार अग्रसर हो रहे हैं। इस तरह से छत्तीसगढ़ के परंपरागत कोदो फसल कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से किसानों के आर्थिक संबलता का आधार बनने जा रहा है।
कोदो की फसल ले रहे ग्राम अड़जाल के किसान दिलीप कुमार रावटे ने बताया कि वे अपनी पड़त भूमि में अभी कोदो की फसल ले रहे हैं। फसल की पैदावार भी काफी अच्छी है, इससे उन्हें अच्छी आय होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कोदो की फसल को अन्य किसानों को भी उगाना चाहिए, इससे वे स्वयं की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। किसान भूवन लाल ने बताया कि वे गांव के लोगों के साथ ही स्वयं भी अपने खेत में कोदो की खेती कर रहेे हैं। उन्हांने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के शासन में उन्हें खेती किसानी के कार्य में अच्छा सहयोग मिल रहा है। उन्हें कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा निरंतर ही खेती के संबंध में मार्गदर्शन मिलता हैं, जिससे उन्हें खेती कार्य में काफी आसानी हुई है और उनके कोदो फसल की पैदावार भी अच्छी है। 
ग्राम अड़जाल के किसान अंजन सिंह, संतोष भण्डारी और अर्जुन सिंह ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के शासन में अब उन्हें समय पर खाद-बीज मिल रहा है, इसमें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है। इसके साथ ही उन्हें समय समय पर कृषि विभाग के द्वारा खेती कार्य में विशेष मार्गदर्शन दिया जाता है। जिससे उन्हें खेती का कार्य अब आर्थिक रूप से काफी लाभदायक लग रहा है। उन्होंने बताया कि कोदो का उपयोग आजकल बहुतायत में लोगों द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में शुगर, बीपी तथा सुप बनाने के लिए कोदो का उपयोग लोगों द्वारा किया जाता है, जिससे इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। कोदो की मांग बढ़ने से हम किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके किसान हितैषी फैसलों और योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है, अब किसान उन्नत तरीके से अपने कृषि कार्य को आसानी से कर पा रहे हैं। किसानों ने किसान हितैषी योजनाओं और निर्णयों के बेहतर क्रियान्वन के लिए मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।


Feedback/Enquiry



Log In Your Account