
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) नाशपाती एक ऐसा फल है जो पौष्टिक गुणों से भरपूर है। इसमें विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा होती है। नाशपाती में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन सी, फ़िटेनियोटेंट्स, फ्लेवोनोइड्स, प्रोटीन, आयरन के साथ कैल्शियम पाया जाता है जो सेहत के लिए लाभकारी है। ऐसे में चलिए जानते हैं रोज नाशपाती खाने से आपकी सेहत पर अच्छा या बुरा कैसा प्रभाव पड़ता है?
अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में नाशपाती को शामिल करें। एक रिसर्च के अनुसार 12 सप्ताह तक दिन में 3 बार अगर नाशपाती का सेवन करे तो तेजी से मोटापा कम हो जाता है।
नाशपाती आपके शरीर में नमी वापस लाकर आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य का समर्थन कर सकते हैं। नाशपाती खाने से फेफड़ों को मदद मिलेगी जो शुष्क, धुएं से भरी हवा के कारण विषाक्त पदार्थों से अधिक प्रभावित होते हैं। नाशपाती में गर्मी को दूर करने और फेफड़ों को नम करने की क्षमता होती है।
नाशपातीमें मौजूद आर्बुटिन लीवर विकारों में लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद आर्बुटिन में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और लीवर की सुरक्षा करने वाले गुण होते हैं। यह बिलीरुबिन के स्तर को कम करता है। आर्बुटिन लिपिड पेरोक्सीडेशन को भी रोकता है और लीवर कोशिकाओं की रक्षा करता है। नाशपाती के छिलके का अर्क रक्त में लीवर एंजाइम की वृद्धि को रोकता है।
नाशपाती का सेवन करने से आपका कोलेस्ट्राल लेवल कंट्रोल करता है। जिससे आपका हार्ट भी हेल्दी रहता है। नाशपाती फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है, जो हृदय रोग के खिलाफ़ कारगर साबित हुआ है। फलों, सब्जियों, अनाज और अनाज से मिलने वाला फाइबर रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।
नाशपाती कब्ज में लाभकारी हो सकती है। यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर कर मल को नरम बनाता है और पास करना आसान बनाता है। नाशपाती फाइबर का भी एक समृद्ध स्रोत है। यह फाइबर सामग्री मल को भारी बनाती है। इस प्रकार, नाशपाती मल आवृत्ति को बढ़ाने में भी मदद करती है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) इन दिनों लोग मोटापे की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। ऐसे में इसे कम करने के लिए न जाने कितने जतन करते हैं। लेकिन एक बात जान लें अगर डाइट सही नहीं है तो आप कितनी भी कोशिश कर लें मोटापा कम नहीं होगा। अपनी डाइट में आप इस सूखे मेवे को शामिल कर मोटापे से छुटकारा पा सकते हैं। छोटे छोटे गोल आकार के मखाने में एंटीऑक्सीडेंट्स कैल्शियम फाइबर प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन क्षमता को बेहतर बनाते हैं। इसमें एंटी एजिंग गुण मौजूद होते हैं जो आपकी स्किन की बेहतर देखभाल करते हैं। अगर आप इसका सेवन सुबह के समय करते हैं तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। चलिए हम आपको बताते हैं सुबह के समय इसका सेवन करने से आप सेहत को क्या फायदे होंगे।
अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो सुबह के समय एक मुट्ठी मखाना रोज़ाना खाएं। सुबह इसका सेवन करने से यह आसानी से पच जाता है। ऐसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है और फूड की क्रेविंग भी कम होती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। मखाना देसी घी में भूनकर नमक और काली मिर्च मिलाकर नमकीन की तरह खा सकते हैं और अगर आपको दूध पसंद है तो आप इसे दूध में उबालकर भी पी सकते हैं।
मखाना ड्राई फ्रूट होने के साथ साथ शारीरिक कमजोरी दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है। ये केवल सेहत को नहीं सुधारता, इसे डाइट में शामिल किया जाए तो ये गर्भधारण की समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद करता है।
कई पौष्टिक तत्वों से भरपूर होने के कारण ये डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है, इसके लगातार सेवन से शुगर कंट्रोल होता है।
मखाना चूंकि एंटी ऑक्सिडेंट से भरपूर होता है इसलिए अगर आप रोज सुबह खाली पेट चार पांच मखा खा लेंगे तो आपके चेहरे पर उम्र के निशान कम होते जाएंगे और स्किन जवां होगी।
मखाना किडनी के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इसमें कैलोरी नाममात्र की होती है और कैल्शियम भरपूर होता है। इसलिए इस हड्डियों की मजबूती के लिए भी अच्छा डाइट माना जाता है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) शलजम में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये सब्जी फोलेट यानि विटामिन बी9, आयरन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स मानी जाती है। आपको सलाद के रूप में शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। शलजम में फाइबर सबसे ज्यादा होता है। इसे खाने से कब्ज की बीमारी को दूर किया जा सकता है।
सर्दियों में ज्यादातर लोग खांसी से परेशान रहते हैं। ऐसे में शलजम को डाइट में जरूर शामिल करें। ठंड में खांसी होने पर शलजम को काटकर, भूनकर, नमक डालकर खाएं। इससे खांसी में राहत मिलेगी।
जिन लोगों को मसालेदार और तीखा खाने की आदत है उन्हें पाइल्स होने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। फाइबर से भरपूर शलजम खाने से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। आप शलजम के पत्तों का साग बनाकर भी खा सकते हैं।
शलजम को ब्लड प्रेशर के मरीज भी खा सकते हैं। इसमें नाइट्रेट पाया जाता है, जो शरीर में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। शलजम खाने से आंखें भी स्वस्थ रहती है। क्योंकि इसमें ल्यूटिन होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) क्या आपको भी यही लगता है कि किचन में रखे मसालों का इस्तेमाल महज खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है? अगर हां, तो आपको अपनी इस गलतफहमी को जल्द से जल्द दूर कर लेना चाहिए क्योंकि कुछ मसालों में पाए जाने वाले पोषक तत्व आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर जायफल का पानी सर्दियों में सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित हो सकता है।
रोजाना जायफल का पानी पीने से आपके इम्यून सिस्टम पर पॉजिटिव असर पड़ता है। सर्दी-जुकाम की समस्या से बचने के लिए जायफल का पानी पीना शुरू कर दीजिए। जायफल का पानी आपकी गट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकता है। एसिडिटी, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस मसाले के पानी को कंज्यूम किया जा सकता है। इसके अलावा अपने दिल की सेहत को मजबूत बनाने के लिए भी जायफल का पानी पिया जा सकता है।
जायफल के पानी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जायफल का पानी आपकी फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ आपकी मेंटल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इस मसाले के पानी को पीकर आप अपने स्ट्रेस को दूर कर सकते हैं। इसके अलावा जायफल का पानी आपकी बॉडी को रिलैक्स कर आपकी नींद की गुणवत्ता को सुधारने में भी कारगर साबित हो सकता है।
आयुर्वेद के मुताबिक सोने से पहले जायफल का पानी पीना आपकी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। जायफल का पानी आपकी वेट लॉस जर्नी को भी आसान बना सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मसाले का पानी आपकी सेहत के साथ-साथ आपकी त्वचा पर भी पॉजिटिव असर डाल सकता है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) नारियल का दूध पीना न केवल आपकी सेहत के लिए बल्कि आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। कोकोनट मिल्क एजिंग साइन्स को कम करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा कोकोनट मिल्क में पाए जाने वाले तत्व आपकी स्किन को मॉइश्चराइज्ड और ग्लोइंग बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।नारियल के दूध में एंटीऑक्सीडेंट्स समेत कई पोषक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। यही वजह है कि कोकोनट मिल्क को सेहत के लिए वरदान माना जाता है। अगर आप रेगुलरली नारियल का दूध पीना शुरू कर देंगे, तो आपकी ओवरऑल हेल्थ पर ढेर सारे पॉजिटिव असर पड़ सकते हैं। आइए ऐसे ही कुछ कमाल के फायदों के बारे में जानते हैं।
रोजाना नियम से नरियल का दूध पीने से आप अपने इम्यून सिस्टम को काफी हद तक बूस्ट कर सकते हैं। सर्दियों में खुद को बार-बार बीमार पड़ने से बचाने के लिए आप एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर कोकोनट मिल्क पीना शुरू कर सकते हैं। डायबिटीज पेशेंट्स के लिए भी नारियल के दूध को फायदेमंद माना जाता है। आपको बता दें कि कोकोनट मिल्क ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में कारगर साबित हो सकता है।
क्या आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो आपको नारियल के दूध को अपने डेली डाइट प्लान का हिस्सा बना लेना चाहिए। कोकोनट मिल्क आपकी बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में असरदार साबित हो सकता है। इतना ही नहीं नारियल के दूध में पाए जाने वाले तमाम तत्व आपकी गट हेल्थ को भी काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं।
नारियल का दूध पीना न केवल आपकी सेहत के लिए बल्कि आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। कोकोनट मिल्क एजिंग साइन्स को कम करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा कोकोनट मिल्क में पाए जाने वाले तत्व आपकी स्किन को मॉइश्चराइज्ड और ग्लोइंग बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) क्या आपने कभी तुलसी के पत्तों का पानी पिया है? अगर नहीं, तो तुलसी वॉटर के फायदों के बारे में जानने के बाद आप भी इसे अपने डेली डाइट प्लान का हिस्सा बना लेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तुलसी के पत्तों में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, मैंगनीज, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम समेत कई पौष्टिक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है।
तुलसी वॉटर को रेगुलरली कंज्यूम करने से आप अपने इम्यून सिस्टम को काफी हद तक बूस्ट कर सकते हैं। सर्दी-खांसी से छुटकारा पाने के लिए भी आप तुलसी के पत्तों का पानी पी सकते हैं। इसके अलावा तुलसी वॉटर आपकी बॉडी को डिटॉक्स करने में भी कारगर साबित हो सकता है। अगर आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं तो आपको अपने दिन की शुरुआत औषधीय गुणों से भरपूर इस नेचुरल ड्रिंक से करनी चाहिए।
अगर आप अपने दिल की सेहत को मजबूत बनाकर हार्ट रिलेटेड समस्याओं के खतरे को कम करना चाहते हैं, तो हर रोज तुलसी के पत्तों का पानी पीना शुरू कर दीजिए। आपको बता दें कि तुलसी वॉटर आपकी गट हेल्थ के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। इतना ही नहीं तुलसी के पत्तों का पानी पीकर आप अपने तनाव को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।
एक पैन में 2 कप पानी डालकर बॉइल कर लीजिए। अब तुलसी की पत्तियों को बॉइल्ड वॉटर में डालकर लगभग 10 मिनट तक उबलने दीजिए। अब इस पानी को एक कप में छान लीजिए। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट तुलसी के पत्तों का पानी पीना शुरू कर दीजिए।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) इन दिनों अमरूद का सीजन है आपको दिनभर में 1-2 अमरूद जरूर खाने चाहिए। अमरूद में भरपूर विटामिन सी पाया जाता है। कहते हैं सीजनल अमरूद सेब से भी ज्यादा पौष्टिक होता है। अमरूद पाचन को दुरूस्त करता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है। अमरूद खाने से वजन कम होता है।अमरूद में विटामिन सी, विटामिन बी 6, विटामिन ए, मैग्नीशियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फॉस्फोरस, कैल्शियम और आयरन पाया जाता है। अमरूद डाइटरी फाइबर से भरपूर है जिसमें पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है। इन पोषक तत्वों से भरपूर अमरूद खाने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं।
वैसे अमरूद खाने का सही समय है नाश्ते के बाद और लंच से पहले। अगर आप सुबह फल खाते हैं तो उसमें अमरूद को शामिल कर सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों को सुबह खाली पेट अमरूद खाने से पेट में दर्द की समस्या हो सकती है क्योंकि अमरूद के बीजों पचने में काफी समय लगता है। अगर आपको सर्दी जुकाम है तो सुबह खाली पेट अमरूद खाने से बचें। अमरूद का सेवन रात में नहीं करना चाहिए। ठंडे फल रात में खाने से सर्दी जुकाम की समस्या हो सकती है।
अमरूद खाने से वजन कम होता है। आप इसे वेट लॉस डाइट में शामिल कर सकते हैं। अमरूद खाने से पुरानी से पुरानी कब्ज को दूर किया जा सकता है। जिन लोगों को पेट में जलन की समस्या होती है वो अमरूद खा सकते हैं। अमरूद खाने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है। इससे डाइजेशन में सुधार आता है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) ठंड के दिनों में आपको रोजाना मूंगफली जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। मूंगफली कई बीमारियों के खतरे से बचाती हैं। मूंगफली में मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है जो एचडीएल के लेवल को बढ़ाता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है।
सर्दियों में बादाम खाने से जितनी गर्मी मिलती है उतनी ही मूंगफली खाने से भी मिलती है। आपको 1-2 मुट्ठी मूंगफली रोजाना जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से आप सर्दी के असर को कम कर सकते हैं। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और जरूर विटामिन भी मिलते हैं। मूंगफली का रोस्ट करके खाना फायदेमंद होता है।
मूंगफली खाने से वजन भी कम हो सकता है। मूंगफली खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है। कई रिसर्च में भी ये पाया गया है कि मूंगफली, उससे बना तेल और पीनट बटर खाकर मोटापा कम किया जा सकता है। इससे भूख कम लगती है जिससे आपका वजन कम होता है।
अवसाद को दूर भगाने में मूंगफली मदद करती है। मूंगफली खाने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। मूंगफली में पाया जाने वाला ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन रिलीज को बढ़ाता है। जिससे डिप्रेशन का खतरा कम होता है। लो सेरोटोनिन का लेवल डिप्रेशन का कारण बनता है।
अन्य फायदे- मूंगफली में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं। मूंगफली का सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहा है और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। मूंगफली में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर के खतरे को भी कम करते हैं।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। मेवा की तासीर हल्की गर्म होती है। इसलिए इन्हें पानी में भिगोकर खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जिसे पानी में भिगोकर नहीं बल्कि भूनकर खाने से ज्यादा फायदा होता है। ये ड्राई फ्रूट है मुनक्का, जिसे भूनकर और काला नमक लगाकर खाने से कई गुना ज्यादा लाभ होता है। मुनक्का पेट और आपकी ओवर ऑल हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। रोज मुनक्का खाने से शरीर में ताकत आती है और पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं। जानिए मुनक्का को कैसे भूनते हैं और इसे कैसे खाते हैं। मुनक्का खाने से क्या फायदे मिलते हैं?
एक दिन में आप 6-7 मुनक्का आसानी से खा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले तवा गर्म करें। अब इस पर मुनक्का को गर्म करने के लिए रखें। हल्का दबाकर भूनें बहुत ज्यादा जलाना नहीं है। बस मुनक्का को गर्म सा करना है। अब मुनक्का के अंदर से बीज निकाल दें और यहां थोड़ा से काला नमक लगा लें। इसी तरह 6-7 मुनक्का खा लें। ये मुनक्का पेट के लिए बहुत फायदेमंद हो जाते हैं। काला नमक लगाकर मुनक्का खाने से इसके फायदे कई गुना और बढ़ जाते हैं।
रोज मुनक्का खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। इससे सीजनल बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। खासतौर से ठंड के दिनों में भुना मुनक्का रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
भुना और काला नमक लगा मुनक्का खाने से कब्ज और एसिडिटी की समस्या को दूर किया जा सकता है। पाचन से जुड़ी समस्याओं को मुनक्का दूर भगाता है।
पेट के रोगियों के लिए मुनक्का सबसे अच्छा ड्राई फ्रूट माना जाता है। इससे पाचनतंत्र दुरुस्त होता है। मुनक्का को डाइजेशन के लिए बेहतरीन माना जाता है।
मुनक्का आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसे खाने से शरीर में खून की कमी को दूर किया जा सकता है। मुनक्का खाने से हीमोग्लोबिन भी बढ़ता है।
मुनक्का में कैल्शियम के अलावा ऐसे कई दूसरे विटामिन भी पाए जाते हैं जो हड्डी और दातों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
मुनक्का में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन को प्रोटेक्ट करते हैं। मुनक्का खाने से ब्लड सर्कुलेशन और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।
इसके अलावा आंखों के लिए मुनक्का खाना फायदेमंद साबित होता है। मुनक्का विटामिन ए और बीटा कैरोटिन का अच्छा सोर्स है।
