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अयोध्या राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ आज, अमित शाह और सीएम योगी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

31-Dec-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अयोध्या के भव्य राम मंदिर की बुधवार को दूसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश व प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, आज ही की शुभ तिथि पर दो वर्ष पूर्व 500 वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त हुई और मोदी जी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की। प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगाँठ की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
उन्होंने आगे कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों की पुनर्स्थापना का प्रतीक यह मंदिर धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष, सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए त्याग व विरासतों के संरक्षण के लिए बलिदान की अप्रतिम प्रेरणा बना रहेगा। इस पवित्र अवसर पर श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के सभी बलिदानियों को नमन करता हूँ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत की चेतना के उत्कर्ष की साक्षी बन रही अयोध्या नगरी में आज प्रभु श्री रामलला के नूतन विग्रह के प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ का पावन दिन है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री रामलला का विराजमान होना प्रतीक है कि सदियों के संघर्ष को समाप्ति मिली और वेदना को विराम मिला।”
सीएम योगी ने कहा कि हमारी तीन पीढ़ियों की साधना और संघर्ष, पूज्य साधु-संत गण के आशीर्वाद और 140 करोड़ देशवासियों के विश्वास की परिणति है कि आज हम इस पावन पल के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज प्रत्येक रामभक्त के हृदय में संतोष है।
 

146 करोड़ रू. की लागत से काशी की तर्ज पर बनेगा भव्य भोरमदेव कॉरिडोर

25-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा।
भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का समग्र विकास होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे। भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा। 
भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।


















 

भारत 8 से 13 दिसंबर तक यूनेस्को अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र की करेगा मेज़बानी

08-Dec-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत सरकार 8 से 13 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए यूनेस्को अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र की मेज़बानी करने जा रही है। ऐतिहासिक लाल किला परिसर को इस आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यह भारत की मूर्त और अमूर्त विरासत के एक ही छत के नीचे समागम का प्रतीक है।
अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा हेतु, यूनेस्को ने पेरिस में अपने 32वें आम सम्मेलन में 2003 कन्वेंशन को अपनाया था। अंतर-सरकारी समिति 2003 कन्वेंशन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाती है और सदस्य देशों में इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करती है। भारत तीन कार्यकालों तक यूनेस्को अंतर-सरकारी समिति में कार्यरत रहा है। अब तक, 15 भारतीय तत्वों को यूनेस्को प्रतिनिधि सूची में शामिल किया जा चुका है।
यह पहली बार होगा, जब भारत आईसीएच समिति के सत्र की मेज़बानी करेगा और इस बैठक की अध्यक्षता यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधि विशाल वी. शर्मा करेंगे। यह आयोजन 2005 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा के लिए 2003 कन्वेंशन के भारत द्वारा अनुसमर्थन की बीसवीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है, जो जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यूनेस्को की परिभाषा के अनुसार, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में वे प्रथाएं, ज्ञान, अभिव्यक्तियां, वस्तुएं और स्थान शामिल हैं, जिन्हें समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान के हिस्से के रूप में देखते हैं। पीढ़ियों से चली आ रही यह विरासत वक्त के साथ विकसित होती है, सांस्कृतिक पहचान को मज़बूत करती है और विविधता की सराहना करती है।
यूनेस्को अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र की भारत द्वारा मेजबानी एक मील का पत्थर है, जो प्रतीकात्मक महत्व के साथ-साथ नेतृत्व के एक वास्तविक अवसर का भी मिश्रण है। विरासत के एक सशक्त ढ़ांचे और सांस्कृतिक विविधता के इतिहास के साथ, भारत अपने संरक्षण मॉडल को प्रदर्शित और साझा करने के लिए तैयार है। यह आयोजन भारत को अपनी जीवंत विरासत को उजागर करने, वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों के लिए अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु एक नए दृष्टिकोण को आकार देने का अवसर प्रदान करता है।
नई दिल्ली में अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र की सफलता यूनेस्को, भारत सरकार और भारत की सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंतता पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। भारत की विरासत उसके लोगों के माध्यम से जीवित है, जो उसकी भाषाओं, कलाओं, रीति-रिवाजों, त्योहारों और विश्वास प्रणालियों में अभिव्यक्त होती है। इस वर्ष के सत्र की मेजबानी, भावी पीढ़ियों के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के प्रति भारत की सतत् प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 



 

सोने-चांदी की चमक फीकी, निवेशकों में मची हलचल

28-Oct-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  सप्ताह के पहले दिन सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को सोना ₹2,100 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹6,500 प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई। अब रायपुर में सोना ₹1,25,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,50,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।
रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि पिछले कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन (शुक्रवार) को सोना ₹1,27,100 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,56,500 प्रति किलोग्राम थी। सोमवार को दोनों धातुओं में तेज गिरावट आई।
गिरावट के आंकड़े एक नजर
10 दिनों में सोना ₹63,800 सस्ता हुआ,18 अक्टूबर को भारत में 24 कैरेट 100 ग्राम सोने का भाव ₹13,08,600 था, जो 27 अक्टूबर को घटकर ₹12,44,800 रह गया।
10 दिनों में चांदी ₹17,000 सस्ती हुई,18 अक्टूबर को 1 किलो चांदी का भाव ₹1,72,000 था, जो अब घटकर ₹1,55,000 पर आ गया है।
सोने और चांदी की कीमतों में यह लगातार दूसरी बड़ी गिरावट है, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों में हलचल मच गई है।
 

20 अक्टूबर को मनाई जाएगी दीपावली, जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

17-Oct-2025
इस साल दिवाली की सही तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, क्योंकि कार्तिक अमावस्या तिथि दो दिनों — 20 और 21 अक्टूबर को पड़ रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा था कि लक्ष्मी पूजा किस दिन की जाए? पंडितों के अनुसार, निशिता काल यानी मध्यरात्रि पूजा काल के हिसाब से दिवाली सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को ही मनाई जाएगी।
द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि आरंभ — 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे
समाप्ति — 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे
चूंकि लक्ष्मी पूजा निशिता काल में की जाती है और वह 20 अक्टूबर की रात को पड़ रही है, इसलिए इस वर्ष मुख्य दीपावली 20 अक्टूबर (सोमवार) को ही मनाई जाएगी।
पूजा मुहूर्त: शाम 6:56 बजे से 8:04 बजे तक
अवधि: 1 घंटा 8 मिनट
निशिता काल मुहूर्त: रात 11:41 बजे से 12:31 बजे (21 अक्टूबर की सुबह तक)
हिंदू परंपरा के अनुसार, दिवाली के दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीप जलाए थे, तभी से दीप प्रज्वलन और उत्सव की परंपरा प्रारंभ हुई। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की विधिवत पूजा की जाती है।
दिवाली पर्व कुल पांच दिनों तक चलता है, धनतेरस, नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली), दीपावली (मुख्य दिवस), गोवर्धन पूजा और भाई दूज। इस वर्ष धनतेरस 18 अक्टूबर को और भाई दूज 22 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
पंडित यशवर्धन पुरोहित के अनुसार जो लोग भ्रम में हैं कि दिवाली 20 या 21 अक्टूबर को मनाई जाए, वे निशिता काल के आधार पर 20 अक्टूबर को ही लक्ष्मी पूजन करें। यही शुभ और फलदायी रहेगा।
यह दिवाली खुशहाली, धन और शांति का संदेश लेकर आए — यही कामना है।

नवरात्रि के तीसरे दिन पीएम मोदी ने कहा-देवी मां के आशीर्वाद से हर किसी के जीवन में सकारात्मकता का हो संचार

24-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। शारदीय नवरात्रि का बुधवार को तीसरा दिन है और पूरे देश में भक्त मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देवी मां के आशीर्वाद से हर किसी के जीवन में सकारात्मकता का संचार हो।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नवरात्रि का तीसरा दिन शांति, साहस और निर्भीकता की प्रतीक मां चंद्रघंटा की आराधना को समर्पित है। देवी मां के आशीर्वाद से हर किसी के जीवन में सकारात्मकता का संचार हो। उनकी कृपा देशभर के मेरे परिवारजनों के लिए सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए, यही कामना है। उन्होंने एक्स पर भारतीय पार्श्व गायिका मैथिली ठाकुर द्वारा गाया महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम का वीडियो भी साझा की हैं।
आज शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की साधना से भक्तों के जीवन से दुख, दरिद्रता और भय दूर हो जाते हैं। मां का यह स्वरूप सौम्यता और शांति का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक को अलौकिक शक्ति प्राप्त होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
देश भर में मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग मां के दर्शन के लिए फूल, नारियल, जल और प्रसाद लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु माता के दर्शन कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना कर रहे हैं। 
 

पर्यूषण महापर्व का समापन : वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक उत्सव संपन्न

06-Sep-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) सकल दिगंबर जैन समुदाय के पर्युषण पर्व के दौरान अनंत चतुर्दशी पर शनिवार को उत्तम ब्रह्मचर्य दिवस पर 12 वे तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव धूम धाम से मनाया गया। जैन धर्म में दसलक्षण पर्यूषण महापर्व भाद्र शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी तक मनाया जाता हैं। प्रत्येक दिवस क्रमशः क्षमा मार्दव,आर्जव,शौच,सत्य, संयम, तप,त्याग,आकिंचन,ब्रह्मचर्य जैसे अनन्त फलदायी गुणों को धारण कर अनन्त कर्मो की निर्जरा कर अनंत पुण्य का आश्रव कर जीवन को वैराग्य की ओर अग्रसर किया जाता है। 
6 सितंबर, भाद्रपद शुक्लपक्ष अनंत चतुर्दशी वीर निर्वाण संवत 2551 को आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में पार्श्वनाथ भगवान की बेदी के समक्ष श्रावक गणों ने 12 वे तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान का मोक्ष कल्याणक दिवस पर प्रातः काल श्रीजी को पाण्डुक शीला में विराजमान कर शुद्ध प्रासुक जल शुद्धि मंत्र पढ़ कर शुद्ध किया गया। सभी उपस्थित श्रावकों ने बारी बारी रजत कलशों से श्रीजी का प्रासुक जल से जलाअभिषेक किया। अभिषेक उपरांत सम्पूर्ण विश्व में सुख समृद्धि शांति की कामना हेतु शांति धारा की गई। शांति धारा कर सभी ने भगवान की समता भाव के साथ भक्तिमय आरती कर नित्य नियम पूजा के साथ अष्ट द्रव्यों से निर्मित अर्घ्य से दश लक्षण पूजा,सोलह कारण पूजा, वासुपूज्य भगवान की पूजा के साथ बारहवें तीर्थंकर वासु पूज्य भगवान का मोक्ष दिवस मनाया। विशेष पूजा कर ॐ ह्रीं भादपदशुक्लचतुर्दश्यां मोक्षमंगलमण्डिताय श्रीवासुपूज्यजिनेन्द्राय अर्घ्य निर्वपामीति स्वाहा मंत्रोच्चार के साथ श्रीफल एवं निर्वाण लड्डू चढ़ाया। वासू पूज्य भगवान के जयकारों से पूरा जिनालय गुंजायमान हो गया 
पूर्व उपाध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया कि पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य दिवस के दिन हमें काम, क्रोध, द्वेष, ईष्र्या आदि से खुद को दूर रखना चाहिए। आत्मा में रमना और रहना ही उत्तम ब्रह्मचर्य है। ब्रह्मचर्य धर्म आग को पानी और शैतान को इंसान बनाता है। हमें अपनी इच्छाशक्ति का भी मजबूती के साथ पालन करना चाहिए। इसके लिए मन का नियंत्रण में रहना बहुत जरूरी है। पर्यूषण पर्व मोक्ष मार्ग का अनुगामी बनाता है। हमारी आतंरिक शुद्धि होती है। तपस्या, ज्ञान और संयम की जड़ ब्रह्मचर्य ही है। एक तरह से पर्यूषण पर्व प्रतिवर्ष हमारे भीतर दया, क्षमा और मानवता को जगाता है। जैन धर्म मे अनंत शब्द से आशय यह भी है कि अनंतानुबंधी कषायों का शमन कर, अनंत पुण्य का अर्जन करना। इस दिवस उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का पालन किया जाता है। जैन श्रावक श्राविकाओं द्वारा व्रत-उपवास  आदि रखें जाते हैं। जैन धर्म के 12 वें तीर्थंकर वासुपूज्य भगवान का निर्वाण कल्याणक भी मनाया जाता है और इसी के साथ दसलक्षण पर्व का समापन हो जाता है। अगले दिन सभी समाज जन पर्यूषण महापर्व पर व्रत करने वाले तपस्वियों का पारणा करवा कर सम्मान करते है और सामूहिक रूप क्षमा पर्व मना कर जीवन पर्यंत,वर्ष भर हुए गलतियों के लिए एक दूसरे से क्षमा याचना करते है।

















 

दुर्ग प्रस्थान से पूर्व प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना

21-Aug-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) मंत्री गजेंद्र यादव ने श्रीराम मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने X पोस्ट में बताया, दुर्ग प्रस्थान से पूर्व, राजधानी के वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में रामदरबार के दर्शन कर, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि व मंगल की प्रार्थना की तथा छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया।
दुर्ग के विद्युत नगर के एक छोटे से मकान में रहने वाले गजेंद्र यादव ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रख दिया था। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ व पूर्व मुख्यमंत्री अरुण वोरा को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।
वार्ड अध्यक्ष से शुरुआत करने वाले गजेंद्र यादव नगर निगम पार्षद, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव और स्काउट गाइड के राज्य आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है।गजेंद्र यादव का राजनीतिक सफर वर्ष 1996 में दुर्ग के साइंस कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ।
उस समय वे दिवंगत सांसद ताराचंद साहू के लोकसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे। उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने वर्ष 1998 में उन्हें वार्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी थी।
वर्ष 1999 में भाजपा ने उन्हें दुर्ग नगर निगम चुनाव में कचहरी वार्ड से उम्मीदवार बनाया था। इन्हाेंने पांच बार के पार्षद और पूर्व उप महापौर खेमलाल सिन्हा को हराया था।
गजेंद्र यादव के पिता बिसरा राम यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांत प्रचारक रहे। परिवार का मूल व्यवसाय कृषि है। उनके बड़े भाई नरेंद्र यादव दिसंबर 2004 से 2009 तक अहिवारा नगर पंचायत अध्यक्ष थे। वहीं, उनकी भाभी मंजूलता यादव वर्ष 2014 से 2019 तक अहिवारा नगर पंचायत अध्यक्ष रहीं और क्षेत्र की जनता की सेवा की।




















 

 


रायपुर में जन्माष्टमी की धूम...फूलों से सजा श्रीराधा कृष्ण मंदिर

16-Aug-2025
रायपुर। शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ के रायपुर में कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। टाटीबंध स्थित इस्कॉन टेंपल में 3 दिन तक जन्माष्टमी महोत्सव चल रहा है। जैतूसाव मठ में भगवान को भोग लगाने के लिए 1100 किलो मालपुआ तैयार किया गया है। मठ में भजन संध्या, जन्म आरती कर राजभोग ठाकुरजी को लगाया जाएगा।
वहीं, समता कॉलोनी स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में सुबह दुग्धाभिषेक से अनुष्ठान की शुरुआत हुई। आज रात सिटी कोतवाली में जन्माष्टमी मनाई जाएगी। यहां कारागार में ठाकुरजी का जन्म होगा। वासुदेव टोकरी में उन्हें लेकर बाहर आएंगे। श्रीकृष्ण के जयकारे के बीच उन्हें सदर बाजार के गोपाल मंदिर लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भगवती दीक्षा और मोक्ष माला कार्यक्रम में हुए शामिल

23-Nov-2024

 रायपुर  ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के दादाबाड़ी में आयोजित भगवती दीक्षा और मोक्ष माला कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दादाबाड़ी में भगवान ऋषभदेव की आरती कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह भगवान महावीर के विचारों की ही शक्ति है कि पीढ़ी दर पीढ़ी उनके मूल्यों को लेकर जैन समाज आगे बढ़ रहा है। महावीर स्वामी के विचार केवल जैन धर्म के अनुयायियों के लिए ही नहीं बल्कि समूची मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।  
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी जैन मुनियों का आशीर्वाद लिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि पूरे देश से जैन मुनि यहां आए है।
 उन्होंने दीक्षा ग्रहण करने वाले मुमुक्षु भाई अरिहंत जी, मुमुक्षु भाई नीलेश जी तथा मुमुक्षु बहन निकिता जी और उनके परिजनों का अभिनंदन किया। साय ने कहा कि जैन समाज का सौभाग्य है कि समाज के युवा धर्म को आगे बढ़ाने दीक्षा ग्रहण कर रहे हैं। साय ने कहा कि यह क्षण समूचे समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष  विजय कांकरिया और जैन मुनिगण और जैन समाज के अनुयायी मौजूद रहे।


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