
रायपुर (शोर संदेश) नशे के विरूद्ध व्यापक जन जागरूकता अभियान ‘‘हैलो जिन्दगी’’ के तहत् रायपुर पुलिस विभिन्न स्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अजय यादव और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर प्रशांत अग्रवाल ने शनिवार को नशे के विरूद्ध व्यापक जन जागरूकता अभियान ‘‘हैलो जिन्दगी’’ का शुभारंभ करते हुए जन जागरूकता के लिए तैयार गाड़ियों को सिविल लाईन स्थित सी-4 भवन से झंडी दिखाकर रवाना किया था।इस जागरूकता अभियान के तहत शहर के अलग-अलग क्षेत्रों, पब्लिक प्लेसेस, हाउसिंग सोसायटी, मोहल्ले, स्कूल/कॉलेज, यूनिवर्सिटी शासकीय एवं निजी कार्यालयों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को जागरूक करना है।
इसी तारतम्य में रविवार को रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड, तेलीबांधा मरीन ड्राईव तालाब, खम्हारडीह में अमन नगर, देवेन्द्र नगर में त्रिमूर्ति नगर, सरस्वती नगर में सेंट्रल लाईब्रेरी, न्यू राजेन्द्र नगर में कलर्स मॉल एवं लालपुर ब्रिज के पास, मौदहापारा में शहीद स्मारक भवन, आमानाका में टाटीबंध बस्ती एवं वाल्मिकी नगर, बी.एस.यू.पी कॉलोनी सड्डू विधानसभा एवं भाठागांव पुरानी बस्ती, माना में माना बस्ती, नेवरा में सुभाष चौक, धरसींवा में देवरी तथा खरोरा, उरला एवं आजाद चौक के क्षेत्रों में रायपुर पुलिस के अधि./कर्म., काउंसलर, डॉक्टर आलोक शुक्ला एवं योगिता शर्मा, साया फाउंडेशन, वक्ता मंच, सहित अन्य समाज सेवी संगठनों, छात्रों एवं राग म्यूजिक के संयुक्त तत्वाधान में जन जागरूकता अभियान ‘‘हैलो जिन्दगी’’ आयोजित किया जाकर नशे के दुष्प्रभावों सहित इससे जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में आमजन को बताकर जागरूक किया गया। इसके साथ ही ‘‘हैलो जिंदगी’’ अभियान के तहत आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से टी-शर्ट, पोस्टर एवं पम्पलेट वितरित किये गये तथा मकानों के बाहर एवं आटो में पोस्टर/स्टीकर लगाने के साथ ही नुक्कड़, नृत्य व सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसका प्रचार-प्रसार कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है।
इस जन जागरूकता अभियान के तहत जिला के प्रत्येक थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में वॉल पेंटिंग कराने के साथ ही प्रमुख स्थानों में बैनर और पोस्टर भी लगवाए जा रहे है तथा जागरूकता हेतु तैयार की गई वाहनो को रायपुर के मुख्य स्थानों से लेकर अंदरूनी क्षेत्रों में घुमाकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। रायपुर पुलिस का यह अभियान 15 अगस्त तक जारी रहेगा।

धनंजय राठौर, छगन लोन्हारे
रायपुर (शोर संदेश) -छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। इस त्यौहार से ही राज्य में खेती-किसानी की शुरूआत होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत्रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर लोक महत्व के इस पर्व पर सार्वजनिक अवकाश भी घोषित किया गया है। इससे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है। लोक संस्कृति इस पर्व में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की भी शुरूआत की जा रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के परंपरागत तीज-त्यौहार, बोली-भाखा, खान-पान, ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर राज्य शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने लोगों तक गेड़ी की उपलब्धता के लिए जिला मुख्यालयों में स्थित सी-मार्ट में किफायती दर में गेड़ी बिक्री के लिए व्यवस्था की है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। वन विभाग के सहयोग से सी-मार्ट में गेड़ी किफायती दर पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि बच्चे, युवा गेड़ी चढ़ने का अधिक से अधिक आनंद ले सके।मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष शुरू की गई छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को काफी लोकप्रियता मिली। इसको देखते हुए इस बार हरेली तिहार के दिन शुरू होने वाली छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 को और भी रोमांचक बनाने के लिए एकल श्रेणी में दो नए खेल रस्सीकूद एवं कुश्ती को भी शामिल किया गया है। हरेली पर्व के दिन से ही प्रदेश में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल की शुरूआत भी होने जा रही है, जो सितंबर के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में देने की परंपरा रही हैं।सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।हरेली तिहार के साथ गेड़ी चढ़ने की परंपरा अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सभी परिवारों द्वारा गेड़ी का निर्माण किया जाता है। परिवार के बच्चे और युवा गेड़ी का जमकर आनंद लेते है। गेड़ी बांस से बनाई जाती है। दो बांस में बराबर दूरी पर कील लगाई जाती है। एक और बांस के टुकड़ों को बीच से फाड़कर उन्हें दो भागों में बांटा जाता है। उसे नारियल रस्सी से बांध़कर दो पउआ बनाया जाता है। यह पउआ असल में पैर दान होता है जिसे लंबाई में पहले कांटे गए दो बांसों में लगाई गई कील के ऊपर बांध दिया जाता है। गेड़ी पर चलते समय रच-रच की ध्वनि निकलती हैं, जो वातावरण को औैर आनंददायक बना देती है। इसलिए किसान भाई इस दिन पशुधन आदि को नहला-धुला कर पूजा करते हैं। गेहूं आटे को गंूथ कर गोल-गोल बनाकर अरंडी या खम्हार पेड़ के पत्ते में लपेटकर गोधन को औषधि खिलाते हैं। ताकि गोधन को विभिन्न रोगों से बचाया जा सके। गांव में पौनी-पसारी जैसे राऊत व बैगा हर घर के दरवाजे पर नीम की डाली खोंचते हैं। गांव में लोहार अनिष्ट की आशंका को दूर करने के लिए चौखट में कील लगाते हैं। यह परम्परा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यमान है।
.jpg)
हरेली के दिन बच्चे बांस से बनी गेड़ी का आनंद लेते हैं। पहले के दशक में गांव में बारिश के समय कीचड़ आदि हो जाता था उस समय गेड़ी से गली का भ्रमण करने का अपना अलग ही आनंद होता है। गांव-गांव में गली कांक्रीटीकरण से अब कीचड़ की समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। हरेली के दिन गृहणियां अपने चूल्हे-चौके में कई प्रकार के छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाती है। किसान अपने खेती-किसानी के उपयोग में आने वाले औजार नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल, गैती आदि की पूजा कर छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुलगुल भजिया व गुड़हा चीला का भोग लगाते हैं। इसके अलावा गेड़ी की पूजा भी की जाती है। शाम को युवा वर्ग, बच्चे गांव के गली में नारियल फेंक और गांव के मैदान में कबड्डी आदि कई तरह के खेल खेलते हैं। बहु-बेटियां नए वस्त्र धारण कर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो, फुगड़ी आदि खेल का आनंद लेती हैं।

श्रीहरिकोट (शोर संदेश)। जिस घड़ी का बेसब्री से सभी भारतवासी इंतजार कर रहे थे, आखिर वह आ ही गई। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 को दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर लॉन्च किया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और इसरो के पूर्व चीफ के सिवन भी रहे। दुनिया की नजरें इस मिशन पर टिकी हुई हैं।
मिशन चंद्रयान-3 की सफलता से अमेरिका, चीन और तत्कालीन सोवियत संघ के बाद भारत चौथा देश बन जाएगा, जिसने चंद्रमा पर साफ्ट लैंडिंग (Moon Mission Landing) की महारत हासिल की है। इसरो ने कहा कि 'चंद्रयान-3' के प्रक्षेपण के लिए 25.30 घंटे की उल्टी गिनती बृहस्पतिवार को शुरू हो गई।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 मून मिशन को लॉन्च किया। चंद्रयान-3 एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल से लैस है। इसका वजन करीब 3,900 किलोग्राम है। इसके 23 अगस्त को चांद की सतह पर उतरने की संभावना है।
जानें चंद्रयान-3 की खासियत...
चंद्रयान-3 मिशन के अंतर्गत इसका रोबोटिक उपकरण 24 अगस्त तक चांद के उस हिस्से (शेकलटन क्रेटर) पर उतर सकता है जहां अभी तक किसी भी देश का कोई अभियान नहीं पहुंचा है। इसी वजह से पूरी दुनिया की निगाहें भारत के इस मिशन पर हैं।
चंद्रयान-3 को LVM3 रॉकेट से लॉन्च किया गया। लैंडर को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतारने के लिए इसमें कई तरह के सुरक्षा उपकरणों को लगाया गया है। चंद्रयान-3 मिशन की थीम Science Of The Moon यानी चंद्रमा का विज्ञान है।
36 हजार 968 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ेगा चंद्रयान
दोपहर 2.35 बजे LVM3 रॉकेट के जरिए चंद्रयान-3 लॉन्च किया गया। तब इसकी शुरुआती रफ्तार 1,627 किमी प्रति घंटा थी। लॉन्च के 108 सेकंड बाद 45 किमी की ऊंचाई पर इसका लिक्विड इंजन स्टार्ट हुआ और रॉकेट की रफ्तार 6,437 किमी प्रति घंटा हो गई। आसमान में 62 किमी की ऊंचाई पर पहुंचने पर दोनों बूस्टर रॉकेट से अलग हो गए और रॉकेट की रफ्तार सात हजार किमी प्रति घंटा पहुंच गई।
करीब 92 किमी की ऊंचाई पर चंद्रयान-3 को वायुमंडल से बचाने वाली हीट शील्ड अलग हुई। 115 किमी की दूरी पर इसका लिक्विड इंजन भी अलग हो गया और क्रॉयोजनिक इंजन ने काम करना शुरू कर दिया। तब रफ्तार 16 हजार किमी/घंटा थी। क्रॉयोजनिक इंजन इसे लेकर 179 किमी तक ले गया और इसकी रफ्तार 36968 किमी/घंटे थी।
40 दिन में पूरा होगा सफर
धरती से चांद की दूरी करीब 3.84 लाख किलोमीटर है। चंद्रयान-3 इस दूरी को 40 से 50 दिनों में तय करेगा। मतलब अगर सबकुछ सही रहा तो 50 दिनों में चंद्रयान-3 का लैंडर चांद की सतह पर होगा। इसरो की योजना के मुताबिक, इसे 23-24 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी। अगर दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिग होती है, तो भारत दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा।
सूर्योदय की स्थिति देखकर बदलाव भी हो सकता है
चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग 23-24 अगस्त को रखी गई है लेकिन वहां सूर्योदय की स्थिति को देखते हुए इसमें बदलाव हो सकता है। अगर सूर्योदय में देरी होती है तो इसरो लैंडिंग का समय बढ़ाकर इसे सितंबर में कर सकता है। इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया कि चंद्रयान-3 लॉन्च होने के बाद पृथ्वी की कक्षा में जाएगा फिर इसके बाद धीरे-धीरे चंद्रमा की ओर आगे बढ़ेगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सब ठीक रहेगा और 23 अगस्त या उसके बाद किसी भी दिन लैंड करेगा।
चंद्रयान-2 से ये कितना अलग?
चंद्रयान-2 के मुकाबले इस बार चंद्रयान-3 का लैंडर ज्यादा मजबूत पहियों के साथ 40 गुना बड़ी जगह पर लैंड होगा। लैंडर को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतारने के लिए इसमें कई तरह के सुरक्षा उपकरणों को लगाया गया है। चंद्रयान-3 मिशन की थीम Science Of The Moon यानी चंद्रमा का विज्ञान है।
चंद्रयान-2 में जहां ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर थे। वहीं, चंद्रयान-3 में प्रपल्शन मॉड्यूल, लैंडर और रोवर होंगे। चंद्रयान-3 का लैंडर+रोवर चंद्रयान-2 के लैंडर+रोवर से करीब 250 किलो ज्यादा वजनी है। चंद्रयान-2 की मिशन लाइफ सात साल (अनुमानित) थी, वहीं चंद्रयान-3 के प्रपल्शन मॉड्यूल को तीन से छह महीने काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। चंद्रयान-2 के मुकाबले चंद्रयान-3 ज्यादा तेजी से चांद की तरफ बढ़ेगा। चंद्रयान-3 के लैंडर में चार थ्रस्टर्स लगाए गए हैं।
लैंडर-रोवर का नाम विक्रम और प्रज्ञान ही रखा गया
चंद्रयान-3 के लैंडर का नाम 'विक्रम' और रोवर का नाम 'प्रज्ञान' ही रहेगा। रोवर के भीतर ही लैंडर मौजूद है। 615 करोड़ रुपये की लागत वाले चंद्रयान-3 मिशन का लक्ष्य भी चंद्रयान-2 की तरह ही है। इसके जरिए चांद की सतह के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना है। खासतौर पर चांद के सबसे ठंडे इलाके की जानकारी जुटाना। चंद्रयान-3 के लैंडर पर चार तरह के साइंटिफिक पेलोड जा रहे हैं। ये चांद पर आने वाले भूकंपों, सतह की थर्मल प्रॉपर्टीज, सतह के करीब प्लाज्मा में बदलाव और चांद और धरती के बीच की सटीक दूरी मापने की कोशिश करेंगे। चांद की सतह के रासायनिक और खनिज संरचना की भी स्टडी होगी।
चुनौतियां भी कम नहीं हैं
चंद्रयान-3 के सामने चुनौतियां भी काफी हैं। सबसे बड़ी चुनौती अनजान सतह पर लैंड करना है। यह एक ऑटोनॉमस प्रक्रिया है जिसके लिए कोई कमांड नहीं दी जाती। लैंडिंग किस तरह होगी, यह ऑन-बोर्ड कंप्यूटर तय करता है। अपने सेंसर्स के हिसाब से लोकेशन, हाइट, वेलोसिटी वगैरह का अंदाजा लगाकर कंप्यूटर फैसला लेता है। चंद्रयान-3 की सॉफ्ट-लैंडिंग सटीक और सही होने के लिए कई तरह के सेंसर्स का एक साथ ठीक काम करना जरूरी है।
चंद्रयान-3 मिशन की सफलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चौथा ऐसा देश बन जाएगा जिसने चांद पर सॉफ्ट-लैंडिंग की होगी। हाल के वर्षों में इसरो ने खुद को दुनिया की लीडिंग स्पेस एजेंसी के रूप में स्थापित किया है। चांद पर सफल मिशन से उसकी साख और मजबूत होगी।

रायुपर (शोर संदेश)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल द्वारा शासन के मंशानुसार समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों सहित प्रभारी एण्टी क्राईम एवं साईबर यूनिट को अन्य राज्यों से आने वाले शराब की तस्करी रोकने के साथ ही अवैध रूप से शराब की खरीदी-बिक्री करने वाले लोगों के संबंध में पतासाजी कर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। जिसके तारतम्य में रायपुर पुलिस के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं प्रभारी ए.सी.सी.यू. सहित थाना प्रभारियों द्वारा इस संबंध में सूचना संकलन कर मुखबीर लगाने के साथ ही अन्य माध्यमों से भी जानकारी एकत्रित किए जा रहे है। इसी क्रम में दिनांक 11.07.2023 को थाना खमतराई पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि थाना खमतराई क्षेत्रांतर्गत डब्ल्यू.आर.एस. मैदान पास एक व्यक्ति अपने पास शराब रखा है।
बिक्री की फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहा है। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में व थाना प्रभारी खमतराई के नेतृत्व में थाना खमतराई पुलिस की टीम द्वारा मुखबीर द्वारा बताए हुलिये के व्यक्ति की पतासाजी कर चिन्हांकित कर पकड़ा गया। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम रविन्द्र विभार निवासी खमतराई का होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उसके पास रखे थैले की तलाशी लेने पर थैले में शराब रखा होना पाया गया। शराब रखने/बिक्री करने के संबंध में रविन्द्र विभार से वैध दस्तावेज की मांग करने पर उसके द्वारा किसी प्रकार का कोई दस्तावेज प्रस्तुत न कर टीम के सदस्यों को लगातार गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा था। जिस पर आरोपी रविन्द्र विभार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध रूप से रखे 35 पौवा देशी शराब जुमला कीमती लगभग 3,000/- रूपये जप्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना खतराई में अपराध क्रमांक 597/23 धारा 34(2) आबकारी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया।

दंतेवाड़ा (शोर संदेश)। जिले में साल 2018 को खेत गए एक युवक को 6 लोगों ने मिलकर कुल्हाड़ी से वारकर काट डाला था। इस वारदात के 5 साल बाद पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि, 3 लोग अब भी फरार हैं। एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी उसी समय हो गई थी। बताया जा रहा है कि, युवक पर सुअर पकड़ने का आरोप लगाकर पहले पीटा, फिर कुल्हाड़ी से वारकर उसकी हत्या कर दी थी। मामला जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, 18 दिसंबर 2018 को पीरनार स्कूल पारा का रहने वाला युवक विज्जा कुंजामी रात में अपने खेत की तरफ गया हुआ था। घर लौटते वक्त उसे रास्ते में उसी गांव के भीमा कुंजामी, गुड्डी कर्मा, सन्नू मड़कामी, हुर्रा कर्मा समेत अन्य लोग मिले। जिन्होंने विज्जा पर सुअर खोजने और उसे मारने का आरोप लगाया था। इसके बाद पहले उसे डंडे से पीट-पीटकर अधमरा किया, फिर कुल्हाड़ी से वारकर उसकी जान ले ली थी। अभी आरोपी शराब के नशे में थे। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। जब युवक घर नहीं पहुंचा तो परिजन उसे ढूंढने के लिए निकले थे। उन्होंने खेत पर खून से सनी लाश मिली थी। इसके बाद इस मामले की जानकारी पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मामले की जांच की और हत्यारों की खोजबीन शुरू की थी। जिसके बाद शक के आधार पर एक युवक भीमा कुंजामी को पुलिस ने उसी समय पकड़ लिया था। उसे जब पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया था। अन्य 5 आरोपी फरार थे। इसी बीच 10 जुलाई को पुलिस को खबर मिली कि हुर्रा कर्मा और सन्नू मड़कामी ये दोनों गांव आए हुए हैं। पुलिस ने एक टीम बनाई और दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए गांव में दबिश दी। घेराबंदी कर इन दोनों को उनके घर से ही पकड़ लिया गया। फिर उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि हत्या के मामले में शामिल अन्य तीन आरोपी फरार हैं।। जिनकी तलाश की जा रही है।

रायपुर (शोर संदेश) सूरजपुर जिले से निकली बीजेपी कार्यकर्ताओं से भरी बस बिलासपुर के रतनपुर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें 2 बीजेपी कार्यकर्ता और बस ड्राइवर शामिल है। विश्रामपुर के शिवनंदनपुर मंडल के भाजपा कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होने के लिए रायपुर जा रहे थे। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। भाजपा ने भी 5-5 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।जानकारी के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं से भरी लग्जरी बस बिलासपुर जिले में अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े हाईवा से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। बस में 40 कार्यकर्ता सवार थे। हादसा सुबह साढ़े 4 से 5 बजे के बीच हुआ। एक्सीडेंट में जयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम जमदई निवासी सज्जन (30 वर्ष), रूपदेव (55 वर्ष) और बस ड्राइवर अकरम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं लीलू गुप्ता भाजपा मंडल अध्यक्ष विश्रामपुर सहित 5 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हैं। बाकी लोगों को मामूली चोट आई है। लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया, वहीं घायलों का इलाज बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में जारी है। घायलों ने बताया कि बारिश बहुत तेज हो रही थी। इस बीच ड्राइवर को झपकी आ जाने से इतना बड़ा हादसा हो गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
सीएम ने की मुआवजे की घोषणा
इधर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। सीएम ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री जी की सभा में शामिल होने आ रही बस की दुर्घटना में मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा करता हूं। प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं। हम सब उनके परिवारों के साथ इस कठिन समय में खड़े हैं।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सभी मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। मनेंद्रगढ़ से निकले भाजपा नेताओं की भी कार दुर्घटनाग्रस्त, 6 घायल मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भाजपा नेताओं की कार हादसे का शिकार हो गई। इसमें 6 कार्यकर्ता घायल हो गए। सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा और रैली में शामिल होने के लिए रायपुर जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, बीजेपी कार्यकर्ता रवि सिंह, किशन सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, राम केसरवानी, दिलीप सिंह और मिक्कू गुरुवार रात रायपुर के लिए निकले थे। उन्हें शुक्रवार को होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होना था। रात डेढ़ बजे केंदा घाटी में करीआम के पास इनकी कार का टायर फट गया। कार का टायर फटने के बाद अनियंत्रित होकर गाड़ी सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे में सभी 6 कार्यकर्ता घायल हो गए।

रायपुर (शोर संदेश)। दुष्कर्म के बाद पीड़िता का वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने वाले आरोपी को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला मौदहापारा थाना का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि इफ्तार खान ने उसे एक होटल में ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। फिर उसने कहा कि होटल वालों ने विडियो बना ली है और विडियो वायरल कर देंगे कहकर उसे ब्लैकमेल करते हुए उससे 10,000 रुपए ले लिए। इसके बाद ईफ्तार खान बाद में भी प्रार्थिया के साथ लगातार दुष्कर्म करते हुए ब्लैकमेल कर 1 लाख रुपए की मांग कर विडियों वायरल करने की धमकी देने लगा। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर आरोपी ईफ्तार खान के विरूद्ध थाना मौदहापारा में अपराध क्रमांक 136/23 धारा 376, 384 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं थाना प्रभारी मौदहापारा के नेतृत्व में थाना मौदहापारा पुलिस की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुये प्रकरण में आरोपी ईफ्तार खान को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी
ईफ्तार खान पिता मोह. मुख्तार खान उम्र 22 साल निवासी बैकरपुर थाना मुस्तहरी जिला मुजफ्फरपुर उत्तर प्रदेश, हाल पता-बूढ़ातालाब के पास पुरानी बस्ती रायपुर।

राजनांदगांव (शोर संदेश)। जनसमान्य को किफायती दर पर पौष्टिक फास्टफूट एवं विविध व्यंजन प्राप्त हो सके, इसके लिए महिला स्वसहायता समूह को जोड़ते हुए जिले के सभी विकासखंडों में पंचायत कैफे के रूप में नवाचार किया गया है। कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार के विशेष प्रयास से बिहान स्वसहायता समूह की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए परंपरागत छत्तीसगढ़ी व मिलेट्स व्यजंनो को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के सभी विकासखण्ड में पंचायत कैफे की स्थापना की जा रही है। जिससे वर्तमान में जो स्वसहायता समूह सदस्य अथवा उनके परिवार के सदस्य रोड के किनारे अस्थायी रूप से फास्टफूड का व्यवसाय करते हैं या वे सदस्य जो फास्टफूड के व्यवसाय में रूचि रखते हैं। उन्हें पंचायत कैफे के माध्यम से स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यस्थल उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आरसेटी प्रशिक्षण संस्था के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि हो सके। सीएलएफ या बैंक लिंकेज के माध्यम से मांग अनुरूप लोन के रूप में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम अर्जुनी में पंचायत कैफे की स्थापना की गई है। जहां 6 स्वसहायता समूह को रोजगार प्राप्त हो रहा है। स्वसहायता समूह को सीएलएफ से 4 लाख 95 हजार रूपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। छुरिया विकासखंड के ग्राम छुरिया में पंचायत कैफे के माध्यम से 5 स्वसहायता समूह को रोजगार मिल रहा है। स्वसहायता समूह को बैंक लिंकेज से 2 लाख 50 हजार रूपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। पंचायत कैफे में परंपरागत व्यंजन चीला, फरा, ठेठरी, खुरमी, अनरसा, मिलेट व्यंजन इडली, दोसा एवं अन्य फास्टफूड व्यंजन उपलब्ध है। इसी तरह राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जोरातराई एवं टेड़ेसरा तथा छुरिया विकासखंड के ग्राम गैंदाटोला में पंचायत कैफे निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। ग्राम जोरातराई में 6 स्वसहायता समूह को रोजगार मिलेगा। स्वसहायता समूह को ग्राम संगठन से 4 लाख रूपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। ग्राम टेड़ेसरा में 6 स्वसहायता समूह को रोजगार मिलेगा। स्वसहायता समूह को ग्राम संगठन से 3 लाख 50 हजार रूपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। ग्राम गैंदाटोला में 5 स्वसहायता समूह को रोजगार मिलेगा। स्वसहायता समूह को बैंक लिंकेज से 2 लाख 50 हजार रूपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

रायगढ़ (शोर संदेश)। इंदिरा बिहार से तमनार जाने वाले आसपास के क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से ज्यादा छोटी बड़ी कंपनियां संचालित हो रही हैं। जिससे कंपनियों से निकालने वाला काला धुआं पर्यावरण के लिए खतरा तो है ही है, क्षेत्र के पेड़-पौधे में भी बड़ी-बड़ी राख की चादर सी बीच गई है। बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियां भी फैल रही हैं।ग्रामीणों की मानें तो कई बार पर्यावरण अधिकारी और तात्कालिक कलेक्टर भीम सिंह को इस बारे में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम लोग तिल-तिल कर मरने को मजबूर हैं। जानकारों की मानें तो क्षेत्र में शिव शक्ति, शाकंभरी स्टील, मां मणिका स्टील सहित आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियां हैं और कई ऐसी कंपनी है जो कंपनी मापदंड के हिसाब से नहीं चल चलतीं या फिर यूं कहें कि नियमों की धज्जियां उड़ाने में कंपनी प्रबंधक का बहुत बड़ा हाथ है। जानकार मानते हैं कि छोटी से छोटी कंपनी के चिममनी की लंबाई कम से कम 80 मीटर से ऊपर होना चाहिए। कुछ कंपनियों की चिमनी की लंबाई भी कम है, जो आकाश में उड़ने वाला जहरीला धुआं नहीं उड़ पाता है, जो इन कारणों में से एक है। जिससे क्षेत्र में नाना प्रकार की नई-नई बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। पर्यावरण भी असंतुलित होते चले जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि अब हमारा सब्र का बांध टूटते चले जा रहा है, किसी भी समय हम लोग कंपनी प्रबंधक के खिलाफ मोर्चा खोल देंगे। जिसकी जवाबदारी जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधक की होगी।

रायपुर (शोर संदेश)। राजधानी में पुलिस तीन सवारी दोपहिया चालकों और कार की कांच में ब्लैक फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ विशेष कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरूवार को शहर में ऐसे 337 वाहनों के खिलाफ मोटर यान अधिनियम की कार्रवाई की गई।