
रायपुर (शोर सन्देश)। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू आज सुबह दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र के ग्राम बठेना पहुंचकर एक ही परिवार के पांच लोगों की मृत्यु की घटना का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को गंभीरता से घटना की जांच के निर्देश दिए। मंत्री साहू ने घटना वाले मकान के कमरे से लेकर जले हुए पैरावट तक का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस अधीक्षक दुर्ग प्रशांत ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने इंटेलिजेंस टीम बनाकर घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में आई.जी. इंटेलिजेंस से भी बात की है। गृहमंत्री ने एक-एक स्पॉट को ध्यान से देखा और इस संबंध में अधिकारी से बात की। उन्हों ने जिस मकान में परिवार रहता था, उसका पूरा जायजा लिया। फिर घटना को लेकर गंभीरता से जांच करने के निर्देश अधिकारियों को दिए और जल्द से जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा है।

बेमेतरा (शोर सन्देश)। प्रदेश के आदिम जाति और अनुसुचित जाति विकास विभाग ने अस्पृश्यता निवारण के लिए अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। योजना नियम 1978 के तहत विवाह करने वाले दम्पत्ति को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 मे बेमेतरा जिले के 3 दम्पत्ति को संयुक्त रूप से ढ़ाई-ढ़ाई लाख रूपए के मान से 7 लाख 50 हजार रुपए स्वीकृत किए गए है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बेमेतरा मेनका चंद्राकर ने बताया कि इनमें क्रमशः- सूर्यप्रताप घृतलहरे ग्राम-नयापारा (बगौद) और लक्ष्मी बैरागी, दिनेश मारकण्डे ग्राम केंवाछी पो.झाल और शीतल वर्मा, राजेश कुमार कुर्रे कांपा (मारो) और आभा रानी पाल शामिल है।
ज्ञात हो कि प्रदेश के आदिमजाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग से अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन संचालित की जा रही है। जिसके अंतर्गत कानून के माध्यम से विवाह के लिए निर्धारित न्युनतम आयु प्राप्त अनुसूचित जाति के लड़के या लड़की को सामान्य वर्ग (सवर्ण) के लड़की या लड़के से विवाह करने पर इस योजना का लाभ दिया जाता है।

रायपुर (शोर सन्देश)। बलौदाबजार के उप कृषि संचालक को निलंबित कर दिया गया है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने सदन में की निलंबन की घोषणा की। ध्यानाकर्षण के ज़रिए भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा, नारायण चंदेल, रजनीश कुमार ने बलौदा बाजार कृषि कार्यालय में उपसंचालक द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं में अनियमितता किए जाने की ओर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का ध्यान आकर्षित किया था। विधायक शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि, ग़लत हाइब्रिड बीज और चूना पर बग़ैर बिल के भुगतान ले लिया गया। उन्होंने भौतिक सत्यापन किए जाने के साथ उप कृषि संचालक को निलम्बित किए जाने की माँग की। मंत्री रविंद्र चौबे के कहा- पूरे मामले की जांच की जाएगी। प्रथम दृष्टि में यदि गड़बड़ी पाई गई है तो उस पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
शिवरतन शर्मा ने उप संचालक को निलंबित कर जांच किए जाने की माँग की जिस पर मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा इस प्रकार की शिकायतें आती रहती है इसकी जांच कराई जाएगी।
भाजपा विधायकों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बलौदबजार के उप कृषि संचालक को निलम्बित किए जाने की घोषणा सदन में की, साथ ही कहा कि इस मामले में कमिश्नर के माध्यम से जाँच कराई जाएगी।

दुर्ग (शोर सन्देश)। जिले में चल रही आर्मी भर्ती रैली में 2530 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इस मौके पर प्री-हाइट के लिए लगभग 1940 लोगों ने क्वालिफाई किया। साथ ही लगभग 325 अभ्यर्थियों ने दौड़ में क्वालिफाई किया। दुर्ग जिले के लगभग 800 प्रतिभागी थे। इन्हें फ्लैग अप करने के दौरान एसपी प्रशांत ठाकुर और एएसपी रोहित झा आये। एक दस्ते को अपर कलेक्टर बीबी पंचभाई तथा उप संचालक जनशक्ति नियोजन राजकुमार कुर्रे ने फ्लैग अप किया। इस मौके पर प्रदेश के आर्मी रिक्रूटमेंट के डायरेक्टर, सेना मेडल, कर्नल एस. रमेश की मानिटरिंग में भर्ती रैली हुई। भर्ती स्थल पर सुविधाओं का निरीक्षण करने कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे भी पहुँचे। उन्होंने अधिकारियों को अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सुविधाओं की निरंतर मानिटरिंग के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर बनाये गए हैं। इन हेल्पलाइन नंबर में जो लोग सहायता के लिए फोन करते हैं उनकी अविलंब सहायता सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों के लिए जो रहने की व्यवस्था की गई है। वहाँ साफ-सफाई की मुकम्मल सुविधा रखी जाए। साथ ही खाने-पीने की सुविधा का भी ध्यान रखने के निर्देश दिये। इस दौरान एसडीएम खेमलाल वर्मा एवं उपसंचालक जनशक्ति नियोजन राजकुमार कुर्रे, मेजर सुलेमान हुसैन भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि सेना भर्ती के दौरान आरंभिक रूप से प्रतिभागियों को मार्शलिंग एरिया में रखा गया। फिर इसके बाद उन्हें भर्ती स्थल में ले जाया गया। उल्लेखनीय है कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शहर में विभिन्न स्थलों पर फ्लैक्स लगाये गये हैं तथा सोशल मीडिया एवं विभिन्न माध्यमों से अभ्यर्थियों के रूकने की व्यवस्था की जानकारी दी गई है। श्री कुर्रे ने बताया कि कंट्रोल रूम में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो लगातार अभ्यर्थियों को जरूरी जानकारी दे रहे हैं।

धमतरी (शोर सन्देश)। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र धमतरी तथा कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र धमतरी से मिली जानकारी के मुताबिक 27 फरवरी को जनपद पंचायत मगरलोड में सुबह 11 से दोपहर साढ़े तीन बजे तक आयोजित होने वाले इस मेले में निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा कुल 535 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, सुपरवाईजर, सहायक सुपरवाईजर, सिक्यूरिटी गार्ड, एजेंट, फर्नीचर कारीगर, फर्नीचर आर्टीसन, केयर टेकर (नर्स), वार्ड बाॅय एवं फील्ड एसोसिएट शामिल हैं। आठवीं से स्नातकोत्तर शैक्षणिक योग्यता रखने वाले इच्छुक आवेदक इस रोजगार मेला में शामिल हो सकते हैं। आवेदक शैक्षणिक/तकनीकी योग्यता के प्रमाण पत्र के साथ निवास, जाति, रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बायोडाटा एवं दो पासपोर्ट साईज के फोटो के साथ नियत तिथि एवं स्थान पर रोजगार मेला में शामिल हो सकते हैं।

रायपुर (शोर सन्देश)। राष्ट्रीय सिंधी मंच के पूर्व पदाधिकारियों की बैठक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित की गयी। इस बैठक में सिन्धी समाज को नई दिशा देने को लेकर मंथन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से डॉ सपना कुकरेजा शामिल हुईं। राष्ट्रीय सिंधी मंच के फाउंडर मेंबर शिक्षविद आनंद शब्दानी, दर्शन कुकरेजा, नरेश गांगोली, रवि जेसवानी, देवीदास वासवानी और राज भाई नेसम्मान में भोज रखा। बैठक में सर्व सहमति से कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सपना कुकरेजा ने कहा कि हमे कॉमन काम सगाई, शादी, टूटते विश्वाश, रिश्ते ऑर समाज से बिखरते लोगों को एक कर माला में पिरोना है। आनन्द शब्दानी ने राजनीति मे समाज को लाने और योगदान करने की बाते कहीं। देवीदास वासवानी ने कहा अब समाज की डोर जवानों को देनी चाहिए ऑर बुजुर्गो के मार्गदर्शन से आगे बढऩे लगेंगे। दर्शन कुकरेजा ने कहा कि समाज सेवियों को साथ रख कर सेवा का मौका देना चाहिए। नरेश गांगुली ने कहा कि समाज मे न्याय ऑर नीति संगत हक दिलाकर लोगो का विश्वाश पैदा कर सामाजिक हित का योगदान देंगे। अंत में रवि जैसवानी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

बिलासपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 15 अगस्त को महिला सहायक अभियंता सोनल जैन से मारपीट और प्रताड़ना के मामले में अब रायगढ़ एसपी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है, एसपी रायगढ़ के विरुद्ध जांच के 3 आदेश बिलासपुर आईजी रतन लाल डांगी को डीजीपी डीएम अवस्थी, राज्य मानव अधिकार आयोग और राज्य के गृह मंत्रालय से जांच प्रतिवेदन भेजने के निर्देश मिले हैं, जिसमें तत्कालीन रायगढ़ एसपी संतोष सिंह के खिलाफ महिला अधिकारी सोनल जैन अपने साथ हुए हादसे के वक्त से ही मुखर हैं। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ विधायक के प्रतिनिधि अरुण शर्मा राजनैतिक पकड़ की धौंस दिखाकर महिला सहायक अभियंता सोनल जैन से असंवैधानिक कार्य करने दबाव बनाता था और महिला अधिकारी से अश्लील हरकत करते हुए डयूटी के दौरान जनपद कार्यालय बरमकेला पहुंचकर बदसलूकी करता था, जिसकी शिकायत महिला अधिकारी ने उच्चाधिकारियों सहित पुलिस थाना में लिखित में दर्ज कराई थी, जिस पर विधायक प्रतिनिधि अरुण शर्मा के विरुद्ध पहले तो मामला दर्ज करने में आनाकानी किया जाता रहा। बाद में महिला अधिकारी के पत्राचार और मामला मीडिया में आने के बाद अरुण शर्मा के विरुद्ध छेड़छाड़ का मामला तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन मामले को राजनैतिक रंगत देते हुए महिला अधिकारी को एसटीएससी एक्ट के प्रकरण में फंसने का षड्यंत्र किया जाने लगा। जब अरुण शर्मा के विरुद्ध दर्ज छेड़छाड़ के मामले में पीड़िता महिला अधिकारी को धारा-164 के तहत बयान के लिए न्यायालय में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया तो अरुण शर्मा के गुर्गों ने महिला अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने से रोकने, गाली-गलौच और मारपीट की, जिसकी शिकायत को लेकर आरोपी अरुण शर्मा की गिरफ्तारी की मांग करने और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए महिला अधिकारी सोनल जैन 15 अगस्त 2020 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल बतौर मुख्यतिथि संसदीय सचिव श्रीमति रश्मि सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौपने पहुंची थी।
जैसे ही अरूण शर्मा रायगढ़ पुलिस कप्तान संतोष सिंह और रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक को इसकी भनक लगी तो महिला सब इंजीनियर सोनल जैन की उपस्थिति रायगढ़ एसपी को नागवार गूजरी। उन्होंने तत्काल चक्रधरनगर थाना प्रभारी विवेक पाटले को मौखिक निर्देश देते हुए उक्त महिला इंजीनियर को पंद्रह अगस्त आजादी के दिन तत्काल गिरफ्तार करते हुए हिरासत में लेने निर्देश, जिस पर मौके पर उपस्थित तत्कालीन नायब तहसीलदार एवं चक्रधर नगर थाना प्रभारी विवेक पाटले ने अपने मातहत कर्मचारियों के साथ मिलकर महिला सब इंजीनियर सोनल जैन को तत्काल हिरासत में लेकर मारपीट करते हुए कार्यक्रम स्थल मिनी स्टेडियम रायगढ़ से चक्रधर नगर थाना ले गए जहां लॉकअप में खूब मारपीट किया गया। महिला उप अभियंता सोनल जैन ने अपने शिकायत में इसका उल्लेख किया है।
सोनल जैन ने उक्त मामले की शिकायत गृह मंत्रालय एवं मानव अधिकार आयोग में किया, जिस शिकायत पर जांच प्रतिवेदन का जिम्मा अब रेंज बिलासपुर संभाग आईजी रतन लाल डांगी को सौपा गया है। अब आने वाले समय में देखना होगा कि महिला अपराध के प्रति गम्भीरता के दावे कर चुके बिलासपुर आईजी क्या पुलिस विभाग के एसपी सहित जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर लगे गम्भीर मामले में निष्पक्ष जांच कर अपने ही विभाग के आईपीएस अधिकारी पर कार्रवाई कर पाते हैं या फिर ऊंची रसूख एवं पहुंच का लाभ देकर महिला सहायक अभियंता के मामले में सिर्फ लीपापोती की जाती है। फिलहाल लगातार रायगढ़ पुलिस कप्तान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए बिलासपुर आईजी को 3 पत्र मिलने से पुलिस कप्तान रायगढ़ संतोष सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। वहीं महिला अपराध पर गम्भीरता से मामला दर्ज करने का फरमान जारी करने वाले आईजी बिलासपुर के लिए उनके ही विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के उक्त गैर जिम्मेदाराना हरकत से फिर एकबार खाखी पर दाग लगा है। अब इस मामले पर क्या कार्रवाई होती है इसपर सभी की निगाहें टिकी हुई है।

खरसिया (शोर सन्देश)। पर्यावरण विभाग की सभी गाइडलाइन्स को किताबों में लिखे जुमले की तरह समझकर उद्योगों द्वारा जगह-जगह फ्लाईऐश डम्प किया जा रहा है। वहीं यह भी हद है कि माइनिंग डिपार्टमेंट के परमिशन के बगैर ही उद्योग विशेष ने ग्राम जामझोर में पत्थर खदानों तक को फ्लाईऐश से पाट दिया है। ग्राम जामझोर स्थित भूमि खसरा नंबर 225/1 क, ख, ग, घ तथा 226/1 पर खनन हेतु माइनिंग द्वारा अस्थाई अनुज्ञा दी गई थी। वहीं 2 वर्ष की अवधि पूर्ण हो जाने पर माइनिंग अथवा पॉल्यूशन डिपार्टमेंट से बिना परमिशन लिए एसकेएस प्लांट द्वारा यहां बेजा रूप से लाखों टन फ्लाईऐश डम्प कर दिया गया है। उल्लेखनीय होगा कि प्लांट द्वारा उन खदानों को भी पाटा जा रहा है जिनसे अब भी पत्थर निकाले जाने की संभावनाएं हैं।
00 सारे नियम ताक़ में रखकर की जा रही मनमानी : प्लांट द्वारा जिस स्थान पर फ्लाईऐश के पहाड़ बनाए जा रहे हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग वहां से महज 200 मीटर की दूरी पर ही है। वहीं बोतल्दा पहाड़ी भी बिल्कुल नजदीक है।, जबकि वन भूमि को फ्लाईऐश से नहीं पाटा जा सकता। उल्लेखनीय होगा कि लगभग 20 गांव के लिए निस्तारी का साधन बना दंतार नाला भी फ्लाईऐश के इस भंडारण से प्रभावित हुए बगैर नहीं रह पाएगा। कहना होगा कि पर्यावरण के सभी नियमों को ताक़ में रखकर यहां नाजायज फ्लाईऐश डम्पिंग की जा रही है। जब एसकेएस प्लांट प्रबंधन से इस बाबत बात की गई तो उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि यह फ्लाईऐश उन्हीं के द्वारा डम्प किया गया है। हालांकि उन्होंने बात को संभालते हुए यह भी कहा कि पिछले 4 माह से अब हम वहां नहीं भेज रहे। ऐसे में यह प्रश्न है कि प्रतिदिन प्लांट से निकलने वाले फ्लाईऐश को क्या जमीन निकल रही है
00 जुगत में लगा प्लांट प्रबंधन : लंबे समय से अवैध रूप से फ्लाईऐश डम्प किए जाने की शिकायत होने पर अब एसकेएस प्लांट प्रबंधन पॉल्यूशन डिपार्टमेंट से अनुमति प्राप्त करने के लिए जोड़-तोड़ कर रहा है। वहीं पर्यावरण विभाग भी इस संबंध में संवाददाता को किसी प्रकार की भी जानकारी देने से बचते नजर आ रहा है। ऐसे में देखना होगा कि इस अवैध भंडारण पर विभाग द्वारा कोई पेनाल्टी की जाती है या फिर परंपरागत रूप से सब कुछ सेट कर लिया जाएगा।

गुजरात (शोर सन्देश)। अहमदाबाद में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 42 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर अपने डॉक्टर पति और उसके माता-पिता पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। महिला ने जहर खाकर अपनी जीवन समाप्त कर ली। महिला ने आत्महत्या से पहले 18 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें अपने पति और सास-ससुर पर कई आरोप लगाए हैं। मृत महिला द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने रविवार को महिला के पति समेत सास-ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।
00 एक वैवाहिक पोर्टल के माध्यम से संपर्क में आए थे दोनों :
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने 18 पन्नों के सुसाइड नोट में अपने पति के खिलाफ बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाया है, जिसे महिला के शव को कब्जे में लेने के समय उसके पास से ही पुलिस ने बरामद किया है। मृतक महिला की पहचान हर्षा पटेल के रूप में की गई है। रिपोर्ट की मानें तो अहमदाबाद के घाटलोदिया इलाके में रहने वाले डॉ. हितेंद्र पटेल (47) और हर्षा की शादी अगस्त 2020 में हुई थी। दोनों एक वैवाहिक पोर्टल के माध्यम से संपर्क में आए थे। हर्षा ने 9 फरवरी को हितेंद्र के घर के बाहर आत्महत्या कर ली थी।
00 सास-ससुर पर भी ताना देने का आरोप :
हर्षा ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि हितेंद्र और उसके माता-पिता ने शादी के कुछ समय बाद से ही उसे परेशान करना शुरू कर दिया था। हितेंद्र के माता-पिता ने उनकी दहेज की इच्छाओं को पूरा नहीं करने के लिए कथित रूप से ताना मारा करते थे। जब उसने हितेंद्र से उसके माता-पिता द्वारा उसके साथ की गई बदसलूकी की शिकायत की, तो उसने कथित तौर पर उसकी पिटाई की।
00 आत्महत्या से पहले 18 पन्नों के सुसाइड नोट में पति पर लगाया ये आरोप :
रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि 18 पन्नों के सुसाइड नोट में हर्षा ने आरोप लगाया है कि हितेंद्र का यौन संबंध को लेकर व्यवहार इतना क्रुर था कि वह यौन संबंध बनाते समय अक्सर अप्राकृतिक व खतरनाक तरीके अपनाता था। अपने सुसाइड नोट में महिला ने लिखा है कि हितेंद्र एक डॉक्टर हैं, ऐसे में वह मुझे अक्सर नशे की दवा देकर आधा बेहोश कर देता था और फिर मेरे अचेत की अवस्था में रहते ही वह मेरे साथ जबरन और अप्राकृतिक यौन संबंध एक तरह से जबरदस्ती करता था। वहीं हर्षा के पिता ने नानाजी पटेल ने कहा कि उनकी बेटी हर्षा अपने पति हितेंद्र से पिछले साल दिसंबर से ही अलग रह रही थी। वह अपने पिता के घर में ही आकर रह रही थी। मंगलवार को, वह हितेंद्र के घर गई, जहां उसने कथित तौर पर इस तरह का दुखद कदम उठाया। हर्षा ने देवम अस्पताल में अपने पति हितेंद्र से मिलने के बाद जहर खा लिया और उसके बाद उसे सोला के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। हितेंद्र पेशे से अहमदाबाद के एक अस्पताल में आर्थोपेडिक सर्जन हैं। पुलिस ने हितेंद्र, उसके पिता मनु पटेल (71) और माता सुभद्रा पटेल (69) को आत्महत्या के लिए उकसाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

बिलासपुर (शोर सन्देश)। दंडित बंदी बीरबल, पिता-स्व. महेशराम यादव, उम्र लगभग 65 वर्ष, जाति यादव, निवासी ग्राम-गोढ़ी, थाना-बाल्को, जिला-कोरबा छत्तीसगढ़ की अचानक स्वास्थ्य खराब होने से 26 जनवरी को प्रातः 05.55 बजे सिम्स बिलासपुर भेजा गया, जहां पर चिकित्सक द्वारा जांच उपरांत उसे प्रातः 06.15 बजे मृत घोषित कर दिया गया। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी बिलासपुर द्वारा जांच का आदेश दिया गया है। जांच के बिन्दुओं में- बंदी क्या जेल दाखिल होने के पूर्व से किसी बीमारी से पीड़ित था अथवा जेल दाखिल होने के पश्चात उसे बीमारी हुई? बंदी को किसी प्रकार की शारीरिक यातना तो नहीं दी गई? बंदी को उपचार के दौरान दी गई चिकित्सा पर्याप्त थी अथवा नहीं? चिकित्सा का ब्यौरा दिया जाये? बंदी की मृत्यु के क्या कारण हैं? अन्य मुद्दे जो जांच के दौरान सामयिक पाये जाये। इन बिन्दुओं के बारे में जिस किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की जानकारी हो तो वह अमित गुप्ता डिप्टी कलेक्टर एवं कार्यपालिक दण्डाधिकारी के जिला कार्यालय बिलासपुर स्थित न्यायालय के कक्ष क्रमांक 38 में 3 मार्च तक प्रस्तुत कर सकते हैं।