ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

30-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
मुख्यमंत्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

30-Apr-2026
रायपुर, (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। 
आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वनमंत्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव मरपच्ची, विधायक रायमुनी भगत, विधायक चैतराम अटामी, विधायक विक्रम उसेंडी, विधायक उद्देश्वरी पैकरा, विधायक नीलकंठ टेकाम, विधायक आशाराम नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

तेंदुवा धाम में श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया संतों का आशीर्वाद

28-Apr-2026
रायपुर,। (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित राम मिलेंगे आश्रम, तेंदुवा धाम कुरियारी में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा में शामिल हुए। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ आश्रम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि सदैव भगवान श्रीराम के चरणों से धन्य रही है। उन्होंने वनवास काल में भगवान श्रीराम के आगमन और माता शबरी की अद्भुत भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धरती ने आस्था, समर्पण और विश्वास की अनूठी परंपरा को सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि तेंदुवाधाम आज धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है, जहां हजारों श्रद्धालु एक साथ श्रीराम कथा का श्रवण कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर को अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि एक ही मंच से अनेक संतों का सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त होना विशेष अनुभव है। उन्होंने आश्रम परिसर में हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र,राम-जानकी मंडपम, हरिवंश वैदिक पाठशाला, मां दुर्गा गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के लोकार्पण पर आश्रम प्रबंधन और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ “धान का कटोरा” होने के साथ-साथ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि भी है। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के दौरान छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल और चिकित्सकों की टीम के वहां पहुंचने का उल्लेख करते हुए इसे प्रदेशवासियों की गहरी श्रद्धा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीराम भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और जवानों के अदम्य साहस से आज प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है तथा राज्य में शांति, विकास और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” यहां की संस्कृति और जीवन मूल्यों की सच्ची पहचान है।
इस अवसर पर परमपूज्य वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति में विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।
राघव सेवा समिति के प्रमुख डॉ. अशोक हरिवंश ने बताया कि यह स्थल माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण में स्थित है, जहां ‘कलिंग शैली’ में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका, शबरी रसोई और निर्धन कन्या विवाह जैसी अनेक सामाजिक-धार्मिक पहल संचालित हो रही हैं। कार्यक्रम के तहत विभिन्न वर्गों - दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों - को समर्पित विशेष दिवस भी आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सांसद कमलेश जांगड़े, महंत रामसुंदर दास सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
 

प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : अरुण साव

27-Apr-2026
रायपुर, (शोर संदेश)। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। 
साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।
आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। 
चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियनअभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।













 

 


छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

27-Apr-2026
रायपुर, (शोर संदेश)। दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए।
राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा  कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। 
उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हज यात्रियों को वितरित किया फर्स्ट एड किट: सफल हज यात्रा के लिए शुभकामना देकर यात्रियों का किया स्वागत

26-Apr-2026
रायपुर(शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में  हज यात्रियों को फर्स्टएड किट सौंपकर उनकी सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री यात्रा पर जा रहे हैं और पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया तथा मेडिकल किट भी उपलब्ध कराया गया है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। 
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया एवं वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज और छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की सीईओ डॉ. खुशबू उस्मान समेत समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री मौजूद थे।








 

मुख्यमंत्री से सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

26-Apr-2026
रायपुर, (शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने शर्मा का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।












 

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

25-Apr-2026
रायपुर,।   (शोर संदेश) डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। श्री साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं।
सम्मेलन को सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया।
इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
 

बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

18-Apr-2026
रायपुर, (शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी। 
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में विधायक किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर अखिलेश सोनी, प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, प्रवीण सेन,विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

17-Apr-2026
रायपुर,(शोर संदेश) छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके।
मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री  वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव  डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


Feedback/Enquiry



Log In Your Account