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जनप्रतिनिधि

रायपुर में पीएम मोदी का आगमन—नया विधानसभा भवन आज देश को समर्पित

01-Nov-2025
रायपुर( शोर संदेश )  । नवा रायपुर पहुंचे PM मोदी ने तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली साथ ही सत्यसाई अस्पताल में बच्चों से मिले। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे। सुबह 10:45 से 11:30 बजे तक होने वाले इस आयोजन में वे आध्यात्मिकता, सकारात्मक सोच और समाज सेवा से जुड़े संदेश देंगे।
दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी राज्य की गर्व की पहचान बनने वाले नए विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे। नवा रायपुर की आधुनिक पहचान को मजबूत करते हुए, वे यहां ट्राइबल म्यूजियम का भी उद्घाटन करेंगे, जो छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और परंपरा को नई पहचान देगा।
प्रधानमंत्री मोदी शाम को राज्योत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे, जहां वे छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ पर जनता को संबोधित करेंगे। राज्योत्सव मंच से मोदी कई विकास परियोजनाओं का ऐलान भी कर सकते हैं। :पूरा नवा रायपुर आज मोदीमय है। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं, वहीं जनता में अपने प्रधानमंत्री को देखने का उत्साह चरम पर है। अंत में शाम 4:25 बजे पीएम मोदी रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
 

रोजगार से सुरक्षा तक: छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं से बदल रही श्रमिकों की जिंदगी

31-Oct-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ राज्य स्थापना के समय 16 जिलों में से 09 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 04 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यालय संचालित है। वर्तमान में राज्य के समस्त 33 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 10 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा वर्ष 2008 से रायपुर में इंडस्ट्रीयल हाईजिन लैब का राज्य स्तरीय कार्यालय प्रारंभ किया गया है। राज्य स्थापना के बाद से वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा वर्ष 2011 में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण तथा विभिन्न योजनाओं में आवेदन विभागीय पोर्टल/श्रमेव जयते मोबाईल ऐप के माध्यम से ऑनलाईन करने की सुविधा दी गयी है तथा विभिन्न योजनाओं में डी०बी०टी के माध्यम से श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है।
52 लाख 75 हजार 618 संगठित/निर्माण/असंगठित श्रमिक पंजीकृत
31 जुलाई, 2025 तक छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 5लाख 41 हजार 920 संगठित श्रमिक, छ0ग0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत 30 लाख 21 हजार 624 निर्माण श्रमिक तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 17 लाख 12 हजार 074 असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार विभाग अंतर्गत संचालित मंडलों में कुल 52 लाख 75 हजार 618 संगठित, निर्माण, असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। राज्य स्थापना के बाद से 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को 23 अरब 70 करेाड 24 लाख 56 हजार 757  रूपये से लाभांवित किया गया। 
छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल में 80 लाख 713 संगठित श्रमिक को 31 जुलाई, 2025 तक राशि रूपये 26 करोड 56 लाख 2 हजार 131 से, छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में 51 लाख 72, हजार 579 निर्माण श्रमिकों को राशि रूपये 19 करोड 82 लाख 69 लाख 48 हजार 448 तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में 4 लाख 71 हजार 453 अंगठित कर्मकारों को राशि रूपये 3अरब 60 करोड 99 लाख 06 हजार 178 से इस प्रकार राज्य स्थापना के बाद से कुल 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को राशि रूपये 23 अरब 70 करोड़ 24 लाख 56 हजार 757 (तेईस अरब सत्तर करोड़ चौबीस लाख छप्पन हजार सात सौ सात रूपये) से लाभांवित किया गया है।
श्रमिकों के हितलाभ संरक्षण, सहायता एवं उनके शिकायतों के निराकरण करने के लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री  श्रमिक सहायता केन्द्र (Helpline Center) रायपुर में 24x7 संचालित है। प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से 31 जुलाई 2025 तक 84 हजार 810 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन एवं योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत विभिन्न श्रम कानूनों के अंतर्गत कारखानों, दुकान व स्थापनाओं, ठेकेदारों आदि का पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा विभाग अंतर्गत गठित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा योजनाओं हेतु आवेदन/स्वीकृति विभागीय वेब पोर्टल एवं श्रमेव जयते मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन की जा रही है। साथ ही विभिन्न श्रम अधिनियमों के अंतर्गत पंजियों/अभिलेखों को ऑनलाईन डिजिटल रूप में संधारित करने तथा एकीकृत वार्षिक विवरणी ऑनलाईन प्रस्तुत करने की सुविधा नियोजकों को प्रदान की गई है।
भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छ०ग० शासन श्रम विभाग को 2020-21 हेतु ‘ई-श्रमिक सेवा‘ सहित सार्वभौमिक पहुंच हेतु ‘ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार‘ रूपये 02 लाख पुरस्कार राशि के साथ गोल्ड पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रवासी श्रमिकों के हित संरक्षण, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से दिनांक 19 जुलाई 2021 से छ०ग० राज्य प्रवासी श्रमिक नीति, 2020 लागू किया गया है, जिसमें पलायन पंजी के ऑनलाईन संधारण की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा एवं श्रम मंत्री के निर्देशानुसार पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी शालाओं में निःशुल्क अध्ययन कराये जाने हेतु छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना‘ 08.जनवरी 2025 से प्रारंभ की गई है। योजना के तहत मंडल में 01 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रथम 02 बच्चों को कक्षा 6 वीं में प्रवेश दिया जाकर कक्षा 12 वीं तक आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में 100 श्रमिकों के बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिया जाकर गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु एक लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 31 जुलाई 2025 तक 2 हजार 278 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है।
60 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक, जिनका मंडल में 10 वर्ष पूर्व का पंजीयन हो, ऐसे 37 निर्माण श्रमिकों को प्रतिमाह रूपये 1500/- पेंशन योजना से लाभांवित किया जा रहा है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना इस योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को रूपये 05 में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश के 17 जिलों में 37 श्रम अन्न योजना केन्द्र संचालित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 8 हजार श्रमिक गरम भोजन प्राप्त करे रहें है।
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना, राज्य निर्माण के समय श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदाय करने वाली यह योजना केवल कारखानों, सिनेमाघरों, ट्रांसपोर्ट, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लागू थी। राज्य निर्माण के पश्चात इस योजना में निजी सहायता प्राप्त शैक्षणिक एवं निजि चिकित्सा संस्थाओं तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित नगर निगमों, नगर पालिकाएं, नगर परिषद् एवं अन्य स्थानीय निकाय पर भी लागू की गई है।
छ.ग. राज्य गठन के उपरांत कर्मचारी राज्य बीमा योजना का विस्तार छ.ग. राज्य के 15 जिलों के सम्पूर्ण क्षेत्र तथा 17 जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत छ.ग. राज्य निर्माण के पूर्व लगभग 30 हजार कामगार बीमित होकर राज्य के संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत संचालित औषधालयों के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा हितलाभ प्राप्त कर रहे थे, जो कि अब बढ़कर लगभग 6 लाख 25 हजार हो गये हैं।    
राज्य निर्माण के पूर्व छ.ग. राज्य में केवल 6 औषधालय संचालित थी जो अब बढ़कर 42 हो गई है। बीमित हितग्राहियों को बेहतर चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये राज्य के रायपुर, कोरबा, भिलाई तथा रायगढ़ में एक-एक 100 बिस्तरयुक्त चिकित्सालय का निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम के द्वारा किया गया है।
राज्य निर्माण के पूर्व बीमित हितग्राहियों को अंतःरोगी उपचार पर होने वाले व्यय का वहन पहले स्वयं करना पड़ता था फिर वे चिकित्सा पुर्नभुगतान हेतु अपना देयक प्रस्तुत करते थे। राज्य निर्माण के पश्चात् वर्ष 2014 में बीमित हितग्राहियों को कैशलेस आधार पर सेकेण्डरी केयर चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये निजी चिकित्सालयों को अधिकृत किया गया है। अधिकृत किये गये चिकित्सालयों में बीमित हितग्राहियों को कैशलेस अधार पर सेकेण्डरी केयर चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही है।
बीमित हितग्राहियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनके प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के उदद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी का गठन वर्ष 2018 में किया गया है, जिसका लाभ पंजीकृत श्रमिक उठा रहे हैं।
 

जनजातीय समाज के उत्थान के लिए बाबा कार्तिक उरांव ने अपना जीवन समर्पित : मुख्यमंत्री साय

30-Oct-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) जनजातीय समाज के महान शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं राष्ट्रनायक बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर आज अंबिकापुर में भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने बाबा कार्तिक उरांव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा कार्तिक उरांव समाज के गौरव हैं। उन्होंने विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद अपनी धर्म, संस्कृति और सभ्यता को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलते हुए उच्चतम शिक्षा अर्जित की और समाज को दिशा दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का यह कथन-“जितना ज्यादा पढ़ेंगे, उतना ही समाज को गढ़ेंगे”- आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगर निगम कार्यालय के समीप बनने वाले बाबा कार्तिक उरांव चौक का भूमि पूजन किया तथा मूर्ति एवं चौक निर्माण के लिए ₹40.79 लाख की राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चौक बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों, विचारों और योगदान की स्मृति को सहेजने का प्रतीक बनेगा।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज के उत्थान और विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपरा और रीति-रिवाजों को सम्मान देते हुए समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव ने सदैव समाज में एकता, शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। आज यह आवश्यक है कि हम उनके आदर्शों और बताए मार्ग पर चलकर समाज को संगठित करें और एकता के सूत्र में बांधें, जिससे जनजातीय समाज सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में अपनी भागीदारी निभा सके।इस अवसर पर सामरी विधायक उद्धेश्‍वरी पैकरा, जशपुर विधायक  रायमुनी भगत, सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 

नवीन विधानसभा भवन लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री साय को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आमंत्रण

30-Oct-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आगामी 1 नवम्बर को आयोजित होने वाले नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण समारोह में आमंत्रित करते हुए औपचारिक आमंत्रण पत्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत हर्ष और गर्व का अवसर है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की रजत जयंती वर्ष के शुभ अवसर पर प्रदेश की जनता को नवीन विधानसभा भवन समर्पित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से इस भव्य एवं सुसज्जित विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कह कि यह भवन छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक परंपराओं, विकास यात्रा और जनभावनाओं का प्रतीक बनेगा, जिसके हम सभी साक्षी बनेंगे।


 

नक्सल मुक्त भारत की ओर बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति असरदार

30-Oct-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) राज्य सरकार की ‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025’ और ‘नियद नेल्ला नार योजना’ ने बस्तर अंचल में एक नई क्रांति की शुरुआत की है। इन नीतियों के परिणामस्वरूप माओवाद की हिंसक विचारधारा में लिप्त युवाओं में विश्वास जागा है और वे मुख्यधारा में लौटकर विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीजापुर जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्ज़ीवन” अभियान के तहत आज सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों से कुल ₹66 लाख के इनामी 51 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम इस बात का प्रमाण है कि बस्तर भय और हिंसा के अंधकार से बाहर निकलकर शांति, विश्वास और प्रगति के नए युग में प्रवेश कर रहा है। शासन की संवेदनशील नीतियाँ और मानवीय दृष्टिकोण इस परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि संवाद ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में देश अब नक्सल मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस परिवर्तन की यात्रा में सहभागी बनें, ताकि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक गाँव शांति, प्रगति और समरसता का प्रतीक बन सके।
 

 


हिमालय में जशपुर का परचम: युवाओं ने 5350 मीटर की ऊंचाई पर किया सफल आरोहण, सीएम ने किया सम्मानित

29-Oct-2025
रायपुर , ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले जशपुर जिले के पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं के साहस, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि जशपुर के युवाओं ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी महान लक्ष्य को प्राप्त करना असंभव नहीं है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस उल्लेखनीय उपलब्धि से जशपुर और पूरे प्रदेश के आदिवासी युवाओं में एडवेंचर स्पोर्ट्स के प्रति नई जागरूकता और उत्साह पैदा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक भावना का विकास होता है।
उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के युवाओं ने हिमाचल प्रदेश में आयोजित ट्राइबल अल्पाइन एक्सपीडिशन हिमालय 2025 में भाग लेकर दुहांगन वैली में 5350 मीटर ऊंचाई तक सफलतापूर्वक आरोहण किया और छत्तीसगढ़ राज्य का गौरव बढ़ाया। अभियान के दौरान दल के सदस्यों ने ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग जैसी कठिन व रोमांचक गतिविधियों में अपनी अद्वितीय दक्षता और साहस का परिचय दिया। यह दल जिला प्रशासन, जशपुर के सहयोग से सितंबर माह में रवाना हुआ था।
युवाओं ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन के सहयोग एवं प्रोत्साहन से ही उन्हें हिमालय अभियान का हिस्सा बनने और यह उपलब्धि हासिल करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि इस अभियान से मिले अनुभव और आत्मविश्वास से जिले के अन्य युवा भी साहसिक खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित होंगे।
युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन के सहयोग से आदिवासी वनांचल क्षेत्र जशपुर से हिमालय अभियान में भाग लेने का अवसर मिला। वहां विभिन्न प्रकार की एडवेंचर गतिविधियों — ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और आइस क्लाइंबिंग — में हिस्सा लेकर उन्होंने कठिन परिस्थितियों में टीम भावना और धैर्य का अभ्यास किया।
उल्लेखनीय है कि जनजातीय हिमालय पर्वतारोहण अभियान 2025 की शुरुआत एक स्थानीय प्रशिक्षण पहल के रूप में हुई थी, जो सामूहिक विश्वास, सहयोग और समर्पण से एक सशक्त अभियान में परिवर्तित हुई। इस पहल ने न केवल युवाओं में आत्मविश्वास और रोमांच की भावना जगाई, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया।










 

जशपुर के सन्ना पंडरापाठ में 20.53 करोड़ की तीरंदाजी अकादमी, एनटीपीसी व जिला प्रशासन में एग्रीमेंट

29-Oct-2025
रायपुर, , ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में  जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में बगीचा विकासखंड अंतर्गत सन्ना पंडरापाठ में तीरंदाजी अकादमी स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन और एनटीपीसी के बीच एग्रीमेंट किया गया। एनटीपीसी द्वारा यह परियोजना कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से संचालित की जाएगी। इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास और एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) बिलाश मोहंती उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनटीपीसी द्वारा सीएसआर के माध्यम से आर्चरी सेंटर की स्थापना के लिए 20 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि प्रदान की जा रही है, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि जशपुर क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी के प्रति अपार संभावनाएं हैं, और इस सेंटर के आरंभ होने से उन्हें प्रशिक्षण और संसाधनों की बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2036 में भारत ने ओलंपिक खेलों की मेज़बानी के लिए दावेदारी प्रस्तुत की है। हमारी कोशिश होगी कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम में अधिकतम संख्या में शामिल हों और पदक जीतकर प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। यह तभी संभव है जब हम आर्चरी सेंटर जैसे और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करें। ऐसे केंद्रों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपए, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपए और कांस्य पदक प्राप्त करने वालों को 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि राज्य खेल अलंकरण समारोह को पुनः आयोजित किए गए हैं और इसके माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘खेलो इंडिया’ के नए प्रशिक्षण केंद्र आरंभ किए गए हैं और जनजातीय क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश प्राचीन काल से ही तीरंदाजी में अग्रणी रहा है। महाभारत और रामायण जैसे हमारे पवित्र ग्रंथों के नायक भी इस विधा में पारंगत रहे हैं। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हमें आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित मार्गदर्शन के माध्यम से नए आर्चर्स तैयार करने होंगे।
उल्लेखनीय है कि सन्ना पंडरापाठ में 10.27 एकड़ भूमि में यह अकादमी स्थापित की जाएगी। यहां आउटडोर तीरंदाजी रेंज, खिलाड़ियों के लिए छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, खिलाड़ियों की सुविधा हेतु भवन, जैविक खेती के लिए छायादार नर्सरी, पुस्तकालय, चिकित्सा केंद्र, कौशल विकास केंद्र, हर्बल वृक्षारोपण तथा प्रशिक्षण मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

 

 


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार में 40.89 करोड़ के 13 विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

29-Oct-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए  40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के  जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का  निर्माण कार्य शामिल है।
इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52  लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97  हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है।
इस अवसर पर सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।






 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

28-Oct-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर महाप्रभु श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलराम जी के दर्शन किए। मुख्यमंत्री साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और कल्याण की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में श्री जगन्नाथ सेवा समिति कुनकुरी द्वारा आयोजित तुलसी अर्चन कार्यक्रम में भी भाग लिया।  इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ को 51 हजार तुलसी दल अर्पित कर विशेष पूजन किया। उन्होंने प्रदेश की निरंतर प्रगति, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा।
मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट कर उनकी कुशलक्षेम पूछी और जगन्नाथ सेवा समिति कुनकुरी के सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत ऐसी धार्मिक परंपराओं से ही सशक्त होती है। ऐसे आयोजन समाज को एकता, श्रद्धा और भक्ति के सूत्र में जोड़ते हैं। मुख्यमंत्री साय ने समिति को इस पावन आयोजन के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि  उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर में दुलदुला छठ घाट में सूर्य को दिया अर्घ्य: प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

28-Oct-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी  कौशल्या साय ने सोमवार को छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में पहुँचकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य का अवसर है कि मुझे छठ पर्व में सम्मिलित होने का अवसर मिला। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता के विश्वास और स्नेह से ही उन्हें जनसेवा का अवसर मिला है, और वे क्षेत्र के विकास एवं जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री साय ने दुलदुला क्षेत्रवासियों की माँग पर छठ घाट के सौन्दर्यीकरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी छठ पर्व तक दुलदुला छठ घाट का सौन्दर्यीकरण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुनकुरी छठ घाट का सौन्दर्यीकरण लगभग ₹5 करोड़ 17 लाख की लागत से किया गया है, जहाँ इस वर्ष व्रती महिलाएँ पूर्ण श्रद्धा-भाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष रामकुमार सिंह, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित छठ व्रत करने वाली महिलाएँ, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



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