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अंतरिक्ष केंद्र बनेगा युवा सपनों की प्रयोगशाला, हर जिले में खुलेंगे स्पेस सेंटर: मुख्यमंत्री साय

04-Feb-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के   प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है। 
मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।
अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।
गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। 
वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।

केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक दस्तावेज : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

02-Feb-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।
बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।
देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।








 

दामाखेड़ा संत समागम में मुख्यमंत्री साय की सहभागिता, राशि बढ़ाकर 75 लाख करने की घोषणा

02-Feb-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ उदित मुनि नाम साहेब,पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस दौरान संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख  रूपये करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।
कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। साय ने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है।
साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब  छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। ​मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है।31 मार्च 2026 तक प्रदेश से समूल नष्ट होग़ा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। डबल इंजन की सरकार का फायदा लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। आज के कार्यक्रम में पंथ का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते है। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया। 
समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथीश्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया की इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतो के साथ ही विदेशो से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। उन्होंने मेला संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से 75 लाख रूपये करने पर मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक भावना बोहरा, ईश्वर साहु, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व  विधायक शिवरतन शर्मा सहित  सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथी उपस्थित थे।

रोजगार और स्वावलंबी ग्राम पंचायत बनाना सरकार का लक्ष्य : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

01-Feb-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही।
चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।
इस दौरान चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं।
केंद्रीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित थे।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में  प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई। 
इस बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में कृषि विविधीकरण और ग्रामीण विकास के कार्य सराहनीय : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

01-Feb-2026
रायपुर। ( शोर संदेश )  केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सराहनीय एवं प्रभावी कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही “धान का कटोरा” है, लेकिन अब राज्य में फल एवं सब्जियों के उत्पादन में हो रही तेज़ वृद्धि कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।
केंद्रीय मंत्री चौहान आज महानदी मंत्रालय भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम की उपस्थिति में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर उक्त दोनों विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा उपरांत मंत्रालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।
केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि पर आकर उन्हें किसान भाइयों-बहनों से मिलने, उनकी खेती देखने और किसान मेले के माध्यम से सीधे संवाद करने का अवसर मिला, जो अत्यंत प्रेरणादायक रहा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख 12 हजार 742 पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 15 हजार तथा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 33 हजार अतिरिक्त आवास भी स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ में कोई भी गरीब परिवार पक्के मकान के बिना न रहे।
ग्रामीण अधोसंरचना पर प्रकाश डालते हुए केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छत्तीसगढ़ को लगभग 47,847 किलोमीटर लंबी 10,199 सड़कों की स्वीकृति मिली है, जिन पर हजारों करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए गए हैं। इनमें से अधिकांश सड़कों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा अनेक पुल भी बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत भी सड़कों और पुलों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे अब उन दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में भी तेज़ी से विकास कार्य प्रारंभ हो रहे हैं, जहाँ पहले पहुंच संभव नहीं थी। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से कृषि, आवास और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर में सुरक्षा बलों के जवानों से भेंट कर बढ़ाया मनोबल

31-Jan-2026
रायपुर,  ( शोर संदेश ) 31 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीटी बटालियन परिसर नारायणपुर में आईटीबीटी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, सीएएफ़ के जवानों एवं अधिकारियों से मुलाकात और बस्तर की शांति और सुरक्षा के स्थापना में उनके योगदान की सराहना करते हुए सुरक्षा बल के जवानों की हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री साय एवं मत्रीगणों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने जवानों से चर्चा करते हुए कहा कि नैसर्गिक संसाधनों से  और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण बस्तर के कई इलाकें माओवाद आतंक के चलते विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े थे। आप सबके अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम के कारण ही यहां शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है और विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवा कर रहे जवानों का मनोबल बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जवानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस आत्मीय मुलाकात को प्रेरणादायक बताया। 
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प को यहां साकार करने का काम पूरी दृढ़ता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बम गोलियों की आवाज की जगह अब आमजन की चहल-पहल, स्कूलों में ककहरा की गंूज और गांवों में मांदर की थाप सुनाई दे रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। 
ज्ञात हो कि नक्सल गतिविधि को नियंत्रण के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य के सुरक्षा बलों के दस्तों को तैनात किया गया है। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर महेश कश्यप, लघु वनोपज के अध्यक्ष रूपसाय सलाम सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह, आई जी सुंदरराज पी, आईटीबीटी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एवं कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, केन्द्रीय सुरक्षा बलों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आईजी  सुंदरराज पी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और बस्तर संभाग में शांति के लिए जवानों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस बैंड ने स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी।

ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

31-Jan-2026
रायपुर, । ( शोर संदेश ) .मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर के ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण, संवर्धन एवं उसकी पारंपरिक परंपराओं के निर्वहन के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज विश्राम भवन में जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों से चर्चा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मावली मेला जिले की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पुरातन मेलों और मड़ई की परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के संपूर्ण उन्मूलन के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और साहसिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक बस्तर की धरती से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का संकल्प लिया गया है, जो अब साकार होने की दिशा में है। 
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास तथा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवाद के उन्मूलन के साथ-साथ उसकी विचारधारा को समाप्त करना भी आवश्यक है, जिसके लिए सतत संपर्क और सतत विकास की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ विकास को समान रूप से आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में पर्यटन एवं लघु उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि धुड़मारास जैसे ग्रामों ने वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान बनाई है। क्षेत्र में होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त कमरे निर्माण हेतु सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी एवं नजूल पट्टा प्रदान करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है तथा गत वर्ष किए गए वृक्षारोपण से प्रदेश में वनों का रकबा बढ़ा है।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार, वरिष्ठ नागरिक बृजमोहन देवांगन सहित समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न, 1536 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

30-Jan-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश )  दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह आज विश्वविद्यालय परिसर में राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह में 1536 छात्रों को पशुचिकित्सा एवं पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी एवं मात्स्यिकी संकाय में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी उपाधि प्रदान की गई। 45 उपाधि धारकों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा पशुचिकित्सा एवं पशुपालन में 08 स्नातक उपाधि धारकों को पंडित तीरथ प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। 
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने अपने करकमलों से विद्यार्थियों को उपाधि पत्रक एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया। समारोह में प्रदेश के पशुधन विकास, मछली पालन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। छ.ग. राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा भी मौजूद थे। 
समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन की एक नई जिम्मेदारियों भरी यात्रा की शुरुआत है। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा किसी एक दिन समाप्त नहीं होती और सीखने की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं और छोटे किसानों की आय का प्रमुख साधन है। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और मत्स्य पालन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज पशुधन क्षेत्र को केवल संख्या बढ़ाने के बजाय आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों से मजबूत करने की आवश्यकता है। 
राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय द्वारा संक्रामक रोगों की रोकथाम और नस्ल सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने डेयरी प्रौद्योगिकी के छात्रों को मिलावट की समस्या के प्रति सचेत करते हुए गुणवत्ता पर ध्यान देने कहा, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद बन सकें। राज्यपाल ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उन्होंने कांकेर जिले की सफलता से प्रेरणा लेने और आधुनिक तरीकों को अपनाने की बातें कही।
राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले न बनें, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा और डेयरी जैसे विषय केवल पढ़ाई नहीं बल्कि मानवता की सेवा के माध्यम हैं। राज्यपाल ने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की सराहना करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े स्टार्टअप को प्रोत्साहन, अनुदान और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। 
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने विश्वविद्यालय के प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी शाह ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी.पी. राठिया ने समारोह का संचालन किया। 
इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी.के. दत्ता, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि आर सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के उपाधिधारित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन के लिए दी अग्रिम शुभकामनाएँ

30-Jan-2026
रायपुर। ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को  मंत्रालय महानदी भवन में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने जिले के ऐतिहासिक महत्व के स्थल सिरपुर में 1 से 3 फरवरी के मध्य आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष भव्य एवं गरिमामय स्वरूप में आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि उसे राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है तथा स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित होते हैं। उन्होंने सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को अग्रिम शुभकामनाएँ दी।
इस अवसर पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी धम्मशील गणवीर तथा धर्मेंद्र महोबिया भी उपस्थित थे।
  
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय महाअधिवेशन का शुभारंभ

29-Jan-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय राज्य स्तरीय महाअधिवेशन का शुभारंभ आज नवागांव, अभनपुर में भव्य रूप से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर कुम्भकार समाज की परंपरागत कला, संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। साय ने समाज के विकास हेतु सर्व सुविधायुक्त भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय को प्रतीक चिन्ह के रूप में कुम्हार समाज की कला एवं संस्कृति को दर्शाता हुआ चाक गढ़ता कुम्हार भेंट किया गया, जो कुम्भकारी कला की पहचान और श्रम-साधना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के महाअधिवेशन, युवक-युवती परिचय सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन की शुरुआत महाराष्ट्र के दिवंगत उप राष्ट्रपति स्वर्गीय अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की और ईश्वर से उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने परिचय सम्मेलन में शामिल युवक-युवतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मेलन समाज के बेटा-बेटियों को योग्य जीवन-साथी चुनने का सशक्त मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने समाजजनों से अपील की कि वे अपने समाज के प्रत्येक बेटा-बेटी को शिक्षा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि एक सफल, संस्कारित और जिम्मेदार मानव जीवन जीने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है और इन 25 वर्षों में प्रदेश ने सड़क, बिजली, पानी, खाद्यान्न, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव को डामर सड़कों से जोड़ा गया है। प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या में वृद्धि हुई है तथा मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की उपलब्धता भी अब व्यापक स्तर पर हो गई है, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर दिया है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ तेज़ी से किया जा रहा है और किसानों को बोनस राशि चार किश्तों में नहीं, बल्कि एकमुश्त उनके खातों में अंतरित की जा रही है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में सुरक्षाबलों ने साहस और दृढ़ता के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है और 31 मार्च 2026 तक देश से इसके पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब विकास की नई यात्रा शुरू हो चुकी है और सुरक्षा कैंपों की स्थापना से क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल बना है।
मुख्यमंत्री साय ने नई उद्योग नीति की सराहना करते हुए कहा कि इस नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और नया रायपुर में कई उद्योगों की शुरुआत भी हो चुकी है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
 महाअधिवेशन के अंतर्गत आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में समाज के लगभग 300 युवक-युवतियों का पंजीयन किया गया। इसके साथ ही समाज की आंतरिक गतिविधियों से संबंधित बैठकों का आयोजन भी किया गया, जिनमें सामाजिक संगठन, शिक्षा, रोजगार, कला संरक्षण और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय को समाज के युवा, कुमारी अंकिता प्रजापति एवं  दुर्गेश चक्रधारी ने, उनकी पेंटिंग भेंट की।कार्यक्रम में विधायक इंद्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चक्रधारी, उपाध्यक्ष आत्माराम प्रजापति, महामंत्री हेमलाल कौशिक,सूरज कुम्भकार सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।


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