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सीएम विष्णु देव साय ने हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं का किया शुभारंभ

24-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउण्ड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेले में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह 55 परियोजना राज्य के 26 जिलों में शुरू होंगी, जिनके माध्यम से 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड के एआई चैट बॉट और पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी सहजता से मिल सकेगी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक  अनुज शर्मा, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल अनुराग सिंहदेव, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जतीन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की टीम बहुत बेहतर है। राज्य के लोगों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण मकान उपलब्ध कराने के लिए नवाचार के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाउसिंग बोर्ड के 790 करोड़ रूपए के कर्ज को अदा कर बोर्ड को कर्ज मुक्त कर दिया है ताकि बोर्ड बेहतर रणनीति के साथ काम करें। उन्होंने जरूरतमंदों एवं आवासहीनों को पक्का मकान दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के तहत 26 लाख लोगों को आवासों की मंजूरी दी गई। सबका आवास बन रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार तथा बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास की मंजूरी दी गई है। 
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य स्तरीय आवास मेले में आवास बुकिंग का प्रमाण पत्र, हाउसिंग बोर्ड के उपभोक्ताओं को आवास की चाबी तथा फ्री होल्ड मकान का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। 
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की और कहा कि बोर्ड की वर्तमान टीम, हाउसिंग के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास मेले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब से मेला शुरू हुआ है रोड पर जाम लग गया है और टैªफिक व्यवस्था संभल नहीं रही है। उन्होंने राज्य में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसके लिए उन्होंने बजट में 14 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की सभी परियोजनाओं को जिलों में अच्छा प्रतिसाद मिलेगा। 
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड के काम-काज को बेहतर बनाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड 790 करोड़ रूपए के कर्ज से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि साल भर के भीतर हाउसिंग बोर्ड ने 672 करोड़ का बिजनेस किया है। लैंड डायवर्सन एवं फ्री होल्ड की रियायत सरकार ने देकर हाउसिंग बोर्ड और उपभोक्ताओं को राहत दी है। चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड उपभोक्ताओं की डिमांड के आधार पर आवासीय परियोजनाओं के निर्माण का काम शुरू करेगा। 
कार्यक्रम को हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड राज्य के सभी जिलों में मकान का निर्माण करेगा। हम अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करेंगे। 
गौरतलब है कि बीटीआई ग्राउंड में यह राज्य स्तरीय आवास मेला 25 नवम्बर तक चलेगा। मेले के पहले दिन सुबह से ही मेला ग्राउंड में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और आवास बुक कराने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा था। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट से खम्हारडीह जाने वाली रोड पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी। 

सीएम विष्णुदेव साय ने यूनिटी मार्च के लिए 68 युवा प्रतिनिधियों को किया रवाना

24-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पदयात्रा में शामिल होने के लिए गुजरात जाने वाले राज्य के 68 युवाओं के दल को आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये युवा सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से केवड़िया तक आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की 562 रियासतों और ब्रिटिश शासन के अधीन क्षेत्रों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अटल संकल्प और अथक परिश्रम ने भारत को एक सूत्र में पिरोया। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दिनों वे गुजरात के केवड़िया में आयोजित भारत पर्व में सम्मिलित हुए थे, जहाँ उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—के दर्शन किए और भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत झलक देखी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, विविधता और व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया गया था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले यूनिटी मार्च में छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ देशभर के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने रियासतों के विलय का ऐतिहासिक कार्य किया जो भारत की एकता और अखंडता का आधार बना। उन्होंने चयनित युवाओं को राष्ट्रीय पदयात्रा के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।
जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने युवाओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पदयात्रा में शामिल होने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय, जी. वेंकट राव, श्याम नारंग, राहुल टिकरिया, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय दिशा समिति की बैठक संपन्न

22-Nov-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय दिशा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं की प्रगति की व्यापक और विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दिशा समिति की बैठकें अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इन्हीं बैठकों के माध्यम से केंद्र पोषित योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक 6 माह में दिशा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। उन्होंने बताया कि 26 विभागों के अंतर्गत कुल 81 योजनाएँ संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे जिले स्तर पर आयोजित प्रत्येक तिमाही दिशा समिति की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने  बैठक की नियमितता, बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समिति विकास कार्यों की दिशा तय करने वाली प्रमुख संस्था है।मुख्यमंत्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाओं—महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सांसद आदर्श ग्राम योजना, और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से संबंधित पीएम जनमन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की स्थिति पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने निर्देशित किया कि शत-प्रतिशत पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए और किसी भी पात्र किसान को लाभ से वंचित न रखा जाए। उन्होंने इस दौरान वनभूमि पट्टाधारियों के एग्रीस्टेक पंजीयन की स्थिति की भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से प्रारम्भ हुई डेयरी समग्र विकास योजना की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों के साथ-साथ पारंपरिक रूप से दुग्ध उत्पादन करने वाले किसानों को भी योजना से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि योजना को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों।
नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), मिशन अमृत, तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शहरी आवास निर्माण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया।मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत जारी आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदन कार्ड की संख्या पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नियद नेल्ला नार क्षेत्र के गांवों में विशेष अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान कार्ड से जुड़ी शिकायतों पर कठोर कार्रवाई करने और हितग्राहियों की सुविधा के लिए राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पोषण योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मध्याह्न भोजन की उत्कृष्ट गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ महिला और स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ प्रदेश के विकास का आधार हैं। उन्होंने ‘न्योता भोज’ पहल की निरंतरता की जानकारी ली और जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने टेलिकॉम सेक्टर में भारत नेट परियोजना की प्रगति धीमी होने पर  गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने फाइबर नेटवर्क का कार्य शीघ्र पूर्ण करने और बस्तर एवं सुदूर क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में रेलवे द्वारा किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी भी ली गई।
बैठक में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, विधायक ईश्वर साहू, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुकेश बंसल, बसव राजू एस. सहित विभागों के भारसाधक सचिव एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

22-Nov-2025

 रायपुर । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। 
मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 

वनवासियों की आय बढ़ाने और सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

20-Nov-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में  सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख श्री. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।

दूरस्थ बसावटों को मिलेगा बारहमासी सड़क संपर्क: पीएमजीएसवाई-IV में 2,426 किमी सड़कों की मंजूरी

20-Nov-2025
रायपुर,  । ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान कायम की है। योजना के विभिन्न चरणों में छत्तीसगढ़ को अब तक कुल 9,722 सड़कें (48,594 किमी) और 669 पुल स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 8,753 सड़कें (43,380 किमी) और 470 पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर जानकारी दी कि  ग्रामीण सड़क संपर्क को और सुदृढ़ करते हुए PMGSY-IV के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 774 नई सड़कें (कुल लंबाई 2,426.875 किमी) स्वीकृत की गई हैं। यह पहली बार है जब इस चरण में पात्र संपर्क-विहीन बसावटों को ‘बारहमासी सड़क संपर्कता’ प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस स्वीकृति से छत्तीसगढ़ की दूरस्थ और वंचित बसावटों तक सर्व मौसम सड़क सुविधा पहुँचाने का मार्ग खुल गया है।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा गया है कि बारहमासी सड़क संपर्कता से इन बसावटों को बाज़ार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पोषण, आपदा प्रबंधन और दैनिक आवागमन में व्यापक सुविधा मिलेगी। इससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में तेजी, ग्रामीण आजीविका में वृद्धि और जन-कल्याणकारी सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित होगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने लगातार अग्रणी प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों, पीएमजीएसवाई टीम, इंजीनियरों और मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए प्रयास निरन्तर जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास की गति में तेजी आएगी।
“प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को मिली 774 नई सड़कों की स्वीकृति हमारे ग्रामीण विकास अभियान को नई गति देगी। यह निर्णय दूरस्थ और संपर्क-विहीन बसावटों को बारहमासी सड़क सुविधा प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक ग्राम तक सुरक्षित, सुदृढ़ और सर्व मौसम सड़क संपर्क सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन-कल्याण को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाए।” - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय






 

वनवासियों की आय बढ़ाने और सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री साय

19-Nov-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने नए दायित्वों के लिए अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में सलाम को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वे अपनी संवेदनशीलता, अनुभव और दक्षता के साथ उत्कृष्ट रूप से निभाएंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और समुदाय की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रदेश में निवासरत जनजातीय समाज के उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। साथ ही केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना से समुदाय के विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना और संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ तथा ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनके माध्यम से जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को देश में सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। वनोपजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वनवासी समुदाय की आय में वृद्धि हो और उन्हें वास्तविक आर्थिक मजबूती प्राप्त हो।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह प्रदेश का सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय स्वयं जनजातीय समुदाय से आते हैं और वनवासी भाई-बहनों की पीड़ा, कठिनाइयों और आकांक्षाओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है तथा 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और उसके अनुरूप मूल्य देने का कार्य मुख्यमंत्री साय ने किया है। तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने न केवल चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया है, बल्कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे वनोपज संग्राहक उपस्थित थे।







 

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने रचे अनेक कीर्तिमान, विशेष सत्र में बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

19-Nov-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में  हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है।  भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है।  कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है।
साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी  के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया।
साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए। 
मुख्यमंत्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान भरपूर मेहनत करते हैं, खूब अन्न उपजाते हैं तो एक संवेदनशील सरकार की यह भी जिम्मेदारी होती है कि किसानों के उत्पादन के अनुरूप खरीदी का स्तर भी बढ़ाये। हमने 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के साथ ही 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 25 बरसों की इस यात्रा में मातृशक्ति की अहम भूमिका है। विधानसभा में बैठी हुईं महिला सदस्य राज्य को संवारने में कड़ी मेहनत कर रही हैं। पूर्व में भी महिला सदस्यों ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा से छत्तीसगढ़ को संवारा है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल करते हुए इसी विधानसभा भवन से पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है, इस संकल्प में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने विज़न डॉक्युमेंट नवा अंजोर 2047 के रूप में लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने का कि छत्तीसगढ़ की 25 बरसों की विकास यात्रा को युवा शक्ति ने लगातार गढ़ा है। इस रजत यात्रा में ऐसी अनेक संस्थाएं प्रदेश में स्थापित हुई हैं जिन्होंने प्रदेश के मानव संसाधन की प्रतिभा को उभारने में बड़ी भूमिका निभाई। हमारे यहां एनआईटी, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। यहां निफ्ट, फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट जैसी राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थाएं भी यहां आरंभ किया जा रहा है। हमारा नवा रायपुर आधुनिक भारत की सबसे नई बसाहट है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई तथा नवा रायपुर को मिलाकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है। यह आईटी हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल ने हमंे एम्स दिया, मोदी जी ने हमें मेडिकल कॉलेजों की सौगात दी, हम एम्स की तरह ही सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटलों की श्रेणी खड़ी करेंगे। इसके साथ ही हम मेडिसिटी बना रहे हैं।
साय ने कहा कि माओवाद की वजह से पिछड़ गये बस्तर जैसे इलाकों के लिए यहां से विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। नियद नेल्ला नार योजना, पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उत्कृष्ट ग्राम अभियान, जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से बस्तर विकसित छत्तीसगढ़ के आकाश में नक्षत्र की तरह उभरने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स यह संकेत देते हैं कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है। नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के पुनर्वास की प्रभावी नीति और नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना ने जनविश्वास को अत्यधिक मजबूत किया है और बस्तर के गांवों में नया आत्मविश्वास उत्पन्न किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा।
राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है, जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा एवं वैचारिक भिन्नता के बावजूद छत्तीसगढ़ विधानसभा ने मर्यादित और संसदीय आचरण की श्रेष्ठता को बरकरार रखा है। यह देश की अन्य विधानसभाओं के लिए अनुकरणीय है। 
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि’  सत्ता पक्ष की ओर 15 और विपक्ष की ओर से 10 सदस्यों इस तरह 25 वर्ष की विकास यात्रा में संयोग से 25 माननीय सदस्यों ने सदन में विशेष सत्र में अपनी बात रखी। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि जिसकी बुनियाद हमारे पुरोधाओं ने रखी थी उसकी मर्यादा को यहाँ माननीय सदस्यों ने क़ायम रखा। उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकाश पांडेय जी के विधानसभा अध्यक्ष रहते क्लोज़ डोर मीटिंग हुई। यह सदन केवल क़ानून नहीं बनाता बल्कि बेहतर भविष्य बनाता है। दिसम्बर 2023 को मेरे सार्वजनिक जीवन का वह क्षण था, जिसे मेरे लिए शब्दों में बाँध पाना संभव नहीं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने आगे कहा कि आज जो दायित्व निभा रहा हूँ वह बड़ा दायित्व है। मैं इसके काबिल बनने का प्रयास कर रहा हूँ । विधानसभा अध्यक्ष का पद शक्ति का नहीं, उत्तरदायित्व का है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की विशेष पहचान बनी है। उनके नेतृत्व में राज्य और मुझे लगता है कि राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्या माओवाद आतंक का समाधान होने जा रहा है । विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य ब्याज दर मिलने और सड़क का नेटवर्क यही से पास हुआ । मेडिकल कॉलेज सहित जनहित के सभी विकास कार्यों और कार्यक्रमों का निर्णय यही से हुआ। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से 17 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगा। उन्होंने रजत जयंती वर्ष में विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर सदस्यों और मीडिया के साथियों ने सहयोग दिया उसके लिए धन्यवाद दिया।
 

मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के विशेष सत्र में पूर्व सदस्यों का किया पुण्य स्मरण

18-Nov-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ की रजत यात्रा में योगदान देने वाले तीन प्रमुख जनप्रतिनिधियों रजनी ताई उपासने, बनवारी लाल अग्रवाल और राधेश्याम शुक्ल का पुण्य स्मरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की प्रेरक व्यक्तित्व थीं, उनका निधन प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। बनवारी लाल अग्रवाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष, दो बार के विधायक रहे और उनके जनसेवा से जुड़े कार्य, संगठन और समाज के प्रति समर्पण हम सब के लिए अनुकरणीय है। 
मुख्यमंत्री ने राधेश्याम शुक्ल के बारे में कहा कि वे अनुशासित एवं कर्मनिष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप में याद किए जाएंगे। उनका पूरा जीवन जनसेवा को समर्पित रहा, उनके निधन से प्रदेश ने एक प्रतिबद्ध नेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री साय ने तीनों दिवंगत विभूतियों की आत्मा की शांति और परिजनों को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

 

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मुख्यमंत्री साय की बधाई— निष्पक्ष पत्रकारिता को बताया लोकतंत्र की आधारशिला

17-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस 16 नवंबर के अवसर पर मीडिया जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र की विशेषता और आधारशिला है। निष्पक्ष प्रेस और निर्भीक पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। मीडिया नागरिकों को उनके अधिकार और दायित्व के प्रति सचेत कर देशहित व लोकहित के प्रति जागरूक करता  है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय प्रेस दिवस भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व और योगदान को याद करने का दिन है।  
मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आशा व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया अपनी प्रखरता, संवेदनशीलता और सत्यनिष्ठा के साथ लोकतंत्र के पथ को और अधिक प्रकाशमान करता रहेगा।



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