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नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने बनाया नया रिकॉर्ड : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

09-Dec-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है।
उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।”
मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

 

नई गाइडलाइन दरों पर चर्चा : मुख्यमंत्री साय से क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात

09-Dec-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सोमवार के शाम उनके निवास कार्यालय में क्रेडाई,रियल एस्टेट और बस्तर चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जगदलपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। 
उल्लेखनीय है कि राज्य में 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और आपत्तियों पर विचार करने हेतु मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक कल 07 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी। बैठक में पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के उद्देश्य से कई व्यापक निर्णय लिए गए, जो 08 दिसंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। प्रतिनिधि मंडल ने सरकार द्वारा लिए गए उक्त महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त किया। 
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और विधायक किरण देव उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मध्यप्रदेश की ‘प्रेशर इरिगेशन नेटवर्क’ तकनीक का किया अवलोकन

08-Dec-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने आज भोपाल में सिंचाई की नवीनतम तकनीक PIN (Pressure Irrigation Network) के संबंध में विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों की तुलना में यह प्रणाली कहीं अधिक कुशल, आधुनिक और जल संरक्षण के अनुरूप है।
अपर मुख्य सचिव राजौरा ने प्रस्तुति के दौरान बताया कि जहाँ पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में लगभग 35 प्रतिशत एफिशिएंसी प्राप्त होती है, वहीं प्रेशर इरिगेशन प्रणाली में दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत तक पहुँच जाती है। इस तकनीक में प्रेशर आधारित पाइपलाइनों से सिंचाई की जाती है, जिससे पानी का रिसाव और अपव्यय कम होता है तथा बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली में भू-अधिग्रहण की आवश्यकता न्यूनतम होती है, जिससे परियोजनाएं समय पर और लागत प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकती है।  
प्रस्तुति में उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश में 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इस तकनीक से सिंचाई की जा रही है और आगामी वर्षों में इसे 40 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित करने का लक्ष्य है। इस मॉडल से न केवल जल उपयोग दक्षता बढ़ी है, बल्कि किसानों की उत्पादकता और सिंचाई सुविधा में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रेजेंटेशन की सराहना करते हुए कहा कि सिंचाई की यह उन्नत तकनीक जल प्रबंधन की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा, “हम इस तकनीक का छत्तीसगढ़ में भी अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करेंगे, ताकि राज्य के किसानों को कम पानी में अधिक सिंचाई सुविधा और बेहतर उत्पादन मिल सके। जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और त्वरित क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से यह तकनीक अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इस तकनीक के माध्यम से भूमि अधिग्रहण किए बिना भी सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभागीय अधिकारियों को इस तकनीक के अध्ययन, परीक्षण और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह,मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद देवड़ा,अधीक्षण यंत्री विकास राजोरिया और अधीक्षण यंत्री शुभंकर विश्वास भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि पारंपरिक नहर आधारित सिंचाई में पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसाव, वाष्पीकरण और अनियंत्रित बहाव के कारण व्यर्थ हो जाता है, जिससे खेतों तक वास्तविक जल आपूर्ति सीमित रहती है और पूरी कमांड एरिया में समान सिंचाई नहीं हो पाती। सामान्यतः पारंपरिक प्रणाली की कुल सिंचाई दक्षता केवल 35 प्रतिशत मानी जाती है। वहीं दूसरी ओर PIN (Pressure Irrigation Network) प्रणाली में पानी पाइपलाइनों के माध्यम से नियंत्रित दबाव के साथ सीधे खेतों तक पहुँचाया जाता है, जिससे पानी का अपव्यय लगभग शून्य हो जाता है। इस तकनीक से सिंचाई दक्षता बढ़कर 65 प्रतिशत से अधिक हो जाती है, जो जल संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
PIN प्रणाली में सिंचाई पूरी तरह पाइपलाइन आधारित होने के कारण नहर निर्माण की आवश्यकता कम हो जाती है और भू-अधिग्रहण भी न्यूनतम होता है। इससे परियोजनाओं की लागत घटती है और कार्य समय पर पूरे होते हैं। पारंपरिक सिंचाई की तुलना में इस तकनीक में पंपिंग दक्षता अधिक होती है, जिससे बिजली की उल्लेखनीय बचत होती है। समान दबाव से पानी वितरण होने के कारण खेतों के टेल एंड के क्षेत्रों को भी पर्याप्त पानी मिलता है। इस प्रणाली से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि, जल प्रबंधन में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि जैसे व्यापक लाभ प्राप्त होते हैं।

शिक्षा ही सामाजिक विकास का मूलमंत्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

08-Dec-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) सामाजिक विकास का वास्तविक आधार शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता का पहला कदम शिक्षा ही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व रविदास समाज के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और उन्हें शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रारंभ से ही शिक्षा के स्तर को उन्नत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य गठन के समय जहाँ मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार, छत्तीसगढ़ में आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स, सिपेट जैसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को बड़े अवसर प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज को मजबूत और संगठित होना समय की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मूलमंत्र — “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” — का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार राज्य सरकार 23 महीनों से सभी वर्गों के हित में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल के महीनों में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिसमें अन्नदाताओं के लिए कृषक उन्नति योजना, प्रत्येक परिवार को पक्का मकान देने हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं और बहनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महतारी वंदन योजना, दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब तक विभिन्न विभागों में 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई गई हैं, जिससे युवाओं में नया विश्वास उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नई उद्योग नीति लागू की है, जिससे स्थानीय लोगों को अधिक अवसर, रोज़गार और स्वरोजगार प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री साय ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अधिकाधिक संख्या में शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।
कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने भी संबोधित किया और नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।
इस अवसर पर सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विजय मेहरा, रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कांवरे, दिलीप वासनीकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल की सौजन्य भेंट

07-Dec-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ कुंभकार समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री साय को आगामी जनवरी 2025 में रायपुर जिले के ग्राम नवागांव (कोलियारी) में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए समाज के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों का धन्यवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि कुंभकार समाज की पारंपरिक कला, श्रमशीलता और सांस्कृतिक योगदान छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना को समृद्ध बनाते हैं। राज्य सरकार सभी समाजों के विकास और सहभागिता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
प्रतिनिधि मंडल में समाज के सलाहकार रतन लाल चक्रधारी, बी.पी. चक्रधर, प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार चक्रधारी, महामंत्री  हेमलाल कौशिक, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश कुंभकार, दौवा राम चक्रधारी सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
 

राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान अतुलनीय: सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर बोले मुख्यमंत्री साय

07-Dec-2025
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री साय को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रतीक स्वरूप सम्मान बैज लगाया तथा संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, साहस और राष्ट्रसमर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। देश की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दिवस का संदेश है कि राष्ट्र की रक्षा में लगे हमारे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति हम सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और उनके कल्याण हेतु सहयोग की भावना से आगे आएं।
मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु अपनी ओर से अंशदान भी प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पद्मश्री उषा बारले भी उपस्थित थीं।
 

सीएम विष्णुदेव साय से हल्बा-हल्बी समाज ने की मुलाकात, आगामी आयोजनों के लिए आमंत्रण

06-Dec-2025
रायपुर  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ हल्बा-हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट की।प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि समाज की ओर से 27 दिसंबर 2025 को दुर्ग के पुलगांव में समाजिक सम्मेलन एवं शक्ति दिवस समारोह, तथा 20 जनवरी 2026 को रायपुर में क्रांतिकारी अमर शहीद गेंद सिंह जी के 201वीं शहादत दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को दोनों महत्वपूर्ण आयोजनों में सादर आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए हल्बा-हल्बी समाज के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और समाज के सांस्कृतिक गौरव एवं प्रेरणादायी इतिहास की सराहना की। उन्होंने दोनों आयोजनों की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर महेश गागड़ा, डॉ. देवेंद्र महला, गिरिवर ठाकुर, हृदय राम कोसमा, मिथीर राम सलेंद्र सहित समाज के अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।

नक्सलवाद अब अंतिम चरण में: छत्तीसगढ़ में विकास का स्वर्णिम युग शुरू — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

06-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का जड़ से उन्मूलन अब साकार होता दिख रहा है। यह सफलता डबल इंजन की सरकार के मजबूत नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी की स्पष्ट नीति तथा हमारे वीर सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और अटूट संकल्प का सामूहिक परिणाम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद आज अपने अंतिम चरण में है और यह छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन किया जाएगा, और यह संकल्प अब धरातल पर साकार रूप लेता दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सली हिंसा के समाप्त होते ही बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और स्थिरता की मजबूत नींव स्थापित हो रही है। वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्रों में अब तेजी से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, पर्यटन और आजीविका के नए आयाम खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि "बस्तर अब परिवर्तन की राह पर है, और आने वाले वर्षों में वहां विकास की गंगा बहेगी।"
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सुरक्षा बलों का साहस — इन तीनों की संयुक्त शक्ति से छत्तीसगढ़ न केवल नक्सलवाद से मुक्त होगा, बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ विकासशील राज्यों में अग्रणी बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह नया छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि, विश्वास और विकास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।

 

सुहेला में मुख्यमंत्री साय का किसानों को अनोखा सम्मान — धान से किया गया वजन

05-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुहेला में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। वहाँ विभागीय स्टॉलों के अवलोकन के दौरान किसानों के प्रति सम्मान का अनोखा उदाहरण देखने को मिला। सहकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री साय का धान से वजन कर अन्नदाताओं की उपज और परिश्रम को सलाम किया गया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित किसानों से समर्थन मूल्य पर हो रही धान खरीदी की व्यवस्था पर चर्चा की, जिसे किसानों ने बेहद पारदर्शी व सुविधाजनक बताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और सम्मान स्वरूप अभिनन्दन पत्र भेंट किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित रहे।
स्टॉल अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के स्टॉल में महिला कमांडो दल की दस ग्राम की सदस्यों को प्रभावी नशामुक्ति कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और हेलमेट वितरण किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉल में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पीएम आवास योजना के 10 हितग्राहियों को आवास की चाबियाँ सौंपी।
मुख्यमंत्री साय ने समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 दिव्यांगजन को सहायक उपकरण प्रदान किए गए, जबकि कृषि विभाग ने 18 किसानों को सरसों, रागी एवं मसूर बीज वितरित किए। कौशल विकास विभाग के “हम होंगे कामयाब” प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े 60 युवाओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। सुहेला में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण बना, बल्कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का भी सशक्त संदेश दिया।

“प्रधानमंत्री मोदी की हर गारंटी को पूरा कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार” — मुख्यमंत्री साय

05-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में आयोजित कार्यक्रम में 195.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 1073 हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत तीन हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना अंतर्गत पाँच हजार किसानों को अधिकार अभिलेख तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और राशि के चेक प्रदान किए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ध्येय है कि हर घर में पक्का मकान, शौचालय, शुद्ध पेयजल और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए हमारी सरकार जनता के हित में वचनबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बने 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी में जो वादे किए गए थे, उन्हें हम एक-एक कर पूरा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये कर दी गई है। किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस भी प्रदान किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत हर घर को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में बड़ी मात्रा में सब्सिडी भी मिल रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोग अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कर लाभ उठाएँ।
उन्होंने जिले में प्रशासन की ‘हम होंगे कामयाब’ पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षित कर उनके बेहतर भविष्य के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनसे अब तक 500 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और बड़े-बड़े कार्य सहजता से पूरे हो रहे हैं। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अकेले 100 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों की  स्वीकृति मिली है।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान सुहेला में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, तिल्दा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, बलौदाबाजार में शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन एवं नवीन व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने जिले के 50 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए 10-10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण तथा सुहेला तिगड्डे में तीनों सड़कों पर एक-एक किलोमीटर तक डिवाइडर निर्माण एवं लाइट लगाने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 12.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1073 आवास, तथा लगभग 7.74 करोड़ रुपये की लागत से आमाकोनी, हथबंद, पौसरी, सेम्हराडीह और खपराडीह में निर्मित जल प्रदाय योजनाएँ शामिल हैं।
भूमिपूजन के प्रमुख कार्यों में 49.17 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार–रिसदा–हथबंद मार्ग मजबूतीकरण, 20.98 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार के रिसदा बायपास मार्ग, 15.59 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार में इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, 8.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 717 आवास तथा 8.04 करोड़ रुपये की लागत से कोल्हान नाले के पार सुंगेरा एनिकट निर्माण शामिल हैं।
कार्यक्रम में 5 करोड़ रुपये से अधिक की हितग्राहीमूलक सामग्री एवं चेक वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से सायबर फ्रॉड प्रकरण के 27 लाख रुपये की वापसी, श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में 83 लाख रुपये का वितरण, 8333 छात्रों को 4.25 करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, महिला स्व सहायता समूहों एवं ‘सक्षम’ योजना अंतर्गत 16 महिलाओं को 25 लाख रुपये, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 10 हितग्राहियों को 9.69 लाख रुपये तथा ‘हम होंगे कामयाब’ योजना अंतर्गत 60 हितग्राहियों को 6.81 लाख रुपये का भुगतान शामिल है।
इस अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा, जनपद अध्यक्ष सिमगा दौलत पाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 




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