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जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार का प्रतिनिधिमंडल मिला, 251 कुण्डीय महायज्ञ का दिया आमंत्रण

01-Dec-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को आगामी 09 दिसंबर से 12 दिसंबर तक सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित होने वाले 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर निर्मल सिन्हा, कैलाश साहू, कृष्ण कुमार जायसवाल, आदर्श वर्मा, हेमंत पटेल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

अमित शाह ने रायपुर में 60वीं DGP/IGP कॉफ्रेंस का किया उद्घाटन, कहा—नक्सलवाद अब अंत की कगार पर

29-Nov-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP/IGsP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया। अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGP/IGP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है।
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समूल नाश के खिलाफ उठाए गए मोदी सरकार के एक्शनेबल प्वाइंट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाया है और इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी जो आज घटकर सिर्फ 11 रह गई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि पिछले 40 साल से देश नक्सलवाद की समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लिए नासूर बने 3 हॉटस्पॉट - नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर - की समस्या के निराकरण के लिए मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है और जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे। गृह मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) कानूनों को सुदृढ़ बनाया गया, तीन नए आपराधिक कानूनों के साथ ही नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग विश्व में सबसे आधुनिक बन जाएगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने आतंकवाद और उग्रवाद पर मोदी सरकार की कार्रवाई का जिक्र कहते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इंडिया (PFI) पर बैन लगाने के बाद देशभर में उसके ठिकानों पर छापे मार कर गिरफ्तारियां की गईं, जो केंद्र - राज्य के समन्वय का उत्तम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और पुलिस द्वारा Intelligence की Accuracy, Objective की clarity और Action की synergy के तीन बिंदुओं पर काम कर कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने दोहराया कि हमें नारकोटिक्स और organised क्राइम पर 360 डिग्री प्रहार कर ऐसा तंत्र बनाना है जिससे इस देश में नार्को व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच जमीन भी न मिल पाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्यों की पुलिस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर नारकोटिक्स के राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाले।
 

बच्चों का स्वर्णिम भविष्य गढ़ने में शिक्षा विभाग की बड़ी भूमिका : मुख्यमंत्री साय

29-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव  शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात

28-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री साय ने संविधान दिवस पर प्रस्तावना का किया सामूहिक वाचन

27-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव सायआज 75वें संविधान दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित टाउन हॉल में आयोजित “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह के साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा  व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संविधान दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संविधान पर आधारित लघु फिल्म भी देखी और जनप्रतिनिधियों के साथ इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सेल्फी ली।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत सदैव संविधान में आस्था रखते हुए आगे बढ़ रहा है। संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता के साथ अपनी बात रखने का अधिकार देता है और  अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद जैसे पदों पर आम नागरिकों का पहुँचना संविधान की ही उदार, समावेशी और लोकतांत्रिक व्यवस्था का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्मात्री सभा में देश के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के  संविधान निर्माण अमूल्य योगदान दिया को स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से भारत के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठजनों का स्मरण करते हुए कहा कि  छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक भागीदारी आज भी गर्व का विषय है और इन महान जनप्रतिनिधियों की विचारशीलता, लोकतांत्रिक मूल्य और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 

संविधान दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबेडकर चौक में डॉ. भीमराव अंबेडकर को किया नमन

27-Nov-2025
रायपुर  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अंबेडकर चौक में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। डॉ. अंबेडकर के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के अटूट स्तंभ भी रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर के अप्रतिम योगदान को याद किया तथा संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल आधार है। डॉ. अंबेडकर ने दूरदर्शिता और गहन अध्ययन के साथ संविधान के प्रारूप निर्माण में योगदान दिया है। भारत का संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमें जागरूक भी करता है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी विविधता में एकता की भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाने तथा संवैधानिक मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की मुलाक़ात, छत्तीसगढ़ में रेल विकास को मिलेगी नई गति

26-Nov-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को  नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार,नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और चल रही परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण करने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों,उद्योगों और व्यापार जगत को बेहतर, तेज़ और सुरक्षित परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। रेल मंत्री वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए बिंदुओं का स्वागत करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए क्रियाशील है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास अभूतपूर्व गति से हो रहा है और डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश का रेल नेटवर्क एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस की शुरुआत से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से 2030 के बीच राज्य में रेल लाइन का विस्तार दोगुना होने जा रहा है, जबकि 1853 से 2014 तक मात्र 1100 किलोमीटर का विस्तार हो सका था। पिछले दस वर्षों में राज्य के रेल बजट में 22 गुना वृद्धि और वर्ष 2025–26 में 6,925 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए इस परिवर्तन का सशक्त प्रमाण है।
राज्य में 47,447 करोड़ रुपये से अधिक की कई प्रमुख रेल परियोजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। खरसिया–नवा रायपुर–परमालकसा, गेवरा–पेंड्रा, रावघाट–जगदलपुर, खरसिया–धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग सहित प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक पुनर्विकास भी तीव्र गति से जारी है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर वाले राज्यों में शामिल होगा और कनेक्टिविटी का यह विस्तार प्रदेश की औद्योगिक, आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन क्षमता को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
 

नई दिल्ली में निवेश मिशन मजबूत: मुख्यमंत्री साय से जेके लक्ष्मी सीमेंट की विशेष मुलाक़ात

26-Nov-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उद्योग जगत के निवेशकों के साथ वन-टू-वन मुलाक़ातें नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गई हैं। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जेके लक्ष्मी सीमेंट के शीर्ष अधिकारी मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मुलाक़ात के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में अपने प्लांट का कार्य बढ़ाने तथा नए निवेश अवसरों की खोज में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उपलब्ध आधारभूत सुविधाएँ, वित्तीय अनुकूल वातावरण और औद्योगिक विकास की गति उन्हें छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को राज्य की नई औद्योगिक नीति, स्थिर एवं सुरक्षित वातावरण तथा तेज़ी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए विश्वसनीय, सरल और परिणामोन्मुखी परिवेश प्रदान कर रही है, जिससे निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने जेके लक्ष्मी सीमेंट के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सरकार उद्योगों अनुकूल परिवेश प्रदान करने की भावना से कार्य कर रही है और राज्य में आने वाले हर निवेश का स्वागत है। उन्होंने कंपनी को प्रदेश में अपने विस्तार को आगे बढ़ाने तथा नई परियोजनाओं पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में उद्योगों के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम, उपयुक्त भूमि उपलब्धता, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, और कौशल सम्पन्न मानव संसाधन जैसी सुविधाएँ निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण हैं।
 

 


सीएम विष्णुदेव साय की चिराग पासवान से मुलाकात, छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग को मिलेगा नया बल

25-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने यह अनुरोध भी किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी हैं, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत तथा इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन उपस्थित थीं।
 

जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

24-Nov-2025
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं।
इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष किशोर ध्रुव, सेवाराम ध्रुव, हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

 




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