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जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री ने डॉ. हरिसिंह गौर की पुण्यतिथि पर किया नमन

24-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसिद्ध विधिवेत्ता, शिक्षाविद, समाज सेवी और सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरिसिंह गौर की 25  दिसंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ.गौर बीसवीं शताब्दी के सर्वश्रेष्ठ शिक्षाविदों में से एक थे। उन्होंने शिक्षा, कानून, और साहित्य के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया। वे भारतीय संविधान सभा के सदस्य भी रहे। उन्होंने युवाओं में उच्च शिक्षा के प्रसार हेतु सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की। देवदासी प्रथा को बंद कराने और महिलाओं को वकालत करने का अधिकार दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. गौर का व्यक्तित्व प्रेरणादायक और सम्पूर्ण जीवन अनुकरणीय है।

नई औद्योगिक नीति में उद्योगों के लिए विशेष सब्सिडी और प्रोत्साहन पैकेज शामिल : मुख्यमंत्री साय

23-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में सोमवार को आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 की खूबियों को साझा करते हुए इसे निवेशकों के लिए बेहद अनुकूल बताया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ सरकार को 15184 करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश के लिए असीम संभावनाओं वाला राज्य है। हमारी नई औद्योगिक नीति उद्योगों को कर, भूमि, और बिजली में छूट के साथ-साथ सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं देती है। यह नीति न केवल उद्योगों की स्थापना, बल्कि रोजगार सृजन पर भी जोर देती है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, खनन, और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। नई औद्योगिक नीति में विशेष सब्सिडी और प्रोत्साहन पैकेज शामिल हैं। डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से सभी स्वीकृतियां और लाइसेंस प्राप्त करना आसान हो गया है। उद्योग विभाग द्वारा सब्सिडी जारी करने के लिए अधिकतम 3 स्तर और अधिकतम 7 दिनों की समय सीमा सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उद्योग स्थापित करने हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए, न्यूनतम सरकार की अवधारणा के तहत निजी औद्योगिक पार्क को 30 प्रतिशत सब्सिडी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ, उद्योगों के लिए रेडी और विकसित प्लॉट आवेदन के 60 दिनों के भीतर सुनिश्चित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया हम यह सुनिश्चित कर रहे कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता न हो।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सवालों का जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने राज्य में उपलब्ध बेहतर बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन और शांतिपूर्ण माहौल के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित उद्योगपतियों द्वारा छत्तीसगढ़ की पहल की सराहना करते हुए निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह इन्वेस्टर मीट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत और नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इन अधिकारियों ने नई औद्योगिक नीति की खासियतों को समझाते हुए निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने के लाभ बताए।
उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने उद्योगपतियों से चर्चा करते हुए बताया कि खनिज संपदा और खानों के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ अब तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राज्य अपने औद्योगिक आधार को विविधतापूर्ण बनाते हुए फार्मास्यूटिकल्स, ट्रेन शेल, टेलीविज़न और प्रकाश उपकरणों जैसे विविध उत्पादों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
बस्तर क्षेत्र में निवेश पर विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कोर सेक्टर की स्टील इकाइयों और अन्य उद्योगों को बड़ी राहत दी गई है। आयरन ओर पर 50% और कोयले पर 100% रॉयल्टी की छूट का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही, उद्योगों द्वारा चुकाए गए रॉयल्टी और राज्य को मिलने वाले सेस की प्रतिपूर्ति 15 वर्षों तक की जाएगी। इसके अलावा, ग्राम नियानार में 118 एकड़ भूमि पर एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
आईआईएम के छात्र नियुक्त होंगे इन्वेस्टमेंट मैनेजर
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगपतियों को राज्य सरकार द्वारा विशेष सहूलियतें दी जा रही है। इसके लिए आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू (समझौता) करके वहां के पास आउट छात्रों को मुख्यमंत्री औद्योगिक इंटर्नशिप के तहत इन्वेस्टमेंट मैनेजर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो घर बैठे प्रक्रियाओं को सुगम बनाएंगे।
आधुनिक तकनीकों में निवेश को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में कई नए और आधुनिक तकनीकों का ध्यान रखा गया है जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ग्रीन हाईड्रोजन और डेटा सेंटर। इसके अलावा, आईटी, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्र भी खास होंगे। इन क्षेत्रों में उद्योगों को 30 से 50 प्रतिशत तक सहायता मिलेगी। इसके अलावा कंपनियों को अपना काम शुरू करने के लिए 5 से 12 साल तक करों में छूट दी जाएगी, जिससे वे आसानी से अपना काम शुरू कर सकें।
देश के शीर्ष उद्योगपतियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की जताई इच्छा
कार्यक्रम में पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के एमडी ईश्वर नंदन ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 1134 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा जिससे 100 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। वहीं टेलीपरफॉर्मेंस के सीओओ आशीष जौहरी ने 300 करोड़ का निवेश कर बैक ऑफिस केंद्र स्थापित करने की योजना साझा की। माइक्रोमैक्स के राजेश अग्रवाल ने सौर सेल निर्माण में 100 करोड़ निवेश का प्रस्ताव दिया। वरुण बेवरेजेज के सीईओ कमलेश जैन ने पेप्सिको बॉटलिंग प्लांट में 250 करोड़ निवेश की इच्छा जताई। टीडब्ल्यूआई ग्रुप के पुरुषोत्तम और उत्तम सिंघल ने 1650 करोड़ के निवेश का सुझाव दिया, जिससे 1000 रोजगार अवसर सृजित होंगे। पैरामाउंट कम्युनिकेशंस के प्रवीण गुप्ता द्वारा 250 करोड़ निवेश और 1000 नौकरियों की योजना साझा की गई । रिन्यू पावर लिमिटेड के सुमंत सिन्हा ने पंप स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं में 11,500 करोड़ निवेश की योजना साझा की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय किसान दिवस की दी बधाई

23-Dec-2024
रायपुर ( शोर संदेश )  । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी किसानो को राष्ट्रीय किसान दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानो के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने किसानों से 21 क्विंटल के मान से 3100 रुपये में धान खरीदी करने के साथ ही 3716 करोड़ रुपए धान बोनस की राशि भी किसानों को प्रदान की है। साय ने कहा कि किसानों के मसीहा माने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती 23 दिसम्बर को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय में दृढ़ विश्वास रखने वाले चौधरी चरण सिंह किसानों के लिए किए गए कार्यों के लिए हमेशा याद किये जाएंगे। 
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवागढ़ में 209 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण

22-Dec-2024
रायपुर । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बेमेतरा जिले के विकासखंड मुख्यालय नवागढ़ में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता एवं गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव 2024 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नवागढ़ में बाबा गुरु घासीदास जैतखम में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर 209 करोड़ 12 लाख 57 हजार रूपये के 74 विभिन्न विकास कार्याे का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने नवागढ़ के कोदूराम दलित महाविद्यालय में एमकाम और साइंस विषय की 40-40 सीट और अनुसूचित जाति बाहुल्य 10 ग्रामों में 10-10 लाख रूपये की सीसी रोड का निर्माण कराए जाने की घोषणा की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का समाज एक समतामूलक समाज है। इस समाज के निर्माण में बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों की छाया स्पष्ट नजर आती है। मनखे-मनखे एक समान के अपने संदेश से यही बात उन्होंने कह दी। जब एक दूसरे को समानता के दृष्टिकोण से देखना शुरू कर देंगे तो बैरभाव स्वत: ही समाप्त हो जाएगा। उनका यह संदेश केवल समाज ही नहीं अपितु देश-दुनिया को एकजुटता के सूत्र में बांधता है। ऐसे समय में जब विघटनकारी तत्व देश की एकता को तोडऩे की साजिश में लगे हैं, बाबा गुरु घासीदास जी के संदेश प्रकाश स्तंभ की तरह हमें रास्ता दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। धान के कटोरे की पहचान जिन किसान भाइयों से है, वे सुखी समृद्ध रहें इसके लिए हम किसान भाइयों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीद रहे हैं। पिछली बार हमने 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, इस बार उम्मीद है कि धान खरीदी का यह आंकड़ा 160 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगा। बाबा जी ने महिला और पुरुषों के बीच समानता का संदेश भी दिया है। यह समानता तब आयेगी जब आर्थिक रूप से भी हमारी माताएं-बहनें पूरी तरह से सशक्त हों, इसके लिए ही मोदी जी ने हमारी माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के रूप में हर महीने एक हजार रुपए की गारंटी दी। शपथ ग्रहण के पहले दिन से ही हमने महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन के लिए काम करना आरंभ कर दिया था। तीन महीने के भीतर ही हमने 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में हर महीने एक हजार रुपए की राशि देनी आरंभ कर दी। अब तक हम योजना की दस किश्त दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को रोजगार के उचित अवसर मिल सकें, परीक्षाओं में पूरी तरह पारदर्शिता हो, इसके लिए भी हमने कार्य किया। पीएससी परीक्षा की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इस साल पीएससी की परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हुई। मैं पीएससी के टापर्स से मिला, उन्होंने मुझे बताया कि पिछली सरकार में जमकर हुए भ्रष्टाचार के चलते बहुत से युवाओं का पीएससी से भरोसा उठ गया था, इस बार साफसुथरी परीक्षा हुई तो भरोसा फिर से कायम हुआ। अनुसूचित जाति, जनजाति के युवा कलेक्टर, एसपी बन सकें, इसके लिए हमने दिल्ली में ट्राइबल यूथ हास्टल में युवाओं के लिए 135 सीटें बढ़ाई हैं। हम लोग युवाओं के लिए नालंदा की तर्ज पर 13 लाइब्रेरी भी नगरीय निकायों में आरंभ करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का पूरा फोकस अनुसूचित जाति-जनजाति के विकास पर है। इसके लिए हमने बजट प्रावधान में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। हमने नई उद्योग नीति तैयार की है। इस उद्योग नीति में हमारे अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान रखे गये हैं। जो लोग उद्यमशीलता के क्षेत्र में बढऩा चाहते हैं, उनके लिए काफी अच्छे अवसर हैं। मुझे खुशी है कि हम बाबा गुरु घासीदास जी के शांतिपूर्ण और समतामूलक समाज के संदेश के अनुरूप छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं।  उन्होंने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए लगातार कड़ी मेहनत करते रहेंगे। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर वहां विभागों द्वारा लगायी गयी विकास प्रदर्शनी के स्टॉल का अवलोकन किया और प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की चाबी सौपीं। मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक साल में प्रदेश की जनता से किए गए वादों को पूरा करके दिखाया है।खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया और नवागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री साय द्वारा की गई घोषणा के लिए उनका आभार जताया। समारोह में विधायक किरण सिंह देव,पुन्नूलाल मोहले, दीपक साहू, ईश्वर साहू,अवधेश चंदेल, लाभचंद बाफना सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल नई दिल्ली प्रवास पर

22-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 22 दिसम्बर रविवार को नई दिल्ली प्रवास पर रहेंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 2.15 बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल माना रायपुर से नियमित विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री संध्या 4.40 बजे छत्तीसगढ़ सदन पहुंचेंगे और रात्रि विश्राम वहीं करेंगे।
 

 


किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा जरूरी: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

22-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के कांगेर वैली अकादमी के 18वें वार्षिक उत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। हमने प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया है। हमने स्कूलों में शिक्षक-पालक मीटिंग और न्यौता भोज जैसे अभिनव पहल शुरू की है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के पोषण को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 341 स्कूलों का चयन पीएमश्री स्कूल के रूप में किया गया है। यह शिक्षा के लिए अच्छी अधोसंरचना तथा स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद को अहमियत दी जा रही है। यहां बच्चों को मेडिटेशन भी कराया जाता है। उन्होंने बच्चों को यह संदेश भी दिया कि पढ़ाई के साथ खेलकूद तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियां उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं। 
विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा ने कहा कि इस विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने का कार्य भी हो रहा है। व्यक्तित्व के निर्माण में शिक्षा की बड़ी भूमिका होती है। यह भविष्य की सफलताओं का आधार होती है। 
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अकादमी के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाई गई पेंटिग और फाईन आर्ट की कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
 

 


राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह 21 दिसंबर को, मुख्यमंत्री साय होंगे शामिल

21-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 21 दिसंबर को शाम 6 बजे पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम में काया कल्प स्वच्छ अस्पताल योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समारोह में लोक सभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले की प्रभारी मंत्री केदार कश्यप सहित विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, गुरू खुशवंत साहेब एवं इंद्रकुमार साहू उपस्थित रहेंगे।

राज्य के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में आज किसान सम्मेलन एवं कृषि संगोष्ठी

21-Dec-2024
रायपुर  ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 21 दिसंबर को राज्य के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और उपलब्धियों को जनसामान्य तक पहुंचाना है। किसान सम्मेलन में कृषक उन्नति योजना के लाभान्वित किसानों और प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया जाएगा। कृषि संगोष्ठी का भी आयोजन होगा। किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने के साथ ही सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों को उनकी उपज का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर कर रही है। इसके साथ ही, समर्थन मूल्य और आदान सहायता को मिलाकर किसानों को प्रति क्विंटल धान का मूल्य 3100 प्रदान किया जा रहा है। बीते वर्ष छत्तीसगढ़ ने 145 लाख मेट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की थी। इस साल खरीफ की फसल के बेहतर उत्पादन के कारण 160 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी का अनुमान है। छत्तीसगढ़ केंद्रीय पूल में धान का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता राज्य है। छत्तीसगढ़ सर्वाधिक किसानों से धान खरीदने के मामले में देश में प्रथम स्थान पर है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को आदान सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के साथ ही भूमिहीन किसानों की सहायता के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर सहायता योजना के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया है। छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को सशक्त बनाना और राज्य की अर्थव्यवस्था को कृषि आधारित विकास के माध्यम से सुदृढ़ करना है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने ब्लॉक के किसान सम्मेलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।
 

हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है: मुख्यमंत्री साय

20-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के आवास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को अंतरित करने के लिए जारी कर दी है। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है।
अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी
वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्रांश 1,550.30 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,033.70 करोड़ रुपये कुल 2,584 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त केंद्रांश 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,024.60 करोड़ रुपये कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके।

आम जनता सहित उद्योग जगत के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा निर्णय

20-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दलहन, तिलहन तथा गेहूं पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक पूर्णतः छूट प्रदान की है। राज्य सरकार इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों और दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों तथा व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों एवं व्यापारियों द्वारा प्रदेश के बाहर से प्रसंस्करण-विनिर्माण के लिए लाए गए दलहन, तिलहन एवं गेहूं पर मंडी शुल्क में छूट दिए जाने हेतू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आग्रह किया था। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर 17 दिसम्बर 2024 को अधिसूचना जारी कर 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ की सभी मंडियों में इन शुल्कों में पूर्ण छूट प्रदान की गई है। 
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष अमर परवानी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह निर्णय प्रदेश के व्यापारिक और कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा है कि यह छूट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी और व्यापारियों किसानों के हितों की रक्षा करेगी। मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में छूट होने से व्यापारी पड़ोसी राज्यों से भी प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर व्यापार कर सकेंगे। इससे प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस फैसले का अभिनंदन करते हुए आमजनों व उद्योग जगत के लोगों ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन कर उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्तीय चुनौतियां होने के बावजूद प्रदेश की आम जनता के हक में उनकी सरकार ने यह फैसला किया है। इस फैसले से प्रदेश के 30 हजार परिवारों का संरक्षण होगा व आम जनता को भी कम कीमत पर रोजमर्रा की वस्तुएं मिलती रहेंगी। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा  प्रदेश में दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का उत्पादन मांग के अनुरूप कम है, जिससे प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों को अपने मिलों के संचालन के लिए अन्य प्रदेशों से दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का आयात करना पड़ता है। मंडी शुल्क से छूट दिये जाने पर प्रदेश की दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलें अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर पायेंगे और उपभोक्ताओं को कम कीमत पर दाले, तेल, आटा तथा मैदा प्राप्त होगा, जिससे घरेलू व्यय में बचत होगी और उपभोक्ता इस बचत से अपनी जीवनशैली में सुधार हेतु अन्य आवश्यक सामग्रियां क्रय करने में सक्षम हो सकेगा। साथ ही इन दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों से लगभग 30 हजार परिवारों को रोजगार प्राप्त होता है, जिनका सीधा संरक्षण ये फैसला करता रहेगा। 
इस अवसर पर अमित चिमनानी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ,रायपुर दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीत गोयल ,सचिव श्याम सुंदर गोयल, हरिमल सचदेव, फ्लोर मिल एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रमेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष धरम अग्रवाल, समीर अग्रवाल उपस्थित थे।



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