




रायपुर (शोर सन्देश)। जनता कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष सोनवानी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष डा महताब रॉय व राष्ट्रीय महासचिव अमित वर्मा और प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अनुमोदन के बाद विधानसभा चुनाव के लिए 32 विधायक प्रत्याशियों की प्रथम सूची जारी की। सूची में भटगांव से बजरंग कुमार, सारंगढ़ से अनिता अजगले,रामपुर से विमल सिंह गोंड,कोरबा से शब्बीर कुमार जांगड़े,मरवाही से युगराज पोर्ते,बिल्हा से परमानंद महंत,अकलतरा से डॉ सुनील किरण, जांजगीर चांपा से डॉ कीर्तन लाल पटेल,शक्ति से जुगलकिशोर भारद्वाज,चंद्रपुर से श्रीमती सुनंदा राठौर,जैजैपुर से श्रीमती उर्मिला खूंटे, बसना से अशोक अजगले,बिलाईगढ़ से संतोष सोनवानी,कसडोल से डॉ पवन साहू, बलौदा बाजार से राजेंद्र कौसले,भाटापारा से अमरदास मातरे,धारसीवा से श्रीमती लछमिता खूंटे,रायपुर शहर पश्चिम से विकास कुमार सदाफल,अभनपुर से भीषम कुमार कुर्रे,राजिम से गुलशन अजगर, संजारी बालोद खोमेश्वर ठाकुर, डौंडी लोहारा से भुवन लाल गोंड,गुण्डरदेही से योगेंद्र कुमार उके,पाटन से शंकर प्रसाद यूके,दुर्ग ग्रामीण से निशा कुमारी साहू,दुर्ग शहर से सैफिया कुरैशी,भिलाई नगर से मधुमिता नियाल,वैशाली नगर से गौतम कुमार,अहिवारा से राखी सोनवानी, साजा से अमृत लाल देशलहरे,राजनांदगांव से दिनेश नामदेव और जगदलपुर से ईश्वर भारद्वाज को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। सोनवानी ने बताया कि लगभग सभी 90 सीटों पर जनता कांग्रेस पार्टी अपने उम्मीदवार खड़े करने जा रही है। सभी वर्गों को ध्यान में रखकर प्राथमिकता के संकल्प के साथ भय भूख और भ्रष्टाचार मिटाने का नारा लिए जनता कांग्रेस इस बार बड़ा उलटफेर करने के मूड में स्पष्ट दिखाई दे रही है।

रायपुर (शोर सन्देश)।भूपेश कैबिनेट की बैठक शुक्रवार शाम 6 बजे आयोजित होगी। इस बैठक में कुछ बड़े फैसले भी हो सकते हैं। कर्मचारियों व सहायक शिक्षकों की मांगें भी कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। अगर प्रस्ताव पर हरी झंडी लगी तो उसे कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। वहीं कई अन्य मुद्दों पर आज की कैबिनेट में चर्चा हो सकती है।

बिलासपुर (शोर सन्देश)। आगामी विधानसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में मीडिया सर्टिफिकेशन व मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) के अंतर्गत गठित विभिन्न टीमों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें प्रिंट मीडिया ईकाई, इलेक्ट्रानिक मीडिया ईकाई, सोशल मीडिया ईकाई, एफ.एम. और स्थानीय आकाशवाणी रेडियो ईकाई व ईलेक्ट्रानिक मीडिया अनुवीक्षण ईकाई के टीमों को जिला स्तरीय एमसीएमसी की भूमिका व कार्य के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर एमसीएमसी कमेटी के सदस्य एवं नोडल अधिकारी मुनुदाऊ पटेल मौजूद थे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर एमटी आलम ने बताया कि मीडिया सर्टिफिकेशन व मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण (ईईएम) की एक महत्वपूर्ण इकाई है। एमसीएमसी का प्रमुख कार्य सोशल मीडिया सहित इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में राजनीतिक विज्ञापनों का पूर्व-प्रमाणन करना, पेड न्यूज की निगरानी और चुनाव प्रक्रिया के दौरान मीडिया में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन की निगरानी करना है। भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार टीवी, रेडियो, सिनेमा घर, ई-समाचार पत्र, सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक स्थलों पर दृश्य-श्रव्य-माध्यमों पर राजनैतिक विज्ञापन के लिए प्रमाणन आवश्यक है। विज्ञापन अधिप्रमाणन की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी या अन्य संस्था, व्यक्ति, मतदान के एक दिवस पूर्व बिना एमसीएमसी के प्रमाणीकरण के प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित नहीं करा सकता। सभी प्रत्याशियों को अपने सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी आयोग को देना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन व प्रचार-प्रसार चुनाव व्यय में शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण में पेड न्यूज का निर्धारण की प्रक्रिया व पेड न्यूज की पहचान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को हैदराबाद के लिए रवाना हो रहे हैं। कांग्रेस कार्यसमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक तेलंगाना की राजधानी में होने जा रही है। कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेता जुट रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के सीनियर लीडर्स राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी से भी मुलाकात हो सकती है। जानकारी के मुताबिक यह बैठक दो दिन तक चलेगी। विपक्षी दलों के नए गठबंधन आइएनडीआइए के अस्तित्व में आने के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की यह पहली बैठक हो रही है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा होगी। छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में भी चुनाव होने हैं, लिहाजा इन प्रदेशों से भी नेता हैदराबाद पहुंच रहे हैं।
जल्द जारी हो सकती है प्रत्याशी सूची
माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रत्याशियों के नाम घोषित हो सकते हैं। कांग्रेस इस बैठक के बाद चुनावों को गंभीरता से लेते हुए हर प्रदेश में सक्रियता बढ़ाने का लक्ष्य दे रही है।पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस की चुनाव समिति की बैठकें हुईं मगर दावेदारों के नाम को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। पार्टी प्रत्याशियों के चयन में उलझ गई है। कांग्रेस अब तक कई सीटों पर दावेदारों पर आम राय नहीं बन पाई है। दूसरी तरफ भाजपा ने 21 प्रत्याशियों के नाम जारी कर प्रचार शुरू कर दिया है।
हम योजना बनाएंगे
बैठक से पहले मीडिया काे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह पहली सीडब्ल्यूसी बैठक है। विस्तारित कार्यसमिति की बैठक भी होगी, जिसमें पार्टी से जुड़ी चर्चाएं की जाएंगी। बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। सभी पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर चर्चा करेंगे और उसके मुताबिक योजना बनाएंगे।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होगी जिसमें छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनावों के साथ-साथ, ED की कार्रवाई, प्रदेश में भाजपा की ओर से लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर बात, अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी बात होगी। इसके अलावा महंगाई, बेरोजगारी, मणिपुर हिंसा और जम्मू-कश्मीर में हालात जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति पर भी काम होगा।

रायपुर (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती-2023 नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 1318 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
बघेल ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत पूर्ण हो चुके 7 हजार 688 मरम्मत कार्य एवं 464 अतिरिक्त कक्षों के निर्माण का लोकार्पण किया।उल्लेखनीय है कि इन स्कूल भवनों के रंग-रोगन के लिए गौठान में बने 1 लाख 98 हजार 510 लीटर गोबर पेंट का उपयोग किया गया है, जिसकी कुल कीमत 4.76 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अभिभावकों से की चर्चा
लैलूंगा से हरिराम राठिया ने बताया कि हमारा स्कूल पहले ठीक नहीं था। अब बढ़िया हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्कूल बढ़िया हो गया है। अब रखरखाव करते रहिए। पालक समिति इस पर ध्यान देती रहे। मुख्यमंत्री ने पढ़ाई की स्थिति के बारे में भी पूछा। बस्तर के लोहंडीगुड़ा में पदस्थ शिक्षक नितिन ने बताया कि हमारा स्कूल बहुत जर्जर स्थिति में था। अब अच्छा हो गया, अतिरिक्त कक्ष भी बन गया। मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस की उन्हें बधाई दी और शुभकामनाएं भी दी।

रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता में और इजाफा हुआ है। वह देश के सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में दूसरे स्थान पर है। सर्वे में 59.1 प्रतिशत लोगों ने उनके कामकाज पर संतुष्टि जताई है। यह सर्वेक्षण रिपोर्ट इंडिया टूडे ने अभी हाल ही में प्रकाशित की है। इंडिया टूडे समूह द्वारा देश भर में आम नागरिकों से मुख्यमंत्रियों के कामकाज के संबंध में किये गये सर्वे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता में और इजाफा हुआ है। उनकी सरकार के कामकाज पर 59.1 प्रतिशत लोगों ने भरोसा जताया है। इंडिया टूडे द्वारा मुख्यमंत्रियों की लोकप्रियता के लिए जनवरी 2023 में कराए गए सर्वे में मुख्यमंत्री बघेल के कामकाज पर 55.7 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि जताई थी। इसके पूर्व वर्ष में हुए सर्वे में 53.3 प्रतिशत ने मुख्यमंत्री बघेल के कामकाज को सराहा था। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित विभिन्न न्याय योजनाओं की बदौलत पौने पांच सालों में राज्य के 40 लाख लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आ चुके हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की न्याय योजनाएं गरीबी को दूर करने में बेहद असरकारक साबित हुई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते पौन पांच सालों में अपनी न्याय योजनाओं जैसे- राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, बेरोजगारी भत्ता, राजीव मितान क्लब, के माध्यम से राज्य के ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों, महिलाओं, युवाओं, वनोपज संग्राहकों सहित सभी वर्ग के हितग्राहियों को पौने दो लाख करोड़ रूपए की सीधी मदद दी है, जिसके चलते लोगों के जीवन में बदलाव आया है और वह आर्थिक रूप से समृद्ध हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की न्याय योजनाओं बदौलत पौने पांच सालों में प्रति व्यक्ति का 88,793 रूपए से बढ़कर 1,33,898 रूपए हो गई है। इस अवधि में छत्तीसगढ़ का जीएसडीपी 3,27,106 करोड़ रूपए से बढ़कर 5,09,043 करोड़ रूपए हो गयी है। मार्च 2020 से निरंतर दो वर्ष तक कोविड-19 आपदा के कारण आर्थिक गतिविधियां मद होने के बावजूद राज्य शासन की नीतियों और न्याय योजनाओं के चलते अर्थव्यवस्था के आकार में 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 में कृषि, औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य की विकास दर राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा रही है। छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। राज्य के लगभग 74 प्रतिशत लोगों का जीवनयापन का आधार खेती-किसानी पर निर्भर है। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते पौने पांच सालों में खेती-किसानी को समृद्ध और किसानों की खुशहाली के लिए जो फसले लिए हैं और योजनाएं संचालित की है। उससे राज्य में खेती-किसानी के प्रति लोगों का उत्साह बढ़ा है। किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक मिसाल कायम की है। छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र राज्य है, जहां किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के साथ ही सरकार खरीफ फसलों के उत्पादक किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रति एकड़ के मान से 9000 रूपए की इनपुट सब्सिडी दे रही है। वर्ष 2019-20 से लेकर अब तक इस योजना के तहत किसानों को लगभग 22 हजार करोड़ रूपए की सीधी मदद उनके बैंक खातों में भेजी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी विकास कार्यक्रम और गोधन न्याय योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने के साथ ही लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में कारगर रही है। नरवा विकास कार्यक्रम के चलते राज्य के लगभग 14 हजार बरसाती नालों के ट्रीटमेंट से जल संरक्षण में मदद मिली है, जिसके चलते भू-जल स्तर सुधरा है। सिंचाई की सुविधा और दोहरी फसलों का रकबा बढ़ा है। गरवा कार्यक्रम के माध्यम से पशुधन का संरक्षण-संवर्धन हुआ है। पशुपालन से लोगों की आय बढ़ी है। घुरवा और बाड़ी विकास कार्यक्रम ने राज्य में जैविक खेती और पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना से रोजगार और आत्मनिर्भरता के बहुआयामी विकल्प सृजित हुए है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा दो रूपए में किलो में गोबर और चार रूपए लीटर में गौमूत्र की खरीदी ने ग्रामीण पशुपालकों को अतिरिक्त आय का जरिया दिया है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य सामग्रियों का निर्माण, गौमूत्र से जैविक कीटनाशक, ब्रम्हास्त्र और जीवामृत का उत्पादन, गोबर से प्राकृतिक पेंट का निर्माण और विक्रय से लोगों की आय में वृद्धि हुई है। गौठानों से जुड़ी 12 हजार से अधिक स्व-सहायता की दो लाख महिलाएं विभिन्न आयमूलक अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और जन्नोमुख बनाने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, दाई-दीदी क्लिनिक योजना, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना, श्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर योजना से भी लोगों को काफी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार की बिजली बिल हाफ योजना और किसानों के सिंचाई पंपों को निःशुल्क एवं रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराये जाने की योजना से बिजली बिल में लगभग 15 हजार करोड़ की मदद दी गई है। वनांचल में वनवासियों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर को 2500 रूपए से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा किया जाना तथा 67 प्रकार के लघुवनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और वैल्यूएडिशन के चलते संग्राहकों की आय दोगुने से ज्यादा करने में कामयाबी मिली है। राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के माध्यम से राज्य के पौने 6 लाख परिवारों को प्रतिवर्ष 7000 रूपए की मदद, राजीव मितान क्लबों के माध्यम से गांवों में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में लोगों को जागरूक कर उसका लाभ दिलाने की पहल के सकारात्मक परिणाम रहे हैं। इससे भी लोगों को गरीबी से बाहर लाने में मदद मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले कृषकों की संख्या 12 लाख से बढ़कर आज 24 लाख से ज्यादा हो गई है। धान उर्पाजन 55 लाख टन से बढ़कर 107 लाख टन से ज्यादा हो गया है। बीते पांच सालों में छत्तीसगढ़ में धान बेचने वाले किसानों और धान उर्पाजन की मात्रा दोगुनी हो गई है। धान का रकबा 24 लाख 46 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 31 लाख 17 हजार हेक्टेयर हो गया है। प्राथमिक कृषि साख समितियां 1,333 थीं, आज बढ़कर 2,058 हो गई। छत्तीसगढ़ में मछली पालन, लाख पालन और रेशम पालन और मधुमक्खी पालन को भी कृषि का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन और कोदो-कुटकी, रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी और इसके उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ 9000 रूपए की इनपुट सब्सिडी के चलते राज्य के वनांचल क्षेत्रों में मिलेट उत्पादक कृषकों की आय बढ़ी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी एवं आम जनता की भलाई के लिए संचालित योजनाओं से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बड़े तबके में जबरदस्त खुशहाली आई है जिससे बघेल की लोकप्रियता बढ़ी है। सुदृढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था से शहरी अर्थव्यवस्था भी समृद्ध हुई है। इसके साथ ही नागरिक सुविधाओं में बेहतरी के लिए किये गये कार्यों से शहरी क्षेत्रों में अच्छा माहौल है जिसका असर भूपेश सरकार की लोकप्रियता में दिख रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि बघेल ने छत्तीसगढ़िया अस्मिता पर लगातार बात की, यह बात लोगों के दिलों में घर कर गई है। वे जनता की भाषा में जनता की रुचि की ही बातें करते हैं इसके चलते उनकी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हो रहा है। इंडिया टूडे के सर्वे में लोकप्रियता के मामले में ओडिशा के मुख्यमंत्री पहले स्थान पर, दिल्ली के मुख्यमंत्री तीसरे स्थान पर हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री चौथे, असम के मुख्यमंत्री पांचवे स्थान पर हैं।