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ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले टीम इंडिया की बढ़ी टेंशन, ये 2 खिलाड़ी चोटिल

15-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर  संदेश ) न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम को 0-3 से करारी हार का सामना करना पड़ा था. अब भारतीय टीम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है, जिसका पहला मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ स्टेडियम में होगा. इस टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम पर्थ के वाका (WACA) स्टेडियम में बंद दरवाजों में भारत-ए के खिलाफ प्रैक्टिस मैच खेल रही है.
इस अभ्यास मैच में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन वह सिर्फ 15 रन बना सके. कोहली तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की गेंद पर दूसरी स्लिप में कैच थमा बैठे. मुकाबले से पहले कोहली को स्कैन के लिए ले जाया गया था, हालांकि अच्छी बात यह रही कि कोहली पूरी तरह फिट हैं और उन्होंने अटकलों पर पूर्ण विराम लगा दिया है. कोहली न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सिर्फ 93 रन बना पाए थे.
यशस्वी जायसवाल की बात करें तो वो सिर्फ 15 रन बनाकर चलते बने. ऋषभ पंत भी कुछ खास नहीं कर पाए और 19 रन बनाकर नीतीश कुमार रेड्डी की गेंद पर बोल्ड हो गए. नीतीश ने बाद में ध्रुव जुरेल को भी स्लिप में आउट करवाया. नंबर-3 पर उतरे शुभमन गिल ने धीमी शुरुआत की और लगभग दो घंटे क्रीज पर रहने के बावजूद स्ट्राइक रोटेट करने के लिए संघर्ष किया. शुभमन 28 रन बनाकर नवदीप सैनी की शॉर्ट लेंथ गेंद पर विकेट खो बैठे.
उधर केएल राहुल शानदार फॉर्म में दिख रहे थे और शॉर्ट बॉलिंग को बखूबी संभाल रहे थे, लेकिन तभी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की एक गेंद उनके दाएँ कोहनी पर जा लगी. इसके चलेत उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. राहुल की चोट की पूरी गंभीरता अभी तक पता नहीं चल पाई है. हालांकि उम्मीद है कि वो पहले टेस्ट के लिए फिट हो जाएंगे. भारत ने ब्रेक के समय 28 ओवर में 5 विकेट पर 106 रन बनाए.
बता दें कि केएल राहुल से पहले सरफराज खान भी चोटिल हो गए थे. सरफराज को प्रैक्टिस के दौरान उन्हें कोहनी में चोट लगी थी. प्रैक्टिस के दौरान सरफराज अपनी कोहनी पकड़े हुए बाहर जाते नजर आए. न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सरफराज ने एक मैच में 150 रनों की पारी खेली थी. उनका चोटिल होना टीम के लिए एक तगड़ा झटका हो सकता है. सरफराज के पर्थ टेस्ट में खेलने पर संकट के बादल भी मंडराने लगे हैं. हालांकि उम्मीद है कि राहुल की तरह सरफराज भी पर्थ टेस्ट के लिए फिट हो जाएंगे.
ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय स्क्वॉड: रोहित शर्मा (कप्तान), जसप्रीत बुमराह (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, अभिमन्यु ईश्वरन, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर.
पहले टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया का स्क्वॉड: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, उस्मान ख्वाजा, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, मिचेल मार्श, नाथन मैकस्वीनी, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क.

बस्तर ओलंपिक 2024 : पहले चरण में विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन जारी

15-Nov-2024
जगदलपुर।( शोर  संदेश ) बस्तर संभाग जनजातीय बाहुल्य एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र है,यहां खेल क्षेत्र में अपार नैसर्गिक क्षमता विद्यमान है। इस क्षेत्र में शासन एवं जनता के मध्य मजबूत संबंध स्थापित कर यहां के युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने सहित उनके रचनात्मक एवं खेल प्रतिभा को पहचानकर खिलाड़ी के रूप में तैयार करने हेतु बस्तर ओलम्पिक 2024 आयोजन किया जा रहा है।
किसी भी खिलाडी को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक बेहतर मंच की हमेशा तलाश रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार ने बस्तर संभाग के अंदरूनी इलाकों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बस्तर ओलंपिक 2024 के रूप में एक अवसर दिया है जिसमें खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को निखारते हुए बड़े अवसर की ओर बढ़ सकते हैं। बस्तर ओलंपिक में अपनी खेल विधा में सहभागिता के लिए लगभग एक लाख 70 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन करवाया है। ओलंपिक के पहला चरण विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन संभाग के सभी जिलों में आयोजित किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक के खेल विधाएं में एथलेटिक्स,लंबी कूद, ऊंची कूद,शॉटपूट, डिस्कस थ्रो, जैवेलिन थ्रो, रिलेरेस, तीरंदाजी, कबड्डी, बैडमिन्टन, खो-खो, फुटबॉल, वालीबॉल, रस्साकसी, कराटे जैसी विधा शामिल हैं। वहीं सुविधाओं की उपलब्धता के दृष्टिकोण से केवल जिला स्तर पर हॉकी एवं वेटलिफ्टिंग की स्पर्धा हो रही है। बस्तर ओलंपिक का आयोजन विकासखण्ड स्तर, जिला स्तर और संभाग स्तर पर किया जाएगा।
   बस्तर जिले के दरभा विकासखंड के विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में कोलेंग, मुंडागढ़, चांदामेटा, पखनार, चन्द्रगिरी जैसे दूरस्थ अंदरूनी ईलाके के खिलाड़ियों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इन खिलाड़ियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक ने हम ग्रामीण युवाओं को एक अच्छा मौका दिया जो हम गांव के युवा आपस में बॉलीबाल खेलते थे। पहली बार गांव के खिलाड़ियों को विकासखंड स्तर पर खेलने का अवसर मिला और हमारी टीम उप विजेता रही। उन्होंने कहा कि खेल के माध्यम से दूसरे क्षेत्र के खिलाड़ियों से संपर्क और खेल गतिविधियों के द्वारा अपने खेल को निखारने का अवसर मिल रहा है। छिंदगुर (कोलेंग) की व्हालीबॉल टीम में सम्मिलित सामूराम, घासीराम, मोतीराम नाग आदि युवाओं ने बस्तर ओलम्पिक के इस महत्ती आयोजन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल को सकारात्मक निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। वहीं ग्रामीण स्तर पर बेहतर आयोजन के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।

बस्तर ओलंपिक ने वनांचल के युवाओं को दिया नया मंच, खेलों में बढ़ा उत्साह

14-Nov-2024
रायपुर।  ( शोर  संदेश ) जनजातीय बाहुल्य और माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग में खेल के माध्यम से विकास और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर ओलंपिक-2024 का आयोजन किया गया है। इस आयोजन को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है, जिसमें सुदूर गांवों से आए युवा अपने खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस पहल को जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक खेलों के संरक्षण के साथ ही, युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।
नारायणपुर जिले में विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 16 नवंबर तक किया जा रहा है, जिसमें नारायणपुर विकासखंड हेतु प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 11 नवंबर तक नारायणपुर के परेड ग्राउंड और खेल परिसर में किया गया, जिसमें जिले के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ओरछा विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता 14 से 16 नवंबर तक, फिर 19 से 21 नवंबर तक जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिले भर के खिलाड़ियों को भाग लेने को मौका मिलेगा।
नारायणपुर में हुए आयोजन में बोरावण्ड गांव से आए युवाओं ने बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम में भाग लेकर अत्यधिक आनंद मिल रहा है। खिलाड़ियों ने बताया कि यहां उन्हें ठहरने, भोजन, पेयजल और ड्रेस जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बोरावण्ड के खिलाड़ी जयसिंह, रजनु यादव, अमर सिंह मंडावी, सियालाल नाग और उनके साथी बस्तर ओलंपिक में अपने खेल को निखारने के इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के सुदूर पहुंचविहीन गांव के प्रतिभावान युवाओं के खेल प्रतिभा को निखारने के लिए यह उनकी सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि कबड्डी पुरुष वर्ग में उनकी टीम ने विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए उन्हें ट्रॉफी, मेडल और टीम को ड्रेस प्रदान किया गया। जिला स्तर के आगामी आयोजन के लिए उनकी टीम अत्यधिक उत्साहित है और श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री की पहल से अबूझमाड़ में आया सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है। इस क्षेत्र में माओवादी घटनाओं में कमी आई है और लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर हो रहा है। अबूझमाड़ के संवेदनशील इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और उप-स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। ईरकभट्टी, मसपुर और गारपा जैसे दूरस्थ गांवों तक अब पक्की सड़कें बन चुकी हैं, जिससे इन गांवों के निवासियों को शहरों और बाजारों से जोड़ने में आसानी हो रही है। नारायणपुर से गारपा और मसपुर तक बस सेवाओं की शुरुआत भी इस क्षेत्र के विकास में एक अहम कदम है, जिससे लोगों को यातायात में सहूलियत मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय के कुशल नेतृत्व और विकासोन्मुख नीतियों का सकारात्मक असर अबूझमाड़ के जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सुरक्षा में वृद्धि, सड़क संपर्क, और विभिन्न सुविधाओं की उपलब्धता ने यहां के निवासियों को राजधानी और अन्य शहरी क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य किया है। अबूझमाड़ के लोग अब अपने गांवों में रहते हुए भी बेहतर अवसर प्राप्त कर रहे हैं और विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से एक मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से भी सशक्त बनाते हैं। उनके नेतृत्व में बस्तर संभाग में खेल प्रतिभा के विकास और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का यह प्रयास प्रशंसनीय है। 

बस्तर ओलंपिक: युवाओं के साथ महिलाएं भी दिखा रहीं अपनी प्रतिभा

13-Nov-2024

जगदलपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने सहित उनकी खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इस अनूठी पहल का उद्देश्य पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना, खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर उनके विकास का मार्ग प्रशस्त करना है। गांव-गांव से सीधे विकाखण्ड स्तर पर खेलने आये लोगों में उल्लास और जोश का संचार कर रहा है, जिसमें बच्चे, बड़े, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बड़े उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में कबड्डी, ऊंची कूद, लंबी कूद, रस्साकसी, खो-खो, फुटबाल, व्हालीबाॅल और तीरंदाजी जैसे खेल विधा शामिल किए गए हैं। इन खेलों का आयोजन न केवल बच्चों और युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है बल्कि महिलाओं और बुजुर्गों में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। वर्तमान में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में बस्तर ओलम्पिक 2024 का आयोजन से बड़ी संख्या में युवाओं के साथ ही आम नागरिक उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें करीब एक लाख 70 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है।
बस्तर ओलंपिक में स्थानीय खेलों को विशेष महत्व दिया गया है। इनमें कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, और विभिन्न ग्रामीण खेल शामिल हैं, जो स्थानीय युवाओं की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं। इन खेलों में भाग लेकर युवा अपनी परंपराओं को आगे बढ़ा रहे हैं और अपनी जड़ों से जुड़े रह रहे हैं। बस्तर जिले के दरभा विकासखण्ड अंतर्गत चिंगपाल में आयोजित खण्ड स्तरीय बस्तर ओलम्पिक स्पर्धा में अंदरूनी दूरस्थ क्षेत्र मुण्डागढ़ निवासी युवक शोभाराम नाग ने सीनियर वर्ग तीरंदाजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया और अब जिला स्तरीय बस्तर ओलम्पिक में अपनी श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने संकल्प व्यक्त करते बताया कि खेती-किसानी से जुड़े परिवार का होने के कारण स्वयं गांव में ही अभ्यास जारी रखा है। अब पहली बार पुरस्कार मिलने से वह उत्साहित है और निरंतर अभ्यास के द्वारा खुद के क्षमता में सुधार करने के साथ बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करेगा। इसी तरह सुदूर ईलाके पखनार की ग्रामीण महिला कमली ने सीनियर वर्ग 100 मीटर दौड़ में पहला स्थान अर्जित करने पर कहा कि अब अभ्यास के लिए और ज्यादा ध्यान देंगी। वहीं पखनार के ही मनीराम ने सीनियर वर्ग लम्बी कूद में प्रथम स्थान हासिल करने पर खुशी जताते कहा कि अब जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। इन खिलाड़ियों के साथ ही उक्त क्षेत्र के अन्य युवाओं ने भी विभिन्न खेल विधा में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर अपनी श्रेष्ठता साबित की। ज्ञात हो कि बस्तर जिले के दरभा विकासखण्ड अंतर्गत उक्त दूरस्थ ईलाके पहले धुर माओवाद प्रभावित क्षेत्र थे लेकिन अब सुरक्षा बलों के कैम्प खुलने से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास से इन क्षेत्रों में बदलाव की बयार बह रही है और लोग समाज की मुख्यधारा में जुड़कर प्रदेश की विकास में सहभागिता निभा रहे हैं।
बस्तर ओलंपिक के आयोजन से न केवल खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा है, बल्कि उन्हें कैरियर के नए अवसर के लिए प्रोत्साहन भी मिला है। खेलों के इस आयोजन में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न स्तरों पर आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा, जिससे वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने खेल कौशल का प्रदर्शन कर सकेंगे।
बस्तर ओलंपिक एक नई सुबह की तरह है, जो बस्तर के युवाओं को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान कर रहा है। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि खेल न केवल शारीरिक या मानसिक लाभ देता है, बल्कि सामाजिक बदलाव के लिए भी सार्थक पहल साबित हो रहा हैं।


फ़रसगांव में विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलम्पिक का शुभारंभ

13-Nov-2024

कोंडागांव ( शोर संदेश )। जिले के फ़रसगांव में बुधवार को विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलम्पिक प्रतियोगिता का शुभारंभ केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम के मुख्य आतिथ्य एवं गणेश दुग्गा की अध्यक्षता में आदर्श विद्यालय के खेल मैदान में हुआ। इस दौरान उन्होंने सभी खिलाड़ियों को लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने क्षेत्र का नाम रोशन करें।
इस दौरान  विधायक टेकाम और कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मैदान में पहुंचकर खो खो खेल के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और अच्छे प्रदर्शन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया। आज के खेल  में 14 से 17 आयु वर्ग के महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने  खो खो एवं  रस्सा कसी प्रतियोगिता में कुल 328 प्रतिभागियों ने अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया। निर्धारित स्थल में कल बॉलीबॉल और कबड्डी खेल का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत कोंडागांव, एस डी एम फरसगांव और सीईओ जनपद फरसगांव उपस्थित थे।


रोहित शर्मा अनुपस्थिति में कौन होगा ऑस्ट्रेलिया सीरीज में कप्तान, यह भारत की संभावित प्लेइंग-11

12-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  जीलैंड के खिलाफ अपने घर में क्लीन स्वीप से टेस्ट सीरीज हारने के बाद अब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी. मगर इससे पहले भारतीय टीम के लिए एक बुरी खबर सामने आई है.
कप्तान रोहित शर्मा पहले टेस्ट में नहीं खेल सकेंगे. भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने सोमवार (11 नवंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित की गैरमौजूदगी समेत बाकी तमाम सवालों के जवाब दिए. उन्होंने यह भी बताया कि रोहित नहीं रहेंगे तो कप्तानी कौन करेगा और ओपनिंग में मोर्चा कौन संभालेगा.
गंभीर ने कहा, 'रोहित शर्मा के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है. उम्मीद है कि वह उपलब्ध होंगे. सीरीज शुरू होने से पहले आपको सब कुछ पता चल जाएगा.' इस तरह कोच गंभीर ने सीधे तौर पर तो नहीं कहा, लेकिन यह साफ है कि रोहित पहले टेस्ट से बाहर ही रहेंगे. वो अब तक ऑस्ट्रेलिया भी नहीं पहुंचे हैं.
ओपनिंग में कौन मोर्चा संभालेगा? इसको लेकर कोच ने कहा, 'रोहित शर्मा के उपलब्ध न होने पर केएल राहुल और अभिमन्यु ईश्वरन हमारे लिए ओपनिंग विकल्प हैं. मैं आपको प्लेइंग-11 के बारे में नहीं बता सकता, हम बेस्ट कॉम्बिनेशन के साथ उतरेंगे.' इसके अलावा कप्तानी को लेकर गंभीर ने कहा, 'बुमराह उप-कप्तान हैं. इसलिए रोहित की अनुपस्थिति में वह निश्चित रूप से कप्तान होंगे.'
कोच गंभीर ने केएल राहुल को लेकर बड़ी बात कही. उन्होंने कहा, 'केएल राहुल ओपनिंग कर सकते हैं. वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं, वह नंबर-6 पर भी बल्लेबाजी कर सकते हैं. यह अच्छी बात है, बहुत सारे खिलाड़ी ऐसे विकल्प नहीं दे सकते हैं.' इस बयान से समझ सकते हैं कि राहुल पहले टेस्ट में 5वें नंबर पर आ सकते हैं. जबकि कोच ओपनिंग में यशस्वी जायसवाल को हटाना नहीं चाहेंगे. उनके साथ अभिमन्यू को भेजा जा सकता है.
पहले टेस्ट के लिए भारत की संभावित प्लेइंग-11

यशस्वी जायसवाल, अभिमन्यु ईश्वरन, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल/सरफराज खान, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, अश्विन, जसप्रीत बुमराह (कप्तान), मोहम्मद सिराज और हर्षित राणा.

भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा (नवंबर 2024 - जनवरी 2025)

22-26 नवंबर: पहला टेस्ट, पर्थ
6-10 दिसंबर: दूसरा टेस्ट, एडिलेड
14-18 दिसंबर: तीसरा टेस्ट, ब्रिस्बेन
26-30 दिसंबर: चौथा टेस्ट, मेलबर्न
03-07 जनवरी: पांचवा टेस्ट, सिडनी

खेल विधाओं में खिलाड़ियों ने किया उत्साहजनक प्रदर्शन, ग्रामीण महिलाओं ने रस्साकसी में दिखाया दमखम

11-Nov-2024
सुकमा। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ शासन की ओर से बस्तर के युवाओं को खेलों के माध्यम से मुख्यधारा में जोड़ने के उद्देश्य से भव्य और व्यापक रूप में बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया जा रहा है। 
इस आयोजन के अंतर्गत कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ नम्रता जैन के मार्गदर्शन में जिले के तीनों विकासखंड  सुकमा, कोंटा, और छिंदगढ़ के मुख्यालयों में 10 नवंबर से 15 नवंबर 2024 तक विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को विकासखण्ड सुकमा अंतर्गत केरलापाल, रामाराम, चिकपाल, गोलाबेकुर, कोयाबेकुर, पोंगाभेज्जी, बडेसट्टी, सिरसट्टी, फुलबगड़ी, विकासखंड छिन्दगढ़ के कूकानार, बोदारास, बोकड़ओडर, इड़जेपाल, गोरली, पेंदलनार, अधिकारीरास, कुन्दनपाल, कुन्ना, मिचवार, पुसगुन्ना डब्बा, पेदारास, डोलेरास, टांगररास और विकासखंड कोण्टा अंतर्गत दोरनापाल, मिसमा, दुब्बाटोटा, पुनपल्ली, सामसट्टी,बगडेगुडा, गोगुण्डा, गोरगुण्डा, नागलगुण्डा, पोलमपल्ली के  खिलाड़ी एवं नागरिकगण शामिल हुए। ओलंपिक खेल में  कबड्डी, बॉलोबॉल, खो खो, ऐथलंटिक्स., लंबी कूद. उच्ची कूद, रास्सा कसी (महिला) बैडमिंटन एवं कराटे इंदौर में, तावा फेक, गोला फेक, भाला फेक, तीरंदाजी जैसे खेल शामिल है।

राज्यस्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में बीएसपी की बालिका टीम ने जीता रजत पदक

10-Nov-2024
भिलाई।   ( शोर संदेश )  भिलाई इस्पात संयंत्र की खो-खो बालिका टीम ने हाल ही में आयोजित 10वीं जूनियर राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ एमेच्योर खो-खो संघ एवं जिला एमेच्योर खो-खो संघ, राजनांदगांव द्वारा 5 से 7 नवंबर तक लाटमेटा, जिला राजनांदगांव में आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों की टीमों ने भाग लिया। बीएसपी टीम ने सेमीफाइनल में बिलासपुर की टीम को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में दुर्ग जिले की टीम से कड़े मुकाबले के बाद 2 अंकों से हार का सामना करते हुए उपविजेता का खिताब प्राप्त किया।
बीएसपी टीम की खिलाड़ी कुमारी झमीता साहू को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 'बेस्ट प्लेयर अवॉर्ड से नवाजा गया। टीम का नेतृत्व कप्तान कुमारी अनुराधा सिंह ने किया और झमीता साहू, नम्रता यादव, सिमरन देशलहरा, युक्ता सिंह, रोशनी, अनादिता, खुशबू, उर्मिला, गिरिजा, खुशी सूर्यवंशी, और क्रिनशी गजपाल ने मिलकर शानदार खेल का प्रदर्शन किया।
टीम के कोच सिकंदर भारती और प्रबंधक कुसुम मांझी के कुशल मार्गदर्शन ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बीएसपी खो-खो क्लब के अध्यक्ष एवं भिलाई इस्पात संयंत्र के पर्यावरण विभाग के महाप्रबंधक संजय कुमार ने टीम की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा, बीएसपी खो-खो क्लब की बालिका टीम ने अपनी मेहनत, समर्पण और उत्कृष्ट खेल कौशल से यह गौरवपूर्ण सफलता अर्जित की है। उन्होंने कहा कि भिलाई ऐसा स्थान है जहां खिलाडिय़ों को बेहतरीन प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
भिलाई के खिलाडिय़ों ने न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्षन कर भिलाई और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। बधाई और सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ खो-खो संघ के अध्यक्ष कमलजीत अरोरा ने विजेता खिलाडिय़ों को बधाई दी। महासचिव तरुण शुक्ला द्वारा खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करने हेतु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। 8 से 10 नवंबर तक झीट, पाटन में एडवेंचर ट्रॉफी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के शीर्ष 10 जूनियर बालिका क्लब और 10 सब-जूनियर बालक क्लब हिस्सा ले रहे हैं।
सेंट्रल एवेन्य, सेक्टर-4 स्थित बीएसपी खो-खो क्लब के खेल मैदान का रखरखाव नगर प्रशासन, खेल एवं सांस्कृतिक विभाग द्वारा किया जाता है। मैदान में दो कमरों के साथ एक हॉल और शौचालय की सुविधा भी है। ग्रामीण क्षेत्र के एवं आस-पास के गांवों के गरीब बच्चों के लिए बीएसपी खो-खो क्लब का सेंट्रल एवेन्यू स्थित खेल मैदान नियमित अभ्यास का केंद्र है। इन बच्चों में से कई ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर भिलाई का नाम रोशन किया है। बीएसपी इन बच्चों को अत्याधुनिक खेल सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 


रिद्धिमान साहा ने सन्यास का किया ऐलान, रणजी ट्रॉफी होगा अंतिम सत्र

04-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  रिद्धिमान साहा रणजी ट्रॉफी के मौजूदा संस्करण के बाद खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लेंगे। विकेटकीपर-बल्लेबाज साहा ने 2010 और 2021 के बीच 40 टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व किया और नौ टी20आई में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स, पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटन्स सहित विभिन्न पक्षों के लिए 170 इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों में भी हिस्सा लिया।
 

 


गंभीर की टीम इंडिया अपने ही घर में फेल, न्यूजीलैंड ने 3-0 से जीती टेस्ट सीरीज

03-Nov-2024
मुंबई। ( शोर संदेश )  न्यूजीलैंड ने मुंबई के वानखेड़े में खेले गए तीसरे और आखिरी टेस्ट में भारत को 25 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड की टीम ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत का सूपड़ा साफ कर दिया। भारत अपने घर में दो या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में दूसरी बार क्लीन स्वीप हुआ है। इससे पहले फरवरी 2000 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दो मैचों की सीरीज में 2-0 से हराया था। वहीं, भारत अपने घर में तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में पहली बार क्लीन स्वीप हुआ है। न्यूजीलैंड की टीम ने इतिहास रच दिया। न सिर्फ उन्होंने पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीती, बल्कि टीम इंडिया को क्लीन स्वीप भी किया।
न्यूजीलैंड ने भारत को 12 साल बाद अपने घर में टेस्ट सीरीज हारने पर मजबूर किया और साथ ही घर में लगातार 18 सीरीज जीतने का सिलसिला भी तोड़ा। खास बात तो यह रही कि न्यूजीलैंड की केन विलियम्सन के बिना यह टेस्ट सीरीज खेली है। साथ ही टॉम लाथम पहली बार टीम की कमान संभाल रहे थे। इन सबके बावजूद उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं, दूसरी तरफ यह भारतीय टीम का नए कोच गौतम गंभीर के अंदर बेहद खराब प्रदर्शन है। टीम उनके कोच बनने के बाद लगातार खराब प्रदर्शन कर रही है। बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद टीम इंडिया से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन टीम ने शर्मनाक प्रदर्शन किया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 235 रन बनाए थे। जवाब में भारत की पहली पारी 263 रन पर समाप्त हुई थी। भारत को 28 रन की बढ़त मिली थी। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 174 रन पर खत्म हुई और उन्होंने 146 रन की कुल बढ़त हासिल की। भारत के सामने 147 रन का लक्ष्य था, लेकिन भारतीय टीम 121 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने सबसे ज्यादा 64 रन बनाए, जबकि न्यूजीलैंड की ओर से एजाज पटेल ने छह विकेट लिए। 
न्यूजीलैंड भारत को तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप करने वाली चौथी टीम है। इससे पहले इंग्लैंड ने भारत को चार बार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है। न्यूजीलैंड ने 146 रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक बचाया। यह भारतीय सरजमीं पर डिफेंड किया गया दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले सिर्फ एक बार किसी टीम ने 150 से कम के लक्ष्य को बचाया था। 2004 में भारत ने ही वानखेड़े में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 107 का बचाव किया था।  
 


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