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एडिलेड डे नाइट टेस्ट : भारत की पहली पारी 180 रन पर सिमटी, मिचेल स्टॉर्क ने झटके 6 विकेट

07-Dec-2024
एडिलेड ( शोर संदेश )  । भारत ने यहां बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तहत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट (डे-नाइट) के पहले दिन अपनी पहला पारी में 180 रन बनाए। भारत के लिए नीतीश रेड्डी शीर्ष स्कोरर रहे, उन्होंने 42 रन बनाए। नीतीश के अलावा केएल राहुल ने 37, शुभमन गिल ने 31, रविचंद्रन अश्विन ने 22 और ऋषभ पंत ने 21 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टॉर्क ने 6 विकेट झटके।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मिचेल स्टॉर्क ने मैच की पहली ही गेंद पर पिछले मैच के शतकवीर यशस्वी जायसवाल (00) को एलबीडब्ल्यू कर भारत की शुरुआत बिगाड़ दी।
इसके बाद केएल राहुल और शुभमन गिल ने मिलकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े। खतरनाक दिख रही इस जोड़ी को स्टॉर्क ने अपने दूसरे स्पैल की पहली गेंद पर केएल राहुल को आउट कर तोड़ा। राहुल ने 37 रन बनाए। विराट कोहली कुछ खास नहीं कर सके और केवल 7 रन बनाकर स्टॉर्क का तीसरा शिकार बने।
स्कॉट बोलैंड ने इसके बाद 81 के कुल स्कोर पर शुभमन गिल को एलबीडब्ल्यू आउट कर भारत को चौथा झटका दिया। गिल ने 31 रन बनाए। 87 के कुल स्कोर पर बोलैंड ने रोहित शर्मा (03) को आउट कर भारत को पांचवां झटका दिया। 109 के कुल स्कोर पर पंत पैट कमिंस का शिकार बने। पंत ने 21 रन बनाए। यहां से नीतीश रेड्डी और रविचंद्रन अश्विन ने टीम का स्कोर 141 रन तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर स्टॉर्क ने अश्विन को आउट कर भारत को सातवां झटका दिया। अशअविन ने 22 रन बनाए। स्टॉर्क ने इसके बाद इसी ओवर में हर्षित राणा (00) को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किये।
राणा के आउट होने के बाद नीतीश रेड्डी ने अपने हाथ खोले और स्टॉर्क और बोलैंड को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बोलैंड के एक ओवर में 2 छक्के सहित 21 रन कूट डाले। इसी बीच जसप्रीत बुमराह (00) को कमिंस ने पवेलियन भेज दिया। 180 के कुल स्कोर पर स्टॉर्क की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में नीतीश ट्रैविस हेड को कैच दे बैठे। नीतीश ने 42 रनों की शानदार पारी खेली, उन्होंने अपनी पारी में 3 छक्के लगाए।
वहीं, स्टॉर्क ने पारी में 6 विकेट लिए, भारत के खिलाफ उन्होंने पहली बार एक पारी में 6 विकेट हासिल किये। स्टॉर्क के अलावा कप्तान पैट कमिंस और स्कॉट बोलैंड ने 2-2 विकेट लिए।
बता दें कि भारतीय टीम ने इस मैच के लिए अपनी टीम में तीन बदलाव किये। देवदत्त पडिकल, ध्रुव जुरेल और वाशिंगटन सुंदर की जगह टीम में कप्तान रोहित शर्मा, शुभमन गिल और रविचंद्रन अश्विन को शामिल किया गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने चोटिल जोश हेजलवुड की जगह स्कॉट बोलैंड को टीम में शामिल किया।

 


संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के लिए खिलाड़ी तैयार

06-Dec-2024

कोंडागांव ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग के युवाओं के खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल यहां के खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के लिए नया मंच मिल रहा है बल्कि यहां के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर भी मिला है। इसके अंतर्गत जिला स्तरीय प्रतियोगिता 20 से 24 नवंबर तक भव्य आयोजन हुआ, जिसमें जिले के सभी विकासखण्ड से लगभग 2000 खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। जिला स्तरीय आयोजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ी अब संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अपनी खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। जिले के खिलाड़ियों में संभाग स्तर पर खेलने के लिए जोश एवं उत्साह साफ दिखाई दे रहा है और इसके लिए खिलाड़ी अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गये हैं। कोण्डागांव जिले से विभिन्न खेलों में 368 खिलाड़ी भाग लेंगे।  

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के व्हॉलीबॉल खेल में कोण्डागांव विकासखण्ड के विजेता खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। कोण्डागांव विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गोलावंड के रहने वाले व्हालीबॉल टीम ने भी जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक में टीम भावना के साथ खेलते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जीत हासिल किया है। उनकी टीम के सभी सदस्य एक ही गांव के रहने वाले हैं, व्हालीबॉल खेल के प्रति ग्रामीण युवाओं के इसी जुनून के कारण उन्होंने टीम बनाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। अब टीम के सभी सदस्य संभाग स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

गोलावंड के युवा व्हॉलीबाल खेल में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। युवाओं का सपना है कि व्हॉलीबाल खेल के क्षेत्र में अपने कौशल का प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करें। उनके सपने को साकार करने की दिशा में बस्तर ओलम्पिक एक नई उम्मीद बनी है। टीम के कप्तान अलेख कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 09 से विद्यालयीन खेलों में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में शुरू से ही खेल का माहौल रहा है और इसी माहौल में पले-बढ़े हैं। उनके पिता पीलाराम कोर्राम भी अपने समय में एक अच्छे खिलाड़ी रह चुके हैं और जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता भी रहे चुके हैं। साथ ही उनकी माता सुनीता कोर्राम भी खिलाड़ी रह चुकी हैं। इसके अलावा उनका बड़ा भाई मनमोहन भी व्हॉलीबाल के खिलाड़ी हैं। इस तरह बचपन से ही खेल के प्रति लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार उन्हें जिला स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला है। अलेख ने उम्मीद जताया कि अपने टीम के साथ संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन करेंगे।

विशाल कोर्राम भी 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 07वीं से स्कूल के प्रतियोगिताओं में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में माता-पिता और चार भाई हैं। बस्तर ओलंपिक में उन्हें विकाखण्ड के साथ जिला स्तर पर स्तर पर पहली बार खेलने का मौका मिला है और उनकी टीम विजय हुई हैं। इसी प्रकार जशवंत कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 11वीं के छात्र हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से उन्हें पहली बार जिला स्तर के आयोजन में खेलने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक के आयोजन से उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए अच्छा मंच मिला है। टीम में युशांत सेठिया, यशवंत सेठिया, विशाल कोर्राम और अभिजित कोर्राम सहित गांव के अन्य युवा शामिल है। पढ़ाई के साथ खेल के प्रति समर्पण और जुनून ने आज ग्रामीण युवाओं को इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी युवा खिलाड़ियों उनकी प्रतिभा को नया मंच देने के लिए मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया।

बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से माओवाद ने विकास को बाधित किया था। युवा वर्ग जो कभी माओवाद के प्रभाव से मुख्य धारा से जुड़ नहीं पाए थे वे अब बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से खेलों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही ऐसे कई युवा हैं जो सेना में शामिल हो कर देश की रक्षा करने की सोच रखते हैं उनके सपनों में बस्तर ओलम्पिक ने पंख लगा दिए हैं। आज क्षेत्र के युवाओं ने खेलों में भागीदारी के माध्यम से न केवल अपनी क्षमताओं को पहचाना है, बल्कि अपने गांव, जिला और राज्य का नाम रोशन करने की ओर कदम बढ़ाया है। ऐसे में बस्तर ओलम्पिक का आयोजन ऐसे युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह न केवल राज्य के पारंपरिक खेलों को सहेजने और संवारने का माध्यम बना है, बल्कि युवाओं के भविष्य को गढ़ने में मददगार हो रहा है।  )। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग के युवाओं के खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल यहां के खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के लिए नया मंच मिल रहा है बल्कि यहां के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर भी मिला है। इसके अंतर्गत जिला स्तरीय प्रतियोगिता 20 से 24 नवंबर तक भव्य आयोजन हुआ, जिसमें जिले के सभी विकासखण्ड से लगभग 2000 खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। जिला स्तरीय आयोजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ी अब संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अपनी खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। जिले के खिलाड़ियों में संभाग स्तर पर खेलने के लिए जोश एवं उत्साह साफ दिखाई दे रहा है और इसके लिए खिलाड़ी अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गये हैं। कोण्डागांव जिले से विभिन्न खेलों में 368 खिलाड़ी भाग लेंगे।  

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के व्हॉलीबॉल खेल में कोण्डागांव विकासखण्ड के विजेता खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। कोण्डागांव विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गोलावंड के रहने वाले व्हालीबॉल टीम ने भी जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक में टीम भावना के साथ खेलते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जीत हासिल किया है। उनकी टीम के सभी सदस्य एक ही गांव के रहने वाले हैं, व्हालीबॉल खेल के प्रति ग्रामीण युवाओं के इसी जुनून के कारण उन्होंने टीम बनाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। अब टीम के सभी सदस्य संभाग स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

गोलावंड के युवा व्हॉलीबाल खेल में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। युवाओं का सपना है कि व्हॉलीबाल खेल के क्षेत्र में अपने कौशल का प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करें। उनके सपने को साकार करने की दिशा में बस्तर ओलम्पिक एक नई उम्मीद बनी है। टीम के कप्तान अलेख कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 09 से विद्यालयीन खेलों में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में शुरू से ही खेल का माहौल रहा है और इसी माहौल में पले-बढ़े हैं। उनके पिता पीलाराम कोर्राम भी अपने समय में एक अच्छे खिलाड़ी रह चुके हैं और जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता भी रहे चुके हैं। साथ ही उनकी माता सुनीता कोर्राम भी खिलाड़ी रह चुकी हैं। इसके अलावा उनका बड़ा भाई मनमोहन भी व्हॉलीबाल के खिलाड़ी हैं। इस तरह बचपन से ही खेल के प्रति लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार उन्हें जिला स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला है। अलेख ने उम्मीद जताया कि अपने टीम के साथ संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन करेंगे।

विशाल कोर्राम भी 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 07वीं से स्कूल के प्रतियोगिताओं में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में माता-पिता और चार भाई हैं। बस्तर ओलंपिक में उन्हें विकाखण्ड के साथ जिला स्तर पर स्तर पर पहली बार खेलने का मौका मिला है और उनकी टीम विजय हुई हैं। इसी प्रकार जशवंत कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 11वीं के छात्र हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से उन्हें पहली बार जिला स्तर के आयोजन में खेलने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक के आयोजन से उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए अच्छा मंच मिला है। टीम में युशांत सेठिया, यशवंत सेठिया, विशाल कोर्राम और अभिजित कोर्राम सहित गांव के अन्य युवा शामिल है। पढ़ाई के साथ खेल के प्रति समर्पण और जुनून ने आज ग्रामीण युवाओं को इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी युवा खिलाड़ियों उनकी प्रतिभा को नया मंच देने के लिए मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया।
बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से माओवाद ने विकास को बाधित किया था। युवा वर्ग जो कभी माओवाद के प्रभाव से मुख्य धारा से जुड़ नहीं पाए थे वे अब बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से खेलों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही ऐसे कई युवा हैं जो सेना में शामिल हो कर देश की रक्षा करने की सोच रखते हैं उनके सपनों में बस्तर ओलम्पिक ने पंख लगा दिए हैं। आज क्षेत्र के युवाओं ने खेलों में भागीदारी के माध्यम से न केवल अपनी क्षमताओं को पहचाना है, बल्कि अपने गांव, जिला और राज्य का नाम रोशन करने की ओर कदम बढ़ाया है। ऐसे में बस्तर ओलम्पिक का आयोजन ऐसे युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह न केवल राज्य के पारंपरिक खेलों को सहेजने और संवारने का माध्यम बना है, बल्कि युवाओं के भविष्य को गढ़ने में मददगार हो रहा है।


वनरक्षक बनने युवा उत्साह और ऊर्जा के साथ भर्ती में हो रहे शामिल

06-Dec-2024

राजनांदगांव ( शोर संदेश  )। युवा अभ्यर्थी उत्साह और ऊर्जा के साथ वनरक्षक बनने के लिए शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण कार्यक्रम मिनी स्टेडियम बजरंगपुर नवागांव में शामिल हो रहे है। वन एवं जलवायु विभाग द्वारा वनरक्षक के 1484 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किया गया है। वनमंडलाधिकारी आयुष जैन ने बताया कि वनमंडल राजनांदगांव एवं खैरागढ़ वनमंडल को आबंटित 107 वनरक्षक पदों के लिए 42 हजार 666 अभ्यर्थियों का शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण मिनी स्टेडियम बजरंगपुर नवागांव में किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले के लिए 48 वनरक्षक पद और खैरागढ़ जिले के लिए 59 वनरक्षक पदों के लिए भर्ती की जा रही है। राजनांदगांव जिले के 26 हजार और खैरागढ़ जिले के 16 हजार से अधिक अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया गया है। इसमें लगभग 11 हजार महिला अभ्यर्थी शामिल है। अभ्यर्थियों के लिए जारी प्रवेश पत्र में समय एवं तिथि अंकित किया गया है। उसी के अनुसार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। लिखित परीक्षा के लिए पद के विरूद्ध 15 अनुपात में वरिष्ठता की सूची के आधार पर चयन किया जाएगा। शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण में कुल 100 अंक एवं लिखित परीक्षा के लिए 100 अंक निर्धारित है। अभ्यर्थियों का शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण की कार्रवाई 25 नवम्बर 2024 से लगातार चल रहा है। शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण 14 दिसम्बर 2024 तक चलेगा। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों को महिला वर्ग के लिए 200 मीटर एवं पुरूष वर्ग के लिए 800 मीटर की दौड़, लंबीकूद व गोला फेंक किया जा रहा है।

एसडीओ वन योगेश साहू ने बताया कि वनरक्षक भर्ती शारीरिक दक्षता परीक्षा को शांति पूर्ण तरीके से कराने वन विभाग एवं सुरक्षा टीम भी तैनात है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शितापूर्वक किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटराईज्ड तरीके से किया जा रहा है। सभी शारीरिक नापजोख में सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। दौड़ के समय अभ्यर्थियों के पैर में चिप लगाकर आधुनिक तरीके से दौड़ का आकलन किया जा रहा है। गोला फेंक और लंबी कूद का माप सेंसर के माध्यम से किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालन के लिए 250 अधिकारी-कर्मचारी शामिल है। शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण हेतु पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश-पत्र जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थियों निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित हो सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं हुआ है वे अपना प्रवेश पत्र विभागीय वेबसाईट से डाउनलोड कर सकते हैं।


जिला स्तरीय स्पोर्ट्स इवेंट में 214 दिव्यांग बच्चों ने लिया हिस्सा

05-Dec-2024

कांकेर ( शोर संदेश  )। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार एवं कांकेर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा समावेशी शिक्षा के तहत् जिले के शालाओं में अध्यनरत कक्षा 1ली से 12वीं तक के दिव्यांग बच्चों में छिपी हुई प्रतिभा को निखारने, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय स्पोर्ट्स इवेंट खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन ग्राम कोदाभाट में किया गया। इवेंट का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मत्स्य बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा और विशिष्ट अतिथि के तौर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष रामचरण कोर्राम कोदाभाट सरपंच उपस्थित थे। कार्यक्रम में सभी सातों विकासखण्डों से 164 व श्रवण एवं दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय कोदाभाट के 50 इस प्रकार कुल 214 दिव्यांग बच्चे शामिल हुए।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में विकासखण्ड अंतागढ. के 26, भानुप्रतापपुर के 16, चारामा के 14, दुर्गूकोंदल के 14, कांकेर के 43, नरहरपुर के 37, कोयलीबेड़ा के 14 एवं श्रवण दृष्टि बाधित विद्यालय कोदाभाट से 50 बच्चें शामिल हुए। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए रंगोली, चित्रकला, 100 मीटर दौड़, 50 मीटर दौड़, जलेबी दौड़, कुर्सी दौड़, लम्बी कूद, मिश्रित मोतियों को अलग करना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने अपनी शानदार प्रतिभा को साबित करते हुए प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी कड़ी में प्राथमिक स्तर पर 50 मीटर दौड़ बालक में प्रथम मलसाय नेताम, द्वितीय संजूकुमार और बालिका वर्ग में प्रथम कु. गुंजन गावड़े, द्वितीय कु. प्रियंका मण्डावी रहीं। कुर्सी दौड़ में प्रथम हिमांशु कोड़ोपी, द्वितीय अनिल कुमार उइके और दृष्टि बाधित बच्चों के लिए मिश्रित मोतियो को अलग करने में प्रथम कु. पायल तथा पीहू द्वितीय स्थान पर रहीं। इसी प्रकार से माध्यमिक बालक वर्ग लम्बी कूद में प्रथम डेविड मोरे, द्वितीय रोहन सलाम, बालिका वर्ग में प्रथम सौम्या चक्रधारी, द्वितीय भवनी रसिया, 100 मीटर दौड़ में प्रथम जितेन्द्र विश्वकर्मा, द्वितीय राजेश नाग, बालिका वर्ग में निशा तुलानी प्रथम व आकृति राय द्वितीय स्थान प्राप्त किए। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के चित्रकला, पेन्टिग, रंगोली, एकल, सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कराया गया, जिसमें चित्रकला में प्रथम रियानी नेताम, द्वितीय लिजिया पुजारी और रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम कु. ईवानी हिचामी एवं द्वितीय गीतांजली कुलदीप रहीं।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर विधायक आशाराम नेताम शामिल हुए और सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि दिव्यांग बच्चे सामान्य बच्चों की अपेक्षा अधिक कुशल व ऊर्जावान वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे अपनी दिव्यांगता को कभी भी कमजोरी न समझें, बल्कि उसे अपना ढाल बनाकर आगे बढ़ें।


आईएसएलः मुम्बई सिटी एफसी के वर्चस्व को चुनौती देगी ओडिशा एफसी

05-Dec-2024
भुवनेश्वर। ( शोर संदेश )  मुम्बई सिटी एफसी और ओडिशा एफसी इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2024-25 में दूसरी बार भिड़ेंगी, जब जगरनॉट्स गुरुवार को शाम 7:30 बजे अपने घरेलू मैदान कलिंगा स्टेडियम में खेले जाने वाले रिवर्स फिक्स्चर मुकाबले में आइलैंडर्स की मेजबानी करेंगे।
दोनों टीमों के बीच अक्टूबर में मुम्बई में खेला गया इस सीजन का पहला मुकाबला 1-1 से ड्रा रहा था। लेकिन दोनों की नजरें आगामी मुकाबले में पूरे तीन अंक जीतने पर होंगी।ओडिशा एफसी 10 मैचों में चार जीत, तीन ड्रा और तीन हार से 15 अंक लेकर तालिका में तीसरे स्थान पर है। जबकि मुम्बई सिटी एफसी नौ मैचों में तीन जीत, चार ड्रा और दो हार से 13 अंक लेकर तालिका में आठवें स्थान पर है।
गोल स्कोरिंग स्ट्रीक: जगरनॉट्स ने अपने पिछले 10 घरेलू आईएसएल मैचों में से प्रत्येक में गोल किया है। वे आगामी मैच में गोल करते ही दिसंबर 2019 और दिसंबर 2022 के बीच लगातार 11 घरेलू मैचों में गोल करने के अपने रिकॉर्ड की बराबरी करेंगे।
आक्रमण में धार: इस सीजन में 12.68 के अपेक्षित गोल (xG) योग से 23 गोल के साथ, ओडिशा एफसी लीग में उच्चतम xG अंतर (+10.32) का दावा करता है, जो उनकी असाधारण फिनिशिंग क्षमता को दर्शाता है।
आइलैंडर्स का रक्षात्मक अनुशासन और अपराजित सिलसिला: आइलैंडर्स ओडिशा एफसी के खिलाफ अपने पिछले छह मैचों (4 जीते, 2 ड्रा) से अपराजित है।
बिपिन सिंह का प्रभाव: बिपिन सिंह का ओडिशा एफसी के खिलाफ नौ गोल (7 गोल और 2 असिस्ट) में योगदान के साथ शानदार रिकॉर्ड रहा है।
आईएसएल में दोनों टीमों के बीच 11 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से मुम्बई सिटी एफसी ने छह मैच जीते हैं, जबकि ओडिशा एफसी तीन बार विजयी हुई है। दो मैच ड्रा रहे।
ओडिशा एफसी के स्पेनिश हेड सर्जियो लोबेरा ने कहा कि जगरनॉट्स मुम्बई सिटी की ताकत से प्रभावित नहीं होंगे बल्कि अपनी खेल फिलॉस्फी पर कायम रहेंगे।
उन्होंने कहा, “हम अपनी खेल शैली व ताकत जानते हैं और हमें उसके अनुसार खेलना होगा। टीम कल के मैच के लिए तैयार है।”
जगरनॉट्स को गोल करने से रोकने का तरीका खोजने की जरूरत है
मुम्बई सिटी एफसी के चेक हेड कोच पीटर क्रेटकी के अनुसार, ओडिशा एफसी के गोल के सिलसिले को रोकने के लिए आइलैंडर्स को रक्षात्मक मजबूती की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “ओडिशा एफसी ने अपने पिछले दो मैचों में 10 गोल किए हैं। हमें उसको रोकने का तरीका ढूंढना होगा और हमें अपनी खेल शैली पर भी खरा उतरना होगा।”

 


ब्रजेश ने शानदार गेंदबाजी के साथ ही की धुआंधार बल्लेबाजी, लखनऊ एकेडमी ने जीता मैच

04-Dec-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश ) बाबू बनारसी दास क्रिकेट लीग के सी डिवीजन में लखनऊ क्रिकेट एकेडमी ने आर.के. सीनियर सेकेंड्री क्लब को सात विकेट से हरा दिया। इस मैच में ब्रजेश सिंह ने शानदार गेंदबाजी के साथ ही धुआंधार बल्लेबाजी भी की।

सीनियर सेकेंड्री ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 40 ओवर में 205 रन बनाये। सलामी बल्लेबाज शिवम ने 16 रन का योगदान दिया। वहीं अश्वनी कुमार ने 35 रन बनाये, जबकि सौनिक मित्रा ने 28 रन का योगदान दिया। वहीं लखनऊ क्रिकेट एकेडमी ने तीन विकेट खोकर 206 रन बना लिये और सात विकेट से मैच को जीत लिया। सलामी बल्लेबाज अक्षत मात्र एक रन बनाकर आउट हो गये। वहीं सैयद लबीब राजा ने नौ चौके और एक छक्के की मदद से 65 रन बनाये। ब्रजेश सिंह ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 12 चौके और एक छक्के की मदद से 47 बाल पर 62 रन बनाये। ब्रजेश ने गेंदबाजी करते हुए भी पांच विकेट झटके, वहीं अंकित पाल ने 54 रन का योगदान दिया।
 

 


शतक लगाकर लौट रहे विराट कोहली को गौतम गंभीर ने सीने से लगा लिया, बीसीसीआई ने शेयर किया इमोशनल वीडियो

25-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024 का पहला टेस्ट ऑप्टस क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। आखिरकार खराब फॉर्म में चल रहे विराट कोहली का बल्ला गरजा और इस तरह गरजा कि हर कोई देखते रह गया। किंग कोहली ने अपने आलोचकों को मुंह तोड़ जवाब दिया। विराट ने दूसरी पारी में 143 गेंद में अपना शतक पूरा किया। यह विराट कोहली के टेस्ट करियर का 30वां शतक था। इंटरनेशनल क्रिकेट में अब कोहली के नाम 81 शतक हो गए हैं। वहीं जब शतक लगाकर वापसी विराट कोहली ड्रेसिंग रूम में जा रहे थे तो उनके और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच काफी खास मोमेंट हुआ, जो कैमका में केद हो गया।
दरअसल, विराट कोहली के शतक पूरा करते ही भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 487 रन बनाकर अपनी पारी को घोषित कर दिया था। इसके बाद विराट कोहली सेंचुरी जड़कर वापसी ड्रेसिंग रूम में लौट रहे थे। सब उनको मुबारकबाद दे रहे थे। ऐसे में जैसे ही कोहली अंदर घुसते हैं तो सामने से गौतम गंभीर आ रहे होते हैं।
दोनों एक दूसरे को देखते हैं और गंभीर उनको ताली मारकर गले लगा लेते हैं। यह फैंस और दोनों दिग्गजों के लिए थोड़ा इमोशनल मोमेंट साबित हो सकता है। कोहली और गंभीर के रिश्ते आईपीएल के दौरान थोड़े खराब हो गए थे। दोनों मैदान पर एक दूसरे से भिड़े भी हैं। लेकिन अब दोनों का रिश्ता एक नया मोड़ ले चुका है।

पर्थ टेस्ट में बुमराह एंड कंपनी ने गाड़ा त‍िरंगा, दर्ज की ऑस्ट्रेल‍िया में सबसे बड़ी जीत, 47 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

25-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 (बीजीटी) के पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने क्या कमाल की जीत दर्ज की है... 'कमाल' इस ल‍िहाज से क्योंकि ज‍िस तरह टीम 150 रनों पर सिमट गई थी. उसके बाद जैसा कमबैक 'कैप्टन जसप्रीत बुमराह' के नेतृत्व में टीम इंड‍िया ने किया, वह यादगार रहेगा. भारत ने ऑस्ट्रेल‍ियाई धरती पर 295 रनों की जीत दर्ज की है. जो भारत की रनों के ल‍िहाज से सबसे बड़ी जीत है. अब यह जीत इत‍िहास के पन्नों में दर्ज हो गई है. भारतीय टीम अब बीजीटी में 1-0 से आगे है. 'प्लेयर ऑफ द मैच' कप्तान बुमराह रहे, ज‍िन्होंने इस मुकाबले में कुल 8 व‍िकेट झटके. 
इस मुकाबले में कप्तान बुमराह ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी चुनी. टीम इंड‍िया ने पहली पारी में 150 रन बनाए, लगा मैच में प‍िछड़ गए. पर इसके बाद भारतीय टीम ने कंगारू टीम को 104 रनों पर समेटा.. बुमराह ने पहली पारी में कंगारू  टीम के 5 व‍िकेट लेकर उनकी कमर तोड़ दी, उनको डेब्यूमैन हर्षि0त राणा और मोहम्मद स‍िराज का साथ म‍िला. दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल और विराट कोहली ने ऐसा काउंटर अटैक किया फ‍िर तो भारत की जीत सुन‍िश्चिीत हो गई.
दूसरी पारी भारतीय टीम ने 487/6 के स्कोर पर घोष‍ित की. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया के सामने 534 रनों का टारगेट था, पर वह टारगेट से 295 रन पीछे रह गई. यह भारत की ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर रनों के ल‍िहाज से सबसे बड़ी जीत है. ऑस्ट्रेल‍िया की टीम दूसरी पारी में 238 रनों पर स‍िमट गई. 
खास बात यह है कि पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में यह ऑस्ट्रेल‍ियाई टीम की 5 टेस्ट मैच में पहली हार है. वहीं इस मैदान में उस र‍िकॉर्ड की परंपरा भी कायम रही, ज‍िसके तहत यह कहा जाता है कि जो ऑप्टस में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करता है. वह मैच भी जीतता है. 
इससे पहले भारत ने ऑस्ट्रेल‍िया को उसके घर में 222 रनों से मात दी थी. 1977 में मेलबर्न टेस्ट में तब ऑस्ट्रेलियाई टीम 387 रनों के लक्ष्य के आगे 164 रनों पर ढेर हो गई थी. भारत के स्पिन दिग्गज भगवत चंद्रशेखर (6 विकेट) और बिशन सिंह बेदी (4 विकेट) ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को समेटा था. भारत ने अपनी दूसरी पारी 6 विकेट पर 487 रन बनाकर घोषित कर दी. 
इससे पूर्व ऑस्ट्रेल‍िया की टीम अपनी पहली पारी में 104 तो भारतीय टीम 150 रनों पर स‍िमट गई थी.  भारतीय टीम ने पिछले 2 दौरों पर ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया है. इस बार हैट्रिक का मौका है. इस 'महासीरीज' में कुल 5 मैच खेले जाने हैं. सीरीज का अगला टेस्ट अब 6 द‍िसंबर से एड‍िलेड में होगा.
534 रनों का टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत दूसरी पारी में बेहद खराब रही. डेब्यूटेंट नाथन मैकस्वीनी अपना खाता भी नहीं खोल सके और पारी के पहले ही ओवर में बुमराह का शिकार बने. फिर नाइटवाचमैन पैट कमिंस (2) को मोहम्मद सिराज ने पवेलियन लौटाया. तीसरे दिन का आखिरी विकेट मार्नस लाबुशेन (3) के रूप में गिरा, जो बुमराह का शिकार बने.
चौथे द‍िन जब खेल ऑस्ट्रेल‍िया ने 12/3 से शुरू किया. इसके बाद मोहम्मद स‍िराज ने उस्मान ख्वाजा (4) को द‍िन के दूसरे ही ओवर में  चलता कर द‍िया. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया को 17 रन के स्कोर पर चौथा झटका लगा. इसके बाद स्टीव स्मिओथ (17) और ट्रेव‍िस हेड ने 67 रनों की चौथे व‍िकेट के ल‍िए पार्टनरश‍िप की. लेकिन जब यह जोड़ी खतरनाक लग रही थी, तभी स‍िराज ने 79 के स्कोर पर स्मििथ को ऋषभ पंत के हाथों को कैच आउट करवा द‍िया. 
आखिरकार ट्रेव‍िस हेड (89) का विकेट गिरा, उन्हें जसप्रीत बुमराह ने विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों लपकवाया. हेड का व‍िकेट 161/6 के स्कोर पर ग‍िरा. इसके कुछ देर बाद ही म‍िचेल मार्श (47) रन पर आउट हुए. इस तरह ऑस्ट्रेल‍िया को सातवां झटका लगा. मार्श नीतीश रेड्डी का टेस्ट क्रिकेट में पहला व‍िकेट बने. 227 के स्कोर म‍िचेल स्टार्क (12) वॉश‍िंगटन सुंदर की फ‍िरकी में फंसकर आउट हुए. जो ऑस्ट्रेल‍िया टीम का आठवां झटका था. इसके बाद नाथन लायन भी इसी ओवर में 0 पर आउट हो गए. एलेक्स कैरी ऑस्ट्रेल‍ियन टीम की ओर से आउट होने वाले वाले आख‍िरी बल्लेबाज रहे. इस तरह भारत की जीत म‍िल गई. दूसरी पारी में भारत की ओर बुमराह, स‍िराज ने 3-3 और वॉश‍िंंगटन सुंदर ने 2 व‍िकेट लिए. वहीं हर्षिरत राणा और नीतीश रेड्डी को 1-1 सफलता म‍िली.  

भारत की दूसरी पारी में जायसवाल-कोहली के शतक
इस मुकाबले में भारत और ऑस्ट्रेल‍िया की पहली दो पार‍ियों में सभी 10 विकेट तेज गेंदबाजों ने निकाले. पहली पारी में नीतीश कुमार रेड्डी 41 रनों के साथ भारतीय टीम के सबसे बड़े स्कोरर रहे. जबक‍ि जोश हेजलवुड ऑस्ट्रेल‍िया की ओर से 4 व‍िकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे.

पर्थ में बजा कोहली-यशस्वी का डंका, रनचेज में ऑस्ट्रेल‍िया के 3 विकेट धड़ाम, मिला है ये बड़ा टारगेट

25-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ में शुरू हुआ. रविवार  (24 नवंबर) मैच का तीसरा द‍िन था. भारत ने अपनी दूसरी पारी 6 विकेट पर 487 रन बनाकर घोषित कर दी. यानी ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 534 का टारगेट मिला है, जिसका पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे दिन (24 नवंबर) स्टम्प तक तीन विकेट खोकर 12 रन बना लिए. उस्मान ख्वाजा 3 रन पर खेल रहे हैं. अब भारत जीत से सात विकेट दूर है.

भारत के लिए दूसरी पारी में विराट कोहली ने भी शानदार शतक (नाबाद 100) जड़ा. कोहली के टेस्ट करियर का ये 30वां और इस साल इंटरनेशनल मैचों में पहला शतक रहा. भारतीय टीम ने पिछले 2 दौरों पर ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में हराया है. इस बार हैट्रिक का मौका है. इस  'महासीरीज' में कुल 5 मैच खेले जाने हैं. सीरीज का अगला टेस्ट अब 6 द‍िसंबर से एड‍िलेड में होगा.

ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 3 विकेट ग‍िरे
टारगेट का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही. डेब्यूटेंट नाथन मैकस्वीनी अपना खाता भी नहीं खोल सके और पारी के पहले ही ओवर में बुमराह का शिकार बने. फिर नाइटवाचमैन पैट कमिंस (2) को मोहम्मद सिराज ने पवेलियन लौटाया. तीसरे दिन का आखिरी विकेट मार्नस लाबुशेन (3) के रूप में गिरा, जो बुमराह का शिकार बने.

इसके बाद देवदत्त पड‍िक्कल (25) खेलने आए, लेकिन वह अपनी पारी ज्यादा लंबी नहीं खींच सके और जोश हेजलवुड की गेंद पर स्टीव स्मि थ को कैच थमा बैठे. पड‍िक्कल जब आउट हुए तो उस समय भारतीय टीम का स्कोर 275/2 हो गया. जायसवाल और देवदत्त के बीच में दूसरे व‍िकेट के ल‍िए 74 रनों की साझेदारी हुई.

भारत को तीसरा झटका यशस्वी जायसवाल के रूप में लगा. उन्होंने 297 बॉल पर 161 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और तीन छक्के शामिल रहे. यशस्वी के टेस्ट करियर का ये चौथा शतक रहा. इसके बाद ऋषभ पंत (1) और ध्रुव जुरेल (1) कुछ खास नहीं कर पाए और जल्दी जल्दी आउट हो गए. यशस्वी जहां 313 के स्कोर पर तीसरे व‍िकेट के रूप में आउट हुए, वहीं 321 के स्कोर पर आते-आते भारत के 5 व‍िकेट ग‍िर गए. यानी 8 रन के अंदर भारत के 3 व‍िकेट ग‍िर गए.

यहां से विराट कोहली और वॉशिंगटन सुंदर ने भारत को फिर से संभाल लिया. कोहली ने तीन चौके और एक सिक्स की मदद से 94 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. सुंदर और कोहली के बीच छठे विकेट के लिए 89 रनों की साझेदारी हुई. नाथन लायन ने सुंदर को बोल्ड करके इस पार्टनरशिप को तोड़ा. सुंदर ने 94 गेंदों का सामना करते हुए 29 रन बनाए.

यहां से विराट कोहली और नीतीश रेड्डी ने सातवें विकेट के लिए नाबाद 77 रनों की पार्टनरशिप की. कोहली ने अपने टेस्ट करियर का 30वां और इस साल इंटरनेशनल मैचों में पहला शतक जड़ा. कोहली के इंटरनेशनल शतकों की संख्या 81 हो गई है. कोहली ने 143 गेंदों पर शतक पूरा किया, जिसमें 8 चौके और दो छक्के शामिल रहे. कोहली के शतक के साथ ही भारतीय पारी घोषित कर दी गई. नीतीश रेड्डी भी 38 रन (तीन चौके और दो छक्के) बनाकर नाबाद लौटे.
 

टी20 में लगातार तीसरा शतक लगाने वाले तिलक वर्मा की टीम को मिली 179 रन से बड़ी जीत, चहल हरियाणा की जीत में चमके

23-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  मुश्ताक अली ट्रॉफी टूर्नामेंट 2024 में हैदराबाद के कप्तान तिलक वर्मा ने पहले ही मैच में कमाल कर दिया। तिलक वर्मा ने मेघायल के खिलाफ 151 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को 179 रन से बड़ी जीत दिलाने में सफलता हासिल की तो वहीं दूसरी तरफ हरियाणा ने मणिपुर को 8 विकेट से हराया और हरियाणा की जीत में युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी का बड़ा योगदान रहा।
तिलक की पारी से हैदराबाद को मिली जीत

तिलक वर्मा ने मेघायल के खिलाफ हुए मैच में 67 गेंदों पर 10 छक्के और 14 चौकों की मदद से 151 रन की पारी खेली जो सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टूर्नामेंट इतिहास की सबसे बड़ी पारी साबित हुई साथ ही ये तिलक के टी20 क्रिकेट करियर की भी सबसे बड़ी पारी रही। इसके अलावा टी20 क्रिेकेट में वो लगातार 3 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। इस मैच से पहले तिलक वर्मा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछले दो मैचों में 107 और नाबाद 120 रन की पारी खेली थी।

तिलक वर्मा की पारी के दम पर उनकी टीम हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 248 रन ठोक डाले। इसके जवाब में मेघालय की टीम 15.1 ओवर में 69 रन पर आउट हो गई और इस टीम को हार का सामना करना पड़ा। हैदराबाद की तरफ से अनिकेत रेड्डी ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए जबकि हैदराबाद के ओपनर बल्लेबाज तन्मय अग्रवाल ने भी 23 गेंदों पर 5 छक्के और 4 चौकों की मदद से 55 रन की पारी खेली।
हरियाणा की जीत में चमके चहल

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी टूर्नामेंट 2024 में हरियाणा का पहला मैच मणिपुर के साथ हुआ और इस मैच में चहल की घातक गेंदबाजी के दम पर हरियाणा की टीम को 8 विकेट से जीत मिली। इस मैच में मणिपुर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था और फिर हरियाणा की घातक गेंदबाजी के सामने ये टीम 19.1 ओवर में 86 रन पर सिमट गई। हरियाणा की तरफ से युजवेंद्र चहल ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 9 रन देकर सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए।

हरियाणा को जीत के लिए इस मैच में 87 रन का आसान टारगेट मिला था जिसे इस टीम ने 6.4 ओवर में 2 विकेट पर 90 रन बनाकर हासिल कर लिया। हरियाणा की तरफ से राहुल तेवतिया ने 2 छक्के और 7 चौकों की मदद से 16 गेंदों पर नाबाद 43 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिला दी। रोहित प्रमोद शर्मा ने भी 8 गेंदों पर नाबाद 16 रन की पारी खेली जबकि हिमांशू राणा ने 20 रन बनाए। चहल को उनके इस प्रदर्शन का फायदा आईपीएल 2025 के लिए होने वाली मेगा नीलामी में मिल सकता है।


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