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आईपीएल 2026 : रबाडा पर्पल कैप की दौड़ में तीसरे स्थान पर, अभिषेक शर्मा को मिली ऑरेंज कैप

27-Apr-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में 26 अप्रैल का दिन गेंदबाजों के नाम रहा, जहां दो मुकाबलों में कुल 26 विकेट गिरे, जिसमें सुपर ओवर भी शामिल रहा। इस प्रदर्शन के बाद पर्पल कैप की दौड़ में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
कगिसो रबाडा ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 25 रन देकर तीन विकेट झटके और अपनी टीम गुजरात टाइटंस को आठ विकेट से जीत दिलाई।
चेन्नई की पिच पर मौजूद नमी ने तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त मदद दी, जिसका रबाडा ने पूरा फायदा उठाया। तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल के साथ उन्होंने बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
इस प्रदर्शन के साथ रबाडा अब आठ मैचों में 13 विकेट लेकर पर्पल कैप की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं शीर्ष स्थान पर अंशुल कंबोज और ईशान मलिंगा 14-14 विकेट के साथ बने हुए हैं।
बल्लेबाजी की बात करें तो एक ही दिन में ऑरेंज कैप की दौड़ पूरी तरह बदल गई। विराट कोहली 24 घंटे के भीतर पहले स्थान से खिसककर पांचवें स्थान पर पहुंच गए।
दिल्ली में खेले गए मुकाबले में केएल राहुल ने नाबाद 152 रन बनाकर बीस ओवर प्रारूप में किसी भारतीय का सर्वोच्च स्कोर दर्ज किया और 357 रन के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
हालांकि, जयपुर में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 37 गेंदों में 103 रन की पारी खेलते हुए राहुल के बराबर 357 रन बना लिए और बेहतर प्रहार दर के आधार पर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली।
इसके कुछ ही देर बाद अभिषेक शर्मा ने 29 गेंदों में 57 रन की पारी खेलते हुए 380 रन के साथ बल्लेबाजी सूची में पहला स्थान हासिल कर लिया।
अभिषेक शर्मा 380 रन के साथ पहले स्थान पर हैं।=वैभव सूर्यवंशी और केएल राहुल 357-357 रन के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
हेनरिक क्लासेन 349 रन के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि शुभमन गिल (330 रन) और विराट कोहली (328 रन) क्रमशः उनके पीछे हैं। 

खेलों में समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ तैयार : अरुण साव

26-Apr-2026
रायपुर(शोर संदेश)  राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (Sher-i-Kashmir International Conference Centre) में प्रारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। 
छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार इस चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा। 
साव ने बताया कि आज शिविर के पहले दिन केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ देश में खेलों को नई दिशा देने पर मंथन किया गया। यह पहल न केवल नीतियों को मजबूत करेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एकजुट होकर कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर शहर से नए खिलाड़ी उभरें और देश-विदेश के खेल मंचों पर अपना परचम लहराएं, यह हमारा लक्ष्य है।
26 अप्रैल तक चलने वाला यह शिविर देश में खेलों के समग्र विकास, नीति सुधार, वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है। 
चिंतन शिविर के पहले दिन के प्रमुख सत्रों में ‘मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया’ पर गहन मंथन किया गया। विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर खेल प्रशिक्षकों के पोटेंशियल को विकसित करने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही वर्ष 2048 तक भारत को ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष 5 देशों में शामिल करने के रोडमैप पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार एवं उसके प्रभावी उपयोग को खेल विकास का महत्वपूर्ण आधार माना गया। खेल मंत्रालय द्वारा इस पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
द्वितीय सत्र ‘खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित हुआ। इस सत्र में विभिन्न राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस को साझा किया गया। खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के प्रभावी उपयोग, प्रतिभा पहचान (Talent Identification) तथा खेल अकादमियों के मानकीकरण पर विशेष बल दिया गया। सत्र के दौरान विद्यालय स्तर पर खेलों को सशक्त बनाने के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से जोड़ने, खेल शिक्षकों की भर्ती एवं उन्हें उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी। साथ ही खिलाड़ियों का समग्र डॉटा-बेस तैयार करने पर राज्यों एवं केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि प्रतिभाओं की सही पहचान सुनिश्चित हो सके।
इस सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि खिलाड़ियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ समर्पित होकर खेलना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक अवसर, सम्मान एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी व्यवस्था (मॉडल) विकसित की जाए, जिससे वे नौकरी प्राप्त करने के बाद भी खेल जारी रखें और अपने खेल करियर को बीच में न छोड़ें।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करने, जमीनी स्तर पर सुविधाओं के विस्तार तथा बच्चों को अधिक समय खेल गतिविधियों में देने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही खेल अधोसंरचना के निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
तीसरे सत्र में डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर गंभीर चर्चा हुई। खेलों में प्रतिबंधित  दवाईयों के उपयोग पर कड़े नियम बनाने तथा डोपिंग को अपराध की श्रेणी में लाने के विषय पर केंद्र सरकार एवं खेल मंत्रालय की सख्त नीति को दोहराया गया। इस सत्र में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने खेलों में सुरक्षित एवं पेशेवर वातावरण सुनिश्चित करने तथा खिलाड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सेफ गॉर्डिंग ऑफिसर्स (Safe Guarding Officers) की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।

 

हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाड़ियों का संवरेगा भविष्य : अरुण साव

25-Apr-2026
रायपुर।   (शोर संदेश)  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
उप मुख्यमंत्री साव ने इस अवसर पर खिलाड़ियों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए। 
साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति अनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

आईपीएल 2026: दिल्ली कैपिटल्स के लिए वापसी को तैयार मिचेल स्टार्क, राजस्थान के खिलाफ 1 मई को खेल सकते हैं मैच

24-Apr-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को बड़ी राहत मिली है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दे दी है और वह 1 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में उपलब्ध रह सकते हैं।
स्टार्क जनवरी से कोहनी और कंधे की चोट के कारण मैदान से बाहर चल रहे थे। उन्होंने इससे पहले एशेज सीरीज के सभी पांच टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीता था। इसके बाद उन्होंने बिग बैश लीग में सिडनी सिक्सर्स के लिए पांच मैच भी खेले थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्क भारत पहुंचकर धीरे-धीरे अपनी फिटनेस और वर्कलोड बढ़ाएंगे और 1 मई को दिल्ली कैपिटल्स के लिए इस सीजन में अपना पहला मैच खेल सकते हैं।
आईपीएल के शुरुआती चरण से उनकी गैरमौजूदगी को लेकर विदेशी खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता पर सवाल उठे थे। इस पर स्टार्क ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “भारतीय मीडिया में कुछ लोगों द्वारा दिए जा रहे विचारों और बयानों के बावजूद, मैं इस समय अपने कंधे और कोहनी की चोट से उबरने और उसे संभालने की प्रक्रिया में हूं। ऑस्ट्रेलियाई समर के दौरान मुझे इसकी गंभीरता का पूरा अंदाजा नहीं था। इन लोगों ने आईपीएल में भागीदारी को लेकर कई कड़े बयान दिए हैं और खिलाड़ियों के बारे में गलत जानकारी को तथ्यों की तरह पेश किया है। ऐसा भी दावा किया गया है कि वे मेरे शरीर को मुझसे बेहतर जानते हैं।”
पिछले सीजन में स्टार्क ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 11 मैचों में 14 विकेट लेकर तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की थी।
वर्तमान सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने छह मैचों में तीन जीत और तीन हार के साथ अंक तालिका में पांचवां स्थान हासिल किया हुआ है। स्टार्क की वापसी से टीम के गेंदबाजी विभाग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
 

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

23-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार 
होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। 
 मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।
फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।
इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के  नारों से गूंज उठा।
इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी  फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया। 
इस अवसर पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है, जहां के बच्चों में अपार प्रतिभा है। सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों को खेलों के प्रति जो प्रेरणा मिल रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बस्तर के बच्चे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। कलेक्टर ने युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि खेल, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, डीएफओ रामकृष्ण रगंनाथा वाय, सहित जनप्रतिनिधि, सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए रिकॉर्ड प्राइज पूल की घोषणा, विजेता को मिलेंगे 2.34 मिलियन डॉलर

13-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए प्राइज मनी में 10 प्रतिशत इजाफा किया है। आगामी विमेंस वर्ल्ड कप में 87,64,615 यूएस डॉलर की प्राइज मनी दी जाएगी। यह रकम दो साल पहले संयुक्त अरब अमीरात में हिस्सा लेने वाले 10 देशों के बीच बांटे गए 79,58,077 यूएस डॉलर से ज्यादा है, क्योंकि यह टूर्नामेंट पहली बार 12 टीमों तक बढ़ाया जा रहा है। साल 2026 के एडिशन में मेजबान इंग्लैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भारत, आयरलैंड, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, स्कॉटलैंड, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और वेस्टइंडीज शामिल होंगे।
विजेता को एक बार फिर 23,40,000 यूएस डॉलर मिलेंगे, जबकि उपविजेता को 11,70,000 यूएस डॉलर मिलेंगे। सेमीफाइनल हारने वाली टीमों को 6,75,000 यूएस डॉलर मिलेंगे। प्रत्येक ग्रुप मैच जीतने पर 31,154 यूएस डॉलर का इनाम मिलेगा। आईसीसी ने एक रिलीज में बताया कि हिस्सा लेने वाली सभी 12 टीमों को कम से कम 2,47,500 यूएस डॉलर का प्राइज मिलना तय है।
आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 12 जून से होगी, जब इंग्लैंड बर्मिंघम के एजबेस्टन में श्रीलंका का सामना करेगा। 33 मुकाबलों का यह टूर्नामेंट 24 दिनों तक 7 वेन्यू पर खेला जाएगा, जिसमें टीमें सबसे बड़े इनाम के लिए मुकाबला करेंगी। आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा, “महिला क्रिकेट का विकास लगातार तेज हो रहा है, और आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का 12 टीमों तक विस्तार, साथ ही रिकॉर्ड प्राइज पूल, एक मजबूत और ज्यादा प्रतिस्पर्धी वैश्विक खेल बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। ज्यादा निवेश और मौकों के जरिए महिला क्रिकेट का लगातार आगे बढ़ना वैश्विक मंच पर महिला खिलाड़ियों के बढ़ते प्रभाव और असर को दिखाता है।”
टूर्नामेंट डायरेक्टर बेथ बैरेट-वाइल्ड ने कहा, “आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 इस खेल के लिए एक ऐतिहासिक पल साबित होने वाला है। यह इतिहास का सबसे ज्यादा दर्शकों वाला महिला क्रिकेट इवेंट बनने की राह पर है, जिसमें टिकटों की रिकॉर्ड तोड़ मांग है और किसी भी ग्लोबल महिला टी20 प्रतियोगिता के लिए अब तक की सबसे बड़ी प्राइज मनी रखी गई है। इस स्तर का निवेश, और साथ ही पुरुषों के खेल के बराबर प्राइज मनी, आज महिला क्रिकेट की हैसियत, गुणवत्ता और दुनिया भर में उसकी लोकप्रियता का एक जबरदस्त सबूत है।
उन्होंने कहा, “यही सोच हमारे टूर्नामेंट की तैयारियों को भी दिशा दे रही है। ट्रॉफी टूर इसमें एक अहम भूमिका निभा रहा है। यह खेल को नए दर्शकों तक पहुंचा रहा है। पूरे इंग्लैंड और वेल्स में उत्साह जगा रहा है, और जब हम एक यादगार गर्मी के मौसम का इंतजार कर रहे हैं, तब यह महिला क्रिकेट को सबसे बड़े मंच पर पेश कर रहा है।”
 

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की धमाकेदार जीत, मुंबई इंडियंस को 18 रन से हराया

13-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । आईपीएल 2026 के 20वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस (एमआई) को 18 रनों से हराया। आरसीबी से मिले 241 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एमआई 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 222 रन ही बना सकी।
आरसीबी से मिले 241 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत अच्छी रही। रयान रिकेल्टन और रोहित शर्मा की जोड़ी अच्छी लय में दिखाई दी। हालांकि, हैमस्ट्रिंग में खिंचाव होने के कारण रोहित 19 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए और दोबारा बल्लेबाजी करने नहीं उतरे। रिकेल्टन ने 22 गेंदों में 3 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 37 रन बनाए। कप्तान सूर्यकुमार यादव अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहे, और वह 22 गेंदों में 33 रन बनाकर आउट हुए। तिलक वर्मा भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और सिर्फ एक ही बना पाए।

हार्दिक पांड्या कुछ दमदार शॉट्स खेले और वह 22 गेंदों में 40 रन बनाकर जैकब डफी का शिकार बने। हार्दिक ने अपनी इस पारी में 6 चौके और एक छक्का लगाया। नमन धीर एक रन ही बना सके। शेरफेन रदरफोर्ड ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 31 गेंदों में 71 रनों की नाबाद पारी खेली, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। रदरफोर्ड ने अपनी इस पारी में एक चौका और 9 छक्के लगाए। सैंटनर 8 रन बनाकर नाबाद रहे। गेंदबाजी में आरसीबी की ओर से सुयश शर्मा ने सर्वाधिक 2 विकेट चटकाए, जबकि जैकब डफी ने एक विकेट अपने नाम किया।

इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने 20 ओवर में 4 विकेट गंवाकर 240 रन बनाए। फिल साल्ट और विराट कोहली ने टीम को शानदार शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी निभाई। कोहली ने 38 गेंदों में 50 रन बनाए, तो साल्ट ने 36 गेंदों में 78 रनों की शानदार पारी खेली। साल्ट ने अपनी इस पारी में 6 चौके और 6 छक्के लगाए। कप्तान रजत पाटीदार बेहतरीन लय में दिखाई दिए और उन्होंने 20 गेंदों में 53 रन बनाए।
अंत के ओवरों में टिम डेविड ने सिर्फ 16 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 34 रन बनाए, जबकि जितेश शर्मा 10 रन ही बना सके। गेंदबाजी में मुंबई इंडियंस की ओर से बोल्ट-हार्दिक, सैंटनर और शार्दुल ने एक-एक विकेट चटकाया। आरसीबी की यह इस सीजन की तीसरी जीत है। वहीं, एमआई को आईपीएल 2026 में तीसरी हार का सामना करना पड़ा है।

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने टूर्नामेंट आवश्यक : अरुण साव

11-Apr-2026
रायपुर,  (शोर संदेश)।  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव रायपुर के जोरा स्थित इंटरनेशनल टेनिस स्टेडियम में आयोजित गोंडवाना कप ऑल इंडिया टेनिस टूर्नामेंट-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने मिश्रित और एकल के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए।
उप मुख्यमंत्री साव ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में गोंडवाना कप का आयोजन अनेक वर्षों से हो रहा है। प्रदेश में लगातार खेल प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलता है और अच्छे खिलाड़ी निकल कर आते हैं। टूर्नामेंट में 20 राज्यों के 120 खिलाड़ियों का भाग लेना इसकी सफलता को बताता है।
साव ने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ी टूर्नामेंट आवश्यक हैं। इसके बिना खेल और खिलाड़ी दोनों आगे नहीं बढ़ सकते। गोंडवाना कप जैसी प्रतियोगिताएं लगातार होने चाहिए। 
महिला डबल्स के फाइनल मुकाबले में शताक्षी चौधरी और अनन्या जैन (उत्तर प्रदेश) की जोड़ी ने स्निग्धा पाटिबंडला और इरम जैदी को 3-6, 6-3, 10-7 से हराकर खिताब जीता। वहीं पुरुष डबल्स में निरव शेट्टी और अनुप बंगार्गी (महाराष्ट्र) की जोड़ी ने प्रसाद इंगाले और परितोष पवार को 6-2, 6-4 से हराया।
वहीं महिला एकल में राजस्थान की आयुषी तनवार ने उत्तरप्रदेश की शताक्षी चौधरी को 2-6, 6-2, 6-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। पुरुष एकल में तेलंगाना के नैशिक रेड्डी गनागामा ने महाराष्ट्र के प्रसाद इंगाले को 7-6 (7-4), 6-3 से हराकर विजेता बने। उप मुख्यमंत्री साव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी प्रदान की। समापन समारोह में एआईटीए (AITA) के महासचिव अनिल धुपर, स्टेट टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष और हरिभूमि के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी, गुरुचरण सिंह होरा, उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता और आशीष सराफ सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी मौजूद थे।
साव ने बताया कि 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीनगर में चिंतन शिविर का आयोजन हो रहा है। इसमें सभी राज्यों के खेल मंत्री और भारत सरकार के मंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 2047 में जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरा करे तो देश विकसित बने, इसके साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भारत दुनिया में अग्रणी देश बने, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए योजना बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। निश्चित रूप से इस चिंतन शिविर से बड़ा लाभ होगा। 








 

बेंगलुरु में RCB का जलवा, 43 रन से CSK को दी करारी शिकस्त

06-Apr-2026
बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल 2026 का 11वां मुकाबला खेला गया। इस मैच में आरसीबी ने 43 रन से जीत दर्ज की। जीत के साथ ही आरसीबी ने अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। आइए आरसीबी-सीएसके मैच के बाद अंकतालिका और शीर्ष बल्लेबाजों और गेंदबाजों पर नजर डालते हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) 2 मैच में 2 जीत के साथ पहले स्थान पर है। राजस्थान रॉयल्स (आरआर) 2 मैच में 2 जीत के साथ दूसरे स्थान पर है। दिल्ली कैपिटल्स 2 मैच में 2 जीत के साथ तीसरे स्थान पर है। पंजाब किंग्स 2 मैच में 2 जीत के साथ चौथे स्थान पर है।

सनराइजर्स हैदराबाद 3 मैचों में 1 जीत के साथ पांचवें, मुंबई इंडियंस 2 मैचों में 1 जीत के साथ छठे, लखनऊ सुपर जायंट्स 2 मैचों में 1 जीत के साथ सातवें स्थान पर है। गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स अपने शुरुआती 2-2 मैच गंवाकर क्रमशः आठवें और नौवें स्थान पर हैं। चेन्नई सुपर किंग्स अपने 3 मैच गंवाकर दसवें स्थान पर है।
समान अंक के बावजूद टीमों की रैंकिंग उनके रन रेट के आधार पर तय की गई है। सर्वाधिक रन बनाने वाले पांच बल्लेबाजों पर गौर करें तो दिल्ली कैपिटल्स के समीर रिजवी 2 मैचों में 160 रन बनाकर शीर्ष पर हैं। रिजवी के पास ऑरेंज कैप है। दूसरे नंबर पर सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन हैं। क्लासेन ने 3 मैचों में 145 रन बनाए हैं। मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा तीसरे स्थान पर हैं। रोहित ने 2 मैचों में 113 रन बनाए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने देवदत्त पड्डिकल 2 मैचों में 111 रन बनाकर चौथे और पंजाब किंग्स के कूपर कोनोली 2 मैचों में 108 रन बनाकर पांचवें स्थान पर हैं।
गेंदबाजों में राजस्थान रॉयल्स के रवि बिश्नोई ने 2 मैचों में 5, पंजाब किंग्स के विजय कुमार वैशाक ने 2 मैचों में 5, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के जैकब डफी ने 2 मैचों में 5 और चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज ने 3 मैचों में 5 विकेट लिए हैं। ये सभी गेंदबाज शीर्ष-4 में हैं। रवि बिश्नोई की इकॉनमी सबसे कम है इसलिए वह शीर्ष पर हैं। रवि के पास पर्पल कैप है।
 

विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस: खेलों की ताकत से बदलती दुनिया

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  शोर संदेश )  हर वर्ष 6 अप्रैल को “विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस” मनाया जाता है। यह दिन केवल खेलों का उत्सव नहीं, बल्कि उस व्यापक प्रभाव का प्रतीक है जो खेल समाज, संस्कृति और वैश्विक शांति पर डालते हैं। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि सामाजिक समावेशन, समानता, संवाद और शांति की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
इस दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2013 में की थी। 6 अप्रैल की तारीख का चयन इसलिए किया गया, क्योंकि इसी दिन 1896 में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई थी। ओलंपिक का मूल उद्देश्य भी देशों के बीच भाईचारा, सहयोग और शांति को बढ़ावा देना रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, खेल एक ऐसी सार्वभौमिक भाषा है, जो जाति, धर्म, भाषा और सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ती है। यही कारण है कि इस दिवस को मनाने की परंपरा शुरू की गई, ताकि खेलों के जरिए वैश्विक एकता और शांति को मजबूत किया जा सके।
खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक विकास का प्रभावी माध्यम भी हैं। बच्चों और युवाओं के लिए खेल अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व और आत्मविश्वास जैसे जीवन कौशल विकसित करते हैं, जो उनके भविष्य को मजबूत बनाते हैं।
ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई बार खेल ही वह मंच बनते हैं, जिसके जरिए युवा शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर हासिल करते हैं और अपनी पहचान बनाते हैं।
खेल लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। जब लड़कियां खेलों में सक्रिय भागीदारी करती हैं, तो समाज में उनके प्रति दृष्टिकोण बदलता है और उन्हें सशक्त बनने का अवसर मिलता है।
खेलों में प्रतिस्पर्धा जरूर होती है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होती है। खेल हमें नियमों का सम्मान करना, हार-जीत को स्वीकार करना और प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना सिखाते हैं। यही गुण समाज में शांति और सहिष्णुता को मजबूत करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खेल कई बार देशों के बीच तनाव कम करने का माध्यम बने हैं। उदाहरण के तौर पर, ओलंपिक खेलों के दौरान “ओलंपिक ट्रूस” (युद्धविराम) की परंपरा रही है, जिसमें संघर्षरत देश भी शांति का संदेश देते हैं।
खेल समाज के हर वर्ग को जोड़ने की ताकत रखते हैं। चाहे व्यक्ति अमीर हो या गरीब, पुरुष हो या महिला, सक्षम हो या दिव्यांग- खेल सभी को समान अवसर प्रदान करते हैं।
विशेष रूप से पैरालंपिक खेल इस बात का सशक्त उदाहरण हैं कि खेल किस तरह सीमाओं को तोड़कर नई संभावनाएं पैदा करते हैं। इससे समाज में समावेशन और समानता का संदेश और मजबूत होता है।
आज के दौर में, जब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, खेल और शारीरिक गतिविधियां स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हो गई हैं। नियमित रूप से खेल खेलने से हृदय रोग, मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है।
खेल मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी हैं। यह तनाव को कम करते हैं, सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं।
यह दिवस युवाओं को यह संदेश देता है कि वे खेलों को केवल करियर के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। आज कई खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल देश का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
खेलों के जरिए युवा नशे और अपराध जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रह सकते हैं और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।
हालांकि खेलों के जरिए विकास और शांति का संदेश व्यापक है, लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी मौजूद हैं, जैसे- सभी के लिए पर्याप्त खेल सुविधाओं की कमी, लैंगिक भेदभाव, आर्थिक असमानता और खेलों का अत्यधिक व्यावसायीकरण।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकारों, संस्थाओं और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे। खेलों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी नीतियों और योजनाओं का क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।
“विकास और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस” हमें यह याद दिलाता है कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक रूप से बदलने की क्षमता रखते हैं। खेलों के माध्यम से एक स्वस्थ, समावेशी और शांतिपूर्ण दुनिया का निर्माण संभव है।
आज आवश्यकता है कि हम खेलों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और इसके महत्व को समझते हुए इसे बढ़ावा दें। जब हर व्यक्ति खेलों से जुड़ेगा, तभी वास्तविक अर्थों में विकास और शांति का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
 


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