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सत्ता में आते ही बाइडेन ने लिया बड़ा फैसला 1.1 करोड़ प्रवासियों को देंगे नागरिकता*

21-Jan-2021

वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश) अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन ने् बुधवार को अमेरिका की सत्ता संभाल ली है। सत्ता संभालते ही वो तगड़े ऐक्शन मोड में गए हैं। बाइडेन ने कुर्सी संभालते ही एक के बाद करके तेजी से फैसले लिए हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करके अपने उनके कई फैसलों को पलट दिया है। इसी बीच बाइडेन ने भारत वासियों के लिए एक बहुत ही बड़ा फैसला लिया है। बाइडेन ने अमेरिका के प्रवासियों को राहत देने वाले एक कार्यकारी आदेश पर भी हस्ताक्षर किया है। आपको बता दें कि इस आदेश से 1.1 करोड़ ऐसे प्रवासियों को फायदा होगा जिनके पास कोई कानूनी दस्तावेज नहीं है इन प्रवासियों में से लगभग 5 लाख लोग भारतीय है अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शपथ लेने के बाद सबसे पहले अमेरिकी आव्रजन प्रणाली को पूरी तरह से बदल देने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने अपने आदेशों के तहत पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जो अमेरिका की आव्रजन नीतियों को बदलने वाले हैं। जो बाइडेन ने अमेरिकी कांग्रेस से अनुरोध किया है कि वह 1.1 करोड़ अवैध प्रवासियों को अमेरिका का स्थायी दर्जा उन्हें नागरिकता का रास्ता तय करने के लिए कानून बनाए। आपको बता दें कि इसमें से लगभग 5 लाख भारतीय मूल के लोग हैं जिनके पास अमेरिका की नागरिकता नहीं है उनके पास कोई भी कानूनी दस्तावेज नहीं है।
00 एक करोड़ से भी ज्यादा अवैध प्रवासियों को वैध बनाने का आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने सत्ता संभालने से पहले कहा था कि वह इस नुकसान की भरपाई करेंगे। आपको बता दें कि इस विधेयक के तहत एक जनवरी 2021 तक अमेरिका में बिना किसी कानूनी दर्जे के रह रहे लोगों की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी। यदि वे अपने डॉक्यूमेंट्स अमेरिका को जमा करते हैं साथ ही अमेरिका की अन्य बुनियादी अनिवार्यताएं पूरी करते हैं, तो उनके लिए 5 साल के अस्थायी कानूनी दर्जे का मार्ग प्रशस्त होगा या फिर उन्हें ग्रीन कार्ड दे दिया जाएगा। इस काम के बाद ऐसे लोगों को 3 सालों के लिए अमेरिका की नागरिकता मिल सकती है। अमेरिकी सीनेटर बॉब मेनेडेज लिंडा सांचेज कांग्रेस में पेश किए जाने वाले इस विधेयक को तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
00 अमेरिका की सेना सशक्त है, हर चुनौती के लिए तैयार है : जो बाइडेन
बाइडन ने आगे कहा कि, मैं जिन कार्यकारी आदेशों पर साइन करने जा रहा हूं वो कोरोना संकट से बदलाव लाने में मदद करेंगे। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि हम जलवायु परिवर्तन से इस तरह से निपटेंगे जैसा हमने पहले कभी नहीं किया। साथ ही सभी लोगों के साथ मिलकर एक जुट होकर काम करेंगे यह प्रयास करेंगे कि सभी समुदाय एक-दूसरे को समझें देश से नस्लभेद को खत्म करें। बाइडेन के इस आदेश के बाद अमेरिका में 100 दिनों के लिए मास् पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
00 घरेलू आतंकवाद को खत्म करने के लिए अमेरिकियों से की अपील

आपको बता दें कि जो बाइडन ने इससे पहले घरेलू आतंकवाद श्वेतों को श्रेष्ठ मानने वाली मानसिकता को हराने की लड़ाई में अमेरिका के सभी नागरिकों से शामिल होने का आह्वान किया। राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले भाषण में कहा कि आज `ये जीत किसी एक उम्मीदवार की जीत का नहीं बल्कि लोकतंत्र के मक़सद लोकतंत्र की जीत है जिसका हम लोग आज जश्न मना रहे हैं। देश के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद 78 वर्षीय बाइडन ने ना सिर्फ अपने वैश्विक सहयोगियों के साथ संबंधों को दुरुस्त करने का वादा किया बल्कि देश के लोगों से `सच की रक्षा करने झूठ को हराने का भी आह्वान किया। 


आगे कई चुनौतियां हैं इनसे निपटना आसान नहीं होगा : कमला हैरिस*

20-Jan-2021

वाशिंगटन (शोर सन्देश) अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने सोमवार को माना कि 20 जनवरी को जो बाइडन के अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने के बाद सरकार के सामने आगे कई चुनौतियां होंगी और उन सबसे निपटना आसान नहीं होगा। बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद व्हाइट हाउस में प्रवेश करेंगे। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती कोविड-19 महामारी के कारण चरमरा रही अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने की होगी। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश में 3,98,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। मार्टिन लूथर किंग जूनियर की जयंती पर मनाये जाने वाले डे ऑफ सर्विसके मौके पर सोमवार को एनाकोस्टिया में गैर सरकारी संगठन मार्थाज टेबल में आयोजित कार्यक्रम में हैरिस ने पत्रकारों से कहा, हमें बहुत सारा काम करना है। इन चुनौतियों से निपटना इतना आसान नहीं होगा। हर साल जनवरी के तीसरे सोमवार को मार्टिन लूथर किंग जूनियर की जयंती आयोजित की जाती है। मार्टिन लूथर किंग ने 1950 और 60 के दशक में अश्वेतों के अधिकारों के लिए अहिंसक प्रदर्शन किए थे। हैरिस ने कहा, हमने पहले भी चर्चा की है। जो (बाइडन) ने टीकाकरण, कामकाजी लोगों और परिवारों को राहत देने के लिए योजना बतायी है। बहुत कुछ करना है। कुछ लोग कहते हैं कि हमारा महात्वाकांक्षी लक्ष्य है। लेकिन हमारा मानना है कि कड़ी मेहनत और अमेरिकी संसद के सदस्यों की मदद से हम लोग इसे कर पाएंगे। उन्होंने कहा, मैं अमेरिका की अगली उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने का इंतजार कर रही हूं। मैं फख्र के साथ सिर बुलंद कर वहां जाऊंगी और शपथ ग्रहण में हिस्सा लूंगी। कमला हैरिस और उनके पति डगलस एमहॉफ सोमवार को एनाकोस्टिया मेंमार्थाज टेबलके कार्यक्रम में मौजूद थे। इस दौरान दंपति ने लोगों के लिए खाद्य सामग्री पैक किया। हैरिस ने कहा, हमलोग यहां सेवा कर रहे कार्यकर्ताओं की मदद के लिए आए हैं।डे ऑफ सर्विसके मौके पर यहां जैक एंड जिल से कई स्कूली छात्र आए हैं। इस दिन हम लोग डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके योगदान को याद करते हैं।


अमेरिकी इतिहास का काला दिन संसद में घुसे ट्रम्प समर्थक*

07-Jan-2021

00 गोलीबारी में महिला समेत 4 की मौत, वॉशिंगटन में लगा आपातकाल
वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश) अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थक अमेरिकी कैपिटल में घुस गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। इन घटनाओं में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं। साथ ही नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन के नाम पर मुहर लगाने की संवैधानिक प्रक्रिया बाधित हुई। बुधवार को कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे, इसी दौरान बड़ी संख्या में ट्रंप के समर्थक सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करते हुए कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए। पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों को काबू करने में काफी मश्क्कत करनी पड़ी। इन हालातों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट तथा पूरे कैपिटल को बंद कर दिया गया। उपराष्ट्रपति माइक पेंस और सांसदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बिगड़ते हालात के बीच राष्ट्रीय राजधानी में कर्फ्यू लगा दिया गया। लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आए। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित कैपिटोल परिसर के बाहर निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद परिसर कोलॉक्ड डाउन” (प्रवेश एवं निकास बंद) कर दिया गया। वॉशिंगटन की कैपिटल बिल्डिंग में अमेरिकी कांग्रेस इलेक्टोरल कॉलेज को लेकर बहस कर रही थी और इसी दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने हजारों की तादाद में प्रदर्शन शुरू कर दिया।  वहीं, टि्वटर ने ट्रंप के कुछ ट्वीट्स के बाद उनके अकाउंट को 12 घंटे के लिए बंद कर दिया है। इस हिंसा में सुरक्षा कर्मियों को फायरिंग करना पड़ी है, वहीं एक महिला की गोली लगने से मौत हुई है।  कैपिटोल के भीतर यह घोषणा की गई कि बाहरी सुरक्षा खतरे के कारण कोई व्यक्ति कैपिटोल परिसर से बाहर या उसके भीतर नहीं जा सकता। जब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत को प्रमाणित करने के लिए सांसद संसद के संयुक्त सत्र के लिए कैपिटल के भीतर बैठे थे, तभी यूएस (अमेरिका) कैपिटोल पुलिस ने इसके भीतर सुरक्षा के उल्लंघन की घोषणा की। दरअसल, इसी बहस के बाद प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन की जीत की आधिकारिक और कानूनी पुष्टि की जानी थी। कैपिटोल परिसर यह प्रदर्शन तब शुरू हुए, जब ट्रंप ने अपने समर्थकों को दिन में संबोधित करते हुए उनसे कैपिटल बिल्डिंग की तरफ मार्च करने की अपील की। लेकिन, जब समर्थक हिंसक हो गए तो ट्रंप ने अपने समर्थकों से शांति की अपील की। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि हमारी पुलिस का सहयोग कीजिए, वो वास्तव में हमारे साथ हैं। आप लोग शांति बनाए। कैपिटोल बिल्डिंग के बाहर पुलिस और ट्रंप समर्थकों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने कैपिटोल की सीढ़ियों के नीचे लगे बैरिकेड्स तोड़ दिए। ट्रंप के समर्थक कैपिटल बिल्डिंग के भीतर घुस गए गए और अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव रद्द करने की मांग करते हुए वे हिंसक हो गए। नेशनल गार्ड्स को ट्रंप समर्थकों को रोकने के लिए एक्शन में आना पड़ा।
कैपिटल बिल्डिंग में प्रदर्शन के दौरान एक महिला को गोली लग गई, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। कैपिटल के सुरक्षा कर्मियों के मुताबिक, कैपिटल बिल्डिंग के पास एक विस्फोटक डिवाइस भी मिली है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद का संयुक्त सत्र शुरू होने से ठीक पहले कहा कि वह चुनाव में हार को स्वीकार नहीं करेंगे। ट्रंप ने आरोप लगाया कि इसमें धांधली हुई है और यह धांधली उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन के लिए की गई, जो नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं। ट्रंप ने वॉशिंगटन डीसी में अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ”जब धांधली हुई हो तब आपको अपनी हार स्वीकार नहीं करनी चाहिए।ट्रंप ने एक घंटे से अधिक के अपने भाषण में दावा किया कि उन्होंने इस चुनाव में शानदार जीत हासिल की है।
ट्रंप ने पहले मार्च और फिर शांति की अपील की ट्रंप ने पहल तो अपने भाषण में समर्थकों से मार्च के लिए कहा लेकिन बाद में, “मैं अमेरिका की राजधानी में मौजूद हर शख्स से शांत रहने की अपील करता हूं। हम कानूनों को मानने वाली पार्टी हैं।हंगामें के दौरान ट्रंप समर्थकों ने बिल्डिंग के भीतर दाखिल होने के लिए पुलिस के साथ हाथापाई भी।
हिंसा के बीच प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन ने ट्रंप से अपील की कि वो नेशनल टेलीविजन पर आएं और संविधान की रक्षा करें। बाइडेन ने कहा कि ट्रंप को नेशनल टेलिविजन पर जाकर इस उपद्रव को खत्म करने की अपील करना चाहिए। हिंसक प्रदर्शनों के बाद कैपिटल बिल्डिंग को अब सुरक्षित कर लिया गया है। एहतियातन वॉशिंगटन में कर्फ्यू लगाने की घोषणा की गई है। यह कर्फ्यू गुरुवार सुबह तक लागू रहेगा। 


कोरोना के नए स्ट्रेन ने मचाया हाहाकार ब्रिटेन में फरवरी माह के मध्य तक लगा लॉकडाउन*

05-Jan-2021

लंदन/नई दिल्ली (शोर सन्देश) ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने कोरोना संक्रमण के नए स्ट्रेन के बढ़ते संकट के बीच फिर से देश में लॉकडाउन का ऐलान किया है। ब्रिटेन में कोरोना वायरस महामारी के चलते फरवरी माह के मध्य तक एक नया लॉकडाउन लगा दिया है और लोगों से आने-अपने घरों में रहने की अपील की है।
दरअसल कोरोना वायरस के नए रूप के चलते यह महामारी और भी खतरनाक रूप लेकर और अधिक संक्रामक बन गई है। यहां अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 27,000 हो गई है जो अप्रैल 2020 के मुकाबले कहीं अधिक है।  देश को संबोधित करते हुए पीएम जॉनसन ने कहा कि तेजी से फैल रहे संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में ब्रिटेन एक निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने मार्च 2020 में लगाए लॉकडाउन की तरह ही संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की जिसमें स्कूल और कारोबार बंद रहेंगे।
जॉनसन ने कहा, `आज हमारे अस्पताल कोविड-19 के कारण पहले के मुकाबले कहीं अधिक दबाव में हैं। यह साफ है कि वायरस के इस नए रूप को काबू में करने के लिए हमें मिलकर बहुत कुछ करने की जरूरत है। इंग्लैंड में हमें राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाना होगा जो इस वायरस से मुकाबला करने के लिहाज से बहुत सख्त हो। इसका मतलब यह है कि सरकार एक बार फिर आपको घर पर रहने का निर्देश दे रही है।`  जॉनसन ने कहा, `हम हमारे इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम चला रहे हैं। ब्रिटेन में पूरे यूरोप के मुकाबले कहीं अधिक संख्या में लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। यदि सबकुछ उम्मीद के मुताबिक रहा तो फरवरी तक चार शीर्ष प्राथमिकता वाले समूह के सभी लोगों को हम टीके की पहली खुराक दे सकेंगे जिसके बाद कई पाबंदियों को हटाना संभव हो पाएगा।`
जॉनसन ने संबोधन में लोगों से कहा कि बहुत जरूरी खरीदारी करने, नियमित व्यायाम करने या चिकित्सा कारणों से ही वे बाहर निकलें। जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन `संघर्ष के अंतिम चरण` में प्रवेश कर रहा है। 


2000 पक्षियों की मौत के बाद जागी सरकार पर्यटकों के लिए नियम हुए सख्त*

05-Jan-2021

00 हिमाचल वन विभाग ने पड़ोसी राज्यों को जारी किया अलर्ट, कांगड़ा में पौंग झील का क्षेत्र सील
कांगड़ा (शोर सन्देश) बर्ड फ्लू ने हिमाचल प्रदेश में चिंता का विषय बना दिया है, जहां कोरोना बुखार अभी तक कम नहीं हुआ है। कांगडा पोंग नदी में बर्ड फ्लू के कारण 2,000 से अधिक प्रवासी पक्षियों की मौत ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दी है और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हालांकि, तत्काल कार्रवाई करते हुए, जिला प्रशासन ने जलाशय के आसपास चिकन और अंडे सहित पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित क्षेत्र, जो पोंग झील से एक किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करता है, सार्वजनिक पर्यटकों को भी इस क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकता है। पौंग झील में बर्ड फ्लू से प्रवासी पक्षियों की मौत का आंकड़ा 2000 पार कर गया है। भोपाल की पशु रोग संस्थान की रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि होने के बाद हिमाचल प्रदेश का वन्य प्राणी विंग खासा सतर्क हो गया है। इस विंग ने पड़ोसी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड दिल्ली समेत कई राज्यों को अलर्ट जारी किया है। अलर्ट में कहा गया है कि वे अपने राज्यों के प्रवासी पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखें। हिमाचल में पाया गया बर्ड फ्लू सामान्य फ्लू नहीं है, यह पक्षियों से इन्सान में भी फैल सकता है।
राज्य सरकार ने इस संबंध में विदेश मंत्रालय को भी रिपोर्ट भेजी है। इसमें उन देशों को भी सूचना देने की बात कही गई है, जहां से प्रवासी पक्षी हिमाचल आते हैं इनमें प्रमुख तौर पर सेंट्रल एशिया, साइबेरिया, मंगोलिया, यूरोप के कई देश शामिल है इन देशों के प्रवासी पक्षी अक्टूबर-नवंबर में हिमाचल आने शुरू हो जाते हैं। मृत पक्षियों को नष्ट करने के लिए कर्मचारियों को पीपीई किट मास्क और ग्लब्स पहनने होंगे। इसके अलावा 10 किलोमीटर के दायरे में कांगड़ा जिले में पोल्ट्री फॉर्म नष्ट किए जाएंगे।  उधर पशुपालन विभाग भी अलर्ट हो गया है। विभाग के अधिकारियों को सरकार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया है कि वह बर्ड फ्लू को इंसान में फैलने से रोकने के कड़े कदम उठा।
00 सामान् नहीं यह बर्ड फ्लू : पीसीसीएफ
पीसीसीएफ वन्य प्राणी विंग अर्चना शर्मा का कहना है यह बर्ड फ्लू सामान्य नहीं है। इसके लक्षण सर्दी जुकाम खांसी बुखार जैसे ही होते हैंं। यह पक्षी से इन्सान में फैल सकता है। एहतियाती तौर पर पड़ोसी राज्यों को भी अलर्ट किया गया है। राज्य में सभी मंडलों के अधिकारियों को एडवायजरी जारी की गई है।
00 किए पुख्ता इंतजाम : मंत्री
पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है पशुपालन विभाग पूरी तरह से अलर्ट पर है। कांगड़ा जिले में 10 किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री नष्ट होंगी। बर्ड फ्लू को इन्सान में फैलने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पोंग नदी से मृत पाए गए पक्षियों को प्रयोगशाला परीक्षणों के लिए भोपाल भेजा गया था। इन पक्षियों की रिपोर्ट सकारात्मक आई है। H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस सभी पक्षियों में पाया गया है। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से लगभग 300 किलोमीटर दूर कांगड़ा में पोंग जलाशय में एक पक्षी अभयारण्य स्थापित किया गया है। हर साल लाखों पक्षी सर्दियों में साइबेरिया और मध्य एशिया के ठंडे क्षेत्रों से आते हैं और फरवरी से मार्च तक रहते हैं। इसके बाद, पक्षी फिर से लौटते हैं। 


82 साल के बुजुर्ग को दिया गया पहला ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का टीका*

05-Jan-2021

लंदन/नई दिल्ली (शोर सन्देश) ब्रिटेन में सोमवार से ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की तरफ से विकसित कोविड-19 टीके का टीकाकरण शुरू हुआ। पहला टीका ऑक्सफोर्ड में जन्मे 82 वर्षीय ब्रायन पिंकर को दिया गया जिनकी किडनी के रोग के चलते डायलिसिस की जा रही है। ब्रायन पिंकर को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में मुख्य नर्स ने यह टीका लगाया। इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के चरणबद्ध टीकाकरण कार्यक्रम में एक मील का पत्थर बताया जा रहा है। ऑक्सफोर्ड द्वारा विकसित टीका कोरोना वायरस से बचाव के लिए ऐसा दूसरा टीका है जिसे मंजूरी मिली है। इससे पहले फाइजर-बायोएनटेक के टीके को मंजूरी दी गई थी। दूसरे टीके की शुरुआत ऐसे समय में की गई जबकि ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। देश में पिछले छह दिनों में रोजाना 50,000 से अधिक संक्रमण के नए मामले सामने रहे हैं। रविवार को ब्रिटेन में 54,990 नए मरीज सामने आए। स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ ब्रिटेन की लड़ाई में यह `निर्णायक क्षण` है क्योंकि टीकों के माध्यम से संक्रमण के प्रसार की रोकथाम में सहायता मिलेगी और प्रतिबंधों को भी हटाने का रास्ता साफ होगा। ऑक्सफोर्ड में जन्मे पिंकर कई सालों से किडनी की बीमारी से ग्रस्त हैं और उनकी डायलिसिस की जाती है। उन्होंने कहा कि वायरस से सुरक्षा मिलने पर उन्हें प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है और अब वह बिना चिंता के अपना उपचार जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा, `आज कोविड-19 का टीका लगवाकर मुझे प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है और बहुत गर्व का अहसास हो रहा है क्योंकि यह टीका ऑक्सफोर्ड में ही बनाया गया है।पिंकर के अलावा 88 साल के संगीत शिक्षक ट्रेवोर कॉलेट और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में बालरोग विशेषज्ञ एंड्रयू पोलार्ड को भी सोमवार को टीका लगाया गया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा, `ऑक्सफोर्ड द्वारा टीका विकसित करना ब्रिटेन के विज्ञान की जीत है। मैं इसके विकास एवं उत्पादन में शामिल सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।` उन्होंने आगे कहा, `मैं जानता हूं कि आने वाले हफ्तों और महीनों में हमारे सामने चुनौतियां बनी हुई हैं लेकिन मुझे भरोसा है कि इस साल हम कोरोना वायरस को हरा देंगे और फिर उठ खड़े होंगे।ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ग्रुप में निदेशक और ऑक्सफोर्ड वैक्सीन ट्रायल के प्रमुख अन्वेषक प्रोफेसर पोलार्ड ने कहा, `मेरे लिए वह अभूतपूर्व गर्व का पल था, जब मुझे वह टीका लगा जिसे बनाने के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका की टीम ने इतनी मेहनत की ताकि इसे ब्रिटेन और दुनिया को उपलब्ध करवाया जा सके।


2 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर में बिक गया 2,700 एकड़ में फैला `माइकल जैक्सन` का आशियाना*

27-Dec-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) दिवंगत पॉप स्टार माइकल जैक्सन की कैलिफोर्निया स्थित नैवरलैंड संपत्ति को उद्योगपति रॉन बर्कले ने खरीद लिया है। बर्केल के प्रवक्ता ने गुरुवार को -मेल के जरिये बताया कि उद्योगपति ने सैंटा बारबरा के निकट लॉस ऑलिवोस में स्थित 2,700 एकड़ की इस संपत्ति को `लैंड बैंकिंग` योजना के तहत खरीदा है। `वॉल स्ट्रीट जर्नल` की खबर के अनुसार, बर्कले को यह संपत्ति 2 करोड़ 20 लाख अमेरिकी डॉलर में बेची गई है। बर्कले निवेश कंपनी `यूसेपा कंपनीज` के सह-संस्थापक रहे जैक्सन के सहयोगी रहे हैं। साल 2016 में संपत्ति की कीमत दस करोड़ अमेरिकी डॉलर मांगी गई थी। अगले साल इसे कम करके 6 करोड़ 70 लाख अमेरिकी डॉलर कर दिया गया था। 12,500 वर्गफुट के मुख्य आवास के अलावा इसमें 3,700 वर्ग फुट का पूल हाउस है। इसके अलावा एक अलग भवन भी है, जिसमें 50 सीटों वाला मूवी थियेटर और एक डांस स्टूडियो है। माइकल ने यह घर 1987 में 1.95 करोड़ डॉलर में खरीदा था। यह घर जैक्सन के खिलाफ लगे बाल यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद जांच के घेरे में गया था. इस घर में 6 बेडरूम हैं। 12500 वर्गफुट के घर और दो गेस्ट हाउस समेत 22 भवन हैं। 


संसद भंग किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने ओली सरकार को जारी किया कारण बताओ नोटिस*

25-Dec-2020

काठमांडू/नई दिल्ली (शोर सन्देश) नेपाली उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली नीत सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। न्यायालय ने कहा कि वह संसद को अचानक भंग करने के अपने निर्णय के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण पेश करे। 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा को भंग करने के सरकार के फैसले के खिलाफ दायर रिट याचिकाओं पर प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया। पीठ ने प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति कार्यालय से लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा क्योंकि सभी रिट याचिकाओं में उन्हें प्रतिवादी बनाया गया है। न्यायालय ने सदन को भंग करने के लिए सरकार द्वारा की गई सिफारिशों की मूल प्रति भी पेश करने को कहा है। पांच सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति बिश्वंभर प्रसाद श्रेष्ठ, न्यायमूर्ति तेज बहादुर केसी, न्यायमूर्ति अनिल कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति हरि कृष्ण कार्की शामिल हैं।  प्रधान न्यायाधीश राणा की एकल पीठ ने बुधवार को सभी रिट याचिकाओं को संवैधानिक पीठ को सौंप दिया था। संसद को भंग करने के सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए कुल 13 रिट याचिकाएं उच्चतम न्यायालय में दायर की गयी हैं। इस बीच, सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के दोनों धड़ों के बीच पार्टी पर नियंत्रण को लेकर टकराव तेज होने के बीच प्रधानमंत्री ओली ने शुक्रवार शाम को कैबिनेट की बैठक बुलाई है।  सूत्रों के अनुसार संभावना है कि प्रचंड नीत धड़े के सात मंत्रियों के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं। ओली मंत्रिमंडल में अब 18 सदस्य हैं जिनमें मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधान मंत्री ओली की सिफारिश पर रविवार को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा प्रतिनिधि सभा भंग करने तथा मध्यावधि चुनाव की तारीखों की घोषणा करने के बाद नेपाल में राजनीतिक संकट पैदा हो गया। इस फैसले का नेपाली कांग्रेस सहित विभिन्न दलों ने विरोध किया है। 


चरणबद्ध लॉकडाउन के लिए ब्रिटेन की संसद में मतदान*

02-Dec-2020

00 स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति को नियंत्रण में बताया
लंदन/नई दिल्ली (शोर सन्देश) दो दिसंबर ब्रिटेन में चरणबद्ध लॉकडाउन लागू करने को मंजूरी देने के लिए देश की संसद के निचले सदन `हाउस ऑफ कॉमंस` में मंगलवार को मतदान हुआ। देश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस से पैदा हालात अब ``नियंत्रण में हैं``, लेकिन काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। चरणबद्ध लॉकडाउन मध्यरात्रि से लागू होगा। इस प्रस्ताव के पक्ष में 291 वोट पड़े, जबकि 78 वोट इसके खिलाफ पड़े। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ `कंजर्वेटिव पार्टी` के कई सांसदों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
इससे पहले, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने लॉकडाउन का समर्थन नहीं करने वालों को अपने पक्ष में करने का प्रयास करते हुए सोमवार को डाउनिंग स्ट्रीट पर प्रेस वार्ता में कहा था कि फिलहाल जारी देशव्यापी लॉकडाउन बुधवार को समाप्त हो रहा है, ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर चरणबद्ध लॉकडाउन की प्रणाली होना आवश्यक है।
हैंकॉक ने कहा-हम थोड़ी नरमी बरत सकते हैं लेकिन खुली छूट नहीं दे सकते। हमने एनएचएस पर दबाव को कम कर दिया है, हमने कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम कर लिए हैं, हमने संक्रमण को नियंत्रण में कर लिया है। हम सभी के एकजुट प्रयास का अर्थ है कि बुधवार से इंग्लैंड में सभी लोग, यहां तक कि तीसरी श्रेणी में आने वाले लोगों को भी छूट मिलेगी, लेकिन हम बहुत ज्यादा छूट देने की स्थिति में नहीं हैं।
नयी प्रणाली में क्षेत्रों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा... मध्यम, उच्च और अति उच्च। इंग्लैंड के ज्यादातर क्षेत्रों के उच्च और अति-उच्च श्रेणी में रहने की संभावना है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य एवं समाज सेवा विभाग ने सोमवार को बताया कि देश में संक्रमण के 12,330 नए मामले सामने आए। ब्रिटेन में कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों की संख्या 58,448 हो गई है। 


कांग्रेस कोषाध्यक्ष अहमद भाई पटेल की जिम्मेदारी सौपने की तलाश शुरू, जानें किसे मिल सकती है जिम्मेदारी*

27-Nov-2020

राष्ट्रीय (शोर सन्देश) कांग्रेस के नेता अहमद भाई पटेल के निधन के बाद से कांग्रेस कोषाध्यक्ष पद के लिए कवायद शुरू हो गई है। लेकिन कांग्रेस के सामने अब अहम सवाल यह है कि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएकांग्रेस में अध्यक्ष के बाद सबसे अहम पद कोषाध्यक्ष माना जाता है, इस कारण पार्टी इस मामले पर जल्द फैसला लेना चाहती है। इसकी सबसे बड़ी वजह अगले साल होने वाले पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हैं। इनमें पश्चिम बंगाल और असम सबसे महत्वपूर्ण हैं।
कोषाध्यक्ष पद के लिए इनके नामों की है चर्चा
कांग्रेस कोषाध्यक्ष के पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और मिलिंद देवड़ा के नाम सबसे आगे हैं।
.तो गड़बड़ा जाएगा सत्ता का गणितइस पद के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विश्वासपात्र हो सकते हैं किंतु ऐसी कम ही संभावना है कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे। साथ ही उन्हें दिल्ली आने से राजस्थान में सत्ता का गणित भी गड़बड़ा सकता है। 



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