
पटना (शोर सन्देश)। नीतीश कुमार ने पार्टी के बड़े नेताओं को 11 बजे मुख्यमंत्री आवास बुलाया है। नीतीश उन सभी नेताओं के साथ बैठक करेगें और उसके बाद राज्यपाल से समय मांगेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार गठबंधन के साथियों के साथ राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा करेगें। ऐसा माना जा रहा है की शपथ ग्रहण दीपावली के बाद और छठ के बीच होगा।
बिहार के चुनाव नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद अब सीएम पद पर नीतीश कुमार को लेकर भी चर्चा शुरु हो गई है। बीजेपी के नेता अब बिहार में अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाने की मांग करने लगे हैं। बीजेपी एससी मोर्चा के अध्यक्ष अजित चौधरी ने कहा है कि नतीजों से साफ है कि एक ही नेता के प्रति एंटी इनकंबेसी है। जनता की भावनाओं का ख्याल रखते हुए बीजेपी को अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार को संघ और भाजपा का साथ छोड़ने की नसीहत दी है। उनका कहना है कि देश को बर्बाद होने से बचाने के लिए नीतीश कुमार को भाजपा और संघ का साथ छोड़ तेजस्वी का साथ देना चाहिए।
दिग्विजय सिंह पर जेडीयू नेता संजय सिंह ने पलटवार किया है। संजय सिंह ने कहा है कि एमपी में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को तो साफ ही कर दिया है, वे अपना ज्ञान कांगेस को दें, हमें न दें।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी-जेडीयू गठबंधन ने बिहार में सत्ता बरकरार रखी है। जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार अगले पांच साल तक क्षेत्र में सरकार का नेतृत्व करेंगे। भाजपा ने इस बार पर्याप्त बढ़त हासिल की है, लेकिन नीतीश कुमार की जेडीयू को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। भाजपा ने 74 सीटें हासिल की हैं, जबकि जदयू सिर्फ 43 की पा सकी। वहीं एनडीए गठबंधन की दूसरी पार्टी जूनियर पार्टनर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और विकाससेल इन्सान ने 4-4 सीटें जीती हैं।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बिहार 243 सीटों वाले विधानसभा चुनावों में 125 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन कांग्रेस और महागठबंधन केवल 110 सीटें जीतने में सफल रहा। बिहार की मतगणना पूरी होने में 19 घंटे लगे।

पटना (शोर सन्देश)। मंगलवार को आए बिहार चुनाव के नतीजों में एनडीए को 125 सीटों के साथ बहुमत मिला है। आरजेडी की अगुवाई वाले महागठबंधन ने भी हालांकि 110 सीटों पर जीत दर्ज कर एनडीए को कड़ी चुनौती दी। देर रात तक सामने आए नतीजों में 8 सीटें ऐसी रही जहां जीत का अंतर 1 हजार वोट से भी कम रहा।
बरबीघा की सीट पर जेडीयू के उम्मीदवार सुदर्शन कुमार ने कांग्रेस के गजानन शाही को महज 113 वोट से हराया। भोरे सीट पर भी उम्मीदवारों के बीच जीत-हार का अंतर सिर्फ 462 वोट का रहा। भाजपा के सत्य नारायण सिंह ने आरजेडी के उम्मीदवार को डेहरी सीट पर सिर्फ 464 वोट के अंतर से हराया।
इनके अलावा बखरी की सीट पर जीत हार का अंतर 717 रहा, जबकि रामगढ़ में सिर्फ 189 वोट से उम्मीदवार की जीत तय हुई। कुढ़नी विधानसभा सीट पर 712 वोट के अंतर से जीत तय हुई। वहीं मटिहानी में 313 और चकई में 581 वोट के अंतर से विजेता का फैसला हुआ।
00 12 वोट से जेडीयू उम्मीदवार को मिली जीत
सबसे कम वोट वाली जीत हिसला विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिली, जहां जेडीयू के उम्मीदवार कृष्ण मुरारी ने आरजेडी के शक्ति सिंह को सिर्फ 12 वोट से मात दी। इस सीट पर विजेता को लेकर आरजेडी का विरोध भी देखने को मिला।
इनके अलावा बछवाड़ा की सीट पर जीत और हार का अंतर 699 रहा, जबकि परबत्ता की सीट पर महज 951 वोट के अंतर से विजेता का फैसला हुआ।

भोपाल (शोर सन्देश)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कल एक बैठक बुलाई है, 11 नवंबर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के निवास पर बैठक रखी गई है। बैठक में दिग्विजय सिंह, विवेक तंखा, अरुण यादव, अजय सिंह, सुरेश पचौरी, नकुल नाथ मौजूद रहेंगे। 28 विधानसभा सीटों के प्रभारी और हारे हुए प्रत्याशियों को भी बैठक में बुलाया गया है।
साथ ही बैठक में जिला अध्यक्षों को भी बुलाया गया है, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस के अध्यक्षों के बाद जिला अध्यक्षों पर भी कार्रवाई होगी। जिन सीटों पर कांग्रेस को हार मिली है उन सीटों के जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई होगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक की बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। बता दें कि प्रदेश में 19 सीटों पर भाजपा और 9 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। बिहार विधानसभा चुनावों में जीत और अन्य राज्यों में उपचुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देते हुए, भाजपा नेताओं ने मंगलवार को कहा कि बिहार के मतदाताओं ने जातिवाद, वंशवाद और तुष्टीकरण की राजनीति को खारिज कर दिया है। पार्टी के नेताओं और मंत्रियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान देश में मोदी सरकार द्वारा किए गए सार्वजनिक हितैषी कार्यों के लिए बिहार में जीत का श्रेय दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट की एक श्रृंखला में कहा कि देश भर के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है और केंद्र और राज्य सरकारों की जन कल्याणकारी नीतियों को मंजूरी दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नड्डा ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और मणिपुर के मुख्यमंत्रियों और इन राज्यों के राज्य अध्यक्षों को भी बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया, `उत्तर प्रदेश उपचुनाव के नतीजे नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी नीतियों में जनता के विश्वास को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। राज्य के स्वतंत्र देव को बधाई।` सिंह और इस जीत पर सभी कार्यकर्ता और जनता का आभार। `इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की जीत को दोगुनी जीत बताया। इंजन विकास बताया गया है।
शाह ने मंगलवार देर रात एक ट्वीट में कहा, भाजपा विकास, विश्वास और प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने कहा, आज बिहार विधानसभा चुनावों में और देश के विभिन्न राज्यों में उपचुनावों में भाजपा को मिले अभूतपूर्व समर्थन के लिए लोगों को सलाम। उन्होंने कहा, जिस उत्साह के साथ लोगों ने इन चुनावों में नरेंद्र मोदी और एनडीए की नीतियों में अपना समर्थन व्यक्त किया, वह वास्तव में आश्चर्यजनक है। शाह ने कहा, यह परिणाम न केवल कोरोना के खिलाफ मोदी सरकार की सफल लड़ाई में गरीबों, मजदूरों, किसानों और युवाओं के विश्वास को दर्शाता है, बल्कि देश को गुमराह करने वालों के लिए भी एक सबक है। उन्होंने कहा कि बिहार के हर वर्ग ने एक बार फिर खोखले वादों, जातिवाद और तुष्टीकरण की राजनीति को खारिज कर एनडीए के विकासवाद को हवा दी है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बिहार में एनडीए की जीत उसके सुशासन की जीत है।
.jpg)
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम में एनडीए की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के लोगों को धन्यवाद दिया है। एक के बाद एक किए गए ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा कि बिहार ने दुनिया को लोकतंत्र का पहला पाठ पढ़ाया है। आज बिहार ने दुनिया को फिर से बताया है कि कैसे लोकतंत्र मजबूत होता है।
बिहार के गरीब, वंचित और महिलाओं की एक रिकॉर्ड संख्या ने भी मतदान किया और आज विकास के लिए अपना निर्णायक निर्णय दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के प्रत्येक मतदाता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह एक आकांक्षी है और उसकी प्राथमिकता केवल और केवल विकास है। बिहार में 15 साल बाद फिर से राजग के सुशासन का आशीर्वाद दिखाता है कि बिहार के सपने क्या हैं, बिहार की उम्मीदें।
मोदी ने आगे लिखा कि बिहार के युवा साथियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह नया दशक बिहार के लिए होगा और आत्मनिर्भर बिहार इसका रोडमैप है। बिहार के युवाओं ने अपनी ताकत और राजग के संकल्प पर भरोसा किया है। इस युवा ऊर्जा ने अब एनडीए को पहले की तुलना में अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार की बहनों और बेटियों ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया है और दिखाया है कि आत्मनिर्भर बिहार में उनकी भूमिका कितनी बड़ी है। हम इस बात से संतुष्ट हैं कि एनडीए को पिछले वर्षों में बिहार की मातृ शक्ति को नया विश्वास दिलाने का अवसर मिला। यह विश्वास हमें बिहार को आगे बढ़ाने में ताकत देगा।

पटना (शोर सन्देश)। बिहार विधानसभा चुनाव के रुझान और नतीजे मिलने लगे हैं। राज्य के काउंटिंग सेंटर पर सुबह 8 बजे से मतगणना हो रही है। शुरुआती रुझानों में महागठबंधन ने बढ़त बना ली थी पर समीकरण अब बदल गए हैं। दोपहर 3 बजे तक चुनाव आयोग से मिले रुझानों के मुताबिक एनडीए 128 सीटों पर आगे है जबकि महागठबंधन 105 सीटों पर आगे है। राज्य में तीन चरणों 28 अक्टूबर, 3 और 7 नवंबर को तीन चरणों में 243 सीटों के लिए चुनाव हुए थे।

भोपाल (शोर सन्देश)। मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के लिए मतगणना केंद्रों पर वोटों की काउंटिंग शुरू हो गई है। अभी तक 28 सीटों का रुझान सामने आ चुका है। इसी बीच खबर आ रही है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए सीएम हाउस पहुंचे हैं। भाजपा को 18 सीटों पर बढ़त मिली है, वहीं कांग्रेस को 9 सीट पर बढ़त मिली है।
आपको बता दें कि ये अभी रुझान है, पल-पल में तस्वीर बदलती नजर आ सकती है। इन नतीजों से साबित होगा कि छह महीने पहले खोई सत्ता को कांग्रेस वापस पाने में कामयाब होगी, या फिर भाजपा अपनी सत्ता बचा पाएगी। यही नहीं यह उपचुनाव कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए भी बहुत अहम हैं। 28 में से 16 सीटें सिंधिंया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की हैं। मध्य प्रदेश में इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब 28 सीटों पर हुए उपचुनाव सत्ता का भविष्य तय करेंगे। मध्यप्रदेश के 19 जिलों में 28 विधानसभा क्षेत्रों में 3 नवंबर को हुए उप चुनाव के लिए मतगणना हो रही है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देशभर में वायु प्रदूषण के चलते खराब हो रही हवा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बड़ा फैसला लिया है। एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में ब्रिकी-इस्तेमाल पर 9 नवंबर 2020 की रात से 30 नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया है वहीं देश के अन्य राज्यों के लिए भी आदेश दिए हैं। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि जिन शहरों में हवा की गुणवत्ता सही है वहां केवल ग्रीन पटाखों को ब्रिकी और इस्तेमाल किया जा सकते हैं और इसके लिए सिर्फ 2 घंटे रात 8 से 10 बजे तक का समय दिया गया है। यह छूट दिवाली, छठ पूजा, क्रिसमस और नए साल के लिए दी गई है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार पहले ही राजधानी में दिवाली पर पटाखों की ब्रिकी पर रोक लगा चुकी है। बता दें इससे पहले पटाखों के बैन के लिए देश की राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के शहरों से मांग उठी थी। इसके बाद जैसे ही दूसरे राज्यों से ऐसी मांग उठने लगी तो एनजीटी ने मामले का दायरा बढ़ा दिया। इसके बाद इसमें देश के सभी राज्यो और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया। इससे पहले एनजीटी ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चार राज्यों और पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस भेजा था। इस नोटिस में पटाखों पर प्रतिबंध वाली याचिका पर इन राज्यों से जवाब मांगा गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों ने इस संदर्भ में अपना जवाब एनजीटी को भेज दिया था, जिसके बाद एनजीटी ने सोमवार को इस अहम विषय पर फरमान सुनाया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को त्योहारों के मौसम में देशवासियों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ``लोकल फोर दिवाली`` का आह्वान किया और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में नई चेतना आ जाएगी।
अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 600 करोड़ रुपये से अधिक की 30 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों का निर्माण करने वालों को बढ़ावा मिलने से उनका हौसला बुलंद होगा जो हिन्दुस्तान को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में एक बड़ी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा, ``आजकल, `लोकल के लिए वोकल` के साथ ही, `लोकल फोर दिवाली` के मंत्र की गूंज चारों तरफ है। हर एक व्यक्ति जब गर्व के साथ लोकल सामान खरीदेगा, नए-नए लोगों तक ये बात पहुंचाएगा कि हमारे लोकल प्रोडक्ट कितने अच्छे हैं, किस तरह हमारी पहचान हैं, तो ये बातें दूर-दूर तक जाएंगी।``
उन्होंने कहा, ``मेरा बनारस के लोगों से भी और देशवासियों से भी आग्रह है कि `लोकल फोर दिवाली` को खूब बढ़ावा दें और उनका प्रचार करें।`` प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे स्थानीय पहचान तो मजबूत होगी ही, जो लोग इन सामानों को बनाते हैं उनकी दिवाली भी और रोशन हो जाएगी।
उन्होंने कहा, ``मैं देशवासियों से बार-बार आग्रह करता हूं कि `लोकल के लिए वोकल` बनें। हर कोई लोकल के साथ दिवाली मनाए, आप देखिए पूरी अर्थव्यवस्था में नई चेतना आ जाएगी`` मोदी ने कहा कि लोकल के लिए वोकल बनने का अर्थ सिर्फ दीये खरीदना नहीं है, हर चीज है। उन्होंने कहा, ``ऐसी चीज जो अपने देश में बनना संभव नहीं है, बाहर से लेना ही पड़ेगा तो वह अलग बात है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि ऐसी चीजों को गंगा जी में बहा दीजिए।``
उन्होंने कहा, ``मैं इतना ही चाह रहा हूं कि मेरे देश के लोग जो पसीना बहा रहे हैं, मेरे देश के नौजवान अपनी बुद्धिशक्ति और सामर्थ्य से कुछ न कुछ नया करने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी उंगली पकड़ना, उनका हाथ पकड़ना हम सबका दायित्व बनता है। हम उनकी चीजें लेते हैं तो उनका हौसला बुलंद हो जाता है। अपने आप विश्वास से भरा एक बड़ा वर्ग तैयार हो जाएगा, जो हिदुस्तान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक नई शक्ति बन जाएगा।``
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान बनारस में हुए विकास कार्यो का भी विस्तार से जिक्र किया और कहा कि कई क्षेत्रों में पूर्वांचल का यह केंद्र तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ``एक तरफ शिलान्यास हो रहा है तो दूसरी तरफ लोकार्पण हो रहा है। आज भी लगभग 220 करोड़ रुपये की योजनाओं के लोकार्पण के साथ-साथ करीब 400 करोड़ रुपये की 14 योजनाओं पर काम शुरू हुआ है।``

जलेंगे दीप, होगी आतिशबाजी, वर्चुअल रूप से मनेगी भव्य दिवाली
प्रयागराज (शोर सन्देश)। उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने इस बार राज्य में भव्य दिवाली मनाने की बात कही है और इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। 500 वर्षों में पहली बार रामजन्मभूमि पर होने जा रही दीपावली को यादगार बनाने के लिए सरकार पूरी तरह से जुटी हुई है। लेकिन ये दिवाली रियल नहीं डिजीटल होगी। इस मौके पर अयोध्या में पहली बार डिजिटल आतिशबाजी होगी और भक्तों के दीप जलाने के भी इंतजाम होंगे।
इस बार दिवाली पर आयोजित लेजर शो के माध्यम से सरयू तट पर आतिशबाजी होगी। वहीं योगी सरकार अयोध्या में पहली बार वर्चुअल दीपोत्सव का आयोजन कर रही है जो अपने आप में अद्भुत होगा। इस अनोखे दीपोत्सव के लिए जल्द ही नई वेबसाइट लॉन्च होगी। अयोध्यावासियों को यह वर्चुअल दीपोत्सव रियल जैसा अनुभव देगा। इतना ही नहीं दीप जलाने के बाद सरकार की तरफ से धन्यवाद-पत्र भी मिलेगा। योगी सरकार का ये अनूठा वर्चुअल दीपोत्सव बिल्कुल रियल जैसा अनुभव देगा।
इस अनोखे वेबसाइट के पोर्टल पर श्रीरामलला के विराजमान की तस्वीरें होंगी, जिसके समक्ष वर्चुअल दीप का प्रज्वलन किया जाएगा। इस वर्चुअल आयोजन में ये सुविधा होगी कि श्रद्धालु अपने भावानुसार मिट्टी, तांबे, स्टील और किसी अन्य धातु के दीप-स्टैंड का चयन कर सकेंगे और साथ ही दीप को जलाने के लिए घी, सरसों और तिल के तेल का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
इस तैयारी के साथ ही ये भी होगा कि श्रद्धालु अगर पुरुष है तो पुरुष के वर्चुअल हाथ और महिला होने पर महिला के वर्चुअल हाथ दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। दीप जलाने के बाद श्रद्धालु के विवरण के आधार पर रामलला की तस्वीर के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से धन्यवाद-पत्र भी जारी किया जाएगा। बता दें कि 13 नवम्बर को प्रस्तावित मुख्य समारोह से पहले यह वेबसाइट आमजन के लिए उपलब्ध हो जाएगी।